सोनिया भाभी की प्यासी गांड फाड़ी

Bhabhi ki chut gand chudai story:- हैलो दोस्तों, मेरा नाम अर्जुन है और मेरी उम्र 25 साल है। मैं दिखने में काफ़ी हैंडसम हूँ और हो भी क्यों न, आखिरकार लड़कियों को पटाना जो है। मुझे लड़कियों को चोदने में बहुत मज़ा आता है और मुझे इन सब में बहुत मज़ा आता है।

आज मैं आप सबके लिए एक कहानी लेकर आया हूँ जो कि बहुत ज़्यादा अच्छी है और एकदम सच्ची कहानी है। और ये भी नहीं कि वो किसी और की कहानी है, वो मेरी ही कहानी है।

Bhabhi ki chut gand chudai hindi sex story

तो दोस्तों अब आप ही सोच लो कि मेरी कहानी है तो वो कहानी कितनी मस्त होगी। पर अपनी कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में थोड़ा-बहुत बता देता हूँ।

मैं दिखने में काफ़ी हैंडसम हूँ और मेरे लंड का साइज़ भी काफ़ी मस्त है। मेरे लंड का साइज़ 9 इंच है और ये लंड किसी की भी चूत या गाँड को सैटिस्फ़ाय करने के लिए बहुत है। मुझे ये भी जानकर बहुत ख़ुशी मिलती है कि मैंने जितनों को भी पहले चोदा है वो मेरे लंड से काफ़ी ख़ुश हैं।

वैसे ये मेरी पहली स्टोरी नहीं है इसलिए आपने मेरी पहली कहानियाँ भी पढ़ी होंगी। और अब मैं फिर से आपके लिए कहानी लेकर आ रहा हूँ तो मेरे प्यारे दोस्तों अब फिर से अपने लंड और चूत का पानी निकालने के लिए तैयार हो जाइए।

तो चलिए अब मैं आपको अपनी कहानी पर लेकर चलता हूँ।

ये बात आज से काफ़ी साल पुरानी है जब मैं स्कूल में था और तब मेरा लंड नया-नया ही खड़ा होने लगा था। मुझे तब हर किसी लड़की और भाभी के मस्त फ़िगर को देखकर उनको चोदने का मन करता था।

वैसे मैं बता दूँ कि हमारे पड़ोस में भैया-भाभी रहते थे जो कि बहुत अच्छे थे और वो एक-दूसरे के साथ काफ़ी अच्छे लगते हैं। या तो आप ये भी कह सकते हैं कि वो जोड़ी काफ़ी अच्छी लगती है। मैं आपको भाभी के बारे में भी बता देता हूँ।

भाभी का नाम सोनिया है और वो दिखने में काफ़ी सुंदर हैं। उनका जिस्म तो क्या कमाल है जिसको देखकर अच्छे-अच्छों का लंड खड़ा हो जाता है। भाभी के फ़िगर में सबसे मस्त उनकी वो गाँड है और जब वो अपनी गाँड हिलाती हुई चलती हैं तो हम लड़कों के दिल से तो जैसे आाह्ह्ह आाह्ह्ह की गरम आवाज़ें सुनाई देने लगती हैं।

जब भी भाभी गली में से गुज़रती हैं तो सारे के सारे उनके फ़िगर को देखते ही रह जाते हैं और अकेले में अपने लंड को मुठ मारकर शांत करते हैं।

चलो ये तो उनके बारे में बता दिया है। अब मैं आपको आगे लेकर चलता हूँ। एक दिन की बात है मम्मी ने मुझे किसी काम से उनके घर भेजा था। मैं वहाँ जाकर भाभी को आवाज़ लगाने लगा पर शायद मेरी आवाज़ उन तक नहीं पहुँच रही थी। क्योंकि उनका घर काफ़ी बड़ा था तो मैंने सोचा कि क्यों न अंदर चला जाऊँ।

और फिर मैं धीरे-धीरे अंदर चला गया। मैं अंदर जा ही रहा था कि एक कमरे से मुझे कुछ सुनाई दिया तो मैं वहीं पर रुक गया। और फिर मैंने पीछे देखा कि साइड में एक खिड़की है तो मैं वहाँ खड़ा होकर अंदर देखने लगा।

