पापा के सामने मम्मी की चुदाई – 2

Papa ke samne mummy ki chudai:- पिछले पार्ट में बेटा मम्मी को बताता है कि उसने उनकी नरेश अंकल के साथ चुदाई देखी है और लैपटॉप खुला होने से पापा भी देख रहे थे। मम्मी शर्माती हैं लेकिन बेटा उन्हें दोस्त बना लेता है। मम्मी बताती हैं कि कपल स्वैप कैसे शुरू हुआ, लगभग 20 कपल हो चुके हैं। अब पढिए आगे ..

Part 1 ==> पापा के सामने मम्मी की चुदाई – 1

Papa ke samne mummy ki chudai

मैं: मम्मी सेक्स तो नॉर्मल होता है। बस यहाँ के माँ-बाप अपने बच्चों से ऐसी बातें नहीं करते हैं। मगर अब तो मैं आपका राज़ जानता हूँ। तो अब मुझसे शरमाने की जरूरत नहीं है। कल रात आपकी पूरी चुदाई देखी थी।

मम्मी अपना मुँह छुपाने लगीं। मगर मैंने उनका हाथ हटा दिया।

मैं: मम्मी जब आप अंकल से चुदाई करवा रही थीं तो आपका लैपटॉप खुला हुआ था। तो क्या पापा आप दोनों की चुदाई देख रहे थे?

मम्मी ने अपना सिर नीचे कर लिया और हाँ में सिर हिलाया।

मैं: मम्मी मैं तो समझता था पापा बड़े पुराने ख्याल के हैं। मगर उनकी सोच तो एकदम अलग है। वैसे आप बहुत लकी हो जो आपको पापा जैसा सपोर्ट करने वाला हस्बैंड मिला है।

मम्मी: बेटा, मगर ये बात अपने पापा से मत कहना। वरना वो तुझसे नजरें नहीं मिला पाएँगे।

मैं: मम्मी मैं आपको प्रॉमिस करता हूँ। ये बात सिर्फ मेरे और आपके बीच ही रहेगी। मगर अब से हम दोनों दोस्त हैं। और आप मुझे अपनी सारी बातें बताओगी।

मम्मी: बेटा, ये कैसे बातें कर रहा है। मैं अभी भी तेरी माँ हूँ। मैं तुझसे ऐसे बातें नहीं कर सकती हूँ।

मैं: मम्मी हम दोनों पढ़े-लिखे हैं। और ये सब जानते हैं। और अब तो मैं एडल्ट भी हूँ। अगर मुझसे कुछ गलती होगी तो मैं सीधे आपको बता सकता हूँ। वरना मैं भी ये बातें आपसे छुपा लूँगा।

मम्मी: तू कह तो सही रहा है। मगर तू बहुत गंदे वर्ड्स बोलता है।

मैं: मैं ऐसी ही बातें करता हूँ। जानती हो हर एक इंसान का एक ऐसा रूप होता है जो वो छुपा के रखता है। अब हम दोनों एक-दूसरे के ये राज़ जानते हैं। इसलिए अब शरमाने की जरूरत नहीं है।

मम्मी मेरी बातों के बारे में सोच रही थीं।

मैं: वैसे मम्मी आपका फिगर बहुत हॉट है। नरेश अंकल बहुत लकी हैं। कल तो मुझे उन्हें देखकर जलन हो रही थी कि कैसे वो मेरा हिस्से का दूध पी रहे थे।

मम्मी: बेटा तू बहुत बेशरम हो गया। चलो ठीक है हम दोनों दोस्त हैं। मगर ये बात किसी को मालूम नहीं चलनी चाहिए कि तू अपने पापा का राज़ जानता है।

मैं: मम्मी मैं आपकी कसम खाता हूँ। ये बात किसी को पता नहीं चलेगी। वैसे मम्मी ये सब शुरू कैसे हुआ।

