भाभी ने दिलाई मम्मी की चूत 1

Bhabhi ne mummy ki chudai me help ki:- नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम राजा है। मेरी उम्र 21 साल है। मैं इंदौर का रहने वाला हूँ। और मैं फोटो एडिटिंग का काम करता हूँ। मेरी ये कहानी मेरी मम्मी और मेरे बीच हुई चुदाई के बारे में है। मम्मी का नाम हेमलता है। और वो 4 साल पहले विधवा हो चुकी हैं। मम्मी की उम्र 48 साल है। मगर उम्र के हिसाब से मम्मी ज्यादा जवान लगती हैं। बस उनके थोड़े बाल सफेद हो चुके हैं।

Bhabhi ne mummy ki chudai me help ki

पापा की गवर्नमेंट जॉब थी। इसलिए घर में किसी चीज की कमी नहीं है। मगर जो कमी मम्मी की जिंदगी में थी, उसे मैंने पूरा कर दिया था।

मेरा घर 2 मंजिला है। और मेरे 1 बड़े भाई हैं। जिनकी शादी हो चुकी है। बड़े भाई का एक बेटा भी है। और बड़े भाई की फैमिली दूसरी मंजिल पर रहती है।

बड़े भाई जॉब करते हैं। और मेरा काम तो मैं घर से करता हूँ।

सबसे ऊपर छत पर एक कमरा बना हुआ है। जहाँ मैं अपना काम करता हूँ। मेरा कंप्यूटर ऊपर ही लगा हुआ है।

निचली वाली मंजिल पर मैं, मम्मी और पापा रहते थे। पहले मैं बैठक में सोता था। और मम्मी-पापा कमरे में। मगर जब से पापा की डेथ हुई है, मम्मी को अकेले नींद नहीं आती है।

इसलिए अब मैं उनके साथ सोता हूँ। मम्मी का रंग सांवला है। वो दिखने में ज्यादा अच्छी नहीं हैं। मगर मम्मी का जिस्म जिसे देखकर लंड झटके मारने लगता है।

मम्मी के बड़े-बड़े दूध जरूर लटक गए हैं। मगर फिर भी बहुत अच्छे लगते हैं। मैंने उन्हें आज तक घर में ब्रा पहने नहीं देखा है। मम्मी के दूध की घुंडियाँ हमेशा उनके ब्लाउज से दिखती रहती हैं।

मम्मी का फिगर 38-36-44 है। उम्र के साथ मम्मी थोड़ी मोटी हो गई हैं। मगर साड़ी में से दिखता हुआ मम्मी का पेट और गहरी नाभि किसी का भी लंड खड़ा कर सकती है।

इससे पहले मैं सिर्फ मम्मी के साथ सोता था। और हाँ उन्हें कई बार देख भी लेता था। जिससे मेरा लंड खड़ा हो जाता था। मगर मम्मी के साथ चुदाई का रिश्ता सिर्फ मैंने कहानी या चुदाई वाली वीडियो में देखा था।

जब भी मम्मी को देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था, मेरी भाभी उसे अपनी चूत में लेके शांत करती थी। मेरा और भाभी का अफेयर उनके बेटे के होने के बाद शुरू हुआ था।

मैं रोज दोपहर के खाने से पहले चाय पीता था। और भाभी ही चाय लेके ऊपर वाले कमरे में आती थी। वहीं मैं उन्हें पकड़ लेता था। और हम दोनों चुदाई में लग जाते थे।

भाभी चुदाई के लिए हमेशा साड़ी या लेगिंग पहनती थी। जिसे आसानी से उतारा जा सके। या ऊपर करा जा सके। मैं लगभग रोज भाभी की चुदाई करता था। और उनके दूध भी पीता था।

मगर कहते हैं ना कि अफेयर कभी छुपता नहीं है। उस दिन को शायद मैं और भाभी कभी नहीं भूल पाएँगे। क्योंकि उस दिन मेरा और भाभी का रिश्ता खत्म हो गया।

मगर उस दिन मैंने पहली बार मेरी मम्मी को मेरा लंड घूरते देखा था।

रोज की तरह मम्मी नीचे बैठी टीवी देख रही थीं। और भाभी का बेटा उनके पास था। मैंने मम्मी को आवाज देके चाय बनाने को कहा। भाभी मेरा सिग्नल समझ गईं।

