परदे के पीछे हसीन रंडियाँ – 1
Desi Hindi Family sex story:- आह उह्ह्ह भाई बचाओ मुझे… बचाओ मुझे उउउउह्ह्ह्ह… इस दरिंदे से बचाओ आह्ह्ह्ह… बहुत दर्द हो रहा है भाई कुछ करो ना उह्ह्ह्ह्ह्ह भाईईईईईई….. आआह्ह्ह्ह्ह ये मेरी चूत फाड़ रहा है बहुत मोटा लंड है इसका …. भाई प्लीज बचा लो ना अपनी प्यारी बहन की इज्जत। आह्ह्ह
नमस्कार दोस्तों। ये कहानी शुरू होती है बिहार के एक छोटे से शहर के एक लोअर मिडिल क्लास फैमिली से। इस फैमिली के मुखिया हैं सरफराज खान (58 साल), उनकी बेगम मोमिना खान (55 साल)। इनके 5 बच्चे थे:
- सबसे बड़ी लड़की, रेहाना (30 साल): दिखने में गोरी-चिट्टी खूबसूरत, जिस्म भरा हुआ, थोड़ी हेल्दी थी मतलब कुल मिलाकर जरीन खान जैसी (अब आप लोग इमेजिन कर लो)। कहने को ये एक लॉयर हैं लेकिन इनका डिवोर्स हो चुका है इसलिए ये अपने घर पे ही रहती हैं।
- बड़ा लड़का, सलमान (28 साल): ये एक पतला-दुबला सा लड़का है लेकिन अपने सपने पूरे करने की जिद में इसने सालों पहले घर छोड़ दिया। सबने इसे बहुत ढूँढने की कोशिश की लेकिन ये नहीं मिला। फिर सबने उम्मीद छोड़ दी। वक्त के साथ सबने इसको भुला दिया।
- दूसरी लड़की, अलीजा (27 साल): ये भी दिखने में अपनी माँ की तरह गोरी लेकिन फिगर बिल्कुल परफेक्ट है। ये घर में ही रहकर घर का काम करती है। कहने को तो ये बहुत शरीफ है लेकिन अपनी चूत की आग बुझाने के लिए सारी चीजें इस्तेमाल करती रहती है। इसकी नजर रास्ते में चलते हर लड़के के लंड पर जाती है लेकिन अपनी इच्छाएँ कभी पूरी नहीं कर पाती।
- छोटा लड़का, इमरान (23 साल): ये भी अपने भाई की तरह पतला है और थोड़ा बीमार रहता है। घर का एक लौटा लड़का होने के कारण कोई इसे कुछ नहीं कहता। कहने को तो ये भी लॉ कर रहा है और अपनी बड़ी बहन रेहाना का हाथ बँटाता है लेकिन ये एक चूतिया किस्म का लड़का है, वो आपको आगे पता चलेगा कैसे।
- सबसे छोटी लड़की, नसरीन (18 साल): नसरीन दिखने में हुस्न की परी है। अभी 12वीं क्लास में है। पढ़ने में इसकी खास रुचि नहीं है लेकिन घर में सबसे छोटी होने के कारण सब इसको बहुत प्यार करते हैं। ये अपनी नेचर के हिसाब से चुलबुली है और सबसे आसानी से बात कर लेती है। इसका 12वीं के बाद फैशन डिजाइन का कोर्स करने का मन है लेकिन इसकी मम्मी मोमिना खान ने साफ मना कर दिया है क्योंकि वो जानती थी कि अगर नसरीन बाहर रही तो उसे लोगों की गंदी नजरों का सामना करना पड़ेगा।
और डेली करना भी पड़ता था। नसरीन को भी ये बात पता थी कि उसकी चूचियाँ, गाँड और पतली कमर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। नसरीन की सबसे ज्यादा अपने घर में बस इमरान से ही बनती थी। दोनों एक-दूसरे का ख्याल भी रखते थे और छेड़ते भी थे।
Desi Hindi Family sex story
मैं प्रोफेशनल राइटर नहीं हूँ इसलिए कोई गलती हो तो माफ कर देना। और प्लीज कमेंट्स में कोई ऐसी-वैसी रिक्वेस्ट ना करें क्योंकि ये कहानी यहाँ के रूल्स के हिसाब से ही लिखी जाएगी। चलिए अब शुरू करते हैं…
मोमिना: नसरीन, ओह नसरीन…
नसरीन: जी अम्मी..
