जीजू ने स्कूटी सिखाने के बहाने चोदा

Jija sali ki kamuk sexy chudai story:- मेरा नाम सायरा है और मैं मुंबई की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 27 साल है और मैं शादीशुदा हूँ। ये कहानी 3 साल पहले की है, जो मेरे और मेरे जीजू इमरान की है।

जब मैंने अपनी ग्रेजुएशन पूरी की, तब मेरी शादी एक इंजीनियर से फिक्स हुई। फिर मेरे होने वाले हसबैंड ने मुझे स्कूटी सीखने को कहा। क्योंकि उसका फ्लैट एक ऐसी एरिया में है, जहाँ से किसी भी रिक्वायरमेंट के लिए मार्केट जाना पड़ता है। और उस फ्लैट में मेरे और उसके सिवा कोई नहीं रहने वाला था। तो इसलिए मैं अगर स्कूटी चला सकी, तो मेरे लिए आसानी होती।

Jija sali ki kamuk sexy chudai hindi sex story

मेरा भाई अब्रॉड में जॉब करता है जिसकी वजह से मुझे सिखाने के लिए कोई ऑप्शन नहीं था। तब मेरे पापा ने मेरी दीदी से इस बारे में बात की। तो दीदी ने उन्हें जीजू के बारे में बताया। पापा मान गए और उन्होंने जीजू को मनाया कि मुझे स्कूटी सिखाएँ।

इसलिए मुझे अपने जीजू से सीखनी पड़ी। फिर सीखने के दौरान जो हुआ, आज आप सब को बताने जा रही हूँ। ये चुदाई की सच्ची कहानी है, कि कैसे मैं अपने जीजू से चुदी और मज़े किए।

अब मैं अपने बारे में बताती हूँ। मेरा फिगर 36-26-36 है। मैं आपको बता दूँ मैं और जीजू हम दोनों लोग बहुत पहले से एक-दूसरे से बात करते थे। जब मेरी दीदी की शादी हुई थी, तब से। जीजू और मैं हम दोनों में बहुत मज़ाक होते रहते हैं। वो मेरी बहुत केयर करते हैं, और मैं उनसे जो भी बोलती थी, वो मेरे लिए खरीद कर लाते थे।

जीजू तो दीदी से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन वो मुझे भी बहुत पसंद करते हैं। क्योंकि वो जब भी मेरे घर दीदी के साथ आते थे, तो वो मुझसे हमेशा हँसी-मज़ाक करते थे। मैं और जीजू हम दोनों लोग जब भी बाहर जाते थे, तो सब लोग हम दोनों को बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड समझते थे।

तो अब स्टोरी पर आते हैं—

मेरे घर में 2nd फ्लोर बने हैं। नीचे मॉम एंड पापा रहते हैं। ऊपर मेरा एक और भैया का एक रूम है। पापा अपने बिजनेस में बिज़ी थे, और मॉम घर गृहस्थी में। मॉम थोड़ी पुराने ख्यालात की थीं, जो जीजू के सामने जाने से शर्माती थीं। इसलिए उन्होंने जीजू और दी के लिए भैया का कमरा तैयार करने को कहा, तो मैंने अच्छे से तैयार किया।

अब जीजू आए, लेकिन दी नहीं आईं। क्योंकि दी की बेटी गुड़िया के स्कूल में फंक्शन था और पेरेंट्स में से किसी का होना ज़रूरी था। अब जीजू को लंच, डिनर और ब्रेकफास्ट सब कुछ ऊपर कमरे में ही मैं पहुँचाया करती क्योंकि मॉम उनके सामने नहीं जातीं।

शाम के वक्त जीजू मुझे गाड़ी सिखाने को एक सुनसान रास्ते पर ले गए। वहाँ वो मुझे पहले स्कूटी के बारे में बताने लगे, जैसे ब्रेक, एक्सेलेरेटर, और जो भी ज़रूरी था वो बताया। फिर पहले उन्होंने मुझे एक जगह पर खड़ी करके खुद धीरे-धीरे चलाते हुए बताया कि कैसे चलानी होती है।

उसके बाद उन्होंने मुझे अकेली को ट्राई करने को कहा, तो मुझसे चलाई नहीं गई। फिर उन्होंने मुझे अपने आगे बिठाया और खुद पीछे बैठते हुए मुझे हैंडल पकड़ने को बोला। लेकिन मुझसे बैलेंस नहीं हुआ, तो उन्होंने मेरे हाथों पर अपने हाथ रखे, जिससे मैं बैलेंस कर सकूँ।