अंदर देखा तो भाभी बेड पर घोड़ी स्टाइल में थीं और भैया पीछे खड़े होकर उनकी चूत में अपना 6 इंच लंबा लंड धीरे-धीरे अंदर-बाहर कर रहे थे। मैं ये पहली बार देख रहा था तो सोचा कि क्यों न पीछे हट जाऊँ पर दिल नहीं माना और मैं तो बस उन्हें देखता ही रहा।

भाभी इस पोज़िशन में बहुत ही मस्त लग रही थीं और उनको ऐसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था और मेरा मन भी उनको चोदने का कर रहा था। तब वो चुदाई करते वक़्त एकदम से रुक गए और एक-दूसरे के साथ कुछ बात करने लगे।

पहले तो मुझे उनकी बात समझ नहीं आ रही थी पर मैंने कान लगाकर उनकी बात को सुना तो पता चला कि उनके बीच थोड़ी बहस हो रही थी। और बहस ये हो रही थी कि भाभी भैया को लंड को गाँड में डालने को कह रही थीं पर भैया को ये पसंद नहीं था इसलिए वो उन पर गुस्सा होने लगे और अपना बिना निकाले ही कपड़े पहन लिए।

अब जब ये सब हो गया तो मैंने सोचा कि अब मुझे फिर से आवाज़ लगानी चाहिए और फिर मैंने भाभी को आवाज़ लगाई और भाभी बाहर आ गईं। तब मैंने उन्हें वो दे दिया जो मम्मी ने मुझे दिया था और वहाँ से चला आया।

घर आकर मैं बस उनके बारे में ही सोच रहा था और फिर मैंने भाभी के नाम की मुठ भी मार ली थी। मुझे ये पता चल गया था कि भाभी को गाँड मरवाने में बहुत मज़ा आता है पर भैया हैं कि जो उनकी गाँड मारते ही नहीं हैं।

अब ऐसे ही रात हो गई और मुझे नींद नहीं आ रही थी इसलिए मैं छत पर चढ़कर टहलने लगा। तब मैंने देखा कि भाभी बाहर आ रही थीं। मैं आपको ये बता दूँ कि हमारे घर की छत से उनका आँगन दिखता था जो कि बहुत बड़ा था।

भाभी वहाँ आकर अपनी सलवार खोलकर सूसू करने लगी थीं। मैं उन्हें देख रहा था और उनके बड़े-बड़े चूतर देखकर तो मेरा लंड पागल हो रहा था। वो बड़े मज़े से चूतर दिखाकर सूसू कर रही थीं और उन्हें ये नहीं पता था कि मैं उन्हें देख रहा था और मैं बस उन्हें देखी ही जा रहा था।

फिर मैंने सोचा कि क्यों न अब मैं भी भाभी को लंड के दर्शन करा दूँ तो मैं भी अब लाइट में आ गया और अपना लंड बाहर निकालकर खड़ा हो गया। वो उठीं और उन्होंने मुझे देखा तो फटाफट सलवार बाँध ली पर उसे ऐसे लग रहा था जैसे कि मैं उसे नहीं देख रहा था। पर असल में मैं उसे देख रहा था और फिर उसकी नज़र मेरे लंड पर पड़ी और उसे देखकर तो वो जैसे पागल सी हो गईं।

और फिर अब उन्होंने फिर से सलवार खोल दी और मुझे अपनी गाँड दिखाने लगीं। मैं उन्हें देखकर ऐसे इग्नोर कर रहा था जैसे कि मैं उन्हें नहीं देख रहा हूँ और ठीक वैसे ही वो भी मुझे ऐसे ही इग्नोर कर रही थीं। पर हाँ बाद में हम दोनों की नज़रें टकरा गईं और हम एक-दूसरे को देखने लगे और फिर भाभी सामने एक कमरे में चली गईं और वहाँ की लाइट ऑन करके मुझे देखने लगीं।

उनके देखने के नज़रिए से मुझे पता चल गया था कि वो मुझे बुला रही हैं इसलिए अब मैंने भी देर नहीं की और उनके घर की दीवार लाँघकर उनके आँगन में पहुँच गया और फिर उनके पास उनके कमरे पहुँच गया।

