मै मम्मी का सेक्रेट लवर 2

Mummy ko sochkar muth mari sex story:- मै अपने बेड पर लेटा हुआ था… तभी एक खूबसूरत औरत जो ब्लैक ब्रा-पैंटी में थी… वो राहुल के बेडरूम के दरवाज़े पर खड़ी थी। उसका पूरा बदन मस्त गोरा था और चमक रहा था। सेडक्टिव अंदाज़ में राहुल को मुस्कुराते हुए देख रही थी।

इस कहानी का पिछला पार्ट यहाँ पढ़ें ==> मै मम्मी का सेक्रेट लवर 1

Mummy ko sochkar muth mari hindi sex story

तभी राहुल के कानों में एक आवाज़ गूँजी—

“राहुल… राहुल… उठो बेटा… जल्दी उठो।”

राहुल अपनी आँखें मसलते हुए खोलता है। उसके सामने उसकी मम्मी संगीता खड़ी थीं… एज़ यूज़ुअल।

मै: गुड मॉर्निंग मम्मी…

संगीता: गुड मॉर्निंग बेटा… जल्दी उठो और नीचे आओ…

संगीता राहुल के रूम से बाहर चली जाती हैं।

मै (मन में): यार आखिर मेरी ये ड्रीम गर्ल है कौन… लेकिन जो भी है… है बड़ी धासू… लेकिन आज साली चुदाने से बच गई मम्मी की वजह से…

राहुल एज़ यूज़ुअल डेली रूटीन के साथ कॉलेज गया तो उसे उसका दोस्त निखिल मिला। निखिल आज कुछ ज़्यादा ही खुश लग रहा था। राहुल ने अपने अश्लील खयालों पर बड़ी मुश्किल से काबू पाया था। राहुल को अब डर था कि कहीं निखिल उसके दिमाग में अनाप-शनाप बातें न भर दे…

निखिल: चल कॉलेज गार्डन में तुझे कुछ दिखाता हूँ…

मै: क्या दिखाएगा?

निखिल: अबे तू गार्डन में तो चल…

फिर राहुल निखिल के साथ गार्डन में चला गया। वो दोनों एक पेड़ के नीचे बैठे।

मै: अब बता क्या दिखाना है तुझे?

निखिल: उससे पहले तुझे मालूम है हमारी नई टीचर का नाम क्या है?

मै: नहीं… क्या है?

निखिल: हमारी नई टीचर का नाम अर्चना है…

मै: तुझे यही बताना था क्या?

निखिल: नहीं यार… तुझे कुछ दिखाता हूँ…

निखिल ने अपने बैग में से लैपटॉप निकाला। निखिल ने लैपटॉप ऑन किया और वो एक सीक्रेट फाइल्स में गया। उस सीक्रेट फाइल में कुछ न्यूड सेक्स ड्रॉइंग्स थीं।

निखिल ने एक ड्रॉइंग पर क्लिक किया। राहुल उस ड्रॉइंग को देखकर हक्का-बक्का रह गया।

वो ड्रॉइंग हमारी टीचर अर्चना की थी… जिसमें वो किचन में पूरी नंगी होकर किचन स्लैब पर झुकी हुई है… और उसकी गाँड में निखिल अपना लंड डाले हुए है। साथ में उस ड्रॉइंग में अर्चना मैम के पिक पर “मॉम” लिखा हुआ था… निखिल पर “सन” लिखा हुआ था।

मै: ये क्या है बे?

निखिल: मेरी फैंटसी है… मैं अपनी मम्मी की किचन में बजा रहा हूँ…

मै: अबे साले… अपनी माँ के बारे में कोई इतना गलत नहीं सोच सकता… और कोई माँ अपने बेटे के साथ ऐसा नहीं कर सकती…

निखिल: तू साला बहुत मूर्ख है… औरत को सिर्फ लंड से मतलब होता है… फिर चाहे वो किसीका भी हो…

तभी निखिल ने राहुल को कुछ रियल इन्सेस्ट स्टोरीज़ दिखाईं… जिनमें माँ-बेटों के सेक्स पिक्स भी थे। तभी निखिल ने राहुल को एक ड्रॉइंग दिखाई जो एक औरत की थी… जो पूरी नंगी थी।

निखिल ने उसके बड़े-बड़े बूब्स पर लाजवाब ब्राउन निप्पल्स थे… जो बहुत मस्त लग रहे थे। निखिल ने उस औरत को एक मंगलसूत्र पहनाया था… और साथ में एक मस्त सी नोज़ रिंग और पायल पहना रखी थी। निखिल ने उस ड्रॉइंग के नीचे “मेरी माँ” लिख रखा था।

