माँ को चोदने की चाहत – 3
Mummy ki chudai ki sex story:- जैसा कि आपने पिछले पार्ट में पढ़ा था, अजय ने फेक आईडी अंजलि के जरिए मम्मी को धीरे-धीरे माँ-बेटा रिलेशनशिप की तरफ धकेला था। मम्मी अब बेटे के साथ एक ही कमरे में सोने लगी थीं, गुड नाइट किस हो रही थी और हग के दौरान फिजिकल टच बढ़ रहा था।
Part 2 ==> माँ को चोदने की चाहत – 2
Mummy ki chudai ki hindi sex story
ये सब चलता रहा। फिर एक दिन मैंने यानी अंजलि ने उनसे चैट में पूछा –
अंजलि: सारिका ये बताओ… तुम घर में काम करते टाइम क्या पहनती हो?
मम्मी: मैक्सी।
अंजलि: क्यों?
मम्मी: क्यों क्या यार इतनी गर्मी और उमस हो रही है… बारिश के बाद तो लगता है गर्मी और बढ़ जाती है तो उसमें आराम रहता है।
अंजलि: एक बात बोलूँ… करोगी?
मम्मी: क्या?
अंजलि: घर में सिर्फ पेटिकोट और ब्लाउज पहनके रहा करो।
मम्मी: क्यों?
अंजलि: यार तुम्हीं कह रही हो उमस और गर्मी होती है। अब मैक्सी में तो पूरा ऊपर से नीचे तक कवर रहता है। घर में सिर्फ तुम दो लोग ही तो हो। तो सिर्फ ब्लाउज और पेटिकोट में रहा करो… कम्फर्टेबल रहेगा।
मम्मी: ये सिर्फ कम्फर्ट के लिए कह रही हो या बेटे को रिझाने के लिए :डी
अंजलि: समझदार हो तुम?
मम्मी: ठीक है ट्राई करती हूँ।
अंजलि: और जो रिएक्शन हो तुम्हारे बेटे का वो मुझे जरूर बताना।
अगले दिन मैं एक्साइटेड था कि मम्मी को पूरा टाइम सिर्फ ब्लाउज और पेटिकोट में देख पाऊँ। उनकी गोरी कमर…. हल्का सा बढ़ा हुआ पेट और गहरी नाभि हर टाइम मेरी नजरों के सामने रहेंगे। जब मैं सोके उठा तो देखा कि मम्मी सिर्फ पेटिकोट और ब्लाउज पहनके किचन में काम कर रही थीं। मैं तो देखके पागल ही हो गया… तुरंत जाकर उन्हें पीछे से हग कर लिया और गर्दन पे किस करते हुए बोला-
मैं: मम्मी आज आप बहुत ज्यादा सुंदर लग रही हो।
ऐसा करते टाइम मेरा लंड उनकी गाँड की दरार से टच हो रहा था। मम्मी कुछ नहीं बोलीं बस शर्माके धीरे से थैंक यू कहा। इस पे मैंने पीछे से लंड सटाए हुए ही बोला-
मैं: मम्मी आप रोज़ ऐसे ही रहा करो… बहुत अच्छी लगती हो आप ऐसे।
मम्मी बोलीं- अच्छा ठीक है अभी जाओ नहा-धोके आओ जल्दी से। नाश्ता रेडी है।
ये सुनके मैं बाथरूम गया और वहाँ माँ के नाम की मुठ मारी।
अब मुझे लगने लगा था कि मंजिल मिल जाएगी।
फिर दोपहर में जब मम्मी ने फिर मैसेज किया बताने के लिए कि मेरा रिएक्शन क्या रहा तो मैंने उनसे कहा –
अंजलि: ये तो बहुत सही रिएक्शन रहा उसका और तुम कहती थीं कि मेरा बेटा वैसे नहीं है।
मम्मी: हाँ मुझे भी यही लगता था लेकिन ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है। तुम्हीं ने सब उल्टा-सीधा समझाके मुझसे ये करवाया है :डी
अंजलि: अब ये मत कहो कि तुम्हें इसमें मजा नहीं आ रहा।
मम्मी: हम्म।
अंजलि: क्या हम्म।
मम्मी: सच कहूँ तो अच्छा लगने लगा है अब ये सब।
अंजलि: वाह रे मेरी लाडो :डी …. चल अच्छा अब एक काम और करना है तुम्हें।
मम्मी: क्या?
