भाई की चालू बीवी 1
bhai ki chalu biwi ki chudai kahani:- हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम अरमान कुंडल है और मैं जम्मू का रहने वाला हूँ। मेरी एज 27 है और मैं जिम में इंस्ट्रक्टर हूँ लेडीज की। और ये मेरी इस वेबसाईट पर पहली सेक्स स्टोरीज इन हिंदी है। मैं यहाँ की स्टोरीज का बहुत बड़ा फैन हूँ और हर रोज स्टोरीज पढ़के मुठ भी मारता हूँ।
bhai ki chalu biwi ki chudai kahani
मैं जम्मू में बहुत सी लेडीज को होम सर्विस भी देता हूँ विथ प्राइवेसी और आपको भी मेरी कोई भी सर्विस चाहिए हो तो मुझे जरूर बताना और ये भी बताना कि मेरी ये स्टोरी कैसी लगी आपको, क्योंकि आपके रिस्पॉन्स के बाद ही मैं नेक्स्ट स्टोरी लिखूँगा।
अब स्टोरी पर आते हैं..
ये स्टोरी मेरे परिवार यानी मेरे भाई की बीवी की है। ये बात तब की है जब मेरे भाई की न्यू-न्यू लव मैरिज हुई थी।
हमारे घर में मेरा बड़ा भाई, उसकी बीवी 36-30-36 और उससे छोटी मेरी बहन 32-28-30 और उससे छोटा मैं और मॉम-डैड, कंप्लीट फैमिली।
मेरे भाई का ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है और वो अपने ट्रक खुद चलाता है इसलिए महीने-महीने घर से बाहर रहता है, जम्मू से दिल्ली फिर दिल्ली से श्रीनगर और फिर श्रीनगर से लद्दाख।
जो मुझसे बड़ी मेरी बहन है उसकी भी शादी हो चुकी है… डैड पीएचई डिपार्टमेंट में से रिटायर हो चुके हैं पर पूरा दिन घर से बाहर रहते हैं अपने दोस्तों के साथ। मेरी मॉम अभी भी जॉब कर रही हैं नेशनल इंश्योरेंस में और मैं जिम में इंस्ट्रक्टर हूँ इसलिए मैक्सिमम घर में मैं और मेरे भाई की बीवी ही होते हैं।
वैसे तो डे 1 से मुझे मेरे भाई की बीवी बहुत सेक्सी लगती थी पर मैंने कभी उसको उस नजर से नहीं देखा, इवन कि मेरे भाई की बीवी भी मुझे बहुत मासूम समझती थी।
बात समर की जून महीने की है… इनकी शादी को साल हो गया था, पर कोई बेबी नहीं हुआ फ्यूचर प्लानिंग की हुई थी, मेरा भाई लद्दाख गया हुआ था…
घर में मैं और मेरे भाई की बीवी ही थे।
तभी मेरे भाई की बीवी ने कहा—
सुमन: कुनु (मेरा निक नेम) मैं नहाने जा रही हूँ तुम कहीं जाना मत, कोई आ न जाए।
क्योंकि हमारा बाथरूम घर के आँगन में था, जिसका डोर अंदर से लॉक नहीं होता था और उसके ऊपर की छत नहीं थी, यानी अगर कोई हमारे घर की छत पर चढ़ जाए तो बाथरूम में कौन क्या कर रहा है उससे साफ नजर आएगा।
मै: ओके जी आप जल्दी नहा लो फिर मैंने भी नहाना है।
सुमन: ओके कुनु पर वेट करना मेरे नहाने तक, मुझे थोड़ा टाइम लगेगा…
मै: ओके।
फिर वो नहाने चली गईं। जब वो जा रही थीं तब मैंने उनके हाथ में ब्रा और पैंटी देखी रेड कलर की। मुझे न जाने वो देखके क्या हो गया… एक अजीब सी फीलिंग आने लगी,,,
मैं अपने रूम आ गया और मेरे मन में अजीब-अजीब से ख्याल आने लगे कि सुमन अभी क्या कर रही होंगी कपड़े खोल रही होंगी।
ब्रा और पैंटी उतार रही होंगी… यही सोचते-सोचते मेरा लंड खड़ा हो गया और मेरा हाथ मेरे लंड में चला गया और मैं उसे हिलाने भी लग गया।
