फ़ेसबुक चैट से मम्मी की चूत तक 1
FB par mummy ko pataake choda:- दोस्तो, आज मैं आपको अपनी मम्मी प्रीती की कहानी सुना रहा हूँ। जिसने मेरी हॉट मम्मी को चोदा, वो कोई और नहीं, बल्कि मैं ही हूँ। मैंने ही अपनी हॉट मम्मी को चोदा और आज भी चोदता हूँ। अब मैं आपको ज़्यादा बोर न करते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ।
मेरी मम्मी का नाम तो आपको मालूम ही पड़ गया है। अब मैं आपको अपनी सेक्सी और हॉट मॉम की फिगर बताता हूँ। मेरी मम्मी की फिगर 34-32-33 की है और मम्मी साड़ी पहनती हैं, जिसके कारण मम्मी बहुत ही हॉट दिखती हैं और इसीलिए मम्मी को चोदने का मन करता है।
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मम्मी के बूब्स भी एकदम मस्त गोल और थोड़े-थोड़े बड़े भी हैं। मेरी नज़र तो हमेशा उनके बूब्स पर ही रहती है और मैं हमेशा सोचता हूँ कि कब ये मम्मी के बूब्स मेरे सामने खुले होंगे और कब मैं इन्हें दबाऊँगा।
मेरे पापा तो हमेशा जॉब की वजह से बाहर ही रहते हैं और घर पे तो सिर्फ़ मैं और मम्मी ही रहते हैं। मैं भी दिन में कॉलेज में निकल जाता हूँ तो मम्मी कभी अपनी फ्रेंड के घर चली जाती हैं या उनसे फोन पर बातें करती हैं या फिर फेसबुक से ऑनलाइन चैटिंग करती रहती हैं।
ये बात तब मुझे पता चली जिस दिन मुझे कॉलेज पर छुट्टी थी और मैं घर पर था। मम्मी नहाने के लिए गई थीं तो मैंने मम्मी का फोन उठा लिया और चेक करने लगा। मम्मी मोबाइल लॉक करना भूल गई थीं।
मैंने मम्मी का फेसबुक ओपन किया तो देखा कि मम्मी सिर्फ़ आंटी के साथ ही चैटिंग करती थीं और वो आंटी मम्मी की फ्रेंड थीं। मैंने उनकी चैटिंग पढ़ना स्टार्ट किया तो आगे जाकर देखा कि दोनों सेक्स के बारे में भी चैटिंग करते हैं और दोनों के दोनों चुदाई के लिए बहुत ही तरस रहे हैं।
मैंने सोचा क्यों न अब मैं ही मम्मी की प्यास बुझा दूँ। मेरे लिए भी ये बात बहुत अच्छी रहेगी क्योंकि मुझे भी एक बिल की ज़रूरत थी जिसके अंदर मैं अपना लंड डालकर अपना पानी निकाल सकूँ। मैं भी मुठ मार-मार के तंग आ गया था।
मैंने भी एक औरत के नाम का फेक आईडी बनाया और मम्मी को रिक्वेस्ट की। मम्मी ने दूसरे दिन मेरी रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। मैंने मम्मी को हाय किया तो मम्मी ने भी मुझे हाय किया और मुझसे मेरा नाम पूछा।
मैंने अपना नाम अंजलि बताया। मैंने भी मम्मी को उनका नाम पूछा तो उन्होंने भी मुझे उनका नाम बताया। उस दिन हमारी उतनी ही चैटिंग हुई और दूसरे दिन से फिर हमारी अच्छी सी चैटिंग होने लगी। हम दोनों फेसबुक पर ही अच्छे फ्रेंड बन गए।
कुछ दिन बीतने के बाद मैंने मम्मी से सेक्स का टॉपिक छेड़ा तो मम्मी ने मुझसे कहा कि वो सेक्स के लिए बहुत ही तड़पती हैं पर क्या करें, उनके पति ही घर पर नहीं रहते। उन्होंने बताया कि वो सेक्स के लिए हमेशा ही प्यासी रहती हैं।
मैंने मम्मी से कहा, “तो फिर तुम अपने बेटे से क्यों नहीं अपनी प्यास बुझाती?”
