छोटी बहन को पटाके चूत फाड़ दी 1

Chhoti bahan nisha ki chudai story:- हाय फ्रेंड्स, मैं राहुल (नाम बदला हुआ) दिल्ली से हूँ, एज 25 साल। मैं इस वेबसाईट का बहुत पुराना फैन हूँ, मैं शुरू से ही इंसेस्ट स्टोरीज का दीवाना रहा हूँ। मेरी हाइट 6’2 इंच है और मेरे लंड का साइज, अप्रोक्स 7 इंच है।

मैं आज आपको अपने और अपनी बहन के बीच हुए सेक्स के बारे में बताऊँगा जो कि 100% रियल है।

Chhoti bahan nisha ki chudai hindi sex story

अब मैं अपनी बहन के बारे में बताता हूँ, उसका नाम निशा (नाम बदला हुआ) है, उसकी हाइट 5’7 है, मुझसे 2 साल 4 महीने छोटी है और उसके बूब्स का साइज 32 है और दिखने में हीरोइन लगती है मगर सीधी-सादी और शाय लड़की है।

ये स्टोरी आज से लगभग 5 साल पहले की है जब मैं 20 साल का था और मेरी बहन 12th में पढ़ाई कर रही थी। पहले मेरे उसके बारे में कोई गलत विचार नहीं थे।

लेकिन जब मैं 18 साल का था जब मैंने PC पे गलती से एक अंग्रेज भाई-बहन कपल की सेक्स वीडियो देखी और उस दिन मेरा दिमाग खराब हो गया।

मैंने अपने भाई-बहन सेक्स के बारे में और सर्च किया तो मुझे बहुत सी सेक्स स्टोरीज और वीडियोज मिलीं और मेरे दिमाग में अपना और निशा का ख्याल आया।

मैंने उस दिन पहली बार बाथरूम में जाकर निशा को सोचकर मुठ मारी, यकीन मानो मेरे दोस्तो मुझे इतना मजा आया जैसे मैंने पहली बार मुठ मारी हो और कम भी पहले से 2 गुना निकला।

उस दिन से मेरा मेरी बहन के प्रति देखने का नजरिया बदल गया। अब मैं उससे पटाकर सेक्स करने की सोचने लगा।

मगर डरता भी क्योंकि जैसा मैंने आपको बताया कि वो शाय है और हम दोनों आपस में बस काम से काम रखते थे और ज्यादा फालतू की बात नहीं करते थे लेकिन मेरे ऊपर उस वक्त चुदाई का भूत सवार हो चुका था।

मेरे घर में 2nd फ्लोर है, ग्राउंड फ्लोर पे मेरा अलग कमरा और दूसरा कमरे में दादी और बहन सोते थे और ड्राइंग रूम में टीवी था इसलिए गर्मियों के मौसम में मैं और मेरी बहन अधिकतर टीवी देखते-देखते ड्राइंग रूम अलग-अलग दीवान पर सो जाते थे और फर्स्ट फ्लोर पे हमारे पेरेंट्स सोते थे।

एक दिन की बात है सर्दियों का मौसम था और रात को लाइट चली गई, उस दिन हमारे पेरेंट्स शादी में गए हुए थे और दादी अपने कमरे में आराम कर रही थीं।

मैंने रूम में कैंडल जला रखी थी और मैंने बहन को बोला—

मै: चल अंताक्षरी खेलते हैं।

तो उसने बोला—

निशा: चल खेलते हैं।

और हम दोनों एक साथ एक दीवान पे दीवार की तरफ कमर करके रजाई ओढ़के बैठ गए और अंताक्षरी खेलने लगे।

मेरे मन में तो कुछ और ही चल रहा था और मेरा लंड मेरी लोअर में सर्दी के कारण बिल्कुल टाइट हो रखा था। एक घंटे खेलने के बाद अचानक से मोमबत्ती पिघलकर बुझ गई, तो मेरी बहन बोली—

निशा: मैं अभी दूसरी लेकर आती हूँ।

अंधेरा होने के कारण वो मेरी तरफ से जब बेड से उतरने लगी, तो उसका हाथ सीधा मेरे खड़े लंड पे आ गया 2 सेकंड के लिए और वो सॉरी बोलकर बेड से उतर गई और दूसरी मोमबत्ती लेकर आई और लगा दी।

