मौसा जी ने चोद डाला -1

Mausa ji ne ki meri chudai:- मामा के भाई की शादी तो हो गई। अब हम लोग घर पे भी आ गए। जाते-जाते हम एक दिन मामा के गाँव में रुके। वहाँ पे कालिये ने मुझे फिर से चोदा। कह रहा था—

कालिया: मैडम जी जाने के पहले चूत की प्यास मिटा लो।

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मैंने बहुत मना किया मगर वो सीधा लंड ले आया। अब क्या करूँ। लंड को देखते ही मेरा दिमाग बंद हो जाता है और मेरी चूत लंड को चूसने को बेताब हो जाती है।

Mausa ji ne ki meri chudai hindi sex story

दूसरे दिन हम लोग हमारे शहर के लिए निकल पड़े। मेरी माँ की एक छोटी सिस्टर भी है। मौसी जी की उम्र है 30 साल की और मौसा जी हैं 32 साल के।

उनको 2 बेटे भी हैं। एक है 4 साल का, दूसरा है 6 महीने का। मॉम और डैड चले गए घर और मैं चली गई मौसी के साथ। छुट्टियाँ भी थीं। घर पे जाके घर साफ करने में मदद की। खाना बनाने में मदद की। फिर शाम हुई तो नहाने गई और नहाके मैं नाइट गाउन पहनके आई।

नाइट गाउन थोड़ा सेमी-ट्रांसपेरेंट था। अंदर मैंने पैंटी और डेमी कप ब्रा पहनी थी। मेरा गोरा बदन का आकार नाइट गाउन से दिख रहा था। मौसा जी मेरे काफी टॉल हैं, मजबूत बदन, बहुत अच्छा सेंस ऑफ ह्यूमर। मैं मैन में बहुत अच्छा सेंस ऑफ ह्यूमर लव करती हूँ।

नहाके निकली तो मौसा जी मौसी को देख रहे थे। मौसी छोटे बच्चे को दूध पिला रही थीं। मौसी के स्तन को वो देख रहे थे। हमने खाना खा लिया। मौसी का बदन दर्द कर रहा था। वो कहने लगीं—

मौसी: मैं स्लीपिंग पिल्स लेके सो जाती हूँ। काफी थक गई हूँ।

मैंने कहा—

प्रिया: मैं टीवी देख रही हूँ और यहाँ पे ही सो जाऊँगी।

मौसी चली गईं दवाई लेके। मौसा जी को भी नींद नहीं आ रही थी। वो बोले—

मौसा: मैं भी बैठ गया।

मौसा जी मेरी बाजू में बैठे थे। टीवी में एक गरम सीन आया। मेरी हार्टबीट्स बढ़ गईं। साँसें फूल गईं। चूत में भी खून भरने लगा। चूत में खून के ज्यादा होने से चूत की मसल्स भी काफी तंग हो गईं। मेरी भगनासा भी मोटी होने लगी। चूत के होठ तो फूलके कॉपर कलर के रेड हो गए थे।

मौसा ने मेरे सामने देखा। मैंने देखा। वो भाप गए। उन्होंने हाथ मेरी जाँघ पे रखा और घिसने लगे। जिसके कारण मेरा नाइट गाउन ऊपर-नीचे होने लगा और चूत में मानो कि भूचाल हो गया हो। अंदर अजीबोगरीब तरह से गरमी बढ़ गई और जैसे मानो चूत के होल में अंदर से खिंच रहा हो। ऐसा हो रहा था कि बयान नहीं कर सकती।

मैंने मौसा जी के क्रॉच के सामने देखा। काफी मोटा हो गया था। वो भाप गए और मुझे खींचा उनके पास और सीधा किस कर दिया। और हाथ मेरे मम्मे पे रखकर उसे जोर-जोर से दबाने लगे। मैं भी सिसकियाँ लेने लगी।

प्रिया: आआआआह ओओओओओ प्लीज मौसा जी नहीं……

वो कहने लगे—

मौसा: तुम एक लड़की हो और मैं एक मर्द। लड़कियाँ होती हैं चुदवाने के लिए क्योंकि उनके पास होती है चूत और लड़कों के पास लंड होता है। लंड का काम है चूत की भूख मिटाना और उसे चोदना। तू तुम तुम्हारा काम करो और मैं अपना। देखो मैं तुम्हारी टाइट फुद्दी को कैसे खोलता हूँ।

