बेटे की अजीब ख्वाहिश 1
Maa beta secret affair and chudai kahani:- नमस्कार दोस्तों। बहुत सी कहानियाँ पढ़ी होंगी, मैंने बहुत तो नहीं कुछ ही पढ़ी हैं। कहानियाँ कुछ नहीं होतीं पर हमारे ही जीवन से कहीं न कहीं इंस्पिरेशन होतीं, जो कुछ हमने देखा या पढ़ा होगा, उसमें ही हम कुछ और अपना इमेजिनेशन डालके ही जो कागज़ पे लिखते हैं वही होती हैं कहानी।
कॉलेज के टाइम से ही जैसे बहुत से लड़कों को होता है शौक मुझे भी हो गया था। उस शौक का नाम था इनसेस्ट। हाँ ये एक अजीब शौक है जो बिना कुछ किए ही बस फैंटसी करके भी बहुत ज्यादा मज़ा और उत्तेजना देता है। वो कॉलेज के दिनों में घंटों लैपटॉप पे दिन बिताना, कॉलेज बंक करके और इनसेस्ट स्टोरीज पढ़ना, खुद भी लिखना, इनसेस्ट वीडियोस देखना। ये सब मिलकर एक अलग ही दुनिया में ले गया मुझे भी।
मैं जो कहानी लिखने जा रहा हूँ वो शायद दूसरी कहानियों से अलग है क्योंकि इसमें सेक्स नहीं है पर हाँ आजकल तो सेक्स के अलावा भी बहुत सारे ‘फेटिश’ आ गए हैं लोगों को और फिर इनसेस्ट भी ऐसे फेटिश से दूर नहीं है ना।
Maa beta secret affair and chudai hindi sex story
हाँ दोस्तों, तो अब कहानी में आते हैं। जैसे कि मैंने बताया था कि अब सोनू कॉलेज में पढ़ रहा है और उसके साथ-साथ उसके मोहल्ले के दोस्त अभिनव और राज भी उसी कॉलेज में पढ़ते हैं। पढ़ाई में काफी अच्छा और कॉलेज में सोनू फर्स्ट आया था पूरे। अब कॉलेज में आकर उसको भी क्या पता था कि उसकी जिंदगी बदलने वाली है।
कॉलेज थोड़ा सा घर से दूर था इसलिए अभिनव की कार में ही सोनू और राज मिलके जाते थे। अब सोनू भी जवान हो रहा था और जैसे कि हर जवान लड़के के साथ होता, उसके भी मन में काम भावना पैदा होने अब लग गई थी। और ऐसा ही कुछ हाल राज का भी था। पर अभिनव तो कॉलेज से ही थोड़ा सा फास्ट था। अमीर बाप का बेटा था, थोड़ा सा वो पढ़ाई में वीक था पर उसका समय अक्सर वीडियो गेम खेलने में या फिर इंटरनेट पर सेक्स स्टोरीज, या सेक्स वीडियोस देखने में ही निकल जाता था।
कॉलेज को कार में जाते-जाते अब सोनू, अभिनव और राज में भी सेक्स के बारे में बातें धीरे-धीरे शुरू हो गईं और वो अब जैसे रोज़-रोज़ बढ़ते ही जा रही थीं बातें। कभी-कभी तो अभिनव कार में ही सोनू और राज के लिए सेक्स स्टोरीज या फिर सेक्स वीडियोस लगाके देता तो सोनू और राज पढ़ते-पढ़ते अपना समय काटने लगे।
ऐसे ही एक-दो महीने के बाद सोनू की भी सेक्स के प्रति रुचि बढ़ते ही जा रही थी। अब शायद उसको वो नॉर्मल सेक्स की कहानियाँ या सेक्स के वीडियोस जो अभिनव दिखा रहा था उनमें वो मज़ा नहीं आ रहा था। ये बात सोनू ने अभिनव को भी बताई तो उसने बोला कि चिंता मत करो वो अब सोनू और राज को कुछ ऐसी स्टोरीज या वीडियोस दिखाएगा जिसकी रुचि जिंदगी भर कम नहीं होगी। सोनू को बिल्कुल भी आइडिया नहीं था कि अभिनव उसको इनसेस्ट स्टोरीज या वीडियोस की दुनिया की सैर कराने वाला है।