मेरी तो जैसे लॉटरी सी लग गई हो, वो मुझसे नजर नहीं मिला पा रही थी। मैंने ऐसा बिहेव किया जैसे कुछ नहीं हुआ हो लेकिन वो शायद शर्म से पानी-पानी हो रही थी, कुछ बोल नहीं रही थी और किचन में जाकर दूध लाई और मुझे देकर सीधा सोने चली गई।

मेरे अंदर तो जैसे ज्वालामुखी फूट रहा था, मैंने उस रात मुठ मारी और अपने आपको शांत किया और सो गया।

अगले दिन जब मैं उठा तो सब कुछ नॉर्मल था और ऐसे ही कुछ दिन बीत गए।

इसी बीच मैं भी ये फैसला नहीं ले पा रहा था कि ये सब सही है या गलत? लेकिन उसके नाम की मुठ तो जैसे मेरी जिंदगी का एक पार्ट बन गई और मैंने सोचा कि पहले उसके मन में भी चुदने की प्यास जगानी पड़ेगी तभी शायद कुछ बात आगे बढ़ सकती है।

एक दिन हम दोनों भाई-बहन रात को अपने-अपने बेड पे लेटकर टीवी देख रहे थे। रिमोट मेरे पास था और मैंने चैनल चेंज किया तो टीवी पर मर्डर मूवी आ रही थी। तो मैं जानबूझकर वो मूवी ही देखने लगा और थोड़ी देर बाद हॉट सीन आ गया।

मैंने चैनल चेंज नहीं किया और मैं गरम हो गया, मेरी बहन भी वो सीन देख रही थी। मैंने चादर के अंदर ही अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसे हिलाना शुरू किया।

खड़े लंड के कारण चादर के अंदर तंबू सा बन गया। धीरे-धीरे मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और मैं झड़ गया।

उस दिन मैंने पहली बार अपनी बहन के सामने मुठ मारी लेकिन चादर के अंदर। मुठ मारते वक्त मेरा ध्यान मेरी बहन पर भी था, मैं तिरछी नजर से उसे देखा, उसका ध्यान भी मूवी और मेरे दोनों के ऊपर था।

मैंने रिलैक्स होने के बाद टीवी बंद किया और बाथरूम चला गया चेंज करने। जब मैं वापस आया तो मैंने देखा कि वो भी चादर ओढ़कर सोई हुई थी।

मैं आप लोगों को अपनी बहन के बारे में बताना भूल ही गया कि वो नींद की बहुत पक्की है, एक बार सोने के बाद वो पूरी गहरी नींद में ही सोती है।

मुझे नींद नहीं आ रही थी, एक घंटे बाद मैंने अपनी बहन को आवाज दी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। मैंने उसके पास जाकर हल्का सा उसका हाथ हिलाया मगर वो फिर भी नहीं उठी।

मुझे यकीन हो गया कि इस वक्त वो बहुत गहरी नींद में सो रही है और मैंने उसकी चादर हटाई और उसके अंदर घुसकर उसके साथ लेट गया।

उसने दूसरी तरफ मुँह किया हुआ था, तो मैं अपना लंड उसकी गाँड पे हल्का-हल्का रब करने लगा और हाथ उसके पेट पर।

मुझे मजा भी बहुत आ रहा था और मेरी गाँड भी बहुत फट रही थी, धीरे-धीरे मैंने उसके टॉप में हाथ डाला, उसने कमीज पहन रखी थी।

मैंने कमीज के अंदर हाथ डाला और हल्के-हल्के उसके बूब्स प्रेस करने लगा। कसम से दोस्तो पहली बार मैंने किसी लड़की के बूब्स हाथ में लिए थे, इतने सॉफ्ट थे उसके बूब्स कि आपको बता नहीं सकता।

मैंने उँगलियों में उसके निप्पल फँसाकर खेलने लगा और हिम्मत करके मैं उसकी चूत को लोअर के ऊपर से ही सहलाने लगा।

फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपना लंड निकाला और उसका हाथ उठाकर अपने लंड पे रख दिया और उसका हाथ पकड़कर हिलवाने लगा। उसका हाथ मेरे लंड पे लगते ही मेरे शरीर में 5000 वोल्ट का करंट सा दौड़ गया, अचानक से वो थोड़ी हिली..