ये बात सुनके मेरे चूत में तो रॉकेट्स छूटने लगे। चूत काफी गीली हो चुकी थी। अंदर भट्ठी हो गई थी और आग जैसे चूत के चुदाई वाले होल से निकल रही हो।

मौसा जी अब धीरे-धीरे से मेरे मम्मे को नाइटी से ही दबाने लगे और मेरा नाइट गाउन निकालके मुझे नंगा कर दिया। मेरी ब्रा भी खोल दी और पैंटी भी निकाल दी। मुझे नंगा देखके वो बोले—

मौसा: क्या मस्त माल है तू तो। चुदाई के लिए एकदम फिट।

वैसा कहके खुद के कपड़े निकाले और मोटे लंड को बाहर निकाला। मैं तो देखके हैरान हो गई। लंड था सिर्फ 7″ का था मगर था काफी मोटा। इतना मोटा लंड मैंने कभी नहीं देखा था। मेरे बदन में बिजली दौड़ गई। सनसनाती फैल गई।

मौसा जी ने मेरा हाथ पकड़के लंड पे रख दिया। मेरा हाथ रखते ही लंड जोर से स्प्रिंग की तरह फुदकने लगा। मौसा जी बड़े चुदाक्कड़ थे। उनको 2 बेटे थे। कहने लगे—

मौसा: देखो ये मेरा लंड 2 बेटे पैदा किया है। बेटे पैदा करने के लिए मजबूत लंड चाहिए।

मौसा जी ने मेरा हाथ पकड़के कहा—

मौसा: देखो प्रिया लंड को थोड़ा सहलाओ।

और लंड पे मेरा हाथ रखकर ऊपर-नीचे करने लगे। फिर हाथ ले लिया। मैंने धीरे से लंड के टोपी के ऊपर चमड़ी थी उसको नीचे किया और लंड की टोपी को भी खोला। वाह क्या लंड था। खुर्राटे मार रहा था। लंड की टिप के ऊपर प्रीकियम फॉर्म हुआ था।

मौसा: लंड पे थूको।

मैं थूकी और सहलाने लगी। मौसा जी भी अपनी गाँड आगे-पीछे करने लगे। और साथ में मेरी निप्पल्स को रोल करते थे और मेरी चूचियों को दबाते थे। मैं भी गाँड हिलाने लगी।

मौसा जी अब काफी गरम हो चुके थे। उन्होंने मुझे किस किया और मेरे पैर खोल दिए और दो पैर के बीच में आकर किस करने लगे। और धीरे-धीरे से मुझे लिटा दिया और दोनों पैरों को खोलके बीच में आ गए। और किस करने लगे।

उनका लंड मेरी गरम-गरम लाल-लाल फूली हुई चूत के होठों के साथ में कुश्ती कर रहा था। बीच में फँसने की कोशिश कर रहा था मगर चूत के गीलेपन के कारण लंड फिसल जाता था और मेरी भगनासा को दबाता था। उफ्फफफ काफी मजा आ रहा था।

प्रिया: मौसा जी प्लीज तड़पाओ मत…… आज तो मेरी फुद्दी को फाड़ दो।

मैंने मुँह को थोड़ा खोलके उनके ऊपर गरम हवा फेंकी।

वो मेरे मम्मे चूसने लगे। उनकी हेयरी चेस्ट मेरे ऊपर थी। और उनके बदन को मेरे ऊपर रखकर घिस रहे थे। जोर-जोर से गोल-गोल घुमा रहे थे। उनका लंड भी साथ में घूम रहा था। और मेरी चूत के होल को किस करता और होठों पे रगड़ता था।

मौसा जी ने मेरी टाँगें और खोल दीं और ऊपर लीं। और धीरे से लंड पकड़के मेरी चूत की सुराख पे रखा और जोर से धक्का दिया। मैं चीखी। चिल्लाई—

