भैया ने चोद चोद के मार डाला
Bhai Bahan ki hardcore chudai kahani:- दोस्तों यह कहानी है तबकी जब एक बार मैं अपनी सहेली शशि के घर गई थी, वहाँ पर हम दोनों के बीच एक कामुक लेस्बियन सेक्स हुआ। शशि के घर से मैं जब निकली तो मेरे क़दम कमज़ोर हो गए थे। उसके साथ जो विस्फोटक लेस्बियन अनुभव हुआ उसने मुझे थका दिया लेकिन मेरा शरीर एक फूल की तरह खिल गया था। मेरी अपने शहर में वापसी इतनी मनोरंजक हुई थी कि अब यह सोचना पड़ रहा था कि यहाँ मेरी किस्मत में और क्या कुछ होने वाला है। शशि जितनी बेशर्म थी उतनी ही सेक्सी और प्यारी भी थी। सबसे बड़ी बात यह थी कि वो मुझे ज़िंदगी का हर आनंद दिलाना चाहती थी। शायद अब मेरी ज़िंदगी से सेक्स की बोरियत का अंत होने जा रहा था। अपनी सहेली की चूची को चूमना और उसको अपनी ज़ुबान से आनंदित करने की याद से मेरी चूत फिर उत्तेजित होने लगी थी।
Bhai Bahan ki hardcore chudai hindi sex story
घर के गेट पर पहुँची तो मेरा भाई संजय बाहर आ रहा था।
संजय: बिंदु दीदी, इतनी देर कहाँ लगा दी? मैं कब से क्रिकेट खेलने जाना चाहता था और घर खुला भी नहीं छोड़ सकता था। मम्मी अपनी सहेलियों की पार्टी पर गई हुई हैं, चाबी लो और मुझे जाने दो। शाम को 6 बजे लौटूँगा।
संजय मेरे गले लगकर जाने लगा। मेरा भाई अब पूरा मर्द दिख रहा था। उसका क़द कोई 5 फीट 11 इंच था और बदन कसरती। जब उसने मुझे गले से लगाया तो मुझे अपने सीने से भींच लिया और मैं उसकी गिरफ़्त में एकदम खिलौना सी लग रही थी। उसके मुँह से सिगरेट की महक आई। मैं उसको पूछने ही वाली थी कि क्या तुम सिगरेट पीते हो लेकिन वो भाग खड़ा हुआ।
घर में प्रवेश करते ही मुझे नहाने का मन हुआ। गेट बंद करके मैंने अपने कपड़े उतार दिए और नंगी हो गई। मुझे अपने मायके घर में पूरा नंगा होकर घूमना बहुत पसंद था। घूमती हुई मैं संजय के रूम में चली गई। टेबल पर सिगरेट का पैक पड़ा हुआ था। मैंने शीशे के सामने नंगी खड़ी होकर सिगरेट जलाया और कश लगाने लगी। वैसे मैं सिगरेट नहीं पीती लेकिन आज मेरे मन वो सब काम करने को चाह रहा था जो मैंने नहीं किए थे। मिरर के सामने मैं मदमस्त नंगी खड़ी थी और अपने को खुद भी सेक्सी लग रही थी। मैं टेबल के सामने एक चेयर पर बैठ गई और कश लगाती रही। सिगरेट से मेरी चूत गीली होने लगी। शायद इसमें भी कोई नशा होता है। मेरा हाथ अपने आप मेरी चूत पर चला गया और उसको मसलने लगा।
मेरा मन: साली बिंदु, यहाँ खाली घर में भी लंड के सपने देख रही है, तू कुतिया? अब तो तुझे हर वक़्त लंड ही नज़र आता है!!!
तभी मेरी नज़र कंप्यूटर स्क्रीन पर पड़ी। संजय किसी से चैट करता हुआ बीच में ही चला गया और कंप्यूटर बंद करना ही भूल गया था। जब मैंने ध्यान से देखा तो वो किसी जीएफ़ से चैट कर रहा लगता था। मैंने टाइमपास करने के लिए चैट हिस्ट्री शुरू से पढ़नी शुरू कर दी।
संजय: कैसी हो मोना डार्लिंग?
मोना: तेरे लंड को याद कर रही हूँ मेरे राजा।
संजय: साली बहनचोद मेरा लंड ही याद कर रही है या मुझे भी?
मोना: बहनचोद तो तू है साले जो मेरे साथ किसी और लड़की को एक साथ चोदना चाहते हो।
संजय: तो ठीक है, तेरी शशि दीदी आ रही है उसको शामिल कर लो अपने बेड में और हमारी त्रिकोणीय श्रृंखला भी हो जाएगी।
मोना: साले अगर मेरी दीदी आ रही है तो क्या हुआ। तेरी भी बिंदु दीदी आ रही है। उसको भी तो अपने भाई का लंड अच्छा ही लगेगा और जो हर वक़्त बहनचोद, बहनचोद बोलता रहता है तेरी वो इच्छा भी पूरी हो जाएगी। मैं खुद अपने हाथों से तेरा 8 इंच का लौंडा डालूँगी अपनी प्यारी ननद की विवाहित चूत में। क्यों संजू, साले तेरी बहन क्या चूत शेव करके रखती है या झाँटों वाली बुर है उसकी। चूची तो मेरी ननद की भी मेरी सास माँ जैसी मोटी और कड़क है!!!
