एक इंग्लिश टीचर की काम वासना 2
English teacher ki vasna ki kahani:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ कि सुरभि ने लाइब्रेरी की खिड़की से स्पोर्ट्स टीचर को एक लड़की के साथ फुसफुसाते हुए देखा। वो अंदर झाँककर उनकी बातें सुनने लगी थी। बारिश हो रही थी और कॉलेज खाली था।
वो लड़की बोलती है…
पिछला पार्ट यहाँ पढ़ें ==> एक इंग्लिश टीचर की काम वासना 1
English teacher ki vasna ki desi sex kahani
लड़की: मैं तो उससे अच्छा खेलती हूँ… फिर भी आप उसे क्यों लेके जा रहे हो टूर्नामेंट्स में…
स्पोर्ट्स टीचर: वो भी अच्छा खेलती है…
लड़की: आप झूठ बोल रहे हो… मैंने तो उसको हमेशा ही हराया है…
स्पोर्ट्स टीचर: उसकी हाइट अच्छी है… उसको उस चीज का बेनिफिट मिलेगा…
लड़की: सर आप कुछ भी बोल रहे हो… अगर वो मुझसे नहीं जीत पा रही तो इतने बड़े टूर्नामेंट में कैसे जीतेगी… जरूर आपने उससे पैसे लिए हैं…
स्पोर्ट्स टीचर: पैसे नहीं… वो मुझे कुछ और देगी पूरे 15 दिन… उस टूर्नामेंट में… जो कि तू नहीं दे सकती…
वो लड़की एकदम शांत हो जाती है…
सुरभि भी एकदम शॉक हो जाती है…
थोड़ी देर बाद टीचर बोलता है…
स्पोर्ट्स टीचर: और हाँ सोच लो… 15 दिन कॉलेज की सबसे हॉट लड़की तुम्हारे बीएफ के साथ रहेगी… कॉलेज कैप्टन तुम्हारा बीएफ है ना… मुझे सब पता है…
लड़की थोड़ी सैड हो जाती है…
लड़की: सर बट मैं उससे बेटर प्लेयर हूँ… वो तो और भी स्पोर्ट्स खेलती है… उसे तो वैसे भी जाएगी टूर्नामेंट्स के लिए… बैडमिंटन में आप मुझे सिलेक्ट कर लो ना…
टीचर थोड़ा सोचने के बाद…
स्पोर्ट्स टीचर: बट तुम क्या कर सकती हो मेरे लिए…
लड़की शांत रहती है…
लड़की: बट सर मेरा BF है…
स्पोर्ट्स टीचर: हाँ तो बीएफ है फिर तो और अच्छी बात है… सेक्स तो किया ही होगा उसके साथ…
लड़की शांत रहती है…
स्पोर्ट्स टीचर: बोलो नहीं किया क्या…
सुरभि भी क्यूरियस हो जाती है… कि क्या इस लड़की ने सेक्स किया होगा अभी तक… और एक लड़की बहुत क्यूट सी शरीफ टाइप की लग रही थी… सुरभि को एक्सपेक्टेड था कि वो बोलेगी… नहीं किया है…
लड़की: किया है सर…
ये सुनते ही सुरभि को यकीन नहीं होता है…
स्पोर्ट्स टीचर: हाँ फिर क्या दिक्कत है… मैं तो तुझे शरीफ समझ रहा था… लेकिन तू भी चुदी हुई है… फिर तो तू भी कुछ दे सकती है…
वो लड़की शांति से उसकी बात सुनती है…
स्पोर्ट्स टीचर: कहाँ चुदवाती है… आरव से… बोल… शांत क्यों है… देख मुझे तेरे साथ जबरदस्ती कुछ नहीं करना है… या तो जो पूछ रहा हूँ उसका जवाब दे… या तो तू जा सकती है… और भूल जा कि तेरा सिलेक्शन होगा टूर्नामेंट में… और तुझे तो पता ही है… शिवानी को आरव कितना पसंद है… तुझे लगता है… कि अगर शिवानी जैसी हॉट लड़की सामने से लाइन देगी तो आरव कंट्रोल कर पाएगा… तू खुद सोच…
