हुमा एक हाउस वाइफ और मिश्रा पान वाला – 12
Desi Bhabhi chudai hindi sex story:- पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा कि मिश्रा और हुमा की चुदाई हुमा के घर पर ही चल रही होती है, चुदाई मे दोनों फुल मजे मे थे कि हुमा का फोन बजता है, दोनों सोचते है कि शांता उनकी मस्ती ले रही है और दोनों चुदाई जारी रखते है। फिर मिश्रा का फोन बजता है तो मिश्रा भी नहीं उठाता, तब हुमा बोलती है कि उठा लो क्या पता कोई जरूरी बात हो। फिर जब मिश्रा शांता को कॉल करता है तो उनको पता चलता है कि हुमा का पति सैफ घर आ गया था। दोनों की ये सुनके गांड फट जाती है । अब पढिए ये hindi sex story आगे.
पिछला पार्ट यहाँ पढ़ें ==> हुमा एक हाउस वाइफ और मिश्रा पान वाला – 11
Desi Bhabhi chudai hindi sex story
ज़िन्दगी में इतनी जल्दी दोनों ने कभी कपडे नहीं पहने, जितनी जल्दी दोनों ने आज कपडे पहन लिए थे। मिश्रा हुमा को इशारा करता है की आगे जाये। हुमा बहोत ज्यादा डर गयी थी, उसको लग रहा था बाहर अगर सैफ खड़ा होगा तो उसका हार्ट फ़ैल ज़रूर हो जायेगा। हुमा डरते डरते डोर ओपन करती है, शांता बाहर ही खड़ी थी, शांता फुसफुसाते हुए कहती है।
शांता – दीदी डरो नहीं, मैंने सब संभाल लिया है, मैंने मालिक को बाथरूम में भेज दिया है और जीजू की चप्पल जो बाहर थी उसको भी साइड में छुपा दिया है।
हुमा की जान में जान आयी, उसको लगा की शांता को गले लगा ले, मगर सिचुएशन नहीं थी। हुमा मिश्रा को पलट कर बाहर जाने का इशारा करती है। मिश्रा भी दबे पाँव बाहर आता है और हॉल से होते हुए मेन डोर जहां उसकी चप्पल थी उसको पहन कर दबे पाँव बाहर चला जाता है। मिश्रा की गांड फट गयी थी, डर के मारे, मगर उसका मूड भी बहुत ख़राब हुआ था।
बाहर आते ही शांता हुमा को कहती है मालिक ने मुझे अंदर बाथरूम में बुलाया है, कहा है की तुम सो रही हो, जब तक आकर मेरा लंड चूस जाये।
शांता ने झूट कहा था हुमा से। सैफ ने उसको बुलाया नहीं था बाथरूम में। शांता को लगा की पत्नी की पतिव्रता न जग जाये, इसलिए फिर उसने हुमा को ऐसा कहा की उसको सैफ पर गुस्सा आये। इतना कह कर शांता बाथरूम में घुस गयी.
अंदर जाते ही सैफ कहता है – अरे शांता तुम अंदर क्यों आयी? अगर हुमा उठ गयी तो क़यामत आ जाएगी।
शांता – आप फ़िक्र ना करो मालिक! मालकिन ज़ोर के खर्राटे ले रही है.
हुमा को भी मिश्रा के साथ मज़ा आ रहा था, उसका भी मूड ख़राब हो रहा था सैफ पर। डबल गुस्सा आ रहा था उसको. मगर उसकी जिस्म की गर्मी ने उसको बाथरूम के करीब जहा, शांता और सैफ की रासलीला चल रही थी वहाँ ले आयी। हुमा चुपके से बाथरूम के डोर पर कान लगाती है, अंदर से आवाज़ आती है.