लेकिन जिस तरह से उन्होंने अपने हाथ रखे, वो मेरे लिए पहला एक्सपीरियंस था, जब किसी मर्द ने मुझे ऐसे टच किया हो। अब जीजू ने पैर रोड पर रखे और मुझे स्कूटी को बैलेंस करने को कहा। लेकिन मुझे नहीं जमा। इसलिए जीजू ने धीरे-धीरे एक्सेलेरेटर देते हुए, गाड़ी को आगे बढ़ाते हुए, अपने पैर ज़मीन से ऊपर रखे।

उनके पैर मेरी जाँघों के नीचे रहने से पहले तो मुझे गुदगुदी सी लगी। लेकिन जैसे-जैसे वो कहीं मुड़ते, तो बैलेंस के लिए अपने पैर कभी ज़मीन पर तो कभी गाड़ी पर मेरी जाँघों के नीचे होते। तो कभी खराब सड़क की वजह से मेरी जाँघों को रगड़ते।

इससे मेरा ध्यान गाड़ी पर नहीं बल्कि उनके टच पर था। क्योंकि पहली बार मैं किसी मर्द की गोद में बैठी थी। उनके हाथ की कोहनी मेरे सॉफ्ट बूब्स से होती हुई, मेरे हाथों पर उनके हाथ थे। उनके लेफ्ट या राइट टर्न लेने से वो मेरे बूब्स को छू रही थी, जिससे मैं गरम होने लगी थी, और मेरे बूब्स हार्ड होते जा रहे थे।

ये किसी मज़बूत मर्द के ज़रिए मेरा पहला एक्सपीरियंस था, जिससे मेरे तन-बदन में आग लगी थी। शायद जीजू ने भी ये महसूस किया हो, क्योंकि उनका लंड एक हार्ड रॉड की तरह मेरे चुत्तड़ों में चुभ रहा था। फिर एक मोड़ पर जीजू ने अपने हाथ थोड़े ढीले किए ताकि मैं खुद सँभलना सीखूँ।

मैंने पता नहीं कैसे सडनली एक्सेलेरेटर ज़ोर से दिया, जिससे जीजू अनबैलेंस हुए और मेरे दोनों बूब्स को ज़ोर से पकड़े। फिर सँभलते हुए उन्होंने हैंडल को सँभाला और जो सीन था वो कुछ अलग ही था। क्योंकि मैं पूरी तरह से जीजू के लंड पर बैठी हुई थी।

फिर जीजू ने अपना हाथ मेरे पेट पर रखते हुए गाड़ी को रोका और खुद थोड़ा पीछे होते हुए मुझे अपने आगे इस तरह से बिठाया, कि वो मुझे हर तरह से महसूस कर सकें। फिर उन्होंने गाड़ी दोबारा चलानी स्टार्ट करी, और अपने गालों को मेरे गालों से चिपका दिया।

मेरे दोनों हाथ हैंडल को सँभाले थे और जीजू का सीधा हाथ मेरे हाथ पर और दूसरा हाथ मेरे पेट को सहला रहा था। मेरी साँसें तेज़ होने लगीं। उसी वक्त जीजू ने मुझे गाल पर किस करी, और अपना हाथ मेरे पेट से थोड़ा ऊपर रखकर मेरे लेफ्ट बूब को दबाने लगे।

फिर वो मेरे कान में बोले: “तुम तो तुम्हारी दी से भी ज़्यादा प्यारी हो।” मैं बहुत एक्साइटेड हो रही थी, क्योंकि मुझे भी वो बहुत अच्छे लग रहे थे। लेकिन मैं कह नहीं पा रही थी।

तभी उन्होंने एक मोड़ पर गाड़ी रोकी और यहाँ-वहाँ का जायज़ा लेकर अपने दोनों हाथों में मेरा चेहरा थामा। फिर उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं काँप उठी क्योंकि मेरी ज़िंदगी में कभी भी मैंने किसी के होंठों से होंठ नहीं मिलाए थे।

