हुमा एक हाउस वाइफ और मिश्रा पान वाला – 9
Huma bhabhi ki hardcore chudai story:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मिश्रा ने हुमा को छूने की और बूब्स वगैरह पर टच करने की कोशिश की तो हुमा मिश्रा से नाराज होकर उसको थप्पड़ मारकर घर आ गई। मिश्रा को लगा कि उसकी सारी मेहनत बेकार हो गई और अब वह कभी हुमा को चोद नहीं पाएगा। तब मिश्रा ने शांता को फोन किया और सारी बात बताई और उसको धमकी भी दी कि अगर वह हुमा को चोद नहीं पाया तो शांता को एक पैसा भी नहीं देगा।
शांता ने फिर हुमा को मिश्रा की मजबूरी समझाई लेकिन हुमा अब भी मिश्रा से नाराज थी और वह मिश्रा को फोन भी नहीं उठा रही थी। फिर शांता ने एक प्लान बनाया और आकर हुमा को खबर दी कि मिश्रा हमेशा के लिए शहर छोड़कर जा रहा है और हुमा को मिश्रा को मनाकर शहर छोड़कर जाने से रोकने के लिए कहा। पहले तो हुमा झिझकी लेकिन असल मे वह भी नहीं चाहती थी कि मिश्रा शहर छोड़कर जाए, इसलिए हुमा मिश्रा को मनाने के लिए घर से बिना बुर्का पहने ही निकल गई। अब पढिए ये hindi sex story आगे.
पिछला पार्ट यहाँ पढ़ें ==> हुमा एक हाउस वाइफ और मिश्रा पान वाला – 8
Huma bhabhi ki hardcore chudai story
जैसे घर से निकली थी तो शांता ने मिश्रा को कॉल किया था की वो आ रही है और उनके बीच क्या बातें हुई कुछ मिनट पीछे जाते है।
शांता – हल्लो।
मिश्रा – हाँ बोल।
शान्ता – तुम्हारी बुलबुल निकल चुकी है तुम्हारे पास आने के लिए।
मिश्रा – क्या बात है अगर आज बात बन गयी तो तुझे माला माल कर दूंगा।
शान्ता – मै भी तो उसी के लिए ये सब कर रही हु।
मिश्रा – मगर मेरे मन में एक शक है।
शांता – कैसा शक?
मिश्रा – अगर ये मुझ से चुदने के बाद वह फिर से आत्म ग्लानि करने लगी और बात उसके पति के पास चली गयी तो हमारा आखरी प्लान तुमको अंजाम देना होगा। हुमा भाभी बहोत शरीफ है इतनी आसानी से नहीं खुलेगी तुमने सावित्री से बात कर ली है ना? उसको आज ही बुला लो और सैफ को भी बुला लेना।
शांता – क्या वो प्लान आज ही करना है? वो तो कुछ दिन बाद का प्लान था ना?
मिश्रा – मै भाभी को जानता हूं चुद गयी तो फिर उसको पछतावा होगा और आज ही वो प्लान कर दे तो फिर बात बन जाएगी।
शांता – ठीक है मै करती हूं तुम मुझे कॉल कर देना।
मिश्रा – ठीक है।
हुमा उस बुड्ढे के बताये घर के बाहर आती है उस घर का दरवाज़ा पुराने ज़माने का लग रहा था उसका लॉक भी कई साल पुराना लग रहा था। हुमा आगे बढ़ी और उसने दरवाज़ा खटखटाया.
अंदर से आवाज़ – कौन है?
ये आवाज़ मिश्रा की थी।
हुमा को कन्फर्म हुआ की ये घर मिश्रा का ही है।
दरवाज़ा खुलता है सामने मिश्रा खड़ा था, वो हुमा को देख चौकने की एक्टिंग करता है।
हुमा आज भी क़यामत लग रही थी।
मिश्रा – भाभी जी आप?
मिश्रा खुश होते हुए कहता है फिर अगले पल ही उदास होकर कहता है अच्छा हुआ आप आ गयी भगवान ने मेरी सुन ली ये शहर हमेशा के लिए छोड़ कर जाने से पहले मै आप से मिलना चाहता था।
हुमा – क्या मै अंदर आ सकती हूँ?