और वो चाय लेके ऊपर आ गईं। मैंने चाय साइड में रख दी। किसी के ऊपर आने का कोई डर नहीं था। क्योंकि शाम के टाइम ही मम्मी ऊपर आती थीं।

मैं कुर्सी पर बैठा था। और भाभी की कमर बिल्कुल मेरे सामने थी। भाभी ने अपना पल्लू हटाया। और उनकी गहरी नाभि मुझे दिखने लगी।

मैंने भाभी की कमर पकड़ी। और अपनी जीभ भाभी की नाभि में डाल दी। भाभी मेरे सिर सहला रही थीं। और मैं भाभी की नाभि को चाट रहा था।

भाभी: राजा जब भी तू मेरी नाभि को चाटता है, मेरे अंदर एक आग सी लग जाती है। तेरे जैसे मेरी नाभि तेरे भैया भी नहीं चाट सकते हैं।

मैं: भाभी मुझे सबसे ज्यादा प्यार नाभि से है। और मैंने जब पहली बार आपकी नाभि देखी थी तो मैं पागल हो गया था। और जब पहली बार आपकी नाभि चाटी थी, वो याद है आपको?

भाभी: कैसे भूल सकती हूँ वो दिन। मुझे पहली बार किसी ने नाभि को चाट-चाट के झड़वा दिया था। इसलिए तेरे लिए ही मैं साड़ी नाभि से नीचे पहनती हूँ।

मैं: तभी तो आप इतनी सेक्सी लगती हो भाभी। आप किसी भी औरत को देख लो। जो साड़ी नाभि से नीचे पहनती है, वो ज्यादा सेक्सी लगती है। और हर मर्द उसे जरूर देखता है।

भाभी: तू है तो छोटा मगर बातें बहुत बड़ी और सही करता है। वैसे तुझे सबसे ज्यादा किसकी नाभि पसंद है?

मैं: भाभी मैं तो आपका ही दीवाना हूँ।

भाभी: अब सच-सच बता। मुझे मक्खन मत लगा।

मैं: भाभी आप बुरा मत मानना। मगर मुझे सबसे ज्यादा मम्मी की नाभि पसंद है। कितनी गहरी और गोल है। लगता है किसी ने हाथों से बनाई है।

भाभी: तू सही कह रहा है राजा। ये तो मैंने भी देखा है। मम्मी जी की नाभि कुछ अलग ही है। मैंने भी आज तक ऐसी नाभि नहीं देखी है।

मैं: भाभी आप तो जानती हो। मैं मम्मी के साथ सोता हूँ। रात में कई बार उनकी नाभि को देखता हूँ। फिर आगे तो आप जानती ही हो।

भाभी: हाँ नाभि मम्मी जी की देखता है। और तेरा लंड मुझे शांत करने पड़ता है।

मैं: भाभी आपकी ही वजह से मुझे आज तक गर्लफ्रेंड की जरूरत नहीं पड़ी है। आप गर्लफ्रेंड की तरह ही प्यार करती हो।

भाभी: अच्छा जी मगर मैं तो थक जाती हूँ। तुझसे और तेरे भाई से चुदवा-चुदवा कर।

मैं: भाभी कुछ आइडिया बताओ ना। मैं एक बार मम्मी की नाभि चाटना चाहता हूँ।

भाभी: राजा इसमें मैं क्या बताऊँ। वो तेरी मम्मी है। रात में चाट ले एक बार। ज्यादा से ज्यादा क्या होगा। वो तुझे एक थप्पड़ मार देंगी।

मैं: भाभी मेरी तो गांड फटी रहती है। मम्मी को देख सकता हूँ। मगर आज तक ऐसा कुछ नहीं किया है।

भाभी: लगता है तू देसी कहानी पर वो माँ-बेटे की चुदाई वाली कहानी पढ़ता है। तू पागल हो गया है। जो अपनी मम्मी के साथ ऐसा करना चाह रहा है।

मैं: वैसे भाभी आपको क्या लगता है? क्या माँ-बेटे में ऐसा रिश्ता बन सकता है?

