बहनों की अदला बदली कर चुदाई 2
Ek dusre ki wife ki adla badli krke chudai:- रोहित और अब्दुल अपनी-अपनी बीवियों (एक-दूसरे की बहनों) के साथ घर पर हनीमून मना रहे हैं। शराब पीते हुए दोनों दोस्त एक-दूसरे की बहनों को चोदने का प्रस्ताव रखते हैं। दोनों बहनें भी तैयार हो जाती हैं। अब रात भर का स्वैप शुरू होने वाला है।
जब अब्दुल बोल रहा था तो सायमा अंदर आई।
Part 1 yaha padhen ==> बहनों की अदला बदली कर चुदाई 1
Ek dusre ki bahno ki adla badli krke chudai kahani
रोहित: (मन में) कहीं सायमा ने हमारी बातें सुन तो नहीं लीं?
अगर सुन ली हैं तो और आसान हो जाएगा उनके विचार जान लेना। सायमा मुस्कुराती हुई आई और अब्दुल से बोली—
सायमा: क्या सीक्रेट बातें हो रही हैं दोनों यारों में?
सायमा गाँड मटका रही थी तो अब्दुल ने उसकी गाँड पर चापड़ मारते हुए अपनी गोद में खींच लिया और बोला—
अब्दुल: सायमा, हम तो अपनी बीवियों की तारीफ़ कर रहे थे। जिस तरह रोहित तेरी तारीफ़ कर रहा था, मुझे तो इससे जलन होने लगी है कि इतनी सेक्सी बहन इसको दे डाली है मैंने। अगर पता होता तो अपने लिए ही रख लेता अपनी बहन को!!!
इसके साथ ही उसने मेरे सामने मेरी बीवी को चूम लिया।
सायमा: भईजान क्या बात करते हो? आज तक किसी ने अपनी बहन को अपने लिए रखा है क्या? और वैसे भी तो रोहित और आप में सब कुछ मिला-जुला ही है। अलका भी तो मेरी ही भाभी है। मैं आपसे अलग तो नहीं हूँ।
तभी अलका किचन से निकली और सायमा को अपने भाई की गोद में बैठी हुई देखकर बोली—
अलका: क्यों यार मेरे शौहर की गोद में बैठी हो? क्या मेरे भाई से मन भर गया भाभी? या टेस्ट चेंज करने का मूड है भाभी?
अलका भी बहुत मस्त नज़र आ रही थी। मुझे लगा कि अलका और सायमा को पार्टनर्स बदलने के लिए राज़ी करना मुश्किल न होगा। मैंने अपनी बहन को अपनी गोद में खींच लिया और बोला—
रोहित: अलका, मेरी बहन, अगर सायमा अपने भाई की गोद में बैठी है तो क्या हुआ, कोई पाप तो नहीं किया उसने? अगर तुझे जलन हो रही है तो तू भी बैठ जा मेरे आगोश में। मैं भी तो देखूँ अब्दुल तेरी इतनी तारीफ़ क्यों कर रहा था।
अलका: भैया बिठा तो लिया है आपने अपनी गोद में। क्या खुद ही पियोगे शराब? हमको नहीं पिलाओगे?
अलका बोली और मैं किचन से गिलास उठा लाया।
रोहित: अलका मेरी बहन, हम मर्द-औरत में कोई फ़र्क़ नहीं करते। तू और सायमा भी हमारे साथ शामिल हो जाओ। हमको ख़ुशी होगी। वैसे भी देखो अब्दुल मेरी बीवी को गोद में लिए बैठा है। जब तक मैं तुझे अपनी गोद में न ले लूँ मुझे ख़ुशी नहीं मिलेगी।
अलका मुस्कुरा पड़ी और गिलास में शराब भरने लगी।
अलका: भाभी, शराब में पानी डालोगी या सोडा? लगता है हमारे पति आज कुछ अलग करने के मूड में हैं। अलग करना है तो कम से कम पी तो लें हम।
अलका: उईईई भैया आपका तो खड़ा हो चुका है। ओह्ह्ह मेरे भगवान आपका तो इतना बड़ा है कि मेरे नितंबों में घुस रहा है!!!
