मेरी दीदी एक जवान हसीना – 2

Didi ki chudai ki kamukta story:- तभी ज़ेबा ने सामने से अपनी एक एरिया की सहेली नीतू को आते हुए देखा. नीतू उनके पड़ोस में रहती थी और ज़ेबा की तरह ही ये भी एक पटाखा था। गाँव के सभी लड़के उसे अपना बनाना चाहते थे, पर अब तक एक सुख ही था जिसने उसके नरम गुलाबी होंठो का रसपान किया था। पर अब सुख के साथ भी उसकी कोई बात नहीं थी, उसके साथ उसने सिर्फ चूसा चुसाई ही की थी. सुख के साथ अब वो नहीं है इसलिए एरिया के कई लड़के उसके पीछे चक्कर लगाने लग गए थे की क्या पाता कोई तुक्का ही लग जाये। खैर ज़ेबा के पास आकर उसने हाय हैलो की और बाते करने लगी.

इस कहानी का पिछला पार्ट यहाँ पढ़ें => मेरी दीदी एक जवान हसीना – 1

Didi ki chudai ki kamukta sex story

ज़ेबा बोली – कहा जा रही है?

मार्किट जा रही हूँ आज लेट हो गयी – नीतू ने कहा.

चल तू जा नहीं तो और लेट हो जाएगी – ज़ेबा ने उसे बाय कहा और अपने घर जा पहुंची। रिया भी अपने घर पहुंच गयी ज़ेबा ने घर पहुंचते ही अपने कपडे बदले और एक नीले रंग का सूट पहन लिया। उसके घर में उसके अलावा उसके माँ और बाप और एक छोटा भाई ही था। अगले दिन ज़ेबा सो कर सुबह उठी और उसने किचन से चाय का गिलास लिया और छत पर चली गयी। वो कभी कभी ऐसे ही सुबह सुबह छत पर जाकर ताज़ी हवा के झोंको के साथ चाय पीने का मज़ा लेती थी।

छत पर वो चाय पीते पीते हुए यहाँ वहाँ घूमने लगी उसने अभी ताक परम के बारे कुछ राय नहीं बनायीं थी, वो वो उसी के बारे सोच रही थी. असलियत में बात ये थी की ज़ेबा किसी को पसंद तो करती थी पर वो परम नहीं था बल्कि उसका दोस्त राहुल था, जो अक्सर परम के साथ रहा करता था और वो पिछले 2 साल से ज़ेबा को पटाने की ट्राई भी कर रहा था। पर ज़ेबा ने अभी तक उसको नो ही बोला था, हर बार पर अब वो राहुल को लाइक करने लगी थी, पर उसने ये बात आज तक किसी को नहीं बताई थी, यहाँ तक की अपनी सबसे अच्छी दोस्त रिया को भी नहीं.

मतलब राहुल के प्रपोज के बारे में तो उसको पता था पर ज़ेबा भी लाइक करने लगी है ये नहीं पता था. फिर अंत में उसने एक फैसला किया और छत से नीचे की और जाने लगी और अपने कमरे में आकर स्कूल के लिए रेडी होने लगी. उसने एक ड्रेस पहनी जिसमे वो बला की खूबसूरत लग रही थी उसकी वो पेट उसकी मस्त मुलायम जांघो के साथ एक दम चिपकी हुई और मानो उसकी जांघें बाहर आने को बेताब हो रही थी। फिर वो तैयार होकर स्कूल जाने के लिए घर से निकल रिया के घर के बाहर से डूर बेल्ल बजाने लगी और अपनी सहेली रिया का इंतज़ार करने लगी.

रिया भी कुछ देर में आ गयी और उसने आते ही ज़ेबा से पूछा – तूने क्या सोचा है फिर???

ज़ेबा – थोड़ा सबर तो कर – बताती हूं पहले यहाँ से तो चल! यार एक बात कहु – ज़ेबा झिझकते हुए बोली.

हाँ हाँ बोल – रिया तेजी से बोली.

मुझे परम पसंद नहीं है सच में मैंने काफी सोचा पर नहीं – ज़ेबा ने सीधा कह दिया.

चल जो भी है मैं उसे बता दूंगी – रिया अपने कंधे उचकाते हुई बोली.

फिर थोड़ी ही देर बाद उन दोनों ने सुख को मेट्रो स्टॉप की तरफ आते हुए देखा और वो आया ही था की तभी मेट्रो आ गयी। आज भी मेट्रो पूरी तरह से भरी हुई थी पर फिर भी वो तीनो जैसे तैसे मेट्रो में चढ़ गए सिमरन मेट्रो में पहले से ही बैठी थी उसे देख कर ज़ेबा और रिया ने उसे दूर से हैलो कहा आज ज़ेबा सबसे आगे थी और बीच में रिया और उसके पीछे सुख खड़ा था और मेट्रो अपने रस्ते चल पड़ी.

तब तक मेट्रो में भीड़ इतनी नहीं थी पर जब आगे कुछ स्टॉप्स पर मेट्रो रुकी तो मेट्रो लबालब लोगो से भर गयी और सभी एक दूसरे से चिपक कर खड़े हो गए। रिया के पीछे आज सुख खड़ा था, इसलिए ज्यादा भीड़ होने के कारण वो रिया से चिपक गया. रिया भी आज मस्त लग रही थी उसने आज हल्का सा मेकअप भी करा हुवा था।

अगर बात करे गांड की, तो रिया की गांड ज़ेबा और सिमरन से थोड़ी ज्यादा बड़ी थी। उसका उभार उसे उनसे अलग बनाता था और यही कारण था की अब सुख को भी उसके चूतड़ों का नरम मांस महसूस होने लगा था और उसके लंड ने हरकत में आना शुरू कर दिया था.

सुख तो बेचारा अपने आप को मुश्किल में समझ रहा था क्योकि वो खुद को रोकने में नाकाम होता जा रहा था। रिया के नरम मुलायम उभरे हुए चुत्तड़ उसके लंड को सलामी देने का निमंत्रण जो दे रहे थे। उसकी हालत कुछ कल जैसी ही थी जब वो सिमरन के पीछे खड़ा था, तब भी वो बेचारा रुक नहीं पाया और अब भी उसका रुकना नामुमकिन सा ही था. अब रिया को भी सुख का अकड़ा हुआ लंड अपने गद्देदार चूतड़ों पर महसूस होने लगा था, पर उसने इस बात को नजर अंदाज कर दिया, क्योकि उसे अक्सर ऐसी परिस्तिथिओं का सामना करना पड़ता था।

ये पहली बार नहीं था जब मेट्रो में किसी लड़के का लंड उसकी पैंट फाड़ कर अंदर जाने को मचल रहा था, वो बस ज़ेबा से बाते करती रही. सुख के लिए अब ये सब काफी मुश्किल होता जा रहा था, एक तरफ उसका मन कर रहा था की अपने लंड को बाहर निकाल कर अभी के अभी रिया की गांड में घुसा दे, पर दूसरी तरफ वो अपने आप पर काबू पाने की कोशिश कर रहा था. पर कहते है जो बहका नहीं वो मर्द नहीं और ऐसा ही कुछ सुख के साथ हो रहा था। उसके कण्ट्रोल करने की क्षमता अब कमजोर हो चुकी थी, तभी उसने अपना हाथ नीचे किया और उसका हाथ रिया की नरम चूतड़ों को छूता हुआ ऊपर नीचे होने लगा।

उसने अपना लंड पेण्ट के अंदर ही सेट किया और अगले ही पल रिया के दो चूतड़ों के बीच बनी दरार के बीच घुसा दिया. दरार में लंड का आगमन होते ही रिया भी अब हरकत में आ गयी। पहले उसे लग रहा था की सुख ये सब भीड़ होने की वजह से कर रहा है पर अब वो समझ गयी की सुख तो उसके साथ मजे ले रहा था। रिया सुख को पसंद करती थी पर वो उसके ही एरिया का लड़का था, इसलिए वो उसके साथ कभी एक दोस्त से बढ़ कर बात नहीं करती थी. पर आज सुख के इस बर्ताव ने रिया के अंदर एक आग सी जला दी थी पर वो आग प्यार की नहीं थी वो शॉकेड थी सुख इतना खुल कर उसके साथ ऐसा कैसे कर सकता है।

उसी इस सोच में थी की मेट्रो का झटके के साथ ब्रेक लगे साथ ही साथ रिया की गांड को थोड़ा पीछे से सुख का खड़ा लंड रिया की दरार में अच्छी तरह से फंस गया. सुख को लगा की शायद भीड़ के कारण रिया पीछे हटी है पर सचाई क्या थी ये तो रिया ही जानती थी। फिर जब जब मेट्रो में कोई झटका लगता तब तब सुख का लंड रिया की मुलायम गांड की गहराई की सैर करके आता। उसका लंड रिया की जांघों से होता हुआ चूत को छूने लगा था. सुख का मन तो कर रहा था की अभी रिया की चुदाई कर दे, पर वो रिया के साथ ऐसी वैसी कोई भी हरकत नहीं करना चाहता था, क्योकि उसे डर था की कहीं रिया ये बात सिमरन को न बता दे, क्योकि वो किसी भी कीमत पर सिमरन को खोना नहीं चाहता था.

मेट्रो में खड़े खड़े रिया और सुख दोनों पुरे मजे ले रहे थे, जब तक स्कूल का स्टॉप नहीं आ गया वो दोनों ऐसा ही करते रहे और फिर जब वो स्कूल पहुंचे तो अपनी क्लास में चले गए। स्कूल में कुछ पीरियड लगने के बाद ज़ेबा, रिया और सिमरन कैंटीन में आकर बैठ गयी और चाय पीने लगी, की तभी परम उनकी और आ रहा था। परम उनके पास गया और तीनो के साथ हैंड मिलाया और अपनी आदत से मजबूर होकर उन तीनो के हाथ हलके से दबा भी दिए.

रिया ने उसे वही बैठने के लिए बोला पर तभी उसने रिया को ही साइड में चलने के लिए कहा। रिया भी जानती थी की परम उससे क्या बात करना चाहता था, तो तभी रिया ने अपनी दोनों सहेलियों को अभी 2 मिनट में आयी बोल कर परम के साथ चल पड़ी. तभी ज़ेबा को कैंटीन में अपना भाई दिखा जो अपने फ़्रेंड्स के साथ कैंटीन के पीछे की साइड जा रहा था।

ज़ेबा को पता है वहाँ लड़के स्मोकिंग करने जाते है इसलिए वो अपने दिल में सोचने लगी क्या आमिर भी स्मोकिंग करता है? – ज़ेबा सोचने लगी एक बार वह थोड़ा सा झांक कर देखे और वो सिमरन को एक्सक्यूज़ देती हुई उठती है एक मिनट आई. ज़ेबा थोड़ी होश्यारी से अंदर देखती है वहाँ काफी लड़के स्मोकिंग कर रहे थे अपने अपने फ्रेंड्स के साथ। तभी उसकी नज़र आमिर पर जाती है वो भी अपने फ्रेंड के साथ खड़ा हुवा स्मोकिंग कर रहा होता है.

ज़ेबा ये देख कर शॉकड हो जाती है की उसका छोटा भाई भी स्मोकिंग करता है. उसने सोचा आज घर जा कर वो भाई से बात करेगी। ज़ेबा थोड़ी उदास सी हो हर वापस सिमरन के पास आ कर बैठ जाती है। सब देख कर सिमरन थोड़ी कंफ्यूज सी हो गई और उसने ज़ेबा से पूछा – यार ये सब हो क्या रहा है कल से?

तो फिर ज़ेबा ने भी सारी बात सिमरन को बता दी, मतलब परम वाली। उधर परम रिया को एक खाली क्लासरूम में ले गया जहा उसके २-३ दोस्त पहले से ही मौजूद थे और रिया के क्लास में आते ही उन सभी के लंड हरकत में आ गए और पलक झपकते ही किसी डंडे की तरह तन गए। परम जैसे ही क्लास में आया तो उसने पीछे मुड़ते ही रिया से पूछा – तो फिर क्या कहा ज़ेबा ने???

रिया पहले तो थोड़ी झिझक रही थी की वो परम को ये सब कैसे बताये पर फिर उसने हिम्मत सी करके उसे कह ही दिया – सॉरी परम लेकिन ज़ेबा ने ना कर दिया है.

ये बात सुनते ही परम तो जैसे आग बबूला हो गया पर उसने अपने इस गुस्से को अंदर ही अंदर पी लिया.

परम के गुस्सैल चेहरा देख कर रिया बोली – सॉरी पर मैंने तो उसे बहोत समझाया पर वो शायद किसी और को चाहती है.

क्या??? कौन है वो साला कमीना – परम गुस्से के साथ साथ अपनी बदमाशी दिखाता हुआ बोला.

अब मुझे क्या पता – रिया ने अपनी जान छुड़ाने के लिए कहा.

वैसे अगर देखा जाए तो परम ज़ेबा को कोई प्यार व्यार नहीं करता था वो तो बस उस पटाखे की चूत बजाना चाहता था पर अपने हाथ ये ये मौका निकलता देख परम ने अपना शैतानी दिमाग घुमाया और जैसे ही उसने रिया को निहारा तो उसके सुडोल शरीर को देखते ही परम बेईमान सा हो गया और उसका लंड तो जैसे पेण्ट फाड़ कर बाहर आना चाहता था.

फिर रिया ने बात ख़तम करते हुए कहा – तो फिर ठीक है परम मैं चलती हूँ.

पर जैसे ही रिया ने मुड़ कर अपना एक कदम कमरे के दरवाजे की और बढ़ाया तो परम ने समय न गवाते हुए रिया का हाथ पकड़ लिया और अपने हाथ पर परम का हाथ महसूस करते ही रिया हैरानी से मुड़ी और बोली – क्या हुआ परम?

तभी परम ने खुद पर काबू पाते हुए कहा – रिया एक बात कहु वैसे तुम भी काफी सुन्दर हो.

परम की ये बात सुनते ही रिया तो जैसे शर्मा ही गयी और बोली – प्लीज हाथ छोडो.

रिया आई लव यू डिअर मुझे तुम भी बहोत पसंद हो – परम ने अपना शैतानी दांव खेला.

अच्छा कल तो तुम बोले थे की तुम ज़ेबा से प्यार करते हो – रिया ने खुल कर कहा.

हाँ पर वो तो मुझे प्यार नहीं करती ना? तो तुम बताओ तुम करती हो? परम ने फिर से बात रिया की तरफ घुमा दी.

रिया तो जैसे शर्म से लाल हो गयी क्योकि असल में वो परम को पसंद करती थी और उसने ये बात कल ज़ेबा को भी बताई थी और बस यही बात सोच कर उसने मुस्कुरा कर अपनी नजरे नीचे झुका ली परम का शैतानी दिमाग उसकी ये अदा देख कर हरकत में आ गया और उसने देर न करते हुए रिया का हाथ पकड़ा और अपनी और खींचा. जैसे ही उसने ये किया तो रिया सीधा आ कर परम की छाती से जा टकराई और मोके की नजाकत को देखते हुए परम ने उसे अपनी बाहों में भर लिया और बोला – बताओ न क्या तुम मुझे चाहती हो??

पर रिया अभी कुछ नहीं कहना चाहती और वैसे भी उसकी आँखों ने उसका जवाब दे ही दिया था वो शर्म सी जैसे लाल हो गयी और उसने अपना चेहरा परम के सीने पर छुपा दिया.

परम समझ चुका था की शिकार खुद जाल में फंस गया है अब इस अपनी लपेट में करना होगा और इसी के साथ उसने रिया का चेहरा अपनी छाती से उठा कर उसकी आँखों में देखना चाहा पर रिया की आंखे तो शर्म से अभी भी झुकी हुई थी और तभी परम एक बार फिर बोला – आई लव यू रिया.

रिया इस बार रिया ने भी अपनी झिझक मिटाते हुए परम की आँखों में देखते हुए कहा – मुझे कभी धोका तो नहीं दोगे ?

परम- कभी नहीं मेरी जान एक बार तुम मेरी हो कर तो देखो।

रिया ने भी फिर बोल दिया – लव यू टू परम – और उसने फिरसे अपनी आँखे झुका ली.

रिया के मुँह से हाँ सुनते ही परम ने अपने होंठ रिया के रसीले होंठो की तरफ बढ़ा दिए.

जैसे ही रिया ने परम के होंठो को अपनी और आते देखा तो शर्म से उसने अपना चेहरा घुमा लिया जिस वजह से परम के होंठ रिया की नरम मुलायम गालो से जा टकरा गए और परम ने तो जैसे उसके गालो पर हमला ही बोल दिया वो मस्ती उसके गाल ही चूसने लगा. अगले ही पर परम ने अपने होंठ फिर से रिया के होंठो के करीब कर दिए और इससे पहले की रिया फिर से अपना चेहरा हिलाती उससे पहले ही उसने निचले होंठ को अपने होंठो के बीच दबा लिया और चूसने लगा।

परम की किस हरकत से रिया भी मस्ती में आकर उसका साथ देने लगी और देखते ही देखते परम का हाथ कब रिया की गांड तक पहोच गया पता ही नहीं चला.

इस सबके बीच रिया ये तो भूल ही गयी थी की उस कमरे में परम और उसके अलावा उसके दोस्त भी उस कमरे में मौजूद है और उसके दोस्तों का तो ये दृश्य देख कर बुरा हाल हो गया था, उन सबके हाथ उनके लंड पर चले गए थे और वो सभी पेण्ट की ऊपर से ही अपने लंड मसल रहे थे. इस बीच किश करते करते परम ने अपना हाथ रिया के नरम मुलायम चूतड़ों पर जकड दिया जिससे रिया तो जैसे मजे के आगोश में परम को डीप किश करने लगी और मोके की नजाकत को देखते हुए परम ने भी अपने हाथ को हिलाया और खिसका कर रिया की चूत की तरफ ले गया.

जैसे परम के हाथ ने रिया की चूत को छूआ तो रिया की शरीर में तो जैसे भूकंप सा आ गया, उसकी जांघें आपस में एक दम टाइट हो गयी और वो स्तरररर सतरररर झड़ने लगी और इस दौरान वो जैसे होश में आयी और उसे एक जोरदार झटका लगा. उसने देखा की परम के सारे दोस्त उसकी तरफ देख रहे है और अपने लंड मसल रहे है ये देख कर रिया तो शर्म से लाल हो गयी और हड़बड़ाते हुए परम से बोली – प प परम् में बाद में मिलती हूं तुमसे और वो बिना कुछ बोले वहाँ से भाग गयी.

आगे क्या हुआ पढिए अगले पार्ट मे

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