राहुल एक मिनट के लिए अपनी मम्मी संगीता को इस रूप में इमेजिन करने लगा… जिससे उसके लंड में उभार आने लगा। तभी उसे अहसास हुआ कि वो अपनी मम्मी के बारे में सोच रहा है।

राहुल को लगा— मैं कुछ ज़्यादा ही इसमें इन्वॉल्व हो गया हूँ… मुझे खुद को रोकना चाहिए। मैंने ये सब सोचके एन्जॉय तो बहुत किया… लेकिन ये गलत है। ये सारे थॉट्स बहुत मैटर करते हैं… कि मैं अपनी मम्मी को कैसे इमेजिन करता हूँ…

निखिल के साथ कॉलेज में राहुल का पूरा दिन इसी टॉपिक पर बात चलती रही। शाम को जब मैं कॉलेज से घर गया तो मैंने देखा पापा सोफ़े पर बैठे हैं।

रमेश: अरे बेटा… तुम आ गए कॉलेज से…

मै: हाँ पापा… लेकिन आप बहुत जल्दी आ गए ऑफिस से…

रमेश: हाँ बेटा… वो आज ऑफिस ज़्यादा काम नहीं था…

मै: मतलब आप कल भी जल्दी आएँगे?

रमेश: नहीं बेटा… कल से तो हमारा एक इंपॉर्टेंट प्रोजेक्ट काम चालू हो रहा है…

मै: तो कल से आप बहुत बिज़ी रहोगे…

रमेश: हाँ बेटा… कल से मैं बहुत बिज़ी रहूँगा…

तभी संगीता किचन से बाहर आईं। संगीता के हाथ में ट्रे थी… जिसमें चाय के कप थे। संगीता अपनी कमर लचकाते हुए राहुल और रमेश की तरफ आने लगीं।

राहुल संगीता की चिकनी कमर को ही देख रहा था… जो मस्त गोरी, चिकनी और लचकिली थी। संगीता की चिकनी सेक्सी कमर देखकर राहुल का गला सूख रहा था।

संगीता उनके पास गईं और रमेश को झुककर चाय देने लगीं। संगीता के झुकने से संगीता की गाँड मस्त साड़ी में चिपककर बाहर निकल गई।

संगीता की इतनी लाजवाब चौड़ी मांसल गाँड राहुल की आँखों के सामने थी। संगीता की गाँड को देखकर राहुल का लंड पैंट में फड़फड़ाने लगा था। राहुल को अपने अश्लील खयालों पर बिल्कुल कोई कंट्रोल नहीं रहा था।

मै (मन में): वाह… कितनी मस्त गाँड है मम्मी की… दिल कर रहा है मम्मी की गाँड पर हाथ फेरूँ… और मम्मी की गाँड को अपने से दबाऊँ…

तभी संगीता राहुल की तरफ पलटीं और राहुल को चाय देने के लिए झुकीं। संगीता जैसे ही झुकीं… राहुल की नज़र संगीता के बड़े-बड़े बूब्स पर गई।

संगीता के बूब्स तो जैसे ब्लाउज़ से बाहर आने के लिए मचल रहे थे। राहुल संगीता के बड़े-बड़े बूब्स के बीच दरार देख पा रहा था। संगीता वहीं बाजू में बैठ गईं।

संगीता: रमेश… हमारा घर काफी पुराना हो गया है…

मै: हाँ… इस घर ने हमें काफी साथ दिया है…

संगीता: इसीलिए मैं चाहती हूँ कि इस घर को दोबारा से रिपेयर और पेंटिंग कर लें…

रमेश: तुम सही कह रही हो… हमें इस घर को रिपेयर और पेंटिंग कराना चाहिए…

संगीता: तो किसी अच्छे कॉन्ट्रैक्टर को कॉन्ट्रैक्ट दे दो ना…

रमेश: ठीक है… आज मैं ऑफिस जाते वक्त राम भाई से बोलकर कुछ लेबर घर भिजवा देता हूँ…

संगीता: अरे ये क्या… बहुत सारा काम है घर पर… क्या आप छुट्टी नहीं ले सकते?

रमेश: नहीं जान… ऑफिस में बहुत काम है…

संगीता बहुत फ्रस्ट्रेट हो रही थीं। होती भी क्यों न… इतने सारे मर्द घर में होंगे… संगीता को उनके सामने सारा काम करना होगा। रमेश और राहुल दोनों को संगीता के चेहरे पर फ्रस्ट्रेशन साफ़ दिखाई दे रही थी।

राहुल की नज़र संगीता पर ही बनी हुई थी। राहुल खुद समझ नहीं पा रहा था कि उसे ये क्या हो रहा है। उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि वो यूँ अपनी ही मम्मी को इतनी गंदी नज़रों से कैसे देख सकता है।

रमेश: डोंट वरी जान… राहुल तुम्हारी मदद कर देगा…

संगीता मेरे तरफ देखते हुए बोलीं—

संगीता: आज तक इसने कभी मेरी मदद की है?

