शालिनी बनी घर की रंडी – 1
Pariwar me chudai ki hindi kahani:- राजेश (46) – शालिनी के पिता। इनकी एक किराना की दुकान है जो ये और इनका बड़ा बेटा मिलकर चलाते हैं।
रीतू (43) – शालिनी की मम्मी। ये एक हाउसवाइफ हैं।
हेमंत (25) – घर का एक लौटा बेटा। बचपन से ही इसकी पढ़ाई में मन नहीं लगता। तो घर के पास से ही इसने ग्रेजुएशन की जिसमें किसी तरह से पास हुआ और फिर अपने पापा के साथ दुकान में ही लग गया।
शालिनी (22) – घर की छोटी लड़की। बचपन से ही पढ़ाई में बहुत ही होनहार। अपने भाई से बिल्कुल ही अलग। 12वीं खत्म होने के बाद ये इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गई थी। और पहली बार घर से बाहर निकलने की वजह से इसने अपने 4 साल फुल एंजॉय किए। और जैसी वो गई थी एकदम भोली लड़की लेकिन वापस आने के टाइम तक ये बिल्कुल ही बदल गई थी। आप ये समझो कि अगर फर्स्ट ईयर में शालिनी के बूब्स का साइज 30 था तो वहीं फोर्थ ईयर में 34 हो गया था।
शालिनी कॉलेज के स्टार्टिंग के वर्षों में तो घर आती थी। लेकिन पिछले 2 साल से वो कभी ट्रेनिंग तो कभी पढ़ाई का बहाना बनाके घर नहीं आई थी। जिसका मुख्य रिजन था शालिनी का बॉयफ्रेंड जो पिछले 2 साल से शालिनी का BF था। शालिनी ने उसके साथ सब कुछ कर लिया था।
Pariwar me chudai ki hindi kahani
लेकिन इस वजह से शालिनी का किसी भी अच्छी कंपनी में जॉब नहीं लगी। लेकिन उसके BF की जॉब बैंगलोर के एक कंपनी में लग गई थी और वो कॉलेज खत्म होने से पहले ही इंटर्नशिप के लिए बैंगलोर चला गया था। और बैंगलोर जाने के बाद उसका इंटरेस्ट शालिनी में कम होने लगा था। जिसके वजह से उनकी लड़ाई भी होती थी और उनका अब ऑन-ऑफ ब्रेकअप चल रहा था।
हेमंत जल्दी-जल्दी तैयार होकर रेलवे स्टेशन के लिए निकल रहे थे। क्योंकि 2 साल बाद शालिनी घर आने वाली थी। शालिनी घर में सबकी दुलारी थी। हेमंत अपनी कार लेकर रेलवे स्टेशन पहुँच जाता है और इंतजार करता है अपनी प्यारी बहन के आने का।
तभी उसकी नजर पड़ती है अपनी बहन शालिनी पर जो कि काफी दिनों के बाद थोड़ी अलग लग रही थी। उसने एक जींस और टी-शर्ट पहन रखा था।
शालिनी पास आकर बोलती है।
शालिनी: पापा नहीं आए??
हेमंत: नहीं वो दुकान पे हैं।
और फिर हेमंत ना चाहते हुए भी शालिनी को ऊपर से नीचे तक देखता है और बोलता है।
हेमंत: तू तो मोटी हो गई है।
शालिनी प्यार से बोलती है।
शालिनी: ऐसा है क्या? लग रहा अब तो जिम जॉइन करना पड़ेगा।
हेमंत: नहीं नहीं अच्छी लग रही। बस थोड़ी अलग लग रही ना। इसलिए बोला।
शालिनी हँसते हुए।
शालिनी: अब कवर मत करो भैया। हाँ यार मोटी हो गई हूँ। अब डाइटिंग करूँगी।
हेमंत: चल ठीक है। इतना ही सामान है?