ये मेरा पहला मौका था जब एक मज़बूत मर्द मुझे अपने आगे बिठाकर, मेरे चेहरे को पकड़कर, मेरे होंठों को चूम रहा था। फिर अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रखकर मसल रहे थे। अब मैं भी अपना होश खोने लगी, और जीजू को किस करने लगी। तभी दूर से किसी गाड़ी का हॉर्न सुनाई दिया, तो जीजू वक्त और हालात को सँभालते हुए रुक गए। फिर मुझे अपने पीछे बिठाके घर ले गए।

तब तक शाम के 8 बज चुके थे। मैं जैसे ही घर पहुँची तो मॉम ने मुझे जीजू के लिए खाना तैयार करने को कहा। तब तक पापा भी आ चुके थे, तो पापा उनके साथ गप-शप लगा रहे थे। फिर जीजू और पापा साथ में डिनर करने लगे।

जब मैं उन्हें सर्व कर रही थी, तभी पापा ने मेरी परफॉर्मेंस का जीजू से पूछ रहे थे। तभी जीजू ने कहा कि जल्द ही सीख जाएगी।

तो पापा ने उन्हें कहा: “अच्छे से सिखा देना, चाहे दिन ज़्यादा लगें। कल को उसके हसबैंड को शिकायत न रहे।”

इस पर जीजू ने कहा: “अब तो ये मेरी ज़िम्मेदारी है। जब तक ये अच्छे से सीख न जाए, मैं इसे नहीं छोड़ूँगा। आप फिकर न करें।”

तभी पापा ने मुझसे कहा: “मैं आज रात की ट्रेन से कोलकाता जा रहा हूँ। तब तक तुम अपनी मॉम को परेशान नहीं करना। और जब तक तुम्हारे जीजू यहाँ हैं, तुम उनका हर तरह से ध्यान रखना। क्योंकि तुम्हारी मॉम तो यहाँ ऊपर नहीं आ सकती।”

इतना कहकर पापा निचले पोर्शन में चले गए और मैं भी सब कुछ समेट कर नीचे चली गई। फिर रात के 10 बजे पापा चले गए और मैं भी अपने रूम में सोने जा रही थी। तभी मॉम ने दूध का ग्लास मुझे देते हुए कहा ये अपने जीजू को देना। और मॉम अपने रूम में सोने चली गईं।

जब मैं जीजू के रूम में गई तो मैंने देखा जीजू टीवी देख रहे थे। मुझे देखते ही वो ख़ुश हुए और उन्होंने मुझे भी अपने साथ मूवी देखने को कहा। मुझे भी नींद नहीं आई थी, इसलिए मैं उनके साथ देखने को तैयार हुई। वैसे भी मुझे अब उनके साथ रहने को ही दिल कर रहा था, क्योंकि आज के उस किस के बाद मेरा दिल अब उन्हीं की ख़्वाहिश कर रहा था।

हम दोनों मूवी देख रहे थे और हमें नींद आने लगी। फिर मैं वहीं पर आँखें बंद करके सो गई। मैं सो रही थी और जीजू का हाथ मेरी चुची पर आ गया। मैं समझी कि वो भी सो रहे थे, तो मैं इग्नोर करके सोने लगी।

फिर वो मेरी चुची को दबाने लगे। मैं कुछ नहीं बोली तो जीजू मुझे बोले: “तुम्हारी चुची बहुत सॉफ्ट है।”

तो मैं जीजू से बोली: “नहीं ये ठीक नहीं है जीजू। और मुझे नींद आ रही है। मुझे सोने दीजिए।”

लेकिन जीजू नहीं माने और वो मेरी चुची को दबाने लगे। मुझे भी सेक्स चढ़ने लगा और मैं भी अपने जीजू से अपनी चुची दबवाने लगी। अब वो मेरी चुची दबा रहे थे, और मैं सिसकारियाँ ले रही थी और अपने जीजू से अपनी चुची दबवा रही थी।

जीजू मेरी चुची दबाते हुए मेरी सलवार-सूट को निकालने लगे और मैं ब्रा और पैंटी में हो गई थी। मेरे जिस्म की ख़ुशबू से जीजू भी गरम होने लगे।

वो मेरी चुची को ब्रा के ऊपर से दबाने लगे और मैं जीजू को किस करने लगी। जीजू भी मुझे किस कर रहे थे और हम दोनों लोग एक-दूसरे को हग करके किस कर रहे थे। जीजू लगातार मेरी चुची भी दबा रहे थे।

