पापा के सामने मम्मी की चुदाई – 1

Papa ke samne maa ki chudai:- नमस्कार दोस्तों, हाजिर हूँ एक और कहानी के साथ। आप कहानी पढ़ें और मुझे फीडबैक देना ना भूलें। मेरा नाम राज है और मेरी उम्र 19 साल है। मैं कॉलेज में पढ़ता हूँ। और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी ये कहानी मेरी मम्मी और मेरे बीच की है। मेरे घर में मम्मी, पापा और मैं ही रहते हैं। पापा एक एमएनसी कंपनी में काम करते हैं। इसलिए उनके बाहर के टूर लगते रहते हैं। मम्मी एक हाउसवाइफ हैं। उनका नाम श्वेता है। मम्मी की उम्र 40 है। मगर वो बिल्कुल भी बड़ी उम्र की नहीं लगती हैं। मम्मी दिखने में काफी सेक्सी हैं।

Papa ke samne maa ki chudai kahani

उनका फिगर 36-34-38 है। थोड़ा सा पेट जरूर निकला हुआ है। मगर वो भी उनके बदन को और भी ज्यादा सेक्सी बना देता है। मम्मी वैसे तो सारे कपड़े पहनती हैं।

मगर जब वो साड़ी पहनती हैं तो हर मर्द उन्हें देखकर अपना लंड जरूर मसलता है। मम्मी का निकला हुआ गोरा पेट और उस पर उनकी गहरी नाभि किसी का भी लंड खड़ा कर सकती है।

मेरे लिए भी मम्मी दुनिया की सबसे सेक्सी औरत हैं। मगर पहले मैं मम्मी को ऐसे नहीं देखता था। मगर एक दिन ऐसा आया कि उसने मेरी फीलिंग मम्मी के लिए बदल दी।

एक दिन मैं घर पर अकेला था। और जब आप घर पर अकेले हो तब आपका दिमाग बहुत कुछ करना चाहता है। मैंने अपनी एक दोस्त को घर पर बुला लिया जो कि मेरी सेक्स पार्टनर है।

और कुछ ही देर में मेरी दोस्त आ गई। मैंने उसकी जमके चुदाई की मगर मेरा मन एक बार और चुदाई करने का था। मगर उस टाइम मेरे पास दूसरा कंडोम नहीं था।

मेरी दोस्त बिना कंडोम के चुदाई नहीं करने देती थी। क्योंकि मैं हमेशा उसकी चूत में पानी भर देता था। और उसे बच्चा ना होने की गोली खानी पड़ती थी।

स्वाती (दोस्त का नाम): साले तू दूसरा कंडोम ले आ ना।

मैं: यार ऐसे ही करने दे ना। पक्का पानी बाहर निकालूँगा।

स्वाती: नहीं भेहनचोद मैं जानती हूँ। तू कंट्रोल नहीं कर पाता है। और अंदर ही निकाल देता है। वैसे अच्छा तो मुझे भी लगता है। मगर डर भी लगता है। कहीं मैं प्रेग्नेंट ना हो जाऊँ।

अब मैं बाहर तो जा नहीं सकता था। मगर मुझे याद आया कि कंडोम पापा भी रखते हैं। क्योंकि ऐसी ही एक बार मैं उनके कमरे में कुछ ढूँढ रहा था तो मैंने गद्दे के नीचे देखा था।

मैं जल्दी से पापा-मम्मी के कमरे में गया। और उनके बेड के गद्दे के नीचे देखने लगा। मैंने जैसे ही गद्दा उठाया मेरी तो आँखें फटी की फटी रह गईं। वहाँ पर एक डिल्डो रखा हुआ था।

डिल्डो का साइज लगभग 7 से 8 इंच के आसपास था। मैंने डिल्डो हाथ में ले लिया और उसे देखने लगा। मैंने लाइफ में पहली बार अपने सामने डिल्डो देखा था। मगर तभी मेरी दोस्त की आवाज आ गई।

मैंने डिल्डो वहीं रख दिया और एक कंडोम का पैकेट ले आया। मगर मेरे दिमाग में अब वही डिल्डो आ रहा था। और उसके साथ मम्मी का ख्याल भी आ रहा था। मेरी दोस्त ने मेरे लंड पर कंडोम चढ़ा दिया।

