मेरी बड़ी बहन की चूत की प्यास
Badi bahan ki chut ki chudai kahani:- यहाँ आपको एक बहुत ही कमाल की कहानी लेकर आया हूँ। यह कहानी एकदम सच्ची है क्योंकि यह मेरे पहले सेक्स की कहानी है। और भला मैं अपनी पहली सेक्स की कहानी आपको नहीं बताऊँगा तो किसे बताऊँगा।
आपमें से काफी लोगों ने अपना पहला सेक्स अपनी गर्लफ्रेंड या अपनी वाइफ से ही किया होगा। या किसी रंडी से भी किया होगा। पर मैंने अपनी जिंदगी का पहला सेक्स अपनी बड़ी बहन के साथ किया था। वो भी मैंने खुद अपनी मर्जी से नहीं किया था। वो मेरी बहन ने खुद को मुझसे चुदवाया था क्योंकि उनको अपनी चूत की आग शांत करवानी थी।
Badi bahan ki pyasi chut ki chudai kahani
तो दोस्तो, चलिए अब मैं कहानी शुरू करता हूँ।
कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने और अपनी फैमिली और अपनी बहन के बारे में बता दूँ। जैसा कि आपको मेरा नाम तो पता चल ही गया है, मेरा नाम अमरीक है। मेरे पापा एक गवर्नमेंट जॉब वाले हैं और मम्मी हाउसवाइफ हैं। मेरे घर में मेरे अलावा मेरी एक बड़ी बहन भी है। उसका नाम निशा है और वो आज की तारीख में शादीशुदा है।
मेरी बहन बहुत ही सेक्सी और हॉट जिस्म की मालकिन है। उसको देखकर तो अच्छे से अच्छों का लंड खड़ा हो जाए। पर वो मेरी बहन थी इसलिए मेरी उसकी तरफ ऐसी कोई सोच नहीं थी। पर मैं ये जानता था कि जो भी मेरा जीजा बनेगा वो साला बहुत किस्मत वाला होगा। क्योंकि ऐसा माल उसे जिंदगी भर चोदने को मिल जाएगा। जो उसे शायद ही कहीं और मिले।
आखिर मेरी दीदी की शादी हो गई और उनके पति यानी मेरे जीजा जी गाँव में जॉब करते थे। उनको वहाँ पर शादी होने के करीब तीन महीने के बाद ही भेज दिया था। जीजा जी का परिवार बड़ा था इसलिए उन्होंने दीदी को वहीं पर उनकी देखभाल के लिए छोड़ दिया। मेरी बहन बहुत ही संस्कारी थी। आज तक हम दोनों घर में कभी ऐसी-वैसी बात तक नहीं करी थी।
पापा-मम्मी ने भी आज तक हमारे सामने ऐसी-वैसी कोई हरकत नहीं करी जिससे हमारे ऊपर कोई गलत असर पड़े। मेरी बहन के फिगर शादी के बाद एकदम बदल चुका था। उनके बूब्स काफी बड़े हो गए थे। और साथ ही उनके चुत्तर भी काफी बाहर आ गए थे। अब वो अपनी पुरानी टॉप और जींस नहीं डाल सकती थीं।
एक दिन अचानक मेरे घरवालों को शादी में जाना था। पर उन दिनों मेरे एग्जाम चल रहे थे। इसलिए मैं घर में अकेला था और मुझे खाना बनाना नहीं आता था। इसलिए मम्मी-पापा ने चार दिनों के लिए दीदी को घर पर बुला लिया था। दीदी उसी दिन आईं जिस दिन मेरे घरवालों ने जाना था।
मैंने उनके सामने ही मम्मी-पापा को ट्रेन में बिठाकर आया था। घर आकर मैं रेडी हुआ और कॉलेज चला गया। मेरा दिन ठीक-ठाक निकल गया था। घर आकर मैंने दीदी के साथ कुछ देर बातें करीं और फिर वो मेरे लिए डिनर बनाने लग गईं। फिर हम दोनों एक साथ डिनर किया और सोने के लिए अपने-अपने रूम में चले गए।
सोने से पहले मैंने कुछ देर स्टडी करी क्योंकि वो मेरे लिए बहुत ही जरूरी थी। मैं रात को ग्यारह बजे सो गया था क्योंकि मुझे सुबह जल्दी उठकर फिर से स्टडी करनी थी। मैं आराम से सो गया और मुझे न जाने कब बहुत गहरी नींद आ गई। रात को करीब एक बजे कोई मेरा दरवाजा खटखटा रहा है, ऐसा मुझे लगा।
मेरी आँख अचानक से खुल गई और मैं घबराता हुआ दरवाजे के पास गया और उसे खोला। मेरे सामने मेरी बड़ी बहन निशा खड़ी थीं। उन्होंने अपना नाइट सूट डाला हुआ था। रेड गाउन और ऊपर से लिप्स भी पूरे रेड किए हुए थे। साली एकदम सेक्स की देवी लग रही थीं। उनको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया।
मै: क्या दीदी, इस टाइम सब ठीक तो है ना?