मै: ओह सॉरी मम्मी… लेकिन आज पक्का मैं आपकी मदद करूँगा…

संगीता खुश होते हुए बोलीं—

संगीता: सच… तुम मेरी मदद करोगे?

मै: जी मम्मी…

रमेश: लो… अब तुम्हारी प्रॉब्लम सॉल्व्ड हो गई… अब मैं ऑफिस चलता हूँ…

संगीता: अरे… आपने नाश्ता तो किया नहीं अभी…

रमेश: रहने दो… अब मैं ऑफिस में ही नाश्ता कर लेता हूँ।

रमेश संगीता को बाय बोलकर ऑफिस के लिए निकल गए… और संगीता राहुल की तरफ देखते हुए एक जानलेवा मुस्कान के साथ बोलीं—

संगीता: बेटा… मैं किचन का काम खत्म कर लेती हूँ… तब तक तुम टीवी देखो…

मै: जी मम्मी…

संगीता वापस किचन की तरफ जाने लगीं। राहुल संगीता की गाँड को ही देख रहा था… जो बेहद सेक्सी लग रही थी हिलते हुए। संगीता के बट्स संगीता के चलने पर स्विंग कर रहे थे।

संगीता की बड़ी गाँड को यूँ सेक्सी तरीके से हिलता देख राहुल का लंड पूरी तरह टाइट हो चुका था। अब तक संगीता किचन में जा चुकी थीं… और मैं भी उठकर अपने बेडरूम में चला गया।

राहुल अपने रूम में गया और अपने बेड पर बैठ गया। राहुल खुद से लड़ने लगा… ताकि वो इन अश्लील खयालों को अपने दिमाग से निकाल सके। लेकिन वो ऐसा नहीं कर पा रहा था।

राहुल अपने अश्लील खयालों के आगे घुटने टेक रहा था। उसके खयालों में बार-बार संगीता आ रही थीं।

राहुल संगीता को जब भी इमेजिन करता… उसे सिर्फ संगीता के बड़े-बड़े बूब्स, गाँड, चिकना पेट और उसपर गहरी सेक्सी नाभि ही याद आ रहे थे। राहुल अपने अश्लील खयालों के आगे हार जा रहा था। उसका लंड संगीता की वजह से पूरा टाइट हो चुका था।

राहुल ने सोचा— थोड़ा सा सो लेता हूँ… फिर जाके उसके ये अश्लील खयाल उसके दिमाग से निकल जाएँगे।

राहुल अपने बेड पर लेट गया और अपनी आँखें बंद कर लीं। राहुल अपना मन स्थिर करने की कोशिश करने में लगा हुआ था। अचानक राहुल अपनी खयालों की दुनिया में चला गया। उसने देखा… वो अपने घर के हॉल में बैठा है। संगीता एक पिंक साड़ी में विंडो के पास खड़ी हैं।

संगीता एक मस्त सेक्सी पोज़ में खड़ी थीं और बेहद खूबसूरत लग रही थीं। राहुल भी वहीं सोफ़े पर बैठकर संगीता को निहार रहा था। संगीता भी बहुत सेक्सी और जानलेवा मुस्कान और नशीली निगाहों से उसके ऊपर तीर चला रही थीं। राहुल भी पूरी हवस से संगीता को देख रहा था।

संगीता कुछ इस एंगल से खड़ी थीं कि राहुल संगीता के ब्लाउज़ में क़ैद बड़े-बड़े बूब्स को देख सकता था। संगीता ने इतना टाइट ब्लाउज़ पहन रखा था कि संगीता के बड़े-बड़े बूब्स की गोलाई साफ़ दिख रही थी।

तभी संगीता एक सेक्सी मुस्कुराहट के साथ मेरे तरफ पलटीं। संगीता जिस तरह नशीली निगाहों से उसे देख रही थीं… उसका लंड इतना टाइट हो गया और पैंट में टेंट बन गया। संगीता राहुल के पैंट में बने टेंट को देख रही थीं।

राहुल की नज़र संगीता की चिकनी कमर पर गई… जो बेहद सेक्सी थी। राहुल संगीता की पतली पारदर्शी साड़ी से संगीता की सेक्सी गहरी नाभि तक देख पा रहा था। संगीता ये अच्छे से जानती थीं कि मैं उनके शरीर के हर हिस्से को निहार रहा हूँ।

संगीता ने जान-बूझकर अपने पेट के ऊपर से अपनी साड़ी हटाई। अब राहुल की आँखों के सामने संगीता का नंगा चिकना पेट था। राहुल संगीता की सेक्सी गहरी नाभि को खुलके देख सकता था। राहुल का मन संगीता के पेट को चूमने और चाटने का कर रहा था। संगीता की सेक्सी नाभि में अपनी ज़ुबान डालके उसकी नाभि चूसने का कर रहा था।

