बड़ी बहन ने पॉर्न देखते पकड़ा 1

Bahan ne bhai ka lund chut me liya:- हाय रीडर्स, मेरा नाम विशेष है और मैं सेक्स स्टोरीज़ का बहुत बड़ा फैन हूँ। हर रात पढ़ता हूँ जिससे दिन भर की थकान दूर हो जाती है। फिर एक दिन ख़याल आया क्यों न मैं भी अपनी स्टोरी आप सब से शेयर करूँ।

ये बात उन दिनों की है जब मैं क्लास 12वीं में था। उस समय मेरी उम्र 18 साल थी और हाइट 5’9” थी। मस्कुलर बॉडी थी। वैसे मैं जिम नहीं जाता था पर पुल अप्स बहुत मारता था जिससे मेरे शोल्डर्स, बाइसेप्स और चेस्ट काफ़ी स्ट्रॉन्ग हो गए थे। कोई भी लड़की तुरंत फ्लैट हो जाए ऐसी फिज़िक और चार्मिंग फेस था।

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मेरी फैमिली में 4 लोग हैं – मैं, बड़ी बहन तनिशा जो मुझसे 2 साल बड़ी है, और मॉम-डैड। मैं बचपन से पढ़ने में काफ़ी होशियार था और हर क्लास में टॉप थ्री रैंकर्स में रहता था। क्लास 10वीं में मैं अपनी सिटी में सेकंड आया था। मेरी दीदी तनिशा भी काफ़ी टैलेंटेड है और वो भी हमेशा अच्छे मार्क्स लाती थी एग्ज़ाम्स में।

दीदी दिखने में बहुत ब्यूटीफुल हैं। उनका 34-26-36 का फिगर उनकी ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा देता है। दी की हाइट 5’4” होगी। दीदी की 3-4 हॉट फ्रेंड्स भी थीं पर सच बोलूँ तो मेरी दीदी सेक्सीएस्ट थीं। पर फिर भी मैंने दीदी को कभी बुरी नज़र से नहीं देखा और मैं उनकी बहुत रिस्पेक्ट करता था और डरता भी था। पर दीदी की फ्रेंड्स मुझे बहुत सेडक्टिव अंदाज़ में देखती थीं पर दीदी की वजह से मैं किसी से ज़्यादा बात नहीं करता था।

मुझे गिटार बजाना बहुत पसंद था और मेरी दीदी की फ्रेंड्स जब भी घर आतीं मुझसे एक सॉन्ग पे गिटार बजाने को कहतीं और मैं उन्हें एक सॉन्ग बजा के सुना देता। मैं उन लोगों के सामने बहुत सीधा बनता था।

दीदी ने हमारे घर में ब्रॉडबैंड इंटरनेट लगवा लिया था क्योंकि उन्हें कॉलेज के काम से इंटरनेट की काफ़ी ज़रूरत पड़ती थी। ये बात तब की है जब मैं क्लास 12वीं के बोर्ड प्रिपरेशंस कर रहा था और अक्टूबर चल रहा था। सर्दी की शुरुआत हो चुकी थी।

दीदी शाम को 6 से 8 कोचिंग जाती थीं और मैं 5 से 7। दीदी के आने से पहले मेरे पास एक घंटे का फ्री टाइम रहता था इंटरनेट यूज़ करने का। तो उस एक घंटे में मैं जमके पॉर्न साइट्स सर्फ करता था और दीदी के आने से पहले हिस्ट्री डिलीट कर देता था। फिर जब दीदी आती थीं तो वो हम लोगों के कॉमन रूम में चाय लेके आती थीं और हम अपनी दिन भर की बातें शेयर करते थे। हम लोग छोटे शहर से थे इसलिए एक-दूसरे से ज़्यादा फ्रैंक नहीं थे और ज़्यादातर पढ़ाई से रिलेटेड बात ही करते थे।

एक दिन जब मैं कोचिंग से आया तो हमारे पेइंग गेस्ट ने बताया कि मेरी मॉम मार्केट गई हैं और वो घर की चाबी उन्हें दे गई हैं। मैं चाबी लेकर ऊपर आया और डोर खोला। जल्दी से कंप्यूटर खोला और नेट कनेक्ट किया। फिर मैंने अपनी फेवरिट पॉर्न साइट खोली और पॉर्न वीडियोज़ देखने लगा। मॉम के घर में न होने की वजह से मुझे कोई डर नहीं था तो मैं आराम से पॉर्न वीडियोज़ देखने में मस्त था और डोर बंद करना भूल गया।