अंजलि: आज से बेटे के रूम में सोना… उसी के साथ।
मम्मी: अरे नहीं यार।
अंजलि: अरे हाँ यार…. ट्राई तो करके देखो।
मम्मी: मगर कहूँगी क्या उसे कि मुझे उसके साथ उसके रूम में क्यों सोना है?
अंजलि: यार तुम्हीं ने बताया था कि तुम्हारे यहाँ एसी सिर्फ तुम्हारे बेटे के रूम में है। तुम्हारे रूम में तो कूलर लगा है। तो गर्मी का बहाना बनाके जाओ… कह दो उमस बहुत है गर्मी लग रही है।
मम्मी: अच्छा… ठीक है।
अंजलि: और बेटे को गुड नाइट किस देना मत भूलना।
मम्मी: धत्त।
शाम को मम्मी ने मुझसे कहा –
मम्मी: अजय! आज से मैं तुम्हारे ही रूम में सोऊँगी।
मैं: क्या हुआ मम्मी?
मम्मी: हुआ क्या… खुद तो मजे से एसी में सोता है और मुझे यहाँ कूलर में छोड़ दिया… कितनी उमस लगती है पता भी है?
मैं: लेकिन मम्मी मेरे कमरे में तो एक ही बेड है।
मम्मी: हाँ लेकिन वो इतना बड़ा है कि 2 लोग आराम से सो सकें।
मैं: ठीक है जैसी आपकी इच्छा… आपको कोई दिक्कत नहीं तो मुझे क्या दिक्कत होगी।
फिर रात को करीब 11 बजे मम्मी मेरे कमरे में आ गईं। उन्होंने वही पेटिकोट और ब्लाउज पहना हुआ था। मम्मी के गोरे बदन पे लाल कलर का ब्लाउज और उसी कलर का पेटिकोट… उफ्फ क्या मस्त लग रहा था।
मम्मी आईं और मेरी तरफ स्माइल करते हुए लेट गईं। मैंने उनसे पूछा मालिश के लिए तो उन्होंने कहा हाँ कर दे। मैं जब तक तेल लेकर आया तब तक मम्मी पेट के बल लेट चुकी थीं। मैंने उनकी कमर पे तेल लगाना शुरू किया… क्या मस्त गोरी और मुलायम कमर थी मम्मी की। तेल लगाते-लगाते कई बार मेरा हाथ जहाँ से गाँड की दरार शुरू होती है वहाँ भी चला जाता तो मुझे जन्नत जैसा फील होता। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी ने कहा अब बस कर। तो फिर मैं सब सामान रखकर वापस आया और उनके बगल में लेट गया।
मम्मी ने तब तक रूम की लाइट्स बंद कर दी थीं और सिर्फ एसी की हल्की-हल्की लाइट आ रही थी। अच्छा ही हुआ वरना मम्मी मेरे बरमुडा में बना हुआ तंबू जरूर देख लेतीं।
मैं उनके पास लेटा तो मुझे उनके पास से उनके पसीने की भीनी-भीनी स्मेल आ रही थी जिससे मुझे और एक्साइटमेंट हो रही थी। मम्मी ने मुझे गुड नाइट किस की और फिर मैंने भी उनके गालों को किस किया। फिर मम्मी सीधे पीठ के बल लेट गईं। ऐसे में उनकी पहाड़ जैसी चूचियाँ ऊपर की तरफ खड़ी थीं और उन्होंने हाथ अपने सिर की तरफ रख लिए। मैं उनकी तरफ करवट करके लेट गया तो मुझे मम्मी की बगलों से पसीने की स्मेल फील हुई जो कि मुझे और एक्साइट कर रही थी।
किसी तरह अपनी एक्साइटमेंट को काबू करके मैं सोया क्योंकि मम्मी पास थीं तो मुठ मारने में भी डर लगने लगा था।
ऐसे ही 2-4 दिन बीते होंगे। अब हर रोज़ मेरे ही रूम में सोतीं मेरे साथ एक ही बिस्तर में। नींद में कई बार मैं उनके ऊपर पैर रख देता या वो मेरे ऊपर पैर रख देतीं। एक दिन मैंने नींद का बहाना करते हुए अपना हाथ माँ के बूब्स पे रख दिया। वो जागते हुए मोबाइल चला रही थीं लेकिन उन्होंने मेरा हाथ हटाया नहीं… इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई।
अब मैंने थोड़ा आगे बढ़ने का सोचा तो एक दिन मैंने उनसे चैट में पूछा –
अंजलि: और लाडो… कैसा लग रहा है बेटे के साथ सोते हुए?
