शालिनी बनी घर की रंडी 2
Family me baap bhai se chudai ki kahani :- रविवार का दिन था। शालिनी अपने रूम में लेटकर फोन चला रही थी। हेमंत नीचे हॉल में बैठकर टीवी देख रहा था। तभी घर का डोर बेल बजा। हेमंत ने उठकर दरवाज़ा खोला। सामने एक लड़की खड़ी थी जिसने एक सूट पहना था। हेमंत उसको देखकर बोला—
हेमंत: अरे ज़ोया तुम! बहुत दिनों बाद आई।
अगर आपने इस कहानी का पिछला पार्ट नहीं पढ़ा तो यहाँ पढ़ें ==> शालिनी बनी घर की रंडी – 1
ज़ोया हेमंत के दोस्त साहिल की बहन है, जो उनके घर के बगल में रहते हैं। ज़ोया, हेमंत, शालिनी और साहिल स्टार्टिंग के दिनों में एक साथ एक ही कॉलेज में जाते थे, एक साथ खेलते थे, तो ये बहुत ही अच्छे दोस्त हैं। लेकिन अब सब अपनी-अपनी दुनिया में बिज़ी हैं।
ज़ोया शालिनी से 2 साल छोटी है। उसकी एज है 20 और वो सिटी के ही एक कॉलेज से BSc कर रही है। जबकि साहिल की अपना परफ्यूम की दुकान है। ज़ोया की हाइट कम है, वो 5 फीट की है। लेकिन उसका फिगर वेल मेंटेंड है। उसकी शक्ल एकदम भोली है। लेकिन उसके बूब्स 34 के हैं और अस भी 34 की है। लेकिन कमर 28 की है। वैसे तो वो हमेशा पूरे कपड़े पहनती है। लेकिन फिर भी उसका फिगर और खूबसूरत चेहरा लोगों को पागल बनाने के लिए काफी है।
ज़ोया धीरे से बोली—
ज़ोया: हाँ भैया, मैंने सुना शालिनी दीदी आई हैं तो सोचा उनसे मिल लूँ।
हेमंत उसको अंदर आने का इशारा करता है और बोलता है—
हेमंत: उसको तो आए हुए 3-4 दिन हो गए… तुम्हें आज याद आ रही है…
ज़ोया बस एक स्माइल करती है। और हेमंत बोलता है—
हेमंत: और मेरे साथ… वो ऊपर रूम में होगी।
दोनों साथ में ऊपर चले जाते हैं।
हेमंत जैसे ही डोर नॉक करने का सोचता है तो देखता है… डोर ओपन है। वो डोर खोल देता है… और अंदर देखता है… शालिनी उल्टी लेटी हुई है… और फोन में कुछ देख रही है… उसने एक शॉर्ट्स और टॉप पहना है… शॉर्ट्स की लेंथ बस गाँड के हल्की सी नीचे तक है… उसकी मोटी जाँघें साफ-साफ दिख रही थीं… उसकी नज़र कुछ सेकंड्स के लिए वहीं रुक जाती है… ज़ोया भी ये बात नोटिस कर लेती है।
हेमंत फिर बोलता है—
हेमंत: शालिनी देखो, तुमसे मिलने कौन आया है।
शालिनी अचानक से पीछे मुड़के देखती है… और खुश हो जाती है—
शालिनी: ओह ज़ोया… आओ आओ… बैठो…
ज़ोया बैठ जाती है। शालिनी बोलती है—
शालिनी: यार तुम तो एकदम बदल गई हो…
ज़ोया भी बोलती है—
ज़ोया: दीदी आप भी तो… एकदम बदल गए हो… बहुत सुंदर लग रही हो…
शालिनी स्माइल करती है… और बोलती है—
शालिनी: तुम भी बहुत खूबसूरत लग रही हो…
हेमंत ज़ोया से बोलता है—
हेमंत: ज़ोया, तुम्हारा मतलब था… शालिनी बहुत मोटी हो गई है ना…
ज़ोया तुरंत से बोलती है—
