हवस की आग – 2
Naukar Malkin ki chudai ki hindi sex story:- राका और कमला चुप चुपके पूर्णिमा की सास के रूम के अंदर जाती है। कमला आहिस्ते से विंडो खोल देती है जिससे थोड़ी रौशनी अंदर आती है। और वह दोनों गहने ढूंढ़ने में लग जाते है। पर बहुत सतर्क होकर। उधर ऊपर चिंटू की नींद खुल जाती है। उसे बाथरूम आया है। वह माँ की तरफ देखता है पूर्णिमा गहरी नींद सो रही है। चिंटू सोचता है आज मै खुद नीचे जाऊंगा और सुसु करूँगा। मैं पहली बार अकेले नीचे जाऊंगा। और वह सुसु करने के लिए नीचे उतरता है।और नीचे आकर सुसु करना शुरू करता है।
Part 1 => हवस की आग – 1
Naukar Malkin ki chudai ki hindi sex story
बच्चा होने के वजह से उसे रात को डर भी लग रहा है। उधर राका और कमला इधर उधर ढूंढते है पर अभी टक वह गहनों का बक्सा नहीं ढूंढ पाते है।
तो कमला कहती है एकबार अलमारी में ढूंढ़ना पड़ेगा, क्या पता वहाँ मिल जाये? कमला राका को बताती है अलमारी की चाबी बुद्धि की बिस्तर के नीचे है। राका ध्यान से चाबी निकालता है और कमला को देता है। कमला अलमारी का लॉक खोलती है और हैंडल पकड़ कर जैसे ही खींचती है अलमारी पुराने होने के वजह से चर्ररररररर कर के एक आवाज आती है। यह आवाज चिंटू के कान तक भी जाती है वह डर कर दादी माँ के रूम के तरफ बढ़ता है। उधर अलमारी की आवाज से चिंटू की दादी की नींद खुल जाती है पर अँधेरा और उम्र की वजह से उसे ठीक से कुछ नहीं दीखता है।
वह कौन कौन! ऐसे चिल्लाती है और बिस्तर से उठकर आगे बढ़ती रहती है।
राका और कमला डर जाते हैं। अब क्या होगा? पर राका को एक आईडिया आता है। खतरनाक आईडिया। जैसे ही चिंटू की दादी अलमारी की तरफ बढ़ती है राका अपना एक पैर आगे बढ़ा देता है और राका के पैर से दादी का पैर लग कर वह नीचे मुँह की बल गिर जाती है और आअह्ह्ह्ह की आवाज कर के बेहोश हो जाती है। यह आवाज चिंटू भी सुनता है और वह बच्चा और डरकर दौड़ के दादी के रूम मे आता है। इधर बाहर पैर की आवाज सुनकर वह दोनों फिर से चुप जाते है और जैसे ही चिंटू अंदर आकर दादी दादीई! चिल्लाने लगता है और पीछे मुड़कर दो लम्बा लम्बा साया दीखता है तो राका पीछे से बच्चे को पकड़ लेता है और मुँह में हाथ रख देता है।
राका: इस पिल्लै ने सब देख लिया है, हम फंस सकते है। इसको ज़िंदा रखना ठीक नहीं होगा। तभी चिंटू राका का ऊँगली काट लेता है और भाग जाता है।
राका: आअह्ह्ह पिल्लै ने ऊँगली ने काट दिया। छोड़ूंगा नहीं उसे। पर कमला उसे रोक लेती है।
राका: अरे रोका क्यों वह ऊपर जाकर अपनी माँ को अगर सब बता देगा तो हम दोनों तो गए।
कमला हंस कर बोलती है – अरे कुछ नहीं होगा। मुझे एक नया प्लान आया है। जिससे हमे गहने मिलने मे आसानी होगी। चल अब यहाँ से चलते है। पहले खिड़की बांध कर दे। और अलमारी बंद कर के चाबी बिस्तर के नीचे रख दे। फिर चल भागते है।
उधर ऊपर जाकर चिंटू डर कर माँ माँ करके रोने लगता है पूर्णिमा उठ कर बिना कुछ सुने उसे फिर से सुला देती है। पर काश वह उस वक़्त चिंटू की बात सुन लेती तो आगे जो उसके साथ होने वाला है वह शायद नहीं होता।