संजय: अच्छा बस कर अब, छोड़ मेरी दीदी को अब। आज रात आ रही है ना पढ़ाई के बहाने? सारी रात चोदूँगा तुझे, मेरी रानी!
मोना: साले छोड़ नहीं चोद अपनी बिंदु दीदी को!! याद है तुमने ही कहा था कि तेरी बिंदु दीदी, बिल्कुल बिंदु फ़िल्म एक्ट्रेस जैसी दिखती है। मुझे तो फ़िल्म एक्ट्रेस भी तेरी बहन जैसी चुदक्कड़ ही लगती है और बहनचोद मैं तो खुद तुझे अपनी बिंदु को चोदने को निमंत्रित कर रही हूँ। मैं खुद एक भाई को अपनी बहन की चूत में लंड डालते हुए देखना चाहती हूँ। अगर बिंदु दीदी को पटा लो तो मैं तो हाज़िर हूँ तेरे लिए मेरे राजा।
संजय: अच्छा अब बंद कर अपनी बकवास। मैं नहाकर ग्राउंड में जाने लगा हूँ, रात को होगा अपना मिलन मेरी रानी।
मोना: मिलन तो होगा लेकिन दो का नहीं तीन का, बाय।
मुझे एहसास हुआ कि मेरे हाथ की उँगलियाँ मेरी चूत में समा चुकी थीं और मैं अपनी चूत में अठन्नी तलाश कर रही थी जो मुझे मिल नहीं रही थी। तो मेरा संजू भैया मेरी सहेली शशि की बहन मोना से इश्क़ लड़ा रहा था? और साले दोनों आशिक़ मुझे अपने बिस्तर में 3सम की प्लान बना रहे थे!!! खास तौर पर मोना। जैसे मैंने अपना पति शशि के साथ शेयर किया था, अब मोना अपने होने वाले पति यानी मेरे भाई को मेरे साथ शेयर करना चाहती थी। मेरी चूत वासना की आग में तपने लगी यह सब सोचकर। मैं उठी और किचन से कोक की एक बोतल ले आई और बैठकर पीने लगी। तभी मेरी नज़र टेबल पर पड़ी एक बुक पर पड़ी। वो एक डायरी थी और वो भी संजय की। उसके पेज पर कई जगह लाल निशान लगे हुए थे।
पहला लाल निशान: जून 11, 2005। आज पहली बार मम्मी को नहाते हुए नंगा देखा। ओह्ह्ह मम्मी की बुर… और उस पर काले-काले बाल!!! मेरा लंड बेक़ाबू हो गया… मम्मी को चोदना चाहता हूँ तभी से… काश मम्मी मेरी हो जाती!!
दूसरा लाल निशान: अगस्त 12, 2006। बिंदु दीदी को कपड़े चेंज करते देखा… दीदी की शेव्ड चूत और उभरे नितंब मुझे पागल बना रहे हैं। दीदी की गाँड में लंड डाल सकता काश मैं…. शायद बहनचोद की यही भावना है।
तीसरा लाल निशान: अक्टूबर 10, 2006। दीदी और विमल जीजा जी की चुदाई देखी खिड़की से… बहुत ईर्ष्या हुई जीजा जी से… उनकी जगह लेना चाहता हूँ मैं। दीदी की खुली जाँघों के बीच फूली हुई चूत न भूल पाऊँगा कभी और सारी उम्र तड़पता रहूँगा कि बिंदु को न चोद पाऊँगा क्योंकि वो मेरी बहन है माशूक़ या पत्नी नहीं।
अगला लाल निशान: मार्च 12, 2008। मोना को पटाकर चोदा। बहुत ना-नुकर करती थी लेकिन मैंने ज़बरदस्ती चोद डाला। अगर बिंदु दीदी को पत्नी न बना सका तो मोना से शादी करूँगा।
अगला लाल निशान: जून 15, 2009। मोना को शक हो गया कि मैं अपनी बहन को चोदने की नीयत रखता हूँ और उसने मुझे बहुत परेशान किया।
मेरा सारा बदन पसीना-पसीना हो रहा था। मेरा सगा भाई मुझे चोदने की सोच रहा था और मुझे पता भी नहीं था। कामवासना मेरे दिलो-दिमाग़ पर हावी होने लगी। चूत की आग भड़क उठी और मेरा मन कोई ठीक ढंग से सोचने के क़ाबिल न रहा। मैं बाथरूम में गई और नहाने लगी। मन उल्टे-पुल्टे विचारों से भरा पड़ा था। बाहर आकर मैं एक छोटी सी निकर और छोटी सी टीशर्ट पहनकर लेट गई। जब आँख खुली तो 6 बज रहे थे। जब मैंने देखा तो संजय मुझे घूर रहा था। मुझे एहसास हुआ कि वो मुझे इस अर्धनग्न अवस्था में काफ़ी देर से देख रहा था। मैंने भी अब आगे झुककर अपने भाई को अपनी चूची के भरपूर दर्शन करवा दिए और मन में कहा—
मेरा मन: संजू मेरे भाई, अगर तू मुझे इतना चाहता है कि मुझे पत्नी बनाना चाहता है तो देख ले अपनी बहन की चूची। मेरा पति अगर बहनचोद बन गया है तो क्या फ़र्क़ पड़ता है कि भाई भी बन जाए!!
बिंदु: मम्मी कब तक आएँगी?
संजय: दीदी मम्मी तो अपनी पार्टी से रात के दो-दो बजे तक आती हैं। क्यों क्या बात है?
