भैया ने मुझे और माँ को चोदकर पेट से किया

Desi Indian Family Sex Story:- हेलो दोस्तो, मेरा नाम नेहा है और मैं हरियाणा में रहती हूँ। मेरे परिवार में मेरी माँ सुनीता और बड़ा भाई रोहित हैं। अब मैं अपने बारे में बता दूँ, मेरी हाइट 5’4″ और फिगर 34-30-34 है और मेरा गोरा रंग देखकर पूरे मोहल्ले के लड़के मुझे चोदने की फिराक में रहते हैं, पर मैं किसी को भी भाव नहीं देती। मेरे भाई की हाइट 5’11″ और कसरती बदन है और मेरी माँ तो देखने में हमारी बड़ी बहन लगती हैं।

अब मैं अपनी स्टोरी पर आती हूँ। मेरा पढ़ाई में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था और मैंने 10th के बाद पढ़ाई छोड़ दी। मेरा भाई रोहित मुंबई में एक MNC में बहुत अच्छी पोस्ट पर जॉब कर रहा है और वो महीने में एक बार घर आता है।

Desi Maa Bahan ki chudai Indian Family Sex Story

वो जब भी घर आता है और मैं जब उसे देखती तो मेरा दिल उसे भाई नहीं कुछ और ही समझता और कभी-कभी तो मुझे लगता कि मेरा भाई रोहित मुझे अपने मोटे लंड से चोद रहा है और ये सोचते ही मेरे जिस्म में चीटियाँ सी रेंगने लगतीं।

मेरा दिल करता कि नंगी होकर अपनी चूत में भैया का लंड पेलवा लूँ, पर वो मेरा भाई है ये सोचकर मैं अपने दिल को मार लेती। एक बार जब भैया घर आए हुए थे तो माँ ने भैया को मेरी शादी के लिए कोई लड़का देखने को कहा।

तो भैया ने कहा—

रोहित: माँ मुंबई में मेरा दोस्त जो मेरे साथ ही काम करता है और बहुत ही शरीफ और खूबसूरत है। अगर तू कहे तो मैं नेहा को अपने साथ ले जाता हूँ और वहाँ इसकी मुलाकात अमित से करा दूँगा। और अगर इसे वो अच्छा लगा तो फिर तू भी मुंबई आ जाना और फिर वहीं हम इसकी शादी कर देंगे।

ये बोलकर भैया ने मुझे अपने साथ चलने को कहा और माँ भी मुझे भैया के साथ भेजने को तैयार हो गईं। भैया ने मुझे अपने साथ चलने को कहा और अगले दिन हम बस में बैठकर मुंबई के लिए चल दिए। बस में भैया बारी-बारी अपना हाथ कभी मेरी जाँघ पर और कभी मेरी चुची पर लगा देते। मैं सोचने लगी कि जो मैं चाहती हूँ क्या भैया के मन में भी वही चल रहा है और ये सोचकर मैं रोमांचित हो गई।

दोपहर में हम मुंबई पहुँच गए और घर पहुँचकर हम फ्रेश हुए। फिर भैया ने मुझसे कहा—

रोहित: नेहा मैंने अमित को फोन कर दिया है और वो आता ही होगा। और तू अब जल्दी से तैयार हो जा।

और मैं तभी रूम में जाकर तैयार होने लगी। तभी घर की डोर बेल बजी और भैया डोर खोलने लगे। फिर मेरे पास आकर बोले—

रोहित: नेहा अमित आ गया है।

और मैं तैयार हो चुकी थी। भैया को कहा—

मै: भैया अभी आई।

फिर मैं रूम से बाहर हॉल में आई तो वहाँ कोई नहीं था और सिर्फ भैया ही सोफे पर बैठे थे। मैंने भैया को पूछा—

मै: भैया आपका दोस्त कहाँ है?

तो भैया मुस्कुराते हुए बोले—

रोहित: बहुत जल्दी है अपने होने वाले पति को मिलने की।

तो मैं शरमा गई और अपनी निगाहें नीचे कर लीं। फिर भैया ने मुझे पकड़कर अपने साथ लगाते हुए कहा—

रोहित: नेहा मैं तुझे कैसा लगता हूँ?

तो मैंने भैया की बात सुनकर अवाक रह गई और भैया की तरफ देखने लगी। भैया ने मुझसे फिर पूछा—

रोहित: नेहा बता ना मैं तुझे कैसा लगता हूँ?

मैंने धीमी सी आवाज में कहा—

मै: भैया ये आप क्या कह रहे हो? मैं आपकी बहन हूँ।

भैया ने कहा—

रोहित: नेहा ये तो तुझे और मुझे ही पता है और जहाँ हमें कोई नहीं जानता। हम सभी को यही बताएँगे कि हम दोनों पति-पत्नी हैं।

मैंने कहा—

मै: भैया जब माँ को पता चलेगा तो क्या होगा?