मम्मी: अच्छा लग रहा है।
अंजलि: मैंने कहा था ना तुम्हें अच्छा लगेगा।
मम्मी: हाँ… लेकिन अब आगे क्या करूँ?
अंजलि: बेटे को तुम रोज़ किस तो करती हो ना? गुड नाइट किस।
मम्मी: हाँ करती हूँ।
अंजलि: गालों पे करती होगी।
मम्मी: हाँ।
अंजलि: आज लिप्स पे करना।
मम्मी: धत्त।
अंजलि: अरे सच में यार देखना तुम्हें बहुत मजा आएगा।
मम्मी: ठीक है… देखती हूँ।
इस ‘देखती हूँ’ का मतलब मुझे पता था। मम्मी का मन अब करने लगा था लेकिन वो अंजलि के सामने जाहिर नहीं करना चाह रही थीं। मगर ये पक्का था कि आज रात मम्मी मुझे लिप्स पे किस करने वाली थीं।
रात में जब हम लोग लेटने के लिए पास आए तो मम्मी ने मुझे गुड नाइट किस की फिर जब मैं उन्हें करने चला। एक गाल पे करने के बाद जब दूसरे गाल पे किस करने जा रहा था तो मम्मी ने अपना चेहरा घुमाके मेरी तरफ कर लिया और हम दोनों के लिप्स 2 सेकंड के लिए टच हो गए।
मुझे अच्छा तो बहुत लगा लेकिन मैंने सोचा कि काश ये थोड़ा लंबा होता। नेक्स्ट डे फिर उन्होंने जब ये बात चैट पे बताई तो मैंने उनसे कहा –
अंजलि: तुम्हें लिप्स पे किस करनी नहीं आती क्या?
मम्मी: क्यों यार क्या हुआ?
अंजलि: यार अच्छे से करना चाहिए था सिर्फ 2 सेकंड के लिए टच होकर क्या मजा आया होगा।
मम्मी: नहीं यार मुझे बहुत अच्छा लगा।
अंजलि: इससे भी अच्छा लगेगा… रुको मैं बताता हूँ।
ये कहके मैंने उन्हें 2-3 फ्रेंच किस की वीडियो भेजीं।
फिर पूछा –
अंजलि: देखी वीडियोस?
मम्मी: हाँ देखी।
अंजलि: हाँ तो ऐसे करना फिर।
मम्मी: धत्त यार शर्म आएगी मुझे।
अंजलि: मेरी जान शर्म से ज्यादा मजा आएगा… करके तो देखना।
मम्मी: ओके।
उस रात मैं बहुत एक्साइटेड था….. मुझे आज मम्मी के रसीले गुलाबी होठों का रस पीने को मिलने वाला था। रात में जब मम्मी मेरे पास आईं तो उन्होंने खुद से ही कहा आज गुड नाइट किस कल की तरह करेंगे सीधे लिप्स पे…. और ये कहके उन्होंने अपने होठ मेरे होठों पे रख दिए और मैंने कसके उन्हें खुद से चिपका लिया। थोड़ी देर टच के साथ किस करने के बाद मम्मी ने धीरे से अपने होठ खोले और मैंने उनका नीचे वाला होठ अपने दोनों होठों के बीच में रखकर चूसने लगा।
रूम में हल्की-हल्की चुस-चुस की आवाजें आ रही थीं। नीचे वाला होठ चूसने के बाद मैंने उनका ऊपर वाला होठ चूसना शुरू किया…. क्या मस्त रसीले होठ थे मम्मी के… ऐसा लग रहा था जैसे चाशनी में डूबे हुए हों….
