हुमा एक हाउस वाइफ और मिश्रा पान वाला – 11

huma bhabhi ki chudai ki sex story:- हुमा की चुदाई मिश्रा कर चुका था और चुदने के बाद हुमा जब घर आई तो शांता ने खूब चतुराई से हुमा को मिश्रा ने गलती की इसका एहसास नहीं होने दिया। फिर जब मिश्रा कुछ दिन बाद हुमा के घर आया तो शांता ने मिश्रा को जीजू और हुमा को दीदी कहके बुलाना शुरू किया। इससे हुमा को शर्म आने लगी। फिर शांता ने चतुराई से hall का ac बंद कर दिया और हुमा को मिश्रा को बेडरूम मे ले जाने को बोला। अब पढिए ये hindi sex story आगे।

पिछला पार्ट यहाँ पढ़ें ==> हुमा एक हाउस वाइफ और मिश्रा पान वाला – 10

huma bhabhi ki chudai ki sex story

शांता – चलिए जीजू मै आपको ले चलती हूं! क्या है न हमारी दीदी भी बहोत शर्मीली है और हाँ जीजू आज के बाद आप दीदी को भाभी नहीं कहेंगे और दीदी तुम तो बिलकुल भी जीजू को भाई साहब नहीं कहोगी। एक भारतीय नारी अपने उसको सुनो जी, ए जी ऐसे कहती है।

हुमा – बस बहोत हो गया चुप भी कर जा।

मिश्रा – मै क्या कहु वो भी बता दो?

शांता – मेरे भोले जीजू तुम अपनी उसको जान, जानु, जानेमन या डायरेक्ट नाम से बुला सकते हो।

शांता मिश्रा का हाथ पकड़ के बैडरूम में ले जाती है।

शांता – मिश्रा देख आज तेरी सेटिंग तेरे सामने कर रही हूं पैसे लूँगी पुरे! तू रुक यही तेरी माल को लाती सजा कर, अच्छे से चोद डाल आज उसको।

इतना कह कर शांता बाहर हॉल में आती है। हुमा हॉल में ही खड़ी थी। जैसे ही शांता आई।

हुमा – तू क्या कर रही है पागल हो गयी क्या?

शांता – दो दिलो को मिलाना पुण्य का काम है, मै वही कर रही हु।

हुमा – क्या अरे पगली किसने कहा हम एक दूसरे से प्यार करते है? वो मेरी इज़्ज़त करते है मै उनकी और कल जो भी हुआ वो एक हादसा था।

शांता – मै कुछ नहीं जानती, मै तुम दोनों को मिलवा कर रहूंगी और हाँ जीजू तुम्हरा इंतज़ार कर रहे है अंदर।

हुमा – मै कैसे जाऊँ? तू क्या बोल रही है।

शांता हुमा का हाथ पकड़ कर दूसरे कमरे में ले जाती है और शीशे के सामने खड़ा कर के कहती है देखो अपनी शकल नया मेक अप न कुछ चलो तैयार हो जाओ।

हुमा – क्या तुम शायद आज पूरी तरह से पागल हो गयी हो।

शांता आखिर हुमा को मना ही लेती है और हुमा के दिल में भी कही न कही मिश्रा था ही, मगर हुमा के दिल में मिश्रा के लिए इज़्ज़त थी, उस इज़्ज़त को शांता ने प्यार में बदल ही दिया था। आज हुमा ने हल्का सा मेकअप किया, हुमा के दिल की धड़कन जब बढ़ गयी, जब शांता ने कहा आज जीजू तो पूरी तरह घायल हो जायेंगे, हमारी दीदी तो कमल लग रही है।

शांता हुमा को जबरदस्ती बेडरूम में ले आयी, जहा मिश्रा बैठा था। हुमा लास्ट तक न न करती रही मगर शांता ना मानी। हुमा इतनी घबराई थी, जैसे की अभी उसकी सुहागरात हो और उसका दूल्हा उसका बेड पर इंतज़ार कर रहा हो। हुमा को वहाँ छोड़, शांता बाहर जाते हुए कहती है.