मेरी गाँड फट गई और मैं बिजली की स्पीड में उसके बेड से सीधा अपने बेड पे जाकर चादर ओढ़कर सोने की एक्टिंग करने लगा।

मैंने देखा वो उठी और उठकर मेरी तरफ देख रही थी और 2 मिनट कुछ सोचकर वापस सो गई। मेरी जान में जान आई, मैं सोच रहा था कहीं अभी के अभी शोर मचाना शुरू न कर दे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

उसके सोने के 15 मिनट बाद मैंने उसके नाम की मुठ मारी और मैं सो गया..

दोस्तो अब मैं बहुत परेशान सा रहने लगा उसकी चूत के लिए, मुझे किसी भी हाल में उसे पटाकर चोदना था। लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ!

उसके सामने टीवी देखते-देखते मुठ मारना और उसके सोने के बाद उसके बेड पे जाकर लंड रगड़ना तो जैसे मेरी रोज की आदत हो चुकी थी।

अब तो वो भी जान चुकी थी कि मेरा भाई बहुत बड़ा वाला हरामी है और उसके इरादे कुछ ठीक नहीं हैं और वो मुझसे दूरियाँ बनाने की कोशिश करने लगी।

कुछ दिन बाद उसके 12th के बोर्ड्स शुरू हुए और मेरी उसके एग्जाम सेंटर तक बाइक पर लाने-ले जाने की ड्यूटी लगी। उसका एग्जाम सेंटर मेरे घर से 8 किमी की दूरी पर था।

अपने पहले एग्जाम वाले दिन वो अपने रूम में कपड़े चेंज कर रही थी, मैं गलती से बिना नॉक किए उसके रूम में दरवाजा नॉक किए एंटर हुआ और मैंने देखा कि वो ब्रा-पैंटी में है।

उसकी नजर मेरी ऊपर आई और वो एकदम से अपने हाथों से अपना बदन छिपाने की कोशिश करने लगी और मुझे बोला—

निशा: नॉक नहीं कर सकता था बाहर जा।

मुझे तो जैसे साँप सूंघ गया और 15-20 सेकंड तक उसकी मोटी चुचियाँ जो ब्रा को फाड़ने को हो रही थीं उसे देखने लगा। वो फिर से चिल्लाई—

निशा: गेट आउट!

और मैं फिर होश में आया और सॉरी बोला और नीचे मुँह करके बाहर आ गया।

वो रेडी हुई और मैं उससे बाइक पे बैठाया और सेंटर की तरफ चल पड़ा। मैंने सोच लिया कि अब तो मैं उसे एहसास दिलाकर ही रहूँगा कि आखिर मैं चाहता क्या हूँ।

मैंने उसे पकड़कर बैठने को बोला और उसकी शर्ट-सलवार होने के कारण उसे दोनों साइड पैर करके बैठने को बोला, रास्ते में मैं जानबूझकर थोड़ा पीछे की तरफ होकर बैठा और बार-बार ब्रेक मारता जिससे कि उसके बूब्स मेरी पीठ पे टकराते और मुझे मजा सा आता..

हम सेंटर पहुँचे और वो एग्जाम देने के बाद वापस आई और वापसी में बाइक पर मुझे शरारत सी सूझी जिस हाथ को उसने मेरा पेट को पकड़ा हुआ था, मैंने धीरे-धीरे उस हाथ को सहलाना शुरू किया।

पर उसने अपना हाथ छुड़ाया और मुझे छोड़ दिया और बाइक को पीछे से पकड़ लिया, मैंने बाइक जानबूझकर रश चलाना शुरू कर दी और उसका हाथ अपने आप फिर वहीं आ गया।

मैंने फिर सहलाना शुरू किया और इस बार उसने गुस्से से मेरे हाथ को झटके से छुड़ा दिया, मैंने भी हरकत रोकी और घर आ गए..

