बड़ी दीदी को पटा के चोदा 4

Didi ki chut ki badhti aag sex story:- हेलो दोस्तों, अब मैं शुरू करता हूँ अपनी कहानी का अगला भाग। दिन गुज़रते हुए मम्मी को लेकर भी गंदी बातें होने लगीं। जैसे मम्मी के बूब्स को लेकर बात, आज मम्मी का क्लीवेज देखा, तो कभी आज मम्मी का निप्पल दिख रहा था, ऐसी बातें होने लगीं। कभी दीदी पूछती मम्मी का बूब्स दबाना है? कभी बोलती मम्मी को अपने ग्रुप में ले लेते हैं। अचानक से ये ग्रुप वाली बात मन को लग गई।

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Didi ki chut ki badhti aag hindi sex story

मैं: अब समझा कि क्या मिसिंग लग रहा था।

दीदी: क्या?

मैं: असल में हम मज़े तो बहुत कर रहे हैं, लेकिन ध्यान से सोचो, तो अब भी हम आज़ाद सिर्फ़ रूम के अंदर ही हैं।

दीदी: लिविंग रूम, किचन सब जगह तो शुरू हो गया। वो भी मम्मी के सामने।

मैं: नहीं मैडम, यही प्रॉब्लम है। मम्मी के पीछे हो रहा है, सामने नहीं।

दीदी: तो क्या चाहते हो, मम्मी को दिखाकर करें?

मैं: दिखाकर नहीं, पर कुछ ऐसा करें कि मम्मी के सामने करें और मम्मी कुछ न बोले।

दीदी: एक्चुअली मैं बहुत पहले से यही चाहती थी, कि मैं सिर्फ़ रूम में नहीं बल्कि पूरे घर में नंगी रहूँ और प्लान भी किया है। पर ये नहीं सोचा, कि ये सब के लिए भी मना सकते हैं मम्मी को। क्योंकि जब मैं प्लान कर रही थी, तब हमारे बीच में कुछ भी शुरू नहीं हुआ था। कोई बात नहीं इसकी भी तरकीब निकाल लेंगे। फ़िलहाल नंगे रहने का प्लान रेडी है। वो परमिशन मिल गई, तो बाक़ी सब भी हो जाएगा।

मैं: क्या प्लान है बताओ?

दीदी: असल में तुमने जो समझाया था, वही लॉजिक मम्मी को भी समझाऊँगी।

अगले दिन ही दीदी मम्मी से बात करने पहुँची (जो बातें हुईं वो दीदी हर रात बताती थी)।

दीदी: मम्मी कुछ बात करनी है।

मम्मी: हाँ बोलो।

दीदी: मुझे ये सब ब्रा पहनने में बहुत दिक़्क़त होती है, बहुत गर्मी होती है और खुजली भी। बाहर तो ठीक है, लेकिन घर पे कम से कम बिना ब्रा के रह सकते हैं ना?

मम्मी: मैं जानती हूँ, फिर भी साड़ी पहनकर रहना पड़ता है। लेकिन क्या करें घर में एक लड़का भी है ना।

दीदी: उससे क्या हुआ?

मम्मी: अरे नज़र ख़राब हो जाएगी उसकी।

दीदी: कुछ नहीं होता उसको, मैंने देखा है।

मम्मी: क्या देखा?

दीदी: बहुत बार उसके सामने झाड़ू मारते हुए मेरा पल्लू गिर गया, पर देखकर भी उसको कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा। कितनी बार ग़लती से मेरी ब्रेस्ट उससे टकरा गई, पर वो नॉर्मली ही चला गया। असल में वो बड़ा हो गया है और इस उम्र तक बच्चे सब कुछ जान जाते हैं और देख भी लेते हैं।

दीदी: इंग्लिश मूवी में किस और बिकिनी तो होगा ही। और आज-कल तो वेब सीरीज़ में पूरा खुला दिखा देता है। सब देख-देख के बोर हो चुके हैं।

मम्मी: हाँ वो तो है।

दीदी: फिर भी अगर कन्फ़र्म करना है तो प्लान है।

मम्मी: कैसा प्लान?