बिंदु: कुछ नहीं, मैं तो सोच रही थी कि अगर मम्मी लेट आएँगी तो क्यों न आज कुछ जश्न हो जाए? पीते हो क्या? कोई बीयर या वोदका ले आओ, मज़े करेंगे!!
संजू एकदम ख़ुश हो गया लेकिन बोला—
संजय: दीदी आज तो मोना भी यहाँ आने वाली है पढ़ाई करने।
मैं सब प्लान कर चुकी थी कि आज मुझे क्या करना है।
बिंदु: मोना कौन? ओ शशि की बहन? संजू उसके साथ क्या चक्कर चल रहा है तेरा, मेरे भाई? तेरी गर्लफ्रेंड है क्या? सच बोल, तेरी शादी करवा सकती हूँ मैं। कैसी दिखती है वो? शशि से सुंदर है या नहीं? अच्छा भाई बुला लो उसको। मैं भी तो देखूँ मेरे भाई की पसंद। तीनों पार्टी करते हैं यार!!
संजू पहले झिझका लेकिन फिर मान गया और सामान लेने चला गया।
उसके जाते ही मैंने मोना को फ़ोन लगाया।
मोना: हेलो।
बिंदु: हेलो मोना भाभी!!
मोना: Who is this!!!!
वो गुस्से लगती थी।
बिंदु: मोना यार मैं बिंदु, तेरी ननद, यही रिश्ता बनता है ना हमारा? जल्दी से आ जाओ हमारे पास और देखते हैं कि संजू भैया की पसंद कैसी है। अभी तक तो जो दिखाया है तुमने सिर्फ़ संजू को ही दिखाया है।
मोना घबराहट में बोली—
मोना: बिंदु दीदी? नमस्ते! मैं आ रही हूँ मैं और संजू आज पढ़ाई करने वाले हैं।
मैं भी किसी से कम नहीं थी—
बिंदु: मोना यार ये पढ़ाई के दिन हैं क्या? जवानी के दिन पढ़ाई के नहीं चुदाई के दिन होते हैं!! यार जल्दी आ जाओ, संजू पार्टी का सामान लेने गया है। तुम किताब वग़ैरह मत ले आना मुझे दिखाने के लिए। मैं खुले विचारों वाली बहन हूँ। मेरी तरफ़ से तुम लोगों को पूरी आज़ादी है। ऐश करो!!!
मोना: अच्छा दीदी, मैं आती हूँ।
मैंने उसको रोका—
बिंदु: ठहरो, मोना। तुमने अपनी वो… साफ़ की हुई है… मेरा मतलब चूत? और सुनो तुम पैंटी और ब्रा मत पहनकर आना। संजू को सरप्राइज़ देना है तुमको, और कोई सेक्सी ड्रेस पहनकर आना मेरी भाभी जान!! शशि है क्या घर पर?
मोना कुछ सोचने लगी फिर बोली—
मोना: नहीं, दीदी, शशि दीदी तो पापा के पास गई है। आती ही होगी।
मैं अब संजू का इंतज़ार करने लगी। संजू एक बोतल वोदका की और ऑरेंज जूस ले आया और साथ में तंदूरी मुर्गा और फ्राइड फ़िश भी। हम दोनों भाई-बहन ने सारा सामान टेबल पर सजाया और मोना की वेट करने लगे। तभी मैं बोली—
बिंदु: संजू, मुझे मोना की लेटेस्ट फ़ोटो तो दिखाओ। देखूँ तो सही अब वो कैसी दिखती है? कितनी सेक्सी है जो उसने मेरे प्यारे भाई को लूट लिया है।
संजू एकदम शर्मा गया लेकिन फिर बोला—
संजय: अभी दिखाता हूँ, दीदी। मेरे कंप्यूटर में है उसकी फ़ोटो।
मैंने अपने भाई के चूतर पर चपत लगाई और बोली—
बिंदु: हाँ भाई तेरे कंप्यूटर में तो बहुत कुछ होगा, तेरी गर्लफ्रेंड का।
जब संजू ने मोना की फ़ोटो दिखाई तो वो मुझे बहुत सुंदर लगी। जिस्म भरा हुआ लेकिन बहुत सेक्सी दिख रही थी। एक फ़ोटो में उसका साइड पोज़ था तो मैंने देखकर कहा—
बिंदु: यार संजू, तेरी मोना के नितंब तो बहुत भारी हैं। इसी लिए तो नहीं हुआ इसका आशिक़ तू? तुझे भारी चूतर पसंद हैं ना? मुझे पता है जब तू मुझे और मम्मी के पिछवाड़े को चोरी-चोरी निहारते थे। और मोना का सीना भी काफ़ी भरा हुआ है। वाह भाई तू तो लकी है!! मोना की शक्ल वैसे शशि से काफ़ी मिलती है, सच भाई।
तभी बेल बजी। मोना ही थी। मैंने डोर खोला और वहाँ मोना एक ब्लैक स्कर्ट और रेड टॉप पहने खड़ी थी। उसकी स्कर्ट घुटनों तक थी और उसकी गोरी टाँगें काफ़ी लंबी थीं। मुझे अपनी चूत में पानी आता हुआ महसूस हुआ जब मैंने सोचा कि मोना स्कर्ट के नीचे नंगी थी अगर उसने मेरा कहा माना है तो।