मैं समझ गया कि वो पहले अभी इस चीज के लिए रेडी नहीं है, अपनी बहन को पहले एहसास दिलाना पड़ेगा कि भाई-बहन के बीच ऐसा हो सकता है स्टोरीज और वीडियोज के माध्यम से..

फिर एक दिन मैं नया फोन खरीदकर लाया और अपना पुराना फोन निशा को दे दिया। पर मैंने जानबूझकर उसमें से ब्लू फिल्म और सविता भाभी की पिक्स डिलीट नहीं कीं और अधिकतर उसमें भाई-बहन की सेक्स वीडियोज थीं और स्टोरीज भी थीं।

मुझे लगा शायद अब लोहा गरम है, और अब छोटा मार देना ही अच्छा होगा। मैं प्लानिंग करने लगा, पर अब मुझे मौका नहीं मिल रहा था। मैं किसी भी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था।

तभी मुझे घर वालों ने बताया कि निशा का HTET का एग्जाम है, और उसका सेंटर चंडीगढ़ में है। अब मुझे कार से उसे पेपर दिलाकर लाने को कहा गया।

मेरी तो जैसे लॉटरी सी लग गई थी, जिस मौके की मैं काफी टाइम से तलाश कर रहा था। शायद मेरे लिए यही एक सही मौका है, और अब उसका एग्जाम आने वाले संडे को था।

तो हमें घर वालों ने सैटरडे शाम को ही निकल जाने को कह दिया था। पर उसने अपने एग्जाम के लिए कोई रिस्क नहीं लेना था, तो उसने एक दिन पहले वहाँ जाने को कह दिया।

ये सुनकर मैं बहुत खुश हो गया, अब मैं सैटरडे का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। इसी बीच मैंने निशा के फोन से पुरानी स्टोरी और वीडियो निकालकर नई और भी ज्यादा मस्त स्टोरीज और वीडियो डाल दीं।

ताकि वो देखकर और भी गरम हो जाए और उसने ये सब देख भी लिया। क्योंकि मुझे ये सब उसकी हिस्ट्री से पता चल गया था। मुझे उसमें कुछ चेंज से फील होने लगे।

अब वो मुझे बार-बार अपना क्लीवेज दिखाने की कोशिश कर रही थी। एक दिन मैं बालकनी में खड़ा हुआ था, जैसे ही मैं वहाँ से अंदर अपने रूम में आ गया। तो मैंने मेरे पैरों के नीचे से जमीन निकल गई, क्योंकि मेरी बहन मेरे रूम में अपने कपड़े चेंज कर रही थी।

उसे नहीं पता था कि मैं बालकनी में हूँ, वो व्हाइट ब्रा और क्रीम पैंटी में थी। जैसे ही उसने मुझे देखा वो अपनी बॉडी ढकने की मुझसे कोशिश करने लग गई थी।

उसका मुँह दीवार की तरफ था, और अब वो मेरे जाने के इंतजार कर रही थी। उसे लगा कि मैं चला जाऊँगा पर मेरे अंदर अब अजीब सी हलचल होने लग गई थी। मैं उसकी तरफ बढ़ा और मैंने कपड़ों में ही अपना लंड उसकी गाँड पर लगाकर उसके पेट से उसे पकड़ लिया।

निशा: भाई आप ये क्या कर रहे हो?

मै: निशा तू बहुत सेक्सी है।

निशा: अपनी बहन को कभी कोई ऐसे बोलता है क्या?

मै: आजकल ये सब नॉर्मल है, तूने तो पढ़ा भी है और अपने फोन में वीडियो भी देखी है?

