बुड्ढा टेलर 1

Ek ameer wife ki tailor se chudai kahani:- पूर्वी मेहरा दिल्ली के एक आलीशान शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में अपने 7वें आसमान वाले गुस्से को लेकर एंटर करती हैं।

पूर्वी मेहरा, एक 24 साल की शादीशुदा औरत। उनकी शादी एक साल पहले अरुण मेहरा से हुई थी। अरुण शेठ उस एरिया के MLA और फेमस बिजनेसमैन कांति शेठ का इकलौता बेटा था। अरुण अपने पिताजी के साथ बिजनेस सँभालता था और पॉलिटिक्स में भी इनवॉल्व था। कांति शेठ उस एरिया का नामी बिजनेसमैन कम रौंदा पॉलिटिशियन था। सब लोग उससे डरते थे। कांति शेठ को दो औलाद थीं, एक अरुण और दूसरी औलाद पूजा।

Ek ameer wife ki tailor se chudai kahani

पूर्वी की शादी एक साल पहले अरुण मेहरा से हुई थी। पूर्वी कमाल की खूबसूरत औरत थीं। एज 24 और फिगर 36-28-36। एकदम मॉडल जैसा फिगर, रंग गोरा, लंबे बाल। जितनी खूबसूरत थीं उतनी ही गुस्सैल थीं। अपने माँ-बाप ने बड़े लाड़-प्यार से पाला था उन्हें। घर में एक ही लड़की होने की वजह से और घर में सबसे छोटे होने के कारण उनके घर में सब उन्हें बहुत प्यार करते थे। उन्हें ससुराल भी उतना ही अच्छा मिला था। उनका पति और इन-लॉज उनसे बहुत प्यार करते थे। पूर्वी की कजल से अच्छे बनती थीं अपनी ननद (सिस्टर-इन-लॉ) पूजा से।

पूजा एक 20 साल की एक इंजीनियरिंग कॉलेज की स्टूडेंट थीं।

उनका फिगर 34-26-36 था। वो अपनी भाभी जितनी ही खूबसूरत थीं लेकिन वो बहुत शांत किस्म की लड़की थीं। उन्हें गुस्सा बहुत कम आता था। वो एक चुलबुली लड़की थीं।

अब स्टोरी पर आता हूँ।

पूर्वी और अरुण शेठ की शादी की सालगिरह कुछ ही दिनों में थी। उस प्रोग्राम के लिए पूर्वी बहुत अच्छे तरीके से सजना-सँवरना चाहती थीं। शादी के बाद से वो ज्यादातर साड़ी ही पहनती थीं। मैरिज एनिवर्सरी के लिए उन्होंने खूब शॉपिंग की थी। वो जिस आलीशान मॉल में शॉपिंग कर रही थीं वो मॉल उनके फादर-इन-लॉ का था। वो मॉल साउथ दिल्ली का एक फेमस मॉल था। उन्होंने बहुत ही खूबसूरत साड़ी परचेज की थी लगभग 75 हजार की। सारी शॉपिंग होने के बाद उन्होंने उसी मॉल के एक बड़े और फेमस ब्यूटीक में ब्लाउज डाला हुआ था।

अब कुछ ही दिनों में उनकी शादी की सालगिरह थी। उस ब्यूटीक वाले ने कुछ दिन बाद पूर्वी का ब्लाउज उनके घर में भेज दिया।

जब पूर्वी ने वो ब्लाउज ट्राई किया तो उनका गुस्सा 7वें आसमान वाला बन गया था। वो ब्लाउज बैकलेस, स्लीवलेस था और डीप नेक वाला था। लेकिन जब ब्यूटीक वाले ने जब पूर्वी को दिया था वो पूरा बिगड़ा हुआ था। उसका डीप नेक बहुत लूज होने के वजह से उनके 36′ बूब्स बाहर से साफ दिख रहे थे। उस ब्लाउज की फिटिंग बहुत लूज बन गई थी।

इस गुस्से के साथ पूर्वी उस शॉपिंग मॉल में एंटर करती हैं और ब्यूटीक में घुस जाती हैं।

पूर्वी: यहाँ की ओनर कहाँ है?