संगीता एक सेक्सी और मटकती चाल के साथ मेरे तरफ बढ़ीं। संगीता जैसे-जैसे अपनी कमर लचकाके राहुल की तरफ बढ़ रही थीं… वैसे ही उसके लंड में करंट सा लग रहा था… उसका लंड फड़फड़ा रहा था।

संगीता मेरे करीब आईं और बेहद सेक्सी अंदाज़ में मेरे ठीक सामने सोफ़े पर बैठीं। एक मिनट के लिए उसे ऐसा लगा जैसे संगीता उसके लंड पर बैठ रही हों। संगीता एक सेक्सी पोज़ में मुस्कुराते हुए सोफ़े पर बैठी थीं।

संगीता एक कमसिन काली लग रही थीं। राहुल को संगीता को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वो उसे चुदाई के लिए इनवाइट कर रही हों। राहुल को संगीता के गुलाबी होठ देखकर ऐसा लग रहा था… उसके होठों का सारा रस पी लूँ।

संगीता: क्या हुआ बेटा… तुम्हें बहुत पसीना आ रहा है…

मै: क्या करूँ मम्मी… मेरे सामने जो इतना हॉट माल बैठा है… गर्मी तो बढ़ेगी ही…

संगीता: तो अपनी गर्मी बुझा लो ना फिर बेटा…

संगीता उठीं और मटकाते हुए विंडो की तरफ जाने लगीं। राहुल की नज़र संगीता की मस्त हिलती हुई सेक्सी गाँड पर थी। संगीता की गाँड की फाँकें बहुत सेक्सी तरीके से एक-दूसरे से टकरा रही थीं। संगीता जाके विंडो पर हाथ रखकर झुककर खड़ी हो गईं।

संगीता की बैक साइड को राहुल ने निहारना शुरू किया। राहुल ने संगीता की गोरी चिकनी पीठ से स्टार्ट किया। राहुल के मुँह में संगीता की नंगी चिकनी पीठ देखकर पानी आ रहा था। राहुल अपने होठों पर अपनी ज़ुबान फेर रहा था। तभी संगीता ने पीछे मुड़कर देखा और मुस्कुराने लगीं।

राहुल संगीता की गाँड को निहारने लगा। संगीता की गाँड मस्त गोल-मतोल थी। संगीता की सेक्सी गाँड को देखकर राहुल अपना लंड मसल रहा था। ये सब देखकर संगीता मुस्कुरा रही थीं। राहुल समझ गया… संगीता जान-बूझकर मुझे अपनी गाँड दिखा रही हैं।

राहुल अपनी जगह से उठा और मम्मी की तरफ बढ़ा। संगीता राहुल को ही देख रही थीं और मुस्कुरा रही थीं। राहुल संगीता के पास गया और संगीता को देखते हुए खड़ा हुआ। संगीता ने अपनी नज़रें शर्म के मारे झुका लीं।

संगीता अपना मुँह दूसरी तरफ करते हुए खड़ी हो गईं। संगीता अपनी पीठ और गाँड राहुल को दिखा रही थीं। राहुल समझ गया कि संगीता चाहती हैं वो उसकी गाँड से खेले। राहुल ने संगीता की कमर पर अपने हाथ रखे और संगीता की कमर पकड़ ली। जैसे ही उसने संगीता की कमर पर हाथ रखे… संगीता की एक सिसकारी निकल गई।

मम्मी: इस्स्स्…!

संगीता ने अपनी आँखें बंद कर लीं। राहुल ने संगीता को दीवार से सटाया… और संगीता की साड़ी पकड़के पीछे से संगीता की कमर तक उठा ली। संगीता का मुँह खुला का खुला रह गया था। जैसे ही राहुल के हाथ संगीता के नंगे बट्स दबोचने के लिए बढ़े… संगीता के मुँह से एक आवाज़ निकल आई।

संगीता: राहुल… उठो बेटा… वर्कर्स आ गए हैं…

राहुल ने जैसे ही आँखें खोलीं… उसे ये अहसास हुआ कि वो अपने खयालों की दुनिया में था। संगीता तो उसके सामने खड़ी थीं। संगीता ने एक मस्त रेड साड़ी पहन रखी थी।

मै: अरे मम्मी… आप… और यहाँ क्या… वर्कर्स इतने जल्दी आ गए हैं?

संगीता: हाँ… वो लोग आ गए हैं। क्या तुम नीचे हॉल में आओगे?

