मेरी सेक्सी माँ और किरायेदार अंकल 2

Meri maa ki 2 lund se chudai:- अगर आपने इस कहानी का पिछला पार्ट नहीं पढ़ है तो पहले वो पढ़ लें, आगे की कहानी मै इस पार्ट मे लिख रहा हु, चलो कहानी शुरू करते है। प्रिया ने हल्के से मुकेश का हाथ पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उनकी आवाज में वह दम नहीं था। उनकी चूत अब इतनी गीली हो चुकी थी कि वह खुद मुकेश के लंड को अंदर खींचने के लिए तड़प रही थी।

पार्ट 1 यहाँ पढ़ें ==> मेरी सेक्सी माँ और किरायेदार अंकल 1

Meri maa ki 2 lund se chudai ki kahani

मुकेश ने एक शैतानी मुस्कान के साथ प्रिया की आँखों में देखा और उनकी कमर को कसकर पकड़ लिया। उसने अपना लंड एक बार फिर जोर से उनकी चूत की दरारों में रगड़ा।

मुकेश: भाभी जी, गलत क्या है? इस कमरे में सिर्फ मैं और आप हैं। और रही बात गलत होने की… तो भाभी, आपके अंदर जो ये प्यास है, जो आग लगी है, अगर वह आज नहीं बुझी तो वह ज्यादा गलत हो जाएगा। आपका शरीर चीख-चीख कर मेरा लंड माँग रहा है।

प्रिया ने सिसकारी भरी,

प्रिया: आआह्ह्ह… लेकिन…

मुकेश ने उनके होठों को एक गहरी किस के साथ चुप करा दिया और धीरे से उनके कान में फुसफुसाया,

मुकेश: आप बस मेरा साथ दीजिए भाभी जी… आज सब भूल जाइए। आज रात सिर्फ आप और मैं हैं। बस आँखें बंद कीजिए और फुल एन्जॉय कीजिए। मैं आपको वह मजा दूँगा जो आपने आज तक नहीं महसूस किया होगा।

मुकेश की बातों ने प्रिया के दिमाग पर जादू कर दिया। उनका डर अब पूरी तरह से कामुकता में बदल चुका था। प्रिया ने हार मान ली और अपनी टाँगों को और ज्यादा फैलाया, अपने घुटनों को मुकेश के कंधों तक ले आईं, जिससे उनकी गुलाबी चूत एकदम खुलकर सामने आ गई।

मुकेश ने बिना किसी देरी के, अपने लंड की नोक को प्रिया की गीली चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार झटके के साथ अपना पूरा लंड उनकी तंग चूत के अंदर उतार दिया।

प्रिया: आआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!!!

प्रिया के मुँह से एक जोर की चीख निकली, लेकिन उन्होंने तुरंत अपना हाथ अपने मुँह पर रख लिया ताकि नीचे राजू न जाग जाए। उनकी आँखें फटी की फटी रह गईं जब उन्होंने महसूस किया कि मुकेश का बड़ा और मोटा लंड उनकी चूत की गहराइयों को चीरते हुए एकदम अंदर तक पहुँच गया है।

मुकेश: ओह्ह्ह गॉड… भाभी जी… आपकी चूत कितनी टाइट और गरम है… मजा आ गया!

मुकेश ने थोड़ी देर के लिए वहीं रुककर प्रिया को उस सख्ती को महसूस करने दिया। प्रिया की साँसें उखड़ रही थीं, उन्हें महसूस हो रहा था कि उनका अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह से भर चुका है।

फिर मुकेश ने धीरे-धीरे अपना लंड बाहर निकाला, लगभग नोक तक, और फिर एक जोरदार धक्के के साथ वापस अंदर घुसा दिया।

छप… छप… छप…

गीली चूत और सख्त लंड के टकराने की आवाज कमरे में गूँजने लगी। मुकेश ने अपनी रफ्तार बढ़ानी शुरू कर दी। वह पूरी ताकत से प्रिया की चूत में लंड मारना शुरू किया।

प्रिया: म्मम्ह्ह्ह… आआह्ह्ह… भाई साहब… ओह्ह्ह गॉड… बहुत बड़ा है… आआह्ह्ह… मुझे बहुत मजा आ रहा है… और जोर से… और जोर से मारिए!

प्रिया अब पूरी तरह से बह चुकी थीं। वह बेड की चादर को कसकर पकड़े हुए थीं और हर धक्के के साथ उनकी चुचियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं। मुकेश ने एक हाथ से प्रिया की एक चूची को जोर से मसला और दूसरे हाथ से उनकी कमर पकड़कर उन्हें और तेजी से ठोंकने लगा।

मुकेश: भाभी जी… आपकी चूत मेरा लंड ऐसे जकड़ रही है जैसे छोड़ना ही नहीं चाहती। आज मैं आपको पूरी तरह से निचोड़ दूँगा!