शांता – जीजू लो आ गयी हमारी दीदी। हमारी दीदी तो लाखो में एक है, आज तो आप घायल हुए ही समझो, चलो मै चलती हूं और हाँ एक बात और हमारी दीदी बड़ी नाज़ुक है, जो भी करना आराम से करना।

हुमा ये सुनकर अपनी आँखे शांता को दिखाती है, शांता मुस्कुराते हुए जाती है और डोर बंद करके कहती है मैंने दरवाज़ा बाहर से लगा लिया है।

हुमा बहुत डरी हुई थी, उसने इत्तेफाक से रेड कमीज़ और रेड लेग्गी पहनी थी, ऊपर से उसको शांता ने मेक अप करवा दिया था। उसके सर पर रेड दुपट्टा था, मिश्रा ने ऊपर से नीचे तक जब हुमा को देखा, तो उसका लंड धोती में पूरी तरह सलामी देने लगा। हुमा की घबराहट बरक़रार थी, मिश्रा से रहा नहीं गया, मिश्रा उठा और कहा-

मिश्रा – ये शांता भी ना पता नहीं क्या क्या बकवास करती रहती है, वैसे उसकी वो जीजू वाली बात मुझे अच्छी लगी। वैसे शांता ने बाहर कहा की मै आप को भाभी न कह कर जान, जानु, जानेमन या नाम से बुलाऊँ! बताईये किस नाम से बुलाऊँ?

हुमा ने एक लम्बी सास ली और कहा – अब मै क्या बताऊँ?

मिश्रा ठीक है अगर आप नहीं बताना चाहती तो आपकी मर्जी।

हुमा –  जी जी वो अब मै क्या कहु, आप मुझ से उम्र में बड़े है तो नाम ले सकते है।

मिश्रा – तो हुमा कहु? या हुमा जी।

हुमा – आप हुमा बुला सकते है।

मिश्रा – हुमा एक बात कहूँ?

हुमा का दिल धड़का! आज पहली बार नाम से जो पुकारा था उसको मिश्रा ने।

हुमा – जी।

मिश्रा – जो हुआ हमारे बीच वो गलत हुआ या सही पता नहीं! मगर मुझे अच्छा लगा और तुमको?

हुमा चुप थी।

मिश्रा – अगर ऐसे शरमाओगी तो कैसे अपने दिल का बोझ हल्का करोगी? तुम और मै एक ही कश्ती में सवार है, जहां तुम्हारा पति धोकेबाज़ है वहीं मेरी पत्नी। अब हम जो कर रहे है मै उसको पाप नहीं समझता।

हुमा अब भी चुप थी। मिश्रा ने उसकी चुप्पी को हाँ समझ लिया और मिश्रा हुमा के करीब आया और उसके कंधे पर हाथ रख कर उसको बेड के करीब ले गया। हुमा भी उसके बेड के करीब गयी, हुमा के जिस्म से परफ्यूम की खुशबु आ रही थी जो मिश्रा को और पागल कर रही थी। मिश्रा ने अब हरकत शुरू कर दी, जिस तरह से हुमा बिहेव कर रही थी, मिश्रा समझ गया था कि चिड़िया जल में फंस गयी है। अब मिश्रा हुमा को बेड पर बिठा देता है, हुमा भी उसके बगल में बैठी थी घबराई सी, जैसे की कोई दुल्हन हो।

हुमा के और मिश्रा के पैर जमीन पर थे और उनकी गांड बेड पर टिकी थी। हुमा रेड लेग्गी और कमीज़ में कमल जैसी लग रही थी, उसके बगल में बैठा मिश्रा काला, पेट निकला हुआ, धोती कमीज़ मे ऐसा लग रहा था जैसे अंगूर के बगल में लंगूर हो। अब मिश्रा अपना हाथ जो की हुमा के कंधे पर था उसको आगे किया और हुमा का लेफ्ट साइड के बूब्स पर रख दिया।

हुमा – सीइइइइह्ह्हह्ह हलकी सी आवाज़ निकली.

