मॉम की मस्त चूत मे मेरा मोटा लौडा 1
Mom ki chut gand ki chudai story:- दोस्तो, मेरा नाम विक्की है (नाम बदला हुआ)। कैसे हो आप सब लोग। मुझे उम्मीद है कि आप लोग अपनी सेक्स लाइफ को बहुत मजे से एन्जॉय कर रहे होंगे और गर्ल्स भी अपनी गाँड और रस भरी चूत में खूब उँगलियाँ और लंड डलवा रही होंगी।
सबसे पहले मैं आप सबको अपने बारे में बता दूँ कि मैं एक रिच फैमिली से बिलॉन्ग करता हूँ। मेरी उम्र 19 साल है और मेरी बॉडी वेल बिल्ट है और मेरे लंड का साइज 7” है और काफी मोटा भी है जो किसी आंटी या लड़की की चूत में आग लगा सकता है।
Mom ki chut gand ki chudai hindi sex story
मेरे डैड एक बहुत बड़े बिजनेसमैन हैं और अक्सर घर से बाहर बिजनेस ट्रिप्स में ही बिजी रहते हैं। मैं और मॉम बस हम दो अपने बड़े से फार्महाउस में अकेले रहते हैं जो कि सिटी से काफी बाहर है।
तो दोस्तो आप सबको बोर न करते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ। ये कहानी मेरे साथ कुछ ही टाइम पहले हुई जिसने बहुत रंडियों की दुनिया में इंट्रोड्यूस करवाया और मैं अब तक कई सारी रांड आंटियों और लड़कियों को चोद चुका हूँ।
ये कहानी किसी और की नहीं बल्कि मेरी और मेरी रांड मॉम की है जो किसी पोर्न स्टार से कम नहीं। मॉम नाम गीता (नाम बदला हुआ) है और उनकी एज 38 है और उनका नशीला फिगर (36-30-40) है।
मॉम की भारी गाँड को देखकर तो सोया हुआ लोड़ा भी कूदने लगता है। मॉम जब शॉपिंग के लिए जाती तो मैं नोटिस करता कि मॉम अपनी भारी और बाहर निकली गाँड को और मटका-मटका के चलती जिससे देखने वालों की हालत खराब हो जाया करती थी।
मॉम रोज मॉर्निंग में योगा करती हैं that’s why वो अभी तक बहुत फिट और टाइट बॉडी की मालकिन हैं।
मॉम अक्सर घर में टी-शर्ट्स और टाइट्स पहनती हैं और जब बाहर जाती हैं तो जींस और कभी-कभी साड़ी भी लगा लेती हैं। मॉम को किटी पार्टीज में जाने का बहुत शौक है। वो हर नाइट अपनी फ्रेंड्स के साथ किटी पार्टीज में जाया करती थीं।
मैं मॉम से बहुत प्यार करता था और हमारी काफी अंडरस्टैंडिंग भी थी क्योंकि हम दोनों घर पर अकेले ही होते थे।
मॉम मुझसे हर टॉपिक पर बात करती थीं। इवन चुदाई पर भी हम ओपन माइंडेड थे लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने मॉम के बारे में मेरा सारा ख्याल ही बदल डाला।
एक दिन मैं कॉलेज से जल्दी घर आ गया और सीधा अपने रूम की तरफ जाने लगा। जैसे ही मैं हॉल में पहुँचा तो मैंने कुछ आवाजें सुनीं। ये आवाजें मॉम ही की थीं जो बहुत चिल्ला रही थीं और कह रही थीं—
मॉम: आआआह्ह्ह… येस येस आआआह्ह्ह… और तेज करो आआह्ह्ह… ओओह्ह्ह… येस येस येस आआआह्ह्ह्ह।
मैं चौंक गया और मॉम के बेडरूम की ओर बढ़ने लगा। मॉम के बेडरूम का डोर थोड़ा सा खुला था।
जैसे ही मैंने अंदर झाँका मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं। मॉम बेड पर पूरी नंगी पड़ी थीं और एक मोटे और लंबे लंड वाला आदमी मॉम की चूत की दमदार चुदाई कर रहा था।