मिश्रा – ओह्ह माफ़ करना अंदर आइए।
अंदर जाते ही एक छोटा सा हॉल था, उसके करीब में ही किचन था। किचन के पास में ही वाशरूम था एक और रूम था वो मिश्रा का बैडरूम था। हुमा ने अंदर जाकर देखा तो कुछ सूटकेस रखे थे, जैसे मिश्रा जाने की तैयारी कर रहा हो.
मिश्रा – भाभी जी जाने से पहले आपकी माफ़ी चाहता हूं आप मुझे माफ़ कर देगी तो मै शांति से जा सकूंगा।
हुमा – आप ने सोचा कैसे जाने का और फिर वजह क्या है जाने की?
मिश्रा – आप वजह हो आप जैसी देवी का विश्वास तोडा है मैंने, बहोत बड़ा पाप किया है मैने।
मिश्रा ऑस्कर अवार्ड विनिंग एक्टिंग कर रहा था उसकी चिकनी चुपड़ी बातो में आखिर हुमा आ ही गई।
हुमा – मैंने आपको माफ़ किया आप को मेरी कसम है अगर आप चले गए तो मै भी ज़िंदा नहीं रह पाऊँगी, आप ही तो मेरे हमदर्द है।
ये सुन मिश्रा खुश हुआ।
मिश्रा – भाभी जी आपने मुझे माफ़ कर दिया भगवान तेरा लाख लाख शुक्र है।
हुमा – अब तो आप नहीं जायेंगे ना?
मिश्रा – मै भी आपसे दूर नहीं जाना चाहता हूं भाभी जी! मगर क्या है ना अब मै आपके साथ रह भी नहीं सकता, पता नहीं आपको देखके मुझे क्या होने लगता है, आप जब भी मेरे करीब होती है मेरी बेरंग ज़िन्दगी मुझे रंगीन लगने लगती है। आप मुस्कुराती है तो लगता है ज़िन्दगी ऐसे ही रुक जाये, आप की खूबसूरती आपकी अच्छाई ने मुझे पागल कर दिया है।
मिश्रा देखता है हुमा का कुछ रिएक्शन नहीं है तो वो हुमा को गले लगा लेता है.
हुमा – चौकते हुए भाई साहब छोड़िये ये क्या कर रहे है? ये गलत है! गुनाह है!
मिश्रा ने देखा की हुमा सिर्फ जुबान से ना ना कर रही थी, वो उस दिन की तरह मिश्रा को पीछे नहीं ढकेल रही थी। मिश्रा की हिम्मत बढ़ गयी, उसने एक झटके में हुमा के सर से चेहरे तक दुपट्टा बंधा था, उसको निकाल दिया और साइड में रख दिया। आज पहली बार मिश्रा ने हुमा के बालो को देखा था। ब्लैक गोल्डन सिल्की बाल, जो एक क्लिप में बंधे थे। मिश्रा ने हुमा को घुमाया और पीछे से पकड़ लिया। मिश्रा का हाथ हुमा के पेट पर था।
हुमा – आह्ह्ह्ह भाई साहब छोड़िये ये आप ठीक नहीं कर रहे है!
मिश्रा के हाथ पेट से होते हुमा के बूब्स पर आ कर रुक गए। हुमा के बूब्स का साइज इतना बड़ा था की मिश्रा की बड़ी हथेलियाँ भी उसपर छोटी लग रही थी। मिश्रा ने दोनों बूब्स को अपने हाथो से दबा दिया।
हुमा अपनी पूरी ताकत लगा कर मिश्रा के हाथो को रोकने की नाकाम कोशिश करने लगी, आखिर वो एक औरत थी, मिश्रा से ताक़त में कहाँ जीत पाती।
मिश्रा की काली हथेलिया हुमा के वाइट सूट पर से उसके बूब्स दबा रही थी। इस तरह हुमा के बूब्स कई दिनों बाद दबाये गए थे, तो उसके जिस्म में एक अजीब सी सनसनाहट शुरू हो गयी।
हुमा – छोड़िये भाई साहब आआह्ह्ह्हह्ह! नहीं!