सोनू: अरे यार अभिनव, हम्म अब बोर हो गया ये सेक्स स्टोरीज पढ़-पढ़के और वो वीडियोस में भी अब वो मज़ा नहीं आ रहा यार।
अभिनव: चिंता मत कर ना सोनू, अभी तो मैंने असली चीज़ से तुम लोगों का परिचय ही नहीं कराया। वो ऐसी चीज़ है जिसका मज़ा कम नहीं होता कभी। जितना भी वो पढ़ो या देखो या महसूस करो, बस मज़ा जैसे बढ़ता ही जाता है।
सोनू: ऐसी कौनसी चीज़ है बता तो हाँ।
अभिनव: अरे बताऊँगा बताऊँगा क्यों टेंशन लेता है, पर एक बात है कि तू मुझे कुछ गलत नहीं समझेगा वो अगर मैं बताऊँगा तो। वो बस मैं तो फैंटसी के लिए ही दिखा रहा हूँ बाकी कुछ नहीं है।
सोनू: अरे हाँ यार नहीं समझूँगा गलत क्यों हम तो इतने अच्छे दोस्त हैं और हमारे बीच कुछ सीक्रेट्स भी नहीं हैं।
अभिनव: अच्छा ठीक है फिर आज कॉलेज बंक मार देते हैं वैसे भी तो आज दो ही लेक्चर होने वाले हैं और फिर हम लॉन्ग ड्राइव मारके वो आउटस्टेशन पार्क में जाके बैठेंगे।
सोनू: अच्छा यार ठीक है पर सुन ये बंक वाली बात किसी को ना पता चलने चाहिए खासकर हमारे घर में।
अभिनव: अरे कैसे पता चलेगी, वैसे भी हम तो रेगुलरली जाते हैं कॉलेज एक बार बंक कर दिया तो कौनसा पहाड़ टूट जाएगा।
उस दिन सोनू और अभिनव ने कॉलेज बंक कर दिया, राज नहीं था उस दिन वो अपने फैमिली के साथ आउटस्टेशन गया था तो बस सोनू और अभिनव ही कॉलेज को बंक करके कार में बैठे और लॉन्ग ड्राइव पे निकल गए और सिटी आउटस्कर्ट्स के पास चले गए।
अभिनव: हाँ सोनू देख यहाँ एकदम साइलेंट है और शांति रहती है।
सोनू: हाँ काफी शांत जगह है दूर-दूर तक कोई नहीं दिख रहा।
अभिनव: अच्छा आज तुझे मैं कुछ खास दिखाऊँगा जिससे मुझे यकीन है कि तू फिर खुद ही उसका फैन हो जाएगा।
सोनू: हाँ प्लीज दिखा ना कल से तो कह रहा है मैं भी तो देखूँ आखिर क्या चीज़ है।
अभिनव ने अब अपना लैपटॉप निकाला और नेट अपने फोन से उस पर कनेक्ट किया और कुछ अच्छी सी इनसेस्ट स्टोरीज को दिखाने लगा। वो सब स्टोरीज सिर्फ माँ-बेटे की ही कहानियाँ थीं।
सोनू अब जैसे हक्का-बक्का होकर उन कहानियों को पढ़ने लगा। वो कहानियाँ पढ़ रहा था और अभिनव अपने फोन में कुछ वीडियोस देख रहा था। आज दोनों ने कॉलेज बंक किया तो बहुत ज्यादा फुर्सत में थे दोनों। सोनू ने दो-तीन घंटे में ही 3-4 लंबी-लंबी कहानियाँ पूरी खत्म कर दी पढ़के और जैसे उसके माथे पर पसीना सा आ रहा था इस सर्दी के मौसम में भी अब। वो हर एक कहानी को पढ़के अपने बैग से वॉटर बॉटल निकाल के पानी पीना जैसे कि खुद को शांत कर रहा हो। अभिनव भी शायद अब सोनू की हालत देखकर समझ रहा था कि अजीब सी बेचैनी थी उन कहानियों को पढ़ने के बाद सोनू में।
अभिनव: क्या हुआ सोनू, पढ़ी क्या कहानियाँ तूने।
सोनू: हाँ यार पढ़ ली, पर ये तो सब माँ-बेटे की हैं, ऐसा कुछ गलत तो नहीं ना यार।
अभिनव: अरे गलत कैसा, ये सब जिसने भी कहानियाँ लिखी हैं बस फैंटसी के लिए लिखी हैं, और वैसे भी आजकल तो इनसेस्ट फैंटसी बहुत से लड़के करते हैं यार।
