दोस्तों ने किया मेरी बहन का कांड

Dosto ne meri bahan ki chudai sex story:- हाय रीडर्स, मेरा नाम हर्ष है और ये कहानी है मेरी कज़िन बहन रीना की। रीना एक 20 साल की लड़की है जो बीसीए कर रही है। वो देखने में सुंदर है, साँवला रंग और उसका बदन काफ़ी उभरा हुआ है। जब वो क्लास 8 में थी तब उसके बदन एक सेक्सी गर्ल का हो चुका था। उसके बूब्स का साइज़ तब 34″ हुआ करता था और बदन पूरा कर्वी तथा फ़िगर 34”-28”-36” था।

मेरे सारे दोस्त उस पर तब से नज़र लगाए रखे थे। जब घर पर कोई नहीं रहते थे और सिर्फ़ रीना और मैं रहते थे तब मेरे सारे दोस्त घर आते थे और बाथरूम के होल से उसका पूरा नहाने का सीन देखा करते थे, वो भी टर्न बाय टर्न। फिर वो सब बेडरूम के होल से उसके कपड़े बदलने का सीन भी देखते थे।

Dosto ne meri bahan ki chudai hindi sex story

फिर वो सब मेरे रूम में बैठकर वहाँ बुलाते और उससे डबल मीनिंग फ़्लर्ट करते थे, लेकिन रीना ये सब चीज़ों को लाइटली लेती थी। ऐसा सिलसिला चलता रहा और रीना अपनी बीसीए की पढ़ाई के लिए 3 साल बाहर चली गई। मेरे दोस्त उसकी पिक्स देखकर अपनी आग बुझाते रहे।

ये कहानी है पिछले साल बारिश की। तीन साल बाद रीना को उसके कॉलेज से लेकर मैं घर वापस आ रहा था। रास्ता क़रीब 150 किमी का था और हम बाइक से आ रहे थे। कहा जाए तो रीना अब काफ़ी मैच्योर लग रही थी। उसका फ़िगर 34”-28”-36” से 38”-32”-39” तक बढ़ चुका था।

बाइक में उसके बड़े बूब्स बार-बार मेरी पीठ से दब रहे थे और मेरा लंड टाइट होते जा रहा था। फिर यहाँ हुआ कहानी में ट्विस्ट। अचानक से बारिश आने लगी और हमने कुछ 60 से 70 किमी की सफ़र तय कर चुके थे। बारिश की तेज़ी बढ़ने लगी और हम दोनों भीगने लगे। हाईवे पर कोई रुकने की जगह न मिलने के कारण हम भीगते हुए चलते रहे।

बारिश की तेज़ी बढ़ती रही और बाइक चलाना मुश्किल होने लगा। फिर हमने तय किया कि हम रास्ते में अपने दोस्तों के रूम में कुछ देर रुक जाएँ और बारिश थमने पर चले जाएँ। रीना एक ट्यूनिक पहने हुए थी और साथ में कोई एक्स्ट्रा कपड़े भी नहीं रखी थी।

क्योंकि वो 2 दिन के लिए घर आ रही थी। बड़ी मुश्किल से हम दोस्तों के रूम पर पहुँचे। जैसे दरवाज़ा खोला तो अंदर पहले से ही बाक़ी दोस्त मौजूद थे और वो भी कहीं से भीगकर आए थे।

तो सबने एक-एक तौलिया पहना रखा था। वो मुझे देख जितने ख़ुश नहीं हुए, रीना को देख सबके मुँह खुले रह गए। सर से पैर तक भीगी हुई रीना के ड्रेस उसके बदन से चिपकी हुई थी और ट्यूनिक सिर्फ़ घुटनों तक ही ढक रही थी।

ठंड से काँपती हुई वो दबे पाँव रूम में घुसी और कुछ देर के लिए सबको तौलिया में देख चौंक गई। उसके बड़े बूब्स के शेप गीले कपड़े पर काफ़ी क्लियर दिख रहे थे। चारों दोस्त अपने लंड को कसकर पकड़ लिए और घबरा गए।

चारों दोस्तों के नाम – राहुल, विकास, अमित, रोहित।

फिर राहुल ने रीना को कहा – जाओ बाथरूम में कपड़े चेंज कर लो।
रीना शरमाते हुए बाथरूम में ही घुस गई।

तभी विकास शरमाते हुए बोला – “कपड़े कहाँ से लाएगा? कपड़े सूखे होते तो क्या हम तौलिया में होते?”