ऐसे बोलते हुए हुमा मिश्रा के हाथो को रोकने की कोशिश करती रही, कुछ देर बूब्स दबाते हुए मिश्रा ने हुमा गले पर कुछ किश कर दिए। हुमा के गर्दन पर मिश्रा की लाल पान खायी जुबान का निशान लग गया और पुच पुच की आवाज़ आयी, जो की मिश्रा के किश करने की आवाज़ थी। आवाज़ तो हुमा की चूडियो की भी आ रही थी. मिश्रा ऐसे ही बूब्स दबाते हुए हुमा को उसके बैडरूम में लेकर आ गया। मिश्रा हुमा को पीछे से धक्का लगाते हुए आगे बढ़ा रहा था। हुमा भी हर धक्के के साथ आगे बढ़ती गयी, उसके बैडरूम में आते ही अंदर एक पुराना सा बेड था, जिसपर एक गद्दा था और उस गद्दे पर चादर बिछी हुई थी और कुछ तकिये पड़े थे, जिनके कवर भी मैले लग रहे थे।
मिश्रा ने अंदर आते ही हुमा को बेड की तरफ धकेल दिया, हुमा ने अपने आपको गिरने से बचाने की कोशिस की, मगर वो पेट के बल बेड पर गिरी, जब वो बेड पर गिरी तो उसकी बड़ी गांड सलवार में भी हलकी सी हिलती हुए मिश्रा को नज़र आयी। मिश्रा ने ललचाई नज़रो से हुमा की गांड को देखा और अपने कठोर काले हाथो को आगे ले जाकर हुमा की मोटी बड़ी गांड की गोलाईओ को मसल दिया।
हुमा – आह! उफ्फ़! मत कीजिये भाई साहब।
मिश्रा गांड को मसलता है और हुमा को घुमा कर पीठ के बल लिटा देता है, हुमा हाँफ रही थी उसकी आँखे बंद हो गयी थी। हुमा उठ कर भाग सकती थी मगर पता नहीं क्यों, वो बेड पर आँखे बंद किये हुए लेटी रही। मिश्रा की हिम्मत बढ़ती गयी वो खुश था, शायद आज उसका प्लान कामयाब होने वाला था। मिश्रा हांफते हुए हुमा को देख रहा था, जिसके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे. उसे देख मिश्रा की वासना और बढ़ गयी। मिश्रा जाकर हुमा के उपर लेट गया, मिश्रा का वेट जिस्म पर पड़ते ही
हुमा शॉकड सी हो गयी। मिश्रा का वेट ज्यादा था, सैफ के मुक़ाबले। मिश्रा हुमा पर लेटते ही उसके गले पर चूमने लगा।
हुमा भी अपना चेहरा इधर उधर कर रही थी, हुमा के गले पर मिश्रा की लाल जुबान के निशान पड़ रहे थे। हुमा के बड़े बूब्स मिश्रा के सीने में धस गए थे।
हुमा – भाई साहब आप गलत कर रहे है! ये गुनाह है! आहहहहहह! मत कीजिये प्लीज।
अगले ही पल एकदम से हुमा की आवाज़ बंद हो गयी क्यों की हुमा के गुलाबी लिप्स पर मिश्रा के काले लिप्स ने कब्ज़ा कर लिया था।
हुमा – उम्म्म्म उम्मम्मम्मम उम्म्म्मममम
मिश्रा अपने काले लिप्स से हुमा के गुलाबी लिप्स चूसने लगा था। कुछ देर लिप्स की चुसाई के बाद मिश्रा ने अपने काले लिप्स को हुमा के गुलाबी लिप्स से आज़ाद कर दिया। लिप्स आज़ाद होते ही हुमा हांफने लगी और हांफते हुए कहने लगी.
