परदे के पीछे हसीन रंडियाँ – 2

Family ki ladkiyo ki chudai ki kahani:- पिछले पार्ट में इमरान अपने आवारा दोस्तों (मोंटी, सोनू, साहिल) के साथ मुठ मारते समय नसरीन के बारे में गंदी कल्पनाएँ करता है और उसके नाम भी बोल देता है। मोंटी इमरान के फोन से नसरीन का नंबर सेव कर लेता है और समझ जाता है कि नसरीन इमरान की छोटी बहन है। तीनों दोस्त नसरीन को फँसाने का प्लान बनाने लगते हैं। अब पढिए आगे …

Part 1==> परदे के पीछे हसीन रंडियाँ – 1

Family ki ladkiyo ki chudai ki kahani

इमरान का दिमाग काम करना बंद कर गया। वो सोच नहीं पा रहा था कैसे अपनी प्यारी बहन के बारे में इन हवसी दरिंदों के सामने कुछ बोले। जिस बहन को वो इतना प्यार करता था, दुनिया की गंदी नजरों से बचाए रखा था आज उसी बहन के बारे में इमरान को बोलने को कहा गया था। इमरान का लंड तो अभी तक खड़ा था लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी अपने दोस्तों के सामने नसरीन के बारे में कुछ बोलने की.. इतने में..

सोनू: अबे बोल ना जल्दी.. मेरा होने वाला है..

इमरान को अब कुछ बोलना ही था, उसने एक बार सबके बड़े और काले लंड पर नजर घुमाई और अपने लंड की तरफ देखते हुए आँखें बंद कीं… उन सबके लौड़े पूरे तने हुए थे उसकी बहन की इज्जत उछालने के लिए.. उनके तने हुए लंड देखकर उसे भी जोश चढ़ गया और उसने आँखें बंद कीं.. आँखें बंद होते ही उसे अपनी प्यारी बहन नसरीन का प्यारा सा चेहरा दिखा। नसरीन के होठों पर लाल कलर की लिपस्टिक के साथ मुस्कान देखकर किसी का भी लंड उछल जाए.. ये सोचकर इमरान अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया.. और उसने जोश-जोश में बोल दिया कि मैं “नसरीन के मुँह में अपना डालकर चुसवाऊँगा”… उसकी होठों की लिपस्टिक अपने लंड से साफ करवानी है मुझे..

(किसी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि इमरान ने किसका नाम लिया सिवाय एक के.. वो बाद में पता चलेगा, सब अपने ख्यालों में नसरीन को ही चोद रहे थे लेकिन उसका नाम नहीं पता था)

इतने जोश में ये बात सुनकर सब झड़ गए.. सबका ढेर सारा माल निकला था लेकिन इमरान अभी भी आँख बंद किए लंड पकड़ा हुआ बैठा था.. उसका ढेर सारा माल उसके हाथ में था लेकिन और सबके मुकाबले कम ही था..

सब उसे देखकर हँसने लगे..

मोंटी: अबे देख इसे कितना जोश चढ़ा है साले को.. जबकि इसने देखा भी नहीं आज तक उसे..

जा साले बाथरूम में साफ करके आ..

इमरान भागकर तुरंत बाथरूम में गया और अपने आपको शीशे में देख रहा था… इमरान नसरीन के बारे में ही सोच रहा था… उसने सोचा भी नहीं था कि वो अपनी सबसे प्यारी बहन के बारे में इतना गंदा भी सोच सकता है.. उसे घिन आ रही थी अपने आप से और अपने दोस्तों से जो नसरीन को ऐसी गंदी नजर से देखते हैं… उसकी आँखों में लाल हो रही थी और आँसू भी टपक रहे थे… तभी उसे अपने फोन बजने की आवाज आई… इमरान जल्दी-जल्दी अपना मुँह धोकर बाहर आया क्योंकि वो नहीं चाहता था कि कोई उसके घर वालों की कॉल उठाए..