फिर बाक़ी हँसते हुए और लंड सहलाते हुए मेरी तरफ़ देखे और कहा – “कोई नहीं, आज रीना हमारे साथ तौलिया में ही रह जाएगी।”

फिर सब हँसने लगे और डिस्कशन जारी रहा। कुछ देर में रीना बाथरूम से आवाज़ लगाई तो मैं वहाँ जाने लगा।

तभी विकास ने अपना तौलिया निकाला और मुझे पकड़ाकर बोला – “जा भाई ये पहना के ले आ माल को। मैं नंगा बेडशीट ओढ़ के बैठ जाता हूँ।”
फिर वो नंगा जाकर बेडशीट ओढ़कर लेट गया।

तभी मैं जाकर रीना को बाथरूम में तौलिया दिया। तौलिया देखकर वो मुझे दरवाज़े के पीछे से झाँकते हुए पूछी – “मैं क्या पहनूँ?”

तभी मेरे पीछे से रोहित ने जवाब दिया – “शर्मा मत डियर, हम सब तेरे अपने हैं। अपने कपड़े ले आ सूखा देंगे, सूख गया तो पहन लेना।”

ये सुनकर वो घबरा गई पर उसके पास कोई अल्टरनेटिव नहीं था। थोड़ी देर में रीना अपने को तौलिया में लपेटकर हाथों में गीले कपड़े लेकर बाहर आई। वो एक सिंगल रूम था जिसमें बाथरूम अटैच्ड था और किचन भी।

तभी तुरंत अमित उसके पास गया और उसके हाथ से कपड़े लेकर बोला – “लाओ मैं सुखा देता हूँ। तुम जाके थोड़ा कॉफ़ी बनाओ सब पिएँगे।”

फिर रीना शरमाते हुए मुँह नीचे झुकाकर किचन में गई और बाक़ी उससे हैवानियत की नज़र से घूर रहे थे। वो तौलिया उसके बूब्स से लेकर उसकी चूत से बस 2 इंच नीचे तक ढक रही थी। ऐसा लग रहा था कि अगर वो थोड़ी ज़ोर से हिले तो तौलिया नीचे गिर जाएगा, और सबको उसी का इंतज़ार था।

जैसे वो किचन में गई तभी सारे उसके गीले कपड़े अपने में बाँट लिए – जैसे अमित के पास ब्रा, ट्यूनिक राहुल के पास और पैंटी विकास बेडशीट के अंदर अपने लंड पर रगड़ रहा था। मैं ये सब देख घबरा भी रहा था लेकिन एक्साइटेड भी था। फिर तुरंत रोहित सारे कपड़े इकट्ठे करके अलग-अलग खिड़की में छुपा दिए। फिर सबने उसके बूब्स साइज़ बढ़ने की बात करने लगे।

तभी रीना कॉफ़ी के साथ बाहर आई। सबने कॉफ़ी पी और बारिश के थमने का वेट किया। अँधेरा होने लगा लेकिन बारिश नहीं थमी। बारिश और बढ़ने लगी, न ही कपड़े सूखे।

रीना को ऐसे देख-देख सबके लंड खड़े ही रहे थे और ये सब रीना मार्क कर रही थी और घबराई हुई भी थी। बारिश न रुकने के कारण दोस्तों ने रीना को खाना बनाने को कहा ताकि सब वहीं खा लें। फिर जैसे ही वो खाना बनाने किचन में गई यहाँ शुरू हुआ प्लान—

अमित: यार ऐसी चांस को कैसे छोड़े?
रोहित: आज अगर इसकी चूत में लंड नहीं डाला तो क्या किया?

तभी राहुल जाकर रीना के कपड़े दोबारा गीला कर दिए।

विकास: पहले मेरी रीना मेरे साथ सोएगी। साला मैं सुबह से नंगा लेटा हूँ।
राहुल: भक साले पहले मेरे साथ।
अमित और रोहित: हम तो थ्रीसम करेंगे भेंचोद।

फिर मैंने मज़ाक से बोला – “यार गैंगबैंग करते हैं।”
तो सारे शांत हो गए कुछ देर के लिए और ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे और हामी मिलाकर बोले – “ये सही आइडिया है।”

तभी रीना बाहर आई और बोली – “तैयार है खाना, मिलकर खाते हैं।”
सब एक-दूसरे को देखकर हँसते हुए बोले – “बिल्कुल मिलकर खाएँगे।”

खाना परोसा गया और सब खाने बैठे। रीना तौलिया में होने के कारण बैठने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी। वो बैठते ही तौलिया उसकी गाँड से ऊपर खिंच जाता और उसकी गाँड दिखने लगती थी। वो कैसे-कैसे एडजस्ट करके बैठी। खाना खत्म हुआ। रीना को जहाँ सोने बोला गया – उसे लेफ़्ट में मैं, अमित और रोहित सोए और राइट में विकास और राहुल सोए।

तौलिया में सोना उसके लिए अनकंफ़र्टेबल था और वो नहीं मान रही थी लेकिन मैनेज करके सो गए। कुछ देर बाद मुझे साइड करके अमित लेफ़्ट से और विकास राइट से उसी बेडशीट के अंदर आ गए और अमित ने अपना तौलिया खोलकर बाहर फेंक दिया, जबकि विकास पहले से नंगा था।

इनके खड़े लंड रीना को गड़ने लगे तो उसकी नींद खुल गई, पर मैं चौंक गया था कि वो कोई विरोध नहीं कर रही थी और चुपचाप लेटी हुई थी। विकास उसकी जाँघों को सहला रहा था और अमित उसके बूब्स दबा रहा था। रूम में ज़ीरो पावर लाइट की वजह से सब हल्का दिख रहा था।

थोड़ी देर में मैंने देखा कि विकास ने रीना का तौलिया खोलकर उसे बाहर फेंक दिया। थोड़ी ही देर में मैंने देखा कि रोहित नीचे से जाकर रीना की चूत चाट रहा था और फिर राहुल रीना के होंठों को चूम रहा था। कुछ ही पलों में सब बदल गया था।

रीना उन चारों के बीच अपनी दोनों टाँगें फैड़कर ऊपर की तरफ़ मुँह करके मज़े से लेटी थी और अमित उसके लेफ़्ट बूब और विकास उसके राइट बूब्स चूस रहे थे, जहाँ रोहित उसकी चूत और राहुल उसके होंठ चूस रहा था। रीना ये सब एंजॉय कर रही थी आँखें बंद करके। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था पर मज़ा बहुत आ रहा था।

तभी रीना के बदन से बेडशीट हटा दिया गया और सब जैसे बदल गया, मानो जैसे जन्नत मिल गई सबको। सब कुछ ऐसे चल रहा था जैसे सब मज़े ले रहे थे। रीना दोनों हाथों में दो लंड पकड़कर चूस रही थी और विकास उसकी चूत चूस रहा था।

तभी अमित का मन बूब्स से भरा नहीं था। रीना के मुँह से श्श्श् श्श्स्स्स् आआआह्ह की आवाज़ आ रही थी और सब एक के बाद एक उससे अपना लंड चूसवा रहे थे।

तभी रोहित ने आवाज़ लगाया – “आजा साले तू भी मज़ा लूट ले इस रंडी का।”

मैं थोड़ा घबराया हुआ पास गया तो तभी रीना ने मेरे तौलिया खींचकर मेरा लंड हाथ में लिया और चूसने लगी। मानो जैसे जन्नत लग रहा था। चूसने का कार्यक्रम खत्म होते ही उसे चोदने का काम शुरू हुआ। पहला राउंड शुरू हुआ। सब चारों तरफ़ बैठे और रीना को बीच में लिटा दिए।

फिर एक के बाद एक करके रीना को चोदने लगे और बाक़ी अपने लंड हिलाते हुए मज़े ले रहे थे। हम पाँचों ने एक-एक बार चोदकर एक साथ नंगे सो गए। रीना भी हमारे बीच नंगी सो गई। कुछ देर बाद मुझे सिसकारियों की आवाज़ आई तो मैंने जब देखा तो – रीना खिड़की पर हाथ रखकर झुकी हुई थी और रोहित रीना की गाँड मार रहा था।

फिर थोड़ी देर में ही अमित भी जाकर लाइन में खड़ा हो गया और रोहित का खत्म होते ही ये भी रीना की गाँड मारने लगा। मुझसे ये सहा नहीं गया और फिर मैं भी उसके बाद शुरू हो गया। बाक़ी अपने घोड़े बेचकर नंगे पड़े थे। रीना भी बहुत थक गई थी और वो भी वैसे नंगी आकर बीच में लेट गई।

सुबह हुई। सब सो रहे थे – तभी आवाज़ आई – “गुड मॉर्निंग – बेड कॉफ़ी!”

आँखें खुलीं तो जो देखा वो शॉकिंग था। रीना पूरी नंगी कॉफ़ी कप के साथ ट्रे में कॉफ़ी लेकर खड़ी है।

राहुल: “वॉव ये तो पूरी रंडी बन गई।”

रीना: “तुम लोगों से छुपाने के लिए कुछ बाक़ी भी है? फिर शर्म किस बात की?”

फिर सब हँसते हुए नंगे कॉफ़ी पी और फ़्रेश होने के लिए बाथरूम गए एक के बाद एक। सब लोगों ने एक के बाद एक रीना के साथ न्यूड सेल्फ़ी ली और फिर रीना वहीं सबके सामने ड्रेस पहन ली। बारिश रुक चुकी थी और हम घर के लिए निकल गए। जाते वक़्त सबको किस करते हुए बोली – “फिर मिलेंगे। अब छुट्टियाँ घर से ज़्यादा यहीं अच्छा लगेगा।”

उसके बाद हम घर चले गए। उसके बाद रीना की कोई भी छुट्टी हो तो पहला दिन वो इनके रूम में आती फिर घर जाती।

हम भी कभी बाहर घूमने जाने का प्लान बनाते तो रीना के बिना प्लान अधूरा होता।

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