अगले दिन सुबह पूर्णिमा रोज़ की तरह नीचे आती है। अपना काम निपटाती है और सासु मा को उठाने जाती है लेकिन उनके रूम में जाते ही ऐसा भयानक दृश्य देख कर चिल्लाती है और चिल्लाकर घर के काम वालो को बुलाती है, जो थोड़ी दूर एक छोटा जगह पर रहते है। वह सब मिलकर उन्हें उठाते है और एक नौकर दौड़ के डॉक्टर बुला के लाता है। डॉक्टर आकर चेक उप करके बताते हैं हॉस्पिटल लेकर जाना पड़ेगा जोकि गाँव से दूर है। डॉक्टर घर से हॉस्पिटल फ़ोन कर देता है कुछ देर बाद एम्बुलेंस आता है और सासु मा को लेकर चला जाता है।
फिर पूर्णिमा जल्दी से अपने पति को भी फोन करके सब बताई है और उनके पति भी वहां से हॉस्पिटल आने के लिए निकल जाता है। एक सन्नाटा छा जाता है घर में। सुबह चिंटू को उठाने वक़्त उसकी माँ देखती है उसे बहुत बुखार है। तो वह चिंटू को दवा दे देती है। चिंटू फिर सो जाता है। फिर पूरा दिन चिंता में बीत जाता है। लेकिन पूर्णिमा को समझ नहीं आता अचानक चिंटू बीमार क्यों हुआ। अब उसे क्या पता रात को बेचारे चिंटू के साथ क्या हुआ। दोपहर को उसके पति का फ़ोन आता है और वह बोलते है की माँ ठीक है। पर कुछ दिन हॉस्पिटल में ही रहना होगा। तुम चिंता मत करना। मैं घर नहीं आऊंगा। रात होती है। चिंटू अभी भी कमज़ोर है।
वह बच्चा था इस लिए अभी ठीक से बात नहीं कर पाता था, पर फिर भी वह माँ को अपनी बात बताता है। माँ कल लात को एक भूत आया था। मैं सुसु करने गया तो उसने मेला मुँह दबा दिया। मुझे डल लग लहा था। वह मुझे मालना चाहता था। पूर्णिमा घबरा जाती है। पर बच्चे से कहती है वह कुछ नहीं था बेटा। तुम ज्यादा सोचो मात। सब ठीक है। अभी रुको मैं तुम्हारे लिए दूध लेकर आती हूँ। और वह दूध लेने नीचे जाती है। इसी वक़्त का तो इंतज़ार था कमला और राका को।
पूर्णिमा के नीचे आते ही वह लोग चुपके से ऊपर चले जाते है। पूर्णिमा नीचे आकर देखती है के वह रसोई घर की चाबी लाना भूल गयी। तो वह फिर से ऊपर जाती है पर ऊपर जाके देखती है कमला उसे दूध पीला रही है। दूध लगभग खत्म कर लिया उसने। और फिर चिंटू अचानक बिस्तर पर गिर जाता है। इस तरह का मुसीबत देख कर पूर्णिमा रूम में आकर चिल्लाती है:
कमला! तेरी इतनी हिम्मत! तूने मेरे बेटे को क्या पिलाया? क्या था दूध में?
तभी कमला हसने लगती है और तभी अचानक पीछे से कोई आके पूर्णिमा को पकड़ लेता है। पूर्णिमा पीछे घूम कर देखती है राका!
पूर्णिमा: यह सब क्या हो रहा है। छोड़ो मुझे राका!
राका: अरे मालकिन ज़रा रुको तो। घबराओ मत आपका बेटा ठीक है। लेकिन अगर आप चाहते हैं के वह ठीक रहे तो ज़रा मेरे साथ चलिए। मैं आपकी प्यास बुझा दूंगा। राका हूं मैं राका! असली मरद ।
पूर्णिमा किसी तरह से धक्का देकर नीचे भागने लगती है तो राका भी पीछे आता है और नीचे आकर पूर्णिमा चिल्लाए उससे पहले ही राका उसे पकड़ लेता है। और उसे उठाकर गोशाला के पास जहा कमला का घर है वह ले जाकर बिस्तर पर पटक देता है। और पूर्णिमा की सुंदरता को देख कर अपने होंटों पर जीभ फिराता है। अब पूर्णिमा का क्या होगा? पूर्णिमा राका को उसके तरफ बढ़ते देखकर डर जाती है और बोलती है:
ख़बरदार जो मेरी तरफ आए मैं चिल्लाऊंगी। तुम मुझे नहीं जानते। मै इस घर की बहु हूं तुम बच नहीं पाओगे!