10 मिनट तक मैं ख्यालों में ही खोया रहा। उसके बाद जब मुझे होश आया, मैंने सोचा क्यों न सुमन को देख लूँ क्या कर रही हैं।
मैं धीरे-धीरे बिना शोर किए छत पर चला गया। ऊपर जाके मैंने जैसे नीचे देखा, मेरा लंड फिर टाइट हो गया। सुमन नीचे बैठी थीं और उनके पूरे बदन में साबुन लगा था और उनकी आँखें बंद थीं और वो अपनी पूरी बॉडी को अपने हाथों से मल रही थीं। उनके बड़े-बड़े मम्मे और उनकी पूरी गोली गाँड देखके मेरा दिमाग और खराब होने लगा।
मैंने अपना लंड अपनी पैंट से निकाला और हाथ में पकड़के उसको हिलाने लगा और फिर मुठ मारके फटाफट नीचे आ गया।
सुमन के मम्मे और गाँड देखने के बाद मेरी उनके लिए सोच ही बदल गई और मैं उनसे चोदने का प्लान बनाने लगा कि कैसे सुमन की गाँड में मेरा लंड जाए और मेरे भाई को पता भी न चले।
फिर मैं अपने रूम में बैठा ही था कि सुमन की आवाज आई।
सुमन: कुनु कहाँ हो।
मै: जी यहीं हूँ।
सुमन: मैंने नहा लिया है तुम भी नहा लो तब तक मैं खाना भी रेडी कर देती हूँ।
मै: ओके जी।
फिर मैं रूम से बाहर आया तो देखा सुमन टॉवल से अपने बालों को सुखा रही थीं और उनके गीले कपड़ों में उनका फिगर साफ नजर आ रहा था। मैं 2 मिनट तक सुमन को देखता रहा।
सुमन: क्या देख रहा है नहाना नहीं है क्या।
मै: हाँ बस जा रहा हूँ।
सुमन झुककर अपने बालों में टॉवल से झाड़ रही थीं और मैं उनके पीछे से उनकी गाँड को देखके मदहोश हो रहा था।
फिर मैं नहाने चला गया और अंदर जाके पूरा नंगा हो गया और साइड में मैंने देखा सुमन की पैंटी पड़ी और ब्रा पड़ी हुई थी, शायद वो ले जाना भूल गईं।
फिर मैंने ब्रा उठाई और खुद डाल ली और पैंटी भी डाल ली, कभी उसको उतारूँ और फिर डाल लूँ और सुमन को इमेजिन करूँ कि वो भी ऐसे उतारती होंगी। फिर एक बार और मुठ मारी और इस बार सारा माल सुमन की पैंटी में भर दिया और पैंटी वहीं साइड पर रख दी।
फिर मैं बाहर आया और रेडी हो गया। फिर हमने खाना खाया और मैं उसके बाद काम से चला गया और सुमन को बोल दिया कि मैं शाम को लेट आऊँगा मॉम को बता देना।
सुमन: ओके पर जल्दी आ जाना।
मै: ओके।
शाम को मुझे मॉम का कॉल आया कि मैं आज घर नहीं आऊँगी तेरी बहन की तबीयत ठीक नहीं है, मैं 2 दिन घर नहीं आऊँगी अपने पापा को बता देना उनका नंबर नहीं लग रहा और घर में रहना अपनी भाभी का भी ख्याल रखना।
मै: ओके मॉम,,, पर दी ठीक तो हैं ना।
मॉम: पता नहीं मैं वहाँ जाके फोन कर दूँगी तेरे पापा को।
मै: ओके मॉम।
अंदर ही अंदर मुझे बहुत खुशी हुई। चलो अब मेरे चांसेस ज्यादा बन गए सुमन को चोदने के।
मैं रात को करीब 10 बजे घर पहुँचा।
हमारा मेन गेट खुला ही था।
मैं जैसे अंदर आया मैंने देखा अंदर से बहुत शोर आ रहा था।
पापा का बेस्ट फ्रेंड रवि अंकल आर्मी रिटायर आए हुए थे।
सब लॉबी में बैठके बातें कर रहे थे।
मैं चुपके से उनके पीछे जाके उनकी बातें सुनने लगा।
सुमन ने एक लॉन्ग टी-शर्ट जो नीज तक थी और एक खुला पजामा डाला हुआ था और मेरे पापा ने कुर्ता-पजामा और रवि अंकल ने पैंट-शर्ट।