निशा: भाई जाओ ना प्लीज कोई आ जाएगा।

इतने में अपना एक हाथ उसके बूब्स पर ले गया, और मैं उसके बूब्स धीरे-धीरे मसलता गया। मुझे लगा था कि वो बहुत ज्यादा विरोध करेगी, पर इसके एकदम अपोजिट हुआ। वो सिर्फ बनावटी सा विरोध कर रही थी, जो मुझे पता चल रहा था।

मै: सब ऊपर से नीचे हैं कोई नहीं आएगा।

मैंने अभी भी उसकी गाँड पर लंड रगड़ना जारी रखा, और वो बोली—

निशा: प्लीज भैया रहने दो ना, मुझे पढ़ना है मेरा कल एग्जाम है।

मै: ये सब भी तो एक पढ़ाई का पार्ट है, इसमें शर्म की क्या बात है।

फिर मैंने उसको झट से खींचकर अपनी तरफ किया, और उसके होठों पर मैंने अपने होठ रख दिए। उस टाइम मेरा हाथ उसके बूब्स पर ही था, और वो मेरा अभी साथ नहीं दे रही थी।

तभी किसी की आवाज सीढ़ियों से आई, तभी हम दोनों अलग हो गए। वो उठकर वहाँ से चली गई, उस दिन कुछ नहीं हुआ।

अगले दिन वो किचन में कुछ काम कर रही थी, मैंने उससे जाकर पीछे से पकड़ लिया और लंड को गाँड की दरार पर रगड़ दिया। वो एकदम सकपका गई और अलग होने की कोशिश करने लग गई।

पर वो कुछ नहीं बोली, और मौका देखकर वो चली गई। फिर दिन ऐसे ही बीतने लग गए, थोड़ी-बहुत छेड़छाड़ के अलावा कुछ नहीं हो पा रहा था। मैं परेशान हो रहा था।

एक दिन मुझे पता चला कि एक एग्जाम के लिए मेरी बहन को चंडीगढ़ जाना है। और मेरे घर वालों ने मेरी ड्यूटी लगाई है, मैं मन ही मन खुश हो रहा था। अब ये मौका मैं नहीं जाने दूँगा।

2 दिन बाद अब हम दोनों कार में चंडीगढ़ जाने वाले थे, मैं अब मन ही मन फूला नहीं समा रहा था। जब निशा से मेरी नजर मिलती तो वो शरमा रही थी, जैसे मैं ही उसे खा ही जाऊँगा।

2 दिन ऐसे ही सोच में पड़े हुए थे और मैं मुठ मारते हुए निकल गए। मैंने एक प्लान बनाया, कि हम चंडीगढ़ एग्जाम देने के बाद हम कसौली जाएँगे और हम दोनों एक दिन स्टे करेंगे।

और अगले दिन वापस आएंगे और मैं वहाँ निशा को जमकर चुदाई करूँगा। मैंने जाने से एक दिन पहले सारी तैयारी कर ली, मैंने उसके साथ अपनी पहली चुदाई को स्पेशल बनाने के लिए कुछ तैयारी भी करूँ।

फिर मैंने उसके लिए सेक्सी अंडरगारमेंट्स नाइटी और क्लॉथ्स की शॉपिंग, क्योंकि मुझे उसका साइज पहले से पता था। फिर मैंने वो सब अपनी कार में छुपा दी, अगले दिन हम सुबह 4 बजे चंडीगढ़ के लिए चल दिए।

हमें 11 बजे पहुँचना था, हम सुबह निकल गए और रास्ते में भी मैं उसके साथ थोड़ी छेड़छाड़ कर रहा था। जैसे उसकी थाईज को मसलना और आप सब जानते ही हैं।

मैं उसे अभी तक नहीं बताया था, कि हम दोनों एग्जाम के बाद कसौली जाएँगे। हम चंडीगढ़ पहुँच गए, और हमें 30 मिनट सेंटर ढूँढने में लग गए।

हम एग्जाम सेंटर के पास जाकर खड़े हो गए, अभी एग्जाम को पूरा एक घंटा था। वो अपनी बुक्स में घुसी हुई थी, मैं कार निकाल बाहर सिगरेट पीने चला गया।

मैंने सोचा कि अभी उसको बता देता हूँ, कि हम कसौली एग्जाम के बाद जाएँगे। फिर मैं कार लेकर वापस आया और मैं उसको बोला—

मै: निशा हम एग्जाम के बाद कसौली 1 दिन के लिए जाएँ, और घर वालों ने परमिशन दे दी तो हम वहाँ 2-3 दिन रुक जाएँगे।

मेरी ये बात सुनकर वो अंदर ही अंदर खुश हुई और वो बोली—

निशा: घर वालों से पूछ लिया?