इस एक्साइटमेंट में टाइम का पता ही नहीं चला और 8 बज गए। पर मैं पॉर्न वीडियोज़ देखने और मुठ मारने में इतना बिज़ी था कि पता ही नहीं चला कि दीदी आ चुकी थीं। इनफैक्ट वो रूम में चाय और बिस्किट लेके आ गई थीं। अचानक मुझे फील हुआ कि कोई पीछे खड़ा है। जब मैंने मुड़कर देखा तो दीदी बहुत गुस्से में मुझे देख रही थीं।

मेरी तो फट के हाथ में आ गई और मैं कुछ बोल नहीं पा रहा था। मैंने अपना खड़ा लंड किसी तरह लोअर के अंदर डाला और तुरंत ब्राउज़र क्लोज़ किया। पर अब क्या फ़ायदा, दीदी तो सब देख चुकी थीं। मैं जाके दीदी के पैरों में गिर गया और गिड़गिड़ाने लगा—

मैं: दीदी प्लीज़ मॉम-डैड को मत बताना वरना मैं कभी उन्हें फेस नहीं कर पाऊँगा।

तनिशा: जब तू ऐसी हरकत करने के बाद मुझे फेस कर सकता है तो उन्हें भी कर लेना।

मैं दीदी की तरफ़ बहुत डरे हुए और इनोसेंट एक्सप्रेशन से देख रहा था। शायद इसी वजह से वो पिघल गईं और बोलीं—

तनिशा: चल, एक शर्त पे नहीं बताऊँगी मॉम-डैड को।

मैं: दी आप जो बोलोगी मैं करूँगा। बस आप मुझे माफ़ कर दो।

दीदी को मेरे ऊपर दया आ गई और वो बोलीं—

तनिशा: आज के बाद ऐसी हरकत मत करना।

और चाय का कप मेरे हाथ में देकर स्टडी टेबल पे बैठ गईं। मैं बेड पे बैठके चाय पीने लगा और सर झुकाकर बैठा रहा।

तनिशा: कब से चल रहा है ये सब?

मैं: (धीरे से) जब से आपने इंटरनेट लगवाया है तब से।

तनिशा: सिर्फ़ देखते हो या रियल में भी कर चुके हो?

मैं दीदी का ये फ्रैंक अवतार देखके चौंक गया और कुछ नहीं बोला। पर दीदी बोलीं—

तनिशा: लगता है मॉम-डैड को बताना ही पड़ेगा।

मैं: प्लीज़ दी ऐसा मत करना।

तनिशा: फिर मेरे क्वेश्चन का आंसर क्यों नहीं दे रहा?

मैं: नहीं दी, रियल में कुछ नहीं किया।

दीदी ने मेरे इनोसेंस को कॉम्प्लिमेंट करते हुए एक हल्की सी स्माइल दी और फिर दी मॉम के साथ किचन में खाना बनवाने चली गईं। मैं पढ़ने लगा। रात को डिनर के बाद मैं रूम में सोने आ गया।

क्योंकि हमारा घर ज़्यादा बड़ा नहीं था इसलिए मैं और दी कॉमन रूम शेयर करते थे और एक डबल बेड में सोते थे। दीदी भी रूम में आ गईं और पढ़ने लगीं। मैं सो गया और थोड़ी देर में दी भी मेरे बगल में आके लेट गईं। मैं रात को सिर्फ़ बॉक्सर और टी-शर्ट पहनकर सोता था।

कुछ देर बाद मुझे फील हुआ जैसे मेरे चेस्ट पे कुछ रखा हो। थोड़ी देर में पता चला कि वो दी का हाथ था। मुझे लगा कि नींद में दी का हाथ मेरे चेस्ट पे आ गया होगा। पर थोड़ी देर में उनका हाथ मेरे चेस्ट को कैरस करने लगा। मैंने थोड़ी हरकत की तो शायद उन्हें लगा मैं जाग रहा हूँ और उन्होंने अपना हाथ हटा लिया।

अगले दिन उठा सब नॉर्मल था। उस दिन दशहरा था इसलिए मॉम मेहमानों के लिए नाश्ता बना रही थीं। शाम को दीदी को अपने फ्रेंड्स के यहाँ दशहरा मिलने जाना था। मॉम ने मुझसे कहा कि दी को उनकी फ्रेंड्स के घर पर छोड़ दूँ। मैंने अपनी बाइक निकाली और दीदी को बैठाके उनकी फ्रेंड्स के घर की तरफ़ चल दिया।