शालिनी: हाँ बस इतना ही है। कुछ सामान वहीं एक दोस्त के वहाँ रख दिया। कितना लेकर आती।
हेमंत: हाँ सही किया।
शालिनी सामान लेकर आगे चलती है और हेमंत की नजर शालिनी की गाँड पे पड़ती है जो कि मटक-मटक के चल रही और बहुत ही मस्त शेप में आ गई है। उसकी नजर बार-बार वहीं जा रही। हेमंत खुद को कोसता है कि ये क्या कर रहा वो बहन है तेरी। मन में सोचता है। मैं कितना बुरा इंसान हो गया हूँ। शायद पॉर्न देखना कम करना पड़ेगा। यही सब सोचते हुए वो सारा सामान गाड़ी में रख देता है। और घर के लिए निकल जाते हैं दोनों।
घर पहुँच के शालिनी अपने मम्मी से मिलती है। और फिर हेमंत उसका सामान उसके रूम में ले जाके रख देता है जो कि फर्स्ट फ्लोर पे है। फर्स्ट फ्लोर पे 2 रूम हैं एक हेमंत का और दूसरा शालिनी का। शालिनी का रूम बहुत दिनों से बंद था। दो रूम के फर्स्ट फ्लोर पे एक बाथरूम है जो कि बहुत बड़ा नहीं है। ग्राउंड फ्लोर पे 1 बड़ा रूम है जिसमें शालिनी के मम्मी-पापा रहते हैं और साथ में ही एक छोटा गेस्ट रूम भी है। और एक बड़ा बाथरूम और किचन भी ग्राउंड फ्लोर पे ही है।
शालिनी रूम में जाके अपने कपड़े चेंज करती है और एक पजामा और टॉप पहन लेती है। कपड़े पहनते हुए वो खुद को आईने में देखती है। क्या भैया सच बोल रहा था? क्या मैं सच में मोटी हो गई हूँ? आईने में वो देखती है और सोचती है। हाँ थोड़ी तो मोटी हो गई हूँ। वो ये सब कर ही रही होती है तभी नीचे से आवाज आती है।
रीतू: शालिनी बेटा पापा आ गए हैं।
शालिनी दौड़ के नीचे जाती है।
नीचे जाके वो देखती है कि पापा आ गए हैं और वो उनसे जाके गले लग जाती है।
राजेश: कैसी हो बेटा?
पापा शालिनी के बालों में हाथ घुमाते हुए पूछते हैं।
शालिनी: मैं अच्छी हूँ पापा। आप रेलवे स्टेशन क्यों नहीं आए?
राजेश: बेटा दुकान पे भी तो किसी को होना चाहिए। अब तो मैं आ ही गया हूँ।
और फिर दोनों बैठ के खूब सारी बातें करते हैं इधर-उधर की।
राजेश भी नोटिस करता है कि बेटी बड़ी तो हो गई है। वो देखता है कि शालिनी की चूचियाँ भी अब लगभग रीतू जितनी बड़ी हो गई हैं। और वो लग भी रीतू की कॉपी ही रही है बस थोड़ी सी लंबी है। काफी देर बात करने के बाद सब साथ में डिनर करते हैं और फिर शालिनी ऊपर अपने कमरे में चली जाती है।
राजेश डिनर रूम में जाता है तो देखता है। रीतू बिस्तर पे बैठी थी उसने नाइट गाउन पहन लिया था रेड कलर का।
राजेश रूम लॉक करके रूम के अंदर आके अपने कपड़े चेंज करने लगता है। और जब वो अपनी पैंट निकालता है तो नोटिस करता है। उसका लंड थोड़ा-थोड़ा टाइट है। और वो शर्ट भी निकाल देता है और बस अंडर गारमेंट्स में आ जाता है। और बेड पे आके बैठ जाता है।
रीतू उसको एक बार देखती है और बोलती है।
रीतू: पजामा क्यों नहीं डाला आपने?
राजेश: आज तुम बहुत सुंदर लग रही हो। तो मैंने सोचा कि…
इतना बोलके वो आँख मार देता है। रीतू के लिए ये बहुत शॉकिंग था क्योंकि राजेश और वो अब बहुत कम सेक्स करते हैं। कभी-कभी महीने में 1 बार।
रीतू: अच्छा जी। बेटी के आने के वजह से बहुत ज्यादा ही खुश हो गए हो लग रहा है।
राजेश: हाँ खुश तो हूँ। बट आज तुम लग भी पटाका रही हो।
ये बोलके वो अपना अंडरवियर भी निकाल देता है। और उसका लंड बाहर आ जाता है। उसका लंड करीब 7 इंच का है। और बहुत ही मोटा है। और वो लेट जाता है। रीतू समझ गई कि अब वो क्या चाहता है। रीतू थोड़ा सा उसके पास आती है और लंड हाथ में लेकर सहलाती है। और आगे-पीछे करती है। राजेश का लंड भी अब धीरे-धीरे खड़ा हो जाता है पूरा।
राजेश: गीला करो ना इसको।
रीतू उसको थोड़ा आँखों से गुस्सा दिखाती है। लेकिन उसके फेस पे एक स्माइल भी है। और वो झुकके राजेश का लंड मुँह में ले लेती है। और चूसने लगती है।
राजेश: आआह्ह्ह क्या मस्त चूसती हो तुम।
रीतू अंदर ही अंदर थोड़ा खुश होती है। और चूसने का स्पीड थोड़ा बढ़ा देती है।
राजेश: आआह्ह्ह। बस। बस। अब लेट जाओ।
रीतू लेट जाती है। और अपना गाउन ऊपर कर लेती है। यूजुअली वो ऐसे ही सेक्स करते हैं। और राजेश अपना लंड रीतू की चूत में घुसा देता है। और चोदने लगता है। लेकिन चोदते-चोदते ना जाने क्यों उसको शालिनी का ख्याल आता है। और वो सोचता है। शालिनी का भी फिगर अब रीतू के जैसा ही हो गया है। और ना जाने उसके मन में क्या आता है।
राजेश: गाउन निकालो ना।
रीतू: क्या हुआ?