भैया ने कहा—

रोहित: नेहा तू चिंता मत कर। माँ को मैं मना लूँगा।

और ये कहकर भैया ने मुझे जोर से हग कर लिया। फिर हम दोनों भाई-बहन बाहर डिनर के लिए चले गए और जब वापिस घर आए तो भैया ने मुझे अपने साथ ही सोने को कहा। मैंने भैया के साथ सोने से मना कर दिया।

और बोली—

मै: भैया जो तुम चाहते हो वो तो आज से 3 दिन बाद राखी है और उसी दिन हम दोनों भाई-बहन पहले शादी करेंगे फिर मैं तुझे राखी बाँधूँगी और फिर तुम बहनचोद बनोगे।

फिर भैया ने कहा—

रोहित: नेहा मैं तेरे साथ कुछ नहीं करूँगा।

तो मैंने भैया को अपने साथ सोने के लिए मान गई और फिर हम दोनों भाई-बहन एक ही बेड पर सो गए। मैंने अपना सिर भैया के कंधे पर रख लिया और भैया की छाती पर अपना हाथ फेरने लगी।

और भैया ने मुझसे कहा—

रोहित: नेहा तुम मुझे एक बात बताओ।

मैंने कहा—

मै: पूछो भैया।

तो भैया ने कहा—

रोहित: नेहा तू अब तक कितने लड़कों से चुदी है?

मैंने कहा—

मै: भैया आप ऐसा क्यों पूछ रहे हो?

भैया ने कहा—

रोहित: मैं ऐसे ही पूछ रहा हूँ। अगर तू बताना नहीं चाहती तो कोई बात नहीं।

मैंने कहा—

मै: भैया ये तो आपको जब आप अपना लंड मेरी चूत में पेलोगे तभी पता चल जाएगा। पर मैं आज तक किसी से चुदना तो दूर, मैंने अपनी उँगली भी अपनी चूत में नहीं डाली कि कहीं अगर मेरी उँगली से मेरी चूत की सील टूट गई तो आप कहोगे कि तू पहले से चुदी हुई है।

मेरी बात सुनकर भैया ने मुझे जोर से हग कर लिया।

फिर मैंने भैया को कहा—

मै: भैया अब आप बताओ कि आपने अब तक कितनी लड़कियों को चोदा है?

भैया ने कहा—

रोहित: देखो नेहा मैं तुझे सब सच बताता हूँ। मैंने अभी तक सिर्फ एक लड़की को चोदा है और मैं उसके साथ भी शादी करूँगा।

भैया की बात सुनकर मैंने कहा—

मै: भैया तो क्या तुम मुझसे शादी नहीं करोगे?

भैया ने कहा—

रोहित: नेहा मैं तेरे और उसके दोनों के साथ शादी करूँगा और ये बात उसे भी पता है और उसे कोई एतराज नहीं है।

फिर मैंने कहा—

मै: भैया कौन है वो?

तो भैया ने कहा—

रोहित: मैं कल उसे तुझसे मिला दूँगा।

और फिर भैया मेरे कपड़े के ऊपर से मेरी चुचियाँ मसलने लगे और बोले—

रोहित: नेहा तुझे कैसा लंड चाहिए चुदने के लिए?

मैंने कहा—

मै: भैया मेरी इच्छा तो सिर्फ अपने भाई के लंड से चुदने की है और मैं तो चाहती थी कि आप मुझे चोदो, लेकिन आपने मुझसे शादी करने की सोचकर मुझे तो बहुत खुशी हो रही है।

और फिर मैंने भैया के पजामा में अपना हाथ डाल दिया और भैया का गरम-गरम लंड मेरे हाथ में आ गया। मैंने भैया का लंड पकड़कर जोर से दबा दिया और भैया ने भी मेरी चुचियाँ मसल दीं।

फिर मैंने भैया का लंड बाहर निकाल लिया और भैया का लंड देखकर मेरे मुँह से “आओओ” निकली। भैया ने पूछा—

रोहित: नेहा क्या हुआ?

मैंने कहा—

मै: वाह भैया आपका लंड तो बहुत बड़ा है और जैसा मैं सोचती थी बिल्कुल वैसा ही है।

और तभी भैया के फोन की रिंग बजी और माँ का फोन था। भैया ने फोन उठाया।

माँ ने भैया से पूछा—

सुनीता: रोहित तूने नेहा को अपने दोस्त से मिला दिया है?

मैंने कहा—

मै: हाँ माँ और नेहा और अमित दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छे लगे। और अगर तू भी यहाँ आ जाए और एक बार अमित से मिल ले तो फिर अभी 3 दिन बाद राखी वाले दिन इन दोनों की शादी का मुहूर्त निकला है।

तो माँ ने कहा—

सुनीता: बेटा इतनी जल्दी सब काम कैसे होंगे?

भैया ने कहा—

रोहित: माँ तू इसकी फिकर मत कर।

और भैया फोन कटने लगे तभी मैंने भैया से फोन लेकर माँ को कहा—

मै: माँ भैया ने मेरे लिए भाभी भी देख रखी है और वो मुझे बहुत अच्छी लगी।

तो माँ ने कहा—

सुनीता: ठीक है मैं कल ही तुम्हारे पास आती हूँ।

और फोन कट दिया। फिर मैंने भैया को कहा—

मै: भैया क्या लगता है माँ मान जाएगी?