और मैं उसकी चुदाई करने लगा। मगर मेरे सामने बार-बार मुझे मम्मी चूत में डिल्डो डालती हुई दिखाई दे रही थीं। और मम्मी का ख्याल आते ही मैं पागलों की तरह अपनी दोस्त को चोद रहा था।

स्वाती: मादरचोद, आराम से कर। मुझे दर्द हो रहा है।

मगर मैं कहाँ सुन रहा था। मैं धक्के लगाता रहा और जल्दी ही मैं भी झड़ गया। मैंने कंडोम निकालके रख दिया।

स्वाती: भेहनचोद आज तो तूने जान ही निकाल दी थी। वियाग्रा की टैबलेट खाई थी क्या?

अब मैं स्वाती को कैसे बताता कि मेरे दिमाग में किसके ख्याल आ रहे थे। चुदाई के बाद स्वाती निकल गईं। और मैं फिर से मम्मी के कमरे में गया। मैंने फिर से मम्मी का डिल्डो बाहर निकाल लिया। और उसे देखने लगा। मैंने डिल्डो अपनी नाक से लगाके सूँघा।

मुझे बहुत मजा आ रहा था। मगर फिर मैंने सोचा हो सकता है मम्मी ने और भी बहुत कुछ छुपा रखा हो। मैंने अलमारी की चाबी निकाली। अलमारी खुलते ही मम्मी का सारा सामान सामने आ गया।

मम्मी की साड़ी लटकी हुई थी और कुछ कपड़े नीचे रखे थे। मैं मम्मी की साड़ी हटा-हटाके देखने लगा। मगर कुछ नहीं मिला। फिर मैं तये कपड़ों के पीछे देखने लगा।

वहाँ मुझे एक और डिल्डो मिला। जो बैटरी वाला था। मैंने जैसे ही उसका बटन दबाया, बटन के ऊपर बना हुआ लंड गोल-गोल घूमने लगा। मम्मी की चुदाई के खिलौने देखकर मैं समझ गया था कि पापा के जाने के बाद मम्मी इनसे अपनी चूत को शांत करती हैं।

मम्मी की सेक्सी नाइटी भी अंदर ही रखी हुई थी। और मम्मी की कई ब्रा-पैंटी भी थीं। जो कई नए-नए डिजाइन की थीं। मैं मम्मी को उन कपड़ों में सोचके अपना लंड हिला रहा था। मगर फिर मैंने सब कुछ पहले जैसे ही रख दिया। और अपने कमरे में आ गया।

मैं मम्मी के ख्यालों में खो गया। और आज मेरा लंड बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था। कुछ देर बाद मम्मी बाहर से आ गईं। मम्मी ने लेगिंग्स और कुर्ती पहनी हुई थी। मम्मी के दूध और उनकी गाँड बहुत कसी हुई लग रही थी।

मगर आज मम्मी को देखने का नजरिया बदल गया था। मैं मम्मी को देखने के बारे में सोचने लगा कि शायद मम्मी रात को अपनी चूत शांत करेंगी। तो मैं उन्हें देखूँगा।

रात का खाना खाने के बाद मैं अपने कमरे में चला गया। और काफी देर तक गेम खेलता रहा। ऐसे ही मैं अपने कमरे में गेम खेल रहा था। पापा उस दिन काम से बाहर गए थे। रात का 12 बज रहा था।

मैंने अपना मोबाइल रखा और सीधा बालकनी की तरफ पहुँचा। बालकनी जहाँ दोनों कमरों का एसी लगा हुआ है। दोनों कमरों का गेट बालकनी में भी खुलता है। एसी की खिड़की से मैं अंदर देखने लगा।

वहाँ पर्दे तो लगे हुए थे। मगर फिर भी जब 2 पर्दों के बीच खाली जगह होती है। वहाँ से मैं देख रहा था।

मैंने आज तक कभी ऐसा नहीं किया था। शायद इसलिए मैं घर में हो रहे कांड से अनजान था। मम्मी बेड पर नंगी लेटी हुई थीं। उनके सामने लैपटॉप खुला हुआ था।