पापा मेरे दारू के बहुत शौकीन हैं जब भी मॉम घर नहीं होती घर में दारू पीते हैं। ऐसे मॉम उनको पीने नहीं देतीं।
टी-शर्ट में सुमन के बड़े-बड़े मम्मे बाहर आने को तरस रहे थे और वो जब झुकके उनका ड्रिंक बनाती तो अंदर बिना ब्रा के सब दिख जाता।
रवि अंकल की पैंट में बने तंबू को देखके मुझे अंदाजा हो गया था कि वो सुमन को किस नजर से देख रहे हैं।
सुमन: पापा जी अगर मम्मी जी को पता चल गया ना कि मैंने आपको ड्रिंक पीने में मदद की तो मेरी भी खैर नहीं।
पापा: नहीं पता चलेगा कौन बताएगा।
रवि: सुमन बेटा अगर तुझे किसी ने कुछ कहा तो तू मेरे घर आ जाना वहाँ कोई नहीं होता है।
तभी सब हँस पड़े।
रवि: यार राजेश (मेरे पापा का नाम) तेरी बहू बहुत अच्छी है यार काश मेरी बहू इतनी हॉट होती तो मैं उससे रोज चोदता, अपने लंड पर बिठा-बिठाके तसल्ली देता…
रवि अंकल के मुँह से ये वर्ड्स सुनके मेरे कान खड़े हो गए।
मैंने सुमन को देखा उसने स्माइल देके अपना फेस दूसरी साइड कर दिया..
शायद वो जानती थी ये पीके बोल रहे हैं, पर लंड वर्ड सुनके शायद उसको भी कुछ करंट्स सा लगा।
पापा: तेरा लंड मुझसे बड़ा नहीं हो सकता, तू क्या शांत करेगा इसको जाके पहले अपनी बीवी को शांत कर जो मेरे लंड पे मरती है।
तभी सुमन उठीं और अपने रूम में जाने लगीं।
रवि: बेटा रुको क्या हुआ।
सुमन: नहीं कुछ नहीं आप बात करो मैं अपने रूम से आई।
रवि: क्या हुआ अजय (मेरे भाई का नाम) के लंड की याद आ गई।
पापा: हाहाहाहाहा रवि तू भी यार कुछ भी बोलता रहता है, मेरे लंड के होते हुए उसको अजय के लंड की कैसे याद आ सकती है।
सुमन: पापा जी आप भी ना।
फिर सुमन भागती हुई अपने रूम में गईं और उल्टी लेट गईं।
ये सारी बातें सुनके मेरा लंड खड़ा हो गया, मुझे ऐसा लग रहा था, कि मसला क्या है कहीं पापा का और सुमन का कुछ चल तो नहीं रहा।
सुमन अपने रूम में जाके अपने बेड पर लेट गईं और अपने मम्मों को दबाने लगीं जोर-जोर से और उन्होंने अपना डोर भी बंद नहीं किया।
रवि: यार राजेश तेरी बहू की चुदाई करने का तो मजा ही आ जाएगा यार।
यार कुछ करना आज तो भाभी भी घर नहीं हैं दिला यार सुमन की।
पापा: अबे सुन वो ऐसी लड़की नहीं है मेरी भी उसपर कब से नजर है यार, पर बस मजा लिए हैं टच करके गाँड में हाथ डालके मम्मों को दबाके, वो भी बहाने से, कभी लंड डालने का मौका नहीं मिला।
रवि: साले आज से अच्छा मौका कहाँ मिलेगा।
पापा: नहीं यार अगर बुरा मान गई।
रवि: सुन अगर बुरा मान गई तो सुबह माफी माँग लेना और कहना मैं होश में नहीं था और नहीं मानी तो तो सोच तेरी तो लॉटरी लग जाएगी साथ में मैं भी टेस्ट ले लूँगा।
पापा: अच्छा पर शुरू कैसे करें।
रवि: वो तू मुझ पर छोड़ दे पर जैसा मैं कहता हूँ वैसा कर।
पापा: ओके।
ये बातें सुनके मुझे और जोश आ गया… मैंने एक बार फिर मुठ मार ली और मैं सोचने लगा जल्दी से ये सुमन को चोदें और मैं मजा लूँ।
रवि: सुमन बेटा।
सुमन: जी अंकल।
रवि: बेटा कहाँ चली गई एक-एक पेग लगा दो ना और..