मुकेश अब पूरी तरह से जोश में आ चुका था। उसने प्रिया की टाँगों को और ज्यादा फैलाया और उन्हें अपने कंधों पर रख लिया, जिससे प्रिया की चूत पूरी तरह खुल गई और मुकेश का लंड सीधा उनके गर्भ-गृह से टकराने लगा।

थप… थप… थप…

मुकेश ने अपनी रफ्तार और बढ़ा दी। वह इतनी तेजी से लंड मार रहा था कि प्रिया का पूरा शरीर बेड पर उछल रहा था। प्रिया की चीखें अब सिसकारियों में बदल चुकी थीं।

प्रिया: ओह्ह्ह… आआह्ह्ह… भाई साहब… आप तो मुझे चीर देंगे… म्मम्ह्ह्ह… बहुत गहरा जा रहा है… आआह्ह्ह!

मुकेश ने उनकी कमर को कसकर पकड़ा और उन्हें थोड़ा ऊपर उठाकर और जोर से ठोंकना शुरू किया। हर धक्का इतना सख्त था कि प्रिया की चुचियाँ जोर-जोर से हिल रही थीं। मुकेश ने एक हाथ से प्रिया का गला हल्के से दबाया और दूसरे हाथ से उनकी एक चूची को उँगलियों से मसलने लगा, जिससे प्रिया को एक साथ दो जगह से मजा मिल रहा था।

मुकेश: भाभी जी, अभी तो शुरुआत है। आज मैं आपको हर तरीके से चुदाऊँगा। आप बस महसूस कीजिए कि मेरा लंड आपकी हर एक नस को छू रहा है।

मुकेश ने प्रिया को पलटा दिया और उन्हें ‘डॉगी स्टाइल’ पोजीशन में कर दिया। प्रिया अपने घुटनों और हाथों के बल झुक गईं, उनकी भरी और गोल हिप्स मुकेश के सामने एकदम खुली थीं। मुकेश ने पीछे से उनकी हिप्स को जोर से थपथपाया, जिससे एक लाउड छटाक की आवाज आई।

प्रिया: आआह्ह्ह! ये क्या कर रहे हैं… म्मम्ह्ह्ह…

मुकेश ने बिना वक्त गवाए, अपना लंड पीछे से प्रिया की टाइट चूत में जोर से घुसा दिया। पीछे से लंड का प्रवेश और भी गहरा था। प्रिया ने बेड की चादर को अपने दाँतों से पकड़ लिया ताकि वह जोर से न चिल्लाए।

मुकेश: ओह्ह्ह गॉड… पीछे से आपकी चूत और भी ज्यादा टाइट है भाभी! क्या मजा आ रहा है!

मुकेश ने उनकी कमर को पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचा और तेजी से लंड अंदर-बाहर करने लगा। छप… छप… छप… गीली चूत और लंड के टकराने की आवाज कमरे में गूँज रही थी। प्रिया की कमर हर धक्के के साथ पीछे की तरफ झुक रही थी।

प्रिया: आआह्ह्ह… भाई साहब… पीछे से बहुत मजा आ रहा है… ओह्ह्ह… और जोर से… मुझे पूरा भर दीजिए… आआह्ह्ह!

कुछ देर बाद, मुकेश ने प्रिया को वापस सीधा किया और उन्हें अपने ऊपर लेटा लिया। अब मुकेश ऊपर था और प्रिया नीचे। मुकेश ने अपने लंड को निकाला और उसे प्रिया के क्लिटोरिस पर रगड़ा, जिससे प्रिया तड़पने लगीं। फिर उसने एक बार फिर से लंड को अंदर उतारा, लेकिन इस बार वह बहुत धीरे-धीरे और गहराई से मूव कर रहा था।

प्रिया की आँखें बंद थीं और वह बस उस सुकून को महसूस कर रही थीं। मुकेश ने उनके कान को चाटना शुरू किया और धीरे-धीरे उनकी गर्दन पर किस करने लगा, जबकि नीचे उसका लंड प्रिया की चूत की दीवारों को रगड़ रहा था।

अचानक, मुकेश ने अपनी स्पीड बढ़ा दी। वह अब पागलपन की हद तक लंड मार रहा था। प्रिया की साँसें तेज हो गई थीं, उनका शरीर काँप रहा था।

प्रिया: आआह्ह्ह… मैं… मैं जाने वाली हूँ… ओह्ह्ह गॉड… आआह्ह्ह!

प्रिया ने मुकेश को कसकर पकड़ लिया और एक जोरदार ऑर्गेज्म के साथ उनकी चूत ने मुकेश के लंड को कसकर जकड़ लिया। उसी पल, मुकेश ने भी एक आखिरी जोरदार धक्का मारा और अपना सारा गरम कम प्रिया की गहराइयों में छोड़ दिया।

आआआह्ह्ह्ह्ह्ह!