कहते हुए मेरी बहन ने मेरे सीने पर हाथ फेरते हुए मुझे किस कर लिया। उधर अब्दुल ने गिलास सायमा के होठों से लगा दिया और मदहोशी में आकर मेरी बीवी के सीने सहलाने लगा। सायमा की कामुक सिसकारियाँ कमरे में गूँजने लगीं—
सायमा: ओह्ह्ह भईजान… एक तो शराब… ऊपर से आपका स्पर्श मेरी उत्तेजना बढ़ा रहा है… ओоооह्ह्ह्ह भईजान क्या आज अपनी बहन को ही बीवी समझ लिया है आपने?
अब्दुल का हाथ अब सायमा की निकर में घुस गया और वो बोला—
अब्दुल: रोहित क्यों न तू मेरी बीवी के साथ सुहागरात मना ले और मैं तेरी के साथ? मुझे अपनी बहन किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही। वाह मेरी बहन तेरी तो चूत भी भीग चुकी है। क्या आज रात के लिए पति बदलने में कोई दिक्कत तो नहीं है मेरी बहन को?
अब्दुल को जवाब मेरी बहन ने दिया—
अलका: सायमा देखो हमारे भाई बहनचोद बनने को कितने उतावले हो रहे हैं? ये सोचते हैं कि शायद ये दोनों ही अपनी बहनों को चोदना चाहते हैं। भैया हम भी अपने भाइयों से चुदना चाहती हैं। हमारी चूत भी आपसे चुदवाने को मचल रही है। क्यों मेरी प्यारी भाभी जान, कैसा लग रहा है मेरे पतिदेव का औज़ार?
सायमा: भाभी, बहुत मस्त है मेरे भईजान का लंड। अपनी बहन की चूत में जाने को मचल रहा है मेरे बहनचोद भाई का लंड। लेकिन अब्दुल भईजान ये पतियों की अदला-बदली बस आज रात के लिए नहीं होगी। अगर तुम आज मुझे चोदना चाहते हो और रोहित अलका को, तो ये चुदाई का प्रोग्राम हमेशा के लिए होगा। हम चारों एक-दूसरे से किसी भी वक्त चुदाई कर सकते हैं। हम चारों में कोई भेद या रहस्य नहीं होगा। बोलो मंज़ूर है? तुम दोनों हमारे पति और हम दोनों आपकी पत्नियाँ!!!
बात खुल चुकी थी। मैंने अलका की निकर नीचे सरका डाली और मेरे यार ने सायमा को टीशर्ट उतार डाली।
अब्दुल: वाह सायमा, कितनी सेक्सी है मेरी बहन? कितनी बार तुझे चोदने का सपना देख चुका हूँ मैं। आज सारी रात तुझे बिस्तर में चोदूँगा। रोहित तू भी खूब मज़े लेना मेरी अलका के साथ।
अब्दुल जब शराब का घूँट भर रहा था तो कुछ शराब सायमा की चुची पर गिर पड़ी। जब सायमा शराब साफ़ करने लगी तो मैं बोला—
रोहित: अब्दुल साले बहनचोद, इसकी चुची को चाट कर शराब पी लो। अपनी बहन के दूध के साथ शराब पी लो। अपनी अम्मी का दूध तो पी चुके हो, अब बहन का भी चूस लो। मैं अपनी बहन को शराब कैसे पिलाता हूँ देखो।
मैंने अपनी पैंट उतार डाली और नंगा होकर शराब अपने लंड पर उड़ेल दी और अलका के मुँह को अपने लंड पर झुका दिया।
रोहित: अलका, मेरी रानी बहन, ज़रा अपने आज के पति का लंड साफ़ कर दो चूसकर। चूसो मेरा सुपड़ा। देखो मेरे अंडकोश भी शराब से भीग चुके हैं। इनको भी चाट लो। आह्ह्ह बहुत मज़ा आ रहा है।
मेरी बहन ने मेरे हुक्म की पालना की और मेरा लंड चूसने लग पड़ी।
थोड़ी देर में हम चारों शराबी हो चुके थे। अब्दुल ने मुझसे पूछा—
अब्दुल: रोहित एक बार फिर सोच लो, अगर आगे बढ़ गए तो पीछे आने का कोई रास्ता नहीं है। और तुम भी सोच लो सायमा और अलका। आज अपने भाई लोगों से चुदवा लिया तो हम चार लोगों का हमेशा के लिए चुदाई का संबंध खुल जाएगा। हमारी बहनों की कोख में किसका बच्चा हो जाएगा बस इनको ही पता होगा। फिर हम सभी एक-दूसरे को कभी भी चोद सकते हैं, बोलो मंज़ूर?