भाभी: राजा ये कलयुग है। और यहाँ कुछ भी हो सकता है। जब देवर-भाभी में चुदाई का रिश्ता बन सकता है तो माँ-बेटे में क्या प्रॉब्लम है। बस ये बातें कभी सामने नहीं आती हैं।

भाभी का कहना बिल्कुल ठीक था। फिर मैं और भाभी किस करने लगे। मैंने भाभी का ब्लाउज खोल दिया। उन्होंने पिंक कलर की ब्रा पहनी थी। भाभी ने ब्रा को ऊपर कर दिया। और मैं उनके दूध चूसने लगा।

मैंने भाभी को नीचे चटाई पर लिटा दिया। और खुद उनके ऊपर आकर दूध चूसने लगा। भाभी बहुत प्यार से मेरे बालों में हाथ फिरा रही थीं।

भाभी: आराम से चूस राजा। मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ। वैसे जल्दी कर ले मुझे नीचे भी जाना है। मम्मी नीचे बैठी टीवी देख रही हैं। कहीं उन्हें शक न हो जाए।

मैं: अरे भाभी अभी तक शक नहीं हुआ तो आज कैसे हो जाएगा।

मगर मैं ये भूल गया था कि टाइम कभी भी बदल जाता है।

और फिर भाभी ने अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर लिया। और मैं भाभी की चूत चाटने लगा। भाभी के मुँह से आह्ह्ह… आह्ह्ह की आवाज आने लगी।

मैंने अपना कच्छा नीचे किए। और अपना लंड भाभी की चूत में डाल दिया। और जल्दी-जल्दी धक्के लगाने लगा। डर में चुदाई का अलग ही मजा होता है।

बस चुदाई जल्दी करनी पड़ती है। मैं भाभी को चोद रहा था। और भाभी मुझे किस कर रही थीं। ताकि उनकी आवाज बाहर न जाए। भाभी मेरे साथ बिल्कुल खुली हुई थीं।

वो जानती थीं कब कौनसे पोज़ में चुदाई करनी है। और मेरे कहे बिना ही डॉगी स्टाइल में आ जाती थीं। मैं कुतिया बनाके उनकी चुदाई कर रहा था।

और भाभी के दूध दबा रहा था। जो खुले ब्लाउज से बाहर लटक रहे थे। कमरे में थप-थप की आवाज आ रही थी।

भाभी: राजा आराम से कर। बहुत आवाज हो रही है। कहीं मम्मी जी न सुन लें। जल्दी से कर ले। ताकि मैं नीचे चली जाऊँ।

मैंने भाभी को सीधे लिटा दिया। और उनकी चूत में लंड डालके चुदाई करने लगा। मुझे काफी देर हो चुकी थी। और जब मेरा पानी निकलने वाला था।

तब मैंने लंड चूत से निकाल लिया। और अपना सारा पानी भाभी की नाभि में डाल दिया। मेरा पानी भाभी की नाभि में बहुत अच्छा लग रहा था।

भाभी: तू हमेशा मेरी नाभि में ही अपना पानी निकालता है।

मैं: क्या करूँ भाभी। इससे ज्यादा मजा मुझे कहीं नहीं आता है।

मैं भाभी के ऊपर बैठा हुआ था। और मेरा पानी भाभी की नाभि में भरा हुआ था। तभी किसी ने एकदम से दरवाजा खोल दिया। आज जिसका डर था, वही होने वाला था।

दरवाजे की आवाज से मैं और भाभी डर गए। और सामने खड़ी मम्मी हम दोनों को देख रही थीं। मैं जल्दी से भाभी के ऊपर से उठ गया।

मैंने अपना कच्छा पहन लिया। और भाभी जैसे ही खड़ी हुईं, उनकी नाभि में भरा मेरा पानी उनके पेट पर बहने लगा। मैंने देखा मम्मी भाभी की नाभि की तरफ ही देख रही थीं।

भाभी ने जल्दी से साड़ी से मेरा पानी साफ किया। और मम्मी सीधे मेरे पास आईं। और मेरे गाल पर 2 थप्पड़ मार दिए। मम्मी का थप्पड़ पड़ते ही दिन में तारे नजर आ गए।

और अब बारी भाभी की थी।

मम्मी: तेरा बेटा वहाँ भूख से रो रहा है। और तू यहाँ अपने भाई समान देवर के साथ रंगरलियाँ मना रही है। आने दे कपिल को। बताती हूँ उसे कि कैसे उसकी चिनाल बीवी उसके भाई के साथ मुँह काला कर रही है।

