माँ की चुदाई देखी सिनेमा हाल मे – 2

Maa ki chudai ki kaumkta story:- हेलो दोस्तों आपको जैसा की आपको पता है पहली स्टोरी में मैं चुपके से माँ को नहाते हुए देख रहा था। फिर न्यूज़ पेपर वाले के कारण मुझे बाहर जाना पड़ा और मेरी माँ नहा कर अपने रूम में तैयार होने के लिए चली गयी। मैं जल्दी से उनके रूम के सामने गया क्योकि मुझे उनका नंगा जिस्म देखना था। मैं कोई न कोई होल देख रहा था जिससे मुझे माँ का जिस्म दिख जाये। पर मुझे कोई होल नहीं दिख रहा था। मैं उदास हो गया की तभी मुझे याद आया की माँ के रूम में एक खिड़की भी है। जिससे अंदर का नजारा दिख सकता है।

पिछला पार्ट यहाँ पढ़ें :- माँ की चुदाई देखी सिनेमा हाल मे – 1

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Maa ki chudai ki kaumkta story

मैं उसके पास गया और मैं अंदर देखने लग गया। माँ अलमीरा से अपने कपडे और ब्रा पैंटी निकाल रही थी। फिर माँ ने एक क्रीम निकाली। माँ ने अब अपना टॉवल निकाल दिया था और उनके फुटबॉल जैसे बूब्स मेरे सामने आ गए। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, मैं तो बस माँ के जिस्म का नजारा ले रहा था। मैं बस उनके बूब्स में में घुम हो गया था, की तभी मेरा धयान उनकी चूत पर गया। मैं बस ये ही सोच रहा था की कितना किस्मत वाला होगा वो जिसको मेरी माँ की चूत चाटने को मिलेगी।

माँ फिर मुड़ी और मिरर के सामने अपने बूब्स को दबाने लग गयी। फिर वो अपने आपको देख कर हंसने लग गयी। माँ फिर थोड़ी नीचे हुई और कुत्ते वाला स्टाइल में आ कर वो अपने आपको देखने लग गयी। मुझे लगा की माँ आज कुत्तिया बन कर चुदना चाहती थी। माँ ने फिर बेड की तरफ अपना मुँह किया और क्रीम को उठा कर अपने बूब्स पर लगाने लग गयी। वो क्रीम पता नहीं किसलिए थी पर उस क्रीम के कारन माँ के बूब्स एक दम चिकने हो गए थे। माँ ने अब अपनी पैंटी को उठाया और उसको पहन लिया। इस कारन माँ की चूत का नजारा मुझे दिख रहा था।

पर एक बात मुझे पता चल गयी थी की माँ की ये पैंटी बहोत छोटी थी। जिसमे माँ की गांड बड़ी मुश्किल से फिट आ रही थी। माँ ने अपनी सलवार उठा कर डाल ली माँ की लाल पैंटी और लाल सलवार माँ पर काफी अच्छी लग रही थी। माँ की सलवार इतनी पतली थी जिसमे से माँ की पैंटी भी साफ़ दिख रही थी। माँ सच में आज पटाखा लग रही थी और सलवार के ऊपर माँ के बूब्स क्या मस्त नजर आ रहे थे। माँ ने अब अपनी ब्रा उठा कर डालनी शुरू करी माँ की ब्रा येलो कलर की थी।

माँ ने जब ब्रा डाली तो मुझे लगा की ये भी माँ ने छोटी डाली है। क्योकि ब्रा में से उनके बूब्स ज्यादा कसे हुए थे और बूब्स ब्रा को फाड़ कर बाहर आना चाहते थे। फिर माँ ने कुरता डाला जो काले रंग का था। वो कुरता भी एक दम लाइट था, जिसमे से माँ के बूब्स और उनकी ब्रा साफ़ साफ़ दिख रही थी। माँ ने आज जान बूझ कर ऐसे कपडे डाले थे। ताकि आज हर कोई उनके जिस्म का नजारा ले पाए और फिर उनकी जम कर चुदाई कर सके। फिर माँ मिरर की तरफ मुड़ी और घोड़ी बन कर अपना कुरता अपनी गांड से थोड़ा सा ऊँचा किया।