हुमा – आह्ह्ह्ह उफ्फ़ आह! भाई साहब आप ये सब क्या कर रहे है? मत कीजीए।
मगर मिश्रा कहाँ मानने वाला था, एक काला मोटा सा मिश्रा, जिसका चेहरा भी बड़ा सा, मगर उसकी अच्छाई की झूटी कहानियो ने उसकी शक्ल को अच्छा बना दिया था। नहीं तो हुमा ऐसे मर्द को करीब से देख कर भी डर जाती। मिश्रा अब पुरे जोश में आ चुका था, वो हुमा के जिस्म से अलग होकर उसके करीब बैठ गया। हुमा की आँखे बंद थी, उसको लगा की मिश्रा ने उसको छोड़ दिया। मगर अगले पल ही वह गलत साबित हुई, मिश्रा ने उसका कमीज़ पकड़ा और ऊपर की तरफ करने लगा।
हुमा ने मिश्रा के हाथ को पकड़ा और कहा मत कीजिये भाई साहब प्लीज आप को मेरी कसम आह्ह्ह्हह्ह मत कीजिये।
मगर उसका कमीज़ उसके बूब्स तक आ गया था, उसके वाइट कमीज़ के अंदर की वाइट ब्रा मिश्रा को दिखाई दी। जिसे देख मिश्रा और पागल सा होने लगा। उसने और हुमा की कमीज़ को ऊपर किया तो नतीजा ये हुआ की हुमा की ब्रा का कप, पूरा मिश्रा के सामने आ गया। हुमा सिर्फ ना ना कहते रह गयी और मिश्रा ने उसका ब्रा का कप ऊपर करके उसके बड़े बूब्स को आज़ाद कर दिया। बड़ा सा गोरा बूब्स ब्रा से बाहर आकर हिल कर रुक गया। इतना गोरा और बड़ा बूब्स मिश्रा ने आज तक नहीं देखा था, उसपर एक ब्राउन निप्पल। उसके लंड में तो जैसे खून उतर आया।
हुमा – आअह्ह्ह्हह nahiiiiiiiiii
और अगले ही पल हुमा की हलकी सी चीख जो निकली थी, दब कर रह गयी क्योंकी उसका ब्राउन निप्पल मिश्रा के मुह में था।
सुससररररररर सुरररररर करते हुए मिश्रा हुमा का बूब्स चूसने लगा, हुमा की चीख सिसकारी में बदल गयी। ऐसे वाइल्ड तरीके से सैफ ने भी कभी नहीं चूसा था उसका बूब्स। मिश्रा के बूब्स सकिंग की वजह से हुमा की चूत में झुरझुरी सी आ गयी। मिश्रा ने अब तक जो किया था, उससे सिर्फ हुमा के जिस्म में सनसनाहट हो रही थी, मगर बूब्स की चुसाई से उसकी चूत ने भी उसका साथ छोड़ दिया था। मिश्रा बूब्स चूस रहा था और दूसरे हाथ से उसका दूसरा बूब्स दबा रहा था, जो ब्रा और कमीज में फसा था.
