प्लीज पापा अब डाल भी दो

Papa beti ki chudai kahani:- हाए फ्रेंड्स! मै ज्योति, आपके लिए एक हॉट बाप बेटी की सेक्स स्टोरी लेकर आई हूँ। उम्मीद करती हूँ कि ये स्टोरी आपको पसंद आएगी। मै अमृतसर में रहती हूँ। मै कॉलेज मे पढ़ती हूँ और बीए थर्ड ईयर की स्टूडेंट हूँ। मेरी उम्र 21 साल है।

मेरी हाइट 5 फुट है, मै स्लिम गर्ल हूँ लेकिन मेरा फिगर अच्छा 34-28-34 है। मुझे टाइट कपडे पहनने का बहुत शौक है और मुझे लड़को को तड़पाना बहुत्त अच्छा लगता है। मै अपनी फ्रेंड्स मे सबसे सेक्सी और स्मार्ट थी। कॉलेज के सभी लड़के मुझ पर लाइन मारते थे, मुझे भी ये सबब अच्छा लगता था।

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मेरे कॉलेज में 3 बॉयफ्रेंड थे जिनके साथ मै एक एक बार सेक्स कर चुकी थी। ये कहानी मेरी और मेरे पापा की चुदाई की है। हम घर मे चार मेंबर है, मै, मेरी माँ, मेरा भाई और मेरे डैड। मेरे पापा की उम्र 45 साल है लेकिन वो बहुत ही यंग लगते है। उन्हें देख कर कोई ये नहीं कह सकता की वो 45 के होंगे! वो 30-32 साल के जवान लगते है और डेलि एक्सरसाइज की वजह से उनकी बॉडी भी पूरी शेप मे है।

Papa aur beti ki chudai story hindi

अब मै स्टोरी पर आती हूँ बात गर्मियों में कॉलेज की छुट्टियों की है। मेरा कॉलेज आउट ऑफ़ स्टेशन था और मै हॉस्टल में रहती थी। गर्मी की छुट्टियों में, मैं घर वापिस जाती थी और इस बार भी मै घर वापिस आ गयी। मेरे सब बॉयफ्रेंड मुझसे दूर हो गए थे और मुझे दुःख था की अब मै 2 महीने सेक्स नहीं कर पाऊँगी। मै घर आ गयी। मै कॉलेज से बहुत मॉडर्न हो चुकी थी और बहुत फ्रैंक भी।

मैंने मिनी स्कर्ट और शर्ट डाली हुई थी मै घर के अंदर आ गयी और सब से मिली और सब बहुत खुश हो गए। उसके बाद मै पापा से मिली पापा भी बहुत खुश हुए। उन्होंने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा और बोले की ज्योति तुम मर्यादाओं को भूल गयी हो? जो ऐसी ड्रेस मेरे सामने डाली हुई है। तो मैंने कहा ओके पापा आगे से ऐसी ड्रेसेस नहीं पहनूंगी! मुझे थोड़ा गुस्सा आया और थोड़ा दुःख भी हुआ।

उसके बाद रात हो चुकी थी तो हम सब बैठ कर बातें करने लगे।

पापा ने पूछा की ज्योति तेरी पढ़ाई कैसी चल रही है।

तो मैंने कहा की ठीक चल रही है पापा!

उसके बाद सब यूं ही बातें करने लगे और उसके बाद सोने के लिए चले गए। मेरा अपना अलग एक रूम है और मै काफी बोर हो रही थी घर आकर! कॉलेज में तो हर टाइम फ़्लर्ट करती थी मै! लेकिन अब मै घर में आ गयी थी। तो मैंने अपने आप को कण्ट्रोल करने की ठान ली बट मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था। मै अपने रूम में बेड पर लेटी हुई थी और मेरे दिमाग में सेक्स चल रहा था और मै हॉट हो रही थी। मैंने अपने रूम का डोर लॉक किया और अपने फोन में ब्लू मूवीज देखने लगी और मजा करने लगी।

Baap beti ki chudai ki kahani

मूवी में किसिंग सीन चल रहा था बॉय और गर्ल दोनों ही न्यूड थे। मुझे भी गर्मी चढ़ने लगी और मैंने अपनी नाइटी को ऊपर कर दिया और उतार दिया। ऊपर चादर ओढ़ ली और मूवी को देखते देखते अपने बूब्स को मसलने लगी। मुझे मजा आने लगा था उसके बाद जब मूवी में चुदाई होने लगी तो मैंने अपनी मिडिल फिंगर को अपनी चूत पर रगड़ा और अंदर दे दिया।

