बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 8
Mummy ke muh me lund dal diya:- दोस्तो, आपकी चूत और लंड को मेरी स्टोरी पढ़के कितना मजा आ रहा है, ये आपके कमेंट्स से जाहिर हो जाता है। मुझे ये जानकर बहुत खुशी हुई कि आप बहनों की चूत मेरी कहानी पढ़कर गीली हो जाती है और भाइयों के लंड खड़े हो जाते हैं।
अपना ये प्यार मुझे कमेंट के जरिए शेयर करते रहिए। अब मैं स्टोरी पर वापस आता हूँ।
Mummy ke muh me lund dal diya hindi sex story
उस रात संध्या की चूत मारके बहुत ज्यादा मजा आया था और साथ में सबा की चूत का टेस्ट भी चखा था, लेकिन उसकी प्यासी चूत उस रात भी मेरे लंड की प्यासी ही रह गई।
यही सब सोचते-सोचते मैं सोया था और जब उठा तो मम्मी मेरे सामने कंडोम के पैकेट लेकर खड़ी थीं।
काश ये ऐसा होता कि मम्मी मुझे कंडोम पहनके चोदने को बोलतीं और मैं संध्या, सबा और मम्मी को एक साथ चोदता। लेकिन ख्वाब और हकीकत में फर्क होता है, और मम्मी के हाथ में मेरे कंडोम के पैकेट वही फर्क थे।
जब मम्मी ने मुझसे डाँट के पूछा—
मम्मी: ये क्या है?
मेरी उसी टाइम आँखों से नींद भाग गई और गाँड फट गई। क्योंकि मम्मी बहुत ज्यादा गुस्से में थीं।
मै: ये मेरे नहीं हैं।
मम्मी: ये तेरे लोअर में से निकले और एक फटा हुआ पैकेट भी है।
और वो रात वाला ग्रीन एप्पल मुझे दिखाने लगीं।
मै: मेरा नहीं है ये।
और मैं बाहर जाने लगा।
तबही मम्मी बोलीं—
मम्मी: यहीं बैठ।
और मुझसे पूछने लगीं—
मम्मी: कल रात तू कहाँ गया था?
मै: पढ़ने।
मम्मी: किसके घर?
मैंने अपने दोस्त सिराज का नाम बताया।
मम्मी: उसे फोन लगा अभी।
बस मैं समझ गया कि या तो मम्मी को शक हो गया था सबा और मेरा, क्योंकि इससे पहले भी वो मुझे सबा के रूम से निकलते हुए देख चुकी थीं, या फिर मम्मी को लग रहा था कि मैं कहीं और किसी को चोदके आया हूँ रात में।
मै: मम्मी उसका फोन खराब है।
मम्मी: नंबर दे, मैं चेक करती हूँ।
फिर मैंने मना कर दिया।
तब मम्मी बोलीं—
मम्मी: अगर तू गया भी था पढ़ने तो तेरी जेब में चार कंडोम के पैकेट कहाँ से आए और एक यूज्ड पैकेट भी है। आखिरी बार पूछ रही हूँ, सच बता दे वरना तेरे पापा को सब बता दूँगी।
बहनचोद मेरी तो अब फटी हुई गाँड और फटते जा रही थी।
मैंने फिर मम्मी से बोल दिया—
मै: मम्मी मैं आपको सच बोलूँगा तो आप गुस्सा होंगी।
फिर मम्मी ने बोला—
मम्मी: झूठ बोले तो और गुस्सा होंगी।
फिर मैंने मम्मी से एक झूठ बोला, और उस झूठ ने मुझे सिर्फ बचाया ही नहीं बल्कि मम्मी और मेरे रिश्ते को एक लेवल ऊपर ले गया।
मै: मैं सिराज के यहाँ पढ़ने गया था। सिराज ने मुझे बताया कि उसकी खाला आई हुई है और वो उनके साथ सो चुका है और सब कुछ करता है।
मम्मी: सब कुछ मतलब? क्या करता है खाला के साथ?
मै: सेक्स करता है।
मम्मी ये सुनके शॉक हो गईं और सुनने लगीं।
मै: उसने मुझसे पूछा कि तू भी करेगा तो मैं मना नहीं कर पाया और ये पैकेट भी उसी के हैं।
मम्मी: तूने किया? तुझे शर्म नहीं आई अधेड़ उम्र औरत के साथ ये सब करते हुए?
मै: मम्मी मेरा भी दिल करता है। मैं बड़ा हो गया हूँ अब। आप मुझे हर वक्त डाँटती हो बस।
मैं थोड़ा अपसेट होकर बोल रहा था।
मम्मी: तेरी गर्लफ्रेंड नहीं है क्या जो ये उस औरत के साथ कर आया?