प्रिया: आआआआआआआआह मर गई…… ओओओओओओ काफी पेन हो रहा था।

काफी मोटा लंड था उनका। मुझे तो मानो कि मेरी चूत में बिजली गिरी है वैसा हो रहा था और जैसे साथ में कोई मोटा सा खिल्ला (कील) हथौड़े से मार रहा हो वैसा लग रहा था। मेरा पूरा बदन आधा फुट हिल गया।

मौसा जी ने और एक धक्का दिया और पूरा लंड मेरी चिकनी गीली चिपचिपी चूत में घुसा दिया। मेरी चूत तो लंड के घुसते ही टूटने लगी थी मगर चूत के मसल्स टाइटली लंड के चारों ओर टाइटनेस बढ़ा रही थीं और चूत लंड को चूसने लगी। मैंने भी ढील देने की कोशिश की मगर बेकार। चूत तो बड़े लंड के चारों ओर फटी हुई थी।

मौसा जी किस करने लगे और बदन को गोल-गोल घुमाते हुए मेरे बदन के साथ रगड़ते थे। चूत में टाइटनेस बढ़ रही थी और लंड का गला जोर-जोर से मेरी चूत दबा रही थी। लंड भी मानने वाला कहाँ था? वो भी गुर्राके एकदम से निकला और जोर से कोई हथौड़ा मारता है वैसे अंदर फिर से घुस गया और फिर से मौसा जी गोल-गोल घुमाने लगे।

मैं मौसा जी की हेयरी चेस्ट के सामने देखती थी। मैंने हाथ नीचे रखा मेरी चूत पे। सचमुच में मेरी चूत फटी थी। खुल गई थी। जैसे मुँह में कोई बड़ा सा निवाला ले लिया हो वैसे ही चूत का मुँह खुला हुआ था। चूत के होठ भी लंड को टाइटली पकड़े हुए थे। मैंने धीरे से मेरी भगनासा को स्ट्रोक किया और चूत में गरमी और बढ़ाई।

मौसा: साली तेरी चूत तो भट्ठी है एक रंडी जैसी।

वैसा कहकर किस की और कहा—

मौसा: तेरी मौसी भी इतनी गरम नहीं है। काफी दिनों से तेरी माँ पे मेरी नजर थी मगर आज तेरी माँ नहीं तो बेटी सही। और क्या टाइट माल है तू। निचोड़ मेरे लंड को साली रंडी।

वैसा कहकर जोर-जोर से हिप्स को आगे-पीछे करने लगे। मुझे चूत में काफी जोरों की मार पड़ रही थी।

मौसा: देख चूत होती ही इसके लिए चुदवाने के लिए। देख कितना मजा कर रही है तेरी चूत।

वैसा कहकर जोर-जोर से मेरी चूत पेलने लगे। उनके तत्तै भी मेरी गाँड को स्लैप करते थे। चूत तो लंड को जोर-जोर से दबा रही थी और गीलेपन के कारण चिपक-चिपक, फट-फट, फटा-फट आवाज भी आ रही थी। चूत के होठ भी खोल-बंद, खोल-बंद हो रहे थे। और जोर-जोर की चुदाई के कारण रूम में चुदाई की आवाजें बढ़ गईं।

मैंने पैर और फैला दिए थे। मौसा जी अब मेरी चूचियों को चूसने लगे और दबाने लगे और जोर-जोर से चूत को फाड़ने लगे। फट… फट… खटाक… खटाक… वैसी आवाजें बढ़ गईं। मैं काफी झड़ चुकी थी।

मैंने मौसा जी की बैक पे हाथ रैप कर दिया और अब गाँड को ऊपर-नीचे करके चूत को चुदवा रही थी। काफी अच्छा लग रहा था। चूत लंड को निचोड़ रही थी। मैं भी गाँड उठाके चूत को टाइट करती और लंड को और दबाती। मौसा जी उसके कारण काफी गरम हो जाते और वो और गालियाँ देते।

मौसा: साली रंडी काफी चुदवा चुकी है लगता है। चुदवाना आता है। तेरी मौसी के तरह नहीं। ऐसी चूत होगी तो ऐसी चूत से एक साथ चार-चार बच्चे निकाले जा सकते हैं क्योंकि चुदक्कड़ चूत को पेलने में लंड को भी काफी मजा आता है और जब दोनों मजा लेते हैं तभी जाके बच्चे होते हैं।