मॉम की आँखें बंद थीं और मॉम सिसकारियाँ भरी जा रही थीं। मैं हैरान था कि मॉम भी बाहर से अपनी गाँड और चूत को शांत करती हैं। वो आदमी जो मॉम को दनादन चोद रहा था वो मॉम की बेस्ट फ्रेंड ममता आंटी का हस्बैंड था।
थोड़ी देर बाद उसने मॉम को घोड़ी बनाया और पीछे से मॉम की चूत पेलने लगा। मॉम पूरे मजे से अपनी गाँड को उठाकर उसका लोड़ा अपनी गरम चूत में ले रही थीं और मैं डोर से अंदर सब कुछ देख रहा था।
मेरी तो हालत पतली होती जा रही थी और कुछ ही देर में वो आदमी और मॉम दोनों शांत हो गए और उसने अपना सारा माल मॉम की भारी सी गाँड पर डाल दिया।
मैं सीधा अपने रूम में आ गया और इस सब के बारे में सोचने लगा। मेरा लोड़ा पैंट में टेंट बना हुआ। मैंने रूम लॉक किया और पैंट उतार के साइड में रख दी। मेरे माइंड में बस उन दोनों की चुदाई गूँज रही थी। मैंने काफी सारी पोर्न मूवीज देख रखी थीं पर असल चुदाई आज पहली बार देखी थी।
उस आदमी के जाने के बाद मॉम कुछ देर बाद मेरे रूम में आईं और पूछा—
मॉम: अरे विक्की तुम कब आए?
मै: बस मॉम अभी-अभी आया।
मॉम: तू थक गया होगा। फ्रेश हो जा। मैं तेरे लिए खाना लगाती हूँ।
और फिर वो चली गईं।
मेरे दिमाग में तो जैसे आग लगी हुई थी। मैं फौरन बाथरूम गया और मॉम के नाम की मुठ मार डाली। ये मेरा फर्स्ट टाइम था।
उस दिन के बाद से मेरी नजर मॉम पे बदल गई थी और मैं उनको एक मॉम की नजर से नहीं बल्कि एक लंड की प्यासी चूत वाली रंडी की नजर से देखता था।
मॉम जब भी कपड़े बदलतीं तो मैं उनको जरूर देखता और उनके गोल-मटोल भारी से बूब्स और मस्त भरी हुई गाँड के नजारे लेता।
मैं हर वक्त मॉम की गाँड और बूब्स को घूरता रहता था और शायद ये बात मॉम नोटिस कर चुकी थीं।
रोज की तरह मॉम आज भी सज-धज के किटी पार्टी में जाने की तैयारी कर रही थीं और मेकअप करने में बिजी थीं तभी मॉम के सेल पे कॉल आई। ये कॉल ममता आंटी की थी जो मुझे बाद में पता चला।
मैं मॉम के रूम में कुछ काम से गया तो मॉम ने सेल स्पीकर पे लगाया हुआ था और आंटी से बातें कर रही थीं।
मॉम: हाँ हाँ मेरी रानी मैं बस तैयार होकर निकल रही हूँ। तुम लोग बस लंड गरम करो। आज तो जवान लंड लेने का मजा ही आ जाएगा।
आंटी: आ जा मेरी चिनाल। जब तक तू नहीं चाटेगी लोड़ा खड़ा ही नहीं होगा।
मॉम: हट रंडी कहीं की। तू भी तो मस्त लोड़ा लेकर चुदवाती है मुँह में।
आंटी: सही कह रही है तू गीता। अच्छा ये बता उस दिन मेरे पति का लोड़ा कैसा लगा? तेरी तो चूत की सारी खुजली मिट गई होगी।
मॉम: साली कमीनी! क्या मस्त लोड़ा है तेरे राजा का। मेरी तो बच्चेदानी को टच कर रहा था। चूत का भरता कर दिया उस लंड ने। बहुत मजा आया मुझे।
आंटी: मेरे बेटे का लोड़ा इससे भी बड़ा है। जब गाँड में जाता है तो मानो चीख निकल जाती है।
मॉम: क्या तू अपने बेटे से भी चुदवाती है?