लेकिन इमरान का फोन मोंटी के पास था और जब मोंटी ने स्क्रीन पर नाम पढ़ा तो दंग रह गया.. क्योंकि इमरान ने नसरीन का नाम “नसरीन बाजी” के नाम से सेव किया हुआ था… मोंटी के दिमाग की घंटी बजी और उसने तुरंत ही वो नंबर अपने फोन में सेव कर लिया क्योंकि मोंटी वही बंदा था जिसने मुठ टाइम इमरान के मुँह से नसरीन का नाम सुना था लेकिन उसे ये नहीं पता था कि नसरीन और जिसको वो अपनी हवस की नजरों से देखता है वो दोनों एक ही हैं…

इमरान बाथरूम से बाहर आकर अपना फोन देखता है तो उसमें नसरीन की कॉल पड़ी थी… फिर वो अपने कपड़े पहनकर वहाँ से निकल जाता है ये कहकर कि उसके घर से कॉल आ रही है…

इमरान रास्ते में आज के हुए हादसे के बारे में सोच रहा था… सुबह-सुबह नसरीन की भीगी हुई चूची देखना, उसके कॉलेज टाइम का प्यार अस्मा की असलियत और अपनी सबसे प्यारी और मासूम सी बहन के बारे में अपने दोस्तों के साथ गंदी-गंदी बातें करके मुठ मारना… इमरान को अपनी गलती का एहसास हो रहा था लेकिन नसरीन से दिलो-जान से प्यार करता था… उधर उसको अस्मा का ख्याल आया कि कैसे वो सब अस्मा के बारे में बात कर रहे थे…

उसको सोचने लगा कि क्या सारी लड़कियाँ लंड की भूखी होती हैं जबकि अस्मा तो नकाब पहनकर कॉलेज आती थी.. कितनी शरीफ थी वो और कैसे इन दरिंदों ने उसे बेपर्दा करके उसके जिस्म के मजे लूटे होंगे.. क्या अस्मा की सारी शराफत और भोलापन बस एक नाटक था… पता नहीं कैसे अस्मा ने इन सबके इतने बड़े और काले लंड अपने अंदर लिए होंगे… तभी उसे नसरीन का ख्याल आता है कि अब उन सबकी नजर उसकी प्यारी बहन नसरीन पर है… नहीं मैं इन दरिंदों से नसरीन को बचाकर रहूँगा… ये नसरीन के जिस्म को नोच खाएँगे… नसरीन बेचारी कोमल सी नाजुक बदन की लड़की जिसे हम सबने बचपन से प्यार से पाला आज इतनी बड़ी हो गई कि ऐसे राह चलते लड़के उसे अपने नीचे लाकर रगड़ना चाहते हैं..

उसकी चूत में अपने बड़े-बड़े लंड डालकर हवस मिटाना चाहते हैं उसके जिस्म से… और क्या नसरीन भी यही चाहती है… नहीं नहीं ये मैं क्या सोच रहा हूँ नसरीन बहुत शरीफ और भोली है.. उसका मासूम सा चेहरा देखकर कोई भी बता देगा ये बात तो.. लेकिन अस्मा भी तो मासूम थी… और अब कैसे उन सबके बड़े-बड़े लंड ले रही है… फिर उसे कॉलेज टाइम के एक दोस्त की बात याद आई… “नकाब में रहने वाली लड़कियाँ अंदर से रंडी होती हैं”.. क्या ये बात सच.. नहीं नसरीन ऐसी नहीं हो सकती.. अब इमरान का नसरीन के प्रति नजरिया बदल गया था… लेकिन उसको शर्म भी आ रही थी कैसे वो अपनी बहन के बारे में ऐसा सोच सकता है…

यही सोच-सोचते वो घर पर पहुँच गया… और बाइक खड़ी करके उसने डोरबेल बजाई…

दरवाजा नसरीन ने ही खोला…

नसरीन: भाईजान कहाँ लगा दी इतनी देर आपने…

नसरीन का चेहरा देखते ही वो सोच में डूब गया… वो नसरीन को ऊपर से नीचे तक बड़े गौर से देख रहा था… उसे एक-एक बात याद आई जो उन सबने नसरीन के बारे में बोली थी… चूचियों से लेकर चूत गाँड तक सब… उसे लगने लगा कि सब सच बोल रहे थे… नसरीन सच में बड़ी हो गई है.. तो क्या नसरीन का भी मन करता होगा लंड लेने का… इतने में नसरीन ने पूछा भाईजान ऐसे क्या देख रहे हो…

इमरान: कुछ नहीं.. और वो कहकर अंदर चला गया…

मैं फ्रेश होता हूँ, इतने तू खाना लगा दे…

इस टाइम पर घर पर सिर्फ इमरान, नसरीन और अलीजा ही थे… मोमिना (अम्मी) और रेहाना (इमरान की सबसे बड़ी बहन) बाहर गए हुए थे…

जैसे कि शुरू में ही बताया था अलीजा पूरी तरह से एक रंडी की तरह है.. वो शरीफ बनकर तो रहती है लेकिन राह चलते किसी से भी चुदवाने को तैयार हो जाएगी अपनी प्यास बुझाने के लिए लेकिन कभी मौका नहीं मिला बस उसको..