मै: नहीं मम्मी। और मैंने जान-बूझके नहीं किया। मैं बस रोक नहीं पाया खुद को।
मम्मी: बेटा हर किसी के साथ नहीं करते। इसीलिए तो लोग शादी करते हैं ताकि एक ही इंसान के साथ जिंदगी गुजारें और ये सब बातें घर में रहें। अब वो औरत न जाने कहाँ-कहाँ तेरा नाम लेकर बताएगी और हम सब की बदनामी होगी।
और मुझे थोड़ा समझाने लगीं कि ये जायज भी नहीं है वगैरह-वगैरह।
फिर मैंने कहा—
मै: मम्मी मुझे बड़ी औरतें ही अच्छी लगती हैं। और वो कहीं नहीं बोलेगी। उन्होंने भी सिराज से ज्यादा मेरे साथ एन्जॉय किया।
मम्मी मुझे अजीब सी नजरों से देखने लगीं।
मै: मेरी क्लास में बहुत सारी गर्ल्स हैं पर मैं किसी के बारे में नहीं सोचता। लेकिन मुझे बड़ी औरतें ही अच्छी लगती हैं जैसे मेरी टीचर्स, कामवाली आंटी, सिराज की खाला…
मम्मी: और?
मै: आप गुस्सा होंगी?
मम्मी: नहीं होंगी। बता कौन है?
मै: और आप!!!
मम्मी सुनके खामोश हो गईं।
और मैं सिर्फ उनकी आँखों में देख रहा था। और वो मेरी आँखों में देख रही थीं। देखते-देखते उनका चेहरा लाल पड़ गया।
मम्मी: तू पागल है। मैं तेरी माँ हूँ, समझा!!!
मै: मम्मी उस दिन आपको भी अच्छा लगा था ना?
मम्मी: किस दिन? मुझे याद नहीं।
मै: जब आपने मेरे उस पर तेल लगाया था?
मम्मी: कब? मुझे याद नहीं। मैंने कुछ नहीं किया।
और जाने लगीं।
तब मैंने मम्मी का हाथ पकड़ लिया और उन्हें बैठा दिया। मैं समझ गया था मम्मी भी यही चाहती हैं क्योंकि अब गुस्सा बिल्कुल नहीं कर रही थीं और शर्मा रही थीं।
मैंने हिम्मत करके कहा—
मै: जब उस दिन आप मेरे लंड पर तेल लगाके रब कर रही थीं, मैं आपके बूब्स देख रहा था और आपके हाथ में ही मेरा लंड खड़ा हो गया था और आप और जोर-जोर से हिला रही थीं क्योंकि आपको भी अच्छा लग रहा था, मजा आ रहा था। फिर मेरा सीमेन जब निकला तो आपने कहा अब सही हो गया।
मम्मी ने मेरा मुँह देखा और कुछ भी नहीं बोलीं। उनका चेहरा लाल हो चुका था और आँखों में कामुकता दिख रही थी।
मैं उनके पास गया। मम्मी की आँखों में देखा। उनके चेहरे के करीब गया।
मै: आपको उस दिन अच्छा लगा था ना मेरा लंड अपने हाथों में पकड़के?
वो कुछ बोलना चाह रही थीं, पर घबरा चुकी थीं। पसीना उनके माथे से बहता हुआ गाल पे जाता और गाल से नीचे मेरी जाँघों पर टपक रहा था।
मैंने फिर मम्मी की थाई पर हाथ रखा, और एक हाथ से उनका पसीना साफ किया और गालों को साफ करता हुआ उनके होठों को दबाने लगा।
मै: आपको अच्छा लगा था ना?
तब वो बोलीं—
मम्मी: हाँ!
जैसे ही उन्होंने हाँ बोला, मैंने उनके होठों को अपने होठों में भर लिया और उनके होठ चूसने लगा। वो बस चुपचाप बैठी हुई थीं। मैंने अपने दोनों हाथ मम्मी की पीठ पर रखे और हाथों को फेरता रहा, और उनके होठ चूसता रहा।
वो अब अपने हाथ मेरे सीने पर रखकर मुझे अलग करने लगीं। और एक धक्का देके मुझे अलग किया।
मम्मी: साहिल तू मेरा बेटा है। ये गलत है बेटा।
मैंने मम्मी के लेफ्ट वाले बूब पर हाथ रखा और फिर से होठों को चूमने लगा और दूसरे हाथ से मम्मी का हाथ अपने लंड पर रख दिया।
मम्मी ने फौरन हाथ हटा लिया। मैंने फिर से हाथ रखा पर मम्मी ने फिर हाथ हटा लिया। मैं अपने दूसरे हाथ से उनका बूब दबा रहा था और होठ चूसे जा रहा था।
करीब तीन-चार मिनट तक यही होता रहा। उसके बाद मुझे मेरे लंड पर एक मजबूत और गरम पकड़ सी महसूस हुई। मेरा लंड मम्मी के हाथ में था।
मैंने मम्मी के रसीले गुलाबी होठों से अपने होठ अलग किए। मम्मी का थूक मेरे होठों पर मुझे महसूस हो रहा था और मम्मी अपने दोनों होठों को अंदर करके साफ कर रही थीं।
मै: अच्छा लग रहा है ना?