हुमा – सीस्शह्ह्ह्हह्ह सशह्ह्ह्हह्ह मत कीजिये।
हुमा की आवाज़ में मदहोशी आ गयी थी, जो शातिर मिश्रा ने पहचान लिया था। अगले पल मिश्रा ने उसका दूसरा बूब्स को भी आज़ाद कर दिया और उसको भी चूसने लगा। हुमा के वो बड़े नंगे बूब्स अब मिश्रा की गिरफ्त में थे। मिश्रा बारी बारी दोनी निप्पल चूस रहा था, मिश्रा का रेड कलर का थूक हुमा की बूब्स पर फ़ैलने लगा था। हुमा भी मिश्रा के रंग में रंगने के लिए तैयार हो रही थी. कुछ देर बूब्स चूसने के बाद मिश्रा अपना हाथ नीचे ले जाकर सलवार का नाडा टटोलने लगा। जैसे नाडा उसके हाथ आया, हुमा उसके हाथ को पकड़ कर बोली।
हुमा – नहीं प्लीज भाई साहब।
मगर मिश्रा ने उसकी बात को इग्नोर करते हुए नाडा खींच दिया और उठ कर हुमा के पैरो के पास आकर उसकी सलवार को कमर से ऐसे खींचा कि साथ ही साथ हुमा की वाइट पैंटी भी नीचे आ गई। हुमा की चूत के पास जहां बाल होते है वहाँ तक सलवार उतर गयी। हुमा की चूत के ऊपर भी हलके से गोल्डन बाल थे जिसे देख मिश्रा की आँखे सुर्ख लाल हो गयी थी। मिश्रा के हाथो पर हुमा के हाथ थे, मगर वो बेकार कोशिश कर रही थी मिश्रा को रोकने की, क्यों की उसकी हाथो में उतनी जान ही नहीं बची थी की वो मिश्रा को रोक सके।
उसने अब अपनी वासना पर कण्ट्रोल करते हुए और ज़ोर लगाया, हुमा की बड़ी गांड के नीचे फंसी सलवार और पैंटी एक झटके से घुटनो तक आ गयी। हुमा शर्म से गड़े जा रही थी। आज पहली बार किसी गैरमर्द ने उसकी चूचिया और चूत नंगी की थी। वो चूत पर हाथ रखने लगी, बेड शीट को पकड़ कर अपने चूत पर रखने की कोशिश करने लगी, मगर मिश्रा ने उसके हाथों को अलग करते हुए उसकी टांगों को पकड़ कर फैला दिया।
बेहद गोरी टांगें थी हुमा की, उसपर उसकी भरी हुए जांघें मिश्रा को पागल कर रही थी। मिश्रा ने जितना सोचा था उससे भी ज्यादा हॉट और सेक्सी लग रही थी हुमा मिश्रा के बेड पर. हुमा शर्म से गड़े जा रही थी। आज एक पराये मर्द के सामने पूरी तरह नंगी पड़ी थी। उसका दिमाग और उसका दिल दोनों भी उसके बस में नहीं थे और जिस्म ने तो पहले ही साथ छोड़ दिया था। उसकी शर्म की इन्तहा इतनी बढ़ गयी की उसने एक हाथ से अपनी चूत और दूसरे हाथ से अपना चेहरा ढक लिया था।
अगले ही पल मिश्रा ने उसकी सलवार और पैंटी उसके घुटनी से निकाल कर अलग कर दी। हुमा की तो अब शर्म के मारे जैसे जान ही निकली जा रही थी.
हुमा – मत कीजिये भाई साहब।
अगले ही पल हुमा को शॉक लगा, उसकी आँखे बंद थी उसने चूत पर जो हाथ रखा था, उस पर गरम सांसो का उसको एहसास हुआ। अगले पल उसका वो हाथ मिश्रा ने उसकी चूत से अलग किया और वो गरम सांसे उसकी चूत से टकराई और अगले ही पल.