भैया ने कहा—

रोहित: माँ तो जब मानेगी तब मानेगी। पहले तू तो मान जा।

मैंने कहा—

मै: नहीं भैया तूने अभी मुझसे वादा किया है कि तुम कुछ भी नहीं करोगे।

भैया ने कहा—

रोहित: मैंने तुझे नहीं चोदने का वादा किया था, पर मैं तो तेरी गाँड मारूँगा।

फिर मैंने कहा—

मै: नहीं भैया।

और भैया के पास से उठकर जाने लगी तो भैया ने मुझे पकड़कर अपने पास किया और बोले—

रोहित: प्लीज नेहा अब मत तड़पाओ और मुझे अपनी गाँड मारने दो।

और मेरे कपड़े खींचकर निकाल दिए और फिर मेरी पैंटी भी उतार दी और मैं भैया के सामने नीचे से नंगी हो गई।

और भैया मेरी चूत पर बड़े-बड़े बाल देखकर बोले—

रोहित: नेहा क्या तूने अपनी चूत की सफाई नहीं की?

मैंने कहा—

मै: भैया अभी तक इसे देखने वाला कोई नहीं था और अब मैं इसकी सफाई कर लूँगी।

और फिर भैया ने मुझे घोड़ी बनाने को कहा और अपना लंड मेरी गाँड पर लगाकर एक धक्का लगाया और भैया का लंड मेरी गाँड में घुस गया और मुझे दर्द होने लगा।

मैंने कहा—

मै: भैया दर्द हो रहा है जरा आराम से।

तो भैया ने मेरी चुचियाँ पकड़कर फिर एक धक्का मारा और भैया का लंड मेरी गाँड फाड़ता हुआ मेरी गाँड में घुस गया। और कुछ देर बाद मेरा दर्द खत्म हो गया और मुझे मजा आने लगा। और भैया मेरी गाँड मारने लगे। आधे घंटे बाद भैया के लंड से वीर्य मेरी गाँड में निकल गया और फिर भैया ने अपना लंड मेरी गाँड से निकाला।

फिर हम दोनों सो गए। अगले दिन मैंने भैया से कहा—

मै: भैया अब तुम मेरी भाभी और सौतन को कब मिला रहे हो?

भैया ने कहा—

रोहित: आज शाम को तुझे और माँ दोनों को मिला दूँगा।

और फिर हमने नाश्ता किया। फिर मैंने भैया को पूछा—

मै: भैया क्या तुम आज ड्यूटी पर नहीं जाओगे?

भैया ने कहा—

रोहित: नहीं मैंने ऑफिस से अपनी शादी के लिए एक महीने की छुट्टी ले ली है।

फिर भैया ने कहा—

रोहित: नेहा अब तुम तैयार हो जाओ और हम मार्केट से तेरे लिए शादी का जोड़ा खरीद लेते हैं।

मैंने कहा—

मै: भैया अभी नहीं। जब मेरी सौतन आ जाएगी तब हम दोनों एकसाथ शॉपिंग कर लेंगी।

फिर माँ का फोन आया कि मैं कुछ देर में आ रही हूँ और भैया माँ को लेने के लिए चले गए। मैं सोचने लगी कि अगर माँ न मानी तो… और फिर सोचती कि माँ को मनाना ही पड़ेगा। और इसी उधेड़बुन में रही कि तभी भैया और माँ आ गए। फ्रेश होने के बाद माँ ने कहा—

सुनीता: रोहित अब तू जल्दी से मेरे दामाद और बहू को मिला दे और फिर अपनी शादी की तैयारी करो।

भैया ने कहा—

रोहित: माँ आपके सामने आपका दामाद और बहू दोनों खड़े हैं।

फिर हम दोनों माँ के पाँव छूने लगे और माँ गुस्से में बोलीं—

सुनीता: रोहित ये तू क्या बोल रहा है? अरे नेहा तेरी बहन है और तुम दोनों ये क्या बोल रहे हो?

भैया ने कहा—

रोहित: तू भी तो मेरी माँ है।

और ये बोलकर भैया ने माँ के मम्मे पकड़ लिए और मैं खड़ी दोनों को देखती रही। और माँ और भैया मेरी तरफ देखकर हँसने लगे।

फिर भैया ने कहा—

रोहित: नेहा ये रही तेरी भाभी और सौतन।

और मुझसे कहा—

रोहित: कैसी लगी तुझे?

मैंने भैया को चुटकी काटते हुए कहा—

मै: भैया आप तो बहुत चालाक हो।

और फिर हम सब हँसने लगे।

फिर भैया ने माँ को कहा—

रोहित: सुनीता अब मैं और तुम आज शादी कर लेते हैं और 2 दिन बाद राखी वाले दिन मैं और नेहा शादी करेंगे।

फिर माँ—

सुनीता: ठीक है और मैं तैयार होती हूँ।

बोलकर रूम में चली गईं। फिर मैंने भाई को पूछा—

मै: भैया ये बताओ तुम और माँ के बीच ये सब कब से चल रहा है?

भैया ने कहा—

रोहित: नेहा मैं माँ को 2 साल से चोद रहा हूँ पर अब माँ और मुझसे ये दूरी सही नहीं जा रही थी। इसीलिए मैंने और माँ ने मिलकर ये प्लान बनाया।

मैंने कहा—

मै: भैया अगर मैं न मानती तो?

