एक अनोखी सुहागरात
Emotional Hindi Sex Story:- अक्षय की शादी आज उसके सपनो के राजकुमारी से हो गयी थी और वो बहुत ज्यादा खुश था, जैसे उसको कोई खजाना मिल गया था। फ़िलहाल तो शादी की रस्में होने के बाद सब अपने अपने कमरे में चले गए थे और अक्षय भी अपनी अपनी नयी नवेली दुल्हन के साथ सुहागरात मनाने को बेक़रार था। सलोनी ने आज तक खुद को छूने तक नहीं दिया था, इससे पहले बहुत स्वाभिमानी लड़की थी पर आज. आज तो मौका भी था और अधिकार भी।
Emotional Hindi Sex Story
उसके दोस्तों ने जबरजस्ती उसे वियाग्रा खिला दी थी, उफ्फ्फ उसका लौड़ा तो बस सलोनी के ख्याल से ही पूरी ताकत के साथ खड़ा था। 6 इंच का लंड! जिसकी नसें एकदम फूल के बाहर आने लगी थी, उससे अब इंतज़ार नहीं होता तो वो जल्दी से रूम में गया. कमरा एकदम सजा हुआ, टेबल पे एक गिलास दूध रखा हुआ था, बेड फूलों से भरा हुआ, मादक खुशबु आ रही थी। सबकुछ था उस कमरे में सिवाए दुल्हन के! कहाँ थी वो? अक्षय बेचैन सा हो गया।
सलोनी का फ़ोन भी रूम में ही था, जिसके वॉलपेपर पे उसकी और सलोनी की प्यारी सी फोटो थी। इधर वियाग्रा ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था, उसका लंड अब चुदाई मांग रहा था, उसकी excitement अपनी चरम सीमा पे थी। अक्षय एक हाथ से लंड को दबाता हुआ पुरे घर में सलोनी को खोजने लगा, पर वो कही नहीं मिली. तभी स्टोर रूम से अचनाक किसी के गहनों की खनकने की आवाज़ आयी, एक बार तो अक्षय डर ही गया, पर बेचैन सा अक्षय उस कमरे में चला गया। खिड़की के परदे से देखा और उसके तो होश ही उड़ गए। एक पतली कमर और बड़े गांड वाली लड़की जिसका शरीर एकदम चाँद की रौशनी की तरह चमक रहा था, कमर में करधन पहने हुए थी। नाक में नथुनी, हाथो में किसी दुल्हन की तरह गहने, गले में हार और मंगलसूत्र। बस इतना ही उसके दुल्हन वाले कपडे बगल में पड़े थे और वो एक 50-55 साल के आदमी के ऊपर उछल उछल के चुदवा रही थी।
उसकी सिसकियां, उफ्फ्फ जैसे किसी देवी की वर्षो से सूखी चूत पे किसी ने काम रस डाल दिया हो। हर सिसकी के साथ वो आदमी और तेजी से उसको चोदने लग जाता। उस लड़की के बड़े बड़े बूब्स किसी गेंद की तरह उछलने लगते। वो आंखे बंद किये ही चुदाई का मज़ा ले रही थी. बहार खड़ा अक्षय ये देख चीख उठा.
सलोनी क्या कर रही हो?
वो अंदर जाना चाहता पर दरवाज़ा बंद था, वो चीखता पर कोई नहीं उठा रहा था, नीचे उसका लंड अपनी माल की चुदाई किसी और के लंड से होते देखने से एकदम फड़फडाने लगा। उसके लंड में दर्द होने लगा, वो न चाहते हुए अपने लंड को मसलने लगा। आँखों में आँसू और हाथो से लंड मसल रहा था। आवाज़ सुनके वो दोनों अक्षय की तरफ पलटे। सलोनी अपने ही पति के बाप में गोद में थी और उनके लंड से चुदवा रही थी।
सुहागरात तो मन रही थी, पर अक्षय और सलोनी की नहीं, बल्कि उसके बाप और उसके बीवी की। रजत अक्षय का बाप, उसकी आखों मे आँसू थे, पर वो चुदाई का भी मज़ा ले रहा था, जैसे बरसो की भूख हो उसमे। अंदर ही अंदर गिल्ट से मरा जा रहा था, पर सामने उसके रूप की देवी थी, कैसे रोक पाता वो खुद को।
वहीं सलोनी के चेहरे पे एकदम कातिल मुस्कान थी, थोड़ा भी रिग्रेट नहीं दिख रहा था उसको, अब तो वह और ताकत से चुदवाने लगी। अक्षय और सलोनी की आंखे एकदूसरे को देख रही थी, अक्षय न चाहते हुए लंड हिलाये जा रहा था, वरना उसका लंड फट जाता। उसके दोस्तों ने कुछ ज्यादा ही डोस दे दिया था वियाग्रा का। उसका दिल भी किसी रेस के घोड़े जैसे भाग रहा था और हाथ इतने तेजी से आगे पीछे हो रहे थे की लंड एकदम लाल पड़ गया था। न ही लंड झड़ने का नाम ले रहा था न ही सलोनी की चुदाई रुकने का। रजत ने सलोनी को घोड़ी बनाया और उसकी गांड पे अपना लंड रखा और लंड घिसने लगा.