बिंदु: मोना, कितनी सुंदर हो तुम। संजू बहुत लकी है और मैं भी। तेरे जैसी भाभी मिल गई मुझे। अब मैं शशि को भी कह सकती हूँ कि मैं उसकी भाभी हूँ और उसकी बहन मेरी भाभी है। आओ अंदर भाभी। संजू तेरा इंतज़ार कर रहा है।
मोना शर्माती हुई ड्रॉइंग रूम में चली गई और मैं किचन से आइस, ग्लासेस प्लेट्स लेने चली गई। जब मैं ड्रॉइंगरूम के दरवाज़े पर पहुँची तो संजू मोना को किस कर रहा था। दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे और संजू ने अपनी माशूक़ को गाँड से पकड़कर ऊपर उठाया हुआ था और मोना मेरे भाई के लंड को मसल रही थी।
संजय: ओह मोना, बहनचोद साली, तुमने पैंटी नहीं पहनी क्या? तेरे चूतर बिल्कुल नंगे महसूस हो रहे हैं!! तुझे पता है ना कि तेरे चूतर पर हाथ लगाते ही मेरे लंड का क्या हाल हो जाता है। देख इसका हाल क्या बना दिया है तुमने।
मोना नक़ली गुस्सा दिखाती हुई बोली—
मोना: संजू, अपनी बहन से बोलना था कि वो मुझे ऐसा न करने को कहती। साले बहनचोद मैं नहीं तू है। तेरी प्यारी बिंदु दीदी ने ही मुझे कहा था कि भैया को सरप्राइज़ देना है, पैंटी और ब्रा मत पहनना। साले तुम भाई-बहन क्या-क्या बातें करते हो मेरे बारे में। और तेरी बिंदु दीदी तो बहुत चालू लगती है। लगता है मेरे साथ वो भी चुदने वाली है आज!!
मैं दोनों को आलिंगन में देखकर मुस्कुराती हुई कमरे में गई और मज़ाक से बोली—
बिंदु: संजू, बहुत बेसब्रे हो तुम। अभी तो बेचारी आई है, ज़रा आराम तो करने दे इसको। आते ही दबोच लिया है इसको। और हाँ मोना तेरी ननद बहुत चालू है, लेकिन तेरी शशि दीदी से कम चालू है। मैं तुम दोनों को मौक़ा दे रही हूँ ऐश करने का और तुम सालो मेरी बुराई कर रहे हो। अगर मेरे भाई ने तुझे प्यार किया है तो उसका हर हक़ बनता है तुझ पर मोना रानी। ख़ैर छोड़ो पहले पेग बना लें फिर देखेंगे कि क्या प्रोग्राम बनता है।
संजू ने पेग बनाए और हम तीनों सोफ़े पर बैठ गए और चुस्की लेने लगे। मैं देख रही थी कि मोना कसक रही थी और कभी मेरी तरफ़ और कभी संजू की तरफ़ देख रही थी। दो पेग पीने के बाद हम सभी रिलैक्स हो गए और मोना पेग लेकर संजू के पास गई तो मेरे भाई ने उसको गोद में खींच लिया। मैंने देखा कि फ़ैन की हवा ने मोना की स्कर्ट ऊपर उठा दी तो उसकी जाँघें और शेव की हुई चूत भी साफ़ झलक दिखाने लगी। मोना ने अपनी बाँहें अब संजू के गले में डाल दीं।
बिंदु: संजू तुम सिगरेट भी पीते हो क्या?
मेरे भाई पहले सकपकाए लेकिन फिर बोला—
संजय: हाँ दीदी कभी-कभी। लेकिन आपके सामने न पीऊँगा। मुझे शर्म आती है। अच्छा दीदी मैं सिगरेट पीकर आता हूँ तुम दोनों बातें करो ज़रा।
संजू वहाँ से निकल पड़ा तो रह गई मोना और मैं अकेली। मोना कुछ नशे में थी और या फिर एक्टिंग कर रही थी। वो उठकर मेरे पास आई और मुझसे लिपट गई।
मोना: दीदी, आपके कहने पर मैंने वो सब किया जो आपने कहा था। अब आपकी बारी है मेरी बात मान लेने की। चलो अपने रूम में। मैं बताती हूँ कि आपको क्या पहनना है। मंज़ूर?
मैं भी नाटक करती हुई बोली—
बिंदु: मंज़ूर!!
मैं जान लेना चाहती थी कि मोना का क्या प्लान है। मेरे रूम में आकर उसने मेरा सूटकेस खोला और उसमें सफ़ेद सिल्क की लेस वाली पैंटी और ब्रा निकाली और बोली—
मोना: दीदी, ये है आज की रात के लिए आपकी ड्रेस। इसमें आप बहुत सेक्सी लगेंगी, सच! इसमें आपकी चूत साफ़ नज़र आएगी और आपकी गाँड आधी से अधिक नंगी रहेगी। संजू बड़ी चूची और बड़ी गाँड का दीवाना है। देखते हैं कि अपनी बहन के जिस्म को देखकर उसके लंड खड़ा होता है या नहीं। मेरा यक़ीन है कि शराब पीकर आदमी काफ़ी हद तक माशूक़ और बहन में फ़र्क़ कम ही करता है खास तौर पर संजू जैसा मर्द। ख़ैर आप ये पहन तो लो, प्लीज़!!