निशा: हाँ, सब ठीक है। बस मुझे थोड़ी घबराहट हो रही है।
मै: कैसी घबराहट? मैं समझा नहीं। पानी पी लो आप।
निशा: नहीं, ये वाली घबराहट दूसरी है।
मै: कौन सी है दीदी?
निशा: देखो मेरी साँसें कितनी तेज चल रही हैं।
मैंने उनके बूब्स को देखा तो सच में उनके बूब्स काफी तेजी से ऊपर-नीचे हो रहे थे। मेरी नजर उनके बूब्स पर टिक चुकी थी। इससे पहले मैं कुछ और बोलता, दीदी वापस चली गईं। साली ने मेरे लंड को पागल कर दिया था और खुद वापस चली गईं।
खैर मैं फिर से सो गया और कुछ ही देर में दीदी ने फिर से मेरा दरवाजा खटखटा दिया। मैंने पहले की तरह दरवाजा खोला तो मैंने फिर पूछा—
मै: दीदी क्या हुआ? कोई दिक्कत है तो प्लीज आप मुझे बताओ।
निशा: एक दिक्कत है बस मेरे भाई।
मै: बोलो क्या दिक्कत है, मैं सब ठीक कर दूँगा।
निशा: हाँ, इस टाइम तो मेरी ये दिक्कत कोई और ठीक कर भी नहीं सकता है।
मै: दीदी ऐसी कौन सी दिक्कत आ गई है आपको जो सिर्फ मैं ही दूर कर सकता हूँ?
निशा: तुम कुछ देर मुझसे बात कर लो। आगे तुम खुद समझ जाओगे।
मै: ठीक है दीदी, बोलो क्या बात करनी है आपने इतनी रात में।
फिर मैं और दीदी बाहर बैठ गए और दीदी ने पहले कुछ देर मुझसे इधर-उधर की बातें करीं। और फिर वो अचानक बोलीं कि उन्हें मेरे जीजा की बहुत याद आ रही है। वो दिन तो जैसे-तैसे निकाल लेती हैं पर रात निकालना उनके बिना बहुत मुश्किल है। इसलिए वो मेरी हेल्प माँग रही हैं ताकि वो शांति से सो जाएँ।
मै: दीदी आप फिक्र मत करो। बोलो मैं आपकी किसी तरह से हेल्प कर सकता हूँ।
निशा: क्या तुम मेरे बूब्स चूस सकते हो?
मै: क्या दीदी, आपको पता भी है आप क्या कह रही हो?
मैं ये सब जानकर कह रहा था। अंदर से तो मेरा लंड भी उनकी बातें सुनकर तड़प रहा था। मेरा मन तो कर रहा था कि साली को अभी के अभी चोद दूँ।
निशा: हाँ प्लीज चूस लो ना। मेरी बहुत मदद हो जाएगी।
मै: पर दीदी मैं आपका सगा भाई हूँ।
निशा: भाई, तुम मेरे बाद में हो। उससे पहले तुम एक मर्द हो और मैं एक फीमेल। और अगर दोनों में से किसी को भी सेक्स की जरूरत पड़ती है तो दोनों में से कोई न कोई हेल्प जरूर करता है। और आज तुम मेरी करोगे।
मै: पर दीदी मैंने आज तक ऐसा कुछ नहीं किया है।
निशा: तुम उस बात की फिक्र मत करो। मैं अभी जिंदा हूँ, तुम्हें सब कुछ सिखा दूँगी।
मै: ठीक है दीदी, जैसा आपको ठीक लगे वो करो। आज की रात मैं आपका भाई नहीं हूँ।
निशा: ये हुई न बात। मैं भी आज तुम्हारी बहन नहीं हूँ, समझे।
फिर दीदी मुझे अपने बेडरूम में ले गईं और मुझे बेड पर पटककर मेरे ऊपर आ गईं। वो मेरे होठों पर अपने होठ रखकर मेरे होठों को चूसने लग गईं। मुझे उनके होठों का रस पीने को आज पहली बार मिल रहा था। उसके बाद उन्होंने मुझे करीब दस मिनट तक लिप्स किस किया। और फिर उसके बाद उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए और मेरे सीने को अपनी जीभ से चाटने लग गईं।
अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था। मैंने अपने हाथों में दीदी के बूब्स पकड़ लिए। तो दीदी ने कहा—
निशा: जरा सब्र रखो। ये आज सारी रात तुम्हारे ही हैं।
उसके बाद दीदी ने अपना गाउन पूरा उतार दिया। अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में ही थीं। उनके गोरे रंग पर ब्लैक कलर की ब्रा डाली हुई थी। जिसे देखकर मैं पागल हो गया। मैंने उनकी ब्रा को तभी फाड़ दिया और उनके बड़े-बड़े बूब्स मेरे मुँह पर आकर गिर गए। मैं एक कुत्ता बन चुका था जो पागलों की तरह बूब्स को चूस और काट रहा था। दीदी के मुँह से “आआह्ह… आआह्ह…” की मस्त आवाजें बाहर आ रही थीं।