नसरीन ने इमरान का खाना लगा दिया और इमरान भी चुपचाप खाने लगा…

नसरीन: भाईजान कुछ हुआ है क्या.. आज इतना चुप क्यों हो आप..

इमरान: नसरीन के चेहरे की तरफ देखते हुए… कुछ नहीं बस सिर दर्द हो रहा है थोड़ा सा..

इमरान का नाश्ता हो चुका था.. वो अपने कमरे में जाकर बेड पर लेटा हुआ नसरीन के बारे में सोचने लगा.. नसरीन तो बहुत शरीफ है.. वो कैसे उन सबकी हरकतों का सामना करेगी… वो सब भी आवारा हैं.. कभी ना कभी तो उन्हें पता ही चल जाएगा कि नसरीन मेरी बहन है.. ये सोचते-सोचते उसे कब नींद आ गई पता ही नहीं चला…

आह उह्ह्ह भाई बचाओ मुझे… बचाओ मुझे उउउउह्ह्ह्ह… इस दरिंदे से बचाओ आह्ह्ह्ह… बहुत दर्द हो रहा है भाई कुछ करो ना उह्ह्ह्ह्ह्ह भाईईईईईई….. आआह्ह्ह्ह्ह ये मेरी चूत फाड़ रहा है बहुत मोटा लंड है इसका …. भाई प्लीज बचा लो ना अपनी प्यारी बहन की इज्जत। आह्ह्ह

इमरान के सामने नसरीन को कोई चोद रहा था… इमरान को बस उसका काला लंड अपनी बहन की गोरी चूत में जाता हुआ दिख रहा था और हर झटके के साथ नसरीन की चीख सुनाई पड़ रही थी.. वो शख्स नसरीन के मुकाबले बहुत बड़ा और हट्टा-कट्टा बिल्कुल काला और वो फूल जैसी नसरीन के ऊपर चढ़ा हुआ बिना दया के उसे चोद रहा था.. ऐसा लग रहा था जैसे मानो किसी सफेद कुतिया को कोई काला घोड़ा चोद रहा हो।

ऐसा लग रहा था जैसे मानो किसी सफेद कुतिया को कोई काला घोड़ा चोद रहा हो… उस शख्स के झटके इतने जबरदस्त थे कि हर धक्के के साथ नसरीन पूरी हिल जाती और मुँह से जोरदार चीख के साथ-साथ बेड के हिलने की भी आवाज आती.. नसरीन पता नहीं कैसे उस हवसी का लंड झेल रही थी.. वो शख्स भी नसरीन पर बिना दया दिखाए एक हाथ से उसकी चूची और दूसरे हाथ से उसकी कमर पकड़कर चोदे जा रहा था… इमरान नसरीन की चीखें सुनकर हिल गया.. नसरीन उसे मदद के लिए बुला रही थी.. उसके पैर काँपने लगे वो नसरीन को बचाना चाहता था लेकिन उसे ऐसे चुदता देख उसको मजा भी आ रहा था…

एक भाई के लिए वो शख्स एक दरिंदा था जो उसकी बहन को इतनी बुरी तरह चोद रहा था.. लेकिन साथ में इमरान अपना तना हुआ लंड साफ महसूस कर पा रहा था… नसरीन की ऐसी हालत देखकर उसका लंड खड़ा हो गया.. उधर नसरीन के कपड़े फटे हुए थे.. ब्रा कमरे के दरवाजे के पास और पैंटी बेड के पास फटी पड़ी थी… नसरीन का सूट पूरा फटा हुआ था लेकिन तब भी उसके शरीर पर था… नसरीन की चूचियाँ बिल्कुल नंगी थीं और उन पर उस काले साँड की उँगलियों के निशान और निप्पल उसकी लार से भीगे हुए थे… नीचे नसरीन की गाँड के पास हाथों के निशान थे… इसका मतलब नसरीन की गाँड को अच्छी तरह मसला गया है… नसरीन की गोरी टाँगों के बीच वो शख्स बस एक हबशी लग रहा था क्योंकि नसरीन का शरीर ऐसा था कि जहाँ से छू लिया वहीं से लाल पड़ जाए और वो साँड उसे पूरी तरह से मसल रहा था…

इमरान खड़े-खड़े ये सब देखता रहा.. उधर नसरीन की आँखों में दर्द और आँसू थे.. वो मदद के लिए अपने भाईजान इमरान को पुकार रही थी और साथ में अपने हाथों से उस काले शख्स को दूर करने की कोशिश कर रही थी… हर धक्के के साथ उसका शरीर काँप रहा था और साथ ही साथ उसकी ऐसी हालत देखकर इमरान भी काँपने लगा… लेकिन कैसे एक भाई अपनी प्यारी बहन को किसी और को ऐसे चोदने दे… इमरान अपनी सोच से बाहर निकलकर उसकी मदद के लिए आगे बढ़ा और एकदम से उसकी आँखें खुल गईं…..