दोनों ने एक साथ एक गहरी साँस ली और एक दूसरे के ऊपर गिर गए। कमरे में सिर्फ उनकी तेज साँसों की आवाज आ रही थी। मुकेश ने धीरे से अपना लंड बाहर निकाला, जिससे प्रिया की चूत से सफेद कम बाहर निकलने लगा।

मुकेश ने मुस्कुराते हुए अपना लंड प्रिया के चेहरे के पास लाया, जो अभी भी थोड़ा सख्त था और उसकी नोक से थोड़ी मलाई जैसी कम निकल रही थी।

मुकेश: भाभी जी, अब मेरी मलाई का स्वाद चखेंगी?

प्रिया ने मुकेश की तरफ देखा और एक शर्मीली मुस्कान के साथ बोलीं,

प्रिया: मैंने कभी चाखा तो नहीं है…

मुकेश ने उनकी आँखों में देखा और लंड को उनके होठों के पास ले जाते हुए कहा,

मुकेश: एक बार इसका स्वाद लेकर देखिए… तो मजा आ जाएगा!

प्रिया ने मुकेश की बात मानी और धीरे से अपना सिर आगे बढ़ाया। उसने पहली बार मुकेश के सख्त लंड को अपने होठों से छुआ। लंड की गरमी और उसकी नोक से निकलने वाली थोड़ी सी मलाई को महसूस करते ही प्रिया के अंदर एक अजीब सी उत्तेजना जाग गई।

उसने अपने होठों को गोल किया और मुकेश के लंड की नोक को अपने मुँह में ले लिया।

स्लर्प… म्मम्ह्ह…

प्रिया ने धीरे-धीरे लंड को चाटना शुरू किया। उसने अपनी जीभ से लंड की नसों को रगड़ा और फिर पूरे लंड को गहराई तक अपने गले में उतारने की कोशिश की। मुकेश ने एक गहरी आह भरी और प्रिया के बालों को पकड़कर उसे अपने लंड पर और जोर से दबाने लगा।

मुकेश: ओह्ह्ह… भाभी… आप तो कमाल की ब्लो जॉब दे रही हैं… म्मम्ह्ह्ह… ऐसे ही चाटते रहिए… हाँ… वही…

प्रिया ने लंड को मुँह में लेकर उसे सक करना शुरू किया, जिससे एक छप-छप की आवाज आने लगी। उसने लंड की नोक को अपनी जीभ से लपेटा और फिर उसे जोर से चूसा। मुकेश का शरीर काँपने लगा और वह बस प्रिया के इस नए अंदाज का मजा लेने लगा। कुछ देर तक प्रिया ने उसके लंड को पूरी तरह से साफ किया और उसका स्वाद लिया, जिसके बाद दोनों ने थोड़ी बातें कीं और मुकेश वापस अपने कमरे में चला गया।

अगले दिन, सुबह का वक्त था। राजू तैयार होकर अपने कॉलेज निकलने की तैयारी कर रहा था। मुकेश ऊपर अपने कमरे में था, लेकिन उसका ध्यान सिर्फ एक ही चीज पर था—प्रिया। वह बस इस बात का इंतजार कर रहा था कि कब राजू घर से बाहर निकले और वह नीचे जा सके।

जैसे ही राजू ने दरवाजा बंद किया और घर से बाहर निकला, मुकेश ने एक सेकंड भी बर्बाद नहीं किया। वह तुरंत सीढ़ियों से उतरता हुआ नीचे आया। प्रिया किचन में काम कर रही थीं, लेकिन उनकी नजरें बार-बार दरवाजे की तरफ जा रही थीं।

जैसे ही मुकेश किचन में दाखिल हुआ, प्रिया ने उसे देखा और एक शरारती मुस्कान के साथ बोलीं।

प्रिया: आप तो बहुत जल्दी आ गए… मुझे लगा शायद आप भूल गए होंगे।

मुकेश ने पीछे से आकर प्रिया की कमर को कसकर पकड़ लिया और उसके कान के पास फुसफुसाया।

मुकेश: मैं आपको कैसे भूल सकता हूँ भाभी? कल रात से मेरा लंड सिर्फ आपकी उस टाइट चूत के लिए तड़प रहा है। आज तो घर में सिर्फ हम दोनों हैं… आज मैं आपको पूरी तरह से निचोड़ लूँगा।

प्रिया ने एक गहरी साँस ली और मुकेश की तरफ मुड़कर उसके गले में बाँहें डाल दीं।

प्रिया: तो फिर इंतजार किस बात का है… मुझे भी वही मजा चाहिए जो कल रात मिला था… लेकिन इस बार मैं कोई रुकावट नहीं बनूँगी।