मैं और जीजू हम दोनों लोग एक-दूसरे के ऊपर आ रहे थे और एक-दूसरे को किस कर रहे थे। उसके बाद जीजू मेरी ब्रा निकाल दिए और मेरी दोनों चुची को दबाने लगे। फिर एक चुची को मुँह में लेकर चूसने लगे और दूसरी चुची को दबाने लगे।

उसके बाद वो मेरी दूसरी चुची को चूस रहे थे और मेरी एक चुची को दबा रहे थे। वो मेरी दोनों चुची को बहुत देर तक चूसे। उसके बाद वो मेरी पैंटी निकाल दिए, और मेरी चूत को चाटने लगे। मैं अपने जीजू का सर दबा रही थी, और अपनी चूत को जीजू से चटवा रही थी।

मेरे जीजू मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाट रहे थे। कभी-कभी वो मेरी चूत में अपनी थूक डालकर मेरी चूत को चाट रहे थे। मेरे जीजू के मेरी चूत को चाटने के बाद मैं झड़ गई और वो मेरी चूत को चाटकर साफ किए।

उसके बाद वो अपना लंड मेरी चूत में डालने लगे। लेकिन उनका लंड मेरी चूत में नहीं जा रहा था। फिर वो अपने लंड पर तेल लगाए और उसके बाद एक ज़ोर से धक्का मारे। फिर भी उनका लंड मेरी चूत में नहीं गया और मेरी चूत के ऊपर से ही निकल गया।

उसके बाद वो मेरी चूत में आराम से लंड डाले तो उनका लंड मेरी चूत में चला गया। अब मेरे जीजू मुझे चोदने लगे और हम दोनों लोग चुदाई करने लगे।

मेरे जीजू मुझे चोद रहे थे। हम दोनों लोग चुदाई की आवाज़ें बाहर न जाए इसलिए मैं बेडरूम को लॉक कर दी और हम दोनों लोग चुदाई करने लगे। थोड़ी देर दोनों लोग चुदाई करने के बाद झड़ गए। जीजू ने अपना माल मेरी चुची पर गिरा दिया। उसके बाद वो मेरी चूत को चाटने लगे।

मैं भी जीजू को बोली: “जीजू आप मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाट रहे हैं।”

तो वो बोले कि वो बहुत सारी लड़कियों को चोदे हैं। और बहुत सारी औरतों को चोदे हैं। इसलिए उनको चूत चाटने में बहुत अच्छा लगता है, और वो चूत को बहुत अच्छे से चाटते हैं।

वो बोले कि मेरी चूत चाटने में उनको बहुत मज़ा आया, क्योंकि मैं अपनी चूत को एकदम क्लीन रखती हूँ। वो मेरी चूत को बहुत देर तक चाटे।

उसके बाद वो मेरी चूत में लंड डाल दिए और मुझे चोदने लगे। हम दोनों दोबारा चुदाई करने लगे। वो मुझे बोल रहे थे कि चुदवाने में मुझे मज़ा आ रहा था कि नहीं। तो मैंने स्माइल कर दी।

फिर जीजू मुझे किस करने लगे और मुझे चोदने लगे। वो बोले कि वो मुझे बहुत प्यार करते हैं, और उसके बाद हम दोनों लोग स्माइल करने लगे और चुदाई करने लगे। चुदाई के दौरान जीजू मेरे ऊपर आ गए थे और मुझे चोद रहे थे। मैं और जीजू हम दोनों लोग पूरे मज़े में चुदाई कर रहे थे।

मुझे जीजू बोल रहे थे कि: “तुम तो अपनी दीदी से भी ज़्यादा मज़ा देती हो। लेकिन तुम्हारी दीदी मुझसे गाँड भी मरवाती है।”

मैं जीजू को बोली: “नहीं, मैं आपसे गाँड नहीं मरवाऊँगी।”

वो बोले: “मैं तो तुम्हारी गाँड मारूँगा। तुम्हारी दीदी तो मुझसे गाँड मरवाती है।”

ये बातें करते हुए हमारी चुदाई चलती रही, और हम दोनों झड़ गए। मैं और जीजू हम दोनों लोग बहुत बार चुदाई किए। अब कभी-कभी जीजू मेरे घर आते हैं, तो हम दोनों जमकर चुदाई करते हैं।

आप सब मुझे मेल करिए और बताए मेरी चुदाई की कहानी आप सब को कैसी लगी? आप सब भी बहुत बार अपनी साली को चोदे होंगे। तो आप सब भी मुझे अपनी चुदाई की कहानी बताए।

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