भाभी की चूत और गांड का बुखार – 1

Dewar ne bhabhi ko choda story:- हेलो दोस्तों! मेरा नाम इस राहुल है। मेरी उम्र 18 साल है। मै जोधपुर मे अपने पिताजी(उम्र 52 साल) के साथ रहता हूँ जो फैक्ट्री चलाते है। मम्मी (उम्र 50 साल) हाउसवाइफ है। बड़े भाई (उम्र 26 साल) प्राइवेट जॉब करते है और उनकी वाइफ़ यानि मेरी भाभी रेनू (उम्र 25 साल, फिगर 36-28-38) है जिनको देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता है। मै पहले दिन से ही उनका दीवाना था और उनको चोदना मेरा एक सपना था। तो कैसे मैंने अपनी भाभी को चोदा, वो पढिए इस hindi sex story मे।

Devar ne bhabhi ki chudai ki

ये किस्सा 1 साल पहले का है मेरी बारहवीं क्लास चालू ही हुयी थी और मेरे भाई की नयी-नयी शादी हुयी थी। मैं पढाई मे इंटेलीजेंट तो नहीं पर एवरेज था। मम्मी और पापा नीचे रहते है और मेरा और मेरे भाई का कमरा ऐसे है के ऊपर सीढियाँ चढ़के, मेरे कमरे से एंटर होकर उनके रूम का दरवाजा है। और 1 ही बाथरूम है ऊपर जो भैया और भाभी के कमरे से अटेच है, मैं वही बाथरूम यूस करता हूँ। मम्मी के घुटनो मे प्रॉब्लम है इसलिए मम्मी कभी ऊपर नहीं आती।

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एक दिन बिन मौसम तेज बारिश हो रही थी, शाम को डोर बेल बजी, मैंने गेट खोला तो देखा सामने भाभी खड़ी थी। रेड कलर की साड़ी मे पूरी भीगी हुयी!! उनके पूरे कर्व्स दिख रहे थे। मेरा लंड तो पजामा के अंदर एकदम पूरा टाइट हो गया। भाभी अंदर आयी और सीढ़ियाँ चढ़के ऊपर जाने लगी, मैं भी पीछे-पीछे चल दिया। क्या गांड लग रही थी उनकी साड़ी से चिपकी हुयी। भाभी सीधे बाथरूम मे नहाने चली गयी।

देवर ने भाभी को चोदा हिन्दी कहानी

मैं अपने कमरे मै आके मोबाइल मे पोर्न देखने लग गया। पोर्न देखने मे बिलकुल भी मज़ा नहीं आ रहा था क्यूंकि मेरे सामने सिर्फ भाभी की ही तस्वीर आ रही थी, लाल साड़ी मे भीगा उनका बदन। थोड़ी देर मे भाभी कपडे चेंज करके बाथरूम से बहार आ गयी और नीचे चली गयी। मैं सीधे बाथरूम भागा मुठ मारने के लिए। बाथरूम मे जाते ही मैंने अपना पजामा खोला और जैसे ही सामने देखा तो सामने भाभी के भीगे हुए कपडे पड़े थे। मैंने साड़ी उठायी तो नीचे ब्रा-पैंटी भी पड़ी थी। मेरी धड़कन तेज़ हो गयी।

मैंने पहले ब्रा उठायी और उस पर लेबल देखा 36। वाओ मैंने उसे सुंघा उसमे से भाभी के बदन की खुशबू आ रही थी। मैं पागल हो गया। फिर मैंने पैंटी उठायी, उसपे क्रॉस वाली जगह कुछ चिपचिपा सा लगा हुआ था शायद वो भाभी की चूत का पानी था। मैंने पैंटी सूंघी और क्रॉस वाली जगह चाटने लग गया। मैं सातवे आसमान मे था। मैंने आँखे बंद की और पैंटी सूंघते-सूंघते मुठ मारना चालू कर दिया। Dewar ne bhabhi ko choda story