मगर मिश्रा का हाथ बूब्स से नहीं हटाया, मिश्रा खुश हुआ उसको सिग्नल मिल गया। मिश्रा ने बूब्स पर जब हाथ रखा तो उसको एहसास हो गया था की हुमा का दिल कितनी ज़ोर से धड़क रहा था।

मिश्रा – हुमा।

हुमा – जी।

मिश्रा – क्या हुआ तुम्हारा दिल धड़क रहा है?

हुमा – मुझे डर लग रहा है।

मिश्रा – मुझ से?

हुमा – नहीं इन हालात से।

मिश्रा अब हुमा के बूब को ज़ोर से दबाने लगता है।

हुमा – सशह्ह्हह्ह्ह्हह।

मिश्रा को उसकी सिकरियां सुनकर और मज़ा आ रहा था। मिश्रा अब अपना दूसरा हाथ साइड से लेकर दूसरा भी बूब्स दबाता है। हुमा ने एक बार भी उसके हाथ को न ही पकड़ा न ही उसको मना किया. इस वजह से मिश्रा की हिम्मत बढ़ती जा रही थी, मिश्रा हुमा के बूब्स दुप्पटे के ऊपर से ही दबा रहा था, जिसको हुमा ने कवर किया हुआ था। मिश्रा ने दुपट्टा हटा कर साइड में रख दिया और फिर से बूब्स दबाने लगा।

हुमा चुपचाप आँखे बंद किए सिसकारियां ले रही थी।

मिश्रा – ऐसे न शर्माओ हुमा डार्लिंग।

मिश्रा की बात और इस तरह से उसका बूब्स दबाना, हुमा को गरम कर रहा था। मिश्रा भी गरम हो गया था।

मिश्रा – कितने बड़े दूध है तुम्हारे हाथ में भी नहीं आ रहे है और कितने नरम है।

मिश्रा बातो से और हरकतों से हुमा को पूरी तरह गरम करना चाह रहा था, तभी मिश्रा ने अपने हाथ हटाए और हुमा के कंधो को पकड़ कर उसको धीरे धीरे लिटा दिया। हुमा भी लेट गयी मगर हुमा की टाँगे बेड से नीचे लटक रही थी। मिश्रा बेड से उठा और खड़ा हो गया, हुमा को ऊपर से नीचे तक देखा और हुमा के ऊपर चढ़ गया, या कहो तो सो गया। अब मिश्रा की टांगें जमीं पर थी और हुमा की जमीन से कुछ इंच ऊपर।

हुमा की कमर से ऊपर का हिस्सा बेड पर, तो गांड से नीचे का हिस्सा नीचे था. मिश्रा ने हुमा पर लेट कर उसके गालों को चूमा, वो अपना चेहरा यहाँ वहाँ घुमा रही थी, उसके चेहरे को मिश्रा ने पकड़ा और अपने काले लिप्स को हुमा के रेड लिप्स पर रख एक ज़ोरदार किश शुरू किया, या कहे तो हुमा के लिप्स को चूसने लगा।

कुछ ही देर में मिश्रा ने हुमा की लिपस्टिक लगभग चाट ली, मिश्रा ने जब उसके लिप्स को आज़ाद किया तो हुमा हाफ रही थी और उसकी लिपस्टिक गायब थी। कुछ मिश्रा के मूँछों में थी तो कुछ मिश्रा की जुबान में।

मिश्रा – क्यों हाफ रही हो?

हुमा – आह वो वो आप का वजन।

मिश्रा अपना मोटा पेट लेकर हुमा पर लेटा था, तो उसको उसका वजन सहन नहीं हो रहा था।

मिश्रा – अब इस वजन की आदत डाल लो मेरी जान।

हुमा कुछ नहीं बोलती, मिश्रा अपना मोटा पेट उठा कर दोनों हाथो का सपोर्ट लेकर थोड़ा सा उठ जाता है और उसके पेट के नीचे दबे हुमा के कमीज़ को ऊपर की तरफ कर देता है, जहा तक उसके बड़े बूब्स थे वहाँ तक ऊपर कर देता है, मगर कमीज ज्यादा ऊपर नहीं जाती।