इमरान बेड पर बैठा हुआ चारों तरफ देखता है तब उसे यकीन होता है कि वो एक सपना देख रहा था.. एक बुरा सपना.. एक ऐसा सपना जिसमें उसकी सबसे प्यारी बहन नसरीन किसी काले आदमी से चुद रही थी…

इमरान (मन में): क्या सच मैंने एक ऐसा सपना देखा… छी कैसे हो सकता है ये सब… नहीं नहीं मैं नसरीन के बारे में ऐसा नहीं सोच सकता… कैसे चोद रहा वो कमीना आदमी उसे.. हर धक्के के साथ नसरीन की चीख निकल रही थी… नहीं नसरीन को मैं किसी के साथ नहीं देख सकता… लेकिन तभी उसे उसका लंड झटके मारता हुआ महसूस होता है… वो अपने लंड को हाथ लगाता है तो वो झटके मारने लगता है… इमरान से कंट्रोल नहीं होता तो वो मुठ मारने लगता है… मुठ मारते हुए इमरान सपने की सारी बातें सोचने लगता है कि कैसे नसरीन उस काले साँड से टाँगें फैलाकर चुद रही थी..

इमरान बड़बड़ाते हुए मुठ मारने लगता है… मेरी प्यारी बहन तुझे तो काले लंड लेने ही हैं… क्या जिस्म है तेरा किसी का भी लंड खड़ा कर दे… तू जितना चीखेगी उतना और मजा आएगा तुझे चोदने में.. नसरीन तुझे मैं जी भरके चोदूँगा… इमरान का ये सब सोचते-सोचते पानी निकल जाता है… वो एक ही दिन में नसरीन के बारे में सोचकर दूसरी मुठ मार रहा था… वो उठकर अपने आपको साफ करता है फिर कमरे से बाहर निकल जाता है…

शाम हो चुकी थी मोमिना और रेहाना बाजार से आ चुके थे…. लेकिन आज घर में थोड़ी शांति थी.. सब चुपचाप काम कर रहे थे पता नहीं क्यों… उसने ये नजरअंदाज कर दिया..

चलिए अब चलते हैं दूसरी तरफ जहाँ एक कमरे में मोंटी, सोनू और साहिल बैठे हुए थे… मोंटी वही शख्स है जिसने इमरान के मुँह से मुठ मारते वक्त नसरीन का नाम सुना था और जब इमरान के फोन पर कॉल आई थी तब उसने नसरीन का नाम पढ़कर उसका नंबर भी सेव कर लिया था…

मोंटी: अबे तुम दोनों पता है आज जब मुठ मार रहे थे तब क्या हुआ…

साहिल: क्या हुआ था… साथ में ही तो मुठ मारी थी…

मोंटी: हाँ लेकिन तुम दोनों ने एक चीज पे ध्यान नहीं दिया… सुबह इमरान ने मुठ मारते हुए किसी नसरीन का नाम लिया था..

सोनू: क्या??.. तो साले पहले क्यों नहीं बताया.. पूछते तो सही उससे…

मोंटी: अबे उसके सामने थोड़ी ना बताता.. लेकिन एक और बात.. जो इमरान की कॉल आई थी वो भी नसरीन के नाम से ही थी… और नसरीन कोई और नहीं इमरान की छोटी बहन है…

साहिल, सोनू एक साथ: क्या.. शॉक होकर..

सोनू: मतलब अपनी ही बहन के बारे में सोचकर मुठ मार रहा था वो…

साहिल: साला ये तो बड़ा कमीना निकला.. हमसे भी ज्यादा…

मोंटी: कमीना नहीं साले चूतिया है वो… मुझे पता है इमरान की गाँड में दम नहीं है कि वो कुछ कर सके.. मेरे दिमाग में एक आइडिया है.. अगर सही रहा तो उसकी बहन नसरीन हम सबसे चुदेगी…

साहिल: सही है.. मैं तैयार हूँ…

सोनू: अगर इमरान को पता चल गया तो फिर क्या??