सुरभि को टीचर पे बहुत गुस्सा आता है कि कैसे वो एक छोटी लड़की को मैनिपुलेट कर रहा है…
स्पोर्ट्स टीचर: अब बता कितनी बार चुदी है…
लड़की: 5 बार
स्पोर्ट्स टीचर: कहाँ चुदवाती है…
लड़की: वो उसके एक दोस्त के रूम पे…
टीचर एक गंदी सी स्माइल करता है…
स्पोर्ट्स टीचर: तो सोच के 30 मिनट के लिए खुद को मुझे सौंप दे… फिर तेरा बीएफ भी तेरा… और ये बात मैं किसी को नहीं बताऊँगा… तू भी मत बताना… बोल हाँ या ना
सुरभि अब सोचती है कि क्या होगा… क्या ये लड़की हाँ बोलेगी या नहीं…
लड़की शांत खड़ी रहती है… और टीचर… उसको दीवार से लगाके किस करने लगता है… लड़की भी कुछ नहीं बोलती खड़ी रहती है… किस करते हुए वो उसको बूब्स को दबाता है… और उसके पूरे बॉडी पे अपना हाथ लगाता है…
फिर वो लड़की के पैंटी में हाथ डाल देता है…
स्पोर्ट्स टीचर: ओह अच्छा तू तो गीली हो गई है… फिर नाटक क्यों कर रही है… मजे ले… मैं तेरे बीएफ को नहीं बताऊँगा…
और वो उसकी पैंटी निकाल देता है… नीचे से… अब लड़की स्कर्ट और टॉप में है…
सुरभि को फील होता है कि शायद वो भी गीली हो गई है नीचे से…
फिर टीचर लड़की का टॉप भी निकाल देता है… और वो बस ब्रा में होती है… उसके बूब्स जितना सुरभि को लगता है उससे बड़े होते हैं…
स्पोर्ट्स टीचर: ओह वाओ… तेरे बूब्स तो मस्त हैं…
और वो ब्रा भी निकालके फेंक देता है…
सुरभि जब ध्यान से देखती है… तो पता चलता है कि… लड़की भी अब पूरी मदहोश हो चुकी है और वो खुद… टीचर का लंड मसल रही है…
स्पोर्ट्स टीचर: बाहर निकाल इसको…
लड़की वैसा ही करती है…
सुरभि की आँखें फटी की फटी रह जाती हैं… क्योंकि उसका लंड करीब 8 इंच लंबा और काफी मोटा है… और उसके पति से काफी गोरा भी है लंड…
टीचर लड़की को जमीन पे बैठा देता है… लड़की भी बैठ जाती है… और टीचर अपना लंड उसको मुँह में घुसाने लगता है… लड़की आधा ही लंड मुँह में ले पाती है…
करीब 3-4 मिनट लंड चुसवाने के बाद टीचर लड़की को खड़ा होने को बोलता है… और अपना लंड सेट करने की कोशिश करता है उसकी चूत पे… बट लड़की की हाइट कम होने की वजह से उसकी चूत ज्यादा नीचे होती है… और ये पोजीशन अच्छे से नहीं बन पाती है… तो टीचर लड़की को एक टेबल पे झुका देता है… और लड़की अपनी आधी उठाके अच्छी पोजीशन बनाती है… टीचर अपना लंड घुसा देता है… लड़की थोड़ी आवाज करती तो टीचर उसका मुँह दबा देता है… और चोदने लगता है… लड़की भी अब पूरे मजे ले रही है… इसी तरह से टीचर उसको करीब 10 मिनट चोदता है।
करीब 10 मिनट चोदने के बाद टीचर लड़की को टेबल पे लिटा देता है… और जोर-जोर से उसकी चूत मारता है… उसके बूब्स हवा में नाचते हैं… और उसके फेस से साफ पता चल रहा है… कि वो कितने मजे में है…