मम्मी: बेटा जब थोड़ी उम्र हो जाती है तो लाइफ बेकार होने लगती है। सेक्स में भी मजा नहीं रहता है। मगर एक दिन तेरे पापा ने मुझे एक पॉर्न दिखाई जिसमें एक आदमी अपनी बीवी को किसी और मर्द से सेक्स करते देखता है।

पहले तो मैं भी ये देखकर हिल गई थी। फिर तेरे पापा ने मुझे ये करने को कहा। शुरू में ये बात मैं नहीं मान रही थी क्योंकि एक पति के सामने उसकी पत्नी कैसे किसी और से सेक्स कर सकती है।

मगर फिर एक दिन मैं और तेरे पापा नरेश के घर गए। नरेश तेरे पापा का बेस्ट फ्रेंड है। और ये कपल स्वैप उन दोनों ने ही सोचा था। उस दिन पहली बार नरेश मेरे साथ बैठा था और तेरे पापा नरेश की बीवी के साथ।

नरेश ने मुझे पकड़के किस किया और तेरे पापा देख रहे थे। फिर तेरे पापा भी नरेश की बीवी के साथ लग गए। ये सब देखने में बहुत अजीब लग रहा था। मगर अंदर से एक करंट सा लग रहा था।

शादी के बाद पहली बार मैं किसी और मर्द के साथ थी। और वो भी तेरे पापा के सामने। नरेश ने मुझे और तेरे पापा ने नरेश की बीवी को नंगा कर दिया।

तेरे पापा और नरेश भी नंगे हो गए। और हम दोनों औरतें नीचे बैठकर एक-दूसरे के पति का लंड चूस रही थीं। अपने ही पति के सामने उसके दोस्त का लंड चूसना।

ये बहुत अजीब है। मगर एक अलग सा अहसास भी लगता है। एक ही बेड पर मैं और नरेश की बीवी नंगे लेटे हुए थे। और नरेश ने मेरे साथ और तेरे पापा ने उसकी बीवी के साथ सेक्स किया।

उस दिन हम चारों ने पूरा दिन नंगे होकर बिताया। मैं नरेश के साथ खुश थी और तेरे पापा उसकी बीवी के साथ खुश थे।

मैं: वैसे मम्मी नीलम आंटी भी काफी हॉट हैं। (नीलम नरेश अंकल की बीवी)

मम्मी: हाँ बेटा मैं जानती हूँ। और हर मर्द को दूसरे की बीवी ज्यादा ही पसंद आती है। मगर उसके बाद तेरे पापा ने और भी नए कपल ढूँढे। और हमने मजे किए।

मैं: वाउ मम्मी आप दोनों तो छुपे रुस्तम निकले। वैसे अब तक कितने कपल के साथ आप चुदाई कर चुकी हैं?

मम्मी: बेटा अब तक शायद 20 कपल हो चुके हैं। और इस टाइम भी तेरे पापा काम के साथ-साथ किसी और के साथ हैं।

मैं: ओह माय गॉड मम्मी पापा वहाँ किसके साथ हैं?

मम्मी: तेरे पापा की एक पुरानी गर्लफ्रेंड है जो उसी शहर में रहती है। वहीं तेरे पापा काम भी कर रहे हैं और एंजॉय भी कर रहे हैं।

मैं: मम्मी आपको बुरा नहीं लगता है पापा को किसी और के साथ चुदाई करते हुए देखकर।

मम्मी: बेटा शुरू में हर चीज अजीब लगती है। मगर उन्होंने मुझसे कुछ भी छुपाया नहीं है। बल्कि अब तेरे पापा मुझसे और भी ज्यादा प्यार करते हैं।

मैं: वाउ मम्मी आप दोनों का प्यार देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। वैसे क्या आपने भी अपने किसी दोस्त के साथ चुदाई की है।

मम्मी: हाँ बेटा की है। मेरा एक पुराना बॉयफ्रेंड है। उसके साथ किया है।

मैं: वाउ मम्मी आप तो रॉकस्टार हो यार। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे इतने खुले ख्यालों वाले माँ-बाप मिले हैं।