हुमा – ssssssshhhhhhhhhhhhhhhhhhh ऊई maaaaaaaaaaaaaaa nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
मिश्रा की लपलपाती लाल जुबान हुमा की चूत पर ऊपर से नीचे तक घूमने लगी। हुमा के लिए बड़ा जानलेवा हमला था। आज तक सैफ ने उसको चूत नहीं चाटी थी, सिर्फ किश किया था, वो भी 3 या 4 बार, मगर ऐसी चूत नहीं चाटी थी, जैसे मिश्रा चाट रहा था। हुमा ने पूरी ताकत लगाकर मिश्रा के सर को धकेलने की नाकाम कोशिश की। लेकिन मिश्रा लगा रहा और कुछ ही देर में हुमा का जिस्म मस्त होने लगा। मिश्रा अब सूरूउप सुररूउप करके कुत्ते की तरह चूत चाटने लगा। हुमा को जो मज़ा मिल रहा था, वो इतनी साल की शादी शुदा ज़िन्दगी में कभी नहीं मिला था।
हुमा मस्ती में पागल हुई सिसकारियां ले रही थी, जिसका एहसास मिश्रा को हो गया था की चिड़िया अब मुट्ठी में आ गयी है। हुमा झड़ने के करीब ही आ गयी थी की मिश्रा ने अपनी जुबान उसकी चूत से हटा दी। हुमा को लगा मिश्रा ने ऐसा क्यों किया, उसका जिस्म चाह रहा था और करो जैसे कर रहे थे, मगर उसकी शर्म उसको ऐसे कुछ न बोलने की इज़ाज़त दे रही थी. हुमा ने हलकी से आँखे खोली तो देखा की मिश्रा हुमा की चूत को देख रहा है। हुमा को बहोत शर्म आयी, उसने अपना हाथ उसकी चूत पर रखा और पास पड़ी उसकी सलवार को अपने चेहरे पर रख दिया।
मिश्रा को ऐसे करने से हसी आ गयी। मिश्रा ने अपनी धोती की गांठ खोली, उसकी धोती नीचे जा गिरी। उसने एक बड़ा सा नाड़े वाला अंडरवियर पहना था, उसका नाडा खोल कर अंडरवियर भी उसके पैरो में आ गया। उसको पैरो से निकाल कर मिश्रा ने अपना कुरता भी उतार फेका। मिश्रा पूरी तरह नंगा हो गया था, काला कलूटा पेट, बाहर निकला हुआ जिस्म पर जगह बाल थे। उसका 9 इंच लम्बा और ढाई इंच मोटा लंड हुमा की चूत में जाने को तैयार था। बिना कपड़ो के मिश्रा एक काले राक्षस जैसा दिख रहा था। हुमा की आँखे बंद थी ऊपर से उसने अपनी सलवार मुह पर डाल ली थी, अगर एक नज़र मिश्रा को नंगा हुमा देख लेती और उसके बड़े घोड़े जैसे लंड को तो वो मिश्रा के आगे से भाग निकलती।
मिश्रा नंगा हुमा के करीब खड़ा था, हुमा की सलवार अब भी उसके चेहरे पर थी। मिश्रा बेड पर आ गया, उसने हुमा के चेहरे की सलवार ना हटाते हुए, उसका हाथ जो चुत पर था उसको हटाया और हुमा की दोनों टांगों के बीच आ गया। उसने हुमा की टांगों को पकड़ा और फोल्ड करने लगा, मगर हुमा उसका साथ नहीं दे रही थी, वो अपनी टांगें फोल्ड नहीं कर रही थी. मगर मिश्रा ने अपना पूरा ज़ोर लगाकर उसकी टांगों को फोल्ड करके फैला दिया। हुमा की चूत मिश्रा के सामने खुल गयी थी। हुमा अपने हाथ बार बार अपनी चूत पर रख उसको छुपाने की नाकाम कोशिश कर रही थी।
मिश्रा उससे ताकतवर था, ऊपर से हवस उसको इतनी चढ़ गयी थी की उसकी ताकत दुगनी हो गयी थी. उसने हुमा की टांगों के बीच पोजीशन बनाई और अपना लंड हुमा की चूत पर सेट करने लगा। हुमा अब भी अपनी टांगें यहाँ वहाँ कर रही थी, मगर मिश्रा ने फिर उसकी दोनों टांगों को फैलाया और ज़ोर से पकड़ के अपना लंड हुमा की चूत पर घिसने लगा। हुमा की चूत की गर्माहट, जब मिश्रा के काले लंड को मिली, तो उसके लंड की चमड़ी खुलकर साफ दिखाई देने लगी, मिश्रा के लंड आसपास बहोत बाल थे।