आंटी: हाँ तो इसमें बुरा क्या है? मेरा बेटा रोज मेरी चूत और गाँड को अपने माल से भरता है और सच में जो सुख बेटे से चूत चुदवाने में आता है वो पति से भी नहीं आता।
मॉम: बहुत बड़ी रांड है तू।
आंटी: तू भी अपने बेटे से अपनी चूत का बाजा बजवा ले। फिर देखना कितना मजा आएगा।
मॉम: नहीं नहीं। वो तो मेरा बेटा है। मैं उसके बारे में ऐसा कैसे सोच सकती हूँ।
आंटी: अरे मेरी रंडी इसमें क्या बुरा है? जिस चूत से वो लोड़ा निकला है उसी चूत में ही तो घुसाना है। बस और घर का लोड़ा अगर घर में ही रहेगा तो तेरी जरूरत भी पूरी होती रहेगी और तुझे जवान लोड़ा भी मिल जाएगा। आखिर तेरे बेटे को भी तो अब चूत की जरूरत महसूस होती होगी।
मॉम: बात तो तेरी ठीक है पर मैं अपने बेटे को कैसे अपनी चूत मरवाने पर राजी करूँ?
आंटी: बहुत ही भोली है तू। अरे रंडी कहीं की! उसे अपनी गाँड और चूत के दर्शन करवा दे। खुद ही पिघल जाएगा।
मॉम: सोचती हूँ कुछ। चल अब फोन रख। मैं निकलती हूँ। बाकी बातें तेरे घर पर करेंगे।
आंटी: आ जा मेरी रानी। कब से तेरी चूत चाटने को तरस रही हूँ मैं।
और आंटी ने कॉल डिसकनेक्ट कर दी।
मैं बहुत हैरान था कि मॉम की फ्रेंड्स भी अपने बेटों से चुदवाती हैं और मेरी रांड मॉम भी अब मुझ पे वार करने का सोच रही हैं।
अब तो मुझे खुद ही किसी अच्छे मौके का वेट करना था कि मैं अपनी रांड मॉम को अपने ही घर में दिन-रात चोद सकूँ और उसकी चूत में अपना गरम लावा भर दूँ। और आखिर वो दिन आ ही गया जिसने मुझे इतना कुछ दिया कि मैं आज भी चूत से खेलता हूँ जब दिल करे।
मेरे पेपर्स के बाद अब वेकेशंस स्टार्ट हो गई थीं इसलिए अब मेरे पास फुल टाइम था मॉम को चोदने के लिए।
हुआ यूँ कि एक दिन जब मैं सोके उठा तो देखा कि मॉम पूल में हैं। मुझे आइडिया आया कि क्यों न मॉम को पूल में गरम करके उनकी चूत का बाजा बजाया जाए। मैंने जल्दी से शॉर्ट पहना और मॉम के पास चला गया।
मॉम मुझे देखके खुश थीं और बोलीं—
मॉम: उठ गया मेरा बेटा।
मै: हाँ मॉम।
मॉम ने रेड कलर की ब्रा और पैंटी पहन रखी थी जो मॉम के व्हाइट कलर और हॉटनेस को और बढ़ावा दे रही थी।
मैं लगातार मॉम के ३६ के बूब्स ही देखता जा रहा था। मॉम की ब्रा की डोरी सिर्फ उनके निप्पल्स को ही ढक रही थी। बाकी सारे का सारा बूब विजिबल था।
मेरा डंडा भी शॉर्ट में टेंट बन गया था और मॉम इस सब को देख रही थीं। मॉम ने खामोशी तोड़ी और कहा—
मॉम: क्या देख रहा है विक्की?