मुकेश ने बिना वक्त गवाए प्रिया की साड़ी का पल्लू खींचा और उसे नीचे गिरा दिया। उसने प्रिया के ब्लाउज के बटन तेजी से खोले और उसकी भरी, गोल चुचियों को बाहर निकाल दिया। मुकेश ने दोनों चुचियों को अपने मुँह में भर लिया और उन्हें जोर-जोर से सक करने लगा।

प्रिया: आआह्ह्ह… हाँ… वही… और जोर से… म्मम्ह्ह्ह…

मुकेश ने प्रिया को उठाकर किचन के स्लैब पर लिटा दिया। उसने प्रिया की पेटीकोट और अंडरवियर को एक झटके में नीचे खींच दिया, जिससे प्रिया की गोरी, चमकती हुई चूत पूरी तरह खुल गई। प्रिया की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी।

मुकेश ने अपना लंड बाहर निकाला, जो पहले से ही पूरी तरह सख्त और खड़ा था। उसने लंड की नोक को प्रिया के क्लिटोरिस पर रगड़ा, जिससे प्रिया तड़पने लगीं।

प्रिया: भाई साहब… प्लीज… अब और इंतजार नहीं होता… घुसा दीजिए इसे… मुझे आपके लंड की जरूरत है… आआह्ह्ह!

मुकेश ने एक जोरदार धक्का मारा और अपना पूरा लंड प्रिया की टाइट चूत में उतार दिया।

स्प्लैट!

प्रिया की एक जोरदार चीख निकली, लेकिन इस बार वह दर्द की नहीं, बल्कि सुकून की थी।

प्रिया: ओह्ह्ह गॉड्ड!!! आआह्ह्ह… कितना बड़ा है… पूरा अंदर तक चला गया… म्मम्ह्ह्ह… बहुत मजा आ रहा है!

मुकेश ने अपनी रफ्तार बढ़ाई। थप… थप… थप… किचन में उनके शरीरों के टकराने की आवाज गूँजने लगी। मुकेश ने प्रिया की टाँगों को अपने कंधों पर रख लिया और पूरी ताकत से लंड मारने लगा। प्रिया की चुचियाँ ऊपर-नीचे उछल रही थीं और वह बस सिसकारियाँ भर रही थीं।

मुकेश: भाभी… आज आपकी ये चूत मेरा लंड पी जाएगी… देखिए कैसे कसकर पकड़ा है आपने मेरे लंड को!

प्रिया: आआह्ह्ह… और जोर से… मुझे और जोर से चुदाइए… मुझे पागल कर दीजिए… ओह्ह्ह… हाँ… वही… गहराई तक… आआह्ह्ह!

घंटों तक यह सिलसिला चलता रहा। मुकेश ने प्रिया को हर पोजीशन में चुदाया। कभी उसे बेड पर ‘डॉगी स्टाइल’ में करके पीछे से लंड मारा, तो कभी उसे दीवार से टिकाकर उसकी टाँग उठाकर लंड घुसाया। प्रिया इस बार पूरी तरह खुल चुकी थीं। वह खुद मुकेश की कमर को पकड़कर उसे अपनी तरफ खींच रही थीं ताकि लंड और गहरा जाए।

प्रिया: ओह्ह्ह… भाई साहब… आप तो कमाल के चुदाई करते हैं… मुझे तो अब इसकी आदत हो गई है… आआह्ह्ह… और तेजी से… और तेजी से!

मुकेश ने प्रिया को अपने ऊपर लेटा लिया और उसे ‘काउगर्ल’ पोजीशन में लाया। प्रिया ने खुद मुकेश के लंड को पकड़ा और उसे अपनी चूत में धंसते हुए ऊपर-नीचे होने लगीं। उसका शरीर पसीने से लथपथ था और उसकी आँखें मजा लेते हुए बंद हो रही थीं।

प्रिया: म्मम्ह्ह्ह… मेरा पूरा अंदर का हिस्सा आपके लंड से भर गया है… आआह्ह्ह… मैं… मैं फिर से जाने वाली हूँ… ओह्ह्ह गॉड!

मुकेश ने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और दोनों एक साथ क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ने लगे। मुकेश ने प्रिया की कमर को जोर से पकड़ा और आखिरी कुछ धक्के इतने सख्त मारे कि प्रिया का पूरा शरीर काँपने लगा।

प्रिया: आआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!!!