हुमा – सीस्शह्ह्हह्ह्ह्ह नहीं भाई साहब नाअहहह्हींईईई।
बोलने लगी, उसके चेहरे से मिश्रा ने अभी तक उसकी सलवार नहीं हटाई थी. हुमा की सिसकारियां बढ़ने लगी और हुमा का जिस्म अब धीरे धीरे मिश्रा के हवाले होने लगा। हुमा की ताकत भी अब ढीली पढ़ने लगी, मिश्रा ने अपने एक हाथ को उसकी टांगों से हटाकर अपने लंड पर रख कर हुमा की चूत पर सेट करके धक्का लगा दिया।
हुमा – ohhhhhhhhhhhhhhhh माआआआ nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii uffffffffffff aahhhhhhhhhhhh माआई aaahhhhhhhhhhhhhhh
हुमा की गीली चूत में मिश्रा के लंड का सूपाड़ा जा घुसा। हुमा बिन पानी मछली की तरफ छटपटाने लगी, जब वो अपना चेहरा इधर उधर करने लगी तो उसके चेहरे से सलवार सरक कर उसके पिलो के पास जा गिरी. हुमा की चूत में सैफ का भी लंड कई बार गया था, मगर मिश्रा का मोटा लंड वो सह नहीं पायी थी। उसको बहोत तेज़ दर्द हो रहा था, मगर वो बर्दाश्त कर रही थी। वो खुद नहीं जानती थी आखिर वो क्यों बर्दास्त कर रही है। मिश्रा ने जब अगला झटका लगाया तो उसका आधा लंड हुमा की चूत में जा घुसा।
हुमा – ohhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaa
अबकी बार हुमा की चीख और तेज़ निकली।
मिश्रा – आह्ह्ह्ह भाभी! धीरे आस पड़ोस वाले सुन लेंगे।
हुमा – आअह्ह्ह्हह भाई साहब छोड़ दीजिये बहोत आअह्हह्ह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा आआअह्ह्ह्ह।
मिश्रा – बस थोड़ा स रह गया आपकी चूत बहोत टाइट है भाभी जी।
हुमा की आँखे भी कुछ नम हो गयी थी, तभी अगला झटका लगा और मिश्रा का पूरा लंड हुमा की चूत में समां गया
हुमा – nahiiiiiiiiiiiiiii bussssssssssss ऑररररररररर nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii भइईईई साहबबबबबब मुझ से आह्ह बर्दाश्त नहीं हो रहा।
मिश्रा – हो गया भाभी जी।
इतना कह कर मिश्रा हुमा पर पूरी तरह लेट गया और हुमा के पिंक लिप्स पर अपने काले लिप्स रख कर चूसने लगा।
हुमा – उम्मम्मम्मम करती रह गयी।
हुमा ने अपनी आँखे एक बार खोली और फिर बंद कर दी। मिश्रा अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा कर हुमा के लिप्स का रसपान करने लगा और सोचने लगा साला जितना सोचा था उससे भी कड़क माल है साली। बहोत औरते चोदी मगर ऐसा माल आज पहली बार भोगने को मिला है। ये सोचते हुए मिश्रा ने अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी। आधे से ज्यादा लंड मिश्रा अंदर बाहर करने लगा।
हुमा उम्मम्मम्मम्म आह्ह! कर रही थी उसके लिप्स मिश्रा के लिप्स के गिरफ्त में जो थे। हुमा की आँखे बंद थी। मिश्रा ने जैसे ही लिप्स आज़ाद किये, हुमा ने हांफते हुए एक बार मिश्रा को देखा और फिर से अपनी आँखे बंद कर ली। हुमा ऐसे हाँफ रही थी जैसे कही दूर से भाग कर आ रही हो। हुमा ने मिश्रा का पूरा लंड अंदर ले लिया था। उसकी चूत ने भी मिश्रा के लंड को दबोच लिया था। कही न कही उसका मन उसको दोषी साबित कर रहा था, मगर उसका जिस्म उसको ये सब करने को मज़बूर कर रहा था।