उफ्फ्फ्फ़ पापा अब और कितना तड़पाओगे देखो न आपका बेटा भी कितना बेचैन हो रहा है, अपनी बीवी की चुदाई देखने को। अब जल्दी से चोद दो, मेरी गांड फाड़ दो आह्ह्ह्ह.” सलोनी अक्षय की तरफ देखते हुए बोली।
दोनों का चेहरा आमने सामने था, अक्षय वहाँ से जाना चाहता था पर उसके पैरो ने साथ छोड़ दिया था। वो लगातार लंड हिलाये जा रहा था।
आह्ह्ह्हह्हह मर गयी! उफ्फ्फफ्फ्फ़ आप कितने बेदर्द हो।
सलोनी के ससुर यानि अक्षय के बाप ने एक ही झटके में पूरा लंड सलोनी की गांड में घुसा दिया था उसकी कुवारी गांड तो फट ही गयी। रजत का लंड हलके खून से रंग गया, पर वो किसी वहशी जानवर की तरह अपनी बहु की गांड मारे जा रहा था। सलोनी कुछ देर दर्द से बिखलती रही, पर थोड़ी देर बाद ही उसे मज़ा आने लगा, वो गांड उठा उठा के ससुर की चुदाई में उसका साथ देती। दोनों की सिसकियाँ अपने चरम सीमा पे थी।
सलोनी कम से कम 10 बार झड़ चुकी थी, इधर अक्षय का लंड बुरी तरह से छिल गया था, लगातार हिलाने से। उस रात उस कमरे में पूरी रात चुदाई की आवाज़ गूंजती रही.
सुबह 9 बजे, घर में सिर्फ अक्षय और उसके पापा रहते थे, अब तो सलोनी भी रहने आ गयी थी। अक्षय बाहर किसी पागल की तरह बैठा हुआ था, एकदम गुमसुम।
उसका बाप रजत उसके पास रोते हुए आया, उसके हाथ काँप रहे थे, आँखों में अपने ही बेटे की जिंदगी बर्बाद करने का दुःख दिख रहा था। वो अक्षय के पैरो में गिरकर माफ़ी मांगना चाहता था। अक्षय ने उसे खुद से दूर धक्का दिया और कमरे में गिरते पड़ते हुए चला गया, जहा सलोनी बेड के कोने में बैठे हुए थी। उसकी आंखे लाल थी। अक्षय और उसने एकदूसरे को देखा, अक्षय की आँखों में बस सवाल ही नज़र आ रहे थे।
सलोनी एक फीकी मुस्कान लिए हुए ही बोली” तुम्हे मेरा चेहरा देख के कोई याद नहीं आता? ध्यान से देखो, शायद आता होगा। एक चुलबुली सी लड़की मासूम सी जो तुम्हारे प्यार में थी और तुमने तुमने उसका इस्तेमाल करके छोड़ दिया, अपने तन मन सब से प्यार किया और तुमने किसी सामान की तरह उसका इस्तेमाल करके छोड़ दिया। तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली थी वो।
“अक्षय बस सुने जा रहा था बिना चेहरे पे कोई भाव लिए, उसके मुँह से बस एक ही आवाज़ निकली – लीना”
हाँ लीना! उसकी छोटी बहन हूँ मै. कितनी खुश थी, हम दोनों बहने एक दूसरे को सारी बात बताते सारे सुख दुःख शेयर करते, वो हमेशा से तुम्हारे बारे में बात करती। कभी नाम नहीं बताई, बोलती थी, जब शादी की बात करने घर आएगा, तो उसको देख भी लेना और नाम भी जान लेना। तुम तो नहीं आये, पर वो चली गयी हमेशा हमेशा के लिए हमसे दूर, अपने पेट में तुम्हारी निशानी लिए – बोलते बोलते सलोनी एकदम से टूट पड़ी।