वहाँ पहुँचते ही मैंने उन्हें बाँहों में भर लिया और उनके होंठों को अपने होंठों में भर लिया और चूसने लगा। वो भी मेरा साथ दे रही थीं और मुझे इन सब में बहुत मज़ा आ रहा था। अब भाभी ने मुझसे पूछा तो मैंने उन्हें कहा कि मुझे आपकी गाँड बहुत पसंद है और उसे ही मैं चोदना चाहता हूँ।

मेरी बात सुनते ही उन्होंने मेरा हाथ अपनी गाँड पर लगा दिया और तब मुझे पता चला कि उन्होंने सलवार उतार रखी थी और फिर मैंने उनकी गाँड में उँगली दे डाली जिससे उनके मुँह से सिसकारी निकल गई। और फिर वो मेरे सामने घोड़ी बन गईं और फिर तो मैंने उनकी गाँड पर लंड रखा और ज़ोर के धक्के के साथ उनकी गाँड में लंड डालकर चोदने लगा।

उनके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं और उधर अब वो बोली जा रही थीं कि जैसे मर्ज़ी चोदो क्योंकि मैं तो गाँड मरवाने की इतनी दीवानी हूँ कि पूछो मत और मुझे आज काफ़ी ज़्यादा सैटिस्फ़ैक्शन मिली है।

सोनिया भाभी: मेरे प्यारे देवर आज तो फाड़ दे मेरी गाँड को मेरी गरम गाँड में अपना गरम-गरम पानी भर दे। और अब से ऐसे ही मेरी गाँड मारा कर प्लीज़। मेरी गाँड आज से मेरे इस मोटे और लंबे लंड की गुलाम है।

भाभी की बातों ने मुझे और भी मस्त कर दिया। मैं अब और ज़ोर-ज़ोर से भाभी की गाँड मारने लगा। मैंने भाभी को उल्टा लिटा दिया ताकि मैं भाभी की गाँड और तेज़ और ज़्यादा ज़ोर से मार सकूँ। जैसे ही भाभी मेरे नीचे आईं मैंने भाभी को और ज़ोर से चोदने लगा। अब भाभी की आवाज़ और भी तेज़ होने लगी थी।

क़रीब 25 मिनट की ज़ोरदार चुदाई के बाद मेरे लंड ने अपना पानी भाभी की गोरी गाँड के अंदर ही निकाल दिया। अब मेरा लंड छोटा होने लगा मैंने अपना लंड बाहर निकालना चाहा तो भाभी ने अपने दोनों चूतर टाइट कर लिए। और मेरे लंड को अपने दोनों चूतर से पकड़ लिया।

मै: मेरी जान अब लंड छोड़ दो अब तो इसने अपने पानी से तुम्हारी गाँड को पूरा भर दिया है।

सोनिया भाभी: ऐसे नहीं छोड़ूँगी मेरे राजा पहले तुम वादा करो कि तुम मेरी गाँड ऐसे ही हर रोज़ मारोगे। या जैसे ही मुझे मौक़ा मिलेगा तुमसे चुदने का तुम मुझे कभी ना नहीं कहोगे। मैं और मेरी गाँड तुम्हारे लंड की दीवानी हो गई हैं।

मै: हाँ मेरी जान मैं वादा करता हूँ कि अब से आपकी गाँड मैं ही मारा करूँगा और कोई नहीं और जब भी आप मुझे या मेरे लंड को याद करेंगी ये आपकी गाँड में ही होगा।

फिर भाभी ने अपना फ़ेस पीछे किया और मुझे किस किया और बोलीं—

सोनिया भाभी: ये हुई ना मेरी बात मेरे राजा लो अब अपना लंड निकाल लो।

ये कहते ही भाभी ने अपने दोनों चूतर को ढीला कर दिया। और तब जाकर मैंने अपना लंड उनके चूतरों से बाहर निकाला। मेरा लंड पूरा गीला हो रखा था मैंने अपने लंड को भाभी के दोनों कोमल चूतरों से साफ़ किया।