2 मिनट के बाद फिर वो हुआ जिसको मैंने सोचा तो बहुत बार था लेकिन ये नहीं पता था कि ये पूरा भी हो जाएगा…. मम्मी ने किस करते हुए अपनी जीभ धीरे से मेरे मुँह में डाल दी…. उफ्फ इतना मजा आ रहा था कि बता नहीं सकता।
अब कभी मैं उनकी जीभ चूसता और कभी वो मेरी जीभ चूसतीं… दोनों लोग एक-दूसरे की टंग से खिलवाड़ करते रहे। 10 मिनट की किसिंग के बाद मम्मी थोड़ा पीछे हुईं और मुझसे अलग हो गईं। अलग होकर उन्होंने मुझे नॉटी सी स्माइल दी जिसे मैंने एसी की हल्की सी रोशनी में देखा। मेरा तो मन कर रहा था कि आगे का कार्यक्रम अभी कर डालूँ लेकिन किसी तरह खुद को कंट्रोल किया। थोड़ी देर हम दोनों एक-दूसरे को ऐसे ही हग करके लेटे रहे और सो गए।
अगले दिन मैं सुबह उठा तो मम्मी किचन में काम कर रही थीं। रोज़ की तरह मैं उन्हें हग करने के लिए किचन में पहुँचा तो देखा कि मम्मी का पेटिकोट उनकी गाँड की दरार में फँसा हुआ था…
मतलब आज उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी। ये देख मेरा मॉर्निंग वुड और कड़क हो गया और मैंने जाके पीछे से मम्मी को हग करते हुए अपना लंड उनकी गाँड में दबा दिया। मुझे साफ-साफ फील हुआ कि उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी क्योंकि मेरा लंड मुझे उनकी गाँड की दरार में जाता फील हुआ। ऐसे किए-किए ही मैंने उन्हें गर्दन पे किस किया तो मम्मी की सिसकारी निकल गई।
मम्मी: स्स्स्स… बेटा क्या कर रहा है?
मैं: कुछ नहीं मम्मी आपको प्यार कर रहा हूँ… आप बहुत सुंदर लग रही हो आज।
इसके बाद मुझे ऐसा फील हुआ कि मम्मी हल्का सा आगे को झुकीं और अपनी पोजीशन एडजस्ट की जिससे मेरा लंड और अंदर तक जा सके।
ये करते हुए ही मम्मी बोलीं: आजकल तू बहुत बदमाश हो गया है.. हर टाइम मेरी तारीफ करता रहता है और ये कहके मम्मी ने अपनी गाँड का दबाव मेरे लंड पर बढ़ा दिया।
मैं: क्या करूँ मम्मी आप हो ही इतनी सुंदर।
मम्मी: अच्छा ठीक है अब मेरी तारीफें करना बंद कर और जाके नहा लो। नाश्ता रेडी है।
मैं: ओके मम्मी जा रहा हूँ लेकिन आपको छोड़के जाने का दिल नहीं कर रहा।
मेरा मन कर रहा था मम्मी को वहीं पे झुकाके पेटिकोट उठाके चोद लूँ लेकिन मैंने कंट्रोल किया किसी तरह। बाथरूम जाके माँ के नाम की मुठ मारी तब जाके किसी तरह चैन पड़ा।
दोपहर में जब मम्मी ने अपना फेसबुक ओपन किया तो अंजलि यानी मेरा मैसेज पड़ा हुआ था।
अंजलि: आज किस किया बेटे को?
मम्मी: हाँ।
अंजलि: वैसे ही ना जैसे मैंने वीडियो भेजा था?
मम्मी: हाँ।
अंजलि: फिर? कैसा लगा?
मम्मी: अच्छा लगा :डी
अंजलि: अच्छा लगा या बहुत अच्छा लगा?