ज़ोया: नहीं नहीं… मेरा ऐसा कोई मतलब नहीं था… दीदी तो बहुत अच्छी लग रही हैं… एकदम मॉडर्न… बाल वगैरह कितने अच्छे हो गए हैं दीदी के… सिटी में कॉलेज होने का यही फायदा है…
ज़ोया शालिनी को हमेशा से ही बहुत एडमire करती है… क्योंकि उसको लगता है दीदी बहुत होशियार हैं… और पढ़ाई में कितनी अच्छी हैं… और अब तो शालिनी ने B.Tech भी कम्पलीट कर ली है… तो ज़ोया की नज़र में तो और रिस्पेक्ट बढ़ गई है। ज़ोया का पढ़ाई में उतना मन नहीं लगता। और उसकी फैमिली में पढ़ाई को लेके उतनी टेंशन भी नहीं है किसी को।
शालिनी बोलती है—
शालिनी: भैया आप बस मेरा मज़ाक उड़ाते हो… ज़ोया मुझे बहुत पसंद करती है… आपकी तरह नहीं… बस हमेशा मज़ाक उड़ाना… ज़ोया को अगर मैं मोटी लगूँगी भी… तो वो बोलेगी नहीं।
ये बोलके वो खुद भी हँसने लगती है… और हेमंत और ज़ोया भी हँसते हैं। फिर हेमंत दोनों को रूम में छोड़के चला जाता है।
शालिनी ज़ोया को बोलती है—
शालिनी: अच्छे से बैठ जाओ अब… पैर ऊपर करके…
ज़ोया भी वैसे ही करती है… और फिर पूछती है—
ज़ोया: दीदी, कॉलेज में तो बहुत मज़ा आता होगा ना…
शालिनी: हाँ यार, मज़ा तो आता था… लेकिन लग रहा मैंने कुछ ज्यादा ही मजे कर लिए… तभी देखो… जॉब भी नहीं लगी…
ज़ोया: दीदी आपकी जॉब तो लग ही जाएगी…
शालिनी: हाँ देखो… लग तो जानी चाहिए…
ज़ोया: हाँ दीदी, आप तो पढ़ाई में सबसे बेस्ट हो… आपकी जॉब नहीं लगेगी तो किसकी लगेगी… आपके तो ज़रूर बहुत अच्छे नंबर भी आए होंगे…
शालिनी: हाँ… 84% आए हैं…
ज़ोया सुनके चौंक जाती है—
ज़ोया: वाओ दीदी… 84% के बाद क्यों नहीं लिया आपको किसी कंपनी वाले ने… सब पागल हैं क्या…
शालिनी बोलती है—
शालिनी: यार परसेंटेज से कुछ नहीं होता… और भी चीज़ें पढ़ानी पड़ती हैं…
ज़ोया: बाप रे… तभी मुझे पढ़ाई नहीं पसंद… (हँसते हुए बोलती है)
शालिनी पूछती है—
शालिनी: तुम्हारा तो लास्ट ईयर होगा ना… BSc का?
ज़ोया: हाँ दीदी, 2 साल तो पास हो गई… बस इस बार भी पास हो जाऊँ…
शालिनी: वाह यार… तुम तो कितना डर रही थी जब एडमिशन लेना था… देखो पास तो हो गई… आगे भी हो जाओगी…
ज़ोया: हाँ दीदी… अरे वो एक लड़का एग्जाम में मेरे आगे बैठा है… वो चीटिंग करा देता है…
शालिनी हँसके बोलती है—
शालिनी: बेचारा सोचता होगा… कि तुम उसकी GF बन जाओगी…
फिर दोनों हँसने लगती हैं।
ज़ोया: दीदी वैसे कॉलेज में आपने BF तो बनाया होगा?
ज़ोया बहुत ही मासूमियत से पूछती है। शालिनी थोड़ी देर कुछ बोलती नहीं…
ज़ोया: दीदी अब आप मुझसे भी नहीं बताओगी क्या…
शालिनी और ज़ोया पहले अपनी सारी बातें एक-दूसरे को बताती थीं कि कॉलेज में कौन उससे बात करने की कोशिश करता आदि आदि…
शालिनी: अरे नहीं यार… ऐसा कुछ नहीं है… तुमसे क्या छुपाना… था एक BF… लेकिन अब नहीं है…
ज़ोया: ओह, ब्रेकअप हो गया क्या?