राजेश: पूरी नंगी हो जाओ ना। फिर ज्यादा मजा आएगा।
रीतू अपना गाउन निकाल देती है। अब उसकी चूचियाँ बाहर आ जाती हैं। और वो अपनी टाँगें खोलके लेट जाती है। राजेश फिर से धक्के मारने लगता है। और ना जाने क्यों आज उसका लंड बहुत ज्यादा टाइट है। और वो जोर-जोर से धक्के मारता है।
रीतू: आआह्ह्ह। आआह्ह्ह क्या बात है। आज तो आप बहुत जोश में हैं। आआह्ह्ह।
राजेश: मजा आ रहा है ना?
रीतू: हाँ बहुत मजा आ रहा है। उफ्फ। हाँ। उफ्फ।
राजेश झुकके रीतू के बूब्स चूसने लगता है। और काटने लगता है। रीतू को भी बहुत दिनों बाद ऐसा मजा मिल रहा होता है। वो भी खूब एंजॉय करती है। राजेश फिर ऊपर जाके रीतू के लिप्स चूसने लगता है। रीतू के लिए ये काफी शॉकिंग है क्योंकि उसको नहीं याद कि पिछली बार कब राजेश ने उसको किस किया हो। और किस करते हुए राजेश फुल जोश में रीतू की चुदाई करता है। और उसका निकलने वाला होता तो लंड बाहर निकाल लेता। और रीतू के पेट पे सारा पानी निकाल देता है।
रीतू: क्या बात है। आज तो बहुत जोश में थे।
राजेश: क्यों अपनी बीवी से प्यार भी नहीं कर सकता क्या? मजा आया या नहीं?
रीतू: बहुत मजा आया। आज तो।
राजेश: अभी तो और मजा करना है।
रीतू: क्या? नहीं। क्या हो गया है आज आपको?
राजेश: बस प्यार आ रहा है। अपनी पत्नी पे।
राजेश फिर बोलता है।
राजेश: घोड़ी बन जाओ ना।
रीतू: क्या? आज कोई गंदी फिल्म देखी है क्या आपने?
राजेश: हाहाहा। बन जाओ ना। मजा आएगा। जल्दी-जल्दी करूँगा।
रीतू घोड़ी बन जाती है। और राजेश पीछे से अपना लंड सेट करता है। और जोर-जोर से चोदने लगता है। और वो सोचता है कि वो शालिनी को चोद रहा। और जोश में आ जाता है। और जोर-जोर से धक्के मारने लगता है। और गाँड पे एक थप्पड़ भी मारता है।
रीतू: आआह्ह्ह ये क्या? मत करो। आआह्ह्ह।
राजेश जोर-जोर से चोदता है। और 10 मिनट की चुदाई के बाद उसकी गाँड पे झड़ जाता है। और फिर दोनों लेट जाते हैं।
रीतू राजेश के गले लग जाती है।
रीतू: आज तो खुश कर दिया आपने।
राजेश खुश हो जाता है। कुछ मिनट तक दोनों ऐसे ही लेटे रहते हैं। फिर रीतू अपने कपड़े पहनाने लगती है। राजेश वैसे ही लेटा है। और बोलता है।
राजेश: रीतू तुम्हें नहीं लगता। अब शालिनी काफी बड़ी हो गई है?
रीतू: हाँ बड़ी तो हो गई है। शादी की उम्र हो गई है उसकी।
राजेश: कुछ भी बोलती हो। अभी तो वो 22 की है। अभी तो जॉब करेगी। हेमंत की शादी होगी। फिर कहीं जाके उसकी शादी का सोचेंगे।
रीतू: हाँ हाँ। तो मैं कौन सा अभी बोल रही। लेकिन देखा नहीं। एकदम चेंज हो गया है। उसका शरीर। जवानी चढ़ गई है पूरी।
राजेश मन में सोचता है। कहीं उसने वहाँ कोई BF तो नहीं बना लिया। लेकिन कुछ बोलता नहीं है।
राजेश: हाँ वो तो है। चलो सो जाते हैं।
रीतू: हाँ सो जाओ।
फिर दोनों सो जाते हैं।
ऐसे ही कुछ दिन निकल जाते हैं। और एक दिन हेमंत रात के करीब 12 बजे अपने रूम में बैठा था तभी उसको मैगी खाने का मन होता है। और वो सोचता है क्यों ना शालिनी से भी पूछे। और वो जाके शालिनी का डोर नॉक करता है। शालिनी डोर ओपन करती है तो वो थोड़ा शॉक सा हो जाता है। क्योंकि शालिनी ने एक शॉर्ट्स और टॉप डाला था जिसमें उसकी नाभि दिख रही थी।
डोर खोलके शालिनी बोलती है।
शालिनी: क्या हुआ भैया?