मिश्रा को भी एहसास हो गया था की हुमा की चूत उसके लंड को दबोच रही है, वो मन ही मन खुश होकर धक्के लगाने लगा। अब मिश्रा के हाथ हुमा के पिलो के इर्द गिर्द रखे हुए थे, मिश्रा हुमा के चेहरे के बदलते एक्सप्रेशन देखते हुए धक्के लगाने लगा। हुमा की आँखे बंद थी हुमा अपने लिप्स दबाये सस्शह्ह्ह्ह सस्शह्ह्हह्ह shhhhhhhhhh कर रही थी।
मिश्रा हुमा की सिसकारियां सुनकर मस्त हो रहा था। धक्के लगाते हुए मिश्रा की नज़र जब हुमा के बड़े बूब्स पर गयी तो उसकी वासना और बढ़ गयी। उसके बड़े बूब्स हर धक्के के साथ हुमा के पेट की तरफ तो कभी उसके गले में, जहा उसकी ब्रा और कमीज़ फसा था, उससे से टकरा कर वापस आ रहे थे। जैसे जैसे मिश्रा की स्पीड बढ़ने लगी, वैसे वैसे हुमा की सिसकारियां बढ़ने लगी।
मिश्रा – आअह्ह्ह्ह मज़ा आ गया भाभी जी।
हुमा की चूत मिश्रा के बड़े लंड के सामने ज्यादा देर टिकने वाली नहीं थी, वो झड़ने के करीब आ पहुंची थी। मिश्रा के हर धक्के से हुमा की टांगें कई इंच हवा में उठ जाती थी। मिश्रा का काले बालो वाला जिस्म, हुमा के गोरे जिस्म पर कब्ज़ा कर चुका था। हुमा की गोरी चिकनी मोटी जांघों के बीच मिश्रा की बड़ी काली बालो से भरी गांड ऊपर नीचे हो रही थी। अगले पल हुमा अपने आप मे सिकुड़ने क्यों की उसकी चूत पानी छोडने लगी थी। हुमा ने अपनी दोनों मुट्ठियों को बेड शीट से दबाया और झड़ने लगी।
हुमा .aaahhhhhhhhhh भाई साहब ऊई maaaaaaaaaaa maiiiiiiiiiiii आआआआह्ह्ह्हह्हहहुमा।
हुमा झड़ रही थी जिसका एहसास मिश्रा को होते ही उसके लंड ने भी उसका साथ छोड़ दिया। मिश्रा ने लंड बाहर खींचा, बाहर आते आते उसके लंड ने हुमा के पेट पर पिचकारी मार दी। हुमा की नाभि से लेकर उसकी चूत के बालो तक मिश्रा के लंड की पिचकारी फ़ैल गयी थी। मिश्रा हांफता हुआ खड़ा हुआ और नंगी पड़ी हुमा को देख मुस्कुराने लगा।
हुमा अब भी बेहोशी जैसे हालत में थी जैसे ही उसको एहसास हुआ की वो कहाँ और किस हालत में है वो जल्दी से उठ बैठी, मगर उठते हुए उसकी चूत में हल्का दर्द हुआ था, जो दर्द उसको पहली रात में नहीं हुआ था। हुमा अपने कपडे पहनने लगी। कुछ ही मिंटो में वो कपडे पहन चुकी थी, मिश्रा भी बिना अंडरवियर के धोती बांध कर बैठ गया था।
मिश्रा – भाभी जी चाय बनाता हूं, चाय पीकर जाना।
हुमा ने मिश्रा की तरफ एक नज़र देखा और बिना कुछ कहे वहाँ से बाहर निकल गयी। वो बाहर आयी तो वो हल्का सा लंगड़ा कर चल रही थी। उसने एक ऑटो रुकवाया और घर की तरफ निकल पड़ी। हुमा को को पछतावा होने लगा की उसने ये क्या कर दिया, अगर उसका शौहर बेवफा है तो उसने भी कोई अच्छा काम नहीं किया। उसको लगा की वो सब कुछ भूलकर फिर अपनी घर गृहस्थी पर ध्यान देगी। उसका मन टूट गया था, उसको अपने आप से नफरत हो रही थी।
मिश्रा जब तक बाहर आता तब तक हुमा ऑटो में बैठ कर जा चुकी थी। मिश्रा ने तुरंत ही शांता को फोन लगा कर अपना अगला प्लान बता दिया।
आगे क्या हुआ पढ़ें अगले पार्ट मे।
Next Part ==> हुमा एक हाउस वाइफ और मिश्रा पान वाला – 10