शालिनी: हाँ…
ज़ोया थोड़ा चुप रहती है और बोलती है—
ज़ोया: तभी मुझे साहिल भैया लड़कों से दूर रहने को बोलता है… भैया हमेशा बोलता है… कि लड़के बस यूज़ करके छोड़ देते हैं…
ये बोलने के बाद उसको लगता है कि उसने ज्यादा बोल दिया… फिर वो खुद से ही बोलती है—
ज़ोया: मेरा मतलब था कि धोखा दे देते हैं।
शालिनी: अरे चिल… सही बोल रही तू… लड़के बोर हो जाते हैं एक ही लड़की से…
ज़ोया: दीदी उसने चीट किया क्या आप पर?
शालिनी भी बोल देती है—
शालिनी: हाँ।
ज़ोया: कोई नहीं दीदी… आपके पीछे तो लाइन लगी होगी…
शालिनी: हेहे चुप… कुछ भी बोलती है…
ज़ोया: अरे सच्ची… आप इतनी हॉट हो गई हो… मैं लड़का होती… तो मुझे भी प्यार हो जाता आपसे…
शालिनी: तू भी बहुत प्यारी लग रही है… मुझे तो लग रहा मुझे ऐसे ही न प्यार हो जाए तुमसे… आजकल तो सब चलता है… हेहे…
ज़ोया हँसने लगती है—
ज़ोया: आपके कॉलेज में होता था क्या ऐसा भी…
शालिनी: हाँ यार, लड़कियों के हॉस्टल में सब होता है…
ज़ोया: दीदी वैसे आपको ये शॉर्ट्स वगैरह पहनना अब कंफर्टेबल हो गया है… पहले तो नहीं पहनती थीं आप… मतलब कॉलेज से आदत हो गई होगी ना…
शालिनी: हाँ यार… अब तो आदत हो गई है… पूरे कपड़ों में गर्मी लगती है… क्यों अजीब लग रहा क्या?
ज़ोया: नहीं अजीब तो नहीं लग रहा… लेकिन…
शालिनी: लेकिन क्या…
ज़ोया: वो जब हम रूम में आए ना… तो आप उल्टा लेटी थीं… तो भैया की नज़र आपकी अस पर अटक गई थी… मतलब किसी भी लड़के की अटक जाती…
शालिनी: क्या? सच में…
ज़ोया: अरे मतलब… ऐसे कोई भी देखेगा… तो लगेगा ना… वैसे भी भैया भी तो जवान हैं…
शालिनी: पगल… कुछ भी बोलती है…
ज़ोया: अरे सच्ची… भैया को शायद अभी उतना कंफर्टेबल नहीं लगता होगा… आपको ऐसे देखना… आदत नहीं होगी ना अभी…
शालिनी: अच्छा हो सकता है…
ज़ोया: हाँ उनकी कोई गलती नहीं है इसमें… आपकी अस है ही इतनी मस्त…
शालिनी: तू भी ना… बस कर अब…
शालिनी: चल तुझे चाय पिलाती हूँ…
फिर दोनों नीचे किचन में चली जाती हैं… और चाय वगैरह पीती हैं… ढेर सारी इधर-उधर की बातें करती हैं। और फिर ज़ोया घर चली जाती है अपने…
शालिनी के मन में ये बात रह जाती है— क्या भैया सच में मेरी गाँड घूर रहे थे? क्या मुझे शॉर्ट्स पहनना बंद कर देना चाहिए?