मिश्रा – हुमा थोड़ी कमर उठाओ कमीज़ फंस गया है।

हुमा भी अच्छे बच्चे की तरह उसकी बात मन लेती है अपनी कमर उठा देती है, मिश्रा हुमा का कमीज़ उसके गले तक कर देता है। रेड कमीज़ के नीचे रेड साटन की ब्रा में दूध जैसे गोरे बूब्स देख मिश्रा की आँखे चौंधिया जाती है। मिश्रा जल्द से हुमा की ब्रा के कप ऊपर कर देता है और गोरे बड़े बूब्स आज़ाद होकर यहाँ वहाँ फ़ैल जाते है।

मिश्रा – वाह वाह क्या बड़े दूध है, आज जी भर के पियुंगा।

हुमा को मिश्रा की बातें बहोत ज्यादा गरम कर रही थी, आज तक उसके शौहर ने भी कभी उससे ऐसी बातें नहीं की थी तभी.

हुमा – स्स्स्सह्ह्हह्हह।

मिश्रा बूब्स पर टूट पड़ा था, हुमा का एक गोरा बूब्स मिश्रा के मुह में था, जैसे वो उस बूब्स को खा जाएगा। मिश्रा अब बारी बारी दोनों बूब्स को चूसता, तो कभी ज्यादा से ज्यादा अपने मुंह में डालने की कोशिश करता। तभी डोर पर दस्तक होती है। मिश्रा हुमा के बूब्स को अपने हाथ में थामे डोर की तरफ देखता है, वही हुमा भी डोर की तरफ देखती है।

शांता – जीजू ओह्ह्ह जीजू आपका जूस तैयार है ले आऊं क्या?

मिश्रा – नहीं शांता मै आज जूस नहीं दूध पियूंगा।

शान्ता – तो फिर दूध लाऊं क्या?

मिश्रा – लाने की कोई ज़रुरत नहीं है यहाँ है ताज़ा ताज़ा दूध।

हुमा को बेहद शर्म आ रही थी, बहार खड़ी शांता भी मज़े ले रही थी।

शांता – जीजू दूध पूरा ख़तम करना ठीक है ज्यादा निचोड़ना मत।

मिश्रा – ठीक है।

मिशरा हुमा की तरफ देख मुस्कुराता है, मगर हुमा दूसरी तरफ शर्मा कर अपन मुंह घुमा लेती है। कुछ देर हुमा के बूब्स चूसने के बाद मिश्रा अब उठ कर खड़ा हो जाता है और हुमा की कमर में हाथ डालकर उसकी लेग्गी पैंटी समेत खींच लेता है, अब तक हुमा अपने जिस्म को छुपा नहीं रही थी मगर चूत नंगी होते ही उसको छुपाने लगी। मिश्रा ने एक नज़र हुमा की चूत को देखा और फिर लेग्गी और पैंटी को पैरो से अलग करने में लग गया। अगले पल पैंटी और लेग्गी साइड में पड़े थे। मिश्रा ने देखा हुमा ने चूत अपने हाथो से छुपा रखी है।

मिश्रा – छुपाकर क्या फायदा? पिछली बार तो देख चुका हूं और आज भी देखूंगा और लूटूँगा तुम्हारी चूत को.

मिश्रा ने हुमा का हाथ हटाया और अपना मुंह हुमा की चूत पर रख दिया।

हुमा सीशह्ह्ह्हह्ह न न करने लगी अपना सर यहाँ वहाँ करते हुए। मगर मिश्रा कहाँ मान्ने वाला था उसने हुमा की चूत को चाट कर पूरा मज़ा लिया और हुमा को भी दिया।

हुमा – सस्शह्ह्हह्ह सस्शह्ह्हह्ह उफ्फ्फ बस भी कीजिये आअह्ह्ह्ह।

मिश्रा ने अपना मुंह हटाया और अपनी धोती और अंडरवियर खोल दिया, मिश्रा नीचे से नंगा था ऊपर कमीज़ पहना था। मिश्रा ने हुमा की नंगी टांगों को अपने हाथों से उठा लिया और मोड़ दिया। अब सिचुएशन ऐसी थी की हुमा की फोल्ड टांगें मिश्रा के हाथ मे थी। हुमा की नंगी गांड अब भी हवा में थी। मिश्रा ने हुमा की टांगों को अपने बाहों में दबाया और हुमा की मोटी जांघों को सहलाते हुए कहता है.