दीदी: मैं उसके सामने बिना ब्रा पहने और सिर्फ़ टी-शर्ट पहनकर रहूँगी। ब्रा नहीं होगी, तो निप्पल्स दिखेंगे ऊपर से। तुम दूर से देखना, कि वो देखता है या नहीं। नहीं देखा तो उसके सामने झाड़ू मारूँगी, वो भी देखना।

मम्मी: ठीक है, अगर नहीं देखा तो तुम पहन लेना, जैसे तुम्हारा मन हो।

कुछ देर में मैं टीवी देखने बैठा। मुझे प्लान पता था, तो मैं भी रेडी था। दीदी वही लॉन्ग टी-शर्ट घुटने तक पहनकर मेरे सामने आकर झाड़ू मारने लगी। उसके निप्पल्स भी दिख रहे थे, लेकिन मैं इग्नोर करने जैसी ऐक्टिंग करने लगा।

गला बहुत बड़ा था, तो बूब्स दिख रहे थे और मम्मी ये सब देख रही थीं दूर से। मैं भी ऐक्टिंग करने लगा।

मैं: अरे दीदी हटो ना सामने से, क्रिकेट देख रहा हूँ।

वो चली गई और साथ ही मम्मी को इशारा भी कर दिया, कि देखा कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता इसको। मम्मी मानने लगीं, कि कोई ख़तरा नहीं है और बोलीं—

मम्मी: ठीक है, पहन ले जैसे मरज़ी। वैसे भी इसमें नीचे पैंट तो होता ही है। बस ऊपर का ध्यान रखना।

दीदी मुस्कुराते हुए बोलीं—

दीदी: मम्मी मैंने कोई पैंट नहीं पहना है नीचे।

मम्मी ये बात सुनके शॉक हो गईं।

दीदी हँसके बोलीं—

दीदी: देखो जब तक तुमको नहीं बताया, तब तक पता नहीं चला। वैसे ही रॉनी तो ऐसे भी नहीं देखता, देखा तो भी पता नहीं चलेगा कि अंदर कुछ नहीं पहना है।

मम्मी: ठीक है बेटा, बस ध्यान से थोड़ा।

दीदी ने सब कुछ मुझे बताया रात में और हम दोनों बहुत ख़ुश हुए, कि एक तो प्लान काम कर रहा था और दूसरा, पहले उस टी-शर्ट के नीचे पैंट है ये मम्मी को प्रूफ़ दिया, फिर नहीं पहनती थी ये भी बता दिया।

क्योंकि अगर मम्मी चेक करतीं तो दीदी पकड़ी जातीं। पर अब मम्मी को ये पता था, कि दीदी टी-शर्ट के नीचे पैंट नहीं पहनतीं। फिर भी उनको प्रॉब्लम नहीं थी।

उसके बाद से वो घर में सिर्फ़ लॉन्ग टी-शर्ट पहनके घूमने लगीं। रोज़ दबाने के वजह से दीदी के बूब्स और निप्पल्स बड़े हो गए थे और टी-शर्ट के ऊपर से सब दिखता था। चलते वक़्त बूब्स हिलते रहते थे और मेरा लंड खड़ा हो जाता था।

कंट्रोल नहीं होने पर हम रूम में जाते थे और दीदी लंड चूसके शांत कर देती थीं। और लंड चूसने के बदले में, मैं भी उनकी चूत चाटके पानी पी लेता था। और अगर मम्मी कहीं बिज़ी हों, तो लिविंग रूम में ही, मैं दीदी को खड़ा रखकर बस टी-शर्ट कमर तक उठाके चूत चाट लेता था।

मम्मी को अभी भी अजीब लग रहा था, लेकिन 4-5 दिन में मम्मी के लिए भी नॉर्मल हो गया। क्योंकि मेरे तरफ़ से कोई रिएक्शन नहीं आ रहा था। एक हफ़्ते बाद ही दीदी ने दूसरा स्टेप ले लिया।

दीदी: एक बात पूछनी थी मम्मी।

मम्मी: अब क्या चाहिए?

दीदी: वो टी-शर्ट एक ही है मेरे पास। हर दो दिन में धोना होता है। फिर वही टाइट कपड़े पहनना होता है। अब तो और भी मन नहीं करता, वो सब पहनने को। क्योंकि उसमें आदत हो गई है, क्योंकि उसमें अच्छी हवा घुसती थी।

मम्मी: तो क्या करना चाहती हो?

दीदी: नीचे अभी के लिए हाफ़ पैंट है और ऊपर मैं सिर्फ़ ब्रा पहनूँ?

मम्मी परेशान हो गईं।

दीदी: तुम चिंता मत करो, ब्रा भी एक तरह का स्लीवलेस टॉप ही है और जो ढकना चाहिए वो तो ढका ही है ना?