मम्मी की चूत में एक डिल्डो आधा घुसा हुआ था। और दूसरे वाइब्रेटर डिल्डो से मम्मी अपनी चूत और दूध के निप्पल पर लगा रही थीं।

मम्मी कुछ बोल रही थीं। मगर मैं सुन नहीं सकता था। वो लैपटॉप में देखते हुए अपनी चूत में डिल्डो डाल रही थीं। शायद वो पापा से बात कर रही थीं। और दूर होने की वजह से वो ऐसा कर रही थीं।

मम्मी डिल्डो को अंदर-बाहर कर रही थीं। और उनकी चूत में फँसा हुआ डिल्डो बहुत अच्छा लग रहा था। मैं अपना लंड निकालके मुठ मार रहा था। उसके बाद मम्मी लैपटॉप के सामने डॉगी स्टाइल में आ गईं। और अपनी गाँड को खोल-खोलके दिखाने लगीं। मम्मी की चिकनी चूत खुली हुई दिख रही थी।

मम्मी ने पहले अपनी उँगली अपनी चूत में डाल ली। और फिर पीछे से डिल्डो अपनी चूत में डाल लिया। डिल्डो आराम से चूत में चला गया। मम्मी अपनी गाँड हिला रही थीं। और डिल्डो को अंदर-बाहर कर रही थीं।

मम्मी का ऐसा रूप देखकर मैं हैरान हो गया था कि मेरी मम्मी अंदर से इतनी बोल्ड भी हो सकती हैं। कुछ देर डिल्डो अंदर करने के बाद मम्मी को चरमोत्कर्ष मिल गया। और वो बेड पर लेट गईं।

मम्मी की टाँगें वैसे ही खुली हुई थीं। और उनकी चूत बहुत गीली दिख रही थी। मम्मी लैपटॉप में किसी से बातें कर रही थीं। और फिर उन्होंने उसे फ्लाइंग किस किया। और लैपटॉप बंद करके लेट गईं।

आज मुझे पहली बार पता चला था कि मेरी मम्मी रात को नंगी सोती हैं। मेरा भी पानी निकल चुका था। और मैं अपने कमरे में आ गया। मम्मी की चूत बार-बार मेरे सामने आ रही थी।

मेरे दिमाग में अलग-अलग ख्याल आ रहे थे कि पापा टूर पर रहते हैं। कहीं मम्मी का किसी से अफेयर तो नहीं चल रहा है। मैं अगले दिन ही मम्मी का लैपटॉप चेक किया। उनका वीडियो कॉल देखा तो उन्होंने वो पापा को ही किया था।

बाकी मुझे लैपटॉप में कुछ नहीं मिला। अब मैं मम्मी पर नजर रखने लगा। जब मम्मी बाहर जाती थीं तो मैं भी उनके पीछे जाता था। मगर वो सिर्फ अपनी फ्रेंड्स से मिलती थीं।

और कभी बाहर शॉपिंग करती थीं। मैंने पूरे 4 दिन मम्मी का पीछा किया। मगर मेरे हाथ कुछ नहीं लगा। और हर रात मम्मी अपना हुस्न पापा को दिखाती थीं।

इसी बीच मैंने पापा और माँ की चुदाई भी देखी। पापा मम्मी को बहुत अच्छे से चोदते हैं। और उन दोनों में बहुत प्यार है। मगर जब पापा अगली बार टूर पर गए। तब वो हुआ जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी।

मैंने सोचा आज पापा नहीं हैं। इसलिए आज मम्मी अकेले ही अपनी चूत शांत करेंगी। मगर रात 1 बजे मुझे अपना बाहर वाला गेट खुलने की आवाज आई। मैंने देखा तो मम्मी किसी आदमी को अंदर ले जा रही थीं।

मम्मी को लगा होगा मैं सो चुका हूँ। उन्होंने मेरा गेट भी जरूर देखा होगा। जो मैं कमरे में जाने के बाद बंद कर लेता हूँ। मैं उस आदमी की शक्ल नहीं देख पाया।

मगर मैं जल्दी से बालकनी में गया। और अंदर देखने लगा। वो आदमी और कोई नहीं बल्कि पापा का बेस्ट फ्रेंड नरेश अंकल थे।