एकदम से दरवाजा खुला, मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गयी और आँखों के सामने अँधेरा छा गया। सामने भाभी खड़ी थी। मैंने चिटकनी ढंग से नहीं लगाई थी, इस वजह से दरवाजा खुल गया। भाभी मुझे गुस्से से देख रही थी मेरा लंड डर के मारे एक दम से सिकुड़ गया और मेरे हाथ पैर कांपने लग गए। भाभी मेरे पास आयी और एक जोरदार चपात मारी और मेरे हांथो से पैंटी छीनी और जमीन पे पड़ी ब्रा उठाके चली गयी।

मैंने दरवाजा ढंग से बंद किया और शावर के नीचे खड़ा हो गया, पानी मेरे शरीर से होते हुए ज़मीन पर गिर रहा था पर मुझे कुछ एहसास नहीं हो रहा था। मेरा शरीर सुन्न पड़ चुका था। करीब आधा घंटे बाद मैं बाथरूम से बहार आया, भाभी के कमरे मे कोई नहीं था। मैं नीचे गया भाभी किचन मे खाना बना रही थी। मैं चुपचाप टीवी के सामने जाके बैठ गया। थोड़ी देर मे मम्मी ने मुझे खाना दिया और मैं चुप-चाप खाना खाके अपने कमरे मे आके सो गया। मुझे पक्का यकीन था के भाभी भैया को सब बता देगी, मैं बहुत डरा हुआ था।

सुबह जब उठा तब भैया उठ चुके थे, भैया से नजर मिलते ही भैया ने मुझे बुलाया, मेरी साँसे रुक सी गयी, मैं भैया के पास जाके बैठा। मैं भैया के पहले अल्फाज़ो का इंतज़ार कर रहा था। भैया ने बस पढाई के लिए पूछा और नहाने धोने चले गए। शायद भाभी ने भैया को अभी तक नहीं बताया था।

1 महीने तक मैंने भाभी से नजरे भी नहीं मिलायी, भाभी ने भी मुझसे बात नहीं की। पूरा महीना मेरा खौफ मे निकला। खैर मेरा इस टर्म का रिजल्ट आया तो मैं फिजिक्स और मैथ्स मै फ़ेल था, परसेंटेज भी 38 ही बनी थी। रात को भैया आके खूब चिल्लाये मुझपे, मैं नज़रे झुकाये बस सुनता रहा। फिर भैया मुझपे हाथ ही उठाने वाले थे की भाभी ने भैया का हाथ पकड़ लिया।

भाभी बोली – प्लीज मारो मत, आगे मन लगाके पढ़ेगा राहुल!

ये सुनते ही मैंने भाभी की तरफ देखा, भाभी नार्मल थी। भैया ने बोला।

भैया – मैं तो थक चुका इस लड़के से, पढ़ेगा नहीं तो क्या करेगा लाइफ मे , ज़िन्दगी ख़राब हो जायेगी इसकी।

भाभी – आप चिंता न करे अब से ये खूब पढ़ेगा।

भैया – ठीक है रेनू , अब तुम ही सम्भालो इसको। मैं अब इससे बारहवीं के बाद ही बात करूँगा।

अब मैं अपने रूम मे आके किताब खोलके बैठ गया , अब मुझे थोड़ा रिलैक्स हुआ, भाभी के प्रति मेरे सारे गंदे विचार निकल चुके थे। रात को भैया के सोने के बाद मैंने भाभी के नंबर पर मैसेज किया। Dewar bhabhi ki chudai story

मै – सॉरी!

भाभी का तुरंत रिप्लाई आया।

भाभी – इट्स ओके!

मै – थैंक्स फॉर सेविंग मी फ्रॉम भैया!

भाभी – गुड नाईट, सुबह बात करते है!