सायमा ने उठकर मुझे चूम लिया और बोली—
सायमा: रोहित, मैं बचपन से अब्दुल भईजान से चुदवाने का सोच रही हूँ और अलका भी तुझसे चुदवाने को बेक़रार है। चलो हम अपनी सुहागरात अपने भाई लोगों के साथ मना लेती हैं। लेकिन अब्दुल भई, मैं अपने पति को अपनी भाभी के साथ अभी नहीं देख सकती इसलिए चुदाई अलग-अलग कमरों में होगी।
अलका की आँखों में नशा चढ़ा हुआ था और वो बिना बोले मुझसे लिपट रही थी।
अलका: मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता भाभी, अब्दुल चोदे या रोहित, मुझे तो बस लंड चाहिए। अगर तेरा मन अब्दुल से भर जाए तो मेरे बिस्तर में चली आना, मेरी प्यारी भाभी। आज हम अपने पति बदल रही हैं और अपने भाइयों से चुदवा रही हैं। देखना कहीं हमारे पति कहीं हमारी मॉम्स को भी चोदने का न सोच लें?
अलका की बात सुनकर मेरे मन में कई नए विचार उभर आए। अपनी बहन और अब्दुल की बहन को चोदकर मैं रुकने वाला नहीं था। अब ज़हीरा आंटी की चुदाई भी मेरी नज़र में थी। अब्दुल सायमा को लेकर एक रूम में चला गया और मैं अपनी बहन को लेकर अपने रूम में चला गया। अलका की आँखें लाल हो चुकी थीं। उसकी आँखों में वासना की चमक थी और वो मुझे अजीब नज़र से देख रही थी।
रोहित: अलका, मेरी रानी बहन, क्या देख रही हो? क्या कभी सोचा था कि अपने भाई से एक दिन चुदवाओगी? रानी बहन तेरे भाई का लंड बैठ नहीं रहा है जब से अब्दुल ने ये ख़याल उठाया कि हम अपनी बहनों के साथ सुहागरात मनाएँ। अलका, मेरी रानी बहन, आज की रात तू ही मेरी बीवी है। जल्दी से अपने कपड़े उतार डालो, मैं तुझे नंगा देखना चाहता हूँ।
अलका अपनी निकर उतारते हुए बोली—
अलका: क्यों भैया, क्या पहले कभी औरत को नंगा नहीं देखा? क्या भाभी को कपड़ों के साथ चोदा था?
रोहित: अलका मेरी बहन, जो बात तुझ में है वो तेरी भाभी में कहाँ?
मैं सच कह रहा था। मेरी बहन का गोरा मांसल जिस्म, उसकी जाँघें और चुचियाँ और जाँघों के बीच शेव की हुई फूली हुई चूत!!! वाह क्या बात थी मेरी बहन रानी की!! लेकिन अलका हँसकर बोली—
अलका: भैया, है तो भाभी भी सेक्सी, लेकिन आपको अपनी बहन अधिक सेक्सी लगती है क्योंकि बहनों को चोदना भाई लोगों के लिए पाप समझा जाता है और पाप का फल मीठा होता है, क्योंकि इसकी इजाज़त नहीं होती। लेकिन हमारी किस्मत अच्छी है जो हम दोनों को ऐसे अच्छे पति-पत्नी मिले हैं जो कि इसके लिए राज़ी हैं और हम भाई-बहन न होकर पति-पत्नी की तरह चोद सकते हैं। लेकिन भैया याद रखो कल मैं आपको बहनचोद कहूँगी, बेशक आप मुझे अपनी पत्नी कहें।
मुझे क्या फ़र्क़ पड़ता है कि मेरी बहन मुझे किस नाम से बुलाती है। मेरी सेक्सी बहन मेरे सामने नंगी खड़ी थी। मैंने उसको बिस्तर के कोने पर लिटा दिया।
अलका: भैया, मुझे नहीं खाओगे? मेरी चूत नहीं चाटोगे?