मोमिना: जा कॉलेज के लिए बाद में तैयार होइयो। पहले अपने भाई को उठा, सोता रहता है पूरे दिन।
नसरीन: (इमरान के रूम में जाते हुए).. भाई उठो, मुझे कॉलेज छोड़कर आना है आपको..
इमरान: सोने दे ना नसरीन, तू आज बस से चली जा, तेरे कॉलेज के और बच्चे भी तो जाते हैं ना बस से..
नसरीन: ये बात सुनकर नसरीन का चेहरा उतर जाता है (इसका रीजन आपको बाद में पता चलेगा) क्योंकि वो बस से नहीं जाना चाहती थी… नसरीन उठकर एक ग्लास पानी इमरान के मुँह पर मारती है और इमरान घबराया हुआ उठ जाता है…
इमरान: क्या हुआ, क्या हुआ… जब वो नसरीन को खिलखिलाते हुए देखता है तो सब समझ जाता है और नसरीन के पीछे भागने लगता है…
नसरीन भी इधर-उधर भागने लगती है, इतने में इमरान पानी उठाकर उसके ऊपर डाल देता है, नसरीन की एक चूची और पीछे से पूरी कमर भीग जाती है और सारा पानी उसकी स्कर्ट से होता हुआ नीचे बह जाता है…. ये सब इतनी जल्दी हुआ कि नसरीन को संभालने का मौका नहीं मिला.. नसरीन कॉलेज की ड्रेस में थी तो उसकी स्कर्ट जो उसके घुटनों तक थी, उसका कपड़ा तो मोटा था लेकिन उसकी सफेद कलर की शर्ट से भीगने के बाद अंदर तक साफ नजर आ रहा था..
इमरान की नजर तुरंत नसरीन के अंगों को निहारने में लग गई… नसरीन ने अंदर कमीज पहन रखी थी लेकिन गीली होने के बाद उसकी चूची की शेप का साफ पता चल रहा था…
नसरीन ने जब खुद को ऐसे देखते हुए पाया वो अपने आपको छिपाने में लग गई और तुरंत वहाँ से भाग गई… इमरान को अपनी हरकत पर पछतावा हो रहा था कि वो अपनी सगी बहन को गंदी नजर से देख रहा था…
उधर नसरीन तुरंत अपने कमरे में जाकर खुद को शीशे में देखती है तो शर्मा जाती है क्योंकि उसको पता चल चुका था कि उसके भाई की नजर कहाँ-कहाँ गई है। पहले तो उसको भी शर्म आई लेकिन फिर अपने भाई की शरारत समझकर हँस दी..
नसरीन: एक टॉवल लपेटकर तुरंत मोमिना के पास गई और बोली, अम्मी देखो ना भाई ने क्या कर दिया ये.. मैं पूरी गीली हो गई हूँ.. (नसरीन ने मोमिना को कुछ दिखाया नहीं था क्योंकि वो जानती थी कि अगर मोमिना उसके ऐसे पानी से चिपके हुए कपड़े देख लें तो बहुत डाँट पड़ेगी इमरान को)..
मोमिना: ये लड़का भी ना पूरा पागल है, सारा काम बिगाड़ता रहता है… बेटा तेरी दूसरी शर्ट तो मैंने धोने के लिए रखी है।
नसरीन: अम्मी तो मैं क्या पहनकर जाऊँ अब… मुझे आज एक जरूरी प्रोजेक्ट जमा करना है..
मोमिना: हाँ तो एक काम कर, इमरान तेरा प्रोजेक्ट जमा कर देगा… तू आज कॉलेज मत जा..