वो मेरा लंड दबाके बोलीं—
मम्मी: हाँ, बहुत अच्छा।
मैं उनके बूब्स दबाते हुए बोला—
मै: आपके दूध बहुत अच्छे हैं और बहुत बड़े हैं। मैं जब भी देखता हूँ दिल करता है बस इन्हीं में डूब जाऊँ।
मम्मी हँसने लगीं।
दोस्तो, मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। लेकिन मेरा कोई भी सेक्स सेशन इतनी आसानी से हो जाए ये कैसे हो सकता है। मैंने मम्मी को लंड बाहर निकालके दिखाया। बस मम्मी मेरा लंड हाथ में लेने वाली थीं कि मैंने गेट के खुलने की आवाज सुनी।
मम्मी फौरन उठीं और बाल ठीक करके नीचे चली गईं। और मैं अपनी फूटी किस्मत पर बैठके रोने लगा। खैर मैंने फिर बराबर में रखे कंडोम को उठाया और उन्हें गद्दे के नीचे रख दिया कि भैया तुम्हारी बारी आज नहीं आएगी।
मैं बाथरूम नहाने गया और वहाँ सोचने लगा कि फाइनली मम्मी सेट हो गईं। मुझे अब खुशी थी। क्योंकि अब मुझे बस एक मौका चाहिए था…
बल्कि ये कहा जाए कि दो मौके चाहिए थे—एक मौका मम्मी को चोदने के लिए और एक मौका सबा को चोदने के लिए। मम्मी को चोदने का मेरा बहुत दिल था और ये मौका मुझे जल्द ही मिलने वाला था।
इसी तरह रात हो गई और करीब आठ बजे मम्मी ने अनम को मेरे रूम में भेजा मुझे बुलाने के लिए—
अनम: नीचे खाना लग गया है, आ जाओ।
मैं नीचे गया। हम सब लोग अपनी-अपनी चेयर पर बैठ गए। आज पापा भी जल्दी आ गए थे। सब लोग खाना खा रहे थे तभी मम्मी ने पानी माँगा तो मैंने पानी निकालके मम्मी को दिया। मम्मी पानी पी रही थीं और मैं उनके दूध पीने के बारे में सोच रहा था।
खाना खत्म हुआ तो हम लोग अपनी-अपनी प्लेट किचन में रखने के लिए जाने लगे। मैं थोड़ा रुका रहा। और जब सबा और अनम प्लेट रखकर ऊपर चली गईं तब मैंने अपनी और पापा की प्लेट उठाई और मम्मी के पीछे किचन में चला गया।
किचन में जाके मम्मी से कहा—
मै: मुझे दूध पीना है।
मम्मी: दूध तो खत्म हो गया।
मै: वो नहीं, आपका दूध।
तो मम्मी शर्माने लगीं और बोलीं—
मम्मी: रूम में जा, तेरे पापा यहीं हैं।
मैं रूम में चला गया। और मेरे जाने के पाँच मिनट बाद ही मम्मी रूम में आ गईं। मैंने मन में सोचा ये तो बड़ी चुदासी हैं, दूध पिलाने आई हैं शायद। मम्मी ने आते ही जो बोला वो सुनके मैं शॉक रह गया।
मम्मी: एक कंडोम दो जल्दी।
मैं तो खुश हो गया।
मै: सच मम्मी? क्या अभी करेंगे हम सेक्स?