भैया ने कहा—

रोहित: अगर तू न मानती तो फिर जबरदस्ती से मैं तुझे चोदता।

फिर माँ भी तैयार होकर हमारे पास आ गईं और आते ही माँ ने पहले भैया के पाँव छुए। फिर भैया ने माँ की माँग में सिंदूर लगाया और फिर माँ के गले मंगलसूत्र डाला।

फिर माँ को चूमते हुए मुझसे कहा—

रोहित: नेहा देख तेरी भाभी कैसी लग रही है।

मैंने कहा—

मै: भैया भाभी तो बहुत खूबसूरत है।

फिर माँ ने कहा—

सुनीता: मेरे राजा अब जल्दी से मुझे चोदकर मेरी सुहाग रात को यादगार बना दो।

फिर भैया माँ को गोद में उठाकर बेड पर ले गए और मुझसे कहा—

रोहित: अब तू अपनी सौतन को नंगी कर दे।

और भैया खुद अपने कपड़े उतारने लगे। मैंने एक-एक करके माँ के कपड़े उतारकर माँ को नंगी कर दिया और तब तक भैया भी नंगे हो गए।

फिर माँ ने भैया का लंड पकड़ लिया और आगे-पीछे करने लगीं और भैया भी माँ के मम्मे मसलने लगे। फिर माँ भैया का लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं और मैं माँ को लंड चूसते हुए देखने लगी और बोली—

मै: भैया मैंने भी आपका लंड चूसना है।

भैया ने कहा—

रोहित: मैंने कब मना किया है।

फिर माँ ने भैया का लंड मुँह से निकाल दिया और मुझे लंड चूसने को बोलीं। मैंने झट से भैया का लंड अपने मुँह में ले लिया। मुझे भैया के लंड का स्वाद बहुत अच्छा लगा और मैं भैया के लंड से अपना मुँह चोदने लगी और भैया भी अपने लंड के धक्के मेरे मुँह में लगाने लगे। कुछ देर बाद जब मेरा मुँह भैया के धक्कों से थक गया तो मैंने भैया का लंड अपने मुँह से निकाल दिया। फिर माँ अपनी दोनों टाँगें खोलकर बेड पर लेट गईं और मैं माँ की चिकनी और मुलायम खुली हुई चूत देखने लगी।

भैया ने मुझे माँ की चूत देखते हुए देखकर कहा—

रोहित: देखो नेहा ये तेरी जन्मभूमि है और हम दोनों इसी चूत से निकले हैं। अब तुम पहले अपनी जन्मभूमि को प्रणाम करो।

और फिर मैंने माँ की चूत को प्रणाम किया। फिर भैया ने पहले माँ की चूत का चूमा लिया और फिर अपनी जीभ निकालकर माँ की चूत चाटने लगे और माँ “ओओओओओओ ओओओह्ह” करने लगीं।

और फिर भैया माँ के ऊपर आ गए और अपना लंड माँ के मुँह में डाल दिया। अब माँ और भैया 69 की पोजिशन में थे। माँ भैया का लंड और भैया माँ की चूत चाट रहे थे। कुछ देर चाटा-चाटी के बाद भैया ने माँ की गाँड के नीचे एक तकिया लगाया और फिर माँ की टाँगें ऊपर उठाकर अपना लंड माँ की चूत के सुराख पर रखकर एक धक्का मारा और भैया का आधा लंड माँ की चूत में घुस गया।

और भैया ने फिर एक धक्का मारा और भैया का सारा लंड माँ की चूत में समा गया। और फिर भैया माँ के मम्मे पकड़कर धक्के लगाने लगे और माँ अपनी गाँड उठाकर “आआआआआ ओओओओओओओ ओओह्ह” और जोर से और जोर से करने लगीं। और भैया भी पूरे जोश से माँ को चोदने लगे और फिर माँ को गाली देने लगे—

रोहित: साली कुतिया तुझे अपने बेटे से चुदते हुए शर्म नहीं आई? साली कुतिया तूने अपने बेटे को भी नहीं छोड़ा। ले फिर देख अपने बेटे का कमाल।

और फिर भैया दनादन माँ को चोदने लगे।

करीब 5 मिनट बाद माँ की चूत से पानी निकल गया और भैया ने अपना लंड माँ की चूत से निकाल लिया और मुझे अपना लंड चाटकर साफ करने को कहा। मैं भैया के लंड से माँ की चूत का पानी चाटने लगी और भैया माँ की चूत चाटकर माँ की चूत साफ कर दी। और फिर माँ को घोड़ी बनाकर पीछे से माँ की चूत में अपना लंड ठोक दिया और जोर-जोर से चोदने लगे।

और माँ भी अपनी गाँड पीछे करके भैया से चुदती हुई बोलने लगीं—

सुनीता: बेटा जोर से चोद अपनी माँ को और तेरे लंड की चोट सीधी मेरी बच्चेदानी पर पड़ रही है और मुझे बहुत मजा आ रहा है। ऐसे ही जोर-जोर से चोद।

और ऐसे ही एक घंटा भैया माँ को चोदते रहे और फिर अपना वीर्य माँ की चूत में छोड़ दिया और मुझे माँ की चूत से निकलते हुए वीर्य को चाटने को बोला। मैं माँ की चूत से निकलते हुए भैया के वीर्य को चाटने लगी।

फिर भैया ने अपना लंड माँ की चूत से निकाला और माँ को पूछा—

रोहित: माँ मजा आया?