प्रिया एक जोरदार ऑर्गेज्म के साथ झटके खाने लगीं और उसकी चूत ने मुकेश के लंड को इतनी जोर से जकड़ लिया कि मुकेश ने भी एक जोरदार चीख मारी और अपना सारा गरम, गाढ़ा कम प्रिया की गहराइयों में छोड़ दिया।

स्स्ह्ह… स्स्ह्ह…

दोनों हाँफ रहे थे। मुकेश ने अपना लंड बाहर निकाला, तो प्रिया की चूत से सफेद कम का धार बाहर निकलने लगा।

मुकेश ने मुस्कुराते हुए अपना लंड प्रिया के होठों के पास लाया। इस बार लंड की नोक से ढेर सारी सफेद मलाई निकल रही थी।

मुकेश: भाभी जी… अब तो आपने कल रात का वादा याद रखा होगा? अब मेरी मलाई का स्वाद लीजिए।

प्रिया ने इस बार बिना किसी हिचकिचाहट के, एक शर्मीली लेकिन प्यासी मुस्कान के साथ लंड को अपने मुँह में ले लिया। उसने लंड की नोक को अपनी जीभ से साफ किया और सारी मलाई को चाटकर पी ली।

प्रिया: (लंड मुँह से निकालते हुए) म्मम्ह्ह्ह… आपने सही कहा था… इसका स्वाद सच में बहुत लाजवाब है… मुझे तो इसकी लत लग गई है।

मुकेश ने प्रिया को गले से लगाया और दोनों ने घंटों तक उस सुकून का मजा लिया, यह जानते हुए कि अब यह उनका एक गहरा और गंदा राज़ बन चुका है।

रात के करीब एक बज रहे थे। पूरे घर में सन्नाटा छाया हुआ था। राजू अपने कमरे में गहरी नींद में सो चुका था, लेकिन प्रिया की आँखों में नींद कहाँ थी? उसका शरीर अभी भी उस दोपहर की गरमी को याद कर रहा था जब मुकेश ने उसे किचन में बुरी तरह निचोड़ा था।

मुकेश ने पहले ही प्रिया को मैसेज करके कह दिया था कि आज रात वह उसे एक खास सरप्राइज देना चाहता है और उसे एक पतली, ट्रांसपेरेंट सिल्क की नाइटी पहनने को कहा था। प्रिया ने वैसा ही किया। उसने एक गहरी लाल रंग की सिल्क नाइटी पहनी थी, जो इतनी पतली थी कि उसके नीचे उसकी गोरी चुचियाँ और उसकी गीली चूत साफ झलक रही थी। उसने कोई अंडरवियर नहीं पहना था, जैसा कि मुकेश ने शर्त रखी थी।

प्रिया ने धीरे से मुकेश को मैसेज किया: “मैं इंतजार कर रही हूँ… जल्दी आइए।”

कुछ ही मिनटों में, मुकेश दबे पाँव सीढ़ियों से उतरता हुआ प्रिया के कमरे में दाखिल हुआ। जैसे ही उसने दरवाजा बंद किया और प्रिया को उस लाल नाइटी में देखा, उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं। प्रिया के चेहरे पर एक अलग ही चमक थी—एक ऐसी चमक जो सिर्फ एक औरत के चेहरे पर तब आती है जब वह अंदर से पूरी तरह उत्तेजित और प्यासी हो।

मुकेश ने एक गहरी साँस ली और प्रिया के करीब आया।

मुकेश: ओह्ह्ह भाभी… आप तो आज कयामत लग रही हैं। ये नाइटी… म्मम्ह्ह्ह… आपकी गोरी त्वचा इसमें और भी ज्यादा चमक रही है।

प्रिया ने शर्माते हुए अपनी नजरें नीचे कीं, लेकिन उसके होठों पर एक मुस्कान थी।

प्रिया: आपने ही तो कहा था ये पहनने को… देखिए, मैं आपकी बात मानती हूँ।

मुकेश ने बिना देर किए प्रिया की कमर को पकड़ा और उसे अपनी तरफ खींचा। उसने प्रिया के होठों को अपने होठों से जोड़ा। यह एक गहरी और भूखी किस थी। दोनों की जीभें एक दूसरे से उलझ गई थीं, और वह एक दूसरे का स्वाद ले रहे थे। मुकेश ने किस करते-करते प्रिया को बेड की तरफ धकेला और उसे धीरे से लिटा दिया।

मुकेश ने अपने होठों को प्रिया के गले से नीचे उतारा और उसकी चुचियों पर पहुँच गया। उसने नाइटी के पतले कपड़े को साइड किया और प्रिया की भरी, गोल चुचियों को अपने मुँह में भर लिया।

स्लर्प… म्मम्ह्ह्ह…

मुकेश ने प्रिया की चुचियों को जोर-जोर से सक करना शुरू किया, जिससे प्रिया की कमर बेड से ऊपर उठने लगी।

प्रिया: आआह्ह्ह… हाँ… वही… म्मम्ह्ह्ह… आपकी जीभ… ओह्ह्ह गॉड!