कहकर मेरी प्यारी बहन ने अपनी जाँघें खोल डालीं और उसकी मखमली चूत मेरे सामने चमक उठी। चूत अलका ने शेव करी हुई थी और मेरी बहन की चूत मुझे पेस्ट्री लग रही थी। मैंने भगवान का नाम लेते हुए अपना मुँह उस स्वर्ग जैसी चूत पर रख दिया। मेरी बहन अलका की गरम चूत पर जब मेरे होंठ टकराए तो मैंने अपनी जीभ से उसको चाट लिया। मेरी बहन की चूत से नमकीन रस की धारा बहकर मेरी ज़ुबान पर जा गिरी और मैंने उसको अमृत जानकर पी लिया।
अलका: आааाह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…… भैयाаааа…….. मर गई मैं भैयाаа…. ये क्या कर रहे हो…. चाटो भैयाаа…. अपनी बहन की चूत खा जाओ…. बहुत जल रही है ये मेरी चूत… इसका रस निकाल डालो भैया!!!!
मैं अपनी बहन की कामुक चीख सुनकर पागल हो गया और मैंने उसकी टाँगों को और फैलाकर अपने हाथ उसके नितंबों के नीचे रखकर चूत को और ऊपर उठा लिया और अपनी ज़ुबान पूरी चूत के अंदर घुसेड़ दी। सच मानो बहनों और भाइयों, मेरी बहन की चूत बहुत स्वादिष्ट है। अलका ने अब अपने चुत्तर ऊपर उठाकर मेरी जीभ पूरी तरह से अपनी चूत में लेनी शुरू कर दी और अपने हाथों से अपनी चूत की फाँकों को फैला दिया और मैं उसकी गुलाबी चूत को चाटने लगा। फिर मैंने अपनी जीभ को नीचे ले जाकर उसकी गाँड को चूम लिया। चुत्तर की दरार के अंदर मज़ेदार गाँड को चाटते ही बहन रानी चिल्ला पड़ी—
अलका: ओह्ह्ह रोहित भैयाаа…. ओоооह्ह्ह्ह मादरचोद……., ये क्या कर रहे हो?…… आह्ह्ह्ह्ह्ह…….. माँ…. ओоооह्ह्ह्ह्ह्ह्ह बहनचोद चाट लो, मेरी गाँड मैं मारी!!!!!
उत्साहित होकर मैं अपनी बहन की गाँड से चाटता हुआ अपनी ज़ुबान को चूत तक ले जाता और मेरी बहन सिसक उठती।
मैंने जब साँस लेने के लिए सिर उठाया तो देखा कि मेरी बहन अपनी चुचियों को ज़ोर-ज़ोर से मसल रही थी। मेरी बहन अब चुदवाने को रेडी लगी मुझे। लेकिन जब उसने मुझे देखा तो बोली—
अलका: क्यों भैया, अपनी बहन की चूत तो चाट ली, अब उसको अपना लंड नहीं खिलवाओगे? मुझे केला खाना बहुत पसंद है भैया।
मैं हैरान रह गया जब मेरी प्यारी बहन ने मेरी ज़िप खोल डाली और मेरा लंड पकड़कर उस पर झुक गई। अलका मेरे सुपड़े को चाटने लगी और फिर अंडकोश चूसने लगी। अलका मुझे बिल्कुल रांडी जैसी लग रही थी। तभी मेरी चुदासी बहन ने मेरे लंड को अपने दाँतों से हल्का सा काट लिया और मेरा लंड और खड़ा हो गया। बहन के काट लेने से थोड़ा सा दर्द हुआ लेकिन मज़ा बहुत आया।
रोहित: ओह्ह्ह्ह्ह्ह अलका, साली ये कहाँ से सीखा है तूने? लंड को खाया जाता है क्या? मेरी बहन, लंड को चूसा जाता है।
अलका: भैया ये मैंने ब्लू फ़िल्म में देखा है। लंड को काटने से मर्द आनंद में पागल हो जाता है।
कहते हुए अलका ने मेरे अंडकोश मुँह में लेकर चूस लिए तो मैं पागल हो गया और अगर उसी वक्त अपनी बहन की चूत न चोदता तो मेरा लंड झड़ जाता।