मम्मी: बेटा हर किसी की अपनी-अपनी जिंदगी है। वो जैसे जीना चाहे जी सकता है। हम सिर्फ अपनी जिंदगी के बारे में सोच सकते हैं।

मैं: वैसे मम्मी आप लाल पैंटी और बिकिनी ब्रा में बहुत सेक्सी लग रही थीं।

मम्मी: थैंक्स बेटा मगर तू मुझे ऐसे नहीं देख सकता है। वो मेरे प्राइवेट मोमेंट्स हैं।

मैं: मगर मम्मी अब तो हम दोस्त हैं। और दोस्तों में क्या प्राइवेट होता है। वैसे मम्मी आप नीलम आंटी के घर जाती हो तो क्या वहाँ भी ये सब होता है।

मम्मी: बेटा नीलम इस मामले में बहुत आगे निकल चुकी है। उसका कई लोगों से चक्कर चल रहा है। और कई बार हम दोनों एंजॉय करते हैं।

मैं: वाह मम्मी मतलब आप बाइसेक्सुअल हो।

मम्मी: हाँ बेटा ये सब चलता रहता है। वैसे तेरी ये कौन सी दोस्त है जो तेरे साथ सेक्स कर रही है।

मैं: मम्मी मैं स्वाति की बात कर रहा हूँ। वो और मैं सेक्स पार्टनर हैं। हम दोनों में प्यार नहीं है। बस सेक्स ही होता है।

मम्मी: ओह, तो तू स्वाति के साथ ये सब करता है। दिखने में बहुत पढ़ाई करने वाली लगती है।

मैं: मम्मी मैंने कहा ना सबका एक छुपा हुआ रूप होता है। वो भी सबके सामने सीधी बनती है। मगर मेरे सामने एक जंगली बिल्ली है। मगर फिर भी वो आपकी टक्कर नहीं ले सकती है।

मम्मी: बेटा ऐसा कुछ नहीं होता है। हर लड़की और औरत अलग होती है।

मैं: वही तो मम्मी अब मुझे उसके साथ मजा नहीं आता है। आप जानती हो मेरे हर दोस्त ने एक बड़ी उम्र की औरत के साथ सेक्स किया है।

मम्मी: बेटा आजकल ये बहुत कॉमन है। नीलम को ही देख लो। अपने भांजे के साथ वो ये सब करती है।

मैं: वही तो मम्मी मेरे किसी दोस्त ने अपनी भाभी से किया है। किसी दोस्त ने अपनी चाची को फँसा रखा है। और वो ही बताते हैं। लड़कियों से ज्यादा मजा आंटी देती हैं। वैसे मेरे कई दोस्त आपके भी दीवाने हैं।

मम्मी: बेटा ये बात मैं बहुत पहले से जानती हूँ। खासकर वो रॉबिन हमेशा मुझे घूरता रहता है।

मैं: हाँ मम्मी उसे बड़े दूध और बड़ी गाँड वाली आंटी पसंद है। और आपकी गाँड और दूध देखकर तो मैं भी कंट्रोल नहीं कर पाया था।

मम्मी: तो क्या तू भी मुझे ऐसी नजर से देखता है? वैसे तुझे मेरे बारे में पता कब चला।

मैं: मम्मी ये बात कुछ दिन पहले ही हुई है। आप नीलम आंटी के घर गई थीं। शायद चुदाई करने के लिए। तो मैं स्वाति को यहाँ चोद रहा था।

मेरा मन और सेक्स करने का था। मगर मेरे पास कंडोम नहीं था। इसलिए मैं आपके कमरे में कंडोम लेने आया। और उसी दिन मैंने आपका वो डिल्डो देखा जिससे आप अपनी चूत में लेती हो।