मुकेश ने एक चूची को अपने दाँतों से हल्के से काटा और फिर उसे चाटने लगा, जिससे प्रिया सिसकारियाँ भरने लगीं। उसका पूरा शरीर उत्तेजना से काँप रहा था। मुकेश ने दोनों चुचियों को बारी-बारी से पिया, जैसे कोई प्यासा आदमी पानी पीता है।

फिर मुकेश ने नाइटी को पूरी तरह ऊपर उठा दिया। प्रिया की गोरी टाँगों के बीच उसकी गुलाबी, गीली चूत पूरी तरह खुली हुई थी और वहाँ से पानी बह रहा था। मुकेश ने अपना सिर नीचे किया और प्रिया के क्लिटोरिस को अपनी जीभ से टच किया।

लिक… स्लर्प…

प्रिया एक जोरदार चीख मारी और अपने पैरों को मुकेश के सिर के पास मोड़ लिया।

प्रिया: ओह्ह्ह!!! भाई साहब… वहाँ… हाँ… वही… आआह्ह्ह… आपकी जीभ बहुत गरम है… म्मम्ह्ह्ह!

मुकेश ने पूरी शिद्दत से प्रिया की चूत को चाटना शुरू किया। उसने अपनी जीभ को प्रिया की चूत की गहराइयों में उतारा और उसे पूरी तरह साफ करने लगा। प्रिया पागल हो रही थी, वह बेड की चादर को अपने हाथों से कसकर पकड़ रही थी।

मुकेश ने फिर प्रिया को पलटा और उसे ‘डॉगी स्टाइल’ पोजीशन में कर दिया। उसने प्रिया की गोरी, गोल गाँड को देखा और उसे जोर से थप्पड़ मारा।

छटाक!

प्रिया: आआह्ह्ह!

मुकेश ने प्रिया की गाँड के बीच के हिस्से (एनस) को चाटना शुरू किया। यह प्रिया के लिए एक नया अनुभव था। जब मुकेश की जीभ ने उसके पिछले हिस्से को छुआ, तो प्रिया को एक अजीब सा झटका लगा, लेकिन फिर उसे मजा आने लगा।

प्रिया: ओह्ह्ह… ये… ये क्या कर रहे हैं… म्मम्ह्ह्ह… बहुत अजीब लग रहा है… लेकिन मजा आ रहा है… आआह्ह्ह!

मुकेश ने उसे पूरी तरह से चाटकर गीला कर दिया। अब प्रिया की प्यास हद से ज्यादा बढ़ चुकी थी। उसने खुद ही मुड़कर मुकेश को इशारा किया। प्रिया ने मुकेश का सख्त लंड बाहर निकाला, जो अब तक फूलकर एक डंडे जैसा हो चुका था।

प्रिया ने लंड की नोक को अपनी जीभ से छुआ और फिर उसे पूरा अपने मुँह में उतार लिया।

गल्प… स्लर्प…

प्रिया ने बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से ब्लो जॉब देना शुरू किया। वह लंड को गहराई तक अपने गले में ले जाती और फिर उसे सक करती। मुकेश की आँखें बंद हो गईं और वह बस प्रिया के मुँह के मजे लेने लगा।

मुकेश: ओह्ह्ह भाभी… आप तो मुझे पागल कर देंगी… अब और नहीं सहा जाता… अब मैं आपको चुदाऊँगा!

मुकेश ने प्रिया को बेड पर पीठ के बल लिटाया और उसकी टाँगों को अपने कंधों पर रख लिया। उसने अपने लंड की नोक को प्रिया की गीली चूत पर रगड़ा और फिर एक जोरदार धक्का मारा।

स्प्लैट!

प्रिया: आआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!!!

लंड पूरा अंदर तक धंस गया था। प्रिया को ऐसा लगा जैसे उसका पूरा शरीर फट गया हो, लेकिन वह दर्द सुकून में बदल गया। मुकेश ने अपनी रफ्तार बढ़ाई।

थप… थप… थप…

मुकेश ने एक के बाद एक सख्त धक्के मारने शुरू किए। हर धक्के के साथ प्रिया की चुचियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं और उसके मुँह से बस “आआह्ह्ह” और “ओह्ह्ह” की आवाजें निकल रही थीं।

मुकेश: भाभी… आज तो आपकी चूत ने मेरे लंड को जकड़ लिया है… देखिए कैसे टाइट है ये!

प्रिया: आआह्ह्ह… और जोर से… मुझे और जोर से चुदाइए… मुझे पूरा भर दीजिए… ओह्ह्ह गॉड… हाँ… वही!

तभी मुकेश ने प्रिया को एक सरप्राइज दिया। उसने प्रिया को उठाकर बेड के किनारे पर बिठाया और उसे अपने ऊपर ‘काउगर्ल’ पोजीशन में लाया। लेकिन इस बार, मुकेश ने एक स्पेशल लुब्रिकेंट (ऑयल) का इस्तेमाल किया जो वह अपने साथ लाया था। उसने प्रिया की चूत और अपने लंड पर वह ऑयल लगाया, जिससे फ्रिक्शन कम हो गया और लंड मक्खन की तरह अंदर-बाहर होने लगा।

प्रिया को यह सरप्राइज बहुत पसंद आया। उसे महसूस हुआ कि लंड अब पहले से ज्यादा स्मूथ और तेजी से अंदर जा रहा है। वह खुद ही ऊपर-नीचे होने लगी, अपने शरीर को मुकेश के लंड पर रगड़ती हुई।

प्रिया: ओह्ह्ह… ये क्या लगाया आपने… म्मम्ह्ह्ह… कितना स्मूथ है… आआह्ह्ह… मुझे बहुत मजा आ रहा है… मैं… मैं फिर से जाने वाली हूँ!