उस दिन के बाद हम दोनों ने बहुत चुदाई की जैसे भी हम दोनों में से किसी को भी मौक़ा मिलता हम दोनों अपनी चुदाई का प्रोग्राम शुरू कर देते थे। पर हमारी चुदाई ज़्यादा दिन नहीं चल सकी क्योंकि भैया की जॉब अब गाँव के बाहर सिटी में लग गई थी। इसलिए वो अपना घर चेंज करके गाँव से चले गए। पर जिस दिन उन्होंने जाना था भाभी ने एक दिन पहले मुझे कहा कि मुझे तेरे साथ जाकर मार्केट से कुछ लेकर आना है।

इसलिए हम दोनों बाहर एक साथ चले गए पर भाभी मुझे अपनी एक दोस्त के घर ले गईं। और उसके घर हम दोनों ऊपर वाले माले पर चले गए और वहाँ जाकर भाभी मेरे सामने पूरी नंगी हो गईं। और मुझसे बोलीं—

सोनिया भाभी: मेरे राजा आज मेरे साथ 4 घंटे तक हूँ इतना चोद मुझे कि तेरी याद ना आए। मुझे चाहे आज तू रंडी समझ या कुत्ती पर मुझे चोदकर आज मेरे पूरे जिस्म को फाड़ दे।

ये सुनते ही मेरे अंदर बहुत जोश भर गया। मैंने देर नहीं लगाई मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। और उधर भाभी ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए। फिर भाभी और मैं 69 की पोज़िशन में आ गए मैं आज उनकी चूत और गाँड को ऐसे चाट रहा था मानो आज के बाद मुझे ये फिर कभी नहीं मिलेगी। ऐसा ही कुछ हाल भाभी का था जो मेरे लंड को एक कुत्ती की तरह चाट रही थीं। मैंने अपनी टाँगों से उनका सिर पकड़ लिया और नीचे से ज़ोरदार धक्कों से उनका मुँह चोदने लगा।

हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था जब तक हम दोनों पानी नहीं निकाला तब तक हम दोनों एक-दूसरे का चाटना और चूसना बंद नहीं किया। एक बार पानी निकालने के बाद फिर मैं भाभी को चोदना शुरू कर दिया। मैं अपनी पूरी जान लगाकर भाभी को चोद रहा था। मेरा हर धक्का पूरा बेड और भाभी के जिस्म के हर अंग को अंदर तक हिला रहा था।

सोनिया भाभी: हाँ मेरे राजा ऐसे चोद मुझे। आज तेरा लंड मेरी बच्चेदानी को भी फाड़ रहा है बस ऐसे ही चोद और थोड़ा सा ज़ोर लगाकर।

भाभी की ऐसी बातें मेरा दिमाग़ ख़राब कर रही थीं और मेरे अंदर एक जोश सा भर रही थीं। मैंने उसकी चूत को 1 घंटे से ज़्यादा चोदा और फिर अपने लंड से एक बार और पानी निकालकर उनकी गाँड पर हलवा बोल दिया। मैंने भाभी को घोड़ी बना दिया और घोड़ी बनाकर उनकी गाँड में मारने में मुझे आज बहुत मज़ा आ रहा था।

भाभी ने अपने दोनों हाथों से अपनी गाँड खोल रखी थी जिससे मेरा पूरा लंड उनकी गाँड में घुस रहा था। उनकी गाँड को मैंने 2 घंटे तक चोदा और फिर अपने पानी से उनकी गाँड को भर दिया। उसके बाद हम दोनों वहाँ से निकाले लिए। जाते हुए भाभी ने मुझे लिप्स किस किया और मेरे लंड को बहुत ज़ोर से एक चुम्मा दिया। और बोलीं—

सोनिया भाभी: मैं आज की चुदाई मरते दम तक नहीं भूलूँगी।

फिर वो गाँव छोड़कर सिटी में चले गए। मैं गाँव में उनकी याद में तड़पता रहा। क़रीब 3 महीने बाद भैया ने मुझे कहा कि हम सब एक शादी में जा रहे हैं। इसलिए तू भी हमारे साथ जा रहा है मैंने ट्रेन बुक कर ली है। पर जब हम स्टेशन पर गए तो ट्रेन कैंसल हो गई थी। इसलिए हम दोनों ने दूसरी एक्सप्रेस ट्रेन ली पर उसमें बहुत ज़्यादा भीड़ थी। भैया ने कहा देखो 4 घंटे का सफ़र है जैसे-तैसे सब के सब चढ़ जाओ।