मै: बस मम्मी… मैं 2 मिनट में आता हूँ…

संगीता: ओके…

संगीता बाहर चली गईं… और फिर राहुल भी कुछ देर बाद नीचे गया। राहुल और संगीता ने सारा काम मिलकर निपटा लिया। काम के दौरान जब भी राहुल संगीता से टच होता… तो उसके अंदर करंट सा लग जाता। उसे खुद समझ नहीं आ रहा था कि ये कैसा अट्रैक्शन है उसका… अपनी ही उसकी मम्मी की तरफ। दोपहर के 2 बजने को आए थे।

संगीता: तुम्हें भूख लगी होगी बेटा… क्या मैं तुम्हें कुछ खाने के लिए बना दूँ?

मै: अरे नहीं मम्मी… आपने बहुत काम किया है… आज मैं आपको और काम नहीं देना चाहता…

संगीता: अरे नहीं बेटा… मुझे कोई काम ज़्यादा नहीं हो रहा…

संगीता ने मैगी बनाई और हम दोनों साथ मिलकर मैगी खाई। फिर सारा काम शाम 5 पीएम तक चलता रहा… फिर वर्कर्स चले गए। राहुल और संगीता फ्रेश होकर चाय पीते हुए सोफ़े पर बैठे थे।

संगीता: थैंक यू बेटा… तुम्हारे मदद के बगैर न जाने मैं कैसे करती इतना सारा काम…

मै: इसमें क्या बात है मम्मी… आखिर ये हमारे ही घर का काम है… और मैंने तो अपनी ही मम्मी की मदद की है…

संगीता: मेरा प्यारा बेटा…

मै: मम्मी… मैं थोड़ा अपने फ्रेंड के यहाँ हो आता हूँ…

संगीता: ठीक है बेटा…

राहुल ने अपनी बाइक निकाली और उस ठिकाने की तरफ निकल पड़ा… जहाँ निखिल और वो हमेशा सिगरेट और दारू पीते थे। तभी उसे व्हाट्सएप पे निखिल का मैसेज आया कि मेरे घर पर कोई नहीं है… आजा… और नीचे एड्रेस दिया हुआ था।

राहुल कभी निखिल के घर गया नहीं था… इसलिए मुझे उसका घर मालूम नहीं था। निखिल के बताए एड्रेस की तरफ मैं निकल पड़ा।

राहुल कुछ देर बाद निखिल के बताए हुए एड्रेस पर पहुँच गया। राहुल ने जाके दरवाज़ा खटखटाया तो निखिल ने दरवाज़ा खोला।

निखिल: हाई राहुल…

मै: हाई निखिल…

निखिल: आजा… अंदर आ…

राहुल निखिल के साथ अंदर चला गया। निखिल राहुल को अपने बेडरूम में ले गया। निखिल ने अपना लैपटॉप निकाला और लॉगिन किया। निखिल ने एक फोल्डर पर क्लिक किया जिसका नाम था “माई ड्रीम”। उस फोल्डर में और भी बहुत सारे सब-फोल्डर्स थे।

उसमें से एक फोल्डर निखिल ने खोला… जिसमें कई सारे अलग-अलग कैटेगरी के पॉर्न्स थे।

निखिल ने पॉर्न वीडियोज़ ऑन किए। निखिल के पास अच्छे पॉर्न की कलेक्शन थी… जो किसीको भी एक्साइट कर दे। लेकिन सारे पॉर्न्स माँ-बेटे के ही थे। एक पॉर्न चल रही थी… जिसमें बेटा अपनी माँ को घोड़ी बनाके उसकी गाँड मार रहा था।

निखिल: बस एक बार मुझे भी अपनी मम्मी की मस्त गाँड इसी तरह मारने मिल जाए…

राहुल निखिल को ही देख रहा था। राहुल भी अपने मन के किसी कोने में अपनी मम्मी की शानदार गाँड इसी तरह मारने का सोच रहा था… लेकिन वो अपने इन अश्लील खयालों को अवॉइड करने की कोशिश कर रहा था।

पॉर्न क्लिप में एक औरत अपने बेटे को ब्लो जॉब दे रही थी… जो ठीक निखिल और राहुल की मम्मी के ही एज की थी। निखिल ने अपना लंड बाहर निकाला और मुठ मारते हुए—

निखिल: हाय मम्मी… क्या चूसती है तू…

राहुल निखिल को देखकर शॉक हो गया… क्योंकि वो अपनी मम्मी को अपना लंड चूसते हुए इमेजिन कर रहा था। कुछ और पॉर्न देखकर राहुल भी उत्तेजित होने लगा था। अब उसे भी उसकी मम्मी के खयाल आने लगे थे।

निखिल के साथ ऐसे डिस्कशन से उसकी मम्मी संगीता बहुत कम वक्त में ही उसके लिए उसकी माँ से एक सेक्सी डिज़ायरेबल ब्यूटी बन चुकी थीं… और उससे बढ़कर एक चुदाई कराने लाइक मिल्फ बन चुकी थीं।