मैं भी मोना का शुरू किया हुआ खेल खेलना चाहती थी। इसलिए अपने कपड़े उतारकर नंगी हो गई। मोना ने जब मुझे नग्न रूप में देखा तो उसने ज़ोर से व्हिसल बजाई और मुस्कुराकर बोली—
मोना: वाओ दीदी!!!! आप तो बहुत मस्त हो। आप जैसा जिस्म देखकर संजू तो क्या भगवान भी ईमान छोड़ दे आपको चोदने के लिए। वाह दीदी, मुझे इस मक्खन जैसे जिस्म को स्पर्श तो करने दो!!! इस सीने के उत्थान को देखने दो!! इस गोरे पहाड़ पर काली चूची को मसल देने दो। वाह दीदी क्या नितंब हैं आपके, बिल्कुल मखमली पर्वत और आपकी नाभि से जाती हुई यह नदी जो इस मस्त त्रिकोण में मिल जाती है। दीदी, सच कहती हूँ कि अगर आपके भैया से इश्क़ न करती होती तो आपकी हो के रह जाती। सच दीदी, इस सोने में तराशे हुए जिस्म को चूम लेती और चूमती रह जाती सारी ज़िंदगी!!!!!!
मोना सच में मेरी तरफ़ बढ़ी और मुझे आलिंगन में लेकर चूमने लगी, मेरा जिस्म सहलाने लगी, मेरे चूतर मसलने लगी, मेरी चूत पर हाथ फेरने लगी। आज सुबह ही तो मैं शशि के साथ जीवन का पहला लेस्बियन अनुभव करके आई थी जिसका नशा भी मेरे बदन पर था और यहाँ उसकी छोटी बहन मुझे लेस्बियन लवर बनाने की बात कर रही थी। मैं भी जोश में आ गई और मोना के लिप्स किस करने लगी। लड़की वाक़ई ही बहुत गरम थी। मेरा भाई वाक़ई ही लकी था!!
मोना ने जब उँगली मेरी चूत पर फेरी तो उस पर मेरा रस लगा हुआ था।
मोना: दीदी, आप ये पैंटी और ब्रा पहन लो वरना संजू के आने से पहले ही मैं उसकी बहन की मखमली चूत खा रही हूँगी। सच दीदी, मुझे तो आप संजू से अधिक सेक्सी लग रही हैं। मुझे संजू के लंड से आपका नंगा जिस्म सेक्सी लग रहा है। ऐसे तो मुझे आज तक किसी औरत ने उत्तेजित नहीं किया है। दीदी, मेरी इच्छा है कि आज रात हम तीन, आप, मैं और आपका भाई हमबिस्तर हों। आप अपने भाई को मेरे अंदर लंड पेलता हुआ देखें और मैं चाहती हूँ कि संजू का लंड पकड़कर आपको चुदवा डालूँ उससे। दीदी आप भी चुदासी हो रही हैं ना? संजू आता ही होगा, प्लीज़ जल्दी से ये ब्रा और पैंटी पहन लो।
मैंने भी मोना की प्लान को अपनाते हुए सफ़ेद पैंटी और ब्रा पहन ली। असल में वो पैंटी और ब्रा मुझे छोटी थी और उसके अंदर मेरे चूतर और मम्मे काफ़ी बाहर रह जाते थे और मुझे अपने आपको नंगा महसूस होता था। लेकिन नशे में होने से मैं बेख़बर थी। मोना ने मुझे सोफ़े पर लेट जाने को कहा और खुद मेरे सामने चेयर रखकर बैठ गई। उसने मेरे चेहरे को हाथों में लिया और एक फ़्रेंच किस करने लगी। उसका एक हाथ मेरे मम्मे पर था और दूसरे से वो मेरी जाँघें सहला रही थी। तभी संजू कमरे में आया और ठिठक गया।
मोना ने मेरे होंठों से अपने होंठ अलग करते हुए कहा—
मोना: संजू मेरे यार तुमने यह नहीं बताया कि तेरी बहन कितनी नमकीन है!!! बिंदु दीदी तो बहुत मस्त है। अगर सच पूछो तो मुझे तुम दोनों बहुत पसंद हो। तेरा लंड मस्ती भरा है तो बिंदु दीदी का पूरा बदन मस्त है। काश मैं तुम दोनों को प्यार कर सकती!!
संजू का मुँह खुला का खुला रह गया जब उसने अपनी बड़ी बहन को टाइट पैंटी और ब्रा में देखा।
संजय: दीदी, आपने ये क्या पहना है? मेरा मतलब…… आप तो नंगी हैं…..
उसकी ज़ुबान लड़खड़ा रही थी।
बिंदु: संजू, एक तो अपनी माशूक़ से कह दे कि मुझे ऐसे कपड़े पहनाने को मत कहे। मोना ने कहा और मैंने मान लिया। और वैसे भी गर्मी बहुत है, अगर तुम कहते हो तो उतार देती हूँ!!
मैंने उठाने की कोशिश की तो मोना ने मुझे फिर नीचे धकेल दिया।
मोना: दीदी, जब आपने मुझे बिना पैंटी और ब्रा के आने को कहा था मैंने आपका कहना माना था ना? अब मेरा कहना आप मानें। संजू इस पैंटी में बिंदु दीदी तुझे सेक्सी नहीं लगती क्या? गोरे मांसल बदन पर सफ़ेद रेशम वाह कितना सेक्सी लगता है। संजू तुम नया पेग बनाओ तब तक मैं दीदी के साथ एन्जॉय करती हूँ। संजू तेरी दीदी मुझे बहुत गरमा चुकी है। क्यों न हम तीनों एक हो जाएँ। दीदी भी आज सेक्स की आग में जल रही है, संजू! ज़रा देख अपनी बहन की चूत का उभार, कैसे जल रहा है!!!
