सिर्फ अम्मी से ही प्यार 1

Maa Beta ki kamuk chudai ki sex story:- हाय सभी लोगों को। मैं इंडिया से हूँ और हैदराबाद ओल्ड सिटी में रहता हूँ। मेरे घर में हम 4 लोग हैं – अब्बा, अम्मी, मैं और बड़ी बहन जिसकी शादी हो गई है। मेरे अब्बा की उम्र 62 साल है और वो दुबई में जॉब करते हैं, 2 साल में आते हैं। मेरी अम्मी माँ की उम्र 49 साल है, बहन की उम्र 29 साल है और मेरी उम्र 21 साल है। मैं 8 साल बाद पैदा होने से घर का सबसे लाड़ला हूँ।

मेरी अम्मी की उम्र 49 साल है, नाम मुमताज़ है और वो शरीफ़ हैं। वो भी पढ़ती हैं। मेरा नाम सोनू है, उम्र 21 साल है, जॉब करता हूँ। मेरी अप्पी का नाम अनारकली है, उसकी शादी 4 साल पहले हो गई, वो अपने ससुराल में रहती है।

Maa Beta ki kamuk chudai ki hindi sex story

जैसा कि मैंने बताया मेरी अम्मी बहुत शरीफ़ हैं और मोबाइल भी सिर्फ़ बात करने के लिए इस्तेमाल करती हैं, सिर्फ़ अब्बा से बात करने के लिए। मेरी अम्मी हमेशा साड़ी पहनती हैं। जब अब्बा दुबई से आते हैं तो माँ और अब्बा साथ ऊपर के रूम में सोते हैं। जब दुबई वापस चले जाते हैं तो माँ नीचे के रूम में सोती हैं और मैं जब अब्बा दुबई से आते हैं तो नीचे अकेला सोता हूँ, और जब अब्बा चले जाते हैं तो माँ मेरे साथ नीचे सोती हैं।

मेरी अम्मी का रंग साँवला है। अम्मी का फ़िगर मुझे बहुत पसंद है। मुझे अम्मी में सबसे ज़्यादा उनकी गाँड पसंद है।

मेरी अम्मी ब्रा नहीं पहनतीं। अब पहले पहनती थीं पर अब नहीं पहनतीं। पैंटी पहनती हैं। 100cm का तो हुआ यूँ कि जब अम्मी बाथरूम से जैसे ही बाहर निकलीं, मैं अम्मी को देखकर डर गया और अम्मी मुझे देखकर। क्योंकि मैंने अम्मी को आज तक ऐसे कभी नहीं देखा था। मेरी लाइफ़ में पहली बार मैंने किसी को ऐसे देखा। अम्मी बाथरूम में नहा रही थीं, उन्हें लगा मैं घर पर नहीं हूँ इसलिए अम्मी नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गईं, सिर्फ़ टॉवल से सिर के बाल बाँधे थे।

मैं अम्मी को देखकर डर गया और शॉक हो गया। अम्मी मुझे देखीं पर जैसे ही अम्मी को होश आया अम्मी मुझे चिल्लाकर बोलीं—

अम्मी: तू यहाँ क्या कर रहा है सोनू? जा यहाँ से।

और ख़ुद बाथरूम में भाग गईं।

मैं शॉक में था तो अम्मी ने बाथरूम से वापस चिल्लाया—

अम्मी: सोनू बाहर जा यहाँ से। तुझे पता नहीं मैं नहा रही थी।

मैं: अम्मी मुझे पता नहीं था कि आप नहा रही हो।

अम्मी: आया तो आवाज़ क्यों नहीं दी?

मैं चुप हो गया। 5 मिनट फिर कोई बात नहीं हुई हम दोनों के बीच। और इन 5 मिनट में मैंने अम्मी को नंगी देखा। वो सोच रहा था कि अम्मी कितनी ख़ूबसूरत हैं। अम्मी के बूब्स बड़े-बड़े और पेट बाहर निकला हुआ और चूत पर हल्के-हल्के बाल थे। मैं तो देखकर शॉक हो गया। आप लोग समझ सकते होंगे कि सगी अम्मी को नंगी देखना कैसी फ़ीलिंग होती है।

फिर अचानक अम्मी ने फिर चिल्लाया—

अम्मी: सोनू बाहर जा मुझे कपड़े पहनने हैं।

और मैं डरकर बाहर चला गया। फिर मैं दो घंटे तक घर वापस नहीं आया। मैं बाहर ही बैठा सोच रहा था कि क्या हुआ अभी मेरे साथ। मैंने आज तक अम्मी को नंगी नहीं देखा और आज मैंने अम्मी को पूरी नंगी देख ली। ये सोचते-सोचते मेरा लंड खड़ा हो गया। पहली बार अम्मी को सोचकर मेरा लंड खड़ा हुआ था और मैं पब्लिक टॉयलेट चला गया और मेरी ज़िंदगी में पहली बार अम्मी को सोचकर वो भी पब्लिक टॉयलेट में मूठ मार रहा था कि क्या बूब्स हैं अम्मी के।

और क्या गाँड थी बड़े-बड़े। जब अम्मी बाथरूम से वापस गईं तो मुझे अम्मी की गाँड भी दिख गई थी।

और अम्मी की चूत में बाल।

मैं यही सब सोचकर अम्मी को याद करके मूठ मार रहा था जब मेरा पानी निकला।

और मैं बाहर आया तो दिमाग़ में ये आया कि ये मैं क्या कर रहा था अम्मी को नंगी देखके और उनको सोचकर मैं लंड हिला रहा था। छी ये कितना बड़ा ग़लत हो गया। ऊपर वाला मुझे कभी माफ़ नहीं करेगा। यही सोचते-सोचते मैं बाहर ही बैठा रहा। फिर सोचा घर चलता हूँ बहुत टाइम हो गया। फिर मैं घर के लिए निकल गया और डर भी रहा था कि अम्मी क्या बोलेगी।

फिर जब मैं घर पहुँचा तो अम्मी घर के बाहर बैठी थीं पड़ोस की आंटी लोगों के साथ। मैं अम्मी को देखा। अम्मी उन लोगों से नॉर्मल बात कर रही थीं।

फिर जब मैं घर के अंदर जाने लगा तो अम्मी ने मुझे देखा और कुछ नहीं बोलीं तो मैं सीधा अंदर जाके बैठ गया और अम्मी का वेट करने लगा खाना खाने के लिए। 30 मिनट वेट किया नहीं आईं तो मैं ख़ुद खाना डालकर खाने लगा। मुझे अम्मी से बात करने में डर लग रहा था तो मैं ख़ुद खाना डाल लिया और खाने लगा और सोचा कि अम्मी ने कभी ऐसा नहीं किया। मुझे खाना अम्मी ही देती थीं पर आज मुझे लेना पड़ा। और मैं सोचने लगा कि कहीं अम्मी किसी को न बता दें कि आज क्या हुआ। फिर मेरा ध्यान बाहर बैठी अम्मी पर गया जो बाहर बैठकर बात कर रही थीं और मैं अम्मी को देख रहा था। अम्मी की बैक मेरी तरफ़ थी और फिर खाना खाते-खाते वही अम्मी का नंगा बदन मेरे नज़र के सामने आने लगा।

और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और खाना खाते-खाते यही सोच रहा था कि आज पहली बार अम्मी को ऐसे नंगी हालत में देखा। क्या सोचेंगी मेरे बारे में और क्या अब्बा को बोल देंगी। मैं बहुत डरा हुआ था। फिर मेरा खाना हुआ और मैं हाथ धोने बाथरूम गया तो देखा अम्मी ने नहाकर जो कपड़े निकाले हैं उनमें अम्मी की पैंटी भी है।

मेरा दिल बहुत ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। फिर मैं डरके बाहर आ गया और वापस ऊपर रूम में चला गया। फिर वही सोच रहा था कि क्या हुआ आज मेरे साथ। ज़िंदगी में पहली बार वो भी अपनी अम्मी को नंगी देखा। और फिर वही नज़ारा वापस आने लगा और लंड खड़ा हो गया। मैं फिर से लंड हिलाने लगा ट्रैक में हाथ डालकर। फिर पता नहीं कब सोचते-सोचते आँख लग गई। फिर जब शाम को सोकर उठा तो मैं नीचे रूम में गया तो अम्मी चाय बना रही थीं। मैं अम्मी को ही देख रहा था। अम्मी मुझसे नज़र नहीं मिला रही थीं और बात भी नहीं कर रही थीं। फिर मैं टीवी ऑन करके देखने लगा तो अम्मी ने मुझे चाय दी।

मैंने अपनी चाय लेकर बाहर चला गया। अम्मी मुझसे बात नहीं कर रही थीं और नज़र भी नहीं मिला रही थीं। फिर मैं चाय पीकर बाहर चला गया और दोस्तों के साथ घूमने लगा। 1 घंटे बाद वापस घर आया तो अम्मी अब्बा से बात कर रही थीं तो मैं बहुत डर गया और डरके वापस बाहर चला गया।

उसके बाद मैं कुछ टाइम बाद वापस घर आया तो अम्मी खाना गरम कर रही थीं तो मैं वहीं बैठ गया और अम्मी को देख रहा था। अम्मी मुझे इग्नोर कर रही थीं तो मेरी नज़र अम्मी की गाँड पर चली गई जो हिल रही थी खाना गरम करते टाइम।

मैं पहले कभी ऐसा नहीं था पर आज दिन में जो हुआ मेरा नज़रिया ही बदल गया अम्मी को देखने का। फिर अम्मी अचानक मेरी तरफ़ पलटीं तो मैं डर गया और इधर-उधर देखने लगा। अम्मी वापस खाना देखने लगीं और मैं सोचने लगा क्या हो गया है मुझे। अम्मी भी मुझसे बात नहीं कर रही हैं और दिल में डर भी था कहीं अब्बा को तो नहीं बोल दीं। यही सब सोच रहा था कि अब्बा की कॉल आई मेरे मोबाइल पर। मैं डर गया था बात करने के लिए। फिर नहीं उठाया कॉल। फिर वापस कॉल आई तो मैं दूसरी कॉल में कॉल उठाया और अब्बा से बात करने लगा।

मैं: अस्सलामु अलैकुम अब्बा कैसे हो।

अब्बा: वालेकुम अस्सलाम बेटा कैसे हैं।

मैं: ठीक हूँ अब्बा आप कैसे हो।

अब्बा: मैं भी ठीक हूँ बेटा और कैसा चल रहा है वहाँ सब ठीक तो है ना और हाँ ज़्यादा बाहर मत जाया कर कोरोना है इंडिया में मास्क पहना कर रख हमेशा।

मैं: ठीक है अब्बा तुम भी अपना ध्यान दो।

अब्बा: हाँ ठीक है और काम कब से चालू हो रहा है।

मैं: पता नहीं अब्बा दुआ करो सब सही हो जाए।

अब्बा: हाँ बेटा सब परेशान हैं। चल ठीक है ध्यान रख अपना मैं बाद बात करता हूँ ठीक है।

मैं: ठीक अब्बा आप भी ध्यान रखो।

फिर मेरी जान में जान आई। अम्मी ने अब्बा को नहीं बताया और अम्मी खाना लेकर 2 प्लेट एक अपना और एक मेरा खाने लेकर नीचे बैठ गईं और खाने लगीं। मुझे बोलीं भी नहीं। फिर मैं भी हाथ धोकर आया और खाना लगाने लगा तो मैंने देखा अम्मी मुझसे बात ही नहीं कर रही हैं सिर्फ़ खाना ही खा रही हैं। और जब खाना खाने के लिए जब नीचे झुक रही थीं तो अम्मी का पल्लू थोड़ा सरका हुआ था।

आज पहली बार मेरी नज़र अम्मी के बूब्स पर गई जहाँ से थोड़ा बूब्स की लाइन नज़र आ रही है तो वो देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर मैं डर गया और खाना खाने लगा। मुझे अम्मी से बात करने में डर लग रहा था और अम्मी भी कुछ नहीं बोल रही थीं। फिर अम्मी का खाना हो गया और अम्मी उठने लगीं तो मैंने देखा जैसे ही अम्मी उठीं—

उनका पल्लू बूब्स से सरक गया और मुझे अम्मी के आधे बूब्स दिख रहे थे। मेरा पूरा ध्यान वहीं था कितने बड़े बूब्स हैं अम्मी के। लंड फिर से झटका खाने लगा। मैं मन में यही सोच रहा था कि आज क्या हो रहा है मेरे साथ। और अम्मी वहाँ से चली गईं और बाहर जाकर बैठ गईं। मैं भी खाना खाकर बाहर रोड पर राउंड मारने चला गया दोस्तों के पास। फिर रात को मैं हमेशा दोस्तों के साथ बात करके 12:30 तक घर वापस आया तो अम्मी टीवी देख रही थीं तो मैं ऊपर रूम में चला गया और मेरे मोबाइल में लगा होता था कि अचानक आज जो कुछ हुआ वही दिमाग़ में घूम रहा था। वही सोच रहा था कि आज अम्मी को नंगी कैसे देख लिया।

मैंने और अम्मी ने अब्बा को भी कुछ नहीं बोला और मुझसे बात भी नहीं कर रही हैं क्यों ऐसा हुआ यही सब सोच रहा था मैं और फिर वापस अम्मी को याद करके लंड मसल रहा था।

उसके बाद मैं अम्मी को नंगी याद करके लंड हिलाने लगा तो मुझे याद आया बाथरूम में अम्मी की पैंटी थी तो मैं सीधा उठा और नीचे रूम में गया तो देखा अम्मी टीवी देख रही हैं।

फिर अम्मी ने मुझे देखा और वापस टीवी देखने लगीं तो मैं बाथरूम गया टॉयलेट के बहाने से। जैसे ही मैं अंदर गया मुझे अम्मी की पैंटी दिखी वही तो मैं बाथरूम लॉक किया और पैंटी उठाने लगा तो देखा पैंटी गीली थी तो मैंने पैंटी को पूरा देखने लगा हर जगह से। मुझे चूत वाली जगह दिखी जहाँ से पैंटी थोड़ी फटी हुई थी।

मुझे डर लग रहा था अम्मी बाहर ही बैठी हैं और मैं ये क्या कर रहा हूँ। मेरा दिल बहुत तेज़ धड़क रहा था घबराहट हो रही थी तो मैं पैंटी को एक बार नाक के पास लेकर आया और सूंघने लगा। क्या बताऊँ दोस्तों मेरा दिमाग़ में चढ़ गई।

वो ख़ुशबू और लंड फ़ुल टाइट हो गया। फिर मुझे डर था कहीं अम्मी कुछ न बोल दें तो मैं पैंटी जैसी थी वैसे ही रखकर बाहर आ गया तो देखा अम्मी फिर से मुझे देखकर टीवी देखने लगीं तो मैं सीधा ऊपर चला गया और सोचने लगा कि क्या हुआ है मुझे क्यों ऐसा कर रहा हूँ। अम्मी हैं मेरी। ऊपर वाला मुझे कभी माफ़ नहीं करेगा और गिल्टी फ़ील करने लगा और सो गया। फिर रात को 3 बजे आँख खोली तो अम्मी भी मेरे बाजू में सो रही थीं। हाँ दोस्तों हम दोनों एक ही बेड पर सोते हैं जब अब्बा आते हैं तब मैं नीचे रूम में सोता हूँ। फिर जब आँख खोली तो देखा माँ पास में सो रही हैं और माँ की पीठ मेरी तरफ़ थी और उनकी साड़ी कमर और पीठ से हटी हुई थी। मैंने आज पहली बार माँ को इतने क़रीब से गंदी नज़र से देख रहा था।

इतने क़रीब से अम्मी को देखने से मुझे डर लग रहा था और अम्मी की चुचियाँ और नाभि मेरी तरफ़ थीं। दिल कर रहा था जाकर अम्मी से चिपक जाऊँ पर डर लग रहा था तो मैं अम्मी के और क़रीब गया तो अम्मी के बदन की ख़ुशबू आने लगी और डर भी लग रहा था। मेरा लंड फ़ुल टाइट हो गया था तो मैंने अपना एक हाथ अम्मी के ऊपर रख दिया। क्या बताऊँ दोस्तों इतना गरम और नरम बदन मुझे आज तक नहीं लगा। पहले भी अम्मी से गले मिलता था ईद में सब लेकिन आज की फ़ीलिंग कुछ और थी। मेरा दिल बहुत ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। फिर मैं हाथ को अम्मी की कमर पर रख दिया जो काफ़ी गरम थी। मेरा हाथ बहुत काँप रहा था और मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था। मैं रात को सोते टाइम अंडरवियर नहीं पहनता हूँ सिर्फ़ ट्रैक में सोता हूँ। कुछ टाइम हाथ कमर पर रखने के बाद मुझे लगा अम्मी जाग रही हैं तो मैंने मेरी आँखें बंद कर दीं क्योंकि अम्मी ने करवट बदल ली थी। मैं डर गया और मेरी साँसें बहुत तेज़ चल रही थीं। फिर मैं ऐसे ही कब सो गया पता ही नहीं चला। फिर सुबह जब आँख खोली तो देखा अम्मी पहले ही उठ चुकी थीं क्योंकि हमारे घर पानी मॉर्निंग में आता है तो भरना पड़ता है तो अम्मी पानी भर रही थीं मोटर लगाकर। और मैं जब उठा तो अम्मी ने मुझे घूरकर देखा।

और काम करने लगीं। फिर मैं बाथरूम चला गया और रात का सोचने लगा कि कितना मज़ा आ रहा था रात को अम्मी की बॉडी को छूकर। वो फ़ीलिंग ही कुछ और थी। अब मेरा नज़रिया बदल गया था अम्मी को देखने का।

उसके बाद मैं जब घर गया तो अम्मी ऊपर के रूम में पानी भर रही थीं तो मैं नीचे नहाने चला गया और मैंने सोचा चलो अम्मी की पैंटी से मूठ मारता हूँ जो बाथरूम में है लेकिन जब मैंने देखा वहाँ नहीं थी तो मैं ऐसे ही नहाकर बाहर आया और ऊपर रूम में कपड़े लेने चला गया। मैं सिर्फ़ एक टॉवल में था अंदर अंडरवियर भी नहीं पहने था। अम्मी अपना काम कर रही थीं। जैसे ही मुझे अम्मी ने देखा अम्मी नीचे रूम में चली गईं। फिर मैंने अपने कपड़े पहने और मैं भी नीचे रूम में गया और अम्मी को बोला—

मैं: अम्मी जी नाश्ता दे दो।

अम्मी ने कुछ नहीं बोला तो मैं फिर से बोला—

मैं: अम्मी नाश्ता दो ना।

अम्मी: वहाँ रखा है ले ले जा।

उन्होंने ये बात बहुत गुस्से में कही तो मैं जाकर नाश्ता लिया और नाश्ता करते-करते मैं अम्मी को ही देख रहा था। वो मुझे चोर नज़र से देख रही थीं तो मेरी नज़र अम्मी पर गई जो काम कर रही थीं और काम करते-करते माँ की गाँड बहुत हिल रही थी।

और बार-बार झुकने से अम्मी की गाँड बड़ी दिख रही थी।

मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और साड़ी बूब्स पर से थोड़ा हट गया था तो मुझे बूब्स भी थोड़ा दिख रहा था। मेरी तो हालत ही ख़राब हो रही थी। फिर मेरा नाश्ता हुआ और मैं बाहर चला गया दोस्तों से मिलने। फिर एक घंटे के बाद वापस घर आया और देखा अम्मी खाना बना रही हैं। मैं भी वहीं बैठकर मोबाइल यूज़ करने लगा। काम करते-करते अम्मी की गाँड पर नज़र गई। अम्मी की गाँड बहुत हिल रही थी तो मैंने सोचा अम्मी मुझसे कल से बात नहीं कर रही हैं। मैं अम्मी से अपनी ग़लती की माफ़ी माँगता हूँ। अभी कोई आएगा भी नहीं तो मैं कल वही बात को अम्मी से कैसे बात करूँ वो सोचके डर रहा था। फिर भी मैं बोला अम्मी को सॉरी बोल देता हूँ और हिम्मत करके अम्मी को बोला—

मैं: अम्मी जी।

अम्मी ने मुझे देखा और कुछ नहीं बोलीं।

मैं: अम्मी जी… अम्मी… अम्मी…

अम्मी: हाँ बोल क्या है (गुस्से में)।

मैं: अम्मी जी सॉरी कल के लिए।

अम्मी: अब याद आ रही है अम्मी से माफ़ी माँगने को (गुस्से में)।

मैं: वो अम्मी बहुत डर गया था मैं।

अम्मी: इतनी बड़ी ग़लती हुई कैसे तेरे से।

मैं: अम्मी मुझे पता नहीं था कि आप नहा रही हो।

अम्मी: क्या पता नहीं था कि मैं नहा रही हूँ झूठ मत बोल।

मैं: हाँ अम्मी मुझे सच में पता नहीं था। सॉरी अम्मी जी ग़लती हो गई माफ़ कर दो मुझे।

अम्मी: ठीक है दोबारा ऐसा मत करना समझा और हाँ ये बात किसी को बताना मत।

मैं: क्या बात कर रहे हो आप अम्मी मैं क्यों बताऊँगा। सॉरी आगे से ध्यान रखा करूँगा।

अम्मी: ठीक है जा ऊपर चले जा। मैं यहाँ खाना बना रही हूँ गर्मी है बहुत।

मैं: ठीक है अम्मी जी।

और मैं ऊपर रूम में आ गया और सोचने लगा कि अच्छा हुआ अम्मी से माफ़ी माँग ली नहीं तो अम्मी बात नहीं करतीं तो मैंने सोचा चलो अम्मी से चाय माँगकर देखता हूँ क्या बोलती हैं। फिर मैं वहीं से आवाज़ देकर अम्मी को बोला—

मैं: अम्मी जी चाय है क्या।

अम्मी: हाँ है क्या हुआ।

मैं: अम्मी थोड़ी चाय दो ना।

अम्मी: ठीक है देती हूँ रुक थोड़ा।

मैं: ठीक है अम्मी।

और मैंने सोचा चलो अच्छा है अम्मी बात तो कर रही हैं। और फिर यही सोचते हुए मोबाइल यूज़ करने लगा और अचानक याद आया कि गूगल में चेक करता हूँ अम्मी को कैसे पटाये। जब गूगल में चेक किया तो इतने सारे सामने स्टोरी आईं कि मैं देखकर दंग रह गया तो मैंने एक स्टोरी ओपन की। स्टोरी का नाम था अम्मी-बेटे का। फिर मैं वो स्टोरी पढ़ने लगा। पढ़ते-पढ़ते मेरा हाथ लंड पर चला गया कपड़े के ऊपर से ही और सहलाने लगा तो इतने में अम्मी चाय लेकर ऊपर आ रही थीं तो मेरा हाथ अचानक लंड के पास से हट गया।

अम्मी चाय देकर वापस जा रही थीं तो मुझे लगा अम्मी मेरा लंड की तरफ़ चोर नज़र से देख रही हैं।

मैं एकदम डर गया और अम्मी नीचे चली गईं। मैंने सोचा अब क्या होगा यही सोचकर डर रहा था।

आगे क्या होता है पढ़ें अगले पार्ट में।

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