माँ ने चोदना सिखाया भाग – 3
Mummy ki chudai ki sex kahani:- अब मेरे सामने माँ के मोटे मोटे मम्मे थे, उस पर लगा निप्पल था. जिसको मैंने बचपन में पिया था. मै उनके साथ खेलने लगा. दोनों को खींचता… माँ मेरे लंड को मुठियाती मै स्तन मर्दन करता… ये सब 10 मिनट तक चला पर वो हारने का नाम नहीं ले रही थी. मै दोनों निप्पल को एक साथ एक दूसरे को टच करने के लिए खींच ने लगा. तब मुझे लगा के माँ अब तो कराह ही उठेगी. पर ना… माँ ने उस टाइम पर मेरा लौड़े का ऊपर का टोपा खींच दिया और मुझे लगा मै गया… पर बहुत ही कष्ट हो रहा था.. ये कश्मकश में मै ना मम्मो पर कोई भी रहम नहीं कर रहा था.
अगर आपने इस कहानी का पिछला पार्ट नहीं पढ़ा है तो यहाँ से पढ़ें ==> माँ ने चोदना सिखाया भाग – 2
Mummy ki chudai ki sex kahani
मै ज्यादा हावी था. माँ कभी भी आह बोल उठ सकती थी. और पता नहीं उसे क्या सूझा के उसने तुरंत ही एक ही झटके में मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया. मै एकदम हक्का बक्का. माँ ने ये दांव इसीलिए खेला के उनकी आवाज़ मुझे सुनाई ना दे और मेरे इस हमले से मै पानी जल्दी निकाल दू… मेरे लिए तो उनका पूरा खुला बदन गायब.
मतलब अब मै तो मम्मे दबा ही नहीं सकता… मेरे दिमाग में मै जीतू या फिर झड़ कर मज़ा लू यही समझ नहीं आ रहा था. मज़ा दोनों में मुझे ही आने वाला है.. पर करू क्या? माँ का गीला गीला मुँह.. और जुबान का चलना. मेरे लंड को चाटना.. मै देख नहीं पा रहा था क्योंकि माँ के बाल बीच में आ रहे थे…
मै बहक गया था. पता नहीं मुझे क्या करना चाहिए.. इतना दबाव भी मेरे लंड पर पहले कभी नहीं आया.. मै हार जाऊ? चाहूँ ना चाहु मै हार जाऊंगा… माँ के मम्मे मुझे चाहिए ही चाहिए थे इस वक़्त. क्योंकि हारू तो भी मज़े ले कर हारूँ… पर कैसे… मेरा लंड पहली बार किसी छेद में गया था. भले मुँह मे ही, मुँह भी तो छेद ही है… मुझे BF याद आई.. उसमे कैसे मर्द अपनी औरत के बाल को एक साइड कर के ऊपर बांध कर बाल से पकड़ता है और फिर वो खुद मुँह को लंड के ऊपर नीचे मज़े से करता है.
बस मुझे भी वैसा करने को मन हुआ.. माँ खुद जीतने के लिए कुछ भी करेगी… तो यही मौका उठा कर मैंने माँ के बाल को ऊपर बांध कर ऊपर उठाये… माँ ने तिरछी नज़र से मुझे देखना चाहा पर मैने लंड अंदर और मुँह में घुसाया… अब होल्ड मेरे पास था. माँ लंड चूसे जा रही थी. पर एक्चुअली मै माँ के मुँह को चोद रहा था.. एक हाथ से बाल पकड़ कर मुँह चोद रहा था. दूसरे हाथ से मैंने माँ के ब्लाउज वाले पीठ पर से हाथ घुमा कर आगे की और कर के मम्मा बाहर निकाला.
Maa ko chodne ki story
एक तो एक ही सही. दूसरा वैसे मेरे पैरो के बीच में फंस चुका था. पर माँ को अगर इसमें मै हरा भी दू तो ही वो जोश में होश खोयेगी. जीत जाएगी तो नकचढ़ी हो जाएगी. पर मेरा कभी भी माल निकल सकता था. मैंने मन ही मन कुछ और सोचने का प्रयास किया. मै सोचने लगा कॉलेज के असाइनमेंट एग्जाम ये सब सोचने लगा.. ताके मुझे थोड़ा टाइम मिल जाये… मै काबू तो कर पाया.. माँ के मुँह से आह निकलवानी है बस… मैंने जो मम्मा बाहर खींचा था उसे अच्छे से दबाना ही काफी नहीं था. मेरी बारी है अब मारदाना दिखने की…
मैंने झट से माँ के मुँह से मेरा लंड निकाला. मुझे ये पसंद नहीं था पर फिर भी और उसे सोचने का एक पल भी न देते हुए उसके दोनों मम्मो पर मै टूट पड़ा. मै उनके मम्मो पर गया उससे पहले माँ के मुँह से थूक टपक रहा था. वो खुश तो थी इस लंड को लेकर. मेरा मुँह जैसे निप्पल पर क्या बताऊ. ये निप्पल भी न चूसने के लिए ही बने हैं मै दरखास्त करता हूँ मर्दो को के निप्पल को चूसना हो तो आम चूस रहे हो वैसे दोनों हाथो से पकड़ कर दबा कर चुसो. मज़ा आ जायेगा. और मेरा ये आम चूसना माँ को आह निकला दी.. मैंने चूसना बंद कर दिया…
मै: आह निकल गई ना…
माँ: तू चूसना बेटा इतना दबाव मेरे मम्मो पर आज तक नहीं आया. आह… मै हार गई..
पर दोनों मम्मे को ऐसे दबा कर उसे ये बात का अहसास करा के वो मम्मे है और दबाने के लिए बने है…
मै: हार गई तो मै जो चाहूँ वो करोगे?
माँ: हाँ जो चाहे.. पर तू अभी मेरे मम्मे जैसे चूस रहा है वैसा चूस प्लीज… हाथ जोड़ती हूँ.. मम्मो का ऐसा भी मसल कर आनंद देना पहली बार पता चला. कहा से सीखा तूने?
मै: ब्लू फिल्म देख कर…
माँ: और क्या क्या करेगा मम्मो से. मेरे दो निप्पल को तूने एक दूसरे को जब टच कराया तब ही मै हार गई थी.
मै: माँ ऐसा नहीं हो सकता के आप लंड चूसो और मै मम्मे चुसू??
माँ: लंड?? डायरेक्ट लंड? तुझे आज़ादी देने के क्या अंजाम हो रहा है मै ये अब देख रही हूँ…
मै: हाँ माँ प्लीज?
माँ: कैसे?
मै: आप एक्सपीरियंस हो.. आप बताओ…
माँ: मुझे न तेरे पापा ने इतना कोई एक्सपीरियंस दिलाया ही नहीं.
मै: मै दिलाऊंगा माँ आपको।
माँ: मुझे वीर्य पीना है… तू पैर फैला कर बैठ मै तेरे पैर के बीच में आ जाउंगी तू मम्मे से खेलते रहना, मुझे तू वीर्य पिला, मैंने कभी नहीं चखा…
मै: माँ पर…
माँ: हाँ मुझे पता है तेरा बाप भी यही बोलता है.
मै: मै कुछ बोला ही नहीं।
माँ: मुझे पता है तू यही बोलेगा के ये गन्दा होता है…
मै: अरे माँ आप बात को सुनो तो सही…
माँ: हाँ बोलो।
मै: माँ आप सच में ये सब करना चाहते हो ना?
माँ: हा बेटा. मुझे थोड़ा कुछ अहसास करना है अगर तू कराये… पर एक शर्त है..
मै: क्या?
माँ: अगर तू मुझे एक औरत समझे. ना के तू मुझे माँ समझ कर कुछ भी करे. एक गर्लफ्रेंड समझे. वरना तू डरता रहेगा. मुझे वीर्य पीना है मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है पर तेरे पापा.. बस वो बोलते है के ये गन्दा है… ना ही मेरी चू…
मैं: हाँ बोलो न चूत..
माँ: हम्म बस तो वो भी नहीं चाटते.. तुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है ना?
मै: आज तक मैंने कभी…
माँ: पर करेगा भी या नहीं…
अब मै मना कर दूंगा तो मेरा चांस जायेगा. मतलब माँ की हवस अलग लेवल पर थी. ये तो साफ दिख रहा था. उसे वो चाहिए जो उसे करना है. मतलब ठीक है.. मै तो इन सब चीज़ो में एक बच्चा ही तो हूँ. बाद में देख लेंगे के कौन होल्ड करता है…
मै: मुझे कुछ सवाल है.. पहले कुछ पुछु? ये सब मेरे लिए नया है.. मैंने कभी मम्मे भी नहीं देखे थे और अभी..
माँ: है ठीक है पूछ ले. जो पूछना है पूछ ले…
मै: माँ मैंने BF में देखा है के पोर्नस्टार को बराबर दबा कर सेक्स करते है…मै तो बोल पड़ा धड़ से.. मै देखना चाहता था रिएक्शन माँ का…
माँ: देख मै सेक्स नहीं करने वाली तेरे से ठीक है?
मै: हाँ! माँ मैंने कहाँ बोला के मुझे सेक्स करना है आपसे… पर मै सिर्फ पूछना चाहता हूँ… उस दिन भी आप बोल रही थी पापा को, के वो आपको पीछे से अच्छे से नहीं दबाते. आपको BDSM ज्यादा पसंद है. पोर्न मूवी में भी ज्यादातर ऐसे ही होता है..
माँ: वो तो मुझे भी नहीं पता. पर अच्छा लगता है के बराबर दबा कर मस्त मसले…
माँ ना फ्लो फ्लो में अब बोल जाती थी जो उनके मन की बातें थी. बस वो खुल नहीं पा रही थी. ऑब्वियस है भाई. मै उनका बेटा हूँ. मै थोड़ी उनका पति या बॉयफ्रेंड हूँ? अरे बॉयफ्रेंड से याद आया मुझे वो पूछना है…
मै: हाँ बोलो माँ बिंदास. आप ही बोले के आप मेरी गर्लफ्रेंड बन रही हो… तो बॉयफ्रेंड के साथ ये सब चलता है ना माँ?
माँ: हम्म ठीक है.. पर ना मुझे अपना ये माँ बेटे का रिश्ता भी बीच में आ रहा है…
मै: भाड़ में गया… आप बोलो…
माँ: हाँ तो मुझे किसी और का पता नहीं पर अगर कोई मुझे मसले तो मुझे मज़ा आये… पोर्न मूवी ना मैंने ज्यादा देखी नहीं. और तेरे पापा से मेरी लव मैरिज हुई है तो मेरा ऐसे कोई बॉयफ्रेंड वाली दोस्ती किसी से नहीं है..
आई मीन व्हाट? इतनी खूबसूरात औरत और इनके कोई बॉयफ्रेंड नहीं है जो मिला उससे ही सीधी शादी? और मेरे दिमाग में कही होल है क्या? मैंने तो बात सिर्फ सोची थी इसे पता कैसे चल गया?
मै: हम्म्म… तो भी पापा क्यों आपको खुश नहीं रख पाते?
माँ: किसने बोला खुश नहीं कर पाते?
मै: तो?
माँ: अरे खुश तो कर देते है पर वो न सिर्फ अपना देख लेते है. ये सब चीज़े उनके हिसाब से गन्दी है तो है. तो इसीलिए वो नहीं करते. उनका भी प्यार ही है जो मुझे ऐसे ट्रीट कर रहे है. मतलब लंड से पेशाब निकलता है और वही मुँह में डालो.. पर मुझे मज़ा आता है सिर्फ मुँह मे लो तो क्या मज़ा? जब औरत मेहनत करके उस लंड को तैयार करती है के उसको उनके मुँह में लेने का फल मिले…
मुझे न माँ की ये सब बातें सुनकर मज़ा आ रहा था… मै तो और मज़े ले रहा था…
मै: तो उस दिन पापा…
माँ: तू मज़ा ले रहा है ना मेरी बातो का?
अरे मेरे दिमाग में सचमुच छोटा से छेद है.. जो बातो को लीक कर दे रहा है… गलत है… मुझे भी मौका मिलना चाहिए ना के मेरा होल्ड आये…
माँ: बेटे मै माँ हूँ तेरी.. सब पता चलता है… अब तू चल पैर खोल मै अपने घुटनो पर आती हूँ…
मै: माँ पोर्न मूवी में पोर्नस्टार जैसे करती है ऐसे करना चाहोगी? आप भी सीख लो.. मै लगाता हूँ..
माँ: हाँ वो अच्छा रहेगा… तुझे भी तो चाटना कैसे है मेरी चूत को तू वही सीखेगा ना..
मै: मैंने तो देखा है कई बार…
माँ: हाहाहाहा नालायक कही का…
मै: माँ अब ब्लाउज और ब्रा उतारो हाँ… बहुत हुआ.. वैसे भी आपको चूत चटवानी है तो घाघरा भी उतारना ही पड़ेगा।
माँ: मतलब नंगी होना पड़ेगा?
मै: माँ नंगी तो होना ही पड़ेगा ना.. सोच लो..
माँ: हम्म्म्म कमीना कमीना कमीना. चूत तो चटवानी ही है. पता नहीं कब मौका मिलेगा उसके बाद.
मै: तो आज का कार्यक्रम ऐसे ही थोड़ी खत्म कर देंगे?
माँ: तो?
मै: ये तो हम जब भी अकेले होंगे तब…
माँ: ये सब सिर्फ आज के लिए है।
ये क्या कर रही है माँ मेरे साथ??? माँ तो ये कार्यक्रम सिर्फ आज के लिए बोल के बैठ गई मेरे पैरो को हलके से खोल कर…
मै: माँ अगर सच में लास्ट टाइम है तो फिर ब्लाउज और ब्रा को तो निकालो ही…
माँ: तू नहीं मानेगा ना?
मै: माँ आप एक तरफ से बोल रहे हो के ये सिर्फ एक बार है… तो फिर…
माँ: हम सेक्स नहीं करेंगे ना?
मै: हाँ माँ सेक्स नहीं करेंगे पक्का!
माँ: ठीक है…
मै: तो BF लगा दूँ?
माँ: क्यों?
मै: आप भी तो देख लो.. एक बार करना है कैसे करते है पोर्न मूवी में..
माँ: तू बता दे।
मै: नहीं माँ आप देखो और आप सोचो फिर एक ही बार है तो मै भी मज़े करू ना…
माँ: नालायक तो तू है. ये बात मेरी मान ले…
माँ ने ब्लाउज और ब्रा निकाली तब तक मैंने बेस्ट ब्लो जॉब सर्च कर के सनी लियॉन की वीडियो निकाली.
मै: माँ नीचे का तो उतारो.
माँ: वक़्त है! सेक्स करने नहीं बैठे ठीक है? दिखा क्या देखना है… हम्म्म्म सनी लियॉन.. पढ़ा है पोर्न एक्ट्रेस से इंडस्ट्री में आ गई… तेरे पापा को पसंद है बहुत तभी तो…
मै: तो आपको बुरा नहीं लगता।
माँ: बुरा क्या लगाना चूत तो मेरी ही मिलने वाली है. पर बुरा तब लगता है जब पता है के पोर्न स्टार से पटक पटक कर सेक्स करते है मेरे साथ वो नहीं करते. बीवी बना कर हिफाज़त करते है.. अरे इज़्ज़त करो पर बिस्तर पर नहीं.. चल छोड़ उन बातो को.. वीडियो मेरे सामने रख और मुझे मज़े लेने दे… और तू बोल देना जब तेरा होने वाला हो…
माँ ने वीडियो देखना स्टार्ट किया… और ठीक वैसे ही लंड को चूसना स्टार्ट किया.. हर एक जैसे वो करती गई वो करती रही. जैसे टोपे पर जुबान घुमाई तो यहाँ भी लंड पर.. अंदर मुँह में लिया अंदर लिया…
मै: माँ देख इसने पूरा अंदर लिया…
माँ: मैंने पूरा अंदर तो पहले भी नहीं लिया था…
मै: तो क्या फायदा…
माँ: है ठीक है कोशिश करती हूँ… तू भी तो अपना हथियार चला ये देख कैसे चलता है…
और फिर मैंने भी अंदर घुसाने की कोशिश की… माँ देख कर उत्तेजित हो रही थी और मै उसे देख कर. माँ मेरे सामने देख भी नहीं रही थी. तो मेरी उत्तेजना उतनी नहीं बढ़ रही थी. मैंने मोबाइल किया साइड में और फिर माँ के चहेरे को पकड़ कर मेरे लंड को मुँह में अंदर बाहर करने लगा. पापा ने लंड तो चूसने दिया था पर शायद मेरी तरह चोदा नहीं था..
दस मिनट्स घपाघप करने के बाद मुझे ऐसा लगा के अब मै माँ को उनके मेहनत का फल देने जा रहा था… माँ उस टाइम पर जैसे मानो कोई लॉलीपॉप चूसता है न बच्चा ऐसा लंड पर सक्शन दिया.. और मै छूटा माँ के मुँह के अंदर दबा के.. मतलब पहली बार की तरह ही. माँ पूरा का पूरा वीर्य पी गई. चाट चाट कर लंड भी साफ कर दिया… मेरा चीखने चिल्लाने का प्रोग्राम बंद हुआ… मै हाफ रहा था…
मै: कैसा लगा?
माँ: अच्छा है पर खारा है… मुझे पर्सनली मज़ा आया…
मै: गुड. चलो नीचे का निकालो मै आपकी चूत चूस दू…
माँ: हम्म ठीक है..
माँ खड़ी हुई और उसने घाघरा नीचे उतार दिया. पेंटी पहनी थी वो निकालने में शर्मा रही थी… मैंने उनकी और देखा…
मै: माँ …
माँ: यही शब्द पर शर्म आ रही है. मै माँ हूँ तेरी।
मै: तो?
माँ: गर्लफ्रेंड हूँ ना तेरी?
मै: हा।
माँ: तो आज से तू मुझे शांति बुलाएगा. और ये आप आप छोड़. अब सिर्फ पैंटी में खड़ी हूँ तेरे सामने. तू बोलेगा तो चलेगा.
मै: माँ ये सब आप बोल रही है?
माँ: हाँ और नहीं तो और कौन है यहाँ…
मै: हम्म्म मै तुम बोल सकता हूँ पर माँ बोलना नहीं छोड़ सकता.
माँ: ठीक है एट लीस्ट तू तो बोल…
मै: माँ अब पेंटी तो निकालो।
माँ: तुझे बड़ी जल्दी हो रही है.
मै: ये मेरा जन्म स्थान है ना?
माँ: हाहाहा ये बात तो है… कभी तू निकला था यहाँ से आज तू इसे चाटेगा.. चल तू आँखे बंद कर, पहली बार है मुझे शर्म आ रही है…
मैंने आँखे बंद कर दी और फटाफट उसने पेंटी निकाल कर अपने घुटनो पर बैठ गई… और मेरे लंड को जब मुँह में लिया तब मुझे पता चला… एक तरह से देखे तो मैंने कपडे नहीं उतारे. माँ मेरे सामने नंगी है… उसे तो हथियार चाहिए था वो उसे मिल गया… सीधा मुँह में लंड ले कर माँ उसे मज़े से चूसने चाटने लगी… मैंने उसके बालो को ठीक किया और उसे देखने लगा.. वह मेरी आँखों को देख थोड़ा शरमाई और फिर अपने काम पर लग गई.. वो आधा ही अपने मुँह में ले रही थी.
इस व्यू से मै अच्छे से देख पा रहा था के वो कैसे और कितना मेरे लंड को चूस रही है. ये बेहतरीन अनुभव मुझे हो रहा था. सुबह से भी ज्यादा.. मैने हलके हलके धक्के मारना शुरू कर दिया. माँ ने मेरी ओर देखा…मै: माँ.. मुझे करना पड़ेगा…माँ ने शर्मीली आँखों से देख कर मेरा साथ देना शुरू कर दिया… धीरे धीरे मै माँ के अंदर अपना लंड करीब 7 इंच तक उतार पाया. मै मज़े कर रहा था. सातवें नहीं 100वे आसमान पर. क्या बताऊ…
मै: आह… बहनचोद… ऊप्स…
माँ ने फिर मेरी ओर देखा और शरमाई. आँखे वापस झुका कर.. लंड चूसने लगी. जब जब नशीली आँखों से मुझे देखती मेरी धड़कने बढ़ जाती… और फिर एक टाइम आया माँ को वीर्य पिलाने का.. मुझे गालिया बोलने का तो ग्रीन सिग्नल मिल गया था…
मै: भोसडी की ले ले पूरा यू बिच. चूस रंडी चूस माय बेबी चूस कुतिया…
अब मैंने इंग्लिश पोर्न मूवी ज्यादा देखी थी तो वो वाले वर्ड्स ज्यादा आ रहे थे…
मै: आई ऍम कमिंग बेबी.. ओह यू सक बिच टेक इट डीप टेक इट डीप…
आहहहहहह मैंने सारा का सारा वीर्य माँ के मुँह में डाल दिया. माँ ने जैसे स्ट्रॉ से पीते है वैसे लंड को ऊपर निचे करके मेरे लंड को पूरा खाली कर दिया. बून्द बून्द तक पी गई चाट चाट कर साफ भी कर दिया… मै थका था और आँखे बंद कर दी… जब लंड थोड़ा ढीला हुआ…
मै: मज़ा आया. कैसा लगा वीर्य?
माँ: खारा था थोड़ा अच्छा था…मै खुश तो तब हुई जब तू मुझे इंग्लिश में गलियाँ बक रहा था. मुझे अच्छा लगा जब तू मुझे बोल रहा था…
तब तक वो वीडियो याद है मैंने साइड में रखा था सनी लियॉन का? उसमे से आवाज़ आने लगी. वहाँ सनी लियॉन की चुदाई चल रही थी. चूत में लंड और घपाघप. एक्टर उनके मुँह पर मार भी रहा था. और जोर जोर से पेल रहा था.. माँ भी देखने लगी…
मै: ऐसा तुझे पसंद है ना…
माँ: हम्म्म काश… खैर तू ये मुझे दे. मै देखती हूँ कुछ इसमें। तू मेरी चूत चाट… चल. और तू.. कपडे उतार! महाराजा पूरा पहन के बैठा है मुझे नंगी करके! चल …
मै तो माँ का ये रूप देख कर हैरान तो था ही पर एकदम मज़ा भी ले रहा था… मैंने खड़े हो कर अपने कपडे उतारे और माँ को मैंने सोफे पर बैठाया तो माँ सोफे पर लेट गई और मै चूत के मुख के हिसाब से उधर खिसका. वाह.. जैसे पोर्न मूवी में देखने को मिलता है वैसे ही.. ये चूत उतनी फटी हुई नहीं थी पर दो पैरो के बीच एक चीरा था जो मुझे मेरे होठो से भिगोना था. मै ये सब देखना चाहता था के मूतते कहा से है ये लोग. और लंड कौनसे छेड़ में डालना है.. माँ तो मोबाइल ले कर वीडियो देखने लगी थी…
माँ: क्या देख रहा है. ये रहा छेद काम पर लग जा. बस चुदाई बाकि रहेगी इसके बाद… जब ना ये चूत मै फाड् दूंगा तब ही ये मेरे हुक्म मानेगी. वरना अभी तक तो वही मालिक हम गुलाम. क्या गोरे गोरे नंगे पैर थे. मैंने दोनों पैरो को चौड़ा किया और फिर लक्ष्य की ओर बढ़ने लगा. मेरे हाथ जैसे जैसे चूत के पास आ रहे थे.

Read krne se pahle Thanks kehna chahta hu aage ki story post krne ke liye .
Chalo ab reading start krta hu ..God bless you
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