ट्रेन नॉन स्टॉप है इसलिए जल्दी ही पहुँच गए। सब के सब आगे चढ़े पर मैं और भाभी जानकर डिब्बे के पीछे वाली साइड चढ़े। भीड़ सच में काफ़ी ज़्यादा थी। मैंने भाभी जैसे-तैसे ट्रेन में चढ़ गए और फिर मैंने भाभी को डोर के साइड में लगा लिया। मैं भाभी के पीछे लगा हुआ था। मेरा लंड उनके चूतरों के बीच फँसा हुआ था। मैं और भाभी सच में बहुत ख़ुश थे।

कुछ देर बाद ट्रेन चल पड़ी और सब के सब अपने में लगे हुए थे। मैंने भाभी का कुर्ता ऊपर किया और सलवार के ऊपर से उनकी गाँड में लंड लगाने लग गया।

सोनिया भाभी: मेरे राजा आज फिर से गाँड मार लो मेरी।

मै: यहाँ कैसे मारूँ?

सोनिया भाभी: तू अपना लंड तो निकाल फिर देख ज़रा मेरा कमाल।

मैं भाभी की बात को समझ नहीं पाया। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया इतनी भीड़ में किसी को कुछ नहीं पता चल रहा था। भाभी ने अपना हाथ पीछे किया और मेरा लंड पकड़ लिया। और अपनी सलवार के ऊपर करने लगीं। मैं एकदम हैरान रह गया मेरा लंड उनकी नंगी गाँड को टच करने लग गया। मैं समझ गया कि भाभी ने अपनी सलवार नीचे से फाड़ी हुई है। फिर क्या था भाभी ने मेरा लंड अपनी गाँड में सेट किया।

बाकी काम अब मेरा था मैं थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो लंड गाँड में फिसलता हुआ अंदर घुस गया। मैं भाभी को मान गया क्योंकि भाभी घर से ही पूरी तैयारी करके आई थीं। उसे पता था कि आज वो अपनी गाँड मरवाएगी उसने अपनी गाँड में पहले से ही ऑयल लगा रखा था। फिर हम दोनों चुदाई शुरू हो रही थी। ट्रेन के हल्के-हल्के धक्कों से मेरा लंड भाभी की गाँड में आगे-पीछे हो रहा था।

भाभी भी अपनी दोनों आँखें बंद करके मेरे लंड के पूरे मज़े ले रही थीं। फिर वो बोलीं—

सोनिया भाभी: मेरे राजा आज बहुत टाइम मुझे ये मज़ा मिला है। बस जब स्टेशन आने वाला हो तभी ज़ोरदार 2-4 धक्के मारके अपने लंड का पानी पूरा मेरी गाँड में भर देना तब तक ऐसे ही प्यार भरे धक्के मारता रह ओके।

मै: और ठीक है मेरी जान अब देखो आप मैं कैसे आपकी गाँड को चोदता हूँ।

मैंने बहुत आराम से अपना पूरा लंड गाँड से बाहर निकाल देता और फिर बहुत ही धीरे-धीरे पूरा लंड फिर गाँड में उतार देता। ऐसा मैं जब तक करता रहा जब तक स्टेशन नहीं आया। और जैसे ही स्टेशन आया मैंने 2 धक्के मारे अपनी पूरी ताक़त से और अगले ही पल भाभी की गाँड में 5-7 मेरे लंड की पानी की पिचकारियाँ गिर गईं। भाभी और मैं दोनों शांत हो गए।

सोनिया भाभी: ओह हो तूने तो आज मुझे जन्नत में ही भेज दिया था।

फिर हम दोनों नीचे उतरे और शादी में पहुँच गए। रात को भी हम दोनों एक साथ सोए और पूरी रात मैंने भाभी की चूत मारी क्योंकि भाभी की गाँड दिन की चुदाई से दर्द हो रही थी। भाभी की चूत में मैंने रात भर में 4 बार अपना पानी निकाला।

दोस्तों मुझे उम्मीद है आपको मेरी ये भाभी की चुदाई पसंद आई होगी।

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