राहुल घर पर जब भी मौका मिलता… तो संगीता के बड़े-बड़े बूब्स के दर्शन करने से नहीं चूकता। संगीता की गहरी सेक्सी नाभि तो राहुल के मुँह में पानी ला देती थी… और संगीता की मस्त गाँड मेरे लंड को खड़ा कर देती।

राहुल के मन में संगीता को पाने की हसरत कहीं न कहीं जाग चुकी थी। अब सारी पॉर्न मूवीज़ और निखिल की बातें राहुल को उसके अश्लील खयालों से हटाने में मजबूर कर रही थीं। मैं कुछ करता इससे पहले निखिल फिर से बोला—

निखिल: हाय मम्मी… पूरा गले तक लेके चूस…

राहुल समझ गया कि निखिल अपनी माँ को इमेजिन कर रहा है पॉर्न एक्ट्रेस की जगह। ये बहुत ज़्यादा था… उसका दिमाग खराब करने के लिए। लेकिन वो बिना कुछ बोले चुपचाप बैठा रहा।

निखिल बहुत सेक्सी म्वानिंग कर रहा था… जैसे “हे मम्मी तू मेरी रंडी है”… “अपना दूध पिला मुझे”… “मम्मी तेरी चुत और गाँड अपने लंड से मारूँगा”… ऐसे बहुत सारे।

निखिल को राहुल की मौजूदगी से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। वो तो बस अपने ही पैशन में लगा हुआ था। निखिल तो जैसे राहुल के सामने अपनी माँ चोद रहा था।

हालाँकि राहुल की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं था… लेकिन निखिल की म्वानिंग उसके ऊपर इफेक्ट कर रही थी। अब उसकी मम्मी संगीता भी उसके लिए उसकी इमेजिनेशन बन गई थीं। राहुल ने पॉर्न देखना बंद कर दिया था और अपनी आँखें बंद कर ली थीं… एक्साइटमेंट और उत्तेजना के चलते।

राहुल अब अपनी संगीता को वही इमेजिन कर रहा था जो निखिल अब तक अपनी के लिए बोल रहा था। राहुल अपनी मम्मी संगीता को घोड़ी बनाके उसकी गाँड मारते हुए इमेजिन कर रहा था। राहुल का लंड ये सोचके ही खड़ा हो गया था कि वो ये सब अपनी मम्मी के साथ कर रहा है।

निखिल और ज़ोर-ज़ोर से म्वानिंग करने लगा— “ओह मम्मी मेरी जान… तुझे तो बेड से बाँधकर पापा के सामने चोदूँगा…”

निखिल की म्वानिंग से राहुल अपना लंड पैंट के ऊपर से अपने हाथ से पकड़के दबाने लगा।

मै: आआह… हाआ… मम्मी…

राहुल की आँखें अभी भी बंद थीं और वो अपने दिमाग में सीन इमेजिन कर रहा था। तभी अचानक उसका मोबाइल बजा… जिससे राहुल और निखिल दोनों सेंस में आए। राहुल ने फोन देखा तो रमेश का था… उसने कॉल रिसीव की।

मै: हेलो…

रमेश: बेटा… मम्मी को बता देना कि मैं आज थोड़ा लेट हो जाऊँगा… और बाहर से ही खाकर आऊँगा…

मै: जी पापा…

राहुल ने फोन काट दिया।

मै: मुझे चलना चाहिए… मम्मी को बताना है आज पापा लेट होंगे…

निखिल: तो आज तेरे मज़े हैं… तेरी मम्मी और तू घर पर अकेले हो…

राहुल ने निखिल की तरफ देखा… लेकिन उसके कमेंट का कोई जवाब नहीं दिया और चुपचाप उसके घर से निकल गया। जब राहुल घर जा रहा था… उसके दिमाग में अपनी मम्मी को लेकर अश्लील खयाल घूम रहे थे।

राहुल घर पहुँचा तो उसने डोर बेल बजाई। तभी संगीता ने आकर दरवाज़ा खोला। राहुल को संगीता को देखकर एक अजीब सी घिनौनी फीलिंग आ रही थी।

संगीता: आ गए तुम…

मै: जी मम्मी…

संगीता पलटीं और अपनी गाँड हिलाते हुए वापस जाने लगीं। संगीता की गाँड इतनी सेक्सी हरकतें कर रही थी कि राहुल को अट्रैक्शन हो रहा था। राहुल ने दरवाज़ा बंद किया और संगीता के पीछे… संगीता की गाँड को घूरते हुए मैं किचन में गया।

मै: मम्मी… पापा आज लेट आएँगे…

संगीता: क्यों?