लड़की: मैडम, हमने आपका ब्लाउज आपके घर भेज दिया है।

पूर्वी: फिर से पूछती हैं – ओनर कहाँ है? (वो बहुत गुस्से में थीं)

लड़की: मैडम प्रॉब्लम क्या है, ब्लाउज में कुछ गड़बड़ हुई है क्या?

पूर्वी: (वो गुस्से में बहुत जोर से बोलती हैं) मेरा ब्लाउज किस हरामखोर टेलर ने मेरा ब्लाउज स्टिच किया था। उसने इससे पहले कभी ब्लाउज स्टिच नहीं किया था क्या?

ये सुनकर शॉप की ओनर आ जाती हैं।

ओनर: सॉरी मैडम, क्या हुआ? हमसे कुछ गलती हुई थी क्या?

पूर्वी: ये ब्लाउज देख लो और मेरा मेजरमेंट देख लो, आपको पता चल जाएगा।

तब ओनर मेजरमेंट देख लेती हैं। तब उन्हें पता चल जाता है कि रिकॉर्ड की मेजरमेंट और ब्लाउज के मेजरमेंट में बहुत गड़बड़ है।

ओनर: मैडम, I am extremely sorry, वो टेलर ने गड़बड़ की। हम आपको दूसरा ब्लाउज स्टिच करके दे देंगे।

पूर्वी: क्या, इसको और बिगाड़ोगे?

ओनर: नहीं मैडम, हम आपको नया ब्लाउज स्टिच करके दे देंगे।

पूर्वी: इस साड़ी वाला ब्लाउज यूनिक था, दूसरा ब्लाउज आपको कहाँ से मिलेगा आपको? मैं अब पापा को ही फोन लगाती हूँ और आपका शॉप इस मॉल में से बंद कराती हूँ।

ये सुनते ही शॉप ओनर की हवा गोल हो जाती है क्योंकि वो शॉप भी उन्होंने रेंट पे ली थी पूर्वी के फादर-इन-लॉ से।

तब तक फोन लग चुका था कांति शेठ को। पूर्वी ने सब बात बता दी थी। तब कांति शेठ पहले तो पूर्वी को समझा रहे थे कि दूसरी साड़ी ले लो और बाद में ब्लाउज स्टिच के लिए डाल दो लेकिन पूर्वी मान नहीं रही थीं। तब कांति शेठ ने शॉप ओनर को बहुत भला-बुरा कहकर ताकीद दी कि पूर्वी को उस साड़ी वाला ही ब्लाउज पीस परचेज करवा दो नहीं तो तुम्हारी खैर नहीं।

कांति शेठ से डरकर शॉप ओनर ने पूर्वी को प्रॉमिस किया कि वही ब्लाउज पीस उनको लाकर घर पे भिजवा देंगे। तब फिर से पापा से बात करने के बाद ही पूर्वी शांत होकर घर जाने को निकल गईं लेकिन जाते-जाते अपने हस्बैंड अरुण को फोन लगाकर सारा वाकया बता दिया। तब उनके हस्बैंड ने शॉप ओनर को कॉल करके फिर एक बार धमकाया।

कुछ देर में पूर्वी घर पे पहुँच चुकी थीं। घर पर आते ही—

पूजा: भाभी ब्लाउज दिखाओ ना, हो गया ना ठीक?

पूर्वी: जले पे नमक मत छिड़को आप।

पूजा: क्या हुआ भाभी?

पूर्वी: (गुस्से से) क्या होना था, वो खराब हो गया था ना, उस शॉप वाले ने दूसरा ब्लाउज पीस देता हूँ ऐसे बोला है।

पूजा: अब वो कपड़ा कब आएगा और आप किस टेलर से उसको स्टिच करवाओगे?