लड़की के फेस पे ऐसा लग रहा था कि लड़की वो अनुभव कर रही है… जो शायद सुरभि ने कभी नहीं किया है…
सुरभि से अब रहा नहीं गया… उसका एक हाथ अब अपनी सलवार के अंदर चला गया… और वो बिना कुछ सोचे 2 उँगली चूत में घुसा देती है…
उधर टीचर लड़की की तबाहतोड़ चुदाई कर रहा होता है… और करीब 10 मिनट बाद वो अपना पानी लड़की के पेट पे निकाल देता है… और लड़की एक मुस्कान और थकावट के साथ टेबल पे लेटी रहती है…
सुरभि सोचती है… इस लड़की ने ये मजबूरी में किया… लेकिन एक अच्छा सेक्स… एक औरत को कितनी खुशी दे सकता है…
तभी सुरभि देखती है… कि लड़की अब अपने कपड़े पहन रही है… तो वो जल्दी से वहाँ से निकल जाती है… अब बारिश भी बंद हो चुकी है… कॉलेज के गेटकीपर को समझ नहीं आता है… कि सुरभि मैम को पसीना क्यों आ रहा है… सुरभि जल्दी से ऑटो लेके घर के लिए निकल जाती है… बट उसके दिमाग में बस वही चल रहा होता है… वो सोचती है… क्या वो लड़की अब दोबारा कभी अपने टीचर से सेक्स करेगी… फिर उसके दिमाग में आता है… हाँ वो जरूर करेगी… बस एक ही रीजन हो सकता है कि वो न करे कि उसका बीएफ भी उतना ही अच्छा हो सेक्स में… ये सब सोचते हुए वो घर पहुँच जाती है।
सुरभि उस इंसिडेंट के बाद काफी हॉर्नी थी। उसका बहुत मन था अच्छा सेक्स करने का।
लेकिन प्रशांत हॉल में बैठकर टीवी देख रहा था।
सुरभि ने आज एक रेड कलर की नाइटी पहनी है। वो हॉल में जाती है और बोलती है…
सुरभि: क्या देख रहे हो… सोना नहीं है क्या…
प्रशांत: कल संडे है बेबी… तो सोचा कुछ देख लेता हूँ… क्या हुआ तुम्हें नींद नहीं आ रही क्या…
सुरभि क्यूट बनते हुए…
सुरभि: नहीं बेबी…
और प्रशांत के बगल में आकर सोफे पे बैठ जाती है… और अपना सिर उसकी चेस्ट पे रख देती है…
सुरभि: क्या तुम यही बोरिंग मूवी बार-बार देखते रहते हो…
प्रशांत को समझ में आ जाता है… कि सुरभि का आज मूड है…
प्रशांत: ओह अच्छा जी… तो बेबी का आज मूड बना हुआ है…
सुरभि: हाँ बुद्धू… चलो ना बेडरूम में…
और वो उसको गाल पे किस करके बेडरूम में चली जाती है…
2 मिनट बाद जब प्रशांत रूम में आता है तो देखता है बेड पे कोई नहीं है… तभी सुरभि उसको पीछे से धक्का दे देती है… और वो बेड पे गिर जाता है… जब मुड़के देखता है… तो सुरभि पूरी नंगी बस एक पैंटी पहन रखी है… और उसके बड़े-बड़े बूब्स हवा में हैं…
प्रशांत: ओह्ह… बेबी तो आज कुछ ज्यादा ही मूड में है…
सुरभि उसको शांत होने का इशारा करती है और बेड पे आ जाती है… और उसके पैरों के पास बैठकर उसके शॉर्ट्स नीचे कर देती है… प्रशांत का 5 इंच का लंड… टीचर के लंड से बहुत छोटा था… अचानक से सुरभि के दिमाग में टीचर का लंड आ जाता है… लेकिन फिर सुरभि जल्दी से उसे भुलाकर… प्रशांत का लंड हाथ में ले लेती है…
