दीदी ने दिलवाई सहेली की चूत 1
Didi ne saheli ki chudai karwayi:- हेलो दोस्तो मैं सुनीता हाजिर हूँ। आपके लिए एक और कामुक कहानी लेकर। तो आप सब कहानी पढ़ें और मुझे मेल करना न भूलें। ये एक फैन स्टोरी है।
हेलो दोस्तो मेरा नाम रॉबिन है। मेरी उम्र 23 साल है। मैं कॉलेज में पढ़ रहा हूँ। ये कहानी बुआ की लड़की यानी मेरी बहन और मेरे बीच हुई घटना है।
Didi ne saheli ki chudai karwayi hindi sex story
मेरी बहन का नाम नीलम है। नीलम दीदी की उम्र 32 साल है। और उनका 1 बेटा भी है।
जीजा जी एक मेडिसिन की कंपनी में मैनेजर हैं। घर में किसी चीज की कमी नहीं है। मैं दीदी का राज़दार हूँ। एक बार मैंने दीदी को उनके बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ लिया था।
तब से दीदी ने मुझे अपनी तरफ कर लिया। और मुझे दीदी के साथ एक अच्छा दोस्त भी मिल गया। दीदी शादी से पहले बहुत बोल्ड थीं। जब मैं 18 साल का था।
तब पहली बीयर दीदी ने ही पिलाई थी। शादी से पहले दीदी के काफी बॉयफ्रेंड रहे हैं। और दीदी ने सबके साथ एन्जॉय किया है। जो दीदी ने मुझे खुद बताया था। यहाँ तक कि मेरी पहली चूत भी मुझे दीदी ने ही दिलवाई थी।
दीदी और मेरा रिश्ता भाई-बहन जैसा नहीं दोस्त जैसा है। जब हम अकेले होते। तो हमेशा खुलके गंदी बातें करते। दीदी मुझे बीयर और दारू भी पिलाती थीं।
दीदी का एक टाइम पास बॉयफ्रेंड था। जिसका चक्कर बुआ और फूफा को पता चल गया। लड़का अच्छा कमाता था। इसीलिए बुआ ने दीदी की शादी कर दी।
शादी के कुछ टाइम बाद ही दीदी माँ बन गईं। और अब मेरी सेक्सी और हॉट दीदी मोटी हो गईं। मगर मोटी होकर भी दीदी देसी माल लग रही थीं।
दीदी की बड़ी-बड़ी चुचियाँ देखकर अभी भी मेरा लंड खड़ा हो जाता है। मैं दीदी के घर अक्सर जाता रहता हूँ।
दीदी अपनी शादी निभा रही हैं। जब भी मैं उनसे मिलने जाता। मैं और दीदी बैठके बीयर पीते।
जब भी दीदी का मन होता। वो मुझे कॉल करके बुला लेतीं। और मैं बीयर लेकर पहुँच जाता। मगर मुझे क्या पता था। दीदी की वजह से मुझे कई चूत और मिलने वाली हैं।
एक दिन ऐसी ही दीदी का कॉल आया। और मैं बीयर लेकर दीदी के घर गया। दीदी का बेटा स्कूल गया था। और मैं दीदी बैठके बीयर पीने लगे।
मै: और दीदी आज बीयर पीने का मूड कैसा बन गया।
नीलम: बस भाई मन हो रहा था। वैसे भी घर में रहकर बोर होती रहती हूँ।
मै: ये तो सच बात है। शादी से पहले आपने जितनी मस्ती की है। शादी के बाद आपको उतना ही बोर होना पड़ रहा है।
नीलम: भाई पूछ मत दिमाग का कैसे भोसड़ा हुआ पड़ा है। बिना शादी के लाइफ ज्यादा अच्छी रहती है। मेरी बात मानना तू कभी शादी मत करना।
मै: अरे दीदी मैं कहाँ शादी कर रहा हूँ। वैसे आपको आपके पुराने बॉयफ्रेंड की याद आती है।