राका: मै जानता हूं मालकिन आप इस जमींदार घर की सबसे खूबसूरत औरत हो। आप को देखकर अच्छे अच्छे लोगो की हालत ख़राब हो जाती है। आप को सोचकर मैंने भी बहुत लंड हिलाया है हाहाहा।
पूर्णिमा: कमीना! तुमको मै नहीं छोड़ूंगी!
कमला: अरे हम भी तो चाहते है आप राका को मत छोड़ो उसको मिलन सुख दो।
पूर्णिमा देखती है कमला चिंटू को गोदी में उठा के उसके घर ले आई है। चिंटू सो रहा है। कमला और राका एक दूसरे को देखकर हँसते हैं।
कमला: सुनो मालकिन! जल्दी से अपने कपड़े उतारो और राका से चुदाई शुरू करो वर्ना आपके बेटे को हम दोनों आपके सामने ही खत्म कर देंगे।
पूर्णिमा: नहीं नहीं उसे कुछ मत करना, मै तुम दोनों की बात मानूँगी। पर चिंटू को छोड़ दो। उसे कुछ मत करना, मैं किसी को कुछ नहीं बोलूंगी। लेकिन चिंटू के सामने मैं राका के साथ मिलन नहीं कर सकती। उसे यहाँ से लेकर जाओ।
कमला: जी मालकिन! आपका हुकुम सर आखों पर। हाहाहाहा। आप बिलकुल निश्चिंत होकर राका से मज़े लीजिये। मैं आपके बेटे को लेकर दुसरे कमरे मैं जाती हूँ ताकि आप दोनों को कोई तकलीफ न हो।
यह कहकर चिंटू को लेकर वह दूसरे रूम मे चली जाती है। और दरवाज़ा बंद कर देती है।
राका अपना धोती खोलते हुए: चलो पूर्णिमा मालकिन अपना खूबसूरती मुझे दिखाइए। मैं भी आपके बड़े बड़े दूध देखना चाहता हु।
पूर्णिमा अपनी साड़ी उतारने लगी। साड़ी उतरते ही राका का 10 इंच का लंड खड़ा हो गया। पूर्णिमा उसका भयानक लंड देखकर चौक गयी। इतना बड़ा लंड! यह कैसे वह अपने अंदर लेगी? राका उसके पास आकर उसके दूध को दबाने लगता है और फिर गांड को दबाने लगता है। फिर पीछे जाके पूर्णिमा को कंधे को अपने मोठे मोठे होटों से चूमने सहलाने लगता है और उसके कान को बाईट करता है। अब पूर्णिमा के शरीर मे अजीब सी हलचल महसूस होती है।
राका उसके पैर को थोड़ा खोलने को कहता है। अब पूर्णिमा के पैर बीच में से खुले थे। राका पूर्णिमा के पैर के बीच मैं से और गांड के नीच से अपना लंड आगे ले जाता है। मतलब राका पूर्णिमा के पीछे है लेकिन उसका लंड पूर्णिमा की चूत ने नीचे से होकर सामने बड़ा हुआ था। कोई अगर देखता तो यह समझता पूर्णिमा के दो पैर के बीच में एक लंड जन्मा है। अपने सामने इतना बड़ा लंड देख कर पूर्णिमा को अजीब सा लग रहा है और पीछे राका उसके कंधे को चुम रहा था।
अब राका ने पूर्णिमा को अपने तरफ किआ और उसके हसींन होटों को अपने होटों में ले लिया और उसके जीभ को चूसने लगा। राका अपने एक हाथ से पूर्णिमा की गांड दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसका बाल पकड़ा हुआ था। अब राका अचानक उसके गांड पे थप्पड़ मारा पूर्णिमा स्स्स्सह्ह्ह्ह कर उठी। फिर राका एक घिनोना हँसी हसने लगा। पूर्णिमा थोड़ी डर गयी। फिर राका ने उसके सुन्दर चेहरे के सामने अपना बदसूरत चेहरा ले आया और अपना जीभ निकाल कर उसके हॉट को चाटने लगा। पूर्णिमा को भी पता नहीं क्या हुआ उसने भी अपनी जीभ निकाल दी।