माँ ने कहा—

सुनीता: जब मेरा बेटा अपनी बहन के सामने मुझे चोदे तो मुझे मजा तो आएगा ही।

फिर माँ ने भैया को कहा—

सुनीता: रोहित अब तू मेरे सामने नेहा को भी चोद।

तो भैया ने मेरी बाल से भरी चूत की ओर इशारा करके कहा—

रोहित: माँ मैंने तो अभी नेहा की चूत के दीदार भी नहीं किए और तू चोदने की बात करती है।

फिर माँ ने मेरी चूत को देखकर कहा—

सुनीता: अरे ये क्या? इतने बड़े-बड़े बाल। नेहा क्या तूने कभी अपनी चूत की सफाई नहीं की?

मैंने कहा—

मै: माँ अभी तक तो इसकी जरूरत नहीं पड़ी और अब इसकी सफाई कर लूँगी।

माँ ने फिर भैया की तरफ देखकर कहा—

सुनीता: रोहित क्या तूने अभी तक नेहा को चोदा नहीं?

भैया ने कहा—

रोहित: माँ राखी वाले दिन मैं पहले नेहा को अपनी बहन से पत्नी और फिर ये मुझे राखी बाँधकर अपना भाई बनाएगी और फिर मैं नेहा की चूत की सील तोड़कर बहनचोद बनूँगा। और हाँ माँ मैं जब भी नेहा को चोदूँगा तो ये मेरी पत्नी नहीं बहन होगी क्योंकि अभी तू मुझे अपना पति मानकर चुदी है।

और मुझे जितना मजा तुझे माँ मानकर चोदने में आता है उतना मजा तुझे पत्नी मानकर नहीं आया क्योंकि चोदते हुए गाली सिर्फ मैंने दी और तू सिर्फ “ओओओओओओ ओओह्हह्हह्ह” ही करती रही। और मेरी माँ तो मुझे चुदते “माँचोद” और पता नहीं कितनी गंदी-गंदी गाली देती थी और तेरे मुँह से गाली सुनकर चोदने में बहुत मजा आता है।

फिर भैया ने एक बार मेरी गाँड मारी। अगले दिन भैया ने माँ को कहा—

रोहित: माँ तुम नेहा को लेकर मार्केट जाओ और इसके लिए अच्छा सा शादी का जोड़ा और कुछ ब्रा और पैंटी के सेट खरीद लो।

माँ ने कहा—

सुनीता: वो सब तो ठीक है पर इसकी ब्रा और पैंटी तो तुम्हें अपनी पसंद की लेनी होगी।

भैया ने कहा—

रोहित: माँ तुझे पता तो है कि मुझे कैसी ब्रा और पैंटी अच्छी लगती है।

फिर मैं और माँ मार्केट में गईं। माँ ने मेरे लिए एक रेड कलर का शादी का जोड़ा और एक ऑरेंज कलर का जालीदार ब्रा और पैंटी का सेट खरीदा और मुझे ट्राई करने को कहा। मैं ब्रा और पैंटी लेकर ट्रायरूम में गई और मैंने ब्रा और पैंटी पहनकर माँ को दिखाने लगी। माँ ने पहले मेरी चुचियाँ देखीं। मेरी चुची का निप्पल बिल्कुल ब्रा की जाली पर था।

फिर मेरी पैंटी को देखकर बोलीं—

सुनीता: नेहा जब तुझे तेरा भाई इस रूप में देखेगा तो मुझे पूरा यकीन है कि उसका 10 इंच लंबा और 6 इंच मोटा लंड पहली बार में ही तेरी चूत फाड़कर भोसड़ा बना देगा।

फिर हम दोनों घर आ गईं और उस रात फिर भाई ने माँ को 2 बार और 1 बार मेरी गाँड मारी। अगले दिन राखी थी और भैया मुझे और माँ को लेकर एक पार्लर में गए और माँ को कहा—

रोहित: माँ तू इसकी अच्छे से वैक्सिंग कराना और खास करके चूत की। और रात को मुझे इसके जिस्म पर एक भी बाल नहीं दिखना चाहिए।

ये बोलकर भैया हमें छोड़कर चले गए।

पार्लर में एक लड़की मुझे लेकर एक केबिन में आई। माँ मेरे साथ थीं और केबिन में आते ही उस लड़की ने मुझे नंगी होने को कहा। मैंने कहा—

मै: क्यों?

