बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 13

Family me chudai ki hindi sex story:- हेलो दोस्तो कैसे हैं आप सब? उम्मीद करता हूँ आप लोगों के लंड माँ-बहनों की चूत के लिए रोज सलामी देते होंगे। और मेरी बहनों और माओं और भाभियों की चूत और गाँड भी बेटों और भाइयों के लिए रोज दरवाजा खोलके वेलकम करती होगी।

मेरी ये स्टोरी लास्ट तक जरूर पढ़ना।

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Family me chudai ki hindi sex story

मुझे बहुत ज्यादा खुशी होती है, जब मेरी स्टोरीज को आप लोग इतना ज्यादा पसंद करते हैं। मुझे एक रीडर ने बताया कि मेरी कई स्टोरीज पर सबसे ज्यादा 25k+ लाइक्स हैं।

मुझे बहुत खुशी हुई और मैं आप लोगों को आगे भी ऐसे ही अपडेट देकर चूत और लंड के मिलन जैसे मजे दूँगा। और आप लोगों को इंसेस्ट चुदाई का ऐसा नजारा दूँगा कि आप लोगों ने कहीं महसूस नहीं किया होगा।

जानता हूँ मैंने आपको बहुत बोर कर दिया है, पर आज लंड से खुशी हो रही है I mean दिल से। इसलिए जज्बात मेरे लंड के माल की तरह बह रहे हैं।

उम्मीद करता हूँ पिछला अपडेट जिसमें सबा, मम्मी और मेरे थ्रीसम की असली कहानी आपको बताई थी। वो आप लोगों को अच्छी लगी होगी। कुछ लोगों के कमेंट्स पढ़े, कुछ के रिप्लाई किए और बाकी के रिप्लाई अप्रूव नहीं हुए।

आप लोग मुझे इस पर ईमेल करके अपने सजेशन्स और फीडबैक दे सकते हैं।

अब मैं वापस स्टोरी पर आता हूँ।

तो उस दिन सबा, मम्मी और मैंने खूब मजे किए। मम्मी की चूत भी मारी और गाँड में लंड घुसा-घुसाकर गाँड का गोदाम कर दिया था।

मुझे याद है उसके बाद 3 दिन तक मम्मी सही से चल नहीं पाईं और इसीलिए अगले कुछ दिन गाँड तो छोड़ो चूत भी मुझे नहीं मिली।

फिर कुछ दिन बाद जाके मम्मी की चूत की चुदाई की और एक बार सबा के साथ ब्लो जॉब सेशन हुआ।

जितना ज्यादा मैं चुदाई कर रहा था, उतनी ज्यादा मेरी लंड की भूख बढ़ रही थी। मैंने कॉलेज की कुछ फ्रेंड्स को चोदा, तो कभी मोहल्ले की भाभी को खूब चोदा।

और तो और एक फ्रेंड ने खुद से मुझसे अपनी गाँड भी मरवाई, पर वो बाद में बताऊँगा। लेकिन उन चूत और गाँड में मम्मी और सबा जैसा मजा नहीं था। कई बार तो मैं आँखें बंद करके सबा के बारे में सोचता था, तब जाकर मैं झड़ पाता था।

यानी मुझे अब बस इंसेस्ट चूत और गाँड में मजा आ रहा था। बहुत दिन बाद मैंने सोचा कि अब बस, अब मुझे सबा की चूत हर हाल में चाहिए। और सबा भी एग्री थी मुझसे चुदवाने के लिए।

इंफैक्ट एक बार तो हम लोग चुदाई करने के लिए, रात को रूम में एक साथ सोए। लेकिन मेरी मम्मी ने आकर हमें अलग कर दिया, और अपनी चूत देकर मेरा लंड शांत कर दिया।

अब हम माँ-बेटे और बहन में बहुत अच्छी बॉन्डिंग हो गई थी। चुदाई का हम मौका तो कोई भी नहीं छोड़ते थे। घर में अगर 5 मिनट भी अकेले होते थे तो दूध चूसना, लंड चुसाई तो हो ही जाती थी।

रात को खाने के बाद ऑलमोस्ट डेली मम्मी मेरा लंड चूसकर मुझे ऊपर भेजती थीं, और मैं उनकी चूत और दूध चूसता था।

कभी सबा नहाके निकलती तो मैं फौरन उसका टॉवल हटाकर, उसके गीले बाल पीछे करके उसके दूध चूसता और चूत को रगड़के गरम कर देता था। लेकिन हर बार मम्मी आ जातीं और चूत और लंड का मिलन होने से रोक देती थीं।

अब ऐसा लगता था जैसे मम्मी ने ठान लिया था, कि सबा की चूत मुझे नहीं लेने देंगी। मैं समझ गया था कि अगर अपनी बड़ी बहन सबा की चूत में लंड घुसाना है, तो मम्मी की एब्सेंस में ही ये सब हो पाएगा।

लेकिन मम्मी तो अब सबा और मुझे अकेला छोड़ ही नहीं रही थीं। अगर कभी हम अकेले होते भी थे, तो घर में अनम या पापा होते थे। मेरी गाँड में इतना दम नहीं था, कि मैं बहन को होटल ले जाकर चोद सकूँ।

