हवस की आग – 3

Malkin ki chudai ki hindi kahani:- पिछले पार्ट में राका और कमला ने अनुपमा को धमकी देकर मजबूर किया था। चिंटू को दूसरे कमरे में सुला दिया गया था। अनुपमा और राका के बीच चुदाई शुरू हो गई थी। अब आगे की कहानी।

Part 2 ==> हवस की आग – 2

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Malkin ki chudai ki hindi kahani

अनुपमा को भी अब राका से चुदाई करके बहुत सुख मिल रहा था। जो सुख उसे उसके पति से कभी नहीं मिला। अनुपमा का पति अच्छा मिलन करता है पर राका के सामने वो कुछ भी नहीं।

राका अनुपमा को गोदी से उतारकर खड़ा करता है और जमीन पर सुला देता है। अनुपमा अब जमीन पर लेटी है और राका उसके पास आकर उसके पैरों को फैला देता है और लंड अंदर डालकर चुदाई शुरू करता है। अनुपमा राका की पीठ को सहलाने लगती है। राका जैसे साँड है। वो अनुपमा को बहुत अच्छा चुदाई दे रहा है।

अब राका अनुपमा से कहता है—

राका: मालकिन अब आप मेरी चुदाई करें।

और राका नीचे सोकर अनुपमा को अपने ऊपर बैठा देता है। अनुपमा अपना गाँड हिला-हिलाकर उसी चुदाई करती है। अनुपमा कमर को उठाकर राका के लंड को अपनी चूत से आधा निकालके फिर जोर से राका के ऊपर बैठ जाती है। और थाप करके एक आवाज आती है। अब पूरा रूम थप-थप-थप-थप और राका-अनुपमा की सिसकारियों से भर जाता है।

थप थप थप आआह्ह उफ्फ आह्ह राका शैतान! थप थप।

अगर चिंटू जाग जाता तो बाहर से वो अपनी माँ और गैर मर्द के मिलन की ये आवाज सुन लेता। थोड़ी देर बाद उसे अपने बेटे चिंटू की याद आती है और वो चीखकर कमला से पूछती है—

अनुपमा: कमला, चिंटू कैसा है? वो ठीक है ना?

कमला: जी, वो ठीक है। सो रहा है। आप फिकर मत करें।

अनुपमा: तुम उसे ले जाकर मेरे बिस्तर पर सुला दो और खुद भी सो जाओ। राका और मैं आज तुम्हारे कमरे में सोएँगे।

कमला: ठीक है मालकिन। आप इधर राका के साथ मस्ती कीजिए। मैं आपके बेटे को लेकर जाता हूँ। राका तू मालकिन को जबरदस्त सुख देना।

राका: अरे सुना नहीं मालकिन ने क्या कहा? फालतू की बात छोड़ और बच्चे को ले जा यहाँ से। हमें अकेला छोड़ दे।

कमला चली जाती है। उधर राका अनुपमा को जबरदस्त चोद रहा था और पूछता है—

राका: अनुपमा कैसा लग रहा है मेरा लंबा लंड? इतना बड़ा लंड तुम्हारे पति का नहीं होगा।

अनुपमा: अब क्या बताऊँ। तुमने जिस तरह मुझे फँसाया अब मैं हाँ कहूँ या ना। मुझे तुमसे मिलन करना ही पड़ रहा है। वरना तुम मेरे बेटे को छोड़ते क्या? आह्ह आह्ह आह्ह ओह क्या मजा आ रहा है! करते रहो आह्ह आउ आउ उफ्फ। अच्छा एक बात बताओ। तुमने जब मेरे बेटे को पकड़ लिया था क्योंकि उसने सब देख लिया था तो तुम चिंटू के साथ क्या करने वाले थे? आह्ह आह्ह आह्ह उफ्फ बोलो राका बोलो?