मै अपनी फिंगर को चूत में देकर आगे पीछे करने लगी, जिससे में हॉट हो रही थी। मेरे मुँह से हलकी हलकी सिसकारियां निकालने लगी। मै मूवीज को देख कर जोर जोर से अपनी चूत में उंगलिया करने लगी। थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकल आया और में शांत हो गयी, उसके बाद मुझे चेन की नींद आ गयी।

मेरी तो ये सोच कर हालत ख़राब हो रही थी की मै बिना सेक्स किए 2 महीने कैसे काटूंगी। मैंने अपनी फ्रेंड को फ़ोन किया तो उसने कहा की मैंने घर आकर अपने कजिन ब्रदर के साथ अफेयर कर लिया है। वो मुझे खूब चोदता है तो मैंने कहा की मै क्या करू तो उसने कहा की तू भी कोई ऐसा ही जुगाड़ कर ले। फिर उसने फोन काट दिया अब मै सोचने लगी की मै ऐसा जुगाड़ कैसे करू।

मेरे तो सारे रिश्तेदार भी दूर है और मेरा ब्रदर भी छोटा है। उसके बाद मेरा ध्यान एक ही शक्स पर गया वो थे मेरे पापा! पहले मैंने सोचा की नहीं ये गलत है ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन मै तो हवस मे अंधी हो चुकी थी तो मैंने ये सोचा की अगर मेरी फ्रंड ये सब कर सकती है तो में क्यों नहीं कर सकती। घर की बात घर में ही रह जाएगी और किसी को पता भी नहीं लगेगा।

फिर मै ये सोचने लगी की पापा को मनाया कैसे जाये। वो तो बहुत ही स्ट्रिक्ट नेचर के है। मै रात भर यही सोचती रही, पहले मैंने ये पता लगाने की सोची की पापा औरतों को देखते है या नहीं! तो मैंने सुबह से अपने मिशन पर काम करना शुरू कर दिया।

अगली सुबह जब पापा सुबह सुबह जॉगिंग करने गए तो मै भी उसी टाइम उठी और जॉगिंग करने के बहाने पापा का पीछा करने लगी। पापा घर के बाहर निकल चुके थे! मै भी पापा के पीछे पीछे जॉगिंग कर रही थी। हमारे घर के बाहर ही एक पार्क था इसलिए बिना किसी प्रॉब्लम के हम जब मर्जी आ जा सकते थे।

बाप बेटी की चुदाई की सेक्स स्टोरी

मै पापा के पीछे पीछे थी और पापा आगे, अब मैंने नोट किया की पापा रास्ते में जा रही सब सेक्सी लड़कियों और औरतों को देख रहे थे। वो लड़कियों को एक्सरसाइज करते हुए देखते थे। अब मुझे पता चल गया था की मेरे पापा एक नंबर के ठरकी पापा है मतलब की काम बन जायेगा और में खुश हो गयी। मेरे दिमाग में एक प्लान चल रहा था मैंने सोचा की क्यों ना पापा को गरम किया जाये ताकि वो खुद ही मेरी प्यास बुझाने के लिए तैयार हो जाएँ। पापा पार्क में पेड़ के साथ वाली चेयर पर बैठे हुए थे और योग कर रहे थे।

मै पापा के सामने आ कर खड़ी हो गयी। मेरी बैक वाली साइड पापा को नजर आ रही थी। मैं मुँह पर कपड़ा लगाकर खड़ी थी। मैंने टाइट ट्रैक सूट डाल रखा था। मैंने सोचा क्यों ना मै पापा के सामने एक्सरसाइज करू, उन्हें ये भी पता नहीं लगेगा कि मै उनकी बेटी हूँ और काम भी हो जायेगा। तो मैंने अपनी ट्रैक जैकेट उतार दी अब मै सैंडो और टाइट लोअर में थी और एक्सरसाइज करते टाइम मेरी गांड पापा वाली साइड थी।