मुकेश ने प्रिया की कमर को पकड़ा और उसे नीचे खींचा, और फिर तेजी से ‘मिशनरी’ पोजीशन में लंड मारना शुरू किया। दोनों का पसीना एक दूसरे से मिल रहा था। कमरे में सिर्फ उनके शरीरों के टकराने की और प्रिया की चीखों की आवाज गूँज रही थी।

मुकेश: अब आखिरी बार… भाभी… तैयार हो जाइए!

मुकेश ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और आखिरी १०-१२ धक्के इतने जोर से मारे कि प्रिया का पूरा शरीर झटके खाने लगा।

प्रिया: आआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!!! ओह्ह्ह गॉड्ड!!!!

प्रिया एक बहुत बड़े ऑर्गेज्म के साथ काँपने लगी और उसकी चूत ने मुकेश के लंड को इतनी जोर से निचोड़ा कि मुकेश ने भी एक जोरदार चीख मारी और अपना सारा गरम, गाढ़ा कम प्रिया की गहराइयों में छोड़ दिया।

स्स्ह्ह… स्स्ह्ह…

दोनों हाँफ रहे थे। मुकेश ने लंड बाहर निकाला तो प्रिया की चूत से सफेद कम का धार बाहर निकल रहा था। प्रिया ने सुकून की साँस ली और मुकेश के सीने पर सिर रख दिया।

प्रिया: आपने आज मुझे जन्नत दिखा दी… मुझे कभी नहीं लगा था कि चुदाई इतनी सुकून देने वाली होती है।

मुकेश ने उसे किस किया और दोनों ने उस रात को अपनी जिंदगी की सबसे यादगार रात बना लिया।

अगली सुबह जब सूरज निकला, तो मुकेश के घर में एक नया मेहमान आया—अमित। अमित, मुकेश का बचपन का जिगरी यार था, जो किसी जरूरी काम से शहर आया था और दो-तीन दिनों के लिए मुकेश के यहाँ रुकने वाला था। अमित एक हट्टा-कट्टा, गोरा और काफी सेक्सी मर्द था, जिसकी आँखों में एक अलग ही शरारत थी।

दिन भर मुकेश और अमित अपने पुराने किस्से याद करने में और काम निपटाने में व्यस्त रहे। लेकिन मुकेश के दिमाग में तो बस प्रिया का वह लाल नाइटी वाला रूप और उसकी गीली चूत घूम रही थी। वह अमित के साथ था, लेकिन उसका मन नीचे प्रिया के कमरे में था।

रात हुई, घर में सन्नाटा छा गया। राजू अपने कमरे में गहरी नींद में था। मुकेश ने अमित को अपने कमरे में आराम करने को कहा और खुद दबे पाँव सीधा प्रिया के कमरे की तरफ निकल गया।

प्रिया अपने बेड पर लेटी हुई थीं। उन्होंने एक बहुत ही पतली और सेक्सी सैटिन की नाइटी पहनी थी, जो उनके शरीर से चिपकी हुई थी। जैसे ही मुकेश कमरे में दाखिल हुआ, उसने दरवाजा लॉक किया और बिना एक शब्द बोले प्रिया के बगल में लेट गया। उसने प्रिया को अपनी बाँहों में भरा और उनके होठों को भूखी तरह से चूमने लगा।

प्रिया ने थोड़ा हिचकिचाते हुए मुकेश को दूर धकेला और फुसफुसाते हुए बोलीं,

प्रिया: अरे… ऊपर आपका दोस्त आया है न? अगर उसे शक हो गया या वह नीचे आ गया तो क्या सोचेगा कि आप इस वक्त यहाँ क्या कर रहे हैं?

मुकेश ने एक शैतानी मुस्कान के साथ प्रिया की गर्दन पर अपने होठ रख दिए और धीरे से बोला,

मुकेश: अरे भाभी जी, उसकी फिक्र छोड़िए… उसे सब पता है कि मैं यहाँ आपकी चुदाई करने आया हूँ।

प्रिया की आँखें फटी की फटी रह गईं। उन्होंने हैरत और गुस्से के मिश्रण के साथ मुकेश को घूरा और बोलीं,

प्रिया: ये क्या कह रहे हैं आप? पागल तो नहीं हो गए हैं? आपने उसे मेरे बारे में सब बता दिया?