मम्मी एक्सेप्ट नहीं कर पा रही थीं, पर हमको पता था वो मान जाएँगी।

थोड़ी देर में वो नहाके हाफ़ पैंट और ब्लैक ब्रा पहनके डिनर टेबल पर आकर बैठ गईं, नाश्ता करने के लिए। मैं भी बग़ल में था। ग़ज़ब की हॉट लग रही थीं। ब्लैक ब्रा, जीन्स, हाफ़ पैंट और बाल थोड़े भीगे हुए थे, जो गले पे चिपके थे।

बट मैं जानता था, कि मम्मी देख रही हैं। तो मैं चुप-चाप नाश्ता करके चला गया। दीदी और मम्मी एक-दूसरे को देखके मुस्कुराने लगे। इसको लेकर भी मम्मी 2-3 दिन में नॉर्मल हो गईं।

एक दिन दीदी की जाँघ पर थोड़ा रैश हुआ, तो उनको बहाना मिल गया तीसरे स्टेप के लिए। वो तुरंत मम्मी के पास गईं और दिखाया।

दीदी: देखो पैंट पहनने से ये सब हो रहा है। हवा नहीं लगती बिल्कुल यहाँ, इसीलिए हुआ है ये।

मम्मी: अरे तो क्या नंगी रहेगी?

वैसे तो दीदी का प्लान था, कि ब्रा और पैंटी में रहने के लिए पूछना था, लेकिन मम्मी ने जब सामने से ऑफ़र किया, तो दीदी ने भी मौक़ा नहीं छोड़ा।

दीदी: हाँ मम्मी प्लीज़!

मम्मी: क्या मतलब, तू सच में घर में नंगी रहना चाहती है? दिमाग़ ख़राब है तेरा?

दीदी: कुछ नहीं होगा, देख तो रही हो। और सबसे बड़ी बात मुझे आराम लग रहा है। नींद भी अच्छी आती है अब, आज़मा कर देख लो।

मम्मी: कैसे देखूँ?

दीदी: आज नहाके रॉनी के सामने कपड़े बदलूँगी और तुम नज़र रखना।

वो ऐसा ही नहाके निकलीं। मैं बेड पे था और मम्मी लिविंग रूम से नज़र रख रही थीं। दीदी आकर पीछे घूमीं और टॉवल कमर तक ले आईं। उनकी सेक्सी पीठ पूरी खाली थी, बस पानी की बूँदें थीं।

वो मम्मी को देख रही थीं और मम्मी ने इशारा किया, कि रॉनी नहीं देख रहा। दीदी मुस्कुराईं और सामने घूम गईं, खुले बूब्स में और मुझसे बेड पे पड़ा लॉन्ग टी-शर्ट माँगा। मैंने बस टी-शर्ट पकड़ा और दीदी के तरफ़ फेंक दिया।

टी-शर्ट को कैच करने के चक्कर में दीदी का टॉवल खुलकर गिर गया। (ये सब प्लान था) दीदी ने जल्दबाज़ी नहीं की, बल्कि आराम से पूरी बॉडी दिखाते हुए टॉवल बाथरूम में रख आईं और फिर टी-शर्ट पहनीं।

ये सब कुछ मम्मी देख रही थीं। दीदी ने मम्मी को देखा, तो मम्मी हँस रही थीं और फिर उठकर चली गईं। दीदी मम्मी के रूम में जाके पूछने ही वाली थीं, कि मम्मी ने मुस्कुराते हुए पहले ही बोल दिया—

मम्मी: तुमको जैसे रहना है रहो। मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है।

दीदी: थैंक यू सो मच मम्मी, आई लव यू।

मम्मी: देख मुझे तेरी ख़ुशी से मतलब है। जो भी करो, अगर तुम ख़ुश हो, तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। तुम्हारे लाइफ़ है, तुम्हारा घर है, कुछ भी करो।

मम्मी: पर एक ही परेशानी थी, अगर भाई नहीं होता, तो पहले दिन जब तू बोली थी, मैं तभी बोल देती, कि तू नंगी रह, कोई बात नहीं। पर अब परेशानी दूर हो गई है, तो अब कुछ भी करो, बस पहले बता देना, कि क्या करने वाली हो।

ये सुनकर दीदी डबल ख़ुशी से रूम में आईं और मुझे सब बताया। एक तो दीदी का सपना पूरा हुआ। अब सिर्फ़ मेरे रूम में नहीं, बल्कि पूरे घर में दीदी नंगी घूम सकती थीं और दूसरा ये लाइन्स कि—

“अगर तुम ख़ुश हो तो कुछ भी करो प्रॉब्लम नहीं” और “कुछ भी करो बस पहले बता देना, फिर बताने की भी ज़रूरत नहीं”

दीदी के दिमाग़ में ये सब चिपक गया, क्योंकि बाद के प्लान्स में काम आ सकता था। मैं बहुत ख़ुश हुआ और उस सारी रात हमने फ़ोरप्ले करके सेलिब्रेट किया।

नेक्स्ट हमने क्या किया अगले एपिसोड में बताता हूँ।

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