शालिनी के घर से आने के बाद… ज़ोया किचन में जाके खाना बनाती है क्योंकि वो घर पर अब अकेले ही रहती है। पहले उसके अब्बू और खाला भी रहती थीं लेकिन अब वो दोनों दुबई चले गए हैं… वहीं काम करते हैं… अब बस ज़ोया और उसका भाई ही रहते हैं यहाँ घर पर। और बीच-बीच में उनके रिश्तेदार आते रहते हैं।
खाना बनाते हुए ज़ोया को काफी गरमी हो जाती है और वो सोचती है पहले नहा लेती हूँ… तब तक साहिल भाई भी आ जाएँगे फिर उनके साथ में खाना खा लूँगी। वो जाके नहा के वापस खुद को आईने में तैयार कर रही होती है तभी पीछे से कोई आके उससे गले लगा लेता है…
ज़ोया: आआह्ह भैया आप भी ना… जी हाँ…
ये कोई और नहीं… साहिल है… ज़ोया का भाई… साहिल ज़ोया को बाहों में भर लेता है…
ज़ोया: छोड़ो ना भाई… कपड़े तो पहन लेने दो… हमेशा परेशान करते हो…
साहिल उसको छोड़ देता है… और चला जाता है मुँह-हाथ धोने… ज़ोया तैयार होके बिस्तर पर लेट गई है… वेट करती है… कि भाई आए तो खाना निकाले… साहिल आता है… और देखता है ज़ोया बिस्तर पर लेटी फोन चला रही है… साहिल भी बिस्तर में घुस जाता है।
ज़ोया: भाई पहले खाना तो खा लो…
साहिल: मुझे खाने की भूख नहीं लगी है…
ज़ोया स्माइल करती है… फिर बोलती है—
ज़ोया: फिर किस चीज़ की भूख है आपको…
साहिल अपना लिप्स… ज़ोया के लिप्स पर रख देता है… और बोलता है—
साहिल: तुम्हारी…
और दोनों किस करने लगते हैं… और साहिल ज़ोया के ऊपर आ जाता है… और उसके बूब्स को दबाते हुए उससे किस करता है… और बोलता है—
साहिल: आज क्या किया दिन भर…
जैसा कि आप समझ गए होंगे… ये इन दोनों के लिए कोई नई बात नहीं है… ये खेल इनका पिछले एक साल से चल रहा है… साहिल ने ज़ोया को फँसा लिया है… ये बोलके कि बाहर BF बनाने में बहुत रिस्क है… और एक टाइम के बाद शरीर की कुछ नीड्स होती हैं… जो कि अगर हम घर में ही पूरा कर लें तो अच्छा है… वो अपने अब्बू और खाला का भी एग्जांपल देता है… कि कैसे उनकी अम्मी की मौत के बाद… अब्बू ने उनकी बहन से शादी कर ली… जिन्हें साहिल आज भी खाला बोलता है… और ज़ोया अम्मी क्योंकि… ज़ोया दूसरी पत्नी से पैदा हुई थी… तो साहिल का मानना था कि वो भाई-बहन के साथ-साथ कज़न्स भी हैं… जो कि हमारे धर्म में जायज़ है… ये सब बोलके… साहिल ने ज़ोया को पटा लिया था… लेकिन सच तो ये था कि उसको बस सेक्स चाहिए था… और ज़ोया बहुत ही हॉट थी… और वो नहीं चाहता था कि ज़ोया किसी और से पटे।
ज़ोया: आज वो शालिनी दीदी आई हैं ना… उनसे मिलने गई थी…
साहिल: ओह… अच्छा वो कब आई… कॉलेज से…
ज़ोया: 3 दिन हो गए उनको तो…
साहिल: ओह अच्छा… नौकरी वगैरह मिली उसको या नहीं…
ज़ोया: बोल रही थी अभी नहीं मिली है…
साहिल: ओह अच्छा… मजे की होगी कॉलेज में जाके… पढ़ाई के अलावा…
ज़ोया: हाँ बोल रही थी कि BF बनाया था उन्होंने…
साहिल: ओह अच्छा… फिर तो बहुत पेला होगा उसको…
ये सब बात करते हुए साहिल… ज़ोया के नेक पर किस कर रहा था…
ज़ोया: उफ्फ भैया… ये सब नहीं पूछा मैंने…
साहिल: अरे लड़के GF इसलिए बनाते हैं ना… कि सेक्स मिल सके…
ज़ोया: हाँ वो मोटी भी हो गई है खूब…
साहिल: उफ्फ हाँ… फिर तो पक्का रंडी बनके चुदती होगी…