मै: कुछ नहीं मॉम।
मॉम: सब जानती हूँ मैं। तू मेरे बूब्स को घूर रहा है काफी दिनों से।
मैं शॉक्ड हो गया। फिर सोचा कि मौका अच्छा है और मॉम भी ग्रीन सिग्नल दे रही हैं। चौका लगा ही देना चाहिए।
मै: हाँ मॉम। आपके बूब्स सच में बहुत सेक्सी और हॉट हैं।
मॉम: चल बेशर्म कहीं का। आ जा पूल में अगर नहाना है तो।
मेरी तो मानो लॉटरी लग गई थी। बिना मेहनत के ही सब कुछ मिलने वाला था। मैं जल्दी से पूल में उतर गया और मॉम के करीब चला गया पर मेरी नजर अभी भी मॉम के ताने हुए बूब्स पर ही थी।
आखिर मॉम ने तंग आकर मेरा हाथ पकड़ा और अपने राइट बूब पर रखते हुए कहा—
मॉम: ये ले। कब से तू इनको घूर रहा है। ले अब पकड़ ले इनको और जो करना है कर ले इनके साथ।
मेरी तो साँस खुश्क हो गई थी मॉम की बातों से। पर मैंने दोनों हाथ मॉम के बूब्स पर रखे और हल्का सा दबा दिया जिससे मॉम की सिसकारी आआह्ह निकल गई। मैं तो मजे में था क्योंकि मॉम को चोदने का प्लान अब मुझे कामयाब होता हुआ नजर आ रहा था।
मैंने मॉम के बूब्स को जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया। अब मॉम की सिसकारियाँ बढ़ती जा रही थीं आआआह्ह्ह… ओओह्ह्ह… आआआह्ह्ह… और जोर से दबाओ ऐसे कह रही थीं मॉम।
मैंने अपने होठ मॉम के गुलाबी होठों पर रख दिए और किस करने लगा। मैं बहुत खुश था। मॉम जरा भी विरोध नहीं कर रही थीं बल्कि मुझे किस कर रही थीं। मॉम ने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी जिसे मैंने काफी देर तक चूसा।
अब मैंने मॉम की ब्रा की लेसेस खोल दीं और वो पानी में तैरने लगीं। मॉम के बूब्स मेरे सामने बिल्कुल नंगे थे और मानो क्या भारी और सेक्सी लग रहे थे। मैं टूट पड़ा किसी भूखे शेर की तरह मॉम के बूब्स पे और जोर-जोर से चूसने लगा। मॉम लगातार सिसकारियाँ भर रही थीं और अब मॉम ने भी एक हाथ से मेरा ताना हुआ लोड़ा पकड़ लिया था और उसे दबाने लगीं।
मैं मॉम के बूब्स पर काट रहा था जिससे उनको और भी मजा आ रहा था। मैं अपना हाथ मॉम की चूत पर ले गया जो ठंडे पानी में भी गरम महसूस हो रही थी।
मॉम से अब रहा नहीं जा रहा था और मेरी बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी। मॉम ने कहा—
मॉम: विक्की अब और बर्दाश्त नहीं होता मेरे राजा। चलो अब बेडरूम में चलते हैं। आज तो मेरा बेटा मुझे चोदके शांत करेगा इस चूत की गर्मी को।
मैंने मॉम को गोद में उठाया और पूल से बाहर ले आया। मॉम को बेडरूम में ले जाकर मैंने मॉम को बेड पर गिरा दिया और खुद मॉम के ऊपर टूट पड़ा।