मै: मैं सब मैनेज कर लूँगा।

निशा: ठीक है।

फिर वो अंदर चली गई, और वो बहुत खुश लग रही थी। खुशी उसके चेहरे पर छुपाते भी नहीं छुप रही थी। 11 बजे गए थे और वो एग्जाम देने जा रही थी, तभी मैंने उसका हाथ पकड़कर उसका मैंने रोक दिया।

फिर मैंने उसके दूसरे हाथ से पैशनेटली से उसके बूब्स को दबाते हुए मैं बोला—

मै: बेस्ट ऑफ लक।

इससे उसके मुँह से आआह्ह निकल गई, दोस्तो आप सोच नहीं सकते मैंने उसने क्या किया। एकदम से उसने मेरे होठ पर होठ रखकर वो चूसने लग गई। मैं तो जैसे शॉक हो गया, पर मैंने भी उसे हार्डर रिप्लाई करते हुए उसे स्मूच करता रहा।

करीब हमारी किस ये 5 मिनट तक चली, तो वो बोली—

निशा: सब कुछ यहाँ नहीं कसौली में करना है, जो तुम्हें प्लान वहाँ के लिए प्लान किया।

मै: तुम्हें मेरा प्लान कैसे पता चला?

निशा: मैंने कार में मेरे लिए गए अंडरगारमेंट्स सब कुछ देख लिया।

मैं समझ गया कि अब मेरी बहन सब कुछ जानती है, कि वो आज नहीं बचने वाली है। फिर वो एग्जाम देने चली गई, यहाँ मेरे लंड की हालत खराब होने लग गई थी।

मेरा एक सेकंड एक-एक घंटे की तरह बीत रहे थे, 3 घंटे मैंने बड़ी बुरी तरह से निकाले। अब मैंने सोच लिया था, कि मैं इन 2 दिनों को स्पेशल बनाऊँगा और मैं कुछ कमी नहीं छोड़ूँगा।

वो एग्जाम देकर आई और वो बहुत खुश लग रही थी, मैंने पूछा—

मै: एग्जाम कैसे गया?

निशा: एग्जाम अच्छा हुआ।

मैं कार को एक सुनसान जगह पर ले गए, मैंने वहाँ उसको लिप्स किस किया और वो भी मेरा साथ दे रही थी। मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया, उसने एकदम से हाथ हटा दिया।

अब वो मुझसे अलग होकर बोली—

निशा: घर बात कर ली?

मै: नहीं अभी करूँगा।

फिर मैंने घर पर फोन किया और मैं बोला—

मै: मम्मी मेरे दोस्त अपनी वाइफ के साथ एग्जाम देने आया है, तो हम उसके साथ कसौली एक दिन के लिए जा रहा हूँ।

घर वालों ने ज्यादा विरोध नहीं किया और वो झट से मान गए। फिर जैसे ही फोन कट हुआ तो निशा की आँखों में अलग ही चमक थी। मैंने उसको बालों से पकड़कर अपनी तरफ किया।

फिर मैं उसके होठ को चूसना शुरू कर दिया, वो मेरा पूरा साथ दे रही थी। इस बार उसने खुद ही मेरे लंड पर हाथ रखकर मसल दिया। मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया।

अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था, हम कसौली के लिए निकल दिए। जैसे कि मैंने उसे अपनी ट्रिप को स्पेशल बनाना चाहता हूँ। मैं पहले उसे एक पार्लर में ले गया, उसको मैंने 3000 रुपये दिए।

मै: अब तुम पूरी वैक्स वगैरह करवा लेना।

उसने मुझे एक स्माइल दी और वो बोली—

निशा: थैंक्स भाई।

अब वो पार्लर जाने लग गई, जाते-जाते उसकी चूत पर मैंने हाथ रख दिया और मैं बोला—

मै: ये एकदम चिकनी हो जानी चाहिए।

वो मेरे कान पर हल्की सी बाइट करके बोली—

निशा: ठीक है।

फिर वो अंदर चली गई, और अब आपको इस अंतरवासना भाई-बहन कहानी के नेक्स्ट पार्ट में बताऊँगा कि मैंने अपनी बहन के साथ कैसे मजे किए।

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