सुमन: ओके आती हूँ।
पापा: बेटा जल्दी आना।
सुमन: जी आई।
सुमन फटाफट आईं और उनका पेग रिपीट किया।
रवि: बेटा अब हमारे सामने बैठ और हमारी एक प्रॉब्लम का सॉल्यूशन कर।
सुमन: जी कौन सी प्रॉब्लम।
रवि: बेटा तेरे पापा में और मुझ में बेट लगी है 5000 की।
ये बात कहते हुए रवि अंकल ने पापा को आँख मार दी।
सुमन: कौन सी बेट।
रवि: तेरा पापा कहता है कि उसका लंड मुझसे बड़ा है, पर इसको पता नहीं कि मेरा लंड पूरे 9” का है।
सुमन ने आगे से कोई रिप्लाई नहीं किया।
पापा: बेटा अब तू ही बता हम दोनों में से किसका बड़ा है।
रवि: बेटा पर कोई चीटिंग नहीं।
सुमन: जी मैं पर ये आप खुद ही चेक कर लो।
पापा: नहीं फिर तो ये शर्त ये जीत जाएगा क्योंकि मुझे तो इतनी होश ही नहीं है और ठीक से दिख भी नहीं रहा।
तभी रवि अंकल ने अपना बड़ा काला सा लंड बाहर निकाल दिया और हिलाने लगे।
सुमन की आँखें अंकल के लंड से हट ही नहीं रही थीं।
रवि: बेटा यहाँ आओ देखो और अपने पापा का लंड भी बाहर निकालो और चेक करो।
सुमन आउट ऑफ कंट्रोल हो रही थीं, उनकी आँखों से सेक्स की भूख नजर आ रही थी।
पापा: बेटा जल्दी करो।
सुमन फट से आगे आईं और पापा का पजामा नीचे करके उनका लंड बाहर निकालने लगीं।
पापा: आआह्ह्ह सुमन बेटा आराम से बहुत गरम है तेरे हाथ।
रवि: आआह्ह्ह बेटा पूरा पजामा खोल दे अपने पापा का नहीं तो मजा नहीं आएगा।
सुमन: मजा कौन सा अंकल।
रवि: अंकल खड़े हुए और अपनी पैंट नीचे गिराके बोले शर्त जीतने का।
सुमन के आगे अब दो-दो लंड थे पापा का भी 8-9” लग रहा था।
सुमन: अंकल आपका बड़ा है आप जीत गए।
रवि: नहीं बेटा ऐसे नहीं पहले उसे अपने हाथ से पकड़ो और हिलाओ और उसका नाम लो इस लंड कहते हैं।
सुमन से अब रहा नहीं जा रहा था वो अब आग की भट्टी की तरह जल रही थीं उनके सामने अब दो लंड थे वो दोनों को अपने अंदर लेना चाहती थीं।
सुमन ने पापा का लंड पकड़ा और हिलाने लगीं।
पापा: आआह्ह्ह बेटा आआह्ह्ह आआह्ह्ह्ह।
सुमन को पापा की आवाज सुनके और जोश आ रहा था।
रवि अंकल ने खुद मुठ मारना शुरू कर दी और सुमन के पीछे खड़े हो गए।
सुमन गोदी की शेप में झुककर पापा का लंड हाथ से हिला रही थीं।
पापा: आआह्ह्ह बेटा आहिस्ता आआह्ह्ह।
पापा ने सुमन के सर को पकड़ा और उसको लंड के पास ले कर आ गए।
सुमन: आआह्ह पापा आपका तो बहुत बड़ा है।
पापा: क्या बड़ा है।
सुमन: यही।
पापा: यही क्या।
सुमन: आपका लंड।
पापा: आआह्ह्ह सुमननन्न फिरrrr सेeee बोल्ल्ल।
सुमन: पापाआआ आआह्ह्ह।
सुमन इतनी मदहोश हो गईं कि रवि अंकल ने कब उनका पजामा गाँड से नीचे कर दिया सुमन को पता भी नहीं चला और वो पापा के लंड को जोर-जोर से हिलाने लगीं।
पापा: सुमन मेरी जान इसको एक किस कर दे ये और बड़ा हो जाएगा।
सुमन: आआह्ह्ह पापा मुउउआआह्ह और सुमन ने अपना मुँह खोला और पापा का लंड सीधा मुँह के अंदर।
रवि अंकल भी इसका ही वेट कर रहे थे शायद जैसे सुमन पापा का लंड मुँह में लिया, रवि अंकल ने सुमन की गाँड और फुद्दी में अपना मुँह डाल दिया।