मैंने मॉम को फिर से किस करना शुरू कर दिया और मॉम की पैंटी भी उतार दी। अब मॉम बिल्कुल नंगी थीं जो किसी पोर्न स्टार से कम नहीं लग रही थीं। मॉम ने भी मेरा लोड़ा पकड़ा हुआ था और उसे दबा रही थीं।
मैंने मॉम के सारे बॉडी को किस किया और खूब बूब्स चूसे। अब मैं नीचे आ गया और मॉम की क्रीमी पसी को छेड़ने लगा। मॉम सिसकारियाँ ले रही थीं जिससे मेरा जोश और बढ़ रहा था।
मैंने अपनी टंग मॉम की गीली चूत पर रख दी और मॉम ने एक भारी सिसकारी ली आआआह्ह्ह… आआह्ह्ह्ह…
मॉम ने मेरा सिर पकड़ा और चूत पर जोर से दबा दिया और बोलीं—
मॉम: आआह्ह्ह मेरे राजा खा जा इस चूत को। बना ले मुझे अपनी रांड। आआह्ह्ह… आआआह्ह्ह… आआआह्ह्ह… मैं तेरी रांड हूँ मेरे राजा। खा जाओ इस प्यासी चूत को आआह्ह्ह… आआआह्ह्ह…
और मैं बस लगातार मॉम की चूत को चाट रहा था।
कुछ देर बाद मॉम ने मेरे सर को और जोर से दबा दिया और कुछ ही पल में मॉम की चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ा जिसमें से कुछ मैंने भी चखा जो कुछ खास अच्छा नहीं लगा मुझे क्योंकि मेरा फर्स्ट टाइम था।
अब मॉम बोलीं—
मॉम: मेरे राजा ६९ में आ जाओ। अब मुझे भी तुम्हारा लोड़ा चूसने दो।
मैंने वैसा ही किया और अपना गरम लोड़ा मॉम के मुँह में दे दिया जिसे मॉम किसी लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं। अब हम दोनों मजे में थे।
मॉम अब तक तीन बार झड़ चुकी थीं और अब मेरा भी होने वाला था तो मैंने मॉम से कहा—
मै: मॉम मेरा होने वाला है।
तो मॉम ने कहा—
मॉम: मेरे राजा मेरे मुँह में ही डाल दो। मैं अपने बेटे का रस पीना चाहती हूँ। इसका स्वाद कैसा है पता तो चले।
और कुछ ही स्ट्रोक्स के बाद मैंने ढेर सारा माल मॉम के मुँह में डाल दिया जिसे मॉम सारा पी गईं और एक बूँद भी नीचे नहीं गिरने दी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।
मैंने मॉम को फिर से किस करना शुरू कर दिया और मॉम भी अब फिर से मेरे लंड को दबा रही थीं।
कुछ ही देर में मेरा लोड़ा तन गया तो मॉम ने कहा—
मॉम: आ जा मेरे राजा। घुसा दे इस चूत में अपना डंडा और बना ले मुझे अपनी रांड। अब और सहा नहीं जाता।
मैंने देर न करते हुए मॉम को बेड पे लिटा दिया और मॉम की टाँगें उठाके अपने शोल्डर्स पर सेट कर लीं।
अब बारी थी असल मजा लेने की जिसके लिए मैं काफी दिनों से तड़प रहा था। मैंने मॉम की चूत जो पहले से ही गीली थी पर अपना लोड़ा रखकर एक जोरदार शॉट मारा जिससे मॉम की बहुत भारी सिसकारी निकली आआह्ह्ह… आआह्ह्ह्ह… और मेरे आधे से ज्यादा लोड़ा मॉम की गरम चूत में था।