कपिल मेरे बड़े भाई का नाम है। और भाभी भाई का नाम सुनते ही रोने लगीं। और मम्मी के पैरों में गिर गईं।

भाभी: मम्मी जी मुझे माफ कर दीजिए। मैं बहक गई थी। अगर आपने उन्हें बता दिया तो मेरी जिंदगी खराब हो जाएगी।

मगर मम्मी तो कुछ सुनने के मूड में ही नहीं थीं।

मम्मी: ये सब तुझे अपना मुँह काला करने से पहले सोचना चाहिए था। एक अच्छे घर की बहू हो। और रांडी जैसी हरकत करती हो। अभी फोन लगाती हूँ। तेरे घर और पूछती हूँ कि कैसे रांडी लड़की पैदा की है। जिसके अंदर इतनी आग लगी है।

मम्मी मुझे और भाभी को छोड़के नीचे चली गईं। और भाभी वहीं बैठी रो रही थीं। मैंने भाभी को चुप करवाने की कोशिश की, मगर वो रोए जा रही थीं।

मैं: भाभी आप चुप हो जाओ। मैं मम्मी से बात करता हूँ। कि वो ये बात किसी को न बताएँ।

भाभी: राजा प्लीज मम्मी जी को रोक लो। वरना मेरी बनी-बनाई गृहस्थी उजड़ जाएगी। और आगे से हमारे बीच कोई भी रिश्ता नहीं होगा।

मैं जल्दी से नीचे आ गया। और मम्मी गुस्से में बैठक में बैठी थीं। मैं उनके पैर के पास बैठ गया।

मैं (रोते हुए): मम्मी प्लीज एक बार मुझे और भाभी को माफ कर दीजिए। आगे से ऐसा कुछ नहीं होगा। अगर भाई को पता चल गया तो वो मुझे और भाभी को मार देंगे।

मम्मी: बेटा मुझे तुझसे तो ये उम्मीद नहीं थी कि तू खुद की भाभी के साथ मुँह काला करेगा। और चल तू बहु से छोटा है। उसे तो कम से कम सोचना चाहिए था।

तभी भाभी भी नीचे आ गईं। और मम्मी के पैर छूके माफी माँगने लगीं।

भाभी: प्लीज मम्मी जी एक बार माफ कर दीजिए। आगे से मैं राजा के पास भी नहीं जाऊँगी। और कभी सपने में भी उसका ख्याल नहीं लाऊँगी।

हम दोनों के आँसू देखकर शायद मम्मी भी समझ गई थीं। जवानी में ऐसी भूल हो जाती है।

मम्मी: ठीक है। मगर आगे से ऐसा कुछ देखा तो समझ लेना वो दिन तुम्हारा इस घर में आखिरी दिन होगा।

मम्मी ने मुझे अपनी कसम दे दी। और भाभी को उनके बच्चे की कसम दे दी।

भाभी और मैं शांत हो गए। मगर अभी भी एक डर लगा हुआ था।

भाभी अपने कमरे में चली गईं। और मैं ऊपर वाले कमरे में काम करने लगा। और आज के हुए इस हादसे के बारे में सोचने लगा।

अब घर में जो फ्री की चूत मिल रही थी, वो भी अब नहीं मिलेगी। और अब फिर से हाथ से काम चलाना पड़ेगा। मैं काम में लगा हुआ था। तभी मम्मी कमरे में आ गईं।

वो यहीं देखने आई थीं कि कहीं भाभी मेरे साथ तो नहीं है। मम्मी मेरे पास आईं। मैं कुर्सी पर बैठा हुआ था। और मम्मी बिल्कुल मेरे सामने आकर खड़ी हो गईं।

मेरी नजर न चाहते हुए भी मम्मी के खुले हुए पेट पर पड़ गई। जहाँ से मम्मी का निकला हुआ पेट और एक बड़े से छेद वाली नाभि दिख रही थी।

मम्मी की नाभि देखते ही मेरा लंड कूदने लगा। वो हल्के-हल्के खड़ा हो रहा था। और मम्मी मेरे सामने ही खड़ी रहीं। मगर मैंने उनसे नजर नहीं मिलाई।

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