संजू अब मुझे बिना किसी शर्म के घूरने लगा और नया पेग पीकर बोला—
संजय: दीदी, क्या तुम भी उत्तेजित हो चुकी हो? नशे में मुझे तो तुम दोनों ही बहुत सेक्सी लग रही हो। अगर एतराज़ न हो तो हम तीनों हमबिस्तर हो जाएँ? मोना मेरे लंड का क्या हाल हो रहा है ज़रा देख तो सही।
संजू की हालत देखकर मैंने उसके लंड को पैंट के ऊपर से स्पर्श किया तो मुझे लगा किसी लोहे की रॉड पर हाथ रख दिया हो। उसका लंड इतना मोटा और गरम था कि मेरे होश उड़ गए। संजू भी मेरे बालों में हाथ फेरने लगा जबकि मोना मेरे निप्पल्स मसल रही थी। मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया। मैंने अब मोना की स्कर्ट नीचे सरकानी शुरू कर डाली। जब उसकी स्कर्ट नीचे गई तो उसके गोरे चूतड़ चमक उठे। सच कहूँ मोना के नितंब बहुत सेक्सी थे, बिल्कुल भरे हुए और मुलायम!! मैंने एक हाथ उसकी चूत पर फेरा तो देखा कि उसने अपनी चूत ताज़ी शेव की हुई थी और उसमें से रस टपक रहा था। मैंने फिर संजू की पैंट की ज़िप खोल दी और उसका ख़तरनाक दिखने वाला लंड बाहर निकल आया। उसका गुलाबी सुपाड़ा बहुत मज़ेदार लग रहा था। मेरा दिल उसके सुपाड़े को चूम लेने को करने लगा।
बिंदु: मोना, तू बहुत किस्मत वाली है। मेरे भाई का लंड तेरी किस्मत में है, कितना मस्त है ये लंड। तुझे जन्नत दिखा देगा ये!!
मोना भी मस्ती में आ चुकी थी और मेरी ब्रा खोलने लगी थी। मेरी चूची नंगी होकर मेरे भाई के सामने आ गई और उसका मुँह खुला का खुला रह गया। मोना ने झुककर मेरे निप्पल्स चाटना शुरू कर दिए। संजू भी अपने कंट्रोल को खो चुका था और उसने मेरी पैंटी को नीचे सरकाना शुरू कर दिया। मेरी पैंटी का सामने वाला भाग मेरे चूत रस से भीगा हुआ था। मैं अब अपने सगे भाई के सामने नंगी थी और उसके लंड से खेल रही थी।
मोना उठी और अपनी टॉप को उतारते हुए बोली—
मोना: संजू, मेरे यार, आज मज़े लेने का दिन है। चलो तेरे बेड पर चलते हैं। आज तुम मुझे और बिंदु दीदी के साथ मज़े लूट लो। इसके बाद हम तीनों का यह रिश्ता हमारा एक सीक्रेट ही रहेगा। लेकिन मेरी शर्त है। बिंदु दीदी मेरी भी पार्टनर होंगी। मुझे ऐसा जिस्म चूमने को कहाँ मिलेगा और तुझे ऐसी औरत चोदने को कहाँ मिलेगी? और तुझे मुझ जैसी खुले मन की बीवी कहाँ मिलेगी? आओ मेरे यार मुझे अपनी बहन के साथ-साथ चोदो आज की रात। चलो इस रात को यादगार बना दें!!
हम उठकर संजू के रूम में चले गए और मैं और मोना दोनों संजू को नंगा करने में व्यस्त हो गईं। जब मेरा भाई नंगा हुआ तो मैं उसके लंड के तनाव को देखकर दंग रह गई। संजू का लंड कम से कम 8 इंच का था और बहुत मोटा था। मोना ने संजू को पलंग पर गिराया और उसके सुपाड़े को चूमने लगी। मैं भी वासना में अंधी हो चुकी थी। मैंने अपने होंठ अपने भाई के अंडकोष से सटा दिए और उसके अंडकोष चूसने लगी। मेरा भाई आँखें बंद करके लेटा हुआ था और उसकी साँस ऐसे चल रही थी जैसे कोई जानवर थका हुआ हो। तभी संजू बोला—
संजय: तुम दोनों बला की सेक्सी लड़कियाँ हो!! आज पहली बार दो औरतों की एक साथ चुदाई करूँगा मैं!! मोना पहले मैं तुझे चोदूँगा क्योंकि तुझे मैं चोद चुका हूँ। दीदी के सामने मुझे कुछ झिझक हो रही है। इसलिए दीदी को बाद में चोदूँगा। वैसे भी मोना की इच्छा थी कि वो मेरा लंड अपने हाथों से दीदी की चूत में डालेगी। दीदी तुझे कोई एतराज़ तो नहीं?