मेरे चेहरे पर पूरे 1 महीने बाद स्माइल आयी। सुबह भैया ऑफिस और पापा फैक्ट्री जा चुके थे, भाभी मुझे उठाने आयी। मैंने गुड मॉर्निंग बोला और स्माइल दी , भाभी ने वापिस स्माइल दी।

मै – सॉरी अगेन भाभी।

भाभी – मैं वो सब भूल चुकी हूँ, अब तुम भी वो सब भूलके बस पढ़ाई पे ध्यान दो।

मै – मुझे लगा था के आप भैया को सब बता देंगी।

भाभी – बोल देती पर मुझे लगा की तू दोबारा नहीं करेगा।

मै – थैंक यू भाभी।

भाभी – चल अब छोड़ उस बात को, अब केवल पढ़ाई पे ध्यान दे, तेरी जिम्मेदारी अब मैंने ले ली है। तुझे अब तेरे भैया को अच्छे नंबर ला के दिखाना ही पड़ेगा। मुझे बोर्ड्स मे तेरे 80% से ऊपर नंबर चाहिए।

मै – हलवा है क्या भाभी 80%, मेरे तो पास होने के ही लाले पड़ रहे है।

भाभी – मैं कुछ नहीं जानती, मुझे तेरे बोर्ड्स मे 80% चाहिए। मैं चाहती हूँ की तेरा एडमिशन 1 अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज मे हो।

मै – इंजीनियरिंग! भाभी मुझे फिजिक्स और मैथ्स का घंटा भी नहीं आता।

भाभी – अगर तू मुझे भाभी मानता है तो तू 80% भी लाएगा और इंजीनियरिंग भी करेगा।

मै – लेकिन भाभी मेरा मन ही नहीं लगता पढ़ाई मे।

भाभी – मै सब जानती हूँ की तेरा मन किस चीज़ मे लगता है।

मै – भाभी!

भाभी – अच्छा सुन तेरे इन गन्दी चीज़ों के कारण ही कम नंबर आते है ना? अब इन चीज़ों के कारण ही तू पढ़ेगा।

मै – पर भाभी मेरे नर्सरी मे भी कभी 80% नहीं आए, अब कैसे आएंगे।

भाभी – अगर मै कहूं के तेरे सब गंदे सपने सच हो जाएंगे अगर तू 80% लाएगा तो तब भी नहीं बनेगी?

मै – मतलब!

भाभी – मतलब ये मेरे ठरकी देवर के मन जो कुछ भी मेरे साथ करने की इच्छा है वो सबकुछ करने दूंगी मेरे साथ।

मै – सच भाभी!

भाभी – हाँ मेरे ठरकी देवर।

मुझे यकीन नहीं हो रहा था। मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। मै कहीं खो गया था के भाभी ने मुझे टोकते हुए कहा।।

भाभी – ओए , ज्यादा ख्वाब ना देख, ये सब तब ही हो पायेगा जब तू ढंग से केवल पढ़ाई मे मन लगाए। अच्छा सुन मैंने तेरे लिए कुछ कंडीशंस बनायीं है। Dewar bhabhi ki chudai ki kahaniya

1- तू केवल 15 दिन मे 1 बार पोर्न देख सकता है और मास्टर बेट कर सकता है।

2- मास्टर बेट केवल रात मे करेगा और सो जाएगा।

3- मेरे बारे मे एग्जाम ख़तम होने तक गंदे विचार नहीं रखेगा।

मै – अगर रिजल्ट आने पर आपने मना किया तो?

भाभी आगे बढ़ी और मेरे गाल पे 1 सेक्सी किस किया।

भाभी – ये ले तेरी टोकन मनी। तू इस बारे मे टेंशन ना लेना। तुझे बीच बीच मे सरप्राइज इंसेंटिव भी मिलेगा। इन इंसेंटिव के स्लैब्स है:-

1- आल क्लियर & 70% इन सेकंड टर्म।

2- आल क्लियर & 80% इन प्री-बोर्ड्स।

3- 80% इन बोर्ड्स।

जैकपोट तुझे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज मे एडमिशन पे मिलेगा।