नसरीन: हाँ ये ठीक है, और ये कहकर वो अपने कमरे में चली गई.. अपने कमरे में आकर सोच रही थी कि वो इमरान से कैसे नजरें मिलाएगी.. फिर उसने अपना टॉवल उतारा और अपने आपको दोबारा शीशे में देखा, उसको और ज्यादा शर्म आने लगी थी क्योंकि इस टाइम उसकी चूचियाँ तो पूरी दिख ही रही थीं लेकिन साथ ही साथ उसके नुकीले निप्पल भी खड़े थे, नसरीन अपने आपको इस हालत में देखकर उसकी साँसें तेज चलने लगीं (उस टाइम पर वो बिल्कुल चुदाई की भूखी लड़की लग रही थी), वो अपने मन में सोचने लगी “इमरान भाई ये क्या कर दिया आपने”, और अपने निप्पल्स को दबाते हुए मसलने लगी।
थोड़ी देर बाद जब उससे होश आया तब वो अपनी साँसें संभालने लगी और कपड़े बदलकर इमरान के रूम में गई..
जब तक इमरान तैयार हो गया था जाने के लिए…
इमरान: नसरीन तूने घर के कपड़े क्यों पहने हैं।
नसरीन: आपकी वजह से, आपने अभी तो गीले किए हैं और दूसरी शर्ट भी अम्मी ने धोने के लिए डाल रखी है.. तो आज कॉलेज नहीं जा रही मैं..
इमरान: तो मुझे पहले ही बता देती ये बात, मैं तैयार तो नहीं होता..
नसरीन: अच्छा हुआ तैयार हो गए आप, मेरा आज जरूरी प्रोजेक्ट जमा होना था ये.. अब आप ये देकर आओगे…
इमरान: चल ठीक है जाता हूँ तो मैं…
इमरान अपनी बाइक लेकर निकल जाता है नसरीन के कॉलेज की तरफ और रास्ते में उसे नसरीन की भीगी हुई चूची ही दिख रही थी बार-बार.. लेकिन वो इस ख्याल को अपने दिमाग से बाहर निकालना चाहता है और उसे अपनी गलती का एहसास होता है कि नसरीन उसकी बहन है। वो उसके बारे में ऐसे गलत नहीं सोच सकता।
इमरान नसरीन के कॉलेज पहुँच जाता है। वो कॉलेज के अंदर जाता है और नसरीन की टीचर को फाइल जमा करता है और ऐसे ही सबसे हाल-चाल पूछता है क्योंकि इमरान वहाँ सारे टीचर्स को जानता था क्योंकि वो भी उसी कॉलेज से पढ़ा था। इमरान जब बाहर आ रहा होता है तो उसकी नजर कॉलेज की लड़कियों पर पड़ती है कि कैसे वो अपनी छोटी-छोटी स्कर्ट में गाँड मटकाकर चल रही हैं और तभी उसे अपनी बहन नसरीन के बारे में ख्याल आता है कि उसकी बहन भी डेली स्कर्ट पहनकर कॉलेज आती है और उसकी बहन की चूचियाँ और गाँड भी मोटी हैं तो उसकी बहन के बारे में कॉलेज के सारे लड़के क्या-क्या सोचते होंगे उसे ऐसे स्कर्ट में देखकर। तभी उसके लंड में हलचल होने लगती है। ऐसा पहली बार हुआ था कि उसका लंड नसरीन के बारे में सोचकर कूदने लगा। तभी वो कॉलेज के बाहर आता है वापस जाने के लिए लेकिन कॉलेज के सामने ही एक छोटी सी शॉप पर उसे कुछ उसके कॉलेज टाइम के आवारा दोस्त मिल जाते हैं (जिनके नाम हैं साहिल, सोनू और मोंटी)। वो उनसे मिलने उनकी तरफ चल देता है…
इमरान: अरे सब कैसे हो और यहाँ क्या कर रहे हो… इमरान सबसे मिलता है और सबके हाल-चाल पूछता है.. वो सब सिगरेट पी रहे होते हैं..
फिर सब अपने कॉलेज के टाइम की बातें करते हैं और खासकर लड़कियों की..
साहिल: यार हमारी क्लास में लड़कियाँ बहुत बेकार थीं सारी की सारी बस एक “अस्मा” सही थी..