शांता – आअह्ह्ह्ह मालिक आराम से चोदो इतनी ज़ोर से मत चोदो।
दरअसल ऐसा था की शांता बहोत बड़े बड़े लंड ले चुकी थी, उसको सैफ के लंड से उतना दिक्कत नहीं होता था, जितना वो चिल्लाकर बताता थी, सैफ को भी मज़ा आता था, उसको लगता था की वो शांता को रगड़ कर चोद रहा है। ऐसी आवाज़ कभी हुमा ने नहीं निकाली थी, आज पहली बार हुमा के हाथ कभी उसके बूब्स पर तो कभी उसके चूत की तरफ जा रहे थे। एक तो आलरेडी गरम थी ऊपर से शांता की सेक्सी आवाज़े जो बाहर तक आ रही थी, जब हुमा ने नीचे चूत पर हाथ रखा। नीचे देखा तो उसने पाया की उसने लेग्गी जल्दी में उलटी पहन ली। वो बैडरूम में भागी और अपनी लेग्गी सीधी की और बेड पर बैठ गयी.
कुछ देर पहले बेड पर कैसी उसकी चुदाई हो रही थी, मिश्रा जी के साथ ये सोच कर वो गरम होने लगी और चादर अपने ऊपर लेकर अंदर ही अंदर गरम होने लगी. तभी डोर ओपन करके सैफ अंदर आया और उसने आते ही हुमा को देख कहा-
सैफ – अरे उठ गयी तुम मै कुछ देर पहले जब आया तो तुम सो रही थी।
हुमा मन ही मन सोच रही थी, कितना झूट बोलते हो कुछ देर पहले अगर तुम सीधा बैडरूम में आते तो शायद आज हमारी शादी खत्म हो जाती। हुमा को अब आत्मग्लानि या कोई पछतावा नहीं था वो अगर अपने नज़रो में गिर गयी थी तो उसका शौहर उसको और कही ज्यादा गिरा हुआ लगा, वो तो मजबूर औरतो का फायदा उठा रहा था। हुमा ने सैफ की बात का कोई जवाब नहीं दिया, सैफ भी शांता को चोद कर रिलैक्स महसूस कर रहा था। आज का दिन गया और रात भी हो गयी।
रात को सैफ और हुमा खाना खा कर सोने लगे, मगर यहाँ हुमा की आँखों में नींद कोसो दूर थी उसका जिस्म बार बार उसको मिश्रा की याद दिला रहा था। उसका जिस्म बहोत गरम हो गया था, वो बगल में सोये सैफ के और करीब हुई मगर सैफ की हरकतों से फिर पीछे हट गयी। कुछ देर करवट लेने के बाद, सैफ जो उसकी तरफ पीठ किये हुए था उसको पीछे से जकड लिया, उसी वक़्त सैफ की आँख खुली और सैफ ने उसको झटक के कहा सोने दो यार क्यों परेशान कर रही हो.
हुमा को बहोत बुरा लगा। वो एक ब्लैक नाइटी में तड़प रही थी, सैफ तो अपना पानी निकाल कर सोया था, मगर हुमा क्या करती? वहीं मिश्रा का भी यही हाल था, वो हुमा के बूब्स गांड और चूत को इमेजिन कर के मूठ मार रहा था, उसने भी पानी निकाल लिया था, मगर हुमा की प्यास अब भी अधूरी थी। जैसे तैसे सुबह हो गयी, सैफ हर दिन की तरह अपनी ड्यूटी पर चला गया। शांता भी अपने टाइम पर आ गयी। आते ही शांता ने हुमा को छेड़ा.
शांता – और दीदी आप की आँखे बता रही है रात भर सोई नहीं, क्या जीजू की याद ने सोने नहीं दिया?
हुमा शर्मा कर बोली धत्त।
तभी डोर बैल बजी, शांता ने डोर ओपन किया तो मिश्रा सामने खड़ा था।
शांता – जीजू बड़ी लम्बी उम्र है आपकी! आप का ही जिक्र हो रहा था।
मिश्रा अंदर आते हुए – मेरा जिक्र?