उधर सबा का भी बुरा हाल था। आखिर वो भी कब तक उँगली से काम चलाती। उसे छोटे भाई का बड़ा लंड चाहिए था।

आखिरकार जब सबा और मैं परेशान हो गए, तो हमने एक प्लान बनाया कि अब ऐसे काम नहीं चलेगा। मम्मी हम दोनों के साथ चुदवाने के लिए हमेशा तैयार रहती थीं, लेकिन सबा को चुदवाने नहीं देती थीं।

बस सबा मेरा लंड चूसती थी और वो भी सिर्फ मम्मी के सामने। फिर हम दोनों ने मिलकर एक प्लान बनाया।

एक दिन पापा अपनी दूसरी बीवी के घर गए हुए थे। उनके नए साले का अकीका यानी मुंडन था। तो वो भोपाल से अप्रोक्स 50 KM एक जगह है विदिशा, वो वहाँ गए थे।

कार से आने-जाने में उन्हें करीब 1 घंटा लगता है, और उन्हें करीब एक घंटा प्रोग्राम में भी लगना ही था। तो हमारे पास कम से कम 2 घंटे तो हैं ही थे। अनम की भी छुट्टियाँ थीं तो मैं मम्मी से बोला।

मै: मम्मी आज अनम को आप कहीं भेज दो। आज मैं और सबा एक साथ आपकी चूत और गाँड मारेंगे।

मम्मी ने बहुत सोचा कि क्या करेंगे और कैसे, पर वो थोड़ी देर बाद बोलीं—

मम्मी: ठीक है मैं अनम को भेज दूँगी।

फिर पापा के जाने से पहले मम्मी ने अनम को हमारी मुँह बोली नानी के यहाँ भेज दिया। उनका कोई है नहीं था, तो हम लोग उन्हें नानी-नानी बोलते हैं और उनकी देखभाल करते हैं।

तो अनम भी अपनी फ्रेंड के साथ वहाँ चली गई, और मम्मी ने उसे कहा—

मम्मी: बेटी अनम उनका तुम शाम का खाना बनाके ही आना।

अब बस पापा के जाने का इंतजार था, और पापा तो ऐसे रेडी हो गए थे जैसे अपनी नई बीवी की हनीमून पे जा रहे हैं। वो घर से निकले और दूसरी वाली अम्मी के घर गए और निकल गए विदिशा के लिए।

अब तो घर में रांडी का नाच होने वाला था।

मम्मी को लग रहा था, सब उनके हिसाब से हो रहा है। लेकिन हमारा प्लान तो कुछ और ही था। थोड़ी देर बाद सबा आ गई और उसके हाथ में एक ब्लैक पॉलीथीन था, जिसमें एक पर्पल कलर का संध्या का डिल्डो था।

जो अप्रोक्स 10-12 इंच लंबा मोटा था, और उसमें वाइब्रेटर भी था। उसी बैग में BDSM वाले आइटम्स भी थे, और एक छोटा सा हंटर और एक नॉर्मल सूती वाली रस्सी थी। उसमें बहुत सारे बट प्लग्स थे। फिर सबा और मैं सीधे ऊपर आ गए और मम्मी को नीचे से आवाज दी।

मम्मी करीब 5 मिनट बाद ऊपर आईं। मेरी प्यारी सेक्सी सी मम्मी ने बस एक ब्लैक कलर की लॉन्ग टी-शर्ट पहनी हुई थी, और बस एक ब्लैक ब्रा जिसमें उनके दूध उभरे हुए दिख रहे थे।

नीचे उन्होंने कुछ भी नहीं पहना हुआ था। उनकी नंगी झाँगे मुझे साफ दिख रही थीं। और सिर्फ टी-शर्ट में तो लड़कियाँ सेक्सी लगती ही हैं। आप लोग अपनी इंसेस्ट सोच को फैलाओ और इमेजिन करो किसी को सिर्फ टी-शर्ट में।

तब मेरी उस फीलिंग को आप सब आराम से समझ पाओगे। मम्मी शायद नहाकर आई थीं। उनके गीले बाल और बहता हुआ पानी आगे और पीछे दोनों तरफ था। और गीले बालों से बहता हुआ पानी पेट से होकर उनकी चूत पर गिरता और चूत के नमकीन पानी से मिलकर बहकर उनकी जाँघों से पानी की धार उनके घुटनों से होते हुए जमीन पर टपक रही थी।

और उनकी कमर से पानी उनकी गाँड पर गिरता और नीचे आ रहा था। उनकी पूरी टी-शर्ट गीली होकर उनकी गाँड की गोलाई को चमका रही थी।

मम्मी ने अपना एक हाथ पीछे किया हुआ था। मैंने फिर देखा मम्मी ने पीछे से अपना हाथ निकाला और उनके हाथ में एक डिल्डो था। वो सबा के पर्पल डिल्डो से भी बड़ा था।