सुरभि: बेबी मैं तुम्हें हॉट नहीं लगती क्या… ये खड़ा क्यों नहीं है अभी तक…
प्रशांत: बस अभी खड़ा हो जाएगा बेबी…
सुरभि: खड़ा तो इसको होना ही पड़ेगा…
और उसका लंड मुँह में ले लेती है… और चूसने लगती है… प्रशांत आहें भरने लगता है… और थोड़ी ही देर में… उसका लंड ठीक-ठाक खड़ा हो जाता है…
प्रशांत: बेबी अब करें…
सुरभि: हाँ करते हैं बेबी… लेकिन आज मिशनरी नहीं… आज मैं राइड करूँगी…
प्रशांत स्माइल करता है और बोलता है…
प्रशांत: श्योर बेबी…
सुरभि प्रशांत के ऊपर आ जाती है… और अपनी चूत उसके लंड पे सेट करके बैठ जाती है… और आगे-पीछे होकर चुदना स्टार्ट कर देती है… स्लोली… प्रशांत आहें भर रहा है… सुरभि उसको किस करती है…
प्रशांत: आई लव यू बेबी… उफ्फ यू आर द बेस्ट…
सुरभि अपना स्पीड बढ़ाने लगती है… और जोर-जोर से राइड करती है…
प्रशांत: आह्ह बेबी आह्ह क्या मस्त राइड कर रही तुम…
सुरभि: येस येस फक मी बेबी…
सुरभि अब पूरे मूड में आ गई है… तभी प्रशांत बोलता है…
प्रशांत: बेबी मेरा होने वाला है…
सुरभि पूरे मूड में है… तो अचानक से उसके मुँह से निकल जाता है…
सुरभि: क्याааा…
फिर वो खुद को संभालती है और बोलती है…
सुरभि: अंदर ही निकाल दो… मैं टैबलेट्स ले लूँगी…
और राइड कंटीन्यू करती है… और थोड़ी देर बाद प्रशांत का हो जाता है… लेकिन सुरभि राइड करती रहती है… लेकिन फिर प्रशांत का लंड छोटा हो जाता है… तो सुरभि रुक जाती है… प्रशांत भी समझ जाता है कि आज सुरभि का बहुत मूड है… बट वो उसको सैटिस्फाइड नहीं कर पाया… और वो बोलता है…
प्रशांत: बेबी फिंगरिंग कर दूँ…
सुरभि को थोड़ा अच्छा लगता है…
सुरभि: हाँ जान… कर दो ना…
प्रशांत साइड में लेटकर अपनी 2 उँगली सुरभि की चूत में डाल देता है… सुरभि अपनी आँखें बंद करती है तो उसको दिन में हुई चुदाई याद आने लगती है… फिर उसको गिल्ट भी होता है…
सुरभि: बेबी 3 उँगली डाल दो…
प्रशांत सुरभि की तरफ देखता है…
प्रशांत: आज मेरा बेबी बहुत ज्यादा हॉर्नी है…
सुरभि उसके लिप्स पे किस करने लगती है…
सुरभि: हाँ बेबी…
और 2 मिनट फिंगरिंग के बाद बोलती है…
सुरभि: बस अब रहने दो…
फिर दोनों थोड़ी देर तक ऐसे ही लेटे रहते हैं…
फिर सुरभि उठकर अपने कपड़े पहन लेती है… प्रशांत भी शॉर्ट्स पहन लेता है…
प्रशांत: क्या हुआ बेबी… तुम्हें मजा नहीं आया ना…
सुरभि: ऐसा कुछ नहीं है…
प्रशांत: बेबी ऑफिस में बहुत स्ट्रेस रहता है… इसलिए मुझे लगता है… कि मैं अच्छे से परफॉर्म नहीं कर पाता…
सुरभि: ऐसी कोई बात नहीं है जान…
प्रशांत: अरे बेबी तुम खुलकर बोल सकती हो… मैंने इंटरनेट पे पढ़ा ही… कि फीमेल का बेस्ट सेक्स का एज यही होता है… जब बच्चे थोड़े बड़े हो जाते हैं…
सुरभि: ओह…