नीलम: भाई याद भी आती है। और मिलने का भी मन करता है। मगर क्या करूँ पूरे परिवार की इज्जत खराब हो जाएगी। अगर कुछ गड़बड़ हो गई। इसीलिए मैं बस तुझे बुला लेती हूँ। और बीयर पीके थोड़े टाइम पास हो जाता है।
मै: दीदी मैं तो हमेशा आपका राज़दार हूँ। आपका जब भी मन हो। मुझे बुला लिया करो।
नीलम: वैसे तेरी लाइफ में क्या चल रहा है। कोई नई गर्लफ्रेंड बनाई या मेरा नाम खराब कर रहा है।
मै: अरे दीदी बनाई है। उसी ने तो दिमाग की दही कर रखी है। इससे अच्छी तो आपकी दोस्त ही थी। जिससे आपने मिलवाया था। मगर वो भी शादी करके चली गई।
नीलम: वैसे ऐसा क्या करती है तेरी गर्लफ्रेंड जो तेरा दिमाग खराब है।
मै: अरे दीदी ये लड़कियों के ड्रामे कम कहाँ होते हैं। कुछ न कुछ चाहिए होता है। रात भर बातें करो। और हाथ लगाओ तो कहती है शादी के बाद करेंगे।
नीलम: हाहाहा लगता है। मेरा भाई का कोई लड़की चुतिया काट रही है।
मै: अरे दीदी पूछो मत दिमाग खराब रहता है। मैं तो सोचता हूँ। कोई आंटी या भाभी ही पटा लूँ। कम से कम मेरे हाथ को तो आराम मिलेगा।
नीलम: हाहाहा लगता है तुझे कोई मेरी जैसी लड़की चाहिए। जो खर्चे भी करवाए और मजा भी दे।
मै: दीदी मैं जानता हूँ। आपने कई लड़कों से मजे किए हैं। मगर अब मुझे शादीशुदा औरतें ज्यादा पसंद आती हैं।
नीलम: भाई हर शादीशुदा औरत जल्दी राजी नहीं होती है। बहुत मेहनत लगती है।
मै: मेहनत के लिए आप जो हो मेरे पास, आपके पास कौन सी कमी है दीदी।
नीलम: अच्छा मेरे कंधे पर रखकर बंदूक चलाना चाहता है। वैसे मेरी दोस्त भी तुझे बहुत याद करती है। उसकी शादी हो गई। मगर जब बात करती है। तुझे हमेशा याद करती है।
मै: अच्छा दीदी ऐसा क्या कहती है?
नीलम: वही कहती है जो तूने उसके साथ किया था। तेरे लंड को अभी भी याद करती है। वैसे तू कहे तो मैं अपनी एक और फ्रेंड से तुझे मिलवा सकती हूँ।
मै: अरे वाह दीदी नेकी और पूछ-पूछ जल्दी से बात कर लो उससे। वैसे क्या मैं उसे जानता हूँ।
नीलम: हाँ तू उसे जानता है। उसका नाम प्रिया है। उसका हस्बैंड उसे ज्यादा टाइम नहीं देता है। वो अपने 2 बच्चों के साथ और सास-ससुर के साथ रहती है। उसे भी कोई चाहिए। भरोसे वाला। तू कहे तो तेरी बात करूँ।
मै: दीदी मैं तो तैयार हूँ। मगर मेरे पास कोई जगह नहीं है।
नीलम: अरे तुझे कहीं नहीं जाना है। वो यहीं मेरे घर पर आएगी। तो तुम दोनों अपना काम यहीं कर लेना। यहाँ सेफ भी है। और वो भी होटल नहीं जाना चाहती है। रुक मैं उससे बात करती हूँ।
दीदी ने प्रिया को कॉल किया। और कुछ ही देर में प्रिया ने कॉल उठा लिया।
नीलम: हेलो प्रिया।
प्रिया: हाँ नीलम कैसे है तू।
नीलम: मैं तो ठीक हूँ। वैसे तेरे लिए एक खुशखबरी है।
प्रिया: मेरी लिए क्या खुशखबरी है?
