हवस की आग – 1
Jamidar ki bahu ki hindi sex story:- हेलो दोस्तों। मै नया राइटर हूँ। मैं एक कहानी शुरू करने जा रहा हूँ, जोकि है एक जमींदार घर की बहु की। जिसका जीवन, हवस बदल कर रख देती हैं। हवस एक ऐसी खतरनाक चीज जो उसको घर संसार सबकुछ बुला देती है। सिर्फ प्यास बुझाना छोड़के। ये कहानी पुराने ज़माने के समय की है जब ज़मींदारो का राज था।
Jamidar ki bahu ki hindi sex story
यह कहानी है एक जमींदार परिवार की। जमींदार साहब तो अब नहीं रहे। लेकिन उनके बेटे सोहन जी अब मालिक है। वो हमेशा बिजी रहते है ज़मींदारी देखभाल करने में और बिज़नेस में। अपने बीवी बच्चे को भी ठीक से ध्यान नहीं दे पाते हैं। उनकी पत्नी पूर्णिमा जितना खूबसूरत नाम, उससे भी ज़ादा ख़ूबसूरत थी वो, बिल्कुल पूर्णिमा के चाँद की तरह। सोहन जी की माँ की अब उम्र हो गयी थी लेकिन अपनी बहु से बहुत प्यार करती थी। पूर्णिमा का एक 5 साल का बेटा था। मोहन (प्यार से सभी उसको चिंटू बुलाते थे)। पाती सासु माँ और चिंटू यही था पूर्णिमा का जीवन। लेकिन उसे क्या पाता था की उसका यह जीवन अब बदलने जा रहा है।
जमींदार परिवार के अपने अपने कुछ कुश्ती लड़ने वाले पालतू गुंडे होते थे। इनके भी ऐसे पालतू गुंडे थे, जो जबरदस्ती लोगो से पैसे वसूल करना पे मारना पीटना ये सब करते थे। और रात को हवेली की चौकीदारी भी करते थे। उन गुंडों में सबसे खतरनाक था राका। 6 फुट का हट्टा कट्टा। दिखने मे भी डरावना था। सर पर एक भी बाल नहीं था, लेकिन बहुत बड़ी मूँछें थी, जिसको वह बहुत गर्व से ताँव देता था। दानव जैसा शरीर था उसका, इसलिए उससे सब डरते थे। एकबार तो चिंटू उसको अपने सामने देख कर रोने लग गया था।
राका बहुत ज़ालिम था पर उसकी एक कमजोरी थी सुन्दर औरतें। वो अब तक जहां भी नौकरी किया था वहाँ की किसी न किसी औरत के साथ मिलन किया था। उसको घरेलु औरतो को नष्ट और अपवित्र करके उनके साथ सेक्स करने में बहुत मजा आता है। यहाँ पे आके भी वो इस इलाके की औरतों को बुरी नजर से देखता था, पर जब वह जमींदार की बीवी पूर्णिमा को देखा तो वह पागल ही हो गया। क्या ख़ूबसूरती, क्या शरीर। परी थी परी। राका जब भी पूर्णिमा के बारें में सोचता था उसका 10 इंच का भयानक लंड खड़ा हो जाता था।
एकबार तो पूर्णिमा स्नान घर से आकर बाथरूम में चिंटू को स्नान करा रही थी, जिसके कारण उसके बदन पर भी पानी लग गया और साड़ी भीग गई थी। उसी वक़्त राका किसी काम के वजह से वहाँ आकर पूर्णिमा को ऐसे भीगे बदन देख कर रुक गया। और छुप के उसके जिस्म को देखने लगा। उसका लंड खड़ा हो गया था। राका इतना गरम हो गया था के उसने सोचा बच्चे के सामने ही पूर्णिमा को पकड़ कर चुम ले, पर वह अपने आप को रोक लिया। और सोचने लगा कैसे इस खूबसूरत औरत की चूत में अपना लंड डाला जाए?
लेकिन उसे नहीं पता था के उसका यह सपना बहुत जल्द सच होने जा रहा है। कुछ दिनों के बाद कमला नाम की एक 50 साल की औरत जमींदार के घर में काम करने आयी। वह देखने में डरावनी थी। और बहुत चालाक औरत थी और लालची भी। उसे पता था, इस जमींदार परिवार का एक बहुत बड़ा गहनों (गोल्ड) से भरा बक्सा है। पर वह कहाँ है सिर्फ जमींदार की बीवी मतलब, पूर्णिमा की सास को पता है। कमला वह सोना पाना चाहती थी। उसकी लालची नज़र पूर्णिमा की सास से भी नहीं छुपी। उन्होंने अपनी बहु से कहा भी के कमला से ज़रा बचके रहना बेटी और अपने बच्चे को इसके आस पास भी मत आने देना। यह मुझे ठीक नहीं लग रही है।
कमला गोशाला के पास वाली रूम में अकेली रहती थी। और सोचती रहती, कि कैसे वो अमीर बन जाये। ऐसे ही कुछ दिन बीत गए। कमला जहां रहती थी उसी जगह के पास, राका भी रात को पहरीदारी करता था। उसको भी कमला पर शक था, साली कुछ सही नहीं लगती। एक दिन वो पहरा दे रहा था, तो उसको कुछ आवाज़ सुनाई दी, तो राका चुपके से अंदर आया, तो देखा एक साया चुप चुप के पूर्णिमा की सास के कमरे में जा रहा था। राका में बहुत हिम्मत था, तो उसने जम्प करके और दौड़ के उस साये के पास आ गया और उसका हाथ पकड़ लिया और पूछा-
राका- साला सुआर की औलाद कौन है तू। चद्दर हटा के अपना चेहरा दिखा वरना!
साया: अरे मैं हूँ कमला हाथ छोड़। बाप रे कितना जोर है तेरे हाथ में।
राका: इतनी रात को इधर क्या काम है तुझे?
कमला: डर के मारे अरे ऐसा कुछ नहीं, मै तो बस टहल रही थी, नींद नहीं आ रही है।
राका: साली झूठ बोलती है, मैं क्या नहीं जानता तू क्या करने जा रही थी। सोना ढूंढ़ने उस बुड्ढी के रूम में। क्यों है ना?
कमला अब हसकर: हां रे साले। जब तुझे पता चल गया है तो छुपाके क्या फ़ायदा। मैं ज़रूर वह सोना ढूंढ लुंगी।
राका: पर मुझे भी हिस्सा देना पड़ेगा, वरना मैं सबको सच बोल दूंगा।
कामला: अरे वो तो दूँगी ही। मगर मुझे मदत चाहिए होगी। करेगा न मेरी मदद?
राका: अरे ज़रुर। सोना! न जाने कितना सोना है इस हवेली मैं।
मगर राका को क्या पता था के उसे गोल्ड के बदले क्या डायमंड मिलने वाला है। चलता फिरता नगीना। साथ बने रहिये। आगे बहुत सस्पेन्स और मज़ा आने वाला है। एंड स्टोरी कैसी लग रही है। कमैंट्स कर के बताएं।
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