प्रशांत: मैं कभी-कभी सोचता हूँ कि वायग्रा खाके करूँ… बट उसके बहुत साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं जान… मैंने शिलाजीत ऑर्डर किया है… कल से रोज खाऊँगा…
सुरभि को प्रशांत के लिए थोड़ा बुरा लगता है…
सुरभि: कोई नहीं जान तुमने बहुत अच्छा किया… अब सो जाओ…
दोनों सो जाते हैं।
आज मंडे है। सुरभि पिंक कलर की साड़ी पहनकर स्कूल आई है।
मॉर्निंग असेंबली में प्रेयर्स के बाद प्रिंसिपल सबको बताता है कि हमारा कॉलेज स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन में पार्टिसिपेट करने के लिए एलिजिबल नहीं है। सारे बच्चे दुखी हो जाते हैं। और सब अपनी-अपनी क्लास में चले जाते हैं।
सुरभि की नजर क्लास की लाइन पे जाती है… जिसमें उसे वो लड़की दिखाई देती है जिसको उसने लाइब्रेरी में देखा था… उसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वो रोने वाली है… सुरभि को उसके लिए बहुत बुरा लगता है। लेकिन वो कुछ कर नहीं सकती है तो वो क्लास में चली जाती है। अपनी क्लासेस लेती है।
लंच के बाद उसको पिओन से पता चलता है कि उसे प्रिंसिपल ने अपने केबिन में बुलाया है।
लंच खत्म करके वो प्रिंसिपल केबिन में जाती है… जब वो केबिन में एंटर करती है तो केबिन में पहले से 2 और लोग हैं।
सुरभि उन्हें देखके थोड़ा शॉक हो जाती है… क्योंकि वो स्पोर्ट्स टीचर है और कॉलेज कैप्टन… सुरभि को अचानक से लगता है कहीं स्पोर्ट्स टीचर ने उसे देख तो नहीं लिया था… बट वो कंप्लेन क्यों करेगा… यही सब सोचती है वो तभी…
प्रिंसिपल: आइए मैम…
आरव: येस सर… इन्हीं मैम के बारे में बोल रहा था मैं।
सुरभि को कुछ समझ नहीं आता है।
प्रिंसिपल: आइए बैठिए मैम…
सुरभि चेयर पे बैठ जाती है।
अभिमन्यु सुरभि को ऊपर से नीचे तक देखता है तिरछी नजरों से…
प्रिंसिपल: ओके आरव बेटा… आप जाओ।
आरव: ओके सर… प्लीज कुछ करिए… हम जरूर मेडल्स लाएँगे।
प्रिंसिपल: ओके ओके तुम जाओ मैं देखता हूँ…
आरव चला जाता है।
प्रिंसिपल: सुरभि मैम इनसे मिलिए ये हैं हमारे स्पोर्ट्स टीचर अभिमन्यु सर… और ये सुरभि मैम हैं… इंग्लिश पढ़ाती हैं।
अभिमन्यु और सुरभि दोनों फॉर्मली एक-दूसरे को देखकर स्माइल करते हैं।
प्रिंसिपल: अभिमन्यु आप ही समझो क्या दिक्कत है।
अभिमन्यु: मैम देखिए ऐसा है कि… कॉम्पिटिशन में पार्टिसिपेट करने के लिए के रूल है… कि हर कॉलेज में एक मेल और फीमेल टीचर या कोच होना चाहिए… बट प्रॉब्लम ये है कि हमारे कॉलेज में कोई लेडी स्पोर्ट्स टीचर नहीं है…
सुरभि: ओह्ह
प्रिंसिपल: तो हम चाहते हैं कि आप बच्चों के साथ कॉम्पिटिशन में जाएँ।
सुरभि: बट सर मैं कैसे…
अभिमन्यु: मैम टेंशन की कोई बात नहीं है… वहाँ किसी को पता थोड़ी चलेगा कि आप स्पोर्ट्स टीचर नहीं हो।