(ये सुनकर इमरान एकदम धक्का सा रह गया क्योंकि वो अस्मा से एकतरफा प्यार करता था लेकिन आज तक बताने की हिम्मत नहीं हुई उसे। इमरान उनकी बातें सुनता रहा लेकिन कुछ जाहिर नहीं होने दिया उन सबको।)
मोंटी: हाँ यार, वैसे खूब मजे दिए उस अस्मा ने। साली लंड बड़ा अच्छा चूसती थी।
सोनू: अबे वो तो हमने उसे लंड चूसने में एक्सपर्ट बनाया था वरना शुरू में तो हमारे काले लंड देखकर डर के मारे हाथ भी नहीं लगाती थी वो।
इमरान: थोड़ी हिम्मत जुटाकर (चेहरे पे कोई एक्सप्रेशन ना लाते हुए), क्या सच में तुम लोगों ने अस्मा के साथ सब कुछ किया है।
मोंटी: अबे तू नहीं समझेगा, तू शरीफ था बहुत। अस्मा किसी रंडी से कम नहीं थी बहुत मजे देती थी साली। हमने तो उसकी बड़ी बहन राजिया को भी ठोका है लेकिन उसकी शादी हो गई।
सोनू: अबे वो तो पूछ ही मत, उसकी बड़ी बहन तो हम तीन से एक साथ चुदती थी लेकिन एक दिन उसकी माँ ने हमें देख लिया। हम तीन तो वहाँ से आ गए लेकिन फिर कुछ ही दिन में उसकी शादी कर दी।
साहिल: अबे जब वो अपनी बेटी को 3 लड़कों से चुदते हुए देखेगी तो क्या शादी नहीं करेगी वो उसकी। लेकिन बेचारी किसी को बता भी नहीं सकती थी कि उसकी बेटी 3 लंड ले चुकी है। वो तो अच्छा हुआ अस्मा नहीं थी तब वरना अस्मा भी हाथ से निकल जाती।
तीनों खिलखिलाकर हँसने लगे..
साहिल: इमरान तू बता, तेरा यहाँ कैसे आना हुआ..
इमरान: अरे मैं तो ऐसे ही एक डॉक्यूमेंट लेने आया था कॉलेज में लेकिन आज मिला नहीं तो बाद में आऊँगा।
(इमरान ने जानबूझकर नसरीन के बारे में नहीं बताया क्योंकि ये तो आप समझ ही चुके होंगे कि वो नहीं चाहता था कि इन लोगों को नसरीन के बारे में पता भी चले कुछ)।
मोंटी: अरे यार तू तो अभी कॉलेज के अंदर से आया है, क्या मस्त-मस्त माल घूमती हैं अब कॉलेज में। सारी लड़कियों को छोटी-छोटी स्कर्ट में देखकर लंड खड़ा हो जाता है।
सोनू: अबे तू तो चुप ही रह साले, तेरा तो सबको देखकर ही लंड खड़ा हो जाता है।
इमरान इनकी बातें सुनकर सोचने लगा कि वो कहाँ फँस गया और किसी तरह वहाँ से निकलने की कोशिश करने लगा।
साहिल: तभी साहिल इमरान से कहता है, अबे तुझे पता मोंटी को एक लौंडिया भी पसंद आ गई है। उसको ही देखने के लिए ये यहाँ डेली आता है लेकिन साली आज दिखी ही नहीं वो।
इमरान: बेमन से पूछ ही लेता है, कौन है वो..
मोंटी: अबे पसंद तो मुझे सारी हैं, लेकिन उसकी बात ही अलग है.. नाम ना पता अभी उसका लेकिन 12वीं क्लास में है..
इमरान के पैरों से जमीन खिसक जाती है। उसे तुरंत नसरीन का ख्याल आता है लेकिन वो कन्फर्म करना चाहता था इसलिए वो फिर और पूछता है..