वो देखके तो सबा और मैं दोनों एक-दूसरे को देखने लग गए, और मम्मी बोलीं—

मम्मी: बेटा तेरी मम्मी तुझसे ज्यादा एडवांस है।

मेरी मम्मी बेचारी, अब उन्हें क्या पता था कि आगे उनके साथ क्या-क्या होने वाला है।

मम्मी फिर आगे आईं और बोलीं—

मम्मी: कपड़े उतारो और आ जाओ मम्मी के बच्चों। आज तुम दोनों को एक साथ दूध मैं अपना पिलाती हूँ।

हम दोनों ने एक-दूसरे के कपड़े उतारे। मैं तो सिर्फ अंडरवियर में आ चुका था। मेरा खड़ा लंड मम्मी की गीली चूत जाँघें देखके और खड़ा हो चुका था। सबा ने एक कुर्ती पहनी थी। मैंने उसके हाथ ऊपर करके उसकी कुर्ती उतार दी और बिना ब्रा के उसके दोनों बूब्स एकदम आजाद हो गए।

उसके गोल-गोल बूब्स देखकर मुझसे रहा नहीं गया, और मैंने सीधे अपना मुँह अपनी बहन के बड़े-बड़े बूब्स पर रख दिया। अब मैं बारी-बारी से उसके निप्पल को चूसने और चाटने लग गया।

सबा मेरा सर पीछे से पकड़कर अपने बूब्स पर दबा रही थी। मैंने फिर अपने हाथों को हरकत दी और उसके लोअर को लूज किया और उसका ढीला सा लोअर शट्ट्ट्ट से नीचे गिर गया।

मैंने उसकी चूत पर हाथ लगाया तो वो एक गरम हो रही थी, और गरम पानी से गीली और चिपचिपी हो रखी थी। मैंने अपना हाथ उठाकर चाटा और सबा के होठों पर जोर से एक किस कर दी।

फिर सारे कपड़े अलग करके एकदम हम दोनों नंगे होकर, मम्मी की एक जाँघ पर मैंने सर रखा और एक जाँघ पर सबा ने सिर रखा और हम दोनों लेट गए।

मम्मी ने टी-शर्ट नहीं उतारी थी। मैं अपने दोनों हाथों से मम्मी के बूब्स दबा रहा था, और उधर सबा ने तो टी-शर्ट के अंदर ही अपना मुँह डाल लिया था। मम्मी ने मेरा लंड पकड़ा और दबाने लग गईं।

जैसे भैंस के थन को कोई दबा-दबाकर दूध निकालता है। उधर सबा की गरम और रस से भरी गीली चूत पर हाथ लगाकर माँ उसे और ज्यादा गरम करने लग गईं। अब हम सब को अलग ही मजा आ रहा था।

फिर मैं उठा और डायरेक्ट मम्मी के पैर खोलकर मम्मी की चूत को चूसकर उन्हें गरम करने लग गया।

क्योंकि आगे जो करना था उसके लिए उनका गरम होना बहुत जरूरी था। मैंने फिर मम्मी की गीली और नमकीन चूत पर एक जोर से किस किया, और जीभ को चूत में डीप तक ले जाके उन्हें मुँह से चोदने लग गया।

अब मम्मी गरम होना शुरू हो गई थीं। सबा ने भी अपनी गीली चूत मम्मी के मुँह पर रख दी और मम्मी उसे चूसने लग गईं। जैसे कोई जवान लड़की कच्चे आम की केरी चूस-चूसके खा रही हो।

मम्मी उधर सबा की केरी चूस रही थीं, इधर मैं मम्मी की गुफा को जीभ की मशाल से रोशन कर रहा था। जब हमें लगा मम्मी एकदम गरम हैं, तब हम दोनों उठे और मम्मी से सबा ने कहा—

सबा: मम्मी आज हम दोनों मिलकर आपको चोदेंगे। एक डिल्डो आपकी चूत में और साहिल का लंड आपकी गाँड में।

मै: नहीं आज दो डिल्डो से ही चुदाई करेंगे।

मम्मी: दो?

फिर सबा ने अपना लंड निकाला और मम्मी को दिखाया। मम्मी भी खुश हो गईं। पर वो गाँड के लिए मना कर रही थीं। फिर हमने उन्हें बहुत मनाया और वैसलीन दिखाके बोला।

मै: मम्मी आराम से डालेंगे प्यार से।

ऐसे हमने उन्हें मना ही लिया। लेकिन फिर हमने बाद में उन्हें बताया, कि ये चुदाई BDSM स्टाइल में होगी।

मम्मी: उसमें तो दर्द होता है।

मै: नहीं आपके बच्चे आज आपको मीठा-मीठा दर्द देंगे।

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12 Comments

  1. Kisi ladki ya aurat ko apni chut ka pani nikalwana h toh dm kroo mere telegram prr @stiflwr yeh mera id h add kroo Foreplay abusive language full Maza aayega

  2. Kya kar rhe yaar tumhe kuch jyada response milne se story ki ma chodne lag gye bilkul chhoti si likhi h or 2 din se story dali h

  3. किसी को बात करनी है तो रिप्लाई कर लो,,पूरा मजा दूंगा

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