मै सेक्सी पोज़ बना बना कर एक्सरसाइज कर रही थी। मैंने हलकी सी नजर घुमा कर देखा तो पापा मेरे फिगर को ही देख रही थे। वो हवस की नजरो से देख रहे थे मेरा मन एकसाइटेड हुआ और मै जोर जोर से अपनी गांड हिला हिला कर एक्सरसाइज करने लगी। मैंने पापा को एकदम तड़पा दिया था फिर में जैकेट पहन कर वहाँ से घर आ गयी और बैठकर न्यूज़ पेपर पढ़ने लगी।

थोड़ी देर बाद पापा आ गए जैसे ही पापा ने मुझे देखा वो मुझे देख कर थोड़े शोक हो गए। उन्हें अब समझ में आ गया था की जिसे वो घूर घूर कर देख रहे थे वो उनकी बेटी थी। मैंने कहा गुड मॉर्निंग पापा तो उन्होंने टेंशन में जवाब दिया। मैंने जानबूझकर कहा क्या हुआ पापा सब ठीक तो है ना? तो उन्होंने कहा हाँ बेटी सब कुछ ठीक है!

उसके बाद पापा नहाने चले गए! जब पापा नहा कर बाहर आए तो उनका शरीर देख कर मई तो पागल हो गयी। मेरा तो दिल कर रहा था की अभी जाकर पापा के सीने से लिपट जाऊ लेकिन मैंने कण्ट्रोल किया।

उसके बाद मै नहाने चली गयी मुझे पापा का शरीर याद आ रहा था। तो मैंने नहाते वक्त अपनी चूत में उंगलिया कर ली और अपने आप को शांत कर लिया। उसके बाद सबने नाश्ता किया और पापा ऑफिस चले गए। फिर मैंने घर में बैठे बैठे सोचा की ऐसा क्या करू जिससे पापा अपने आप ही मेरी चूत मारने के लिए तैयार जाये। यही सोचते सोचते शाम हो चुकी थी।

पापा घर आए तो मै तैयार होकर बैठी थी क्योकि माँ ने कहा था की पापा के साथ मार्किट चली जा कुछ सामान मंगवाना है। तो मै तैयार थी मैंने ब्लैक कलर की मिनी स्कर्ट और रेड कलर का टॉप डाला हुआ था, जो की में डेट पर डालती थी। थोड़ी देर बाद पापा घर आए और माँ ने कहा की बेटी के साथ मार्किट जाकर जरा सामान ले आओ तो पापा ने कहा ठीक है।

मै पापा के पास आई तो पापा मुझे ऊपर से लेकर नीचे तक घूरने लगे। मुझे लगा आज फिर डांट पड़ेगी पर पापा ने मुझे मिनी स्कर्ट पहनने पर कुछ भी नहीं कहा था। में खुश हो गयी की पापा को मै पसंद हूँ।

पापा ने स्माइल करते हुए कहा कि चलें बेटी?

तो मैंने कहा जी पापा!

तो हम मार्किट की तरफ निकाल गए हम कार मे थे। पापा की नजरे मेरी मिनी स्कर्ट पर थी मै अनजान होने का नाटक कर रही थी। मुझे लगने लगा कि पापा मेरी तरफ अट्रेक्ट होने लगे है। मै एक्साइटीड़ थी! हम मार्किट पहुंच गए थे वहाँ बहुत ही भीड़ थी तो हमने कार को पार्किंग में लगा दिया। और भीड़ में चले गए बाजार में सेल लगने के कारण बहुत ही ज्यादा भीड़ थी। मै आगे चल रही थी पापा पीछे चल रहे थे।

अचानक से भीड़ में धक्का मुक्की होने लगी हम भीड़ में फंस गए थे। मुझे आगे से धक्के आ रहे थे और पापा को पीछे से धक्के लग रहे थे। धक्का लगने के कारण पापा मेरे पीछे से टच हो गए थे। उनका लंड मेरी गांड में टच हो गया!