ज़ोया: लेकिन अब उनका ब्रेकअप हो गया है…
साहिल: देखा मैंने बोला था ना… लड़के बस सेक्स के लिए GF बनाते हैं… मन भर गया होगा तो नई बना ली होगी…
ज़ोया: हाँ… आपने क्यों नहीं बनाई GF…
साहिल: मुझे तुझसे प्यारी कोई मिलेगी क्या… और तो और कौन पाले ये मुसीबत… अगर मुझे घर में ही सारा सुख मिल रहा…
ज़ोया अपनी तारीफ से खुश हो जाती है… और दोनों फिर से लिप किस करते… और फिर साहिल ज़ोया की पाजामा निकालने लगता है… और पैंटी भी निकालके फेंक देता… और उसकी चूत चाटने लगता है… ज़ोया भी पागल होने लगती है…
साहिल: ज्यादा मोटी हो गई है क्या… शालिनी…
ज़ोया: नहीं उतनी नहीं… वैसे मैंने फोटो क्लिक की है… फोन में देख लो…
और अपना फोन उठाके दे देती है…
साहिल जल्दी से उठके गैलरी खोलके देखता है…
साहिल: उफ्फ ये तो एकदम माल हो गई है… और यार क्या पहना है उसने… इतने छोटे कपड़े… पूरी रंडी हो गई है ये तो… मैं तो इसको कितना शरीफ समझता था… ये तो लग रहा बहुतों से चुदी है… एकदम अपनी माँ की तरह हो गई है…
ज़ोया: नहीं भाई… नीतू आंटी ज्यादा मोटी हैं…
साहिल का लंड एकदम टाइट हो जाता है… और वो ज़ोया की चूत पर रब करता है…
साहिल: कपड़े तो देख इसके… इसके भाई और बाप का लंड खड़ा हो जाता होगा…
ज़ोया: हाँ हेमंत भैया तो उनकी गाँड घूर रहे थे…
साहिल: अच्छा वो फट्टू… हेमंत… मैं होता उसकी जगह तो चोद दिया होता… तुझे याद है कैसे कॉलेज में एक लड़की उससे बात करने की कोशिश कर रही थी… और वो डरके खुद ही भाग गया था… और अब बोलता है… कि अभी तक चूत नहीं मिली उसको…
ज़ोया: हाँ हेमंत भैया बहुत सीधे हैं…
साहिल: लेकिन उसकी बहन तो पूरी रंडी…
ये बोलके… घुसा देता है… लंड अपना ज़ोया की चूत में…
ज़ोया: आआआह्ह्ह… आराम से…
साहिल: आआह्ह बहनाआआ… आराम से नहीं… उफ्फ…
और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगता है…
ज़ोया: शालिनी को देखके… आपका भी मन होने लगा क्या उसको चोदने का…
साहिल समझ जाता है… और बोलता है—
साहिल: नहीं… तू सबसे बेस्ट है…
और ज़ोर-ज़ोर से चुदता है… ज़ोया अपनी टाँगें पूरी तरह से खोल देती है… और साहिल उसके ऊपर लेट जाता है… और लगातार उसको चुद रहा होता है… ज़ोया के बूब्स ऊपर-नीचे हो रहे हैं… जो कि बहुत ही सॉफ्ट हैं… करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद… साहिल अपना लंड बाहर निकालता है… क्योंकि उसने कंडोम नहीं पहना रखा है… और ज़ोया के बूब्स पर आकर हिलाता है… 2 मिनट में उसका पानी नहीं निकलता तो ज़ोया से बोलता है सक करने को… ज़ोया उसका लंड मुँह में लेकर चूसती है… लेकिन उसको मुँह में पानी निकलवाना पसंद नहीं है… तो वो बोलती है—
ज़ोया: मुँह में मत निकालना…
थोड़ी देर चूसने के बाद… साहिल… उसके मुँह से निकाल लेता… और ज़ोया के बूब्स पर ढेर सारा पानी गिरा देता है… ज़ोया स्माइल करती और बोलती है—
ज़ोया: अभी नहाके आई थी मैं… जल्दी साफ करो…
फिर साहिल टिश्यू से साफ करता… ज़ोया को… फिर दोनों जाके नंगे ही खाना खाते हैं… और रात में एक और राउंड सेक्स करके सो जाते हैं।

Yr main kahani aati h or story khtm kar dete ho thodi to long rakho story ko