मिश्रा – आअह्ह्ह क्या मस्त जांघें है तुम्हारी! दूध जैसी गोरी और मांसल। जांघों को सहलाते हुए मिश्रा थोड़ा आगे होता है, उसका लंड खड़ा था उसने अपने लंड को पकड़ कर हुमा की गुलाबी चूत पर सेट किया और धक्का लगा दिया।

हुमा – ओह्ह आह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्।

हुमा की चूत में मिश्रा का सूपाड़ा अटक गया था, हुमा बिन पानी मछली की तरफ तड़प रही थी।

मिश्रा हुमा को देखते हुए- थोड़ा और सहन कर लो मेरी जान क्या मस्त टाइट चूत है तुम्हारी, मज़ा आ गया.

इतना कह कर एक और धक्का लगा देता है, धक्का इतना जोरदार था की आधे से ज्यादा लंड अंदर जा घुसा।

हुमा – नहीइइइइइइइ आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ufffffffffffff

मिश्रा – aaahhhh चूत हो तो ऐसी हो! फुल टाइट! साला मज़ा आ गया आअह्ह्ह्ह।

मिश्रा ने अगला धक्का लगा दिया और हुमा की चूत पर विजय प्राप्त कर ली, हुमा की चूत में मिश्रा का काला 9 इंच का लंड पूरा जा घुसा था

हुमा – aaahhhhhhhhhh ufffffffffffffffff आअह्ह्ह्ह।

मिश्रा – बस हो गया मेरी जान पूरा चला गया आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।

मिश्रा लंड अंदर डाले कुछ सेकंड खड़ा रहा और फिर कुछ देर बाद कमर हिलाने लगा। कुछ देर की हलकी हलकी चुदाई से हुमा को मज़ा आने लगा। जब मिश्रा ने कमर स्पीड से हिलाना शुरू किया तो हुमा और मस्त होने लगी। उसके बूब्स थिरकने लगे यहाँ वहाँ।

तभी डोर पर हलकी हलकी दस्तक हुई मिश्रा ने और हुमा ने उस दस्तक को शांता की शैतानी समझ कर इग्नोर कर दिया और चुदाई जारी रखी। तभी हुमा का मोबाइल बजने लगा, मोबाइल बेड के साइड में था।

हुमा – सस्शह्ह्ह्ह आअह्हह्ह्ह्हह किसी का फ़ोन आ रहा है।

मिश्रा – शांता होगी जाने दो।

हुमा –  देख लीजिये आअह्हह्ह्ह्ह सस्शह्ह्ह्ह कौन है।

फोन की रिंग बंद हो जाती है तभी मिश्रा का मोबाइल बज उठता है, मिश्रा कमीज़ पहने हुमा को चोद रहा था तो चुदाई रोक कर पॉकेट से मोबाइल निकाला उसमे शांता का नाम शो हो रहा था.

मिश्रा – ये शांता भी ना रंग में भंग डाल रही है.

मिश्रा कॉल कट करता है और चुदाई शुरू करता है, फिर कॉल आता है।

हुमा – सशह्ह्ह्ह देख लीजिये शायद कुछ ज़रूरी बात हो आअह्हह्ह्ह्ह।

मिश्रा चुदाई रोक कॉल उठाता है।

हल्लो मिश्रा कुछ हाफ रहा था।

शान्ता – मालिक आ गए है।

मिश्रा – क्याआआआ।

हुमा भी चौक जाती है और इशारे से पूछती है क्या हुआ?

मिश्रा का लंड हुमा की चूत में था।

मिश्रा – सैफ भाई आ गये।

हुमा – क्याआआआआ कहते हुए पीछे होती है लंड पुक्क से बाहर आ जाता है।

मिश्रा भी कुछ पीछे होता है दोनों की डर के मरे गांड फट जाती है।

आगे क्या होता है पढिए अगले पार्ट मे।

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