शांता – हाँ दीदी आपकी याद में रात भर नहीं सोई ना।
हुमा ने सब सुन लिया था। उसको शर्म तो आ रही थी, मगर मिश्रा को देख आज उसका जिस्म उसके कण्ट्रोल से बाहर हो रहा था.
शांता – क्या हुआ जीजू लगता है सोये तो आप भी नहीं, शायद कल वाला काम जो अधूरा रह गया था, उसको पूरा करने आये हो है ना?
मिश्रा – हाँ ऐसा ही कुछ समझये।
ये सब सुनकर हुमा की पैंटी में गीलापन आ गया था।
शांता – जाईये फिर अंदर रूम मे।
हुमा – नहीं शांता आज यहाँ ऐसा कुछ नहीं होगा।
मिश्रा को लगा की उसके खड़े लंड पर धोका क्यों हो गया।
हुमा नीचे देख कर बोली अब भी उसकी नज़र नीचे थी, तो मिश्रा ने शांता को आँखों से इशारा किया और कहा की पटाओ इसको।
शांता – मगर दीदी क्या हुआ?
हुमा – कल जो हुआ वो आज भी हो सकता है? कल तूने बचा लिया, मगर हर दिन तक़दीर साथ नहीं देती।
इतना सुन मिश्रा के जान में जान आयी की चुदना वो भी चाहती है, मगर सैफ के आने का डर है इतना शांता भी समझ गयी।
शांता – ओह्ह तो ये बात है! मेरा घर तो खाली है पर मेरा बेवड़ा पति कभी भी आ जाता है और गीता भी कॉलेज से आ जाती है, जीजू आपके घर जाओ फिर।
हुमा – नहीं बस्ती के लोग मुंह देखते है अच्छा नहीं लगता वहाँ।
शांता – फिर होटल ही चले जाओ।
हुमा – नहीं वहाँ सुना है कैमरा लगे होते है।
शांता और मिश्रा खुश थे, जो भी हो हुमा रेडी तो है बस कुछ बहाने बना रही है।
मिश्रा – ठीक है अगर हुमा जी का मन नहीं है तो मै भी क्या ज़बरदस्ती कर सकता हूं, मिश्रा ने मुंह लटका कर कहा।
और मायूसी से जैसे बाहर जा रहा हो मिश्रा पलटा, तभी उसको आवाज़ आयी।
हुमा – रुकिये।
मिश्रा पलटा।
हुमा – आप रुकिए मुझे शांता से कुछ बात करनी है अकेले मे।
मिश्रा सोच में पड़ गया अब क्या हुआ।
हुमा रूम में जाने लगी, उसने शांता को पीछे आने का इशारा किया। जैसे शांता रूम में आयी तब हुमा ने कहा।
हुमा – शांता मुझे उनके सामने बोलने में शर्म आ रही थी, देख मेरा ये घर सेफ नहीं है, ना तुम्हारी बस्ती न कोई होटल, अगर सेफ एक जगह है तो वो है मिश्रा जी की पान की दुकान।
शांता – पान की शॉप मगर वो इतनी छोटी है।
हुमा – अरे पान की शॉप के पीछे एक रूम है ना।
शांता – अरे हाँ मै तो भूल ही गयी सही है।
बस इतना कहने की देर थी की शांता बाहर जैसे भागती हुए गयी और कहा जीजू दीदी ने एक सही जगह बताई है।
मिश्रा – कौन सी.
शांता – आपकी पान की दुकान के पीछे वाला रूम।
मिश्रा – हाँ मै तो भूल ही गया था।
खैर हुमा को बाहर आने में शर्म तो आ रही थी, मगर जैसे तैसे वो बाहर आयी.
शांता – देखा जीजू मेरी दीदी कितनी होशियार है.
मिश्रा – हुमा चले फिर।
हुमा ने सर उठाकर थोड़ा शर्मा कर कहा – आप आगे चलिए मै आती हूं दोनों साथ जायेंगे ठीक नहीं लग रहा।