अब दूसरे ही झटके में मेरा पूरा रॉड मॉम की चूत में था और मैंने मॉम को दमदार तरीके से चोदना शुरू कर दिया। मॉम मेरे हर स्ट्रोक का जवाब अपनी सिसकारी से दे रही थीं और बोल रही थीं—
मॉम: आआआह्ह्ह… आआआ… आआह्ह्ह… येस मेरे राजा आआआ… आआआह्ह्ह… और तेज आआह्ह्ह… और तेज चोदो मुझे आआआह्ह्ह… ओओओओईईई… मर गई आआह्ह्ह… आआआह्ह्ह… सच में अपने बेटे आआह्ह्ह का लोड़ा लेने का अपना ही मजा है आआआह्ह्ह्ह… ओओह्ह्ह… डोंट स्टॉप आआह्ह्ह आआआह्ह्ह…
मैं दनादन बस मॉम की चूत को पेले जा रहा था। दस मिनट बाद मॉम ने मुझे अपनी लेग्स में जकड़ लिया और फुल स्पीड से चोदने को कहा। मैं अपनी पूरी जान लगाके मॉम को चोद रहा था और कुछ ही स्ट्रोक्स के बाद मॉम झड़ गईं और मेरा अभी दूर तक झड़ने का कोई प्लान नहीं था।
मैंने मॉम को डॉगी स्टाइल में किया और पीछे से मॉम की चूत में लोड़ा घुसाके चोदने लगा। मॉम की सिसकारियों से पूरा रूम गूँज रहा था और फच-फच-फच की आवाजें मुझे और भी मदहोश कर रही थीं। मॉम बोलीं—
मॉम: सच में बेटा आआआह्ह्ह… तुम्हारे लंड में जादू है आआह्ह्ह… ओओह्ह्ह… आआआह्ह्ह… आआह्ह्ह्ह… अब तो बस तुमसे ही चुदवाऊँगी आआह्ह्ह बहुत मस्त लोड़ा है मेरे बेटे का आआह्ह्ह… आआआह्ह्ह…
मै: हाँ मेरी रांड। अब तो तुझे रोज चोदूँगा दिन-रात। जब भी दिल किया तेरी चूत और गाँड की खुजली मिटा दूँगा। ले इस गरम लंड को अपनी मस्त चूत में और ले।
मॉम: आआआह्ह्ह… आआआह्ह्ह… मेरे राजा जब जी चाहे मुझे चोद लेना आआह्ह्ह… आआह्ह्ह… आआह्ह्ह… आआह्ह्ह… बहुत अच्छी चुदाई कर रहे हो तुम।
और मैंने मॉम को कोई वन आवर डिफरेंट पोजीशन्स में चोदा। अब मेरा होने वाला था। मैंने मॉम से पूछा—
मै: मॉम कहाँ निकालूँ?
तो मॉम बोलीं—
मॉम: मेरी चूत में ही झड़ जाओ मेरे राजा। अपना सारा जूस इस प्यासी रांड की चूत को पिला दो।
और कुछ स्ट्रोक्स के बाद मैं मॉम की चूत में ही झड़ गया। हम दोनों पसीने में भीगे हुए थे और हाँफ भी रहे थे।
मॉम ने मुझे किस किया और बोलीं—
मॉम: थैंक यू विक्की। तुमने आज मुझे इतना सुख दिया है जितना मुझे पहले कभी नहीं मिला।
मै: मॉम आप भी तो मस्त चुदाई कराती हो। मुझे भी बहुत मजा आया।
तब मैंने मॉम के बूब्स पर फिर से किस किया और मॉम से कहा—
मै: मॉम अब मुझे आपकी गाँड मारनी है।
जिसपे मॉम ने कहा—
मॉम: ये चूत ये गाँड सब तुम्हारा है मेरे राजा। जब जी चाहे इसको अपने लंड से माला-माल कर देना।
मैं बहुत खुश था कि मॉम ने मुझे गाँड मारने की भी परमिशन दे दी थी। नेक्स्ट स्टोरी में आपको बताऊँगा कि कैसे मैंने मॉम की गाँड की मस्त चुदाई की और मॉम की गाँड का छेद खुला किया।

किसी को भी गाँड़ मारवानी है तो मिल सकते है,,,msg करे