मै तो पागल हो गया। मै कुत्तों जैसी नज़रों से भाभी को देखने लगा।

भाभी – चल अब बाथरूम जाके फ्रेश हो और मिशन चालू कर दे।

मैने उसी दिन से ट्यूशन्स पे रेगुलर जाना चालू कर दिया। मेरे ट्यूशन्स पे एक लड़का था रमेश वो बहुत इंटेलीजेंट था। मै उसे घर ले आया भाभी ने उसे थोड़ा क्लीवेज दिखा के और उसके गालो पे गाल फिराके बोल दिया की प्लीज रमेश तुम रोज़ ट्यूशन्स के बाद 1 घंटा आ जाया करो और राहुल को रीविजन करा दिया करो। रमेश पूरा लाल हो गया और उसने हाँ कर दी। अब मै सब काम छोड़कर केवल पढ़ाई मे मन लगाने लग गया। रमेश रोज़ मेरा रीविजन करा देता। ऐसे ही मै 3 महीने तक रेगुलर पढता रहा।

रात को भाभी 1-1 बजे तक मेरे लिए कॉफी बना के लाती। भाभी ने बोल रखा था के जब भी मुझे 15 दिन मे पोर्न देखने की इच्छा हो तो मै उनको बोल दूँ। भाभी खुद मेरे को पोर्न देती थी ताकि मेरा पोर्न ढूंढ़ने मे टाइम वेस्ट ना हो। मेरा सेकंड टर्म का रिजल्ट आया, रिजल्ट देख के मेरे भैया तो बहुत खुश हुए पर मै उदास हो गया। मै आल क्लियर तो हो गया था बट मेरी परसेंटेज 66 ही थी। यानी के मुझे भाभी का सरप्राइज इंसेंटिव नहीं मिलेगा।

शाम के 5 बज रहे थे बारिश भी आ रही थी मैने भाभी को बोला इंसेंटिव के लिए:

मै – भाभी प्लीज वो सरप्राइज इंसेंटिव दे दो।

भाभी – क्यों? तुम्हारे 70% थोड़ी आये है इंसेंटिव तो 70% पे था।

मै – प्लीज भाभी।

भाभी – नो। रूल्स आर रूल्स।

मै बालकनी मे मुंह लटका के खड़ा हो गया। करीब 15 मिनट बाद भाभी आयी।

भाभी – क्या हुआ?

मै- कुछ नहीं।

भाभी – जा बाथरूम जा के फ्रेश हो आ।

मै – मुझे नहीं जाना।

भाभी – जा तो सही तेरा मूड ठीक हो जाएगा।

मै बाथरूम की और जा रहा था कि पीछे से भाभी ने आवाज़ लगायी।। कुण्डी ढंग से लगा लेना। मैने बाथरूम मे एंटर होकर कुण्डी लगायी और देखा सामने भाभी की ब्रा – पैंटी टंग रही थी। फिर दुबारा भाभी की आवाज़ आयी – प्लीज गन्दी मत करना। मैंने ब्रा – पैंटी उतारी , वो सिल्क की थी एक्वा कलर की। मन पागल हो गया। मैंने फटाफट पजामा उतारा और ब्रा को लंड पे लपेटकर, पैंटी को सूंघने-चाटने लग गया। सिल्क कलर लंड पे कमाल लग रहा था। मैंने हाथ ब्रा पे रखकर लंड पर आगे-पीछे करना शुरू किया।

बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मेरा निकलने वाला था तो मैंने ब्रा लंड से हटा ली। और इस तरह मै डिस्चार्ज हो गया। मैंने ब्रा – पैंटी वापिस टांग दी और सफाई करके बाथरूम से बहार आ गया। मैंने भाभी को थैंक्यू कहा और पूछा की अगला इंसेंटिव क्या होगा? भाभी ने बोला की 80% ले आना और खुद देख लेना। मैं वापिस पढ़ाई मे लग गया।

कहानी जारी रहेगी आगे पढे…. अगले पार्ट मे ..

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