वैसा कहकर पेलने लगे। जोर-जोर से। उनकी हेयरी चेस्ट मेरे मम्मों को दबाती थी। मैं जब जोर-जोर से लंड को दबाती तब मेरी चूत से काफी जूस निकलता जो उनके लंड को भिगोके सीधा उनके तत्तै भी चला जाता।

मैंने आँखें बंद कर दीं और महसूस करने लगी कि हम और मौसा जी एक हो गए हैं। मौसा जी का अस्तित्व मेरे में समा गया है और हम लोग एक साथ गाँड उठा-उठाके चुदवाई करने लगे। मौसा जी अब जोर से मेरी निप्पल्स को चूसने लगे। मैं भी चीखने लगी। कहने लगी—

प्रिया: मौसा जी फाड़ दो मेरी बूर को। चोद-चोदके चूत को भोसड़ा बना दो। प्लीज रुको मत। फाड़ दो इस साली को।

मौसा: बहनचोद ये ले। साली रंडी की औलाद ये ले।

वैसा कहकर जोर-जोर से मेरी टाइट चूत का कीमा करने लगे।

चूत मेरी चुदवा-चुदवाके और तंग हो चुकी थी। मौसा जी के लंड को निचोड़ रही थी। अब सारा बदन मेरा तंग हो गया। टोज़ कर्ल्ड। निप्पल्स हार्ड। मौसा जी मुझसे लिपट गए और जोर-जोर से लंड अंदर डालने लगे जैसे किसान खेत को हल चलाता है वैसे वो मेरी चूत को जोर-जोर से पेल रहे थे। मैं फील कर सकती थी उसका कॉक मेरे बेली के अलग-अलग कॉर्नर्स में।

प्रिया: आआआआह ओओओओओ……

अचानक मौसा जी ने लंड से फव्वारा छोड़ा। वो अपने तत्तै खाली कर रहे थे। वो कहने लगे—

मौसा: साली रंडी ये लेती जा मेरा माल। इतने दिन से भरके रखे थे। ये ले ले मेरे लंड का सारा माल तेरी चूत में। साली चोद-चोदके भोसड़ा कर दूँगा।

वैसा कहके जोर-जोर से चोदने लगे। सारा माल खाली कर दिया और अब फिर लेटे थे और हिप्स को आगे-पीछे करते थे। 10-15 मिनट्स तक वो वैसा करते रहे और किस करते रहे। मेरी चूत से उनका माल निकल रहा था मगर मौसा जी हैं कि लंड को निकालने का नाम नहीं। चोदते रहे झड़ने के बाद भी। आधे घंटे में फिर से उनका लंड टाइट हो गया तब उन्होंने फिर से स्पीड बढ़ा दी।

मेरी तो आँखें फटी जा रही थीं। मेरी चूत खुल-बंद, खुल-बंद हो रही थी। मौसा जी बेदर्दी से अंदर गोल-गोल बॉडी को घुमाके मेरी चूत को पेल रहे थे। अंदर अब जोर-जोर से बच्चेदानी पे प्रहार कर रहे थे।

मौसा जी ने अब मुझे घोड़ी बनाया। और लंड को मेरी चूत की सुराख पे रखा और कहने लगे—

मौसा: क्या मस्त गाँड है तेरी। बिल्कुल तेरी माँ भी गई है। साली तेरी गाँड का तो मैं दीवाना हूँ।

वैसा कहकर जोर से मेरी गीली चूत में लंड को घुसा दिया कि जैसे मक्खन में छुरी चलती है वैसे चिर्र्र्र्र्र्र्र करके लंड घुस गया और वो बाल पकड़के मुझे चोदने लगे। मेरे बाल खींच रहे थे। मैं भी गाँड उठा-उठाके चूत को चुदवा रही थी। और उनके लंड को निचोड़के लंड का जूस निकालती थी।