मेरी चूत वाली बात सुनके मम्मी मुझे घूर-घूर के देखने लगीं।

मैं: उसी रात मैंने आपको पहली बार अपनी चूत को शांत करते देखा। और आपको देखकर मैं कंट्रोल नहीं कर पाया। आपका जिस्म इतना सेक्सी है कि मैं अपना लंड निकाल के मुठ मारने लगा।

और उस दिन से मैं रोज़ आपको अपनी चूत शांत करते देखता था। इसी बीच मैंने आपको और पापा को चुदाई करते देखा। मगर बुरा उस दिन लगा जब नरेश अंकल ने आपकी चुदाई की।

मन तो कर रहा था कि उन्हें बहुत मारूँ मगर आप उनके साथ बहुत खुश थीं। इसलिए आप दोनों को देखकर मैं मुठ मार रहा था।

मम्मी: बेटा तुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। ये गलत बात है।

मैं: मम्मी मैं शुरू से आपको पसंद करता हूँ। और खासकर जब आप साड़ी पहनती हैं। उसे देखकर तो मैं आपका दीवाना बन गया था। आप जब भी मेरे सामने होती हो मेरा लंड खड़ा ही रहता है।

मैंने अपना लंड बाहर निकाल के मम्मी को दिखा दिया। मम्मी मेरा साढ़े 6 इंच का लंड घूर के देख रही थीं।

मम्मी: ये क्या कर रहा है बेटा? अंदर करो इसे।

मैं: मम्मी ये बहुत ज्यादा टाइट हो गया। इतनी देर से आपसे बातें कर रहा हूँ।

मम्मी: तो फिर बाथरूम में जाओ और इसे शांत करके आओ।

मैं: मम्मी क्या मैं आपके ये दूध देख सकता हूँ। इससे मेरा जल्दी निकल जाएगा।

मम्मी: ये तू क्या बकवास कर रहा है? मैं तेरी माँ हूँ। हम दोनों में ऐसा रिश्ता नहीं बन सकता है।

मैं: ये अच्छा है मम्मी। बाहर वाले जो चाहें कर सकते हैं। मगर मैं देख भी नहीं सकता हूँ।

मैं मम्मी को इमोशनल करने लगा।

मम्मी: बेटा तू समझता क्यों नहीं है? मैं तेरे सामने ऐसा नहीं कर सकती हूँ। मैं समझती हूँ। आजकल के बच्चे इंसेस्ट सेक्स बहुत देखते हैं। इसलिए उन्हें अपनी मम्मी ऐसी दिखती है।

मैं: तो मम्मी इसमें गलत क्या है? जब आप बाहर वालों के साथ कर सकती हो तो मुझमें क्या काँटे लगे हैं? मैं तो सिर्फ आपके दूध देखना चाहता हूँ।

मम्मी: बेटा मैं समझती हूँ। तू चाहे तो अपनी दोस्त को बुला ले। मुझे कोई ऐतराज नहीं है।

मैं: मम्मी मेरी ड्रीम वुमन तो आप हो। मैं आपको बहुत प्यार करता हूँ। और हमारा ये राज़ कभी किसी को पता नहीं चलेगा।

मेरे बहुत समझाने पर मम्मी मान गईं।

मम्मी: ठीक है तू मेरे दूध देख सकता है। मगर उसके अलावा कुछ नहीं करेगा।

मैं: हाँ मम्मी सिर्फ आपके दूध से खेलूँगा।

मम्मी ने अपनी कुर्ती निकाल दी। और अब वो मेरे सामने एक ब्लैक ब्रा में आ गईं। मम्मी के दूध उस ब्रा में बहुत मस्त लग रहे थे।

मैं: मम्मी मैं आपकी ब्रा खोल देता हूँ।

मैं मम्मी के पीछे गया और उनकी ब्रा खोल दी। मैं मम्मी के सामने नंगा हो गया। और पीछे से उनके दूध को पकड़ लिया। मम्मी के बड़े-बड़े दूध मेरे हाथ में थे।

जिनका कोई मुकाबला नहीं था। मैं उन्हें दबा रहा था। और मेरा लंड मम्मी की नंगी पीठ पर लग रहा था। मैं मम्मी के निप्पल खींच रहा था।