पूर्वी: आप मुझपे हँसिए मत।

तब तक अरुण घर पर पहुँच जाता है।

लता (पूर्वी की मदर-इन-लॉ): पूजा उसको चिढ़ाना मत, वो पहले से ही अपसेट है। अपनी भाभी को हेल्प कर, एक अच्छा सा टेलर सर्च करने में मदद कर।

अरुण: तुम एक अच्छी सिस्टर-इन-लॉ जैसे बिहेव करो।

पूर्वी: और आप एक हस्बैंड जैसे बिहेव करो।

अरुण: अब मैंने क्या किया?

पूर्वी: आप मुझे पहले नहीं बता सकते थे उस टेलर के बारे में? आपने ही मुझे उस ब्यूटीक के बारे में बताया था।

अरुण: मुझे क्या पता था।

पूर्वी रोने जैसे सूरत बनाती हैं।

अरुण: अब रो मत। पूजा ढूँढ लेगी, उसको दूसरा क्या काम है… हमेशा मार्केट में ही घूमते रहते हैं।

पूजा: सोचते हुए और कंफ्यूज होते हुए।

लता: पूजा तुम अब क्या सोच रही हो?

पूजा: (अपनी शक्ल छोटी करती हुई) एक आदमी है, मेरे एक फ्रेंड ने बोला था, उसकी भाभी उस आदमी के यहाँ से अपना ब्लाउज स्टिच किया था………….. पर……..

लता और पूर्वी एक ही बार बोलती हैं: पर क्या???????????

पूजा: वो एक स्लम एरिया में रहता है….. 58 साल का बूढ़ा है……. उसका कोई शॉप नहीं है……. अपने घर पर ही वो लेडीज टेलरिंग करता है…….

पूर्वी: (छोटा सा मुँह करती हुई) वो क्या मॉडर्न तरीके से ब्लाउज स्टिच करेगा?

पूजा: ऐसा मत कहो भाभी……. मेरे फ्रेंड कह रही थी कि उसका मॉडर्न तरीके के सब स्टाइल पता है, आप जैसा चाहोगे वैसा ब्लाउज सिल देगा……… but………..

पूर्वी: अब but क्या है?

पूजा: भाभी वहाँ जाने के लिए एक गंदी नाली से जाना पड़ता है……. वहाँ बहुत सारी गंदगी है।

अरुण: तो क्या हुआ? उसे यहाँ बुला लेते हैं।

पूजा: भैया वो बहुत घमंडी है….. वो यहाँ नहीं आएगा।

अरुण: उसका बाप भी आएगा…. कांति शेठ का नाम सुनके हर गुंडा-डाकू आएगा वो क्यों नहीं आएगा।

पूजा: वो तो है भैया….

अरुण: तुम मुझे उसका नाम और एरिया बताओ। मैं उसको यहाँ बुला लूँगा, अपनी प्यारी वाइफ के लिए इतना तो मैं कर सकता हूँ।

पूर्वी: थैंक्स।

पूजा: मैं अपने फ्रेंड्स से कॉल करके उसका नाम और नंबर लाती हूँ।

अरुण: जैसे ही नाम और नंबर मिलेगा मुझे भिजवा दो……… मैं अब जा रहा हूँ…. मुझे काम है।

तब लता और पूर्वी अपने रूम में चले जाते हैं।

पूजा अपने फ्रेंड्स को कॉल करके उस टेलर के बारे में पता करवाती हैं और पूर्वी के रूम चली जाती हैं।

पूजा: (थोड़ा सा मायूस होते हुए)

पूर्वी: क्या नंबर नहीं मिला क्या?

पूजा: भाभी नंबर मिला।

पूर्वी: फिर ये छोटा मुँह क्यों कर रही हो?

पूजा: मेरे फ्रेंड कह रही थी कि आप उसके पास मत जाओ…… वो अच्छा नहीं है।

पूर्वी: अभी तक तो आप कह रही थीं कि वो अच्छा टेलर है।

पूजा: भाभी वो टेलर अच्छा है लेकिन आदमी अच्छा नहीं है….. मुझे पहले मेरे फ्रेंड्स ने उसके बारे में बताया था पर माँ और भैया के सामने मैं आपको बता नहीं सकती थी।

पूर्वी: क्या?????????

पूजा: भाभी मैं कैसे बताऊँ अब आपको।

पूर्वी: जो भी है वो।

पूजा: मेरे फ्रेंड्स को लगता है कि उस टेलर और मेरे फ्रेंड्स की भाभी के बीच कुछ था।

पूर्वी: क्या????????

पूजा: हाँ भाभी….. और उसके बाद वो टेलर करीम ने मेरे फ्रेंड्स को भी ट्राई मारा था।

पूर्वी: वो कैसे?

पूजा: मेरे फ्रेंड्स को ड्रेस स्टिच करने के लिए अपनी शॉप बुलाया था और मेजरमेंट लेने के बहाने उसे सेड्यूस करना चाहता था।

अब पूर्वी थोड़ी कंफ्यूज हो गई थीं।

पूजा: हाँ भाभी…. इसलिए मेरे फ्रेंड्स कह रही थीं कि वो टेलर एक नंबर है लेकिन आदमी एक नंबर का कमीना है….

थोड़ी देर पूर्वी सोचती हैं और टॉयलेट चली जाती हैं…..

बाहर आने के बाद वो पूजा से बोलती हैं—

पूर्वी: जाने दो… दूसरा कोई ढूँढ लेंगे।

पूजा अपने रूम में चली जाती हैं।

इवनिंग तक पूर्वी और पूजा दोनों अपने फ्रेंड्स और रिलेटिव को कॉल करके कुछ 2-3 टेलर्स का एड्रेस ले लेते हैं और वहाँ दोनों चली जाती हैं। लेकिन वो दोनों कहीं सैटिस्फाई नहीं होती हैं… कहीं जगह पर टाइम का प्रॉब्लम था तो कहीं जगह पर स्टाइल का प्रॉब्लम था। आखिर पूजा और पूर्वी परेशान होकर अपनी कार में बैठ जाते हैं। वो एक आलीशान बेंज कार थी।

पूर्वी: मैं सोच रही हूँ कि……

पूजा: भाभी आप सोचो ही मत।

पूर्वी: अगर हम अच्छे हैं तो हमें आगे वाला कैसे बिगाड़ सकता है।

पूजा: भाभी आप सच बोल रही हो, लेकिन रिस्क लेने के लिए मेरा मन नहीं कर रहा है।

पूर्वी: अगर वो सचमुच एक अच्छा टेलर है तो हम ज्यादा रिस्क नहीं लेंगे।

पूजा: मतलब?????

पूर्वी: उसको हम अपने घर बुला लेंगे, अपने घर में कुछ कराने की उसकी हिम्मत नहीं होगी और मैं अपना रेडीमेड ब्लाउज दे दूँगी, मेजरमेंट लेने का सवाल ही नहीं आएगा।

पूजा: भाभी जो भी कराना है वो आप सोच-समझकर करिएगा, मैं इसमें कुछ नहीं कहूँगी।

पूर्वी: तो ठीक है उस टेलर को बुला लेंगे।

पूजा: ठीक है।

अब वो घर वापस आ जाते हैं।

घर में आ जाने के बाद वो दोनों पूजा के रूम में बैठकर बातें कर रहे थे।

पूर्वी: उसका नाम करीम है ना?

पूजा: हाँ भाभी, जैसे मेरे फ्रेंड ने बताया।

पूर्वी: आपने कभी उनको देखा है क्या?

पूजा: क्या भाभी, मैं कैसे और क्यों मिलूँगी उसे?

पूर्वी: मेरा मतलब कभी आपने फ्रेंड्स के साथ या फोटो या और कुछ।

पूजा: नहीं भाभी, और उसके दिखावे का हमें क्या करना है और मेरे फ्रेंड ने बोला था कि लगभग 58 साल का होगा।

पूर्वी: तो डरने की क्या बात है, 58 साल का बूढ़ा हमारा क्या बिगाड़ेगा।

पूजा: भाभी बूढ़े ही ज्यादा कमीने होते हैं, बहुत तजुर्बा होता है उन्हें।

पूर्वी: बहुत एक्सपीरियंस लगता है आपको बूढ़ों का।

पूजा: क्या भाभी, मैं तो ऐसे ही बोल रही थी।

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