मै: शायद उन्हें कोई काम है…

संगीता: अच्छा…

संगीता अपने काम में लगी हुई थीं… और राहुल वहीं खड़ा होकर उनकी गाँड को घूर रहा था। संगीता की हर एक हरकत के साथ उनकी गाँड की मूवमेंट्स देखने लायक थीं। उनकी गाँड मस्त सी हरकतें करते हुए हिल रही थी।

मै: पापा बाहर से ही खाना खाकर आने वाले हैं…

संगीता: अच्छा… तो फिर आज हम दोनों को ही साथ में खाना खाना है…

मै: हाँ मम्मी… वैसे भी मुझे बहुत भूख लगी है… जिसे आप ही शांत कर सकती हो…

संगीता मेरी बात पर मुस्कुराते हुए बोलीं—

संगीता: 2 मिनट बाहर बैठो बेटा… मैं खाना लगाती हूँ…

राहुल बाहर डाइनिंग टेबल पर जाके बैठ गया। उसके दिमाग में अभी भी उसकी मम्मी संगीता को लेकर काफी अश्लील खयाल आ रहे थे। उसके दिमाग में संगीता के चलने पर उनकी गाँड की सेक्सी हरकतें वही चल रही थीं। संगीता की गाँड की सेक्सी मूवमेंट्स तो किसीको भी पागल कर सकती थीं।

तभी संगीता खाना लेकर आईं। राहुल संगीता की मदक चाल को ही देख रहा था। उसकी नज़र संगीता की चिकनी और यम्मी नाभि पर थी।

संगीता ने उन दोनों के लिए खाना लगाया। संगीता और राहुल दोनों साथ में खाना खाने लगे। जब भी संगीता राहुल को खाना परोसतीं… वो एक नज़र उनके बड़े-बड़े बूब्स को ज़रूर देखता।

राहुल को संगीता के ब्लाउज़ के अंदर से उनके बड़े बूब्स की झलक देखने मिल रही थी। संगीता के बूब्स मस्त रसीले आमों जैसे थे।

उन दोनों ने साथ में खाना खाया… फिर संगीता सारे बर्तन समेटके किचन में ले गईं… और राहुल टीवी देखने लगा। कुछ देर बाद संगीता सारा काम निपटाके आईं और राहुल के साथ टीवी देखने लगीं।

मै: वॉव मम्मी… आप सच में बहुत ही यम्मी खाना बनाते हो…

संगीता: थैंक यू बेटा…

मै: आज का खाना तो इतना स्वादिष्ट था कि मैंने आज तक कभी ऐसा खाना नहीं खाया है…

संगीता: ठीक है… मैं अपने बेटे को ऐसा खाना रोज़ खिलाऊँगी…

मै: मैं खुशनसीब हूँ कि आप मेरी मम्मी हो…

संगीता मुस्कुराने लगीं। संगीता मुस्कुराते हुए बेहद खूबसूरत लग रही थीं। राहुल को आज अपनी मम्मी… मम्मी की तरह नहीं… बल्कि एक खूबसूरत औरत जैसी लग रही थीं। उसका लंड टाइट होने लगा था। उसे लगा अगर उसका लंड पूरे हरकत में आ गया तो मम्मी को पता चल जाएगा।

मै: मुझे नींद आ रही है मम्मी… मैं जाके सोता हूँ…

संगीता: ठीक है बेटा…

राहुल उठा और सीधा अपने रूम में चला गया।

जैसे ही राहुल अपने रूम में गया… राहुल अपने बेड पर बैठ गया। राहुल अपने पैंट के ऊपर से अपना लंड मसलने लगा। उसके ऊपर संगीता को लेकर अश्लील खयाल हावी हो चुके थे। तभी उसे याद आया कि पापा का लैपटॉप उसके कपबोर्ड में रखा हुआ है।

राहुल ने जाके कपबोर्ड से लैपटॉप निकाला। राहुल लैपटॉप लेकर अपने बेड पर बैठ गया। राहुल ने लैपटॉप ऑन किया और उसमें एक “फैमिली” फोल्डर था… उसे खोला। उस फोल्डर में उसकी मम्मी संगीता के… राहुल और उसके पापा रमेश के बहुत सारे फोटोज थे… मैरिज सेरेमनी, पार्टीज़ में से…

एक-एक करके वो अपनी मम्मी संगीता के सारे पिक्स पर क्लिक करने लगा… उनके फोटो एडिट करके देखने लगा। राहुल अपने चॉइस की कोई भी संगीता की फोटो लेकर एडिट करके देख रहा था। तभी उसने संगीता की एक पिक देखी… जिसमें संगीता ने ट्रांसपेरेंट साड़ी पहन रखी थी… स्लीवलेस ब्लाउज़ के साथ।

मै: वाह… क्या मखमली बदन है मम्मी का… मन कर रहा है अभी नंगी कर दूँ साली को… आह संगीता…