मम्मी हँसते हुए बोलीं—
मम्मी: नहीं पागल। आज तेरे पापा जल्दी आ गए हैं। बाकी तू समझ जा। बस जल्दी दे।
मैं उठा। मैंने रूम बंद किया और मम्मी से कहा—
मै: पहले मुझे दूध पिलाओ उसके बाद।
मम्मी गुस्सा हो गईं।
मै: मम्मी प्लीज अब इतना कुछ कर चुके, अब आप दोबारा पुराने मोड में मत जाओ और गुस्सा मत हो आप प्लीज।
तो वो हँसने लगीं।
मै: प्लीज अब दूध पिलाओ उसके बाद कंडोम ले जाके मस्ती करना।
मम्मी: नहीं बाद में।
मै: नहीं अभी।
तो मम्मी बोलीं—
मम्मी: कल तू स्कूल मत जाना। कल सुबह पी लेना। अब जल्दी से कंडोम दे वरना मैं जा रही हूँ।
मैंने फौरन कंडोम का एक पैकेट मम्मी को दिया और बोला—
मै: कल सुबह पक्का।
फिर मम्मी हँसते हुए चली गईं और मैं सुबह की प्लानिंग करते-करते सो गया।
उस रात मुझे बड़ी देर से नींद आई। मेरे दिमाग में तीन चीजें चल रही थीं—एक तो ये कि मम्मी आज फुल मूड में हैं और पापा आज उन्हें जमके चोद रहे होंगे, दूसरी ये कि मुझे सबा को चोदने का सही मौका कब मिलेगा, और तीसरी ये कि कल सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक मैं और मम्मी घर में अकेले रहेंगे और मम्मी ने कल दूध पिलाने का बोला है और मैं उनकी चूत का पानी भी पीऊँगा। यही सोचते-सोचते मैं अपने खड़े और गीले लंड के साथ सो गया।
अगले दिन सुबह मेरी आँख पाँच बजे खुल गई और मैं पंद्रह मिनट तक दोबारा सोने की कोशिश करता रहा पर मुझे नींद नहीं आई। फिर मैंने सोचा चलो अब उठ गया हूँ तो थोड़ा फ्रेश होकर पढ़ लेता हूँ।
मैं बाथरूम गया और फ्रेश होकर वापस अपने रूम में आ गया और बाहर जाके मैं गेट का ताला खोलने जाने लगा। मैं जब रूम से बाहर निकला तो मैंने देखा सबा के रूम की लाइट खुली हुई है।
मैंने सोचा शायद संध्या आज भी यहीं रुकी है, चलो मजे लेता हूँ जाके। मैं उसके रूम के पास गया और मैंने आवाज लगाई—
मै: सबा जाग रही हो क्या?
पर कोई आवाज नहीं आई।
कुछ एक मिनट बाद रूम की लाइट बंद हो गई, तो मैं वहाँ से चला गया। मैं गेट का लॉक खोलके जब वापस ऊपर आ रहा था तब मैंने अनम को सबा के रूम में से निकलते हुए देखा और वो अपने रूम में चली गईं।
मैंने बस एक टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने हुए थे। उसे इस हालत में मैं शायद पहली बार देख रहा था। फिर मेरे दिमाग में एक बात आई कि इतनी सुबह अनम इन कपड़ों में सबा के रूम से… मैं समझ गया शायद सबा ने इसे भी बिगाड़ दिया है।
मैंने सोचा सबा से बाद में पूछूँगा। और अपने रूम आकर लेट गया। और पढ़ने लगा। और बार कोई स्टोरी नहीं बल्कि बॉटनी पढ़ रहा था।
फिर करीब आठ बजे मम्मी मेरे रूम में आईं—
मम्मी: तू आज जल्दी उठ गया?
मै: हाँ, रात में नींद नहीं आई। अजीब सी आवाजें आ रही थीं आपके रूम से।
मम्मी अजीब सा मुँह बनाके चली गईं। फिर थोड़ी देर बाद नाश्ता लेकर आईं।
मै: मम्मी आप अपसेट क्यों हो?
उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। फिर मैंने दोबारा पूछा तो मम्मी मेरे बेड पर बैठ गईं।
मै: क्या हुआ मम्मी?
तब मम्मी बोलीं—
मम्मी: तेरे पापा ने दूसरी शादी कर ली है।
ये सुनते ही मैं शॉक हो गया। और वाकई खबर थी तो शॉक करने वाली क्योंकि पापा ने इस उम्र में दूसरी शादी की थी।
मै: आपको किसने बोला?