मुकेश ने प्रिया की चूची को नाइटी के ऊपर से जोर से मसला और बोला,

मुकेश: अरे भाभी जी, परेशान मत होइए। वह किसी से कहने थोड़ी जा रहा है। हम दोनों बचपन के दोस्त हैं और हमारे बीच कोई पर्दा नहीं है। सच तो यह है कि हम दोनों एक-दूसरे की बीवियों को भी चोदते हैं।

प्रिया यह सुनकर पूरी तरह चौंक गईं। उनका दिमाग घूम गया।

प्रिया: ये क्या बोल रहे हैं आप? आप… आप उनकी बीवी की भी चुदाई करते हैं?

मुकेश ने प्रिया के कान में फुसफुसाया,

मुकेश: हाँ भाभी जी, अब आपसे क्या छुपाना। अमित मेरी बीवी की चुदाई कई बार कर चुका है, और उसे मजा भी बहुत आता है। कहें तो उसे भी यहीं बुला लूँ? तीनों मिलकर मजे करेंगे… मजा आ जाएगा!

प्रिया पहले तो घबरा गईं। उन्होंने जोर से मना किया,

प्रिया: अरे नहीं नहीं! मैं सिर्फ आपके साथ ही ये सब कर सकती हूँ… किसी तीसरे का होना मुझे मंजूर नहीं।

लेकिन मुकेश ने हार नहीं मानी। उसने प्रिया की टाँगों के बीच अपना हाथ डाला और उनकी गीली चूत को उँगलियों से रगड़ने लगा। प्रिया के मुँह से एक सिसकारी निकली।

मुकेश: घबराइए मत भाभी जी, यह राज़ हम तीनों के अलावा किसी को पता नहीं चलेगा। सोचिए, दो सख्त लंड एक साथ आपकी चूत और गाँड को फाड़ेंगे… कितना सुकून मिलेगा। बुला लीजिए न, मजा आएगा!

मुकेश की बातों और उसके हाथों की हरकतों ने प्रिया के अंदर की छिपी हुई हवस को जगा दिया। उन्हें खयाल आया कि दो मर्द एक साथ उन्हें प्यार करेंगे तो कैसा एहसास होगा। उन्होंने धीरे से हाँ कह दिया।

मुकेश ने अमित को मैसेज किया, और कुछ ही मिनटों में अमित दबे पाँव नीचे आ गया। जैसे ही अमित ने प्रिया को उस सेक्सी नाइटी में देखा, उसकी आँखों में चमक आ गई। उसने बिना वक्त गवाए अपनी पैंट उतारी और उसका बड़ा, मोटा लंड बाहर निकल आया।

अमित: वाह मुकेश! तूने बताया था कि भाभी जी हॉट हैं, लेकिन वह तो अप्सरा हैं।

अमित प्रिया के करीब आ गया। अब असली खेल शुरू हुआ।

मुकेश ने प्रिया को पीठ के बल लिटाया और अमित ने उनके पैर पकड़ लिए। दोनों ने मिलकर प्रिया को चूमना शुरू किया। एक प्रिया के होठों को चूम रहा था, तो दूसरा उनकी चुचियों को चूस रहा था। प्रिया दो मर्दों के बीच फँसी हुई थीं और उनका शरीर उत्तेजना से काँप रहा था।

अमित ने प्रिया की नाइटी को ऊपर उठाया और उनकी गोरी, गोल गाँड को जोर से थप्पड़ मारा।

छटाक!

प्रिया चीख उठीं, लेकिन वह चीख दर्द की नहीं, मजे की थी। अमित ने अपनी जीभ निकाली और प्रिया की गाँड के छेद (एनस) को चाटना शुरू किया, जबकि मुकेश ने प्रिया की चूत को अपनी जीभ से गीला कर दिया। प्रिया पागल हो रही थीं।

प्रिया: आआह्ह्ह… ओह्ह्ह गॉड… दो-दो लोग… म्मम्ह्ह्ह… मुझे और चाहिए!

मुकेश ने अपना लंड प्रिया के मुँह में ठूँस दिया। प्रिया ने उसे गहराई तक चूसना शुरू किया, जबकि अमित ने अपने लंड की नोक प्रिया की चूत के द्वार पर रगड़ना शुरू किया। प्रिया ने मुकेश का लंड चूसते हुए अमित की तरफ देखा, उनकी आँखों में भूख थी।

मुकेश ने लंड बाहर निकाला और प्रिया को ‘डॉगी स्टाइल’ पोजीशन में कर दिया। मुकेश ने पीछे से प्रिया की चूत में अपना लंड जोर से धंसाया।

स्प्लैट!

प्रिया: आआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!!!

जैसे ही मुकेश ने पहला धक्का मारा, अमित ने आगे से प्रिया के होठों को पकड़ा और अपना मोटा लंड प्रिया के मुँह में