तभी राका अनुपमा को उठाकर उसे नीचे सुला देता है और अनुपमा के दोनों पैरों को अपने शक्तिशाली हाथों से ऊपर उठा लेता है और अनुपमा के पैर मोड़के अनुपमा के कंधे के पास ले आता है। अब अनुपमा का सिर नीचे था और उसकी चूत और गाँड ऊपर। ये देखकर राका और भयंकर बन जाता है और अपनी जीभ पूरा उसके चूत के अंदर घुसा देता है।

अनुपमा: हाय, मैं तो गई! तुम्हारी जीभ मेरे चूत के अंदर ऐसे मत घुमाओ। आह्ह तुम अपनी जीभ से मेरी चूत को चोद रहे हो! ऐसा मेरे साथ पहले कभी नहीं हुआ। आआह्ह्ह्ह सिस…

अब राका अपनी जीभ निकालता है और खड़ा होकर अपना लंड उस चूत के अंदर डाल देता है। और वो खुद अपने दोनों हाथों को अनुपमा के कंधे के दो बाजू रखकर अपने पैरों को लंबा करके खतरनाक चुदाई शुरू करता है। अब अनुपमा भी अपना होश खो देती है। वो चिल्लाने लगती है—

अनुपमा: आआआह्ह्ह्ह मैं तो गई! उई माँ मेरी चूत में कितना मोटा लंड है और लंबा भी मेरी गहराई तक पहुँच गया है। सिस… आह्ह आह्ह आआह्ह्ह। अरे चिंटू के पिताजी सुनते हो अपने इस गुंडे को रोको वरना आपकी बीवी तो गई…. आह्ह आह्ह।

और पूरे रूम से आवाज आती है पोच-पोच फोच पोकाट पोकाट थोप-थोप……

तभी अनुपमा फिर से राका से पूछती है—

अनुपमा: राका उफ्फ उफ्फ, तुम मेरे बेटे के साथ क्या करने वाले थे? बोलो?

तभी राका ऐसा कुछ बताता है जिससे अनुपमा डर से चौंक जाती है!

राका अब अनुपमा को जबरदस्त चुदाई कर रहा था पर जब अनुपमा ने वो सवाल पूछा तो राका अपने दोनों टाँगों को और फैलाकर अपना पूरा लंड उसके चूत में डालने लगा और सारे घर में पोच-पोच थोप-थोप थोप-थोप आवाज गूंजने लगी… तभी राका ने बोला—

राका: अनुपमा तुम्हारे बेटे ने सब कुछ देख लिया था। वो हमें खतरे में डाल सकता था… इसलिए मैंने सोचा था तुम्हारे बच्चे का खून कर दूँ ताकि कोई समस्या न हो।

अनुपमा: क्या! तुम मेरे बेटे को खत्म करने वाले थे! उस मासूम बच्चे को! तुम जानवर हो। कमीने हो! शैतान है तू कमीने! उह उह उह आह्ह और जोर से करो राका मेरी चूत! हाय और जोर से करो आह्ह आह्ह उफ्फ मैं गई…..

राका: अनुपमा तुम्हारे बेटे को खत्म करके उसका लाश नदी में बहा देता। किसी को कुछ पता नहीं चलता… लेकिन वो भाग गया और तुम्हारे पास पहुँच गया। वरना आज तो वो जिंदा नहीं होता। पर कोई फिकर नहीं। बच्चे को मार नहीं पाया तो क्या? बच्चे की खूबसूरत माँ को तो पा गया। अब उस बच्चे की कोई जरूरत नहीं। उसकी माँ अब मेरे सामने नंगी है। क्यों राका तुम्हें कैसा सुख दे रहा है मालकिन?

अनुपमा: ओह ओह ओह आह्ह राका तेरा लंड तो बहुत ज्यादा बड़ा है। उफ्फ हाय ओह ओह। अजी सुनते हो! आपका पालतू गुंडा राका आपकी बीवी से मिलन कर रहा है! यहाँ आकर इस शैतान को रोकिए ना! आप यहाँ नहीं हो और आपकी बीवी की ये हालत हो गई। हाय राका तुम एक शैतान हो। तुम मेरे चिंटू को मारने वाले थे और आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह और मैं तुम्हारे ही लंड से चुदाई कर रही हूँ! ये मैं क्या कर रही हूँ?