मम्मी ने मुझसे कहा, “तुम ये क्या कह रही हो?”
मैंने कहा, “वही जो सच है। मैं भी तो डेली अपने बच्चे से चुदती हूँ।”
मम्मी मेरी बातों पर गौर करते हुए मुझसे बोलीं, “पर बेटे से कैसे कर सकती हूँ?”
मैंने बताया, “बस तुम अपने बेटे को कुछ अपनी सेक्सी अदाएँ दिखाओ। वो खुद-ब-खुद ही तुम्हारी ओर अट्रैक्ट हो जाएगा और तुम्हारी प्यास बुझा देगा।”
मम्मी ने कहा, “ठीक है, मैं ट्राई करके देखती हूँ।”
शाम को जब मैं स्कूल से आया तो मम्मी मेरे सामने अपनी साड़ी का पल्लू थोड़ा नीचे झुकाने लगीं ताकि मेरी नज़र उनके उभारों पर जा सके। फिर रात को जब हम खाना खाने लगे, मम्मी जानबूझकर मुझसे टकराईं और मेरे हाथों में मम्मी के बूब्स आ गए। मैंने भी धीरे से उन्हें दबा दिया।
खाना खाने के बाद मैं सोने को जाने लगा तो मम्मी ने मुझे उनके साथ ही उनके रूम में सोने के लिए कहा। मैं मम्मी के साथ उनके कमरे में सोने के लिए गया। रात को जब मैं मम्मी के साथ उनके ही बेड पर सोया था तो रात को मम्मी सोने का नाटक करते हुए उन्होंने अपने ब्लाउज़ के ऊपर का साड़ी का पल्लू निकाल लिया था और अपने ब्लाउज़ के 2 हुक भी खोल दिए थे।
मेरे सामने मम्मी के आधे से भी ज़्यादा बूब्स खुले थे। मैं अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पाया और मेरा लंड मेरी पैंट में ही खड़ा हो गया। मैंने हिम्मत करते हुए अपना हाथ आगे बढ़ाया और मम्मी के बूब्स पर रख दिया।
धीरे-धीरे मम्मी के बूब्स को ब्लाउज़ के ऊपर से ही मसलता रहा और मम्मी भी मज़े ले रही थीं पर सोने का नाटक कर रही थीं। ये सब मुझे पता था। मैंने मम्मी के ब्लाउज़ के और 2 बटन निकाल लिए और मम्मी के बूब्स ब्लाउज़ की क़ैद से आज़ाद कर दिए। उनके बूब्स को अपने मुँह में लेकर बहुत देर तक चूसता रहा।
कुछ देर चूसने के बाद फिर से मैंने मम्मी के ब्लाउज़ के हुक लगा दिए और सो गया।
दूसरे दिन जब मैंने फेसबुक ओपन किया तो मम्मी का मुझे मैसेज आया—
मम्मी: तुमने जो प्लान बताया था वो मैं कामयाब हो गई हूँ और आज तो मेरे बेटे ने तो मेरे बूब्स भी बहुत अच्छी तरह से चूसे।
मैं: वेरी गुड। इसी तरह तुम अपने बेटे को अपना बदन दिखाती जा। वो अपने आप ही तुझे चोद डालेगा।
ऐसी कुछ चैटिंग और हमने फेसबुक ऑफ़ कर दिया। फिर जब मैं शाम को घर आया तो मम्मी आज कुछ ज़्यादा ही मुझे अपना बदन दिखाती रहीं। मम्मी ने आज भी मुझसे कहा कि बेटे, आज से तुम मेरे साथ ही सोया करो। मुझे अकेले में बहुत डर लगता है।
मैंने मम्मी को उनके कमरे में सोने के लिए हाँ कर दी और मैं रात को उनके साथ उनके कमरे सोने को गया। मैंने देखा कि अब मम्मी ने सोने का नाटक किया है।
मैंने मम्मी के ब्लाउज़ के सारे बटन खोल दिए और उनके बूब्स को ब्लाउज़ निकाला और ज़ोर-ज़ोर से मसला। बाद में मुँह में लेकर चूसा। फिर मैं नीचे की ओर बढ़ते हुए मम्मी की साड़ी को उनकी जाँघों तक ऊपर किया।