मैंने मस्ती में सिर हिला दिया। फिर मैंने मोना की जाँघों को खोलते हुए उसकी चूत को किस करना शुरू कर दिया। मोना की चूत गरम थी और रस टपका रही थी। उसकी चूत का नमकीन स्वाद मुझे बहुत अच्छा लगा। संजू ने अपने लंड को हाथ में लेकर ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया। वो कामुकता से हम दोनों को निहार रहा था। मोना की चूत अपने रस और मेरे मुँह रस से भीग चुकी थी। वो मेरे भाई से चुदने को तैयार थी।
बिंदु: संजू तू पहले इसको चोद लो!! इस कुतिया की चूत बहुत जल रही है और तेरा प्यारा लंड भी अब इंतज़ार नहीं कर सकता। मोना तुम ज़रा घोड़ी बन जाओ मेरे भाई के सामने और मैं डालती हूँ तेरी चूत में संजू का लंड अपने हाथों से। तेरी चूत भी चुदासी हो चुकी है। अब शुरू करते हैं चुदाई का असली खेल।
कहते हुए मैंने संजू को गले लगा लिया और अपनी चूचियाँ उसकी छाती पर रगड़कर उसको किस करने लगी। मेरे भाई का लंड मेरे पेट में चुभ रहा था और उसमें से रस टपक रहा था। उस वक़्त मेरा दिल कर रहा था कि संजू मुझे पटक-पटककर चोद डाले। मैंने अपने हाथों से संजू के अंडकोष सहलाए और तब तक मोना वहाँ पर घुटनों और हाथों के बल घोड़ी बन गई।
बिंदु: भैया देखो घोड़ी कैसे तुझसे चुदवाने को तैयार है। किसी दिन इसकी गाँड भी चोदना मेरे भाई। बड़ी प्यारी है इसकी गाँड!!!!!
संजू मोना की तरफ़ बढ़ा और जब झुका तो मैंने उसके लंड को मोना की जाँघों के बीच से चूत पर टिका दिया। संजू ने अपनी कमर आगे धकेल दी और उसका लंड आसानी से अंदर चला गया।
मोना: आआआआाह्ह्ह्ह्ह्ह….. ओओओओर्र्र्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह…. आआआआ संजूऊऊऊऊ…. दीदीईईईई…. मर गई… उईई मेरी माँआआआ!!!
मोना की सिसकी निकली।
मैं अब मोना के सामने आ गई और नीचे लेटकर उसकी झूलती हुई चूचियों को चूमने लगी। मेरा एक हाथ मोना की चूत पर रेंग रहा था जहाँ मुझे संजू का लंड महसूस हो रहा था। मोना की चूची चूसने से उसकी उत्तेजना और बढ़ गई और वो अपने चूतर पीछे धकेलने लगी। संजू के लंड की आवाज़ें ऊँची सुनाई दे रही थीं। मोना के निप्पल बहुत कड़े हो चुके थे और मैं मस्ती में उसकी चूची चूसने लगी। संजू ने मोना की चोटी पकड़ ली और उसको ऐसे खींचने लगा जैसे कोई घोड़ी पर सवार घोड़ी की लगाम खींच रहा होता है। मोना हाँफ रही थी। फिर मैंने अपने आपको उससे अलग किया और खुद अपनी जाँघों को फैलाकर अपनी चूत उसके मुँह के सामने कर दी और बिना बोले मोना ने मेरी चूत चाटना शुरू कर दी। मोना का मुँह अब मेरी चूत में घुसा हुआ था और वो मेरी चूत चाट रही थी।
मोना: आह…… ओह्ह्ह्ह…. आआआआ…… आरआरआरआरआर… संजू… बस….. रुक जाओ…… चुद गई मैं…. झड़ गई…. ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह….. मेरी माँ झड़ गई, निकाल लो बस संजू….!!!!
लेकिन संजू के धक्के चलते रहे। फुचा-फुच की आवाज़ें गूँज रही थीं। मोना झड़ रही थी। उसके जिस्म की स्पीड बता रही थी कि उसकी चूत पानी छोड़ रही थी। जब मैंने हाथ लगाकर देखा तो उसकी चूत का रस टपक-टपककर उसकी जाँघों से नीचे जा रहा था। लेकिन संजू अभी झड़ा नहीं था। उसका आधा काम अभी बाक़ी था। माशूक़ चुद चुकी थी, बहन अभी बाक़ी थी। जब उसने लंड बाहर निकाला तो वो चूत रस से भीगकर चमक उठा था।
मैं उठी और अपने भाई के लंड को पकड़कर चूसने लगी। मेरे भाई का गुलाबी सुपाड़ा बहुत टेस्टी था और उस पर मोना के चूत रस का स्वाद मुझे पागल बना रहा था… मानो मैं भाई के लंड पर भाभी की चूत का स्वाद चख रही हूँ। मोना लड़खड़ाती हुई खड़ी हुई और बोली—
मोना: दीदी, आप बिस्तर पर पलंग के कॉर्नर पर अपने चूतर ले जाएँ और अपनी टाँगें ऊपर उठा लें। फिर आपकी चूत चुदाई के लिए बहुत आसानी से खुल जाएगी अपने भाई के लंड के सामने और आपका राजा भाई आपको मज़े से चोद लेगा। संजू, अगर तुम चाहो तो दीदी की चूत को चूम सकते हो!!! उसके बाद तो बहनचोद बन जाओगे तुम!!!