राका: अरे जानेमन, अपने पति को याद करके कोई फायदा नहीं। वो तो घर से बहुत दूर है। उसे नहीं पता चलेगा उसके बेटे को जो मारने वाला था वही अब उसकी बीवी से मिलन कर रहा है। हा हा हा हा।

और एक बच्चा मरता तो क्या होता? मैं तुम्हें चोद-चोदके तुम्हारे अंदर एक और बच्चा डाल देता। तुम्हें चिंटू की याद भी नहीं आती… ये लो मेरा लंड और अंदर।

ये कहकर राका पूरा लंड बाहर निकालके एक झटके में पूरा चूत में डाल रहा था। थोपस थोपस थोप थोप पोक पोक फोच फोच और उह आह्ह आआह्ह्ह उफ्फ्फ ऐसी कामुक आवाजें सारे जगह गूंज रही थीं।

अनुपमा को भी बहुत मस्त लग रहा था। उसे इतना बड़ा लंड अपने अंदर लेकर एक अजीब सा खुशी और नशा हो रहा था। तभी राका रुक गया और अपना लंड निकालकर घूम गया और 69 पोजीशन में आ गया। अब अनुपमा के मुँह के सामने राका का 9 इंच का लंड था।

राका ने उससे कहा—

राका: अनुपमा, अब जरा मेरे असली मर्द के लंड को अपनी खूबसूरत मुँह में लेकर चूसो। मैं थोड़ा मजा लूँ।

अनुपमा को पता नहीं क्या हो जाता है। उसका दिमाग अभी काम नहीं कर रहा था। वो राका का लंड पकड़कर अपने मुँह में ले लेती है और उसका पूरा मुँह भर जाता है। अब अनुपमा मस्त चूस रही है लंड को। कभी-कभी लंड मुँह से निकालके जीभ फेर रही थी पूरे लंड में और फिर लंड मुँह में लेकर अपने दोनों हाथों से राका के गाँड को पकड़ रखा था। तभी राका ने अपना कमर हिला-हिलाके अनुपमा के मुँह को लंड से चोदना शुरू कर दिया। अनुपमा के मुँह से उम्मम्म उम्म म्मम्म जैसी आवाज आ रही थी। तभी चोकाम आवाज करके राका का लंड अनुपमा के मुँह से निकला और उसके मुँह के सामने हिलने लगा। पर अनुपमा भी बहुत गरम हो गई थी। उसने राका का हिलता हुआ लंड पकड़ लिया और अपने मुँह में डाल दिया और चूसने लगी। उम्म… उम्मम्म करके।

तभी अनुपमा की नजर राका के बड़े-बड़े बॉल्स (लंड के थैले) पर पड़ी…… बाप रे! राका के बॉल्स कितने बड़े हैं जैसे दो मिडिल साइज के आलू हों। अनुपमा को पता नहीं क्या हुआ था। उसने लंड मुँह से निकाला और अपना सर उठाके राका का एक बॉल अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। अब अनुपमा के मुँह में राका का बीर्य थैली (लंड के थैले) था और वो एक हाथ से राका का गाँड रगड़ रही थी और दूसरे हाथ से राका का विशाल लंड मसल रही थी। वो अब भूल चुकी थी कि राका कितना बड़ा शैतान है और वो मजे से उसी हरामी का लंड मसल रही थी और चूस रही थी जो उसके बेटे को मारना चाहता था।

राका फिर उठता है और अनुपमा को भी घुटनों के बल बैठने को कहता है। अनुपमा उसका बात सुनकर अपनी घुटनों के बल बैठती है। राका तब उसके सामने आकर अनुपमा के बड़े-बड़े दो दूध में से एक दूध को अपने हाथ में लेता है और दूसरे हाथ से अपना लंड पकड़कर उस लंड को अनुपमा के दूध के निप्पल से लगा देता है और फिर निप्पल के ऊपर लंड रगड़ने लगता है। उसके बाद राका अपने लंड से हाथ हटाकर दोनों हाथों से उस दूध को पकड़ लेता है। अब राका अपने दोनों हाथों से अनुपमा का एक दूध पकड़ा हुआ था। दोनों हाथ के प्रेशर की वजह से अनुपमा का वो दूध और बड़ा होकर फूल गया था।