कमरे में अंकल एक कच्छा और टी-शर्ट में खड़े थे। और मम्मी उनके सामने एक ब्लैक शॉर्ट नाइटी में खड़ी थीं। मैंने देखा लैपटॉप सामने खुला पड़ा है।

मम्मी और अंकल लैपटॉप की तरफ देख रहे थे। फिर अंकल ने एक हाथ उठाके हाई का साइन दिया। यानी पापा अंकल और मम्मी को देख रहे थे। अंकल ने मम्मी की कमर में हाथ डाला। और उन्हें अपने पास खींच लिया।

मम्मी ने भी कुछ नहीं कहा। और अंकल मम्मी के होठों को चूसने लगे। मैं ये देखकर दंग रह गया था कि पापा मम्मी और अंकल को देख रहे हैं।

मैंने सुना था कि कुछ लोगों को ये शॉक होता है कि वो अपनी बीवी को दूसरे के साथ चुदाई करते देखें। मगर मैं ये नहीं जानता था कि वो मेरे घर में भी होगा। अंकल मम्मी की गाँड दबा रहे थे। और उनके होठों को चूस रहे थे।

फिर मम्मी ने अंकल की टी-शर्ट निकाल दी। अंकल की बालों से भरी छाती सामने आ गई। मम्मी उनकी छाती को किस करती हुई नीचे बैठ गईं। और उन्होंने अंकल का कच्छा निकाल दिया। अंकल का लंड उछलके बाहर आ गया।

मैंने देखा अंकल का लंड काफी बड़ा और मोटा था। पापा से भी बड़ा था। मम्मी ने अंकल का लंड पकड़ लिया। और उसे मुँह में ले लिया। मम्मी अंकल का लंड चूस रही थीं। और यहाँ मेरे लंड का हाल बुरा हो गया था।

मैं ये सोचके ही पागल हो रहा था कि पापा को ये सब देखकर मजा आ रहा था। अंकल बेड पर लेट गए। और मम्मी उनके लंड के पास बैठकर उनका लंड चूस रही थीं।

अंकल ने मम्मी की नाइटी निकाल दी। अब मम्मी एक सेक्सी लाल पैंटी और बिकिनी ब्रा में आ गईं। मम्मी की पैंटी की डोरी उनकी गाँड में घुसी हुई थी। मैंने देखा अंकल लैपटॉप पास में रखे हुए थे। और कुछ बात कर रहे थे।

मम्मी भी लैपटॉप की तरफ बार-बार देख रही थीं। और हँस रही थीं। मम्मी लाल ब्रा-पैंटी में बहुत सेक्सी लग रही थीं। मैं बाहर खड़ा होकर अपना लंड हिला रहा था। और मम्मी मजे से अंकल का लंड चूस रही थीं।

अंकल ने मम्मी की ब्रा-पैंटी निकाल दी। और मम्मी बेड पर लेट गईं। अंकल मम्मी की चूत चाट रहे थे। अंकल ने मम्मी को थोड़ा घुमा दिया। और अब मम्मी लैपटॉप के बिल्कुल सामने आ गई थीं।

अंकल मम्मी की चूत चाट रहे थे। और मम्मी अंकल का सिर अपनी चूत पर दबा रही थीं। कुछ देर चूत चाटने के बाद मम्मी ने कंडोम निकाला। और अंकल के लंड पर चढ़ा दिया। अंकल ने वैसे ही मम्मी की चूत में लंड डाल दिया।

अंकल धक्के लगा रहे थे। और मुझे मम्मी की चूत में जाता हुआ लंड दिख रहा था। फिर अंकल रुक गए। और उन्होंने लैपटॉप अपनी और मम्मी की गाँड की साइड रख दिया।

और अब अंकल ने मम्मी की टाँगें कंधे पर रखीं। और धक्के लगाने शुरू कर दिए। इस टाइम मैं और पापा एक ही साइड से माँ की चुदाई देख रहे थे।

मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था कि एक बाहर वाला माँ की चुदाई कर रहा है। मैंने फैसला कर लिया था कि मैं भी अब माँ की चुदाई करूँगा।