मम्मी: बहुत अच्छा लगा यार… बहुत-बहुत अच्छा और उसके बाद पता क्या हुआ।
अंजलि: क्या?
मम्मी: रात में किस के बाद मैं इतनी एक्साइटेड हो गई थी…. मेरा बहुत मन कर रहा था। मुझे पता था कि अजय सुबह उठके सीधे मेरे पास किचन में आएगा और मुझे हग करेगा और अपना सामान मेरे पीछे दबाएगा।
अंजलि: हाँ तो? (मैं सब जानके भी अनजान बन रहा था)
मम्मी: आज मेरा भी मन कर रहा था उसका सामान फील करने का… तो मैंने अंदर पैंटी नहीं पहनी थी।
अंजलि: वाउ… सीख गई तुम भी धीरे-धीरे।
मम्मी: हाँ… फिर वो आया। शायद उसे भी पता चल गया था कि मैंने पैंटी नहीं पहनी है। उसने आकर पीछे अपना सामान कसके दबाना शुरू कर दिया… यार मुझे इतना अच्छा लग रहा था कि वहीं से सेक्स कर लूँ उसके साथ।
ये सुनके मुझे इतना मजा आया कि मैं बता नहीं सकता। आखिरकार अब मम्मी के मन में भी फीलिंग्स आ गई थीं और वो भी मुझसे चुदने के लिए बेकरार थीं। मैंने आगे मैसेज किया।
अंजलि: फिर क्या किया?
मम्मी: कुछ नहीं यार… क्या करती, बस थोड़ा आगे को झुकके फील किया उसका सामान। ऐसा लग रहा था कि वो भी वहीं मेरे साथ सेक्स करना चाह रहा था।
अंजलि: इसका मतलब अब तुम अपने बेटे से चुदने के लिए तैयार हो?
मम्मी: हाँ यार… अब तो मेरा भी बहुत मन है।
अब तो मेरी लॉटरी लग गई थी। जिस चीज के लिए इतने दिन वेट किया था, इतने प्लान्स बनाए थे, उसका रिजल्ट फाइनली मिलने वाला था। मैंने आगे मम्मी से कहा—
अंजलि: तो फिर एक काम करना…. अभी जाके सब साफ-सफाई कर डालो… जंगल वगैरह सब साफ कर लेना और रात में आज जाना बेटे के पास तो थोड़ा मेकअप करके जाना… आज सुहाग रात है मेरी लाडो की।
मम्मी: अरे यार… ऐसे मत कहो। शर्म आ रही है मुझे।
अंजलि: शर्म नहीं अब सिर्फ मजा आएगा… आज रात में ब्रा-पैंटी कुछ मत पहनना सिर्फ ब्लाउज और पेटिकोट में ही जाना सोने और बेटा जो भी करे उसको रोकना नहीं करने देना…. और जो भी हो मुझे सुबह जरूर बताना।
मम्मी: ओके।
चैट से लॉगआउट करके मैं भी बाथरूम में चला गया… वहाँ मैंने भी झाँटें वगैरह साफ कीं और एक बार मुठ मारी कि कहीं एक्साइटमेंट के मारे डालने से पहले ही ना झड़ जाऊँ। उधर मम्मी भी बाथरूम में जाके अपनी साफ-सफाई में लग गईं।
दोस्तों इसके बाद नेक्स्ट पार्ट में आप लोग पढ़ोगे कि मेरे और मम्मी के बीच फर्स्ट सेक्स कैसा हुआ… कीप लाइकिंग एंड कमेंटिंग।
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Bhai next part 4 Kab aye ga
Jab teri maa ko chodunga maim Randi ki aulaad uski
Haan bhai bhej jaldi
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Teri maa ko chodunga randi ki aupaad ghasti hai teri maa kya uski chut ko faadunga sale dalle aante bhi bahar nikal dunga teri maa ki randink beej
Kya hua priyanka aaj maze le rahi ho kya??
Next part kab aayega
Aaj hi post kar do
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Bhai please subah se 20 bar open kar lia plz daal do part 4
Story daal na teri maa ki chut
Teri maa ki chut dal na story
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