मोंटी: अबे इमरान ही तो हमारा काम करवाएगा… जो बंदा अपनी बहन के बारे में सोचकर मुठ मारे वो भी हमारे साथ तो उससे चुदवाने के लिए क्यों मना करेगा…

सोनू: सही बात है.. लेकिन एक बार अगर देखने को मिल जाती ना कि उसकी बहन दिखती कैसी है तो ज्यादा ठीक रहेगा..

मोंटी: यही तो सोच रहा हूँ कैसे पता करें ये.. अगर सुमित होता ना तो पक्का पता निकाल लेता…

अब आप सोच रहे होंगे कि ये सुमित कौन है… सुमित यानी मैं खुद इस कहानी का हीरो.. इन सबका बॉस जो कुछ दिनों के लिए बाहर गया हुआ है… वक्त आने पे मेरे बारे में पता चल जाएगा..

साहिल: सुमित को आने दे वो तो कर ही लेगा.. लेकिन उससे पहले हमें ही कुछ करना होगा… अब लंड को एक चूत की जरूरत है बहुत… या तो वो कॉलेज वाली परी या इमरान की बहन ही सही.. किसी को तो चोदना ही है…

लेकिन अभी किसी को यहाँ ये नहीं पता था क्या वो दोनों एक ही हैं…

मोंटी: चल तो मेरा प्लान सुनो अब..

तीनों मिलकर प्लान डिस्कस करते हैं… लेकिन वो आप सबको बाद में पता चलेगा…

इतने में इमरान की तरफ चलते हैं…

रात हो चुकी थी सब खाना खाकर अपने कमरे में जा चुके थे…

आज मोमिना और रेहाना साथ सोई हुई थीं… वरना मोमिना अपने पति के साथ ही सोती है..

इमरान अलग कमरे में और नसरीन और अलीजा एक कमरे में…

इमरान को नींद नहीं आ रही थी एक वजह ये थी वो दोपहर को सो लिया था और दूसरी वो नसरीन के बारे में सोचकर कि वो कैसे अपनी बहन को इस दुनिया की गंदी नजर से बचाए…

इमरान पानी पीने के लिए उठा तो देखा जग में पानी नहीं है… वो कमरे के बाहर जाता है और उसे किसी की बात करने की आवाज आ रही थी…

वो थोड़ा आगे ही बढ़ा था कि वो समझ गया कि आवाज किसकी है…

वो सीधा उस रूम की तरफ गया जहाँ मोमिना (इमरान की अम्मी) और रेहाना (सबसे बड़ी बहन) थीं…

वो आवाज मोमिना की थी जो रेहाना से कुछ बात कर रही थी और उधर रेहाना थोड़ी उदास थी उसकी आँखों से पता चल रहा था कि वो थोड़ी देर पहले ही रोई थी…

इमरान उन दोनों की बातें सुनता है..

मोमिना: बेटा भूल जा ये सब जो अब आज हुआ… बुरे सपने की तरह भूल जा सब…

रेहाना: अम्मी कैसे भूल जाऊँ… ये कोई छोटी बात थोड़ी ना है.. उन लोगों ने इतना कुछ किया और रोने लगी…

मोमिना: चुप हो जा बेटी.. आगे से कभी उस मार्केट में नहीं जाएँगे… अब ये सोच उन लोगों से पीछा कैसे छुड़ाना है हमें…

रेहाना: अम्मी मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई… अगर उन्होंने कुछ उल्टा-सीधा कर दिया तो क्या करूँगी मैं…

मोमिना: बेटी तू चिंता मत कर.. कुछ बुरा नहीं होने देंगे हमारे साथ…

रेहाना: पर कैसे अम्मी, कैसे हो सकता है सब ठीक…

मोमिना: रेहाना को गले लगाकर… तू चिंता मत कर सब ठीक हो जाएगा… मैं करूँगी सब ठीक… (मोमिना अपने मन में एक प्लान सोचती है)

इधर इमरान ये सब सुनकर दंग रह गया… वो सोच रहा था कि ऐसा क्या हो गया कि रेहाना के साथ जो वो ऐसी बातें कर रही है… और उसकी अम्मी और बाजी ने किसी को कुछ बताया भी नहीं…

अगले पार्ट में पता चलेगा कि ऐसा क्या हुआ था रेहाना के साथ जो कि उसकी ऐसी हालत हो गई कि वो किसी को बता भी नहीं सकती….

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