अंकल मम्मी की पलंग तोड़ चुदाई कर रहे थे। अंकल अब डॉगी स्टाइल में आ गए। और फिर उन्होंने मम्मी का मोबाइल उठा लिया। शायद पापा को सही से दिख नहीं रहा था।

इसलिए उन्होंने अब मम्मी के मोबाइल पर कॉल किया था। अंकल ने एक हाथ से मोबाइल पकड़ रखा था। और मम्मी खुद उनका लंड पकड़के अपनी चूत में डाल रही थीं।

मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था कि मम्मी दिखने में कितनी सीधी हैं। और यहाँ कैसे खुलके चुदाई करवा रही हैं। अंकल ने मोबाइल मम्मी की चूत के नीचे रख दिया।

और दोनों हाथों से मम्मी की गाँड पकड़ ली। और जोर-जोर से धक्के लगाने लगे। मम्मी के दूध जोर-जोर से हिल रहे थे। और पापा को भी चूत में जाता हुआ लंड साफ दिख रहा होगा।

कुछ देर ऐसी ही चुदाई करने के बाद अंकल ने लंड निकाल लिया। और अब मम्मी अपनी चूत से निकला हुआ लंड चूस रही थीं। अंकल हाथ में मोबाइल पकड़े पापा को सब दिखा रहे थे।

और बीच-बीच में कुछ कह भी रहे थे। अब अंकल सीधे लेट गए। और मम्मी उनके ऊपर आ गईं। लैपटॉप वैसे ही रखा हुआ था। अंकल ने मोबाइल साइड में रख दिया।

और नीचे से धक्के लगाते हुए मम्मी की चुदाई करने लगे। अब मैं मम्मी की जवानी और हुस्न का राज समझ गया था। मम्मी को इतनी खुलके चुदाई मिलती है।

और जिस औरत की चुदाई अच्छे से होती है उसकी जवानी लंबे समय तक कायम रहती है। अंकल बहुत मजे से माँ की चुदाई कर रहे थे।

और कुछ ही देर में जब अंकल का पानी निकलने लगा तब ही वो खड़े हो गए। और उन्होंने अपना कंडोम निकालके फेंक दिया। मम्मी अंकल के नीचे बैठ गईं।

मम्मी नीचे बैठी अंकल का लंड आगे-पीछे करने लगीं। और कुछ ही देर में मम्मी के चेहरे और मुँह में अंकल के लंड ने पिचकारी मार दी।

मम्मी अंकल का लंड चूस-चूसके साफ कर रही थीं। मम्मी ने अंकल के लंड की आखिरी बूँद तक चाट ली। उसके बाद अपना पानी से भरा चेहरा लैपटॉप के सामने ले आईं।

मैं मम्मी का ये रूप देखकर हैरान था। और इस बात का अंदाजा लगा सकता था कि एक औरत के कई रूप हो सकते हैं। जिसे समझना नामुमकिन है।

अंकल बेड पर लेटे हुए थे। और मम्मी ने अपना चेहरा साफ कर लिया। अंकल मम्मी को किस करने लगे। और फिर वो अपने कपड़े पहनने लगे।

मम्मी ऐसी ही नंगी बैठी हुई थीं। अंकल ने कपड़े पहन लिए। तो मम्मी ने सिर्फ नाइटी डाल ली। जिसके अंदर वो पूरी नंगी थीं। अंकल ने मम्मी को गोदी उठा लिया।

और मम्मी ने भी एक बच्चे की तरह अपनी टाँगें अंकल की कमर में फँसा लीं। मम्मी अंकल को बहुत पैशनेटली किस कर रही थीं। जिसे देखकर मुझे जलन हो रही थी।

और माँ की चुदाई की इच्छा और ज्यादा होने लगी थी। अब मम्मी कमरे से बाहर निकल गईं। और वो अंकल को गेट के बाहर छोड़ आईं।

कमरे में आते ही मम्मी ने नाइटी निकाल दी। और वो फिर से नंगी हो गईं। वो लैपटॉप उठाके पापा से बात करने लगीं। और कुछ देर बाद उन्होंने लैपटॉप बंद कर दिया।

अब मम्मी सोने लगीं। और मैं भी कमरे में आ गया। मैंने सोच लिया था कि मैं भी माँ की चुदाई करूँगा। सुबह जब मैं उठा तो मम्मी काम कर रही थीं।