अभी राका अपना लंड उसके निप्पल से लगाके अपना गाँड आगे-पीछे करने लगा और उसका लंड अनुपमा के निप्पल में घुस रहा था निकल रहा था, घुस रहा था निकल रहा था जैसे वो अनुपमा के दूध के निप्पल नहीं बल्कि उसकी चूत है। अनुपमा को एक बार ऐसा लगा जैसे राका का लंड उसके निप्पल के अंदर ही घुस जाएगा। अनुपमा का बेटा जिस जगह पर मुँह लगाके दूध खाता था उसी जगह पे राका का लंड रगड़ रहा है। ये देखकर अनुपमा और गरम हो जाती है और राका के तरफ कामुक नजर से देखती है।

राका रुक जाता है और उसे गोदी में उठाकर अपना लंड चूत में डाल देता है। अभी अनुपमा को राका गोद में उठाकर चोद रहा था तभी राका बोला—

राका: चलो जानेमन, बाहर खुले हवा में जाकर चुदाई करते हैं।

और उसे गोदी में लेकर बाहर आ जाता है। उसे चोदते-चोदते राका एक आम के पेड़ के पास आ जाता है। वहाँ बहुत हवा थी। अनुपमा को इतनी रात में बाहर डर लग रहा था भूत का डर। लेकिन उसने सोचा भूत से क्या डर रही हूँ मुझे तो अभी एक दानव चोद ही रहा है। फिर भी उसने कहा—

अनुपमा: नहीं नहीं यहाँ से चलो। खुला जगह है, अगर कोई हम दोनों को यहाँ ऐसे देख लिया तो?

राका: अरे मालकिन डरो मत, कोई नहीं आएगा। चुदाई का मजा लो। और अगर किसी ने हम दोनों को देख भी लिया तो वो किसी को बता नहीं पाएगा। ये राका उसको काट डालेगा और उसकी लाश भी किसी को नहीं मिलेगी। हा हा हा हा हा।

करके जोर-जोर से हँसने लगा और जोर से अनुपमा को चोदने लगा। सारी जगह पर अब पोच-पोच पोक पोकाट आवाज होने लगी।

अनुपमा भी अब राका को मजे दे रही थी और फिर कुछ देर बाद वो नीचे बैठ गई और अब खुद से राका के लंड को पकड़कर अपने बड़े-बड़े दूध के बीच रख दिया और दोनों दूध से राका को दूध चुदाई करने लगी। उसके बेटे की हत्या की साजिश करने वाले को ही वो दूध चुदाई कर रही थी और वो भी अपनी मर्जी से। लेकिन उसे नहीं पता था ये मजा और कितना खतरनाक और बहुत ही ज्यादा मजेदार होने वाला था।

अनुपमा ने फिर से लंड को अपने निप्पल से लगा दिया और राका अनुपमा की निप्पल पे लंड रगड़ने लगा……

तभी अनुपमा को पेशाब लगती है। वो राका से कहती है—

अनुपमा: राका जरा रुको। मुझे जोरों की पेशाब लगी है। तुम रुको मैं मूत के आती हूँ।

और ये कहकर अनुपमा जंगल की तरफ जाती है मूतने के लिए। राका भी चुपके-चुपके अनुपमा के पीछे जाने लगता है। अनुपमा को नहीं पता राका उसके पीछे आ रहा है। राका के दिमाग में बहुत ही शैतानी विचार घूम रहा है।

राका अनुपमा के पीछे-पीछे जाने लगा। अनुपमा को जोरों की पेशाब लगी थी। वो आगे जहाँ थोड़ा जंगल था वहाँ जाकर कमर को थोड़ा नीचे करके मूतने लगी। नीचे सूखे हुए पत्ते थे और इस वजह से पेशाब की आवाज सारे जंगल में गूंज उठी। चारर चारर चर्राट चर्र्र्र्र्र……