राहुल को ये सब सोचके मज़ा भी आ रहा था… साथ में गिल्टी भी फील हो रहा था। राहुल पूरी तरह दोराहे पर खड़ा था… क्या किया जाए समझ में नहीं आ रहा था। उसे इस बात की खुशी थी कि उसकी मम्मी इतनी खूबसूरत हैं।

राहुल ने संगीता के पिक को एडिट किया और उनके होठों को ध्यान से देखने लगा। संगीता के होठ बड़े ही रसीले थे।

मै: होठ तो देखो मम्मी के… कितने रसीले हैं… मेरा बाप बहुत लकी है जो मम्मी के इतने रसीले होठ रोज़ चूसता है… और इन होठों से अपना लंड चूसवाता है…

राहुल अपने अँगूठे से संगीता के होठ को स्क्रीन के ऊपर से रगड़ते हुए बोला। राहुल बिल्कुल भी अपने सेंस में नहीं था… वो पूरी तरह हवस में डूब चुका था।

मै: काश एक बार मम्मी अपने इन होठों से मेरा भी लंड चूस दें तो मज़ा आएगा…

राहुल ने अपने पैंट की ज़िप खोली और अपना बड़ा लंड बाहर निकाला… और अपने हाथ से लंड को सहलाने लगा।

राहुल अपनी संगीता की पिक को देखते हुए अश्लील तरीके से बोला—

मै: देख मम्मी… मेरा ये बड़ा लंड तेरी चुत फाड़ देगा…

फिर राहुल संगीता के बूब्स को एडिट करके देखने लगा। संगीता का ब्लाउज़ बहुत टाइट था फिटिंग में… जिससे उनके कर्व्स साफ़ दिख रहे थे।

मै: वाह मम्मी… क्या मस्त बूब्स दिखा रही है तू… तेरे ये बड़े-बड़े बूब्स देखकर न जाने कितने लोगों ने मुठ मारी होगी। कमाल का माल है मम्मी तू तो…

राहुल संगीता के बॉडी पार्ट्स को जैसे-जैसे स्क्रीन पर टच कर रहा था… उतना ही एग्रेसिव हो रहा था। राहुल पूरे पैशन से मुठ मार रहा था।

राहुल एक हाथ से उँगली संगीता की कमर पर फेरते हुए—

मै: आय हाय मेरी जान… क्या मस्त चिकनी कमर है साली की…

राहुल संगीता के बदन के हर हिस्से को अपनी उँगली से छू रहा था। साथ में वो मुठ भी मारे जा रहा था। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था ये सब करने में।

राहुल मुठ मारते हुए ही संगीता की कमर को स्क्रीन के ऊपर से किस करने लगा। राहुल ने संगीता के बदन के हर हिस्से को किस किया।

मै: मम्मी… तुझे तो मैं अपनी रंडी बनाऊँगा…

राहुल संगीता की साड़ी के ऊपर से उसकी पुद्दी वाले हिस्से को रगड़ने लगा स्क्रीन पर।

मै: मम्मी… मुझे तुझे खूब चोदना है… और तुझे प्रेग्नेंट करना है… तेरी पुद्दी में अपना बीज डालना है…

राहुल उठा और स्क्रीन के ऊपर से संगीता के मुँह पर लंड रगड़ने लगा… साथ में मुठ भी मार रहा था।

मै: आह मम्मी… चूस एक बार मेरा लंड…

फिर राहुल संगीता के पुद्दी वाले हिस्से पर मुठ मारते हुए लंड रगड़ने लगा स्क्रीन पर… और म्वानिंग करते हुए बोला—

मै: आह मम्मी… एक बार दे दो… बहुत चुदाई करूँगा तेरी…

राहुल ज़ोर-ज़ोर से मुठ मार रहा था… और अपना सारा वीर्य संगीता के पिक के ऊपर गिरा दिया। लैपटॉप के पूरे स्क्रीन पर उसका ही वीर्य था। राहुल मोनिग करते हुए—

मै: आह संगीता… मेरी रंडी… मेरी जान… साली…

कुछ देर तक राहुल वैसे शांत बैठा रहा। राहुल को आज पहली बार मुठ मारने में इतना मज़ा आया था। कुछ देर बाद उसने लैपटॉप शटडाउन किया… और पूरा लैपटॉप कपड़े से साफ़ करके कपबोर्ड में रख दिया। राहुल अपने बेड पर जाके लेट गया… और अपनी मम्मी को पॉर्न एक्ट्रेस की जगह इमेजिन करने लगा।

मैंने सोचा कि मुझे मम्मी को अपने नीचे सुलाना है। लेकिन मेरी मम्मी एक कंज़र्वेटिव और घरेलू औरत हैं। इसलिए मुझे धीरे-धीरे अपने प्लान्स एग्ज़ीक्यूट करने होंगे…

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *