दादाजी से चुदकर उनकी पत्नी बन गई 3
Dosto, yer Dada Ravi aur Poti Madhu ki romantic hot sex story ka part 3 hai — ek heartfelt hindi kahani jo true love hindi sex padhne walon ke liye hai. Agar aapko romantic kahani pasand hai to ye bold romantic story hindi aapko bahut pasand aayegi.
Dada Poti ki hot hindi sex story
Pichla part yaha padhen ==> दादाजी से चुदकर उनकी पत्नी बन गई 2
मेरे फोन रखते ही नीलू ने मुझसे पूछा, क्या कहा उन्होंने, आ रहे हैं ना? मैं शर्माते हुए हाँ में अपना सर हिलाने लगी।
नीलू : छुट्टी लेकर चले।
मैं : क्या तू भी ना, मैंने उन्हें छुट्टी के बाद आने को कहा है।
नीलू : कॉलेज के बाहर ही मिलेंगे।
मैं : नहीं।
नीलू : फिर कहाँ?
मैं : उन्हें पता है जहाँ मिलना है।
नीलू : बढ़िया है।
मैं नीलू के साथ बाहर निकली तो रास्ते में मुझे गली के नुक्कड़ पर अंकल की गाड़ी दिखाई दी। मेरा दिल तो खुशी से झूम उठा। नीलू ने भी अंकल को देख लिया तो वो मुझे छेड़ते हुए बोली, वो देख जीजा जी, तेरा ही इंतज़ार कर रहे हैं।
मैं शर्माते-मुस्कुराते हुए, चल आ। पहले तो नीलू ने मना किया पर फिर मेरे साथ अंकल की गाड़ी की ओर चल पड़ी। हमें पास आता देख अंकल पहले तो थोड़ा nervous हुए तो मैंने खुद अंकल से कहा, इसे सब पता है। ये सुनकर अंकल ने गाड़ी का दरवाज़ा खोल दिया तो नीलू चुपचाप पीछे और मैं आगे अंकल की बगल में बैठ गई। अंकल ने गाड़ी दौड़ा दी।
कुछ देर के बाद हम एक restaurant पहुंचे जहाँ हम अक्सर आते थे और restaurant अंकल का ही था। नीलू के साथ होने पर अंकल कुछ बात नहीं कर रहे थे। तब मैंने अंकल से कहा, इसे सब पता है।
नीलू को सब पता है ये जानकर अंकल को थोड़ी राहत हुई। मैंने कहा अंकल यहाँ बहुत भीड़ है, मुझे आपसे कुछ बात करनी है। तो अंकल बोले, हाँ कहो।
मैं : अकेले में। और फिर नीलू से, नीलू तू यहाँ बैठ मैं आई हूँ। तो अंकल मुझे लेकर केबिन में चले आए।
मैं : अंकल आप दो दिन से आए नहीं, पता है मैं कितनी परेशान हो गई थी।
अंकल : मैंने सोचा कि मेरी बात सुनकर तुम नाराज़ हो गई हो।
नाराज़ होने की बात सुनकर मैं अंकल की आंखों में देखकर मुस्कुराते हुए, नाराज़, और आपसे? मेरे मुँह से ये सुनकर अंकल का चेहरा मानो खिल उठा और बोले, मधु तुम्हें बुरा नहीं लगा?
मैं : अगर बुरा लगता तो क्या मैं यहाँ आपके साथ होती?
तभी पता नहीं अंकल को क्या हुआ, वो टेबल पर पड़े गुलाब के गुलदस्ते में से गुलाब निकालकर किसी फिल्मी हीरो की तरह मेरे सामने घुटनों के बल बैठकर गुलाब के फूलों को मेरी ओर बढ़ाते हुए बोले, मधु क्या तुम मुझसे शादी करोगी?
अंकल के इस फिल्मी अंदाज़ पर मैं शर्म से अपना चेहरा झुकाकर मुस्कुराने लगी। मेरी मुस्कुराहट अंकल के सवाल का जवाब थी।
अंकल : बोलो मधु क्या तुम मुझसे शादी करोगी? तो मैं अंकल के हाथ से गुलाब के फूलों को लेती धीरे से बोली, मैं तो मान जाऊंगी पर क्या मम्मी मानेंगी इस रिश्ते के लिए?
मेरी हाँ सुनकर खड़े हुए और आज पहली बार मेरे कंधे पर हाथ रखकर अपने करीब खींचते हुए बोले, बेटी मान गई है तो उसकी मम्मी को भी मना लूंगा।
मम्मी को मनाने की बात सुनकर मुस्कुराते-शर्माते अंकल की बाहों से निकलते हुए बोली, मैं तो भोली थी, आपने फंसा लिया।
अंकल : ये क्यों नहीं कहती जादूगरनी हो, अपनी कातिल नज़रों से हमें अपना दीवाना बना लिया।
मैं : पर मम्मी को मनाना इतना आसान नहीं है, मुझे नहीं लगता कि मम्मी मानेंगी इस रिश्ते के लिए। और ये बोलते हुए मैंने अपना चेहरा दूसरी ओर घुमा लिया। तो अंकल बड़े ही प्यार से अपने हाथ से मेरा चेहरा घुमाकर अपनी ओर करते हुए बोले, अगर तुम्हारी मम्मी को मना लिया तो फिर तो करोगी ना मुझसे शादी? अब मैं क्या बोलती, शर्म से अपना चेहरा घुमाकर मुस्कुराने लगी।
अंकल : अभी से ही शर्मा रही हो?
अंकल की बात सुनकर पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैंने अपना चेहरा अंकल के सीने पर रख दिया। अंकल बड़े प्यार से मुझे अलग करते, मेरी आंखों में आंखें डालकर बोले, मधु तुम्हें लगता है मैं तुम्हारी मम्मी को इस रिश्ते के लिए नहीं मना पाऊंगा?
मैं : अगर मुझे विश्वास नहीं होता तो क्या मैं हाँ करती?
अंकल : कम से कम अब तो अंकल मत कहो।
ये सुनकर मैं अंकल के सर से सर जोड़कर मुस्कुराते हुए, पहले मम्मी को हमारे रिश्ते के बारे में बता दीजिए, फिर थोड़े ही कहूंगी। हटिए। हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में लिए खड़े थे, हम दोनों की सांसें एक-दूसरे से टकरा रही थीं कि अंकल ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रखकर उसे चूम लिया।
ये किसी मर्द का मेरे होंठों को चूमने का पहला अनुभव था। मैंने कोई reaction नहीं किया तो अंकल मुझे अपनी बाहों में लिए मेरे होंठों को चूमने और मेरे गालों पर अपने होंठ रगड़ने लगे।
तो मैं अंकल की बाहों में खड़ी बड़े ही sexy तरीके से उनकी आंखों में आंखें डालकर, छोड़िए ना, पहले आप मम्मी को मनाएं और ये सब शादी के बाद। वैसे अंकल मान लीजिए मम्मी मान भी गईं और आपकी बीवी-बच्चे ना मानें तो क्या? तब भी आप मुझसे… ये कहकर एक तरह से मैंने अंकल से कह दिया था कि मुझे उनकी दूसरी बीवी बनने में कोई दिक्कत नहीं है।
अंकल : मधु मेरी बीवी की death हुए 35 साल हो चुके हैं।
मैं : और बच्चे?
अंकल : एक बेटा था, वो अपनी मर्ज़ी से शादी करके कहीं चला गया और आज तक पता नहीं चला। अब तो जो कुछ भी हो वो तुम ही हो। सच मधु अब तुम्हारे बिना जी नहीं पाऊंगा। तुम्हारे बिना एक पल मानो काटने को दौड़ता है।
मैं : अगर ऐसी बात है तो मम्मी से बात कर लीजिए और बना लीजिए सदा के लिए अपनी।
अंकल : मेरी जान तुम्हें अपनी बनाने के लिए अब तो बात करनी ही पड़ेगी।
मैं : अब बाहर चलें, बाहर नीलू हमारा इंतज़ार कर रही होगी। और हम बाहर आ गए।
मैं अंकल के साथ बाहर आई तो नीलू हमें देखते हुए, बड़ी देर लगा दी, अब चलें?
मैं : रुक, कुछ खा तो ले। और फिर अंकल से कुछ मंगवाई तो सही।
अंकल : क्यों नहीं। और अंकल ने coffee और sandwich मंगवाए। मेरे चेहरे पर मुस्कान देखकर नीलू बोली, अंकल जानते हैं, ये आपको कितना miss किया है।
अंकल : अरे भाई, उस गलती के लिए तुम्हारी सहेली से माफी तो मांग ली।
नीलू : वो तो ठीक है पर आगे से ऐसी गलती कभी नहीं करना, वरना ये कुछ कहे या ना कहे, मैं आपको माफ नहीं करूंगी।
अंकल : कभी नहीं, हमें मरना है क्या?
नीलू : मधु सुन रही है? अब अगर जीजा जी फिर से ऐसा करें तो बताना। मेरे सामने नीलू का अंकल को जीजा कहना एक तरह से हमारे रिश्ते पर मोहर थी। मैं तो बस शर्मा रही थी।
अब मैं अंकल से जब भी उनके restaurant में मिलती, अंकल मुझे अपने office में ले जाते और जैसे ही office में chair पर बैठने लगी, अंकल पीछे से मुझे दोनों बाहों से पकड़ लिया और अपनी ओर खींचा तो मैं भी उनकी ओर खिंचती चली गई।
तो अंकल ने अपनी दोनों बाहों में मेरी कमर डालकर अपने से चिपका लिया और बड़े ही romantic तरीके से मेरे कान के झुमके को अपनी उंगली से सहलाते हुए बोले, वहाँ कहाँ जा रही हो मैडम? तो मैं धीरे से, क्यों बैठ रही हूँ, क्या आज coffee नहीं पिलाएंगे? तो अंकल मुझे अपनी बाहों में भरते बड़े ही प्यार से बोले, मैडम अब हम कहाँ पिलाएंगे, पिलाएंगी तो मलकिन जो हैं यहाँ की।
मैं : अच्छा ऐसा है? तो मम्मी से बात कर लो।
अंकल : जिस दिन बात कर ली ना, फिर उस दिन से तुम्हें वहाँ थोड़े ही रहने दूंगा, उसी दिन इस गोरी को दुल्हन बनाकर अपने घर ले आऊंगा।
मुझे दुल्हन बनाकर अपने घर लाने का सुनते ही मैं शर्म से लाल हो उठी और अपना सर अंकल के सीने पर रखकर, मुझे भी उस पल इंतज़ार है कि कब मैं आपकी दुल्हन बनूंगी और आप मुझे दुल्हन बनाकर ले जाएंगे।
अंकल के साथ मेरा ilu-ilu पूरे रोमांच पर था और एक बात, इस दरमियान अंकल ने कभी limit cross नहीं की थी क्योंकि वो मुझसे सच्चा प्यार करते थे।
अंकल को अब मुझसे एक ही शिकायत थी, वो ये कि उनको मेरा उन्हें अंकल कहना अच्छा नहीं लगता था। कई बार अंकल मुझे कह चुके थे कि मैं उन्हें अंकल ना कहूँ, अच्छा नहीं लगता, पर मैं हर बार मुस्कुराकर ना में सर हिलाती कि अभी नहीं।
अंकल : क्यों यार अब क्या problem है, तुम्हारी सहेली नीलू भी तो मुझे जीजू कहती है, तुम भी मुझे मेरे नाम से पुकारो ना। तो मैं अंकल के गले में अपनी बाहों का हार डालकर, जिस दिन मम्मी आपको अपना दामाद कह देंगी, तब आप जो कहेंगे बोल दूंगी।
अंकल : फिर तो लगता है इस गोरी के मुँह से ये कहलवाने के लिए इसकी मम्मी से बात करनी पड़ेगी।
कहते हैं ना, जवानी और इश्क छुपाए से कहीं छुपता है, जो मेरा इश्क छुपाता। मम्मी ने मेरे हाथ में इतना महंगा iPhone देख लिया और मम्मी ने समझ लिया कि iPhone के लिए मैंने अपनी गदराई जवानी को लुटा दिया है। मम्मी वो फोन लेकर मुझपर थप्पड़ों की बरसात कर दीं।
मम्मी : बोल कलमुंही, कहाँ अपना मुँह काला करवाया? मैं तो बस चुप थी और मम्मी मुझपर थप्पड़ों की बरसात कर रही थीं। कुछ देर के बाद जब मम्मी का गुस्सा थोड़ा कम हुआ तो मैं रोते हुए मम्मी से कहा, मम्मी मैंने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे आपको शर्मिंदा होना पड़े। मेरी बात सुनकर मम्मी मुझे फोन दिखाते हुए, फिर ये क्या है?
मैं : मम्मी मैं किसी से प्यार करती हूँ और उससे शादी करना चाहती हूँ।
मम्मी : कौन है वो?
फिर मैंने मम्मी को अंकल के बारे में बताया कि वो लंदन से आए हैं और उनके यहाँ बहुत बड़ा बिज़नेस है, hotels, showroom, factory। इतना पैसा सुनकर मम्मी भी थोड़ा नरम पड़ गईं और बोलीं, अगर वो इतना पैसे वाला है तो तुझसे शादी क्यों करेगा? अगर मान ले वो मान भी गया पर उसके घर वाले?
मैं : उनका कोई नहीं है दुनिया में, बीवी थी उनकी death हो गई।
मम्मी : और बच्चे?
मैं : कोई नहीं है उनका।
मम्मी : तो क्या ऐसे मर्द से शादी करेगी जो पहले से शादीशुदा है?
मैं : मम्मी शादीशुदा थे, अब तो उनका कोई भी नहीं है।
मम्मी : चल ठीक है, पर पहले मैं उससे बात करूंगी, अगर मुझे ठीक लगा तो ही हाँ करूंगी।
मैं : ठीक है मम्मी।
मम्मी : फिर तू मेरी उससे बात करवा।
मैं : मम्मी वो आज 2-3 दिनों के लिए बाहर गए हैं किसी property के सिलसिले में। मैं फोन पर आपकी उनसे बात करवाती हूँ। और मम्मी का जवाब जाने बिना ही मैंने अंकल को फोन लगा दिया। और अंकल को फोन लगाते ही मैं मम्मी से बोली, लग गया।
और जैसे ही अंकल ने फोन उठाया मैंने कहा, लो मम्मी से बात करो। और मम्मी को फोन पकड़ा दिया।
अंकल फोन पर : नमस्ते।
मम्मी : नमस्ते। मधु ने अभी मुझे बताया, क्या तुम सच में मधु से शादी करना चाहते हो?
अंकल : जी।
मम्मी : पर शादी मधु से ही क्यों?
अंकल : जी मैं मधु से प्यार करता हूँ।
मम्मी : आपके माता-पिता, रिश्तेदार?
अंकल : जी मेरा कोई नहीं अब सिवाय मधु के।
मम्मी : मेरी बेटी को धोखा तो नहीं दोगे?
अंकल : धोखा क्यों दूंगा, मेरा कौन है अब, जो कुछ है वो इसी का तो है।
मम्मी : फिर भी आपको मधु से शादी करनी है तो कम से कम घर आकर बात तो करनी चाहिए ना?
अंकल : जी वो मेरी गलती है, मानता हूँ। मैं सोच रहा था कि पहले मधु आपसे इस बारे में बात कर ले।
मम्मी : अब तो कर ली, अब तो आ जाइए।
अंकल : जी ज़रूर, बस 2-3 दिन में बाहर हूँ, वो एक होटल की बात चल रही है, इसी सिलसिले में। जैसे ही ये deal हो जाएगी मैं आपकी सेवा में हाज़िर हो जाऊंगा।
मम्मी : आपका इंतज़ार करूंगी, लीजिए मधु से बात कीजिए। और मम्मी ने फोन दिया तो मैं फोन लेकर अपने कमरे में आ गई।
मम्मी का इस रिश्ते के लिए हाँ सुनकर मैं काफी खुश थी। और रूम में आते ही बेड पर लेटकर बोली, और अब तो खुश हो? मम्मी ने भी हाँ कह दी। कब आ रहे हो?
अंकल : शायद परसों तक काम खत्म हो जाएगा, तो कोशिश होगी उसके अगले दिन आ जाऊंगा।
मैं : बारात लेकर?
अंकल : अगर ऐसी बात है तो अभी आ जाऊं बारात लेकर?
मैं : अच्छा जी इतनी जल्दी है बारात लाने की? और फिर सुनो, जल्दी आने की कोशिश कीजिएगा, आपके बिना मेरा दिल नहीं लग रहा।
अंकल : हमारा दिल भी अब कहाँ लग रहा है हुज़ूर, हमारा दिल तो आपके पास है।
अंकल : सुनो।
मैं : जी। अंकल…
अंकल : यार क्या, अब तो मम्मी ने भी हाँ कह दी, अब तो अंकल मत कहो।
मैं : अंकल जी, छेड़ते हुए, अंकल ना कहूँ तो अंकल जी बोल दिया करूंगी।
अंकल : बड़ा ज़ुल्म करती हो। देखो तुम्हारी मम्मी भी मान गईं और तुम्हारी सहेली भी जीजू कहती है, तो तुम्हें कहने में क्या दिक्कत है?
मैं : नीलू जीजू कहती है तो आपका मतलब मैं भी जीजू कहूँ?
अंकल : जीजू नहीं, मेरे नाम से, रवि।
मैं : आप आइए, फिर आप जो कहेंगे कहूंगी।
अंकल : ok मेरी जान, सुनो।
मैं : I love U Baby।
अंकल के मुँह से I love U सुनते ही मैं शर्म… हाय राम आप भी ना।
अंकल : जान अगर तुम भी मुझसे प्यार करती हो तो तुम भी कहो। तो अब मैंने धीरे I… Love… U और शर्म से बस।
मैं : अच्छा जी इतनी जल्दी है बारात लाने की? और फिर सुनो, जल्दी आने की कोशिश कीजिएगा, आपके बिना मेरा दिल नहीं लग रहा।
अंकल : हमारा दिल भी अब कहाँ लग रहा है हुज़ूर, हमारा दिल तो आपके पास है।
अंकल : सुनो।
मैं : जी।
अंकल : इस खुशी में मुँह तो मीठा करवा दो। मैं जानती थी कि अंकल कैसे अपना मुँह मीठा करवाने की बात कर रहे हैं, फिर भी मैं, यहाँ आ जाइए गुलाब जामुन खिला दूंगी।
अंकल : गुलाब जामुन तो काले हैं।
मैं : आप आइए तो सही, रसगुल्ले से आपका मुँह मीठा करवा देंगे।
अंकल : अच्छा पर उन रसगुल्लों में इतनी मिठास कहाँ जो तुम्हारे गोरे-गोरे गालों में है।
मैं : धत्।
अंकल : यार करवा दो मुँह मीठा अपने रस भरे होंठों से।
मैं इठलाते हुए, मैं फोन रख रही हूँ।
अंकल : नहीं सुनो ना, एक पप्पी दो ना। अंकल ने इतने प्यार से कहा, मैं मना नहीं कर सकी और फोन पर अंकल को पप्पी दी।
अंकल : हाय मार डाला। और फिर बोले, मधु ऐसा करो तुम मम्मी को लेकर restaurant चली जाओ, वहाँ उन्हें खिला-पिला लाओ और उनको अपना showroom दिखाओ, वहाँ showroom से उनको साड़ियों की shopping वगैरह।
मैं : अभी से अपनी सास की खातिरदारी?
अंकल : बीवी को खुश रखना है तो उसकी मम्मी को खुश रखना ही होगा। मैं गाड़ी भिजवा रहा हूँ।
मैं : जैसा आप कहें।
मैं बाहर आई और मम्मी से कहा, मम्मी आप रेडी हो जाओ।
मम्मी : कहाँ जाना है? मुझे खाना बनाना है।
मैं : रहने दो, आज हम restaurant में खाना खाएंगे, इन्होंने गाड़ी भिजवा दी है। ये सुनकर मम्मी क्या कहतीं, वो भी रेडी हो गईं। मम्मी को बाहर खाना खाए बरसों हो गए थे। तब तक बाहर गाड़ी भी आ गई। मम्मी तो इतनी बड़ी गाड़ी देखकर हैरान थीं।
मैंने मम्मी से कहा, घर को अच्छे से lock लगा दीजिए क्योंकि आज की रात हम वहीं होटल में रुकेंगे। यहाँ बहुत गर्मी है। मम्मी के साथ गाड़ी में बैठते हुए मैं ड्राइवर से बोली, चलो ड्राइवर पहले restaurant, पहले खा लेते हैं।
मम्मी तो चुपचाप बैठीं मेरे रईसों वाले ठाठ-बाट देख रही थीं। और कुछ ही देर में गाड़ी restaurant के बाहर आ खड़ी हुई। मुझे देखकर गेटकीपर सलाम करने लगा और जैसे ही हम अंदर आए वहाँ मैनेजर समेत दो वेटर आ गए।
मम्मी : बड़ा महंगा है।
मैं : मम्मी चिंता क्यों करती हो, ये उनका ही है। मम्मी तो बस इस restaurant की शानो-शौकत ही देख रही थीं कि उसकी बेटी इसकी मालकिन बनने जा रही है। वहाँ हमने खाना खाया और फिर मैनेजर से बोली, सुनो एक बढ़िया सा रूम रेडी करवाओ क्योंकि आज की रात हम यहीं रुकेंगे।
मैनेजर : जी मेम। और फिर मैं मम्मी को लेकर अंकल के showroom में आ गई। वहाँ सब उठकर मेरे स्वागत में खड़े थे। मम्मी को वहाँ मैंने साड़ियां पसंद करवाईं और मम्मी काफी खुश थीं।
मम्मी : मधु ये restaurant और showroom उनका ही है?
मैं : सिर्फ ये ही नहीं, ऐसे और भी काफी हैं इनके, city में।
मम्मी : बस मैं चाहती हूँ तू खुश रहे।
मैं और मम्मी shopping करके होटल आए। होटल के मैनेजर ने हमारा सामान हमारे रूम में रखवा दिया था। मम्मी तो रूम देखकर हैरान रह गईं। मम्मी ने अपने जीवन में पहली बार ऐसा होटल देखा था, ये किसी महल से कम नहीं था।
मम्मी : मधु इसका rent ही बहुत होगा।
मैं : हाँ, 30000।
मैंने 30000।
दो दिन बाद हम दोनों तैयार होकर कोर्ट चले गए। वहाँ सब तैयारी हो चुकी थी। हमने कोर्ट से मम्मी को फोन किया और मैंने मम्मी को बताया कि हम कोर्ट आए हैं, इन्होंने जिस showroom में आप काम करती हैं वो आपके नाम से लेना है और उसमें अड़चन है कि वो showroom आपके नाम से… नहीं लेकर आपको gift नहीं कर सकते जब तक हम शादी कर लें।
सोच रहे हैं क्या करें, उसको showroom की सारी payment भी कर दी, 10 करोड़। आपको आने में कम से कम 3 घंटे लग जाएंगे, आप बताएं क्या करें, छोड़ दें payment? आपका आशीर्वाद भी तो ज़रूरी है।
मैं जानती थी कि मम्मी इतनी बड़ी payment नहीं छोड़ने देंगी। So मम्मी बोलीं, अरे मैं नहीं हूँ तो क्या, आप कर लीजिए शादी, मैं घर आ जाती हूँ, बाकी घर पर आप दोनों को आशीर्वाद दे दूंगी। इतनी बड़ी payment ऐसे थोड़े ही छोड़ दें। मम्मी ने इतना कहा, अंकल के साथ मैं भी खुश हो गई।
कुछ देर बाद मैंने मम्मी से कहा, मम्मी अब आप सब काम छोड़ दीजिए और आराम से मलकिन की कुर्सी पर बैठकर रॉब जमाइए, अब आप इस showroom की मलकिन हैं।
मम्मी : सच? मम्मी उस showroom जहाँ वो काम करती थीं उसकी मलकिन बनने का सुनकर खुशी से पागल हो उठीं। और इस खुशी में वो हमारी शादी का भूल गईं और फिर मैंने और अंकल ने कोर्ट मैरिज कर ली।
अब हम कानूनन पति-पत्नी बन चुके थे।
आगे क्या हुआ, पढ़ें अगले पार्ट में।
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