सोनू: अच्छा पर ये ऐसा सोचना गलत नहीं क्या मेरा मतलब कि माँ के बारे में ही फैंटसी करना इमेजिन करना।
अभिनव: सोनू कोई रियल में थोड़ी ना कर रहा और वैसे भी कुछ फॉरेन के कंट्रीज में तो मैंने सुना है इनसेस्ट लीगल भी है। इसलिए तो वहाँ इनसेस्ट के वीडियोस भी बनते रहते हैं बहुत सालों से।
सोनू: अच्छा वो सब तो ठीक हैं पर गिल्टी सा कुछ फील नहीं होता क्या तुझे।
अभिनव: गिल्टी किसलिए यार, ये सब तो फैंटसी की बात है ना, अच्छा तुझको पसंद नहीं आई तो ठीक है मैं अबसे नहीं दिखाऊँगा ये स्टोरीज।
सोनू: आज के लिए काफी है यार चल चलते हैं अभी।
अभिनव: हाहा अच्छा ठीक है चल चलते हैं।
अब सोनू और अभिनव कार में बैठके घर को चल दिए। सोनू के दिमाग में बस पर वही कहानियाँ जैसे घूम रही थीं और उसके दिमाग से जा नहीं रही थीं। घर पहुँच गया सोनू और घर पर उसकी मम्मी पूनम देवी दादी के साथ बातें कर रही थीं हॉल में।
एग्जाम्स आ गए अब और सोनू ने खूब मेहनत की और हर एग्जाम को अच्छे से दिया। अब आज एग्जाम का आखिरी दिन था तो सोनू ने बोला था घर पर अपनी मम्मी पूनम देवी को कि दोस्तों के साथ आज फिल्म को जा रहा तो आते हुए लेट होगा। आखिरी एग्जाम जैसे ही खत्म हुआ तो सोनू, अभिनव और राज मिलके फिर से लॉन्ग ड्राइव पे निकल गए। फिर वही उनकी फेवरेट जगह पर जाके बैठ गए वो।
अभिनव: क्यों सोनू, हाँ वो कहानियाँ फिर से पढ़ने का मन है क्या।
राज: अरे कौनसी कहानियाँ, मुझे तो बताए ही नहीं।
सोनू: अरे वो तू नहीं था ना तब, तू शादी में गया था तब वो मैंने पढ़ी अभिनव ने दिखाई थी तो।
राज: अरे मुझे भी तो दिखा ना मुझे भी मन है पढ़ने का।
अभिनव ने अब राज को वो स्टोरीज दिखाए तो वो पढ़ने लग गया।
अभिनव: सोनू तुझे भी है मन तो तू भी पढ़ ले मेरे मोबाइल पे हैं वो सेव्ड।
सोनू ऊपर से तो ना बोलना चाहता था पर उसको भी अंदर से ना जाने क्यों बहुत ही इच्छा हो रही थी उनको पढ़ने का।
अभिनव: अरे पढ़ ले ना वैसे भी कोई नहीं है यहाँ, ये ले।
सोनू भी अब अभिनव का मोबाइल लेके स्टोरीज पढ़ने लग गया। एक घंटा बीत गया।
राज: अरे यार ये तो इनसेस्ट कहानियाँ हैं माँ-बेटे की।
अभिनव: हाँ क्यों अच्छी नहीं लगी क्या।
राज: उम्म अच्छी तो हैं यार, पर एक बार मैंने भी पढ़ी थी चुपके से।
सोनू: अच्छा राज तू तो छुपा रुस्तम है। पहले भी पढ़ी और हमको बताया भी नहीं।
राज: अरे वो मैंने सोचा फिर तुम लोग कुछ गलत समझोगे इसलिए नहीं बताया।
अभिनव: अरे गलत क्या समझना आजकल तो सब लड़के पढ़ते हैं और इनसेस्ट स्टोरीज का ही डिमांड है तू देख हर वेबसाइट्स पे उसकी ही व्यूज सबसे ज्यादा आती हैं।
सोनू: हाँ पर ये सब कहानियाँ पढ़ने के बाद दिमाग खराब नहीं होता क्या।
अभिनव: क्या होगा कहानियाँ पढ़ने से बस फैंटसी करते हैं यार लोग।
राज: हाँ फैंटसी तो करते पर ये माँ-बेटे की कहानियाँ पढ़के मॉम पे फैंटसी करते हैं क्या?