इमरान (मोंटी से): अबे इतने दिन हो गए नाम ना पता चला तुझे, चल दिखती कैसी है ये बता।
(इमरान के मन में डर था कि कहीं वो लड़की सच में नसरीन ना निकले)
मोंटी: अबे बस पूछ मत हुस्न की परी है वो। एकदम दूध जैसी गोरी, कहीं हाथ लगा दो तो वहीं से लाल पड़ जाए। चूचियाँ इतनी नुकीली हैं कि बस साली की शर्ट फाड़कर बाहर निकलने को तैयार। गाँड इतनी मोटी कि साली चलते हुए लंड खड़ा कर दे। ऊपर से चेहरा ऐसा कि साली अगर किसी को देख ले ना तो सबसे पहले चोदने का ख्याल ही आएगा उससे। पतली कमर और गोरी टाँग। लेकिन एक खास बात है टाँगें बिल्कुल चिकनी और टाँगों के पीछे घुटने के ऊपर एक तिल है। साली जिस दिन चोदने को मिली अपना सारा माल उस तिल पे ही गिराऊँगा।
ये सुनकर इमरान हक्का-बक्का रह गया, वो अभी तक श्योर नहीं था लेकिन तिल की बात सुनकर उसे पक्का यकीन हो गया कि वो नसरीन की ही बात कर रहा है। वो तो इमरान को बुरा लग रहा था लेकिन पता नहीं मोंटी की बात सुनकर उसका झटके मारने लगा।
सोनू: अबे देख इमरान का लंड भी खड़ा हो गया मोंटी की बात सुनकर।
साहिल: अबे होगा क्यों ना, हम तीनों साथ में मुठ मारते हैं उसे सोचकर बस एक बार हाथ आ जाए।
मोंटी: चल आजा मुठ मारने चलते हैं। इस दुकान के पीछे ही है एक कमरा…
इमरान: अबे पागल है क्या, कोई देख लेगा..
(नसरीन के बारे में उनके गंदे-गंदे ख्याल सुनकर इमरान का मन अब वहाँ रुकने का नहीं था इसलिए वो बहाने बनाने लगता है)
सोनू: अबे आ ना कोई नहीं देख रहा, हम यहाँ डेली आते हैं और अस्मा को भी लाए हैं कई बार यहाँ..
वो सब इमरान को अपने साथ ले लेते हैं..
कमरे में पहुँचकर सब अपनी-अपनी जगह बैठ जाते हैं और अपनी जीन्स उतार देते हैं..
मोंटी: अबे तू क्या हमारे लंड देखेगा क्या साले, तू भी उतार..
(इमरान को वैसे कोई डर नहीं था… वो भी मुठ मार लेता था लेकिन सबके सामने उसको थोड़ा अजीब लग रहा था और दूसरी बात जब सबने अपनी जीन्स उतारी तो सबके लंड की शेप अंडरवियर में दिख रही थी जो उसके लंड के मुकाबले काफी बड़े लंड थे और मोटे भी)
इमरान भी अपनी जीन्स उतार देता है और उसका लंड देखकर सबकी हँसी निकल जाती है क्योंकि वो सब बहुत लंबे-चौड़े थे और उनका लंड भी लेकिन इमरान पतला-दुबला सा तो उसका लंड भी उसके जैसा ही था.. लेकिन तभी
साहिल: अबे तेरा लंड इतना ही है या अभी खड़ा ना हुआ है…
इमरान: अपने आपको बचाने के लिए, अबे पहली बार ऐसे मुठ मार रहा हूँ तो थोड़ा अजीब लग रहा है..
सब उसकी बात पर हँस देते हैं… इतने में मोंटी बोलता है..
मोंटी: चलो एक गेम खेलते हैं मुठ मारते-मारते..
सब सोचते हैं कैसा गेम लेकिन फिर हाँ बोल देते हैं…
मोंटी: हम सब उस रंडी के बारे में सोचकर मुठ मारेंगे लेकिन सब आँख बंद करके बस उसके बारे में सोचेंगे और एक-एक बात उसके बारे में बोलेंगे और लगातार मुठ मारते रहना है हमें.. फिर देखते हैं कौन ज्यादा देर तक टिक पाता है…
सबको आइडिया अच्छा लगा लेकिन इमरान को शर्म आने लगी और सोचने लगा कि कैसे उन्हें रोके.. इमरान का लंड भी नसरीन के लिए इन लोगों की हवस देखकर उछलने लगा लेकिन उसे थोड़ा बुरा भी लग रहा था कि नसरीन उसकी बहन है और ये लोग उसके बारे में ऐसी नीयत रखते हैं… जब वो कुछ ना सोच पाया तो उसे भी हाँ करनी पड़ी…
इतने में सबने आँखें बंद कर ली थीं और अपने लंड हिला रहे थे.. पूरे कमरे में शांति का माहौल था..