रोहित: मेरी बहन अब नहीं रहा जाता। जल्दी से चोद लेने दो मुझे अपनी चूत। तेरे भाई का लंड बेकाबू हो रहा है अपनी बहन की चूत में घुसने के लिए।
अलका मुस्कुरा पड़ी—
अलका: भैया, पहले एक बार देख लें कि मेरा पति अपनी बहन के साथ क्या कर रहा है। जैसे वो मेरी भाभी को चोद रहा होगा, तुम भी उसी तरह उसकी बीवी को चोदना। मेरी चूत भी चुदने को तड़प रही है।
हम दोनों चुपके से अब्दुल और सायमा के कमरे में झाँकने लगे। सायमा घोड़ी बनी हुई थी और अब्दुल पीछे से उसको चोद रहा था। अब्दुल ने सायमा के बाल खींच रखे थे और ऐसे चोद रहा था जैसे कोई घोड़े की सवारी कर रहा हो और सायमा बोल रही थी—
सायमा: भईजान आपने तो मुझे कुतिया बना लिया है, लेकिन मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, ज़ोर से चोद डालो अपनी कुतिया बहन को, भईजान ज़ोर से, प्लीज़!!!!! रोहित न जाने किस पोज़ में चोद रहा होगा आपकी बीवी को।
मैं हवस की आग में जलता हुआ अपनी बहन को बाँहों में उठाकर वापस बेड पर ले गया। अब मुझे पता था कि अलका की चुदाई किस पोज़ में होगी क्योंकि वो अपने आप घोड़ी बन गई और उसने अपने चुत्तर ऊपर उठा लिए। मैंने उसकी गाँड को चूम लिया और चूत पर चापड़ लगाते हुए उसके पीछे जा खड़ा हुआ। मेरा लाल सुपड़ा उसकी गाँड को स्पर्श करता हुआ चूत की तरफ़ बढ़ा।
अलका: भैया क्यों तड़पा रहे हो, पेल भी दो ना अपना लंड मेरी प्यासी चूत में!!!
मैंने अपना लंड आगे बढ़ा दिया। जैसे ही लंड चूत में घुसा, तो मुझे लगा कि मेरा लंड किसी आग की भट्ठी में घुस गया हो। चूत की दीवारों ने मेरे लंड को जकड़ लिया और मैं चुदाई की जन्नत में डूब गया।
रोहित: ओह्ह्ह बहन……… मुझे क्या पता था कि तेरी चूत इतनी मस्त है!!!! मेरी बहन की चूत में मैं अपना लंड डाल चुका हूँ……. बहनचोद बन गया हूँ!! मेरी बहन मेरी रानी है!!!! मेरी बहन की चूत अब मेरी है!!!! बहन रानी मेरा लंड कैसा लगा? तेरे पति की तरह मज़बूत है तेरे भैया का लंड?
मैं न जाने क्या-क्या बोल रहा था।
अलका: भैया, आपका लंड पाकर मैं संपूर्ण औरत बन गई…….. आपका लंड मेरा हो गया…….. चोद डालो मुझे भैया… जैसे आपकी बीवी को मेरा पति चोद रहा है… चोदो भैया… चोदो अपनी रांडी बहन को चोदो!
चुदाई की स्पीड तूफ़ानी होने लगी। मैं अपना लंड बेरहमी से पेलने लगा और मेरी बहन अपनी गाँड पीछे धकेलकर चुदाई का मज़ा लेने लगी। मैंने बगल में से हाथ डालकर उसकी चुची ज़ोर से मसल डाली तो वो कराह उठी। मेरा लंड अब जड़ तक अपनी बहन की चूत में घुस चुका था। अलका के चूत-रस से भीगा हुआ लंड मस्ती से अंदर-बाहर हो रहा था और मुझे जन्नत का आनंद मिल रहा था। मेरे दिमाग़ में सायमा और अब्दुल की चुदाई की तस्वीर उभर रही थी और मैं दुगने जोश से अपनी बहन को चोदने लगा। “फच…. फच….” की आवाज़ों से कमरा गूँज रहा था।
रोहित: आааाह्ह्ह्ह्ह, अलकाаа…. मेरी रानी बहन…. क्या बात है तेरी? इतना मज़ा तो मुझे अपनी बीवी ने नहीं दिया… वाह मेरी रानी वाह!!!