ये सुनके जैसे सोनू के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने कभी अपनी माँ पूनम देवी के बारे में ऐसा नहीं सोचा था। पर ये कहानियाँ पढ़के और उसके दोस्तों की बातें सुनके जैसे पहली बार उसके दिमाग में अचानक ही उसकी माँ पूनम देवी का सुंदर मुख एकदम से आँखों के सामने आ गया, पर वो फिर मन में गिल्टी फील करके खुद के माइंड को डायवर्ट करने लग गया। पूनम देवी का सुंदर मुख अचानक मन में आ गया था सोनू के।
सोनू के दिमाग में अचानक से उसकी मम्मी पूनम देवी का सुंदर चेहरा पहली बार आया था उस तरह से जब उसके दोस्त अभिनव और राज बात कर रहे थे इनसेस्ट के बारे में। अभिनव और राज तो अब डिटेल्ड में ही बात करने लग गए और सोनू तो बस चुपचाप सुन रहा था।
अभिनव: अरे राज वैसे मुझे तो लगता है कि इनसेस्ट की कहानी में ही सबसे ज्यादा मज़ा होता है।
राज: अभिनव वैसे बात तो सही बोला यार मैंने जब एक बार पढ़ी थी इनसेस्ट कहानी तो बस हफ्ते भर तक वही सोचता रह गया था।
अभिनव: अच्छा क्या सोचता रह गया बता तो यार।
राज: अरे वही यार कि ऐसे कैसे मेरा मतलब कि इनसेस्ट तो चलो यार किसी दूर के रिलेटिव या फिर कजिन भी ठीक है पर वो सगी माँ-बेटा मतलब मुझे तो दिमाग ही खराब हो गया था पढ़कर।
अभिनव: यार सोनू तू भी तो कुछ बोल ना। क्यों ऐसे साइलेंट सा बैठा है।
सोनू: नहीं कुछ नहीं वो मैं बस सोच रहा था कि ये जो कहानी लिखते हैं लोग वो तो लिखते समय या लिखने की इंस्पिरेशन सब तो वो इनसेस्ट से लेते होंगे। मेरा मतलब कि माँ-बेटे की कहानी लिखी तो उस राइटर ने पहले सब इमेजिन तो किया होगा और लिखा होगा ना।
अभिनव: बिल्कुल अरे बिना इमेजिन किए कैसे लिख सकता वो भी इतने सारे पेज और लाइन्स और कुछ ने तो बहुत सी कहानियाँ लिखी हैं।
राज: हाँ मैंने जो कहानी पढ़ी थी वो काफी बड़ी थी लगभग 40 पेज की कहानी थी।
सोनू: हाँ पर मेरा मतलब है कि अपनी ही सगी माँ के साथ ऐसा इमेजिन करना गलत नहीं क्या गिल्ट फीलिंग आती होगी ना।
अभिनव: अरे सोनू तू भी कौनसी दुनिया में रहता है यार, लोग आजकल तो क्या-क्या इमेजिन करते और वेस्टर्न कंट्रीज में तो ये सब 60s 70s में ही ऐसी स्टोरीज और वीडियोस बन चुके।
सोनू: नहीं मेरा मतलब कि अपनी ही मॉम को फिर उस नजर से देखना या सोचना गलत होगा ना।
अभिनव अब दो मिनट तक जैसे खामोश रहा और फिर बोल पड़ा।
अभिनव: तुम दोनों को एक सच बात बताऊँ क्या मैं पर किसी से कहना मत।
राज: हा हा बता ना यार नहीं कहेंगे किसी से भी बता बता।
अभिनव: मैं तो एक साल से ज्यादा समय से इनसेस्ट स्टोरीज पढ़ रहा… वीडियोस देख रहा और कुछ महीने से मुझे मेरे मॉम के बारे में भी ख्याल आने लगे हैं।
ये सुनके तो सोनू और राज दोनों ही हैरान हो गए पर अभिनव जैसे अब दोनों को कन्विंस करने लगा कि उसका ऐसा करना कुछ गलत नहीं है।
अभिनव: यार तुम लोग मुझे गलत मत समझो… पर वो इनसेस्ट में इतना डूबने के बाद तो कोई भी मेरे जैसा ही बिहेव करेगा और फिर मैं तो बस मेरी मॉम को देखता हूँ ना कुछ ऐसा वैसा किया क्या। वैसे भी मेरी मॉम या तुम्हारी मॉम अगर मार्केट जाए या फंक्शन में जाए तो हजारों लोग की नजर पड़ती होगी उन पर। हम क्या बता सकते कि कौनसा आदमी दिल में क्या सोच रहा है।