मम्मी: जब रात में वो उनके पास गईं तब उन्होंने बताया कि उन्होंने दूसरी शादी कर ली है। वो भी एक अट्ठाईस साल की लड़की से।
मम्मी बहुत अपसेट थीं। मैं भी अपसेट हो गया था। मैंने मम्मी को देखा, वो रो रही थीं।
मैं मम्मी के पास गया और उन्हें हग करके उन्हें न रोने के लिए बोला। फिर मैंने मम्मी की पीठ पर हाथ रखा और हाथ फेरने लगा। मम्मी के ब्रा की स्ट्रिप मेरे हाथ से टच हो रही थी।
फिर मैंने मम्मी का मुँह अपने गले के पास कर दिया और मम्मी को कसके हग करने लगा। मम्मी को भी मजा आ रहा था। फिर मम्मी ने मेरे गले पर अपने होठ दबाकर एक किस की और पीछे हटके बोलीं—
मम्मी: तू अभी किसी से नहीं बोलना। मैं तेरे पापा से बात करूँगी।
मै: हाँ ठीक है। और मम्मी मैं आपके साथ हूँ हमेशा। आप किसी बात की फिक्र मत करो। और मैं आज स्कूल नहीं जाऊँगा। फिर हम बात करेंगे इस बारे में।
मम्मी हँसते हुए एक स्माइल देके चली गईं।
फिर कुछ देर बाद अनम अपनी दोस्त नेहा के साथ स्कूल चली गईं और मैं सबा के रूम में गया और मैंने उससे बोला—
मै: मैंने देख लिया तुम और अनम क्या कर रहे थे।
सबा के फेस के एक्सप्रेशन बदल गए जिससे मैं समझ गया कि कुछ जरूर कर रहे थे।
सबा: नहीं, उसका एसी खराब हो गया था।
मै: हाँ जैसे मेरा हुआ।
और हँसते हुए वहाँ से चला गया।
कुछ देर बाद सबा भी चली गईं तब मुझे पापा और मम्मी के लड़ने की आवाजें आईं। पापा मम्मी से कह रहे थे—
पापा: मुझे जरूरत नहीं है इस घर की। तुम ही रहो। मुझे जो करना है मैं अफरोज के साथ कर लूँगा।
शायद उनकी न्यू वाइफ का नाम अफरोज था। पापा थोड़ी देर बात करके चले गए।
फिर मैं मम्मी के रूम में गया। मम्मी बेड पर लेटी हुई थीं और उनकी गाँड मेरी तरफ थी। उन्होंने एक लेगिंग और एक कमीज पहनी हुई थी।
मैं उनके पास जाके लेट गया और उनकी गाँड पर हाथ रख दिया। मेरे हाथ रखते ही मम्मी सहम गईं और मेरी तरफ मुड़के देखा। मैंने फिर उनकी गाँड पर अपना हाथ फेरा।
मै: मम्मी क्या सोच रही हो?
मम्मी: कुछ नहीं बेटा। बस वही सब चल रहा है दिमाग में।
मै: मत सोचो कुछ भी। मैं हूँ ना।
फिर मम्मी उठीं और बोलीं—
मम्मी: कुछ समझ नहीं आ रहा कि क्या करूँ।
मै: आप उठके बैठो फिर मैं बताता हूँ।
मम्मी उठीं और मैंने कहा—
मै: अब मुझे दूध पिलाओ फिर मैं कुछ बताऊँगा।
मम्मी: नहीं बदमाश। मैंने ऐसे ही बोला था।
मै: नहीं मुझे रियल में पीना है।
फिर मैंने अचानक मम्मी का एक बूब पकड़ लिया।
मम्मी मेरी आँखों में देख रही थीं। मैंने उनका दूसरा बूब भी पकड़ लिया और उनकी आँखों में देखके दबाने लगा। और उनके पास जाके बैठ गया।
मम्मी एकदम से पीछे हटीं और उठ गईं और सीधे रूम के बाहर चली गईं।
मैं समझा शायद मैंने बहुत जल्दी कर दी। पर एक मिनट बाद ही मम्मी वापस आ गईं।
मम्मी: मैं गेट बंद करने गई थी।
फिर मैं थोड़ा खुश हुआ और मम्मी को अपनी तरफ खींच लिया, और उनके होठों पर अपने होठ रख दिए और उन्हें चूमने लगा।
मम्मी भी मेरे होठों पर किस कर रही थीं। उनकी जीभ का मेटैलिक टेस्ट मुझे फील हो रहा था। मैंने अपनी जीभ मम्मी के मुँह में डाल दी और वो मेरी जीभ चूसने लगीं और मैं उनकी जीभ पर जीभ फेरने लगा।
तभी मम्मी पीछे हटीं और बोलीं—
मम्मी: बेटा इस बारे में किसी को मत बताना। ना घर में ना बाहर और ना सिराज को।
मै: हाँ मम्मी मैं किसी से नहीं बोलूँगा।
फिर मैंने उन्हें नीचे लिटाके फिर उनके ऊपर आ गया।
मै: मुझे दूध पिलाओ।
मम्मी ने मना कर दिया तो मैं उनकी कमीज के ऊपर से उनके दूध चूसने लगा और उनकी कमीज पूरी गीली कर दी। और दूध दबा-दबाके चूसने लगा।
मै: मम्मी आपके दूध बहुत बड़े हैं।
मम्मी हँसने लगीं।
मम्मी: तूने ही किए हैं। तीनों बच्चों में सबसे ज्यादा तूने ही पिया है मेरा दूध।
मै: तो फिर पिला दो मम्मी।
मम्मी: सबसे तू रोता था दूध पीने के लिए और बचपन से ही काट-काटके दूध पीता था मेरा।
मै: मम्मी आज आपका दूध भी पीऊँगा।
मम्मी: और क्या?