मै धक्का लगने का नाटक करते हुए पीछे की तरफ अपने आप धकेलने लगी और पापा के लंड का स्पर्श पा लिया। पापा लंड मेरी गांड के साथ सट गया था और भीड़ ज्यादा होने के कारण किसी को पता नहीं चल रहा था। अब मै और पापा एक दूसरे के साथ साथ आ गए थे।

मेरा पूरा जिस्म मेरे पापा के सीने से लग रहा था मुझे मजा रहा था और मै हॉट हो रही थी और पापा का लंड भी खड़ा सख्त हो रहा था। मै पापा को और सेड्यूस करने लगी और अपनी गांड को हिलाने लगी। अब मेरी गांड पापा के लंड को घिस रही थी और मै अपना कण्ट्रोल खोती जा रही थी।

बाप बेटी की चुदाई की कहानी

पापा का भी कण्ट्रोल लूस हो रहा था और पापा भी अपना लंड मेरी गांड पर लगा रहे थे। अचानक मैंने महसूस किया की पापा के दोनों हाथ मेरी कमर पर है, उन्होंने मुझे कमर से पकड़ा हुआ है। मै हैरान हो गयी थी मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पापा ने अपना कण्ट्रोल खो दिया था और उन्होंने अपना एक हाथ मेरी मिनी स्कर्ट के अंदर डाल दिया और मेरी गांड को ऊपर से सहलाने लगे।

मुझे बहुत मजा आ रहा था लेकिन मै ऐसे रियेक्ट कर रही थी की जैसे भीड़ बहुत ज्यादा है। मै खुश हो गयी थी की आखिर मैंने पापा को सेड्यूस कर ही दिया। वो अपने साथ से मेरी गांड सहलाये जा रहे थे। थोड़ी देर हमने मजे लिए उसके बाद वो नार्मल हो गए और हम भीड़ मे से निकल गए।

हम मार्किट में शॉपिंग करने लगे लेकिन पापा ने मुझसे बात नहीं की मैंने भी नहीं की। हम शॉपिंग करने के बाद घर आ रहे थे तो पापा ने मुझे कहा की ज्योति जो भी हुआ उसको भूल जाओ और किसी को मत बताना। तो मैंने कहा की कोई बात नहीं पापा डोंट वरी ऐसी गलतिया हो जाती है आखिर हो तो आप भी एक मर्द! मैंने ये कहकर एक सेक्सी स्माइल देकर ग्रीन सिग्नल दे दिया। पापा भी मुस्कुराये और कहा की बेटी अब समझदार हो गयी है।

रात का टाइम था कॉलोनी की लाइट गयी हुई थी तो पापा ने रोड के किनारे कार को लगाया और कार की सारी लाइट्स ऑफ़ कर दी। और मेरी थाई पर हाथ रख दिया मैंने कहा क्या कर रहे हो पापा? तो पापा ने कहा की मेरी बेटी इतने दिनों बाद आयी है थोड़ा प्यार नहीं कर सकता उसे? तो मैंने कहा की जरूर पापा तो उन्होंने अपने होंठों को मेरे होंठों से मिला दिया और मेरी मिनी स्कर्ट में हाथ दे दिया।

उन्होंने कार की सीट को लिटा दिया और मुझे भी लिटा दिया और खुद ऊपर लेट गए। उन्होंने जमकर मेरे होंठों को चूसा और मेरे बूब्स मेरी टॉप से बाहर निकाल दिए और मेरी पेंटी को नीचे करके मेरी चूत में उंगलिया देने लगे। मेरी तो मजे से जान निकल रही थी ओह माय गॉड मेरे पापा मुझे चोद रहे है वाओ!

मैंने अपने आप को शाबाशी दी की वाह ज्योति तू तो किसी को भी पटा सकती है। पापा मुझे भूखे प्यासे की तरह चूस रहे थे। मै भी पापा का लंड सहला रही थी। लेकिन टाइम कम होने के कारण हम कुछ खास नहीं कर सके। पापा ने मेरी चूत मे उंगलिया कर के मेरा पानी निकाल दिया और उसे अपने मुँह पर रख कर पी गए।

और कहा की काफी सेक्सी है मेरी बेटी!

मै हंसी और कहा की फिर बेटी किसकी हूँ…..

तो पापा खुश हुए उसके बाद मैंने अपने कपडे ठीक किए और हम घर की तरफ चल दिए।

पापा ने मुझे कहा की बेटा कल ऑफिस मेरे साथ चलना बाकि का प्यार मै वहाँ दूंगा!

तो मैंने कहा की ठीक है मै आपके साथ नहीं आउंगी नहीं तो माँ बोलेगी। मैंने कहा की में घर से बहाना करके आउंगी!

तो पापा ने कहा ठीक है ज्योति!