जमींदार बहू को ऐसे मूतते हुए देखकर राका का लंड जैसे और सख्त हो गया। इतना सख्त जैसे वो फिर कभी नरम ही नहीं होगा। राका अब और सहन नहीं कर पा रहा था। वो अनुपमा के पीछे आया और एकदम पीछे आकर खड़ा हो गया। अनुपमा को पता भी नहीं चला कि उसके पीछे राका खड़ा है। वो हल्की हो रही थी। राका को और नहीं सहन हो रहा था। वो कमर को नीचे करके अपना लंड अनुपमा के दो पैरों के बीच ले गया एकदम चूत के नीचे और फिर जो होना था वही हुआ। अनुपमा का पेशाब अब राका के लंड के ऊपर गिर रहा था। राका का लंड जमींदार बहू की पेशाब से पूरा गीला हो रहा था। राका ने मन में कहा—आए हाय मालकिन, आपका पेशाब कितना गरम है। इस ठंडी में भी गरमी मिल गई। वाह।

अनुपमा को पता भी नहीं चल रहा था कि वो अपने बेटे के खून की कोशिश करने वाले के लंड को अपने पेशाब से और गरम कर रही थी। तभी अनुपमा ने अपने पेट में प्रेशर दिया और चर्र्र्र्र करके जोरों से पेशाब निकलने लगा और राका का लंड पेशाब की धार से पूरा भीग गया और राका एकदम उत्तेजित हो गया। उसका 10 इंच का लंड जैसे अब 11 इंच का हो गया था। उफ्फ इतना सुख!

अब जैसे ही अनुपमा की पेशाब खत्म हुआ उसका आखिरी पेशाब की बूँद निकल गई…. तभी राका ने अपना लंड उसके चूत से लगाया और घुसा दिया!

अचानक इस तरह की हरकत से अनुपमा चौंक उठी। राका कब आया यहाँ पर? अब राका उसे जबरदस्त चुदाई कर रहा था। दोनों खड़े-खड़े चुदाई कर रहे थे।

अनुपमा: आआह्ह आआह्ह ओफ्फ्फ राका तुम कब आए? मैं तो पेशाब कर रही थी?

राका: तेरा पेशाब करना देख रहा था साली। कितना मूत है तूने। मजा आ गया। नीचे देख तेरी चूत से कितना पानी निकला है। आआह्ह तुझे मूतते हुए देखकर मुझे भी पेशाब आया है। आआह्ह आआह्ह आआह्ह ये ले मेरा लंड आआह्ह आआह्ह आआह्ह। रुक मैं तेरे चूत के अंदर पेशाब करता हूँ और फिर अपना लंड निकाल लूँगा। उसके बाद तेरी चूत से अपना पेशाब निकलता हुआ देखूँगा। हा हा हा। तेरी पेशाब और मेरी पेशाब नीचे गिरकर एकसाथ मिल जाएगी।

अनुपमा: उह उह उह उह आह्ह सिस… राका तू एक शैतान है! आह्ह आह्ह आह्ह उफ्फ ठीक है मूत मेरे चूत के अंदर। मैं भी तो देखूँ तू कितना मूतता है। ले अगर असली मर्द है तो अपनी मूत से मेरा चूत भर दे कमीने। (अनुपमा को भी ये विकृत चुदाई अच्छा लगने लगा था।)

राका ने 10-12 जोरों से धक्का मारा और बोला—

राका: ये ले साली मेरा पेशाब अपने अंदर।

और मूतने लगा।

अनुपमा महसूस कर रही थी उसके चूत का अंदर का हिस्सा गरम पानी से भरे जा रहा है। राका पेशाब करते-करते चुदाई भी कर रहा था। अब राका इतना मूत दिया था उसके चूत में कि उसकी चूत की नली पानी से भर गई थी और फूल गई थी। अनुपमा और नहीं सह सकती थी। वो तड़पते हुए बोली—

अनुपमा: बस करो राका! तुम मेरे चूत में बहुत मूत चुके हो। अब निकालो। मेरा अंदर तुम्हारे पेशाब से भर गया है।

राका हँसा और जोरों से कमर हिलाने लगा। अब अनुपमा राका का पेशाब चूत में लिए उससे चुदाई करवा रही थी। राका का लंड इतना मोटा था कि चूत में कसकर जम गया था। वहाँ से पानी खिसकके निकल भी नहीं सकती थी। इधर राका और मूत रहा था। अनुपमा की चूत की नली राका के लंड से निकलता हुआ पेशाब से पूरा भर गया था और फूल गया था। अब अनुपमा अपने आप में नहीं रही। वो बोली—

अनुपमा: आआआह्ह्ह राका हरामजादे! आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह उफ्फ तू कितना बड़ा शैतान है! अब मुझे बख्श दो। राका तुम्हारा मूत से मेरा पेट भर गया है। उसे निकलने दो। मैं और नहीं सह सकती!

राका ने बोला—

राका: ठीक है जानेमन लेकिन मुझे एक वादा करके मैं तुझे जब चाहूँगा तब चोदूँगा। या फिर तुझे जब भी मौका मिलेगा तू मुझे बुला लेगी। वरना मैं तेरे बेटे को मार दूँगा। समझी?

और ये कहकर वो और जोरों से चुदाई करने लगा। राका जैसे ही थोड़ा लंड बाहर निकाल रहा था उसके लंड से थोड़ा-थोड़ा पानी चिर्रिक-चिर्रिक करके निकलने लगा। अनुपमा भी अपने होश में नहीं थी। वो बोली—

अनुपमा: आआआह्ह्ह्ह राका मैं गई! हाय! आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह हाय! ठीक है तुम जो भी बोल रहे हो मैं मानूँगी। मुझे जब भी मौका मिलेगा तुझे बुला लूँगी हरामजादे कमीने! हाय कितना अजीब सा मजा हो रहा है मुझे। साले कमीने अब मुझे और मत तड़पा। निकाल अपना भयंकर लंड आह्ह आग्ग्ग्घ्र्र्र निकाल!

राका हँसा और अपना लंड निकाल दिया। जैसे ही उसने लंड निकाला अनुपमा कमर नीचे कर दी और उसके चूत से राका का पेशाब निकलने लगा। बाहर चाँद का उजाला था इसलिए राका अच्छी तरीके से देख रहा था जमींदार बहू के चूत से अपना पेशाब निकलते हुए। अनुपमा भी देख रही थी उसके चूत से कितना पानी निकल रहा था। वो पेशाब निकलके जहाँ थोड़ी देर पहले अनुपमा ने मूता था उस पानी से मिल रहा था। अब जमींदार बहू का मूत और राका का मूत एक हो गए थे।

थोड़ी देर बाद पूरा पानी चूत से निकल गया। अनुपमा के पैर काँप रहे थे उत्तेजना के कारण। तभी राका ने पीछे आकर फिर से पूरा लंड चूत में डाल दिया और जोरों की चुदाई शुरू कर दी। दोनों ही चिल्ला रहे थे—

आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह आउह आह्ह आह्ह आह्ह आह्ह ग्र्र्र्र्र्र ग्र्र्र्र्र्र्र ये लो जानेमन ग्र्र्र्र्र्र्रफ्फ आआह्ह्ह्ह सिस… आआह्ह्ह्ह।

और मिलन की आवाज आ रही थी— थप थप थप थप पोचाट पोचाट पोच पोच फोच थोपस थोपस…..

दोनों एक-दूसरे को चूम रहे थे। उम्मम्म चोकाम चोकाम उन्नन्नन्न ऐसे। राका ने अपने हाथों से अनुपमा के बड़े-बड़े दूध को पकड़ लिया और चोदते-चोदते सोचा—अगर कुछ साल पहले मुझे ये मौका मिलता तो मुझे इस मुम्मी से दूध खाने को मिलता। सिस… ना जाने कितना मीठा था इस साली का दूध। मैं इन दूधों को दबाता और दूध निकल आता। हाय साले उस बच्चे को इस हसीना का दूध खाने का मौका मिला था। जी कर रहा है उस बच्चे को मार डालूँ और उसकी माँ के बड़े-बड़े दूधों को फिर से दूध से भर दूँ। मैं भी राका हूँ….. अब तक अनुपमा अपने बच्चे को बचाने के लिए मुझसे चुदाई कर रही थी लेकिन मैं अब कुछ ऐसा करूँगा कि एक समय आने पर मैं और अनुपमा दोनों एकसाथ मिलकर उस बच्चे को रास्ते से हटा देंगे। हा हा हा हा…..

नेक्स्ट पार्ट बहुत जल्दी आएगा।

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