मोंटी: मैं तो उस रंडी को अपने लंड पर बिठाकर चोदूँगा.. वो अपनी चूत लेकर मेरे लंड पे खुदेगी..
ये बोलकर मोंटी तेज-तेज लंड ऊपर-नीचे करने लगा लेकिन इमरान के पसीने छूट गए.. कोई भाई कैसे अपनी सगी बहन के लिए इतना गंदा सुन सकता है.. जब इमरान ने ये सुना तब अपने आप ही इमरान की आँखें मोंटी के लंड पर टिक गईं और फिर आँख बंद करते ही मोंटी जैसे साँड को नसरीन जैसी बच्ची के ऊपर चढ़ा हुआ पाया.. उसे नसरीन की गोरी बिना चिकनी चूत में मोंटी का काला लंड साफ जाता हुआ दिख रहा था.. इमरान की हालत खराब थी… उसके लंड झटके मार रहा था.. उसका हाथ खुद ही अपने लंड पर बहुत तेज चलने लगा… इतने में..
सोनू: मैं उस रंडी की चूचियों को मसलकर उसकी चूचियों के बीच अपना लंड डालूँगा..
सब अपना लंड तेज-तेज ऊपर-नीचे करने लगे.. लेकिन इमरान का लंड फटने को हो रहा था… वो सोनू के लंड की तरफ देख रहा था और आँख बंद करते ही उसे सुबह-सुबह नसरीन की भीगी हुई चूची याद आ गई.. शर्ट के अंदर कैसे भीगी हुई चूची दिख रही थी… और तभी उसे सोनू उन बड़ी-बड़ी चूचियों के साथ अपनी हवस पूरा करता हुआ दिखा.. सोनू नसरीन के ऊपर पड़ा था और उसकी भोली बहन नसरीन सोनू जैसे हवसी को अपने ऊपर खींच रही थी.. सोनू बहुत बेदर्दी से नसरीन की चूचियाँ मसल रहा था..
फिर सोनू ने अपना लंड उसकी भोली बहन की चूचियों के बीच डालकर उसकी चूचियों को चोदने लगा… इमरान की हालत खराब थी.. पता नहीं उसे अपने आप ही ऐसे ख्याल आ रहे थे.. उसके लंड ने उसका साथ छोड़ दिया.. इमरान का पानी निकल गया लेकिन जितना पानी निकला था उतना आज तक नहीं निकला..
इतने में
साहिल: आह मैं तो साली की गाँड पे घी लगाकर पहले अपना लंड रगड़कर अपने लंड की गर्माहट का एहसास दिलाऊँगा उससे… फिर साली गाँड में लंड डालकर गाँड का गोदाम बनाऊँगा….
इमरान का लंड एक बार झड़ चुका था लेकिन अपनी बहन नसरीन के लिए साहिल के ख्याल सुनकर उसका लंड दोबारा झटके मारने लगा.. उसके सामने नसरीन की प्यारी गाँड आने लगी… उसे साहिल का काला लौड़ा नसरीन की गाँड में जाता हुआ नजर आया.. अपने ख्यालों में ये सीन आते ही उसकी हालत और बिगड़ गई.. लेकिन तभी साहिल बोला..
साहिल: इमरान अब तेरी बारी, तू बोल क्या करना चाहता है उस रंडी के साथ…
इमरान का दिमाग काम करना बंद कर गया। वो सोच नहीं पा रहा था कैसे अपनी प्यारी बहन के बारे में इन हवसी दरिंदों के सामने कुछ बोले। जिस बहन को वो इतना प्यार करता है।
Next Part ==> परदे के पीछे हसीन रंडियाँ – 2