फिर हम घर आ गए और नार्मल बीहेव करने लगे। हमने डिनर किया और सो गये। अगली सुबह जब मै उठी तो पापा ऑफिस जा चुके थे। 10 बजे मुझे पापा की कॉल आई कि 11 बजे मेरे ऑफिस में आ जाना कोई नहीं है। तो में तैयार होने लगी मैंने आज शॉर्ट्स डाले हुए थे। जो मेरे घुटनो से बहुत ऊपर थे और साथ में येलो कलर का टॉप था जिसका गाला बहुत बड़ा था।

मेरे बूब्स बाहर आने को तड़प रहे थे, मैंने आज पेंटी और ब्रा भी नहीं डाली थी, जिससे मै और भी सेक्सी लग रही थी। जब मै चलती तो मेरी गांड और बूब्स बबल गम की तरह हिलते। मुझे देखने वाले सब मर्द पागल हो जाते।

मै 10:30 पर घर से बाहर निकली ये कहकर कि मै फ्रेंड के घर जा रही हूँ। मैंने अपनी एक्टिवा उठाई और सीधा पापा के ऑफिस आ गयी। मुझे आधा घंटा लग गया था पापा के ऑफिस पहुंचने में। पुरे 11 बजे मै ऑफिस पहुँच गयी! मैंने पापा को कॉल किया, पापा ने कहा की मेरे ऑफिस में आ जाओ।

तो मै उनके ऑफिस में गयी! पापा ने अपने केबिन का डोर खोला और मुझे अंदर खींच कर बंद कर दिया और लॉक लगा दिया। पापा का केबिन मिरर वाला था, जिससे सेक्स करने में रिस्क था। इसलिए पापा ने मुझे बाथरूम में भेज दिया और 5 मिनट मे खुद आ गये!

पापा ने आते ही मुझे हग किया और कहा डार्लिंग! आज तुम कमाल लग रही हो! इतनी सेक्सी तो तुम्हारी माँ भी नहीं जितनी तुम हो कसम से तुम सेक्स बम हो!! मैंने हंसी में कहा पापा आप भी ना बस…….. तो उन्होंने मुझे दीवार के साथ लगा दिया और फ्रेंच किस करने लगे! मै भी उनका पूरा साथ देकर उनको किस कर रही थी! उनका एक हाथ मेरी कमर में था और दूसरा मेरे बूब को सहला रहा था।

मै मस्त होकर मजा ले रही थी! फिर उन्होंने मेरे टॉप को उतार दिया और मेरे 34 के बूब्स को अपने मुँह में ले लिया। उन्होने अपनी मिडिल फिंगर मेरे मुँह में दे दी और मै चूसने लगी। पापा मेरे निप्पल को दबाने लगे जिससे मेरी सिसकारी निकलने लगी

मै – उई माँ आआअह्ह्ह्ह सससस……. की आवाजे मेरे मुंह से निकलने लगी!

उसके बाद पापा ने धीरे धीरे से मेरे शॉर्ट्स को निकाल दिया। अब मै अपने पापा के सामने पूरी नंगी खड़ी थी। पापा ने मुझे पकड़ा और मुझे वॉश बेसिन की स्लेप पर बिठा दिया। अब उन्होने मेरी दोनों टैंगो को अच्छे से खोल दिया! मै भी आज चूत शेव करके आई थी जिससे मेरी चूत चिकनी लग रही थी। उसके बाद पापा ने धीरे से अपनी जुबान मेरी चूत पर फेरी! उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़….. क्या बताऊ मेरी तो मजे से चूत गीली हो गयी थी! पापा ने मेरी चूत को चूसना चाटना स्टार्ट किया! वो मेरी चूत मे अपनी जीभ फेरते रहे! मुझे बहुत मजा आ रहा था और कुछ ही देर मे मै झड़ गयी! पापा ने मेरा सारा पानी पी लिया

उसके बाद मैंने पाप के कपडे उतारे। जब मैंने उनका अंडरवियर निकाला! ओह्ह माय गॉड!! 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड मेरे सामने था।

मैंने पापा से कहा की आपका लंड तो बहुत बड़ा है!!

मैंने इतना बड़ा लंड कभी भी नहीं देखा था!! फिर मैंने लंड की टोपी को अपने मुह मे ले लिया और लंड को अपने होंठों से सहलाने लगी और ऊपर नीचे करने लगी।

पापा को बहुत मजा रहा था आआह्ह्ह्ह बेटी इ आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ममममममममम….और जोर से चूसो ज्योति अपने पापा का लंड!