जिससे उनके मुँह से आआह्ह की आवाज निकल रही थी। मम्मी के निप्पल खड़े हो गए थे। मैंने मम्मी को लिटा दिया और उनके दूध चूसने लगा।

मैं पागलों की तरह मम्मी का एक दूध चूस रहा था और दूसरे को दबा रहा था। मम्मी ऊपर से पूरी नंगी थीं। और उनकी तेज और गरम साँसें इस बात का प्रूफ थीं कि वो भी पूरी गरम हो चुकी हैं। मैंने मम्मी का हाथ पकड़ा और उसे उनकी लेगिंग में डाल दिया। मम्मी मेरी तरफ ही देख रही थीं।

मैं: मम्मी मैं जानता हूँ आप अंदर से गरम हो चुकी हो। इसलिए मैंने आपका हाथ आपकी चूत पर रख दिया।

मम्मी अपनी चूत को मसल रही थीं। और अब मैं मम्मी के सीने पर बैठ गया और अपने लंड को मम्मी के दूध के बीच रख दिया।

मेरा लंड पहले से ही टाइट था। मैंने मम्मी के दोनों दूध पकड़ लिए और उसके बीच में थूक लगा दी। मेरा लंड चिकना हो गया।

और मैं मम्मी के दूध को चोदने लगा। मम्मी उँगली से अपनी चूत शांत कर रही थीं और मैं उनके दूध को चोद रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मम्मी से इतनी बात करके मैं समझ गया था कि अब मम्मी एक चुदाक्कड़ औरत बन चुकी हैं और उन्हें आसानी से चोदा जा सकता है। बस शुरू में थोड़ा ड्रामा जरूर दिखाएंगी।

मगर एक बार चूत में लंड चला गया उसके बाद वो बस चुदाई का मजा ही लेंगी। मैंने एकदम से मम्मी की लेगिंग निकाल दी और जल्दी से उनकी पैंटी निकाल दी।

मम्मी: बेटा ये क्या कर रहा है। तूने कहा था ऐसा कुछ नहीं करेगा।

मैं: मम्मी जब बाहर वाले आपकी चुदाई कर सकते हैं तो मैं तो आपका बेटा हूँ। मेरा हक तो पहले बनता है। और आज मैं अपना हक लेने वाला हूँ।

मम्मी: बेटा ऐसा मत कर। हम दोनों में सेक्स नहीं होना चाहिए।

मैं: मम्मी जो मजा बाहर वाले आपको देते हैं वही मजा मैं आपको दूँगा। बस अब आप चुदाई का मजा लो।

मैंने मम्मी की टाँगें फैला दीं। क्योंकि चूत चाटने का टाइम नहीं था। मेरा लंड और मम्मी की चूत दोनों तैयार थे। मैंने अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया।

और उनके ऊपर झुकके चुदाई करने लगा। मम्मी की चूत एकदम मक्खन जैसी थी। सटा-सट लंड अंदर-बाहर हो रहा था। और मम्मी ने भी मेरे दोनों हाथों को पकड़ लिया था।

और मैं फुल स्पीड में मेरी माँ की चुदाई कर रहा था। मम्मी को भी मजा आ रहा था और वो ‘आआह म्मम’ की आवाज निकाल रही थीं।

कुछ देर करने के बाद मैंने लंड निकाल लिया। और मम्मी ने मेरा लंड मुँह में ले लिया। शायद चुदाई के नशे में मम्मी भूल गई थीं कि मैं उनका बेटा हूँ। मम्मी मेरा लंड चूस रही थीं और मैं उनके बाल पकड़के उनका मुँह चोद रहा था। मम्मी वाकई में एक जंगली बिल्ली हैं।

मम्मी मेरे सामने खुद डॉगी स्टाइल में झुक गईं। और मैं बेड से नीचे उतरके उनके पीछे चला गया। मैंने अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया।

और मम्मी की गाँड पकड़के उनकी चुदाई करने लगा। मम्मी के मुँह से मोअनिंग की आवाज निकल रही थी और कमरे में थप-थप की आवाज ज्यादा सुनाई दे रही थी।

मैंने मम्मी के बाल पकड़ लिए। मैंने सुना है बाल पकड़के चुदाई करने से औरतों को ज्यादा मजा आता है। मैं मम्मी के बाल पकड़के चुदाई कर रहा था।

और मम्मी की मोटी गाँड मेरे लंड पर लग रही थी। मैंने मम्मी की गाँड पर थप्पड़ मारने शुरू कर दिए जिससे उनके मुँह से आवाज और जोर से निकलने लगी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने अपना लंड मम्मी की चूत से निकाल लिया और उन्हें अपने साथ खड़ा कर लिया। मम्मी मेरी आँखों में देख रही थीं और मुझे उनकी आँखों में एक भूखी बिल्ली दिखाई दे रही थी।

मैंने मम्मी की एक टाँग उठा ली। और मम्मी ने मेरे गले में अपनी बाहें डाल दीं। मैंने नीचे से लंड डाल दिया और मम्मी की आँखों में देखते हुए धक्के लगाने लगा।

मम्मी ने मेरा मुँह पकड़ा और मेरे होठों को चूसने लगीं। मम्मी का चुदाई के लिए ऐसा जूनून देखकर मैं और ज्यादा पागल हो गया।

और तेज-तेज धक्के लगाने लगा। एक टाँग पर खड़े-खड़े मम्मी के दर्द होने लगा इसलिए वो बेड पर अपनी टाँगें फैलाके लेट गईं। और मैं फिर से उनकी चुदाई करने लगा।

मम्मी और मैं एक-दूसरे के होठों को चूस रहे थे और मैं धक्के लगा रहा था। मेरा पानी निकलने ही वाला था।

मैं: मम्मी मेरा निकलने वाला है।

मम्मी: आह, बस बेटा थोड़ी देर और।

मैं खुद को कंट्रोल करके धक्के लगा रहा था। फिर कुछ ही देर में मम्मी का पानी निकल गया। और फिर मैंने सारा पानी मम्मी के दूध पर निकाल दिया और उनके बगल में लेट गया। मम्मी और मेरी साँसें तेज-तेज चल रही थीं।

मम्मी: बेटा मैं इसलिए तुझे मना कर रही थी। मैं खुद को कंट्रोल नहीं कर पाती हूँ। और देख अब हम दोनों क्या कर बैठे।

मैं: मम्मी अब जो हुआ है अच्छा हुआ है। जब आप बाहर वालों से कर सकती हो तो मेरे साथ क्यों नहीं। और ये राज़ राज़ ही रहेगा।

मम्मी भी ये बात जानती थीं कि वो सेक्स को पसंद करती हैं इसलिए वो भी खुद को रोक नहीं पाईं। और अब मम्मी मेरे साथ नॉर्मल हो गईं।

मम्मी: बेटा आज तुझसे बात करते-करते पता ही चला कब शाम हो गई। चल मैं नहा लेती हूँ। वरना आज तेरे पापा को पता चल जाएगा कि किसी ने मेरे दूध पर अपना पानी निकाला है।

मैं: वैसे मम्मी आज पापा आ रहे हैं। उनका दूसरा टूर कब का है।

मम्मी: बेटा अब 2 दिन बाद जाएँगे। तब तक तू खुद पर काबू रखना।

मैं: मम्मी आपकी चुदाई करने के बाद मेरा लंड कहाँ काबू रख पाएगा।

मम्मी: बेटा तेरे पापा चले जाएँगे। उसके बाद जब मर्जी हो कर लेना। मगर तब तक खुद को संभाल लेना।

मैं: वैसे मम्मी इस हफ्ते भी आप दोनों किसी कपल से मिलने जाने वाले हैं।

मम्मी: हाँ बेटा तेरे पापा ने कोई ना कोई तो ढूँढ ही लिया होगा। बाकी उनके आने पर पता चलेगा।

मम्मी नहाने चली गईं। और मैं भी उनके पीछे-पीछे चला गया। मैंने बाथरूम के दरवाजे पर नॉक किया। मम्मी ने तुरंत दरवाजा खोल दिया।

मम्मी पूरी नंगी मेरे सामने खड़ी थीं। और मैं भी बाथरूम में चला गया। शावर के नीचे मैं और मम्मी खड़े हो गए।

मैं मम्मी के जिस्म पर साबुन लगा रहा था और मम्मी मेरे बॉडी से खुद को रगड़ रही थीं। मम्मी के जिस्म से साबुन साफ होते ही उन्होंने मेरे सिर पर हाथ रखा।

और मुझे नीचे बिठा दिया। मम्मी ने अपनी चूत मेरे मुँह के पास की और मेरा मुँह पकड़के अपनी चूत में लगा दिया। मैं भी मम्मी की चूत चाटने लगा।

और उनकी चूत से बहता हुआ पानी पीने लगा। मम्मी का ये कामुक रूप बहुत हसीन था। जैसा हर एक मर्द एक औरत को देखना चाहता है।

अब मम्मी मुझे अपना बेटा नहीं बल्कि एक यार मान रही थीं इसलिए ऐसा खुलके मेरे साथ अपनी प्यास बुझा रही थीं। जब मम्मी की चूत का पानी निकल गया।

तो वो मुझे किस करने लगीं। ऐसा लग रहा था जैसे वो मेरी मम्मी नहीं मेरी बीवी हैं। हम दोनों बाहर आ गए।

मम्मी: बेटा अब कपड़े पहन ले। कब तक नंगा ही रहेगा। जल्दी से कपड़े पहन ले।

मम्मी ने एक नीले रंग की ब्रा-पैंटी पहन ली और उसके ऊपर लेगिंग और टी-शर्ट पहन लीं।

मैं: मम्मी एक बार वो बिकिनी ब्रा और लाल वाली पैंटी पहनके दिखाओ ना।

मम्मी: तू फिर शुरू हो गया। मैंने कपड़े पहन लिए हैं। अब मैं इन्हें नहीं उतारने वाली।

मैं: ये क्या बात हुई मम्मी मेरे लिए इतना सा नहीं कर सकती हो?

मम्मी: चल ठीक है नाराज मत हो। बाद में देख लेना। जब तेरे पापा नहीं होंगे तब दिखा दूँगी।

मैं मम्मी के गले लग गया और उन्हें किस करने लगा। मम्मी भी मुझे किस कर रही थीं और मेरा लंड उनके पेट में लग रहा था।

मैं: मम्मी आप पापा को ब्रा-पैंटी में एक पिक सेंड कर दो जिसे देखकर वो एक्साइटेड हो जाएँगे।

मम्मी: बेटा मैं ये करती रहती हूँ। तू सामने है इसलिए नहीं किया।

मैं: तो अब मुझसे क्या शर्म कर रही हो। मैं तो अब सब जानता हूँ। चलो कपड़े निकाल दो।

मम्मी ने टी-शर्ट और लेगिंग्स निकाल दीं। और अब वो नीली ब्रा-पैंटी में थीं। मम्मी ने वी शेप की पैंटी पहनी थी।

मम्मी ने अपना मोबाइल पकड़ा और सेल्फी लेने लगीं। मम्मी ने कुछ सेल्फी लीं और पापा को सेंड कर दीं। पापा का जवाब भी तुरंत आ गया और मैंने उसे देख लिया।

पापा: मुझे तड़पा रही हो डार्लिंग। बस आज जब घर आऊँगा तो तेरी ऐसी चुदाई करूँगा कि तू मुझे फिर नहीं तड़पा पाएगी।

मम्मी: फिर जल्दी आ जाओ ना। मेरा भी बहुत मन कर रहा है।

पापा: कल रात नरेश से चुदाई करवाके भी मन नहीं भरा डार्लिंग।

मम्मी: नरेश की बात तो अलग है। वो तो बाहर वाला है। मुझे तो मेरे घर वाले के साथ ही मजा आता है। जल्दी आ जाओ। आई मिस यू। लव यू डार्लिंग।

पापा: लव यू टू डार्लिंग।

मैं: मम्मी पापा आपसे बहुत प्यार करते हैं। और आप भी उन्हें बहुत प्यार करती हो। मैं भी आपको प्यार करता हूँ।

मम्मी: मैं भी तुझे बहुत प्यार करती हूँ बेटा।

मम्मी अपने कपड़े पहनने लगीं। मगर मैंने उन्हें रोक दिया।

मैं: मम्मी मुझे भी आपके साथ एक सेल्फी लेनी है।

मम्मी: अच्छा-अच्छा ठीक है। ले ले मगर चेहरा नहीं आना चाहिए।

मैं मम्मी के साथ खड़ा हो गया। मेरा खड़ा हुआ लंड मम्मी के पेट पर लग रहा था और मेरा हाथ मम्मी के दूध पर था। मैंने एक सेल्फी ले ली।

जो मेरी लाइफ की बेस्ट सेल्फी है। फिर मैं बाहर चला गया और मम्मी भी शाम के काम में लग गईं। मम्मी जब किचन में खाना बना रही थीं।

तब मैंने उन्हें पीछे से जाके पकड़ लिया और उनके दूध दबा दिए।

मम्मी: बेटा अब मान जा। तेरे पापा आने वाले हैं।

मम्मी ने पापा का नाम लिया और बाहर बेल बज गई। मैंने जाके गेट खोला तो पापा सामने खड़े थे। वो अंदर आ गए और सीधा किचन में गए। मैं भी चुपके सब देख रहा था। पापा-मम्मी एक-दूसरे को किस कर रहे थे। पापा के हाथ मम्मी की गाँड पर थे और वो मजे ले रहे थे।

रात को खाना खाने के बाद मम्मी और पापा की चुदाई शुरू हो गई। अगले दिन मम्मी और पापा बाहर भी गए। और उसके बाद पापा फिर टूर पर चले गए। सुबह मैं जागा तो मम्मी किचन में थीं और पापा जा चुके थे। मम्मी मेरे लिए नाश्ता बना रही थीं। मैंने जाके गैस बंद कर दी।

और मम्मी का सिर पकड़के नीचे बिठा दिया। मम्मी ने भी तुरंत मेरा कच्छा निकाल दिया और मेरे खड़े लंड को चूसने लगीं। मम्मी ने चूस-चूसके मेरा लंड गीला कर दिया। फिर मैं उन्हें लेके अपने कमरे में आ गया। मैंने मम्मी की नाइटी निकाल दी। मम्मी अंदर से नंगी थीं।

मम्मी ने मुझे बेड पर धक्का दे दिया और खुद मेरे ऊपर आ गईं। मेरा लंड पकड़के अपनी चूत में डाल लिया और जल्दी-जल्दी कमर चलाने लगीं। मम्मी ने मेरा हाथ पकड़के अपने दूध पर रख दिया और मैं उनके दूध दबाने लगा। मम्मी तेज-तेज अपनी कमर चला रही थीं।

मम्मी: और जोर से। और जोर से।

मम्मी के मुँह से ये सुनके मैं खुद पागल हो चुका था। मम्मी और मैंने काफी देर तक चुदाई की। उसके बाद मैंने सारा पानी मम्मी की चूत में भर दिया।

मम्मी और मैं लेटकर हाँफ रहे थे।

मम्मी: बेटा, आज ये दूसरी बार तेरी माँ की चुदाई हुई है। तेरे पापा भी करके गए थे। और अब तूने भी कर दी।

आगे क्या हुआ पढ़ें अगले पार्ट में।

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