मैंने उनके कान में कहा—
मै: और आपकी चूत का पानी भी पीऊँगा नमकीन सा।
मम्मी सुनके खामोश हो गईं। और मैं उनके कान और गर्दन को चाटता हुआ उनके सीने तक आ गया और उनके कमीज के ऊपर से ही दूध पर जीभ फेरने लगा और चूसने लगा।
फिर मम्मी एकदम से उठीं और मुझसे बोलीं—
मम्मी: बेटा तू उस दिन मेरे बूब्स देख रहा था ना जब मैं कपड़े धो रही थी?
मै: हाँ मम्मी। बहुत सेक्सी बूब्स हैं आपके।
और मम्मी ने अचानक कमीज उतार दी।
मम्मी: उस दिन जब तू छत पे मेरे पीछे-पीछे चल रहा था मुझे सब कुछ फील हो रहा था। और तूने मेरी कई पैंटी भी गंदी करी हैं। मेरा बच्चा अब बड़ा हो गया।
मै: मम्मी आज भी आपकी पैंटी गंदी करूँगा और आज आपको सब कुछ अच्छे से फील कराऊँगा।
और मैंने उनके दूध देखने लगा।
दोस्तो क्या बताऊँ, मम्मी के अड़तीस के दूध ब्रा में मेरे सामने थे, बिल्कुल ताने हुए जैसे एलेक्सिस फॉक्स के बूब्स हैं बिल्कुल वैसे ही।
मैं मम्मी के ऊपर टूट गया और उनके बूब्स दबाने लगा। मम्मी बस मुझे देखके मुस्कुरा रही थीं। मैंने उनके राइट बूब को ब्रा से बाहर निकाला और जैसे ही दूध बाहर आया मैं देखके पागल हो गया। मैं उनके दूध को बस देख रहा था।
मम्मी के ब्राउन पॉइंटेड निप्पल्स मुझे देख रहे थे और चूसने का इनविटेशन दे रहे थे। मैं बस देख ही रहा था कि मम्मी ने अपना हाथ मेरे सर के पीछे रखा और सीधे अपने बूब पर मेरा मुँह दबा दिया और अपने दूसरे हाथ से अपना बूब पकड़के मेरे मुँह में देने लगीं।
मैंने अपना मुँह खोला और उनके निप्पल को मुँह में लेते हुए चूसने लगा। मम्मी के मुँह से एक जोर की मीठी “आआआह्ह्ह…” निकली। मैं दूसरे हाथ से उनका दूसरा बूब दबा रहा था और एक हाथ उनकी कमर पर फेर रहा था।
फिर मैंने पीछे से उनके ब्रा का हुक खोलने की कोशिश की और कई बार असफलता के बाद उनका हुक खुल गया। मैंने मम्मी के बूब से मुँह हटाया और उनकी गर्दन को चाटने लगा और चाटते हुए उनके शोल्डर पर आकर जीभ फेरने लगा।
फिर अपने दाँतों से उनके ब्रा की स्ट्रिप शोल्डर से उतारी और फिर उनकी छाती पर किस करते हुए गर्दन की दूसरी तरफ चाटने लगा और शोल्डर पर आकर थूक निकाला और जीभ से फेरके उनका नमकीन टेस्ट लेने लगा।
और फिर दूसरी स्ट्रिप भी शोल्डर पर से अपने दाँतों से उतारी और मम्मी के शोल्डर को अपनी जीभ से चाटने लगा और चाटते हुए शोल्डर से नेक पर पहुँच गया और मम्मी की नेक को किस करने लगा। वो बहुत एक्साइटेड हो चुकी थीं। मैंने फिर मम्मी के दोनों बूब्स के बीच मुँह रखा और अपने होठों में उनकी ब्रा को पकड़कर खींचके अलग कर दिया।
मम्मी की आँखों में एक अजीब नशा था। मैंने उन्हें देखा।
मै: मम्मी आई लव यू।
मम्मी: बेटा आई लव यू टू। तू बहुत प्यार करने लगा मुझसे।
मै: मम्मी…
मम्मी: हाँ बेटा?