ये नजारा देखके मेरा बहुत बुरा हाल हो रहा था मैं सोच रहा था मैं भी जाके हाथ धो लेता हूँ पर रुक जाने में समझदारी समझी।
सुमन अब आग के गोले की तरह हो गई थीं…. उनके बदन में अब कोई कपड़ा नहीं था, अपनी गाँड अब उठा-उठाके पीछे कर रही थीं।
तभी रवि अंकल ने अपनी राड सुमन की फुद्दी में सेट करके, एक जोर सा झटका मारा।
सुमन ने झट से पापा का लंड मुँह से निकाला और जोर से चीख मार दी आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
सुमन: अंकल आहिस्ता ये क्या किया आपने अपना लंड निकालो बाहर आआह्ह्ह आआह्ह्ह प्लीजआआआ आआह्ह्ह
रवि: चुप कर मेरी रांडी कब से तरस रहा था तुझे चोदने के लिए।
सुमन: आहिस्ता करो प्लीज मैं मारrrr जाऊँगीईई ह्ह्ह्हआआआ आआह्ह्ह।
तभी पापा ने सुमन का मुँह पकड़ा और उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया और रवि को बोले—
पापा: फाड़ दे इसकी चूत को।
रवि अंकल ने जोर-जोर से झटके मारे और सुमन का बुरा हाल कर दिया।
सुमन की आँखों से पानी निकल रहा था।
सुमन 2-3 बार झड़ चुकी थीं पर रवि अंकल लगे हुए थे।
तभी पापा ने सुमन के मुँह में सारा पानी छोड़ दिया और फिर वहाँ से उठ गए।
रवि अंकल ने भी सुमन की फुद्दी से लंड निकाल दिया और उसके मुँह में डाल दिया।
सुमन: बस कर दो अब मुझसे नहीं हो रहा।
पापा: चुप कर मादरचोद अभी मुझे तेरी गाँड मारनी है।
सुमन: पापा प्लीज मुझे जाने दो मेरे में हिम्मत नहीं है बर्दाश्त करने की। प्लीज पापा आप बाद में कर लेना।
पापा: चल ठीक है पर तेरी फुद्दी मारे बिना मैं नहीं रह सकता।
सुमन कुछ बोलती इससे पहले रवि अंकल ने सुमन के मुँह में अपना लंड डाल दिया और पापा ने सुमन के पीछे से उसकी फुद्दी में डाल दिया।
अब सुमन को पता चल गया था कि वो चुद चुकी हैं, इसलिए उन्होंने रोने के बजाय एन्जॉय करना बेहतर समझा।
रवि: सुमन और जोर से पी आने वाला हूँ आआआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह वॉव्व्व्व और रवि अंकल ने सुमन पूरा मुँह भर दिया।
उधर पापा ने अपनी स्पीड बढ़ा दी पर पापा का एक बार कम हो जाने की वजह से दूसरी बार हो नहीं रहा था।
और फिर सुमन ने पापा को जल्दी आउट होने के लिए जो वर्ड यूज किए।
सुमन: आआआह्ह्ह्ह राजेश मेरे कुत्ते फाड़ दे आज अपनी कुत्तियाँ की छोटी को। पूरा लंड डाल दे मेरे अंदर भर दे मेरी गोद।
पापा: आआआह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह आआह्ह्ह आआह्ह्ह आआह्ह्ह्ह्ह।
सुमन: तेरे बेटे के लंड से नहीं तेरे लंड से माँ बना दे मुझे। डाल दे पूरा अंदरआआ ह्ह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह मर गई।
उम्मईईआआआआ माँआआ आआह्ह्ह्ह।
फिर दोनों एक साथ झड़ गए और पापा ने सारा माल सुमन के अंदर निकाल दिया और फिर वो तीनों ऐसे ही नंगे सो गए और मैंने एक बार फिर मुठ मार ली।
ये स्टोरीज जारी रहेगी, सेक्स स्टोरीज इन हिंदी के नेक्स्ट पार्ट में बताऊँगा मेरे भाई की बीवी कैसे चालू बनी और मुझे कैसे मजा दिया।

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