हेमंत: मैगी खाने का मन हो रहा है यार। चल ना बनाते हैं।
शालिनी भी तुरंत तैयार हो जाती है। और दोनों नीचे जाके मैगी बनाने लगते हैं।
मैगी बनाते हुए हेमंत की नजर बार-बार शालिनी की बड़ी गाँड और चूचियों पे जा रही थी।
हेमंत: और बता। तेरा कॉलेज कैसा रहा ओवरऑल? मजे किए?
शालिनी: हाँ भैया बहुत मजा आया।
हेमंत: अच्छा बता क्या मजे किए।
शालिनी थोड़ा सोचने लगती है।
हेमंत: अरे शर्मा मत यार। खुलके बता। मैं पापा-मम्मी को नहीं बताऊँगा। कहीं ट्रिप पे गई थी? बंक करके।
शालिनी: हाँ फाइनल ईयर में गई थी।
हेमंत: अच्छा कितने लोग गए थे?
शालिनी: 10-12 लोग थे।
हेमंत: लड़के भी थे या बस लड़कियाँ?
शालिनी: अच्छा जी। तो आपको लड़कों के बारे में पूछना था।
हेमंत: अरे नहीं पागल। मैं तो बस ऐसे ही पूछ रहा था। और सब चलता है। कॉलेज में तो ग्रुप में लड़के-लड़कियाँ होते ही हैं।
शालिनी: हाँ लड़के भी थे 3। कुछ लोगों के BF थे।
हेमंत के मन में आता है कि वो पूछे शालिनी से कि क्या उसका भी BF है। लेकिन उसको समझ में नहीं आता कि कैसे पूछे। तो चुप ही रहता है।
शालिनी: आप अपना बताओ। कोई जीएफ बनाई या नहीं?
हेमंत: यहाँ कहाँ यार। बस दुकान से घर और घर से दुकान। इसमें जीएफ कहाँ से बन जाएगी। तूने बनाया कोई BF?
शालिनी: आपको क्यों बताऊँ?
हेमंत: अरे ये क्या बात हुई। मेरा पूछ लिया। खुद नहीं बता रही।
शालिनी: अरे तो आप बड़े हो ना।
हेमंत: तो क्या हुआ। मैंने कभी ऐसा दिखाया कि मैं बड़ा हूँ। हम तो दोस्त हैं ना।
हँसते हुए बोलता है।
शालिनी: हाँ एक बनाया था। लेकिन 3 महीने में ही ब्रेकअप हो गया।
शालिनी झूठ बोल देती है। या कहो तो सच ही है। क्योंकि उसने सेकंड ईयर में एक BF बनाया था जिससे बस 3 महीने में ब्रेकअप हो गया था।
हेमंत: क्यों?
शालिनी: अरे वो बहुत पॉजेसिव था। BF बनाते ही ये मत करो वो मत करो। तो भगा दिया उसको।
फिर दोनों हँसने लगते हैं। इतने टाइम में उनकी मैगी भी खत्म हो जाती है। और फिर दोनों ऊपर जाने लगते हैं। शालिनी उसके आगे-आगे सीढ़ी चढ़ रही। और उसकी गाँड हेमंत के जस्ट सामने है। उसकी मोटी जाँघें और बड़ी गाँड। हेमंत की नजर उसी पे टिक गई थी। फिर शालिनी ऊपर पहुँच जाती है। और वो भी थोड़ा नोटिस कर लेती है कि भैया उसकी गाँड को देख रहे। फिर वो बाय बोलके अपने रूम में चली जाती है।
हेमंत अपने रूम में जाके सोने की कोशिश करता है। लेकिन उसको नींद नहीं आती। तो वो मोबाइल में पॉर्न देखने लगता है। और उसके दिमाग में बस शालिनी का फिगर और उसका चेहरा चलता है। और वो जोर-जोर से अपना लंड हिलाता है। और झड़ जाता है। फिर उससे अच्छी नींद आती है।