संजू की आँखें वासना से लाल हो रही थीं। जब मैंने मोना के कहने के मुताबिक़ अपनी टाँगें फैलाईं तो संजू की ज़ुबान ने मेरी चूत पर वार कर दिया और मेरी चूत चूसने लगा।
बिंदु: ओओओओओओओओ….. आआआआाह्ह्ह्ह्ह्ह…… आआआआर्र्र्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह… ओओओह भाई…. आआाह्ह संजू… मेरे भाई… ओओओह मादरचोद… ये क्या कर रहे हो!!!! चूस लो अपनी दीदी की चूत… आआाह्ह्ह…. मेरे बहनचोद भाई चोद भी ले… मुझे और मत जला…. मैं जल रही हूँ… मेरी प्यास बुझाओ भाई…. मेरी चूत तप रही है… इसकी आग बुझा दे भाई…. अपना लंड पेल दो मेरी चूत में संजू…. हाय मैं मरी…. मेरी माँआआआआआआ!!!!!!!!!!!!!!!!
मैं न जाने क्या बक रही थी क्योंकि मुझे अपने आप पर कोई कंट्रोल नहीं था।
संजू ने मेरी चूत की फाँकों को काट लिया और मैं चीख पड़ी—
बिंदु: उई….. बहनचोद मर गईईईईईई… संजू बहनचोद अपनी बहन की चूत काट रहे हो मादरचोद…… साले मेरी फुद्दी ही खाओगे या चोदोगे भी? अपनी बहन को चोदो यार क्यों तड़पा रहे हो!!!!
संजू उठा और मेरी जाँघों को फैलाकर अपने कंधे पर टिकाकर मेरी आँखों में देखने लगा।
संजय: मोना, मेरा लंड पकड़कर रख दो अपनी ननद की चूत पर…. मोना मेरा सुपाड़ा टिका दो मेरी बहन की जलती हुई चूत पर!!! आज एक भाई को बन जाने दो बहनचोद…. बिंदु दीदी को बना डालो हमारी परमानेंट पार्टनर, चोदने के लिए चुदवाने के लिए….. अपनी सगी बहन की चूत में लंड पेलने के लिए मर रहा हूँ मैं….. मोना मैं दीदी को चोदूँगा तो तुम दीदी के मुँह पर अपनी चूत रख देना…. दीदी भाई के लंड का स्वाद अपनी चूत से चखेगी और अपनी होने वाली भाभी की चूत का स्वाद अपने मुँह से!!!!
मोना ने संजू के हुक्म की पालना करते हुए पहले उसका लौंडा पकड़कर मेरी चूत पर टिकाया और फिर मेरे मुँह पर अपनी चूत रख दी। संजू का भयानक लंड मेरी चूत में घुसा तो मैं तड़प पड़ी। जब मैं मचलने लगी तो मेरे भाई ने मेरे नितंब जकड़ लिए और अपना लंड आगे बढ़ाने लगा। क़सम से भाई का लंड बहुत बड़ा था और बेशक मैं बहुत बार चुद चुकी थी, संजू का लंड तो मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा था। मैं मस्ती में भर गई और मोना अपनी चूत मेरे होंठों पर रगड़ने लगी। मेरी आहें निकल रही थीं और संजू का लंड मुझे दिन में तारे दिखा रहा था।
बिस्तर पर तीन नंगे जिस्म हवस की आग में जल रहे थे। कामुकता का नंगा नाच हो रहा था। किसी को अगले पल की परवाह नहीं थी। उस एक पल में हम तीनों ज़िंदगी का पूरा आनंद उठा रहे थे। हम भगवान के इतने पास थे कि कह नहीं सकती। मेरी जीभ मोना के रस से भरी हुई थी। तभी मुझे संजू की उँगली मेरी गाँड में घुसती हुई महसूस हुई।
बिंदु: NOOOOOOOOOO…. नाआआआआआआआआआ संजूऊऊऊऊ…. नहीं!!!! यहाँ नहीं!!!!! ओओओओह्ह्ह्ह मेरे भाई गाँआआआड नहीं…. दर्द होता है… ओओओओफ़्फ़्फ़ तेरी माँ की चूत …. नाआआआआआ!!
मेरे मुँह से निकला। संजू ने झट से उँगली निकाली और मेरी चूत के रस से गीला करके फिर से घुसा डाली मेरी गाँड में। उँगली चिकनी होने से घुस गई और दर्द भी कम हुआ। अब मैं चूत और गाँड दोनों में चुद-चुदकर मोना की चूत चाट रही थी। ऐसा अनुभव मुझे आज तक न हुआ था। मेरा शरीर ऐंठ रहा था। चूत चाहती थी कि लंड का आख़िरी इंच भी उसके अंदर घुस जाए… काश मेरी गाँड में भी उँगली की जगह लंड होता….. मैं हवस की आग में मर रही थी।
तभी मेरे भाई ने धक्के तेज़ कर दिए। उसकी रफ़्तार से लग रहा था कि वो झड़ रहा है। मेरी चूत की गहराई से एक रस की धारा उभरने लगी थी। हम तीनों तूफ़ानी गति से चुदाई में लगे हुए थे। इधर मेरी चूत का बाँध टूटा और उधर संजू का फुहारा छूट पड़ा और उधर मोना की चूत से एक और रस की गंगा बहने लगी। संजू ने मेरी गाँड में एक और उँगली डाली और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा मुझे। मेरे भाई का गरम लावा मेरी चूत में गिरने लगा। तूफ़ान की शक्ति धीमी होने लगी और हम तीनों एक ढेर में बिस्तर पर गिर पड़े।
आगे क्या हुआ पढ़ें अगले पार्ट में।

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