मैंने मम्मी की साड़ी को थोड़ा उनकी जाँघों तक ऊपर खींचा तो मम्मी की पैंटी मुझे नज़र आने लगी। मैंने मम्मी की पैंटी थोड़ी नीचे खींची तो उनकी गुलाब जैसी एकदम मसालेदार चूत मेरे सामने आ गई। मैं तो मम्मी की चूत को देखकर बहुत ही ख़ुश हो गया।
क्योंकि आज तक मैंने कभी भी किसी औरत की चूत नहीं देखी थी और आज पहली बार मेरे सामने एक औरत की चिकनी चूत थी और वो भी मेरे नसीब में मेरी मम्मी की ही चूत थी। मैं पूरा गरम हो गया था। मैंने झट से अपनी दो उँगलियाँ मेरी मम्मी की चूत में डाल दीं और उसे धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। पर मम्मी अभी भी सोने का ही नाटक कर रही थीं।
मैं भी मम्मी की चुदाई की प्यास देखकर बहुत ही ख़ुश था। मैंने थोड़ी देर तक मम्मी की चूत में उँगली डाली। बाद में मैं उठकर मम्मी के बूब्स की तरफ़ आया और मम्मी के बूब्स को बहुत देर तक दबाया। बाद में मैंने अपना लंड मम्मी के मुँह की तरफ़ लिया और मम्मी के होठों पर थोड़ी देर तक रगड़ा।
मम्मी धीरे-धीरे अपनी जीभ को मेरे लंड पर लगातीं पर अभी भी सोने का नाटक कर ही रही थीं। फिर कुछ देर के बाद मैं मम्मी की चूत की तरफ़ बढ़ा और मेरा लंड मैंने हाथ से पकड़ा और मम्मी की चूत पर सेट किया। एक धक्का मारा तो मेरा लंड दूसरी तरफ़ हट गया क्योंकि मैं किसी औरत को पहली बार चोद रहा था।
मैंने फिर से लंड को मम्मी की चूत पर सेट किया और फिर से एक ज़ोरदार धक्का मारा। झट से लंड मम्मी की चूत को चीरते हुए उनकी चूत में घुसा और मम्मी की चीख निकल पड़ी। मम्मी सोने का नाटक करते हुए बोलीं—
मम्मी: ये कौन है?
मैं: मम्मी मैं हूँ।
मम्मी: बेटा तुम इतनी रात को क्या कर रहे हो?
मैं: माँ मैं आपके कुएँ में मेरा पानी डाल रहा हूँ।
मम्मी: जल्दी डालो बेटा, ये तो कब से खाली है। आज तुम इसे अपने पानी से पूरा भर देना।
मैं: उसकी चिंता मत कीजिए मम्मी, मैं आपका कुआँ पूरा भर दूँगा।
मम्मी: तो डाल ना बेटा, जल्दी।
फिर मैंने जल्दी से फिर से मम्मी को एक ज़ोरदार धक्का मारा। इस बार तो मेरा पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत में गया और मम्मी ज़ोर-ज़ोर से चीखने लगीं। मैं मम्मी को कसके पकड़कर खचाखच चोदने लगा।
मुझे मम्मी को चोदने में बहुत ही मज़ा आने लगा और मम्मी को भी अब मुझसे चुदने में बहुत मज़ा आने लगा था। इसीलिए मम्मी भी मेरा साथ देते हुए गाँड उछाल-उछाल कर मेरा साथ देने लगीं और मुझसे कहतीं—
मम्मी: डाल बेटा अंदर… और अंदर डाल… फाड़ दे आज अपनी माँ की चूत और बन जा आज मेरा पति।
मैं: हाँ माँ, तू चिंता मत कर। आज मैं तेरी पूरी चूत फाड़ दूँगा और आज मैं तुझे अपनी रंडी बना लूँगा।
मम्मी: हाँ बेटा, मैं तेरी रंडी हूँ। चोद मुझे।