मैं मोअनिंग कर रही थी—

प्रिया: आआआआआआआह ओओओओओओओ…… आआआआआआ ओओओओओओ

मौसा जी भी ग्रंट करते थे—

मौसा: ओओओओओ आआआआआह फक! ओओओओओओ आआआआ साली क्या टाइट चूत है।

वैसा सुना तो मैंने चूत को और टाइट कर दिया जैसे मोटे लंड को निगलने के कारण चूत गैगिंग कर रही हो। काफी पानी निकल रहा था मेरी चूत से। मौसा जी तो पेल रहे थे। मेरी चूचियाँ भी गोल-गोल घूम रही थीं। मैंने सिर नीचे कर दिया तो गाँड और ऊपर हो गई। और वो अब मेरी निप्पल्स पकड़के चोदने लगे। मेरी निप्पल्स खींचने लगे।

प्रिया: आआआआह ओओओओओओ……

मेरी चूत फिर से झड़ रही थी। चूत और टाइट हो गई। लंड का गला दबाने लगी। चूत में तो जैसे आग और लग रही थी। मेरा पूरा बदन चुदाई की आग की ज्वाला से जल रहा था। मेरी गर्म हॉट कंट उनके कॉक को सेयर कर रही थी। जैसे लंड जल रहा हो उनका गरम चूत की गरमी से।

मौसा जी ने जोर-जोर से मेरी चूतड़ों पे थप्पड़ लगाए।

मौसा: साली रांड ये ले मेरा लंड खट-खट…… खटाक……

हमारे बदन आपस में टकराते थे। मेरी चूतड़ दब जाती। बाउंस होती थी। मौसा जी के लंड को अब मैंने जोर से दबाया तो मौसा जी झड़ने लगे। अंदर वो फिर से अपना वीर्य छोड़ रहे थे। चूत काफी गरम हो गई थी। लंड प्यासी चूत की आग वीर्य डालके कर रहा था और वीर्य की पिचकारी छोड़ रहा था।

प्रिया: आआआआआह ओओओओओओ…… मर गई……

मौसा जी अब जोर-जोर से हिप्स मेरी चूतड़ पे रगड़ने लगे। मैं बक कर रही थी और अपनी ऐस उनके पेल्विस अगेंस्ट ग्राइंड कर रही थी।

प्रिया: आआआआआह ओओओओओओ……

चूत में तो जैसे गरम-गरम लावा का सैलाब आ गया हो। मौसा जी के झटके भी इररेगुलर हो गए जैसे करंट मारता हो उन्हें। वैसे वो भी मेरी चूत में धक्के दे रहे थे।

प्रिया: आआआआह ओओओ……

चूत से काफी वीर्य निकल रहा था। मौसा जी मेरे ऊपर ही ढेर हो गए। अब लंड धीरे से मेरी चुदी हुई चूत से स्लिप हो गया। चूत से उनका सारा वीर्य बाहर निकल रहा था। वो उठे और कहने लगे—

मौसा: ये लो प्रिया 5000 रुपये। मौसी को बताना नहीं।

प्रिया: जी नहीं।

काफी मजा आया था मौसा जी के खंभे जैसे लंड से चुदवाके। आआआआ ओओओओ…… फिर मैं नाइटी पहनके अंडरवियर और ब्रा को मेरी तकिए के नीचे रखकर सो गई।

सुबह आँख खुली तो मौसा जी बाहर गए थे। मौसी किचन में थीं। मौसी कहने लगीं—

मौसी: नींद आई? कितनी देर तक टीवी देखा? और ये अंदर कपड़े क्यों नहीं पहने? मौसा जी कह रहे थे इस लड़की को कहना कि रात को अच्छे कपड़े पहनके सोए।

मैं मन में हँस रही थी। कहा—

प्रिया: अच्छा मौसी देखूँगी।

वैसा कहकर नहाने चली गई। चूत को नहाने समय फिर से रगड़ा और बराबर साफ किया। और फिर कपड़े पहने के मैं और मौसी बाहर शॉपिंग के लिए निकल पड़े। मौसा जी ने जो 5000 दिए थे उससे मैं और एक्सोटिक कपड़े ले लिए।

नोट: ये रियल स्टोरीज हैं। ये मेरी आत्मकथा जैसी हैं। मुझे प्रियाचौधरी4यू एट याहू डॉट कॉम या गूगल डॉट कॉम पर संपर्क किया जा सकता है। फेसबुक पर भी सेम आईडी।

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कमेंट्स में जरूर लिखें।

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