मुझे समझ नहीं आ रहा था की माँ ने ऐसा क्यों किया है। माँ ने अपनी गांड के पास अपना कुरता ठीक किया। जिससे उनकी गांड काफी बड़ी लग रही थी। माँ ने ऊपर से भी अपना कुरता थोड़ा नीचे कर दिया, जिससे उनके बूब्स की लाइन एक दम साफ़ नजर आने लग गयी। माँ न अब अपनी मेकअप किट से कुछ मेकअप किया। और फिर उन्होंने गोले शेप वाला नोज रिंग पहन लिया। फिर माँ ने अपने होंठो पर गुलाबी रंग की लिपस्टिक लगायी और फिर माँ अपना सामान और पैसे निकालने लग गयी।

दोस्तों मेरा हाल बुरा था, क्योकि ये नजारा मेरी लाइफ का सबसे अच्छे नजारा था। माँ अपने रूम में से बाहर आने वाली थी, ये मुझे पाता चल गया। इसलिए मैं जल्दी से बाहर आया और अपने रूम में आ कर बैठ गया। मैं सोने की एक्टिंग करने लग गया। कुछ देर में माँ ने मेरे रूम का दरवाजा खोला और मुझे आवाज देते हुए वो बोली।

माँ – बेटा सो रहा है कभी तू पढ़ भी लिया कर।

मैं उठते हुए बोला – हम्म मम्मी ठीक है।

दोस्तों मैंने जब माँ को देखा तो मेरा तो बुरा हाल हो गया और साथ में मेरा लंड भी तभी खड़ा हो गया। माँ क्या मस्त आइटम लग रही थी मेरा लंड उन्हें सलामी दे रहा था। मुझे इस हालत में देख कर वो वो हँसते हुए बोली।

माँ – बेटा मैं बाहर जा रही हूँ मुझे काम है, तू घर का ख्याल रखियों।

मैं – ठीक है मम्मी पर आप कहाँ जा रही हो? इतनी तैयार होके किसी को देने।

मैंने डबल मीनिंग बात करि। माँ मेरी ये बात सुन कर हैरान रह गयी और बोली।

माँ – क्या बोला तू?

मैं – कुछ देने जा रही हो क्या सुमन आंटी को? क्योकि अभी उनका फ़ोन आया था ना। इसलिए मैंने सोचा शायद आप उन्हें कोई सामान देने जा रही हो।

माँ – हाँ बेटा देने जा रही हूँ पर सुमन आंटी को नहीं मैं किसी और को देने जा रही हूँ।

माँ ने भी मेरे साथ डबल मीनिंग बात करी और वो हंस कर चली गयी। मैं भी माँ के पीछे चल पड़ा क्योकि मुझे आज माँ के कांड देखने थे। माँ जब बाहर गयी तो हर मर्द की नजर माँ के ऊपर ही थी। क्योकि की आज मेरी माँ माल लग रही थी। जो भी मेरी माँ को देखता उसका लंड खड़ा हो रहा था। ये बात मुझे अच्छे से पता थी। तभी रोहित आया जो की मेरा दुश्मन था और वो मेरी माँ के पास गया, क्योकि वो साला मेरी माँ के मजे लेना चाहता था। तो उसने मेरी माँ की गांड पर हाथ लगाया और बोला।

रोहित – हेलो आंटी आप कहाँ पर जा रही हो?

माँ – बाहर जा रही हूँ कुछ लेने के लिए।

रोहित मेरा दुश्मन था, पहले मैं और रोहित अच्छे दोस्त हुआ करते थे पर बाद में हमारी लड़ाई हो गयी थी। मैंने उसकी बहन को चोदा था तो उसने मुझे कहा था। की वो मेरी माँ को अपने लंड पर जरूर बैठायेगा।

माँ रोहित से बोली – ये कौनसा तरीका है कहाँ जा रही हूँ पूछने का?

रोहित – आंटी आपका माल है ही इतना बढ़िया की मेरा हाथ रुकता ही नहीं।

ये बात सुन कर मेरी माँ हसने लग गयी और वो रोहित के साथ बिना किसी टेंशन के बातें करने लग गयी। फिर रोहित ने आंटी से पूछा।

रोहित – आंटी आपका बॉयफ्रेंड नहीं है क्या?

माँ – नहीं जी क्यों क्या हुआ?

रोहित – कुछ नहीं पहले था क्या बॉय फ्रेंड।

माँ – हाँ पहले था पर अब ब्रेकअप हो गया है।

रोहित – उसके साथ आपने कुछ किया?

माँ – हाँ सब कुछ किया था पर तुम क्यों पूछ रहे हो?

रोहित – आंटी आप मुझे अपना बॉय फ्रेंड बना लो ना। फिर हम दोनों मिल कर मजे करगें।

माँ – मुझे क्यों गर्ल फ्रेंड बनाना है तुझे कोई लड़की चाहिए।

रोहित ने अपना लंड मसलते हुए कहा – नहीं आंटी मैं तो आपको बनाऊँगा अपनी गर्ल फ्रेंड। आपके तरबूज और पहले के माल के मजे लेने है। लड़की में आप जितना मजा कहाँ है। आप में तो पता नहीं कितना मजा है।

ये बात सुन कर माँ को हसी आ गयी और माँ कुछ भी नहीं बोली। तो बाद में रोहित ने माँ की गांड पर हाथ लगाया और वो बोला।

रोहित – आंटी फिर बताना हाँ या ना?

माँ – सुन रोहित मैं तुझे सोच कर बताऊँगी ठीक है।

रोहित – कब तक?

माँ – कल तक बता दूंगी और प्लीज अब तू मुझे जाने दे। देख ऑटो वाला भी आ गया है अब मुझे जाने दे मुझे काम है।

रोहित – ठीक है आंटी चली जाओ पर मुझे हाँ में ही जवाब चाहये। और मैं आपको खुश रखूँगा मेरा तो वो भी काफी बड़ा है।

ये सुन कर माँ को हसी आ गयी और वो माँ के पीछे हाथ लगा कर चला गया। माँ भी उसकी तरफ देख कर मुस्कुरा दी। मैं ये सब देख रहा था जब मैं रोहित के पास से गुजरा तो रोहित ने मुझे देखते ही कहा।

रोहित – साले अब देख तेरी माँ को कैसे मैं अपने लंड पर बिठा कर रंडी बना कर रखूंगा।

इतने मे मेरी माँ ऑटो में बैठ कर चली गयी और मैं भी ऑटो में बैठ कर वहां आ गया। वहां पर सभी मेरी माँ को देख रहे थे। कुछ ही देर में माँ एक सिनेमा हॉल के सामने उतर गयी। मैं भी वहां पर उतर गया, मेरे मुँह पर कपड़ा था। तो माँ ने मुझे पहचाना नहीं। माँ मेरे आगे आगे चल रही थी अपनी गांड को हिलाते हुए। ये देख कर काफी सारे मर्दो का लंड खड़ा हो गया था। मेरी माँ जा रही थी की तभी वहां पर तीन लड़के खड़े थे। जो हर आती जाती लेडी पर कमैंट्स कर रहे थे और मजे ले रहे थे। जब मेरी माँ उनके सामने से निकली तो उनमे से एक बोला।

एक बोला – क्या माल है यार ये तो एक दम मस्त आइटम है।

दूसरा बोला – हाँ भाई बूब्स देख कर लगता है रोज का 10 केजी दूध देती है।

तीसरा बोला – और गांड भी देख लगता है अभी अभी लंड ले कर आयी है।

ये सब सुन कर माँ खुश हो रही थी क्योकि उसके जिस्म की तारीफ हो रही थी।

तभी एक बोला – रंडी लगती है और भी सस्ती वाली।

ये सुन कर माँ को गुस्सा आ गया और माँ उनके पास जा कर बोली।

दोस्तों आपको क्या लगाता है माँ उनके पास जा कर क्या बोली होगी। अगर मेरी ये कहानी पढ़ कर आपके लंड में हलचल मची है। तो प्लीज मेरी इस कहानी को लिखे और शेयर जरूर करें

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