फिर मैं कसके चोदने लगा मम्मी को। पंद्रह मिनट में मेरा माल निकला तो वो सारा माल मैंने मम्मी की चूत में छोड़ दिया और मम्मी की चूत भी मेरे वीर्य से पूरी भर गई। फिर मैं कुछ देर के लिए मम्मी के ऊपर ही लेटा रहा और फिर कुछ देर के बाद मम्मी के बाजू में लेट गया। मम्मी मेरी तरफ़ पीठ करके लेटी थीं।
मैंने कुछ देर के बाद मम्मी की गर्दन पर पीछे से किस करने लगा तो मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा और मम्मी की गाँड पर उसका टच होने लगा। मम्मी को उनकी गाँड पर मेरे लंड का टच बहुत अच्छा फील हुआ। मैंने झट से मम्मी की गाँड पर लंड सेट किया तो मम्मी बोलने लगीं—
मम्मी: नहीं बेटा, मैंने पीछे से कभी नहीं किया।
मैं: तो आज कर लो।
मम्मी: नहीं प्लीज़, तुम्हारा बहुत बड़ा है।
मैं: आज से तू मेरी रंडी है और आज मैं तेरी गाँड की सील तोड़ूँगा।
फिर मैंने ज़ोर का धक्का मारा तो लंड थोड़ा अंदर घुसा। मम्मी को बहुत दर्द हुआ और मम्मी की आँखों से आँसू आ गए। फिर मैंने और एक झटका मारा तो लंड आधे से ज़्यादा मम्मी की गाँड में घुसा पर मम्मी को इसका बहुत ही दर्द हो रहा था।
फिर मैंने एक और झटका मारा और इस बार लंड मम्मी की गाँड में पूरा घुस गया। मम्मी ने भी राहत की साँस ली और अब मैंने ज़ोर से धक्का मारना चालू किया। मम्मी की गाँड से खून निकला तो मैं मम्मी को बोला—
मैं: देख माँ, आज मैंने तेरी गाँड की सील तोड़ी।
मम्मी: हाँ मेरे राजा, आज से तू मेरा पति ही है। चोद मुझे ज़ोर से।
फिर मैं मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने सारा माल मम्मी की गाँड में डाल दिया और मैंने मम्मी की गाँड भी अपने माल से पूरी भर दी। अब मैंने अपना लंड मम्मी की गाँड से बाहर निकाल लिया और मम्मी के बाजू में सो गया। उस दिन मेरा भी लंड ठंडा पड़ गया।
मम्मी ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और उसे बहुत देर तक चूसा पर उस दिन मेरा लंड बाद में खड़ा नहीं हो पाया। तो मैं और मम्मी दोनों सो गए। फिर सुबह उठकर मैं कॉलेज चला गया। जैसे ही मैंने नेट ओपन किया तो मुझे मम्मी का मैसेज आया।
मम्मी: हाय।
मैं: हाय।
मम्मी: आज मुझे मेरे बेटे ने आख़िरकार चोद ही डाला।
मैं: तो मज़ा आया ना?
मम्मी: हाँ मज़ा तो आया पर…
मैं: पर क्या?
मम्मी: पर उसका दो बार ही उठा।
मैं: इसका मतलब है तुम्हारी प्यास अधूरी रह गई है। तो तुम किसी और के साथ एक बार ट्राई करके देख ना।
मम्मी: अरे नहीं-नहीं, किसी ग़ैर के साथ नहीं।
मैं: अरे कुछ नहीं होगा। एक बार ट्राई तो करके देख।
मम्मी: ठीक है, कुछ सोचती हूँ।
हमने चैटिंग क्लोज़ कर दी। शाम को जब कॉलेज छूटी तो मैं घर की तरफ़ आ रहा था। मुझे मेरे दोस्त के पापा रास्ते में मिले। मैंने उनको हमारे घर बुला लिया। अंकल मेरे साथ घर आए। मैंने घर की बेल बजाई और मम्मी दरवाज़ा खोलने आईं।
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