सोनू: यार अरे पर तेरी सगी मॉम है ना ऐसा सोचना गलत है ना कोई गर्लफ्रेंड बना ले तू फिर उसके बारे में सोचा कर।
राज: हाँ अभिनव वो इनसेस्ट स्टोरीज और वीडियोस देखने तक तो ठीक है पर यार सगी मॉम को उस नजर से देखना गलत है सोनू ठीक ही कह रहा है।
अभिनव: तुम लोगों ने अभी एक-दो स्टोरी पढ़ी है अभी तुमको पता नहीं और इतने सारे लड़के ऑनलाइन पे आजकल मुझ जैसे ही फैंटसी करते इसमें किसी का क्या नुकसान है। बस देखने में सोचने में इमेजिन करने में क्या नुकसान हो जाएगा।
सोनू: अभिनव पर सोच कभी तेरी मॉम को ये पता चल गया तो क्या होगा हाँ इसलिए मैं सोचता हूँ कि ये सब सोचना ठीक नहीं।
अभिनव: सोनू मैं क्या कुछ गलत थोड़ी ही करता हूँ और मेरी मॉम को पता चल जाए तो भी क्या होगा गुस्सा करेंगी डाँटेंगी हाँ। मॉम्स को हमसे बहुत प्यार होता है मॉम का गुस्सा ज्यादा दिन तक नहीं टिकता है हाँ बस हमारे डैड्स को नहीं पता चलना चाहिए हाहा।
राज: अबे तेरी मॉम ने गर तेरे डैड को बोल दिया तो खैर नहीं फिर तेरी हाहा… एक महीने का तेरा पॉकेट मनी बंद कर दिया तेरा तो तुझे पता चलेगा डैड क्या चीज़ है हाहा।
सोनू: हाहा अरे अभिनव सच में तेरे डैड को पता चला ना फिर ये सब लक्जरीज गई समझ।
अभिनव: यार तुम लोग भी ना। मैं जानता हूँ मैं कहाँ कुछ करने वाला हूँ गलत बस ऐसे ही घर बैठे मॉम को देखता हूँ जब डैड घर पे ना हो तभी और ये स्टोरीज वगैरह तो सब मेरे लैपटॉप ने फोन में पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखता हूँ।
सोनू: अच्छा पर यार फिर भी… सँभाल के।
राज: हाँ यार सँभाल के इनसेस्ट स्टोरीज बस इमेजिनेशन तक ही रखना।
अभिनव: अच्छा अभी तो हमको कॉलेज को भी छुट्टियाँ हैं ना एक काम करते हैं फिर। मैं तुम दोनों को कुछ स्टोरीज और वीडियोस भेजूँगा ईमेल पे तुम लोग वन वीक तक वो पढ़ो और वीडियोस देखो और फिर मुझे बताना कि मैं जो करता हूँ गलत है या सही है। पर शर्त ये होगी कि वन वीक तक हम नहीं मिलेंगे और तुम लोगों को वो स्टोरीज वीडियोस सब देखने होंगे। बोलो है क्या शर्त मंजूर।
राज: हाँ मुझे तो शर्त मंजूर है पर हमको वैसा कुछ गलत ना लगे तो फिर तुझे हमको केएफसी चिकन की ट्रीट देनी होगी रेस्तराँ में।
सोनू: हाँ ठीक है पर ये बात किसी और को ना पता चले और सुन अगर हमको कुछ गलत फीलिंग्स ना लगे तो फिर तुझे भी तेरी मॉम के बारे में सोचता है वो सब बंद करना होगा।
अभिनव: अच्छा चलो डन… फिर मैं आज शाम को ही तुम दोनों के ईमेल पे भेज दूँगा फाइल्स और आज से ठीक वन वीक बाद हम मिलेंगे और सुनो इस बीच हम एक-दूसरे से कॉन्टैक्ट भी नहीं करेंगे। वन वीक बाद इधर ही ग्राउंड में मिलेंगे। डन ना तुम लोग को मंजूर है ना।
सोनू ने भी हाँ कर दी पर उसको शायद पता नहीं था कि उसका जीवन पूरा 360 डिग्री का टर्न लेने वाला था।