दीदी जब मेरे साथ बाइक पे बैठती थीं तो मेरे शोल्डर्स को पकड़के बैठती थीं। पर आज उन्होंने अपने हाथ मेरे हाथ के नीचे से मेरे स्टमक और चेस्ट के बीच में डाले हुए थे। वो मुझे कसके पकड़े हुए थीं और उनके इस अंदाज़ में कुछ नई बात थी जो मैंने आज तक फील नहीं की थी।

मैंने दीदी को उनकी फ्रेंड के घर पर छोड़ा और वहाँ से अपने दोस्तों के यहाँ दशहरा मिलने चला गया। फिर लौटते हुए दी को उनकी फ्रेंड के घर से पिक कर लिया और घर वापस आ गया। रात के 9:30 बज गए थे। मॉम टीवी पे अपना फेवरिट टीवी सीरियल देख रही थीं। मैं अपने रूम पे गया और चेंज करके बेड पे लेट गया। 10:15 तक दी भी रूम में आ गईं और बाथरूम में चेंज करने चली गईं।

उन्होंने एक शॉर्ट स्कर्ट और स्लीवलेस टी-शर्ट पहन ली और वो आकर बेड पे लेट गईं।

तनिशा: कैसा रहा तेरा दशहरा?

मैं: मस्त था दी। और आपका?

तनिशा: मेरा भी अच्छा रहा।

फिर हम दोनों करीब 5 मिनट तक चुप रहे।

तनिशा: तेरी कोई गर्लफ्रेंड है?

मैं थोड़ा चौंका पर फिर बोला—

मैं: नहीं।

तनिशा: झूठ मत बोल। कल जो मैंने देखा उसके बाद ये यक़ीन करना मुश्किल है कि तेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।

मैं: दी सच में कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।

तनिशा: लड़कियाँ तुझे लाइन तो पक्का मारती होंगी।

मैं कुछ नहीं बोला। पर दी ने कहा—

तनिशा: पता है विशेष, मेरी फ्रेंड्स तुझे बहुत लाइक करती हैं और हमेशा तेरी तारीफ़ करती रहती हैं।

मैं चुपचाप लेटा रहा। फिर वो बोलीं—

तनिशा: चल अब सो जा।

मैंने हाँ में सर हिला दिया और ब्लैंकेट ओढ़के सो गया। आज भी रात में मुझे फील हुआ जैसे कोई मेरे चेस्ट को कैरस कर रहा हो। अब मुझे पता चल गया था कि दी जानबूझकर ऐसा कर रही हैं। मैं दूसरी तरफ़ करवट लेकर सो गया।

अगले दिन दी थोड़ा उखड़ी हुई लग रही थीं जैसे मानो उन्हें मेरे करवट लेने से बुरा लगा हो। उस पूरे दिन दी ने मुझसे कुछ बात नहीं की।

फिर एक दिन मामा के घर से फोन आया कि नाना की तबियत बहुत ख़राब है और वो आईसीयू में एडमिट हैं। मेरी मॉम और डैड तुरंत मामा के घर कानपुर चले गए। मैं और दी घर पर ही रुके थे क्योंकि हम दोनों की पढ़ाई का लॉस न हो।

उस दिन दी बोलीं—

तनिशा: आज कुछ बाहर से ले आ। मेरा डिनर बनाने का मूड नहीं है।

मैं एक रेस्टोरेंट से हम दोनों के लिए डिनर ले आया और हम दोनों डिनर करके सोने चले गए।

नेक्स्ट मॉर्निंग जब मैं उठा तो देखा मेरे चेस्ट पे लिपस्टिक का निशान था। मैंने लिपस्टिक का कलर दी की लिपस्टिक से मैच किया तो वो मैच हो गया। मैं समझ गया रात में दी ने मेरे साथ ज़रूर कुछ-न-कुछ किया था।

दी सुबह अच्छे मूड में थीं और उन्होंने मुझे बेड टी लाके दी।

तनिशा: फ्रेश होकर आओ। तुम्हारे लिए सरप्राइज़ है।

मैंने चाय पी और फ्रेश होकर दी के पास गया।

तनिशा: अपनी आँखें बंद करो।

मैंने आँखें बंद कर लीं। आगे क्या हुआ पढिए अगले पार्ट मे, कहानी पढ़ने के बाद अपने कमेन्ट जरूर करे ।

Next Part ==> बड़ी बहन ने पॉर्न देखते पकड़ा 2

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3 Comments

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