प्रिंसिपल: प्रॉब्लम ये है कि हमारे कॉलेज की ज्यादातर टीचर्स ओल्ड हैं। जो यंग हैं वो बिल्कुल भी फिट नहीं हैं… या तो सब ओवरवेट हैं या बहुत पतली हैं।
अभिमन्यु: हाँ आपका फिगर देखके तो आप एकदम स्पोर्ट्स टीचर ही लग रही हो… आई मीन काफी अच्छा मेंटेन किया है आपने खुद को… प्लीज आप कंसिडर करिए… नहीं तो बच्चों की सारी मेहनत खराब हो जाएगी।
सुरभि को तो यकीन नहीं हो रहा कि जिससे कुछ दिन पहले उसने लाइब्रेरी में ऐसे हार्डकोर सेक्स करते हुए देखा था… आज वो उससे कितने अच्छे तरीके से शरीफ बनके बात कर रहा है।
सुरभि: बट सर मेरी क्लासेस उसका क्या होगा।
प्रिंसिपल: मैम आप उसकी टेंशन मत लीजिए वो मैं ज्योति से बोल दूँगा वो ले लेगी क्लासेस।
सुरभि थोड़ी देर शांत रहती है…
प्रिंसिपल: हाँ कर दीजिए ना… आपका तो एक तरीके का पेड हॉलीडे हो जाएगा। क्योंकि कॉम्पिटिशन देहरादून में है। और मैं डायरेक्टर से बात करके आपकी सैलरी भी बढ़वाने की बात करूँगा।
सुरभि को ये डील अच्छी लगती है। क्योंकि इसमें उसका कोई नुकसान तो था नहीं।
सुरभि: कब है ट्रिप… आई मीन कॉम्पिटिशन?
तीनों ये सुनके हँसने लगते हैं।
अभिमन्यु: 10 दिन बाद है मैम। और हमने 10 दिन प्रैक्टिस के लिए बच्चों के लिए एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बुक किया है। जिसमें बच्चे 5 बजे से 8 बजे तक प्रैक्टिस करते हैं।
सुरभि थोड़ी देर शांत रहती है तो प्रिंसिपल अचानक से बोलता है।
प्रिंसिपल: 10 दिन के लिए आप चाहे तो लंच के बाद घर जा सकती हैं। लंच के बाद वैसे भी आपकी 1 क्लास होती है उसको मैं किसी और को दे दूँगा… आप भी शाम में जाके बच्चों से मिल लिया कीजिएगा।
सुरभि ओके बोलती है।
अभिमन्यु: थैंक्स सुरभि मैम… हेल्प के लिए।
सुरभि स्माइल करती है… और केबिन से बाहर आ जाती है… जाते टाइम प्रिंसिपल और अभिमन्यु दोनों की नजर सुरभि की गाँड पे होती है…
घर जाके सुरभि प्रशांत को सब बताती है। और उसके दोनों बच्चे भी पास में होते हैं…
प्रशांत: वाओ… चलो इतनी फिटनेस का कुछ तो फायदा हुआ…
उसकी बड़ी लड़की बोलती है…
बड़ी बेटी: येस मम्मा यू आर रियली फिट…
सुरभि उसको गाल पे किस करती है… और बोलती है…
सुरभि: इफ यू विल ईट ग्रीन वेजिटेबल यू विल बी ऑल्सो फिट…
बेटी: येस आई विल ईट मम्मा… टेल पापा ऑल्सो टू ईट ग्रीन वेजिटेबल…
सब हँसने लगते हैं।
अगला दिन
सुरभि बैठकर लंच कर रही होती है… तभी अभिमन्यु उसके पास आता है… सुरभि नोटिस नहीं करती है… और अपना लंच करती है… अभिमन्यु को ऊपर से सुरभि का क्लीवेज दिखता है… क्योंकि वो उसके जस्ट बगल में खड़ा है…
अभिमन्यु: हेलो मैम… आप घर नहीं गईं?
सुरभि: ओह हाँ… अभी चली जाऊँगी… रोज की आदत है ना… तो गलती से लंच लेके आ गई।
अभिमन्यु: ओह अच्छा… तो आज आप आएँगी ना शाम को?