मै: आई वाना फक योर पसी…
ये सुनने के बाद मम्मी और मैं खामोश हो गए और रूम में बस वॉल क्लॉक की टिक-टिक-टिक-टिक सुनाई दे रही थी। मम्मी मुस्कुराईं और बोलीं—
मम्मी: सक माय बूब्स बेटा।
और मैं उनके बूब्स फिर से चूसने लगा और दबाने लगा। अब मम्मी फुल सपोर्ट कर रही थीं और मेरा सर अपने हाथ से दबा-दबाके चूसवा रही थीं। मैंने एक हाथ नीचे किया और मम्मी की नेवल पर ले गया। जैसे ही मैंने हाथ मम्मी की नेवल पर रखा उन्हें गुदगुदी सी हुई और वो खुद से लेट गईं। मैं मम्मी के नंगे बदन को देख रहा था।
उफ्फ!!!! दोस्तो क्या तो सेक्सी बदन है मेरी मम्मी का। मुझे हमेशा से मम्मी को नंगा देखने की ख्वाहिश थी। आज मेरे सामने मम्मी नंगी लेटी हुई थीं और उनके बड़े-बड़े दूध लेटने के बाद फैल गए और बहुत खूबसूरत दिख रहे थे जिनमें उनके निप्पल मेरे थूक की वजह से चमक रहे थे।
मैं मम्मी के होठों को चूमता हुआ उनकी गर्दन तक आया, फिर गर्दन से छाती तक और दोनों बूब्स को बारी-बारी किस करते हुए उनकी नेवल पर आया और उनकी नेवल चाटने लगा और नेवल को अपने थूक से भर दिया और चूमता हुआ नीचे जाने लगा। बस उनकी चूत से एक इंच दूर ही था कि मम्मी ने रोक दिया।
मैंने भी जिद नहीं की और मम्मी के बूब्स पर वापस आ गया। दोस्तो कुछ देर बाद मेरे लंड पर एक जोरदार गरम-गरम सख्त पकड़ महसूस हुई, जो बहुत मजबूत थी। मैंने फौरन लोअर भी उतार दिया और मम्मी के मुँह के पास ले आया।
और मम्मी समझ गईं मैं चूसने का बोल रहा हूँ। मम्मी ने लंड के हेड पर एक किस की और पीछे हटके बोलीं—
मम्मी: बेटा मुँह में नहीं प्लीज।
मैंने भी जिद नहीं की। और उनके ऊपर लेट गया और दूध चूसते हुए लंड को उनकी चूत पर लेगिंग के ऊपर से ही रगड़ने लगा।
मम्मी “आआह्ह्ह… आआआह्ह्ह…” कर रही थीं।
मै: मम्मी अब बर्दाश्त नहीं हो रहा।
मम्मी: बेटा ऊपर से उठो।
मैं ऊपर से उठा और मम्मी मेरे साइड आकर बैठ गईं।
मम्मी: बेटा तुम मेरा दूध चूसते हुए करो। मैं तुम्हें देखूँगी।
मै: नहीं मम्मी मुझे आपके साथ करना है।
मम्मी: पहले मैं तुम्हें देखूँगी फिर करेंगे बाद में।
मै: ठीक है मम्मी। लेकिन आप नीचे की भी उतार दो।
तो मम्मी ने लेगिंग्स भी उतार दीं। अब बस वो एक व्हाइट पैंटी में थीं। मैंने उनकी थाई पर हाथ रखा और सहलाते हुए उनकी थाईज चूमने लगा और चूमते-चूमते उनकी चूत तक आ गया। उनकी पैंटी बीच में से गीली हो रही थी।
मै: मम्मी गीली क्यों हो रही है?