वो लड़की कहने लगी—

लड़की: आपके होने वाले पति बोलकर गए हैं कि आपके जिस्म पर एक भी बाल नहीं होना चाहिए। इसलिए पहले आपके जिस्म से बाल साफ किए जाएँगे और उसके बाद आपको सजाया जाएगा।

फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और उस लड़की ने मेरे सारे जिस्म पर वैक्स क्रीम लगाई और जब उसने मेरे जिस्म से क्रीम साफ की तो मेरा जिस्म चमक उठा। और वो मेरी चिकनी चूत देखकर बोली—

लड़की: वाह क्या चूत है। तेरा पति बहुत किस्मत वाला है जिससे तुम जैसी सील बंद चूत वाली पत्नी मिली है।

फिर मेरी फटी हुई गाँड देखकर हँसते हुए बोली—

लड़की: हमारे पास चूत फटी वाली और चूत और गाँड दोनों फटी हुई लेकर बहुत लड़कियाँ आती हैं पर आज पहली बार कोई लड़की सिर्फ फटी गाँड आई है।

उसकी बात पर मैंने कहा—

मै: तुझे मेरी फटी गाँड से क्यों जलन हो रही है और आज रात को ही मेरी चूत भी फट जाएगी।

फिर उस लड़की ने मुझे दुल्हन की तरह तैयार किया।

फिर भैया मुझे लेने आ गए और मैं भैया के साथ वाली सीट पर कार में बैठ गई। भैया मुझे देखकर बोले—

रोहित: माँ मेरा दिल तो अभी इसे यहीं पटककर चोदने को हो रहा है।

माँ ने कहा—

सुनीता: अब तुम जल्दी से मंदिर चलो। वहाँ पंडित जी हमारा इंतजार कर रहे हैं।

और भैया मुझे लेकर मंदिर में गए। वहाँ पंडित जी ने हम दोनों बहन-भाई की शादी करवाई।

फिर हम कोर्ट में गए और वहाँ कोर्ट मैरिज की और फिर एक रेस्टोरेंट में डिनर करके वापिस घर आ गए। घर आते ही भैया ने कहा—

रोहित: माँ अब तू जल्दी से राखी की थाली लेकर आ।

और फिर मुझे रूम में जाकर कहा—

रोहित: नेहा मेरी बहना अब तू जल्दी से अपने कपड़े उतार दे।

और आप भी कपड़े उतारने लगे। और जब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गई तो भैया ने मुझे रोक दिया और खुद भी सिर्फ अंडरवियर में रह गए। और तभी माँ राखी लेकर आ गईं।

माँ ने मुझे राखी की थाली देकर कहा—

सुनीता: लो बेटी अपने भाई की कलाई पर राखी बाँध दे।

और मैंने माँ से थाली पकड़ ली और भैया के माथे पर तिलक लगाया। और भैया ने ब्रा के ऊपर से मेरी चुचियाँ पकड़कर मसल डालीं और मेरी ब्रा खोलकर उतार दी और माँ को भी नंगी होने को बोला। फिर मैं भैया की कलाई पर राखी बाँधने लगी और भैया ने अपने दूसरे हाथ से मेरी पैंटी भी उतार दी और मैं भैया के सामने बिल्कुल नंगी हो गई।

फिर मैंने भी भैया का अंडरवियर उतार दिया। फिर माँ ने कहा—

सुनीता: चलो अब अपनी सुहाग सेज पर चलकर अपनी सुहाग रात मनाओ।

फिर भैया ने मुझे उठाकर बेडरूम में जाने लगे और बेडरूम का डोर खुलते ही गुलाब की पत्तियों की बारिश हुई और मेरा जिस्म उनसे पूरी तरह ढक गया और पूरा रूम गुलाब और मोगरा की महक से महक उठा। बेड पर भी गुलाब की चादर बिछी हुई थी।

भैया मुझे बेड पर लिटाकर मेरी टाँगें खोलकर मेरी चूत को देखकर बोले—

रोहित: वाह नेहा क्या मस्त और पाव रोटी जैसी चूत है तेरी।

बोलकर मेरी चूत को चूमा और फिर अपनी जीभ मेरी चूत पर फेरने लगे और मैं मजे में “स्स्स्स्सी” करने लगी। फिर भैया ने अपनी जीभ मेरी चूत में डालकर मेरी चूत चाटने लगे और मैं अपनी गाँड उठाकर भैया की जीभ अपनी चूत में लेने लगी और “आआआआ ओओओओओओ ओह्हह्हह्ह” करने लगी।

फिर मेरी चूत से पानी निकल गया और मैंने कहा—

मै: भैया मुझे बहुत जोर से पेशाब लगा है। प्लीज मुझे छोड़ दो।

और भैया ने जीभ मेरी चूत से निकाली और माँ से कहने लगे—

रोहित: लो माँ ये तो अभी से मूतने लगी।

फिर मुझे उठाकर बेडरूम में ले गए और फिर टाँगें खोलकर मुझे खड़ा करके अपना मुँह मेरी चूत से लगाकर मुझे मूतने को कहा। और मैं सुर-सुर करके मूतने लगी और भैया मेरा मूत पीने लगे। और जब मैं मूत चुकी तो भैया ने अपना मुँह मेरे मूत से भर लिया और मुझे मुँह खोलने का इशारा किया। मैंने अपना मुँह खोला और भैया ने अपने मुँह वाला मूत मेरे मुँह में छोड़ दिया। मुझे अपना मूत पीना बहुत अच्छा लगा।

भैया फिर मुझे लेकर बेडरूम में आए और फिर मेरी चूत चाटने लगे और माँ भैया का लंड चूसने लगीं। फिर भैया ने मुझे लंड चूसने को कहा और खुद माँ की चूत चाटने लगे। थोड़ी देर माँ की चूत चाटकर भैया ने माँ को बेड पर लिटाया और अपना लंड माँ की चूत में पेल दिया।