अब दोनों एक दूसरे की जीभ चाट रहे थे। फिर राका ने पूर्णिमा का एक पैर बिस्तर पर रख दिया और नीचे बैठ गया और पूर्णिमा के गांड को पकड़ कर अपना डरावना मुँह उसके चूत से लगा लिया।
पूर्णिमा: आह्हः राका तुम क्या कर रहे हो? ऐसे मत चाटो मेरी उस जगह को! उफ्फ्फ इतना मज़ा क्यों लग रहा मुझे? मैं पागल हो जाउंगी। राका उठो अब मुझे और सहन नहीं होता। जल्दी से मुझसे मिलान करो।
राका खुश हो जाता है उसे जो चाहिए था अब वह मिलने वाला था। उधर चिंटू सो यहा है। उस बच्चे को नहीं पाता, उसकी माँ उसके ही खून की कोशिश करने वाले के साथ मिलान करने वाली है। राका खड़ा होता है और अपनी मूंछ को ताव देकर आगे बढ़ता है पूर्णिमा के तरफ और अपने लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगता है पूर्णिमा को दिखा दिखा के। पूर्णिमा देखती है एक भयानक बड़ा लंड का मुँह खुल रहा है बंद हो रहा है। फिर राका उसके कमर को पकड़ कर उसे घूमा देता है और पूर्णिमा के गांड के बीच में अपना लंड घिसता रहता हैं। अपने गांड के बीच इतना बड़ा मोटा और गरम लंड के दबाव को महसूस कर के वह भी गरम हो जाती है।
राका उसके कान के पास आकर कहता है: मालकिन आज आपको मैं ऐसा सुख दूंगा के आप सब कुछ भूल जाओगी और सिर्फ मुझे याद रखोगी।
पूर्णिमा अपना कमर पीछे कर के वह लंड अपने गांड से रगड़ने लगती है। राका समझ जाता है माल पूरी रेडी है। अब वह पूर्णिमा को और गरम करने लगता है वह पूर्णिमा के चूत में अपना ऊँगली डाल कर जोर जोर से हिलाने लगता है। पूर्णिमा कांपने लगती है और सिसकारी लेने लगती हैं और कहती है: आआह राका उफ्फ्फ्फ़ मत करो ऐसे और मत तरपओ मुझे तुम्हारा ऊँगली मेरे अंदर से निकालो।
राका ऊँगली निकालने के जगह अपना दूसरी ऊँगली डाल देता है। अब वह दो ऊँगली से पूर्णिमा की चूत चुदाई कर रहा है।
पूर्णिमा दांत दबाके कहती है: आआह यह क्या हो रहा है मुझे ऐसे मत करो। एक तो मेरा बेटे को तुम मरने की धमकी दे रहे हो दूसरी तरफ मेरी हालत और खराब कर रहे हो। उफ्फफ्फ्फ़ इतना सुख! अब बस करो राका! असली मर्द हो तो मुझे मिलन सुख दो।
यह सुनकर राका रुक जाता है। और पूर्णिमा को कहता है – ठीक है जानेमन अब मैं तुम्हे चोदूँगा पर पहले अपने हसीन होटों से मुझे और गरम करो।
पूर्णिमा को समझ नहीं आता वह मतलब पूछती है।
राका कहता है: अपने लाल लाल होटों होटों से मेरा असली मरद वाला लंड चुसो। इसको अपनी मुँह में ले लो ।
पूर्णिमा दूर हट जाती है और कहती है: नहीं मैं ये सब नहीं करुँगी। मैं तुम्हारा वह अपने मुँह में नहीं लुंगी।
राका: अगर तुम ऐसा नहीं करोगी तो तुम्हारे बेटे को मैं और कमला खत्म कर देंगे। मैं अपना प्यास बुझा के ही रहूँगा तेरी जैसी खूबसूरत बला को भोग करके। बोल मेरी बात सुनेगी या तेरे बेटे को ख़तम कर दूँ?
पूर्णिमा: नहीं नहीं! उसे कुछ मत करना। मैं तुम्हारा बात मानती हु।
यह कहकर वह राका के सामने आकर नीचे बैठ जाती है और उस भयानक लम्बे लंड को अपनी हाथ में पकड़ लेती है और हिलाने लगती है।
वह मन में कहती है: हाय कितना तगड़ा लंड है यह! इतना बड़ा और मोटा लंड मैं कैसे चूसूंगी?