मम्मी: बेटा तेरे प्यार में।
और ये कहते हुए उन्होंने पैर खोल दिए। मैं उनकी पैंटी के पास गया, और जहाँ से गीली हो रहा था वहाँ पर जोर से एक किस करी और अपने होठ दबा दिए।
और फिर उनकी चूत को पैंटी पर से चूसने लगा। मम्मी मचल रही थीं। मैंने फिर अपना अंगूठा उनकी चूत पर रखकर रगड़ना शुरू किया।
मुझे पैंटी के ऊपर से ही उनकी चूत का पूरा शेप समझ आ रहा था, और गीली होने की वजह से चूत के होठ और क्लिट दिख रहे थे। मैंने फिर से चूत पर मुँह रखा और पैंटी के ऊपर से ही चाटने लगा।
फिर मम्मी ने मुझे अलग किया।
मम्मी: बेटा ये बाद में। अभी मुझे लंड दिखा अपना हिलाके।
मम्मी के मुँह से “लंड” सुनके मजा आया।
मै: मम्मी फिर से लंड बोलो ना।
मम्मी: बेटा अपनी माँ को अपना लंड हिलाके दिखा ना मेरे बच्चे।
मैं तो एक्साइटेड हो चुका था। मैं मम्मी के पास चिपकके लेट गया और अपना लंड मम्मी के सामने हिलाने लगा। मेरा आठ इंच लंबा लंड प्रीकम की वजह से गीला हो चुका था।
लेकिन थोड़ा हिलाने के बाद सूख गया।
मै: मम्मी इस पर अपना थूक डालो।
मम्मी ने उठकर मेरे लंड पर थूका और मैं उनके दूध चूसता हुआ लंड हिलाने लगा।
फिर मैंने कहा—
मै: मम्मी आप हिलाओ मेरा लंड।
मम्मी मेरे पास लेटे-लेटे मेरा लंड हाथ में पकड़के हिलाने लगीं। बस अब तो मैं जन्नत में था।
मम्मी के दूध चूस रहा था और एक हाथ पीछे से उनकी पैंटी में डालके गाँड दबा रहा था और वो मेरा लंड हिला रही थीं। और बार-बार थूक रही थीं। मैंने सोचा अब मम्मी थूकने जाएँगी तो लंड ऊपर करके मुँह डाल दूँगा।
थोड़ी देर बाद मम्मी फिर से लंड के ऊपर मुँह करके थूकने के लिए झुकीं। मैंने उनका सर ऊपर से दबाके लंड नीचे से उठाया और मम्मी के मुँह में दे दिया।
मम्मी ने फौरन लंड बाहर निकाला, फिर मुझे देखा और अचानक से लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं। पूरे रूम में लंड और मम्मी के मुँह के थूक की फच-फच की आवाज आ रही थी।
मैंने मम्मी को लिटा दिया और उनके मुँह के पास आकर लंड मुँह में दिया और उनका मुँह चोदने लगा। और पाँच मिनट बाद मैंने मम्मी से कहा—
मै: मेरा निकलने वाला है।
मम्मी ने मुँह के अंदर न निकालने का इशारा किया। मैंने लंड बाहर निकाला और हिलाने लगा। और थोड़ी देर लंड से एक मोटी गाढ़ी पिचकारी की तरह धार निकली जो सबसे पहले मम्मी के मुँह पर गई।
फिर मम्मी के दूध पर और बाद में मैंने नेवल के अंदर भर दी। उसके बाद अचानक मम्मी ने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया। मुझे बड़ा अजीब लगा, लेकिन जब मम्मी का बदन मुझसे टच हुआ तो चिपचिपे माल की वजह से बहुत मजा आया।
और थोड़ी देर ऐसे ही लेटने के बाद हम उठे।
मम्मी: अब नहाते हैं।
मै: मम्मी मुझे आपको चोदना है।
मम्मी: वो बाद में। अब अनम के आने का टाइम हो रहा है और खाना भी बनाना है।
मै: ठीक है तो हम साथ में नहाते हैं।
इस सेशन के आगे की कहानी अगले पार्ट में मुझ पर उधार रही, जो आपको बहुत जल्दी ही मिलेगी। दोस्तो मुझे ईमेल करना न भूलें।
Next Part ==> बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 9

Bhai jaldi pura bhej bahut maza aa raha hai
Dost story jaldi karke dalo
Kisi ko Sex kar na he to WhatsApp per msg karo only girl house wife and aunty only for bhopal mp
Bhai Ending me
Mummy or dono bahano ki ek saath chudai ho jaaye tho maza aa jaaye ga
Next part
Hy sabnam aaw teligram me baat krte ha osex chat kar maza lete hai
Id @Rk212524
Very nice story
Bhai kya story likhte ho yaar maza aa raha hai
Mera lund dekh lo koi
मेरा लोगे
Dikhao
Baby Saba banogi kyaa telegram prr aao stiflwr yeh name se mera id h aao krta h
Story thodi short lag rhi lambi aane de thodi
Hi
Bhai story dal
Next part
किसी को मेरा भी लेना है तो बात कर लेना,,, खुश कर दूंगा
Next Part
Next part
Or kitna time lgega next part aane mai?
Bhai 3 din hogye kab aaega next part
aaj aayega
Kisi ladki ya aurat ko apni chut ka pani nikalwana h toh dm kroo mere telegram prr @stiflwr yeh mera id h add kroo Foreplay abusive language full Maza aayega
Kisi bhi ladki ya aurat ko sex chat karna ho ya akela pn dur karna ho msg karo meri email pr:- amit000000987@gmail.com sab secret rahega
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Maharashtra se hai kya koi ladki ya aurat