ये देखकर मैंने कहा—

मै: भैया सुहाग रात तो मेरी है और तुम माँ को चोद रहे हो।

भैया ने कहा—

रोहित: मेरी प्यारी बहना ये तो माँ की चूत से तेल निकाल रहा हूँ।

और जब माँ की चूत से पानी निकल गया तो भैया ने मुझे टाँगें फैलाकर लेटने को कहा और माँ की चूत से लंड निकाल लिया और माँ अपनी चूत का पानी मेरी चूत पर छोड़ने लगीं। माँ की चूत के पानी से मेरी चूत पूरी तरह से गीली हो गई।

तभी भैया ने अपने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत पर रखा और माँ ने भैया का लंड मेरी चूत के सुराख पर सेट किया और बोलीं—

सुनीता: मेरे बेटे मैंने तेरा लंड तेरी बहन की चूत पर अच्छे से सेट कर दिया है। अब तू जल्दी से अपना लंड अपनी बहन की चूत में पेल दे।

और तभी भैया ने एक धक्का लगाया।

और भैया के लंड का सुपाड़ा मेरी चूत में चला गया और मेरे मुँह से एक मादक “आआह्ह्ह्ह्ह” निकली। तभी भैया ने फिर धक्का मारा और भैया का लंड मेरी चूत की सील तोड़ता हुआ आधा लंड मेरी चूत में चला गया और मैं दर्द से बिलबिला उठी और भैया को लंड चूत से निकालने को कहने लगी—

मै: ओ भैया आपके लंड ने मेरी चूत फाड़ दी। निकालो अपना लंड मेरी चूत से।

भैया मेरी चुचियाँ मसलते हुए बोले—

रोहित: साली रांड अभी तो तेरी चूत बहुत फुदक रही थी लंड पेलवाने के लिए। अब क्या हुआ?

और फिर जोरदार धक्के से अपना सारा लंड मेरी चूत में पेल दिया और मैं जोर-जोर से चीखने लगी। तभी माँ ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी और मेरी चीख मेरे मुँह में ही दब गई।

फिर भैया मेरी एक चुची को मुँह में लेकर और दूसरी चुची को हाथ से मसलने लगे और मुझे अब दर्द के साथ-साथ मजा भी आने लगा और मैं मस्ती में अपनी गाँड उठाने लगी। तभी माँ मेरे ऊपर से उठ गईं और भैया को बोलीं—

सुनीता: रोहित अब तू जल्दी से अपनी दीदी को चोद और इसकी चूत को फाड़कर भोसड़ा बना दे।

मैंने गाँड उठाते हुए कहा—

मै: ये साला हिजड़ा बहनचोद क्या मेरी चूत फाड़ेगा? अपनी लुल्ली से मेरी चूत फाड़ने के लिए गधे जैसा लंड चाहिए। साले चोद अपनी बहन को।

भैया को मेरी बात सुनकर जोश आ गया और वो दे दनादन मुझे चोदने लगे और मुझे गाली देने लगे—

रोहित: साली कुतिया तुझे अभी अपनी मर्दानगी दिखाता हूँ। ले साली कुतिया देख अपने भाई के लंड का कमाल।

और जोर-जोर से मुझे चोदने लगे।

करीब 5 मिनट बाद मेरी चूत से पानी निकल गया और मैं भैया को लंड निकालने को बोलने लगी। भैया मुझे चोदते हुए बोले—

रोहित: अभी तो कुतिया तू मेरे लंड को लुल्ली बोल रही थी। अब क्या हुआ?

मैंने फिर कहा—

मै: साले बहनचोद वो तो मैं तुझे जोश दिलाने के लिए बोल रही थी।

और ऐसे ही करीब एक घंटे बाद भैया के लंड से वीर्य मेरी चूत में छूट गया।

भैया मेरे ऊपर ही ढेर हो गए और मुझसे कहा—

रोहित: ओ नेहा मेरी बहना I love you।

मैंने भी भैया को—

मै: I love you too।

भैया ने मुझे पूछा—

रोहित: नेहा अपने भाई के लंड से चुदकर मजा आया?

मैंने कहा—

मै: भैया बहुत मजा आया। तुझे मजा आया?

भैया ने कहा—

रोहित: नेहा मुझे भी बहुत मजा आया और मेरा मन तो तुझे फिर से चोदने को कर रहा है।

मैंने कहा—

मै: ओ भैया फिर मैंने कब आपको मना किया है।

मेरी बात सुनकर भैया फिर मेरी चुचियाँ मसलने लगे और भैया का लंड मेरी चूत में फूलने लगा और मैं गाँड उठाकर चुदती हुई बोली—

मै: भैया मुझे कुछ जलने की बू आ रही है।

भैया ने कहा—

रोहित: ये तेरी सौत की चूत जल रही है।

मैंने कहा—

मै: भैया वो भी अपनी माँ है। उससे भी चोद दो।

भैया ने कहा—

रोहित: मेरी जान उससे भी चोदूँगा। पहले तेरी चूत की आग तो बुझा दूँ।

भैया मुझे फिर चोदने लगे। मैं चुदते हुए कहा—

मै: भैया मैंने आपका वीर्य पीना है और जब आपका वीर्य निकलने वाला हो तो आप अपना वीर्य मेरे मुँह में छोड़ना।