नीलम: मैंने तेरे लिए एक लड़के का इंतजाम किया है। जैसा तू चाहती थी।
प्रिया: मैं जानती थी। नीलम तू ही ये काम कर सकती है। वैसे लड़का कैसा है। लंड तो अच्छा है ना उसका।
प्रिया मेरी दीदी से मेरे लंड के बारे में पूछ रही थी। जिसे सुनके मुझे हँसी आ रही थी।
नीलम: कल तू घर आ जाना और खुद ही देख लेना। वैसा लड़का स्मार्ट है। तेरी सारी कमी को पूरा कर देगा। कल मेरे घर 11 बजे आ जाना। तब सिर्फ मैं रहती हूँ। तुम दोनों आराम से एन्जॉय कर सकते हो।
प्रिया: थैंक्स यार नीलम मैं कल आ जाऊँगी।
(दीदी ने कॉल कट कर दिया।)
नीलम: भाई तेरा काम हो गया है। वैसे प्रिया ने ही मुझे लेट बताया। वरना तो अब तक तुम दोनों की चुदाई शुरू हो चुकी होती।
मैंने दीदी को गले लगाके थैंक्स बोला। और बीयर पीके निकल गया। मैं पूरा दिन बस प्रिया दीदी की चुदाई के बारे में सोच रहा था। दीदी की शादी में उसे देखा था।
तब वो कुँवारी थी। और मुझसे बड़ी भी थी। इसलिए मैं कुछ कर नहीं सकता था। मगर अब दीदी ने खुद उसे मेरे नीचे ला दी है।
अगले दिन मैं सुबह ही तैयार हो गया। लंड के सारे बाल साफ किए। और मार्केट से जाते हुए कंडोम भी खरीद लिए। और मैं 10:30 बजे ही दीदी के घर पहुँच गया।
नीलम: बड़ी जल्दी आ गया तू तो। लगता है मेरे भाई से रहा नहीं जा रहा है।
मै: दीदी प्रिया दीदी मान तो जाएगी ना। वो मुझे जानती है। कि मैं आपका भाई हूँ।
नीलम: तू उसकी चिंता मत कर। मैं प्रिया को जानती हूँ। वो सीधी तो शादी से पहले भी नहीं थी। बस उसने शादी से पहले सेक्स नहीं किया था। मगर अब उसके अंदर आग ज्यादा है। जिसे उसका पति बुझा नहीं पाता है।
मै: बस दीदी आप सँभाल लेना।
तभी बेल बजी और दीदी देखने गईं। सामने प्रिया दीदी थीं। प्रिया दीदी ने दीदी को गले लगाया। और अंदर आते ही प्रिया बोलीं—
प्रिया: वो लड़का आ गया।
प्रिया दीदी जैसे ही अंदर आईं। उनकी नजर मुझपे पड़ी। मुझे देखकर प्रिया का थोड़ा मुँह उतार गया।
मै: हेलो प्रिया दीदी कैसे हो आप।
प्रिया: मैं ठीक हूँ रॉबिन तू कैसा है। बहुत दिनों बाद मिला है।
प्रिया दीदी ने मुझे गले लगा लिया। और मैंने भी उसे बाँहों में भर लिया। फिर प्रिया दीदी मेरी दीदी का हाथ पकड़के उन्हें किचन में ले गईं। मैं बाहर खड़ा सब सुन रहा था।
प्रिया: नीलम ये तेरा भाई यहाँ क्या कर रहा है?
नीलम: क्या कर रहा है मतलब तेरी लिए ही आया है।
प्रिया: तेरा दिमाग खराब हो गया है। तू अपने ही भाई से मुझे सेक्स करने के लिए कह रही है।
नीलम: देख प्रिया मेरे सामने ये सीधे होने का ड्रामा मत कर। तू शुरू से जानती है। ये मेरा कजिन भाई है। और वो मेरा राज़दार भी है। और तू ये भी जानती है। जब वो 18 साल था। तब मैंने ही उसे शोभा की चूत दिलवाई थी।
प्रिया: हाँ नीलम मैं सब जानती हूँ। मगर मुझे लगा था। कोई और लड़का है। वो तो मुझे दीदी भी बोलता है। मैं उसके साथ कैसा सेक्स कर सकती हूँ।
नीलम: तू दीदी कहने की बात कर रही है। वो मेरे सामने चूत लंड गाँड सब बातें करता है। और शोभा को तो उसने दीदी बोलते-बोलते ही चोदा था। मेरी बात मान ये सबसे सेफ है। किसी को शक भी नहीं होगा।
प्रिया सोचने लगी। कि वो हाँ बोले या वहाँ से चली जाए।
नीलम: अरे इतना क्या सोच रही है। वो कौनसा तेरा सगा भाई है। और तू कौनसा उसे राखी बाँधती है। एन्जॉय कर और कोई टेंशन मत ले। उसे भी सेक्स ही चाहिए। वो प्यार करने वाले लड़कों में से नहीं है।
दीदी ने मुझे आवाज दी। और मैं तुरंत किचन में गया। प्रिया दीदी मुझे देखकर शरमा रही थीं।
नीलम: भाई ये प्रिया तो तुझसे शरमा रही है। जरा इसकी शर्म तो दूर कर दे।
मैंने प्रिया दीदी का हाथ पकड़ लिया। और उनके हाथ पर किस किया। प्रिया दीदी अभी भी शरमा रही थीं। मैंने उनकी कमर में हाथ डाला और उसे अपनी तरफ खींच लिया।
प्रिया दीदी ने मुँह नीचे कर लिया। मैंने उनका चेहरा पकड़ा और लाल लिपस्टिक लगे होठों को चूसने लगा। शुरू में प्रिया दीदी ने कुछ नहीं किया। मगर फिर वो भी मेरे होठों को चूसने लगीं।

Baut shi hai