सुरभि: हाँ… सत्यम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आना है ना।
अभिमन्यु: हाँ वहीं आना है… और हाँ वैसे साड़ी आपके ऊपर काफी अच्छी लगती है… बट वहाँ साड़ी पहनके नहीं आना है।
सुरभि को अचानक से याद आता है कि उसने इस बारे में तो सोचा ही नहीं।
सुरभि: ओह हाँ… क्या पहनके आना है?
अभिमन्यु: उम्म… कुछ भी कंफर्टेबल पहनके आ जाइएगा…
सुरभि: ओके।
अभिमन्यु: आप जिम तो जाती ही होंगी… तो वही पहन लीजिएगा।
सुरभि: नहीं अब जिम नहीं जा पाती हूँ… बच्चों से टाइम नहीं मिलता ना।
अभिमन्यु: किसके बच्चे?
सुरभि स्माइल करती है।
सुरभि: मेरे बच्चे।
अभिमन्यु: ओह आपके बच्चे भी हैं?
सुरभि: हाँ… हाँ 2 बच्चे हैं।
अभिमन्यु: ओह मुझे तो लगा आप मेरी एज की हैं।
सुरभि: क्या एज है आपकी?
अभिमन्यु: मैं तो 32 का हूँ।
सुरभि: ओके।
अभिमन्यु: और आप… वैसे लड़कियों से एज नहीं पूछते… बट फिर भी…
सुरभि: मैं 36 की हूँ।
अभिमन्यु: ओह आप 30 से एक दिन की भी ज्यादा नहीं लगतीं।
सुरभि: थैंक यू… आपके कितने बच्चे हैं?
अभिमन्यु: नहीं अभी हमारा देश इतना प्रोग्रेसिव नहीं हुआ है कि बिना शादी के बच्चे हो जाएँ।
सुरभि: हेहे वेरी फनी… शादी क्यों नहीं की?
अभिमन्यु: जीएफ ने किसी और से शादी कर ली… उसके बाद कोई मिला ही नहीं।
सुरभि: ओह ओके।
अभिमन्यु: आपने लव मैरिज की थी या अरेंज?
सुरभि: अरेंज।
अभिमन्यु: क्या… आपकी जितनी ब्यूटी… सॉरी सॉरी आई मीन इतनी ब्यूटीफुल लड़की ने अरेंज मैरिज कैसे कर ली…
सुरभि: बस कर ली… अब तो बहुत पुरानी बातें हो गईं…
लंच खत्म होने की बेल बज जाती है।
सुरभि: ओके मैं चलती हूँ… ज्योति को बता दूँ क्या पढ़ना है।
अभिमन्यु: ओके मैम।
सुरभि मन में सोचती है कि उससे बोल दे कि उसको मैम न बुलाए… बट कुछ बोलती नहीं है…
सुरभि फिर ज्योति को समझाके ऑटो से घर जाने लगती है।
रास्ते में उसके दिमाग में चलता है क्या उसने अरेंज मैरिज करके गलती कर दी… कॉलेज में कितने लड़के उससे बात करने के लिए मरते थे… क्या उसको अपने बीएफ के लिए रुक जाना चाहिए था… क्या पता उसको बाद में जॉब मिल जाती…
घर वालों को खुशी के चक्कर में उसने कहीं अपना नुकसान तो नहीं कर लिया…
फिर वो खुद को खुद से डाँटती है… कि मैं क्या-क्या सोच रही… प्रशांत उससे कितना प्यार करता है… कितना सपोर्टिव है वो… और हम पहले कितना सेक्स भी करते थे… शायद मैं ही गलत हूँ… मुझे समझना चाहिए… शादी में 9 साल बाद सबके बीच ऐसा ही हो जाता होगा… प्रशांत कितना गुड बॉय है मेरी हर बात मानता है… मैं कितना परेशान करती हूँ उसको… मेरी सारी सहेलियों के हस्बैंड तो कितने टॉक्सिक हैं… ये सब सोचते हुए वो घर पहुँच जाती है।

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