और फिर मैंने भैया का वीर्य पिया। उसके बाद भैया ने माँ को चोदा। अगले दिन जब मैं उठी तब भैया और माँ दोनों नंगे सो रहे थे और भैया का लंड सिकुड़ा हुआ था जिससे देखकर मेरी चूत में खुजली होने लगी।

मैंने भैया का लंड पकड़कर अपने मुँह में ले लिया और तभी भैया उठ गए और बोले—

रोहित: नेहा साली तू तो एक रात में ही पूरी रांडी हो गई।

मैंने कहा—

मै: भैया आपका लंड है ही ऐसा। इससे मैं तो क्या अगर कोई 60 साल की बुढ़िया भी देख ले उसकी चूत भी जवान हो जाए और मैं फिर किस खेत की मूली हूँ।

फिर भैया का लंड चूसने लगी और तभी माँ भी उठ गईं और मुझे भैया का लंड चूसते देखकर बोलीं—

सुनीता: साली रांड पूरी रात चुदकर तेरी चूत की गर्मी शांत नहीं हुई जो अब फिर लगी है।

मैंने कहा—

मै: माँ तू भी आ जाओ।

और माँ भी भैया के टट्टे चूसने लगीं।

अब हम दोनों माँ-बेटी बारी-बारी से भैया का लंड और टट्टे चूसने लगीं और भैया बारी-बारी से अपनी-अपनी माँ और बहन की चुचियाँ मसलने लगे। फिर भैया ने मुझे 69 की पोजिशन में आने को बोला और मैंने झट से अपनी चूत भैया के मुँह से लगा दी और भैया मेरी चूत चाटने लगे।

फिर भैया ने मुझे घोड़ी बनाने को कहा और मैं वहीं दीवार के साथ घोड़ी बन गई और भैया ने एक ही झटके में अपना पूरा लंड मेरी चूत में पेल दिया और पूरी स्पीड से मुझे चोदने लगे। और जब भैया का वीर्य छूटने को हुआ तो भैया ने माँ को कहा—

रोहित: सुनीता मेरी जान अब मेरा वीर्य मेरी बहन की चूत में निकलने वाला है और तू अपनी चूत से निकले हुए हम दोनों भाई-बहन का पानी चाट कर जा।

और तभी भैया के लंड से वीर्य निकल गया और माँ ने मेरी चूत और भैया के लंड का पानी चाटकर साफ कर दिया। और ऐसे ही भैया अपनी माँ और बहन को 20 दिन तक चोदते रहे।

20 दिन बाद हम दोनों माँ-बेटी एकसाथ महीने पर हुईं और जब भैया को पता लगा तो भैया ने कहा—

रोहित: साली रांडियों तुम दोनों एकसाथ महीने पर हो गईं पर अब मेरे लंड का क्या होगा?

माँ ने कहा—

सुनीता: साले हिजड़े अगर तेरे लंड में दम है तो तू आगे से अपनी माँ और बहन का महीना आना बंद कर दे। पर अभी अगले 5 दिन के लिए हम दोनों की गाँड से काम चला।

उसके बाद भैया ने 5 दिन हम दोनों माँ-बेटी की गाँड मारी और जब हम महीने से ठीक हुईं तो माँ ने भैया को कहा—

सुनीता: अगर तू असली मर्द है तो अबकी बार हमें महीना नहीं आना चाहिए।

और उसके बाद भैया ने पूरा एक महीना मुझे और माँ को हर तरीके से चोदा और एक महीने बाद मैं और माँ दोनों गर्भवती हो गईं।

जब भैया घर आए और आते ही मैं भैया से लिपट गई और भैया को कहा—

मै: भैया I love you और थैंक्स।

भैया ने कहा—

रोहित: थैंक्स किस बात का?

मैंने कहा—

मै: जो आपने मुझे गिफ्ट दिया है।

भैया ने कहा—

रोहित: मैंने तो कोई गिफ्ट नहीं दिया।

मैंने कहा—

मै: साले बहनचोद मुझे चोदकर अपना वीर्य मेरी चूत में डालकर मुझे माँ बना दिया और अब कहता है मैंने क्या किया।

फिर माँ ने भी भैया को बताया।

फिर माँ ने कहा—

सुनीता: रोहित अभी कुछ दिनों में हमारा पेट फूलने लगेगा और पड़ोस वाले क्या सोचेंगे?

भैया ने कहा—

रोहित: माँ ये तो अच्छा हुआ जो तुम एकसाथ गर्भवती हो गईं। अब दोनों बच्चों की माँ नेहा होगी।

माँ ने कहा—

सुनीता: वो कैसे?

भैया ने कहा—

रोहित: तुम दोनों नेहा के नाम से ही बच्चा पैदा करोगी।

उसके बाद मैंने और माँ ने लड़के पैदा किए और घर आकर भैया ने दोनों बच्चे मेरी गोद में डाल दिए।

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6 Comments

  1. किसी boy को मेरा lund chusna h to bolo,,,pura 8इंच का है दही जितना गाढ़ा मॉल पिलाऊंगा

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