मैंने ये सुनकर अपनी रफ़्तार बढ़ा दी! 5 मिनट तक मैंने पापा का लंड अपने मुँह में रखा। उसके बाद पापा ने मेरा चुदाई का पोज़ बनाया! उन्होंने मेरे दोनों हाथ दीवार के साथ लगा दिए और मुझे एक टांग के सहारे खड़ा कर दिया! उन्होने मेरी दूसरी टांग को अपने कंधे पर रख दिया और टांग को पकड़ कर नीचे से अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगे! मुझे बहुत मजा आ रहा था! मैंने पहले कभी ऐसे पोज़ मे नहीं चुदवाया था। कुछ देर बाद पापा ने अपने लंड का टोपा मेरी चूत में डाल दिया। वो आराम से मेरी चूत में समा गया! baap beti ki chudai kahani

फिर पापा बोले की बेटा तेरी चूत पहले से ही फटी हुई है तो मै डर गयी और कहा की हॉस्टल में रेस होती है तो भाग दौड़ करने से चूत की सीट टूट जाती है। तो पापा ने कहा की ओके फिर पापा ने एक जोरदार झटका दिया और अपना आधा लंड मेरी चूत में डाल दिया। मेरी चूत मे भयंकर दर्द हुआ। दर्द के मारे मेरी जान निकलने वाली थी। पापा ने एक और झटका मार दिया और पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया!

मै हैरान हो गयी की ओह माय गॉडडडडड…………………8 इंच का लंड मेरी चूत में पूरा चला गया है! उसके बाद पापा ने धीरे धीरे आगे पीछे करना स्टार्ट किया और मै भी अपनी चूत को आगे पीछे हिलाने लग गयी थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था ऐसा लग रहा था की लोहे की गरम गरम रॉड मेरी चूत में घुस गयी हो। मै मस्त हुई खड़ी हुई थी और पापा मुझे चोद रहे थे!

मै मस्ती मे आवाज़ें निकाल रही थी – जोर से और जोर से आह्ह ओह्ह्ह्हह्ह……..सससससस…..मममममम फकककककक मी पापा फ़क इन डीप! इससे पापा को जनून चढ़ गया और वो जोर जोर से झटके लगाने लगे और कहने लगे-

पापा – ले बेटीईई………और ले…आह्ह्ह्हह्हह!!

उनकी स्पीड बढ़ती ही जा रही थी। 15 मिनट लगातार उन्होने मुझे जोर जोर के झटके मारे! मै तो चुदवा कर थक चुकी थी लेकिन पापा पर अब भी जनून सवार था! मेरी चूत लाल हो चुकी थी! मजे से मेरे बुरा हाल हो गया था। 5 मिनट और चोदने के बाद पापा ने एक दम से कहा-

पापा – ज्योति मेरा निकलने वाला है तो मैंने फटाफट पोज़ चेंज किया और अपने मुँह को लंड के आगे ले गयी और गरम गरम माल की पिचकारी मेरे मुँह में समा गयी। मैंने पापा का सारा पानी पी लिया! पापा ने मुझे चोद चोदकर मेरी टांगें चौड़ी कर दी थी और मेरी गांड सूज गयी थी! मुझे शॉर्ट्स अब टाइट हो गए थे और मेरी चाल बदल गयी थी!

मैंने कहा पापा ये अपने क्या कर दिया?

तो पापा ने कहा की बेटी पहली बार किसी मर्द से चुदाई करवाने पर यही होता है!

मैंने कहा आपने तो मेरी चूत ही फाड़ दी!!

उसके बाद हमने केबिन में बैठकर थोड़ी देर बातें की और उसके बाद में उसी पोजीशन में आकर ऑफिस से बाहर निकल गयी और घर चली आई। मैंने 2 महीने अपने पापा से जमकर चुदाई कारवाई। पापा ने मुझे चोद चोदकर मेरी गांड का साइज 2 महीनो मे ही 34 से 38 कर दिया।

अब मुझे बॉयफ्रेंड से चुदवाने का मन नहीं करता था! …..तो दोस्तों कैसे लगी मेरी स्टोरी कमेंट करना मत भूलना! धन्यवाद !

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