सोनू और राज अब अपने-अपने घर चले आए और शाम को करीब 6 बजे अभिनव ने दोनों को स्टोरीज और वीडियोस की फाइल्स ईमेल कर दी। दोनों को फाइल्स भेजने के बाद अभिनव ने फोन करके भी बता दिया कि चेक कर लेना। सोनू अब कुछ देर बाद अपनी माँ पूनम देवी, पिताजी और दादी के साथ रात 8 बजे डिनर करके अपने रूम में गया और अब लैपटॉप खोला। उसने अपना ईमेल में लॉगिन किया और चेक किया अभिनव का ईमेल था और उसमें उसने एक बड़ी सी फाइल जिप करके भेजी थी। नियरली 5 जीबी की फाइल थी वो और अब सोनू उसको अनजिप करने लगा तो देखा कि उसमें 5 बड़े पीडीएफ फाइल्स थे स्टोरी के और 4 वीडियोस थे।
सोनू सोचने लगा कि क्या करूँ इनको पढ़ूँ… वीडियोस देखूँ या फिर नहीं अभिनव को झूठ-मूठ बोल दूँ कि मैंने सब पढ़ लिया देख लिया… सोनू अपना लैपटॉप साइड में रखकर लेट गया पर पता नहीं आज उसको नींद नहीं आ रही थी। डेली वो जल्दी 9 बजे ही सो जाता था पर आज नींद बिल्कुल नहीं आ रही थी उसको। अब उठके वो फिर से लैपटॉप खोलके उन फाइल्स को चेक करने लगा और इनसेस्ट कहानी पढ़नी शुरू कर दी… उधर राज तो ऑलरेडी अब तक एक स्टोरी पूरी पढ़ चुका था दो घंटे से पढ़ रहा था और स्टोरी बहुत ही कामुक थी जिसकी वजह से राज तो बार-बार पानी पीता और खुद को शांत रख रहा था।
सोनू अब करवट बदल रहा इधर-उधर बिस्तर पर और बस उसके दिमाग में वही सब चल रहा। ऐसे ही करवट बदलते हुए सोनू को कब आँख लग गई पता ही नहीं चला। सुबह के 6 बजे हैं। सर्दी का मौसम है। अचानक से सोनू की आँख खुल गई। उसने अँगड़ाई ली और धीरे से उठा बेड से। जाके हॉल में देखा तो सारे घर में सन्नाटा है। सब लोग घर में सो रहे। फिर से लौट के आ गया वो अपने रूम में और आकर अब वो फिर से अपना लैपटॉप खोला और अब वो अभिनव का भेजा हुआ एक इनसेस्ट वीडियो खोल दिया।
वीडियो माँ-बेटे के रोमांस और फिर उनकी काम क्रीड़ा का था फॉरेन का। वो देखते ही गिल्ट फीलिंग से सोनू ने वीडियो बंद किया। सोचने लगा कि ऐसा देखना तो गलत है। कुछ देर लेट गया पर अब शायद उसका दिमाग तो ना बोल रहा था पर उसके दिल ने कहा कि देख लो। इस दिमाग और दिल की लड़ाई के बीच आखिर जंग दिल की ही हुई। फिर से उठके सोनू ने वीडियो ऑन किया और देखने लग गया।
उस 15 मिनट के वीडियो को सोनू आँखें फाड़के बिना पॉज किए देखने लगा और उस करारे की ठंड में भी सोनू के शरीर में अजीब सी गर्मी दौड़ गई। सोनू पूरा वीडियो देखने के बाद हक्का-बक्का रह गया। ऐसा नहीं था कि उसने सेक्स वीडियोस पहली बार देखा था या फिर ये कोई ज्यादा हार्डकोर वीडियो था। पर बात ये थी कि ये माँ-बेटे के बीच इनसेस्ट का वीडियो था। शायद यही बात वो वीडियो उसको बहुत ज्यादा उत्तेजित कर दिया था। उसमें एक बेटे ने अपनी सगी सुंदर माँ को किचन में सेड्यूस करके फिर रोमांस करके सेक्स किया था। ऐसा तो बस ये वीडियो में होता होगा ऐसा सच में थोड़ी ना होता… बस यही सोच के सोनू अपने दिल को समझा रहा था पर उसका शायद दिल नहीं मान रहा था। उसको अब हॉल में कुछ आवाज सुनाई दी।
सुबह के 7 बज गए थे और वो समझ गया उसकी मम्मी पूनम देवी उठ गई होंगी। फिर से सोनू के दिमाग में उसकी माँ पूनम देवी का सुंदर सा चेहरा आँखों के सामने आ गया पर उसने खुद से बोला “छी छी ये क्या सोच रहा मम्मी है मेरी” और खुद के माइंड को डायवर्ट करने लग गया। पर क्या सोनू का दिमाग डायवर्ट हो पाएगा?
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