फिर वह एकबार राका के तरफ देखती है और मुँह खोलके उसके लंड का सामने वाला हिस्सा मुँह में ले लेती है और चूसने लगती है। फिर पूर्णिमा एक हाथ में लंड लेकर हिलाने लगती है और मुँह से चूसने लगती है और दुसरे हाथ से राका के गांड को सहलाने लगती है। कभी वह मुँह से लंड निकाल कर जोर जोर से हिलाती है और फिर से अपनी खूबसूरत मुँह में लेती है। अब उसे राका का लंड चूसने में एक अजीब सा नशा हो रहा था। वह दोनों हाथों से लंड को पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी पर लंड का सामने का हिस्सा उसके मुँह में था।
राका ओह आह मालकिन आआह क्या चूस रही हो उफ्फ़ सीस्स्स्सह्ह्ह ओह है मेरा लंड आज तो इसका रस निकल जायेगा। आआह!
अब राका पूर्णिमा को खड़ा करता है और बिस्तर की तरफ इशारा कर करते हुए चार पैरों में खड़ी होने को कहता है। पूर्णिमा उसके बात सुनते हुए बिस्तर में जाकर पैर और हाथों के बल पर खड़ी हो जाती है। और सोचती है अब राका क्या करेगा? तभी उसके चूत के अंदर नरम गरम कुछ महसूस होती है। पर वह पीछे मुड़कर नहीं देखती। वह सिसकारियां भरने लगती है। आह उफ्फ़।
उधर राका अपनी जीभ पूरा का पूरा चूत के अंदर डाल कर चूसने लगता है। फिर वह पूर्णिमा के गांड के अंदर जीभ डाल देता है। पूर्णिमा अब अपना होश जैसे खो बैठती है और कहती है: राका! अब मुझे और मत तड़पाओ। मुझे दिखाओ तुम कितने बड़े मर्द हो। चलो मिलन करो मुझसे।
राका उठ कर अपना लंड चूत के अंदर आहिस्ता आहिस्ता डालने लगाता है। चूत काम रस से गीला था इसलिये धीरे धीरे लंड अंदर जाने लगता है। एक समय राका का शैतानी लंड पूर्णिमा के अंदर पूरा घुस जाता है और दोनों ही उस वक़्त एकसाथ – आआआअह्हह्ह्ह्ह आवाज़ निकालते है। और राका चुदाई शुरू कर देता है। थप थप की आवाज़ आने लगाता है। पूर्णिमा भी उसका साथ दे रही है अपना गांड हिला हिला के। वह भूल गयी वह जिससे मिलन कर रही है वह थोड़ी देर पहले ही उसके बेटे चिंटू को मारने की बात कर रहा था। थोड़ी देर बाद की सीन ये था कि-
आह आह और ज़ोर से मालकिन और ज़ोर से हाँ ऐसे चोदो मुझे। यह सब राका पूर्णिमा को कह रहा था। अब राका पूर्णिमा को नहीं पूर्णिमा राका को चोद रही थी। राका नीचे था और पूर्णिमा उसके ऊपर बैठ कर गांड को ऊपर नीचे कर के चुदाई कर रही थी। इसके कारण उसके बड़े बड़े बूब्स पागलों की तरह इधर उधर उछल रहे थे। राका जंपिंग बूब्स को देख कर और गरम हो रहा था । पूर्णिमा राका को उसके दूध के तरफ गंदे नज़रो से देखते हुए देखकर अजीब सा महसूस करती है। और और वह राका के सामने झुक के चुदाई करती रहती है ताकि राका और सामने से उसका बूब्स देख सके। राका अपने आखों के सामबे बड़े बड़े स्तन (बूब्स) देखकर अपने आपको रोक नहीं पाता है और एक निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर देता है।
पूर्णिमा सीस्स्स्सह्ह कर कर आवाज़ करती है। राका अब और जोश में खड़ा हो जाता है और पूर्णिमा को गोदी में ले लेता है। अब वह पूर्णिमा को खड़े खड़े अपनी गोदी में लेकर चुदाई शुरू करता है। उधर कमला सोते हुए चिंटू के सर पर हाथ फेर कर कहती है – देख तेरी माँ तुझे बचाने के लिए आयी थी। पर तुझे भूल कर तुझे जो मारने वाला था उसके साथ ही मज़ा ले रही है। हाहाहाहा करके हंसने लगती है। और दूर से दो मर्द और औरत की मिलन की आवाज़ आ रही है। येह येह येस ओह और जोर से करो येस येस फक मी हार्ड।
आगे क्या हुआ पढिए अगले पार्ट मे।