अलका की साँस मुश्किल से चल रही थी। वो ऐसे चुदवा रही थी जैसे वो आनंद सागर में डूब रही हो—
अलका: हाँnnn, भैया, तुम भी मुझे अब्दुल की तरह मज़ा दे रहे हो… खूब चोदो मुझे…. मुझे मेरी भाभी की तरह चोद डालो भैया…. जिस तरह अब्दुल आपकी बीवी को चोद रहा है, मुझे भी चोदो, मेरे भैयाаааа
मैंने अपनी बहन की चुदाई के सपने तो देखे थे लेकिन ये नहीं सोचा था कि वो सपने सच भी होंगे, लेकिन अब जब मैं अपना लंड अपनी बहन की चूत में जाता हुआ देख रहा था तो मुझे अपने नसीब पर गर्व हो रहा था। मेरे धक्के बहुत वेहशी रूप धारण कर चुके थे। मैंने अब उसकी कमर को थाम लिया और उसके चुत्तर पर ज़ोर-ज़ोर से चापड़ मारते हुए चुदाई करने लगा। अलका की पीठ पसीने से भीग गई और मेरा लंड किसी पिस्टन की तरह चुदाई कर रहा था। मेरी रानी बहन का हाथ मेरे अंडकोश पर चलने लगा और वो मेरे अंडकोश से खेलने लगी। मैं ये बर्दाश्त न कर सका और मेरे लंड का फव्वारा उठाने लगा—
रोहित: ओह्ह्ह्ह्ह मादरचोद… अलका मेरी रानी, मैं जा रहा हूँ.. मेरा लंड छूट रहा है… मेरा रस निकल रहा है… बहन क्या मैं तेरी चूत में झड़ जाऊँ क्या? या बाहर निकाल लूँ? ओह्ह बहन मैं झड़ाaaaa!!
अलका की स्पीड देखकर मुझे लगा कि वो भी झर रही है—
अलका: भैया मैं भी झर रही हूँ चोद डालो मुझे… अपना बीज गिरा दो मेरी चूत में… भर दो मेरी कोख… बना दो मुझे अपने बच्चे की माँ…. अपने भाई के बच्चे की माँ बनाने से बड़ा सुख क्या होगा… ओоооह भैया भर दो मेरी कोख!
तभी मेरा लंड चूत के अंदर रस छोड़ने लगा। उधर मेरी बहन की चूत भी ख़लास होने लगी। हम भाई-बहन पागलों की तरह चुदाई कर रहे थे। मेरा रस निकल रहा था और मुझे लग रहा था कि जैसे मेरी जान निकल रही हो। अलका का जिस्म ऐंठने लगा। वो ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत मेरे लंड पर मार रही थी। एक लंबी चीख मारती हुई मेरी बहन ढेर हो गई और मैं उसके ऊपर गिर पड़ा। लंड महाराज ढीले पड़कर चूत से बाहर निकल आए और हम दोनों भाई-बहन नंगे ही एक-दूसरे की बाँहों में लेट गए।
कुछ देर बाद मेरी आँख खुली तो देखा कि कोई मेरा लंड चूस रहा था। देखा कि वो मेरी बीवी सायमा थी।
रोहित: ये क्या कर रही हो? कब आई तुम?
सायमा मुस्कुरा पड़ी और बोली—
सायमा: अब्दुल भईजान भी यहीं हैं। हम तुम भाई-बहन के लंड और चूत का टेस्ट चखना चाहते हैं। इसलिए मैं आपका लंड चूस रही हूँ और भईजान अलका की चूत चाट रहे हैं। रोहित, मेरे राजा, आपके लंड से तो आपकी बहन की चूत का भी टेस्ट आ रहा है। कितनी नमकीन है मेरी भाभी की चूत? वाह भईजान क्या नमकीन चूत है आपकी बीवी की!!!
अब्दुल मेरी बहन की चूत चाट रहा था जो कि मेरे लंड-रस से भरी पड़ी थी। अब्दुल किसी कुत्ते की तरह अपनी पत्नी की चूत से मेरा लंड-रस चाट रहा था और फिर उसने कुछ रस जो मेरी बहन की जाँघों पर पड़ा था उसको भी चाट लिया।
रोहित: अब्दुल मेरे भाई, अगर मेरे लंड से अलका गर्भवती हो गई तो क्या होगा? अपनी बहन के कहने पर मैं उसकी चूत में ही झड़ गया था। अगर वो मेरे बच्चे की माँ बन गई तो तुम नाराज़ तो नहीं हो जाओगे?
अब्दुल हँस पड़ा—
अब्दुल: बहनचोद, तू मेरा भाई है!! बच्चा तेरा हुआ या मेरा क्या फ़र्क़ पड़ता है? तेरी और मेरी दो-दो बीवियाँ हैं। चाहे तू अलका को माँ बना दे या मैं सायमा को माँ बना दूँ कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है। अलका और सायमा के भी दो-दो पति हैं। भूल गया कि हम भाई-भाई हैं।

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