उसके आवाज़ में बेतहाशा दुःख और गुस्सा था – अब पता चला अक्षय जब आप किसी से प्यार करो और वो आपको धोखा दे, तो कितना दर्द होता है. ये ही दर्द लीना ने सहा था और अब तुम सहो – सलोनी अक्षय की आँखों में देखती हुए बोली। अक्षय बिना कुछ बोले बिना कोई चेहरे पे भाव लिए वहाँ से चला गया। शाम होने को आ गयी थी, न उसकी कोई खबर थी न ही सलोनी को होश था। तभी उसका फ़ोन बजा और इंस्पेक्टर गौरव का फ़ोन आया, जो उसका बचपन का दोस्त था और उसके सबसे करीब भी”
यार सलोनी .प्लीज प्लीज मुझे माफ़ करना, एक दिक्कत हो गयी, हमने अक्षय को समझने में बड़ी भूल कर दी
गौरव रोते हुए बोला।
सलोनी एकदम से होश में आई” मतलब”
गौरव: यार जिसे तुम अक्षय समझ रही थी वो तो मयंक है, अक्षय का जुड़वाँ भाई! दोनों जुड़वा है। लीना मयंक से प्यार करती थी, अक्षय से नहीं. लेकिन जब मयंक को लीना के प्रेग्नेंट होने की बात पता चली, तो वो लीना की छोड़ के भाग गया, उसकी इन्ही सब हरकतों के वजह से रजत जी ने उसे घर से बाहर निकाल दिया था और किसी को कभी नहीं बताया की उनका कोई और भी बेटा है. अक्षय तो बहुत अच्छा लड़का है इनफैक्ट वो तो लीना से शादी तक करने को रेडी था। पर लीना ही नहीं मानी.
तुम चाहो तो रजत जी पूछ सकती हो। प्लीज मुझे माफ़ कर दो सलोनी, मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी”
गौरव माफ़ी मांगे जा रहा था पर सलोनी को तो कोई होश ही नहीं था, वो दौड़ के कमरे में गयी पर अंदर रजत किसी लाश की तरह पड़ा था, सलोनी ने जल्दी से एम्बुलेंस को कॉल किया, हॉस्पिटल गए – डॉक्टर्स ने चेक किया और बताया – इन्हे वियाग्रा के ओवरडोज़ से हार्ट अटैक आया है। उम्र ज्यादा होने के कारण वो सहन नहीं कर पाए.”
ये सुन सलोनी एकदम से टूट गयी उसने ही तो रजत को वियाग्रा दिया था – बेचारे कितने कोशिश किये पर सलोनी उन्हें लुभाने में कामयाब रही थी। वो खुद को सिक्योरिटी अफसर के हवाले करना चाहती थी, पर गौरव ने उसको रोक दिया और बोला – पहले अक्षय को खोजते है”
हफ्ते बीते, गौरव ने आखिरकार अक्षय को खोज ही लिया, किसी मंदिर में भिखारियों जैसा बैठा हुआ था दाढ़ी बढ़ गयी थी – मानसिक संतुलन खो दिया था। बस आते जाते लोग कुछ देते तो खा लेता वरना भूखे पेट सो जाता। उसके मुँह से हमेशा सलोनी का ही नाम निकलता. उसकी ये हालत देख के तो सलोनी का एक बार मन किया खुद को ही मार ले, पर क्या करती मजबूर थी। आज 10 साल बीत चुके है पर न अक्षय सही हुआ न सलोनी अपने दुःख से बाहर आयी। उसके पापा हमेशा बोलते थे – बेटा जल्दी का काम शैतान का होता है, बिना सोचे समझे कोई काम करेंगे तो अपना ही नुकसान होगा”
और हो गया था वो एक अच्छा पति खो दी, एक अच्छा परिवार खो दी और एक अच्छी जिंदगी खो दी। अब तो जब तक अक्षय की सांसें चल रही थी, तब तक ही उसके सांसें चलती। अक्षय आज भी उससे एकदम बच्चे की तरह चिपक के सोता और पूछता” मेरी सलोनी मुझे लेने तो आएगी न??” और वह चाह के भी उसको सच नहीं बता पाती, वरना उसको पैनिक अटैक आ जाता.