बूब्स चूसने के बाद दीदी मेरे नीचे आ गईं और अपनी पैंटी उतारकर उन्होंने मुझे अपनी टाँगों के बीच में ले लिया। और मेरा मुँह अपनी चूत पर रख लिया। मैंने पहले भी सेक्स मूवीज में देखा था कि चूत को कैसे चाटते हैं। पर आज ये मेरे साथ पहली बार हो रहा था। दीदी ने मुझसे कहा—
निशा: तुम सिर्फ अपनी जीभ बाहर निकाल लो। बाकी काम मैं खुद कर लूँगी।
मेरी जीभ दीदी की चूत पर थी और दीदी ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रखी और खुद ही अपनी चूत को जोर-जोर से अपनी जीभ पर रगड़ने लग गईं। उनकी गुलाबी चूत में से कुछ चिकना और नमकीन पानी निकल रहा था। जिसे चाटकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। कुछ ही देर में मैं खुद ही दीदी की चूत को जोर-जोर से चाटने लग गया। और अचानक उनकी चूत में से काफी सारा पानी बाहर आ गया जिसे मैं चाट-चाट कर पी गया।
अब दीदी खड़ी हुईं और मेरे लंड को चूसने लग गईं। उन्होंने कहा—
निशा: ये लंड तो कमाल है। तुम्हारे जीजा का लंड तो इससे काफी छोटा और पतला सा है।
बीस मिनट लंड चूसने के बाद ही मेरे लंड ने उनके मुँह के ऊपर अपना पानी निकाल दिया। फिर दीदी ने मेरा लंड चूसा और उसे फिर से खड़ा कर दिया।
दीदी अब खुद नीचे लेट गईं और अपनी दोनों टाँगें उठा लीं। अब बारी मेरी थी। दीदी ने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत और मेरे लंड पर अपना थूक लगाया। और फिर मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के ऊपर रखा। और मुझसे कहा—
निशा: तू अब जोर लगा और अपना लंड मेरी चूत में डाल।
मैंने जोर लगाना शुरू कर दिया पर मेरा लंड काफी मोटा था इसलिए दीदी की चूत में नहीं जा रहा था। मैंने काफी कोशिश करी पर लंड है कि अंदर नहीं जा रहा था। उसके बाद मुझे बहुत गुस्सा आया और मैंने दीदी की टाँगें पकड़ीं और एक जोरदार धक्का मारा। मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुस चुका था।
और उधर दीदी के मुँह से जोरदार “आआआह्ह्ह्ह…” की आवाज आई। फिर दीदी ने कहा—
निशा: वाह क्या बात है! तेरे लंड ने तो मेरी चूत ही फाड़ दी। अब ऐसा कर, अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दे और मुझे जी भरकर चोद डाल आज।
दीदी की बात सुनकर मेरा हौसला और ज्यादा बढ़ गया। अब मैं अपनी पूरी ताकत के साथ दीदी की चूत को चोद रहा था। दीदी मुझे अपनी बाँहों में जकड़कर मुझसे चुद रही थीं। क्योंकि उनको भी चुदने का पूरा मजा आ रहा था। करीब तीस मिनट चूत मारने के बाद मैंने दीदी के कहने पर ही अपने लंड का सारा पानी उनकी चूत की गहराइयों में ही निकाल दिया। बहुत ही कमाल का मजा आया था उस टाइम मुझे।
मैंने बीस मिनट रेस्ट करने के बाद फिर से दीदी को चोदना शुरू कर दिया। उस रात मैंने दीदी को पाँच बजे तक चोदा। जिससे मैंने उनकी चूत में से खून तक निकाल दिया था। और उस दिन से दीदी मेरे लंड की और मैं उनकी चूत का दीवाना बन चुका था।
आप सबको मेरी आज की कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताना। दोस्तो, मैंने आगे अपनी दीदी को कब और कैसे-कैसे चोदा, वो मेरी आने वाली कहानियों में होगा। इसलिए आप सब मुझे अपना प्यार इसी तरह देते रहिए। और मैं आपको जल्दी से जल्दी ऐसी ही मस्त कहानियाँ देता रहूँगा।

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