इस टाइम मम्मी ने टी-शर्ट और लोअर पहना हुआ था। उन्हें देखकर कोई कह नहीं सकता है कि वो रात में एक जंगली बिल्ली बन जाती हैं।

मैंने भी मम्मी को गुड मॉर्निंग बोला। और उन्हें हग कर लिया। मगर आज हग करते टाइम मैंने उनकी गाँड को महसूस किया। ऐसा जालिम हुस्न देखकर कोई भी पागल हो ही जाएगा।

सुबह तैयार होकर मैं कॉलेज निकल गया। और दोपहर तक वापस आ गया। मम्मी घर पर खाना बना रही थीं। फिर उन्होंने खाना लगा दिया। खाने की टेबल पर मैं मम्मी को बहुत घूर रहा था।

मम्मी: ऐसे क्या देख रहा है बेटा?

मैं: कुछ नहीं मम्मी बस ऐसी ही। (मैंने थोड़ा रुड होकर कहा)

हम दोनों ने खाना खा लिया। और फिर मैं अपने कमरे में चला गया। मम्मी काम करने लगीं। फिर वो भी अपने कमरे में चली गईं।

मुझे भी इसी का इंतजार था। जब मम्मी कमरे में चली गईं तब ही मैं उनके पीछे गया। मम्मी बेड पर लेटी हुई थीं। मम्मी ने लेगिंग्स और कुर्ती पहनी हुई थी।

लेटे हुए मम्मी की गाँड कुछ ज्यादा ही बड़ी दिख रही थी। मुझे तो रात वाला सीन याद आ गया। मम्मी की नजर मुझ पर पड़ी। मैं सिर्फ शॉर्ट और टी-शर्ट में था।

मम्मी: क्या हुआ बेटा? कुछ काम था क्या? आ यहाँ आकर बैठ।

मैं मम्मी के पास जाके बैठ गया। वो मोबाइल पर किसी से चैट कर रही थीं।

मैं: किससे बात कर रही हो मम्मी?

मम्मी: अरे कुछ नहीं बेटा बस ऐसी ही एक दोस्त है।

मैं: मुझे लगा नरेश अंकल से बात कर रही हो।

मम्मी: अरे बेटा उनसे क्यों बात करूँगी? वो तेरे पापा के दोस्त हैं। हाँ उनकी बीवी से बात हो जाती है।

मैं: अच्छा तो आप अंकल से बात नहीं करती हो। मगर इस बिस्तर पर रात में चुदाई जरूर करवा लेती हो।

मेरी बात सुनके मम्मी की गाँड ही फट गई। और वो गुस्से से मुझे देखने लगीं।

मम्मी: ये क्या बकवास कर रहा है तू? तेरी हिम्मत कैसे हुई ऐसी बात करने की? जानता है इसका मतलब क्या है?

मैं: मैं जानता हूँ मैं क्या कह रहा हूँ। रात में चुपचाप अंकल को कमरे में लाती हो। और पापा के ना होने का फायदा उठाती हो। कल मैंने अंकल को आपके कमरे में जाते हुए देखा।

मम्मी समझ गई थीं कि अब मैं सब जान चुका हूँ।

मैं: मम्मी आपको शर्म नहीं आई? पापा बाहर काम करने जाते हैं। और आप उनके दोस्त के साथ चुदाई करवा रही हो। आने दो पापा को सब बताता हूँ उन्हें।

मैं मम्मी को डराना चाहता था। ताकि वो खुद मेरे साथ खुल जाएँ।

मम्मी: नहीं बेटा प्लीज अपने पापा को कुछ मत कहना।

मैं: नहीं मम्मी पता तो चलना ही चाहिए। उनके घर से जाने के बाद आप कैसे यहाँ पर मजे लेती हो। ताकि वो आपकी क्लास लगा सकें।

मैंने मोबाइल निकाला और पापा को कॉल करने लगा। मगर मम्मी ने मोबाइल ले लिया। मैं उनसे दोबारा मोबाइल लेने लगा। मगर मम्मी मोबाइल दे नहीं रही थीं।

मम्मी ने मोबाइल अपनी कुर्ती में डाल लिया। उन्होंने सोचा मैं वहाँ से मोबाइल नहीं निकालूँगा। मगर मैंने बिना सोचे हाथ उनकी कुर्ती में डाल दिया।

मम्मी के बड़े-बड़े दूध मेरे हाथ में आ गए। मैंने मोबाइल निकालने से पहले मम्मी के दूध 2 बार दबा दिए। मम्मी ने इस बात को नोटिस किया।

और फिर मोबाइल बाहर निकालके मैं कॉल करने लगा।

मम्मी: बेटा प्लीज पापा को मत बता ये सब।

मैं: मम्मी ये तो आपको करने से पहले सोचना चाहिए था।

मम्मी बार-बार मुझे मना कर रही थीं। मगर मैं उन्हें सिर्फ धमकी दे रहा था। ताकि वो पापा का राज़ मेरे सामने खोल दें। और आखिर उनके मुँह से सच बाहर आ गया।

मम्मी: बेटा तेरे पापा ये सब जानते हैं। जो तू उन्हें बताने के लिए मरा जा रहा है।

मैं: मम्मी खुद को बचाने के लिए झूठ मत बोलो। कोई भी पति अपनी बीवी को किसी से सेक्स करने के लिए क्यों कहेगा? ये सिर्फ पॉर्न में होता है।

मम्मी: बेटा मैं सच कह रही हूँ। अगर ये बात तू उन्हें कहेगा तो वो खुद से नजर नहीं मिला पाएँगे। कैसा लगेगा उन्हें जब वो ये बात जान जाएँगे कि उनका बेटा उनका राज़ जानता है।

मैं: मम्मी आप सच कह रही हो? खाओ मेरी कसम।

मम्मी: बेटा मैं तेरी कसम खाती हूँ। तुझसे बढ़कर मेरे लिए कोई नहीं है।

मैं: मम्मी मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है। पापा ऐसा भी कर सकते हैं। वो आपको किसी और से चुदाई करवाने के लिए कहते हैं।

मम्मी: बेटा ये चीज बहुत अजीब है। अब मैं तुम्हें कैसे समझाऊँ।

मैं: मम्मी जो भी है। मुझे खुलके बताओ।

मम्मी: बेटा ये सब इतना आसान नहीं है। तुम अभी ये सब नहीं समझ पाओगे।

मैं: मम्मी मैं अब कोई बच्चा नहीं हूँ। जो आपके दूध से दूध पीता हूँ। 19 साल का हो गया हूँ। और रही बात सेक्स की तो वो भी कर चुका हूँ।

मेरी बात सुनके मम्मी की आँखें बड़ी हो गईं।

मम्मी: ये तू क्या कह रहा है? किसके साथ ये सब तू कर रहा है?

मैं: मम्मी मेरी बात छोड़ो और अपनी बात बताओ। मैं तो अपनी दोस्त के साथ करता हूँ। जब आप घर से बाहर जाती हो। वैसे घर से बाहर भी चुदाई ही करवाने जाती हो।

मम्मी: ये तू कैसे बातें कर रहा है? तमीज भूल गया है क्या?

मैं: मम्मी तमीज से ही बात कर रहा हूँ। बस खुलके बात बोल दी। इसलिए बुरा मानने की जरूरत नहीं है। अब अपने बारे में बताओ।

मम्मी: बेटा तेरे पापा और मैं हम दोनों ये चीजें करते हैं। तेरे पापा नरेश अंकल की बीवी के साथ सेक्स कर चुके हैं।

मैं: ओह माय गॉड मम्मी आप दोनों कपल स्वैप करते हो।

मम्मी मेरे मुँह कपल स्वैप सुनके समझ गईं कि मैं कोई बच्चा नहीं हूँ।

मम्मी: हाँ बेटा हम दोनों ये सब करते हैं।

मैं: मम्मी सिर्फ नरेश अंकल के साथ ही हुआ है? या और भी कई लोग हैं?

मम्मी: हे भगवान मैं ये कैसे मुसीबत में फँस गई हूँ। मुझे अपने बेटे से ये कैसे बातें करनी पड़ रही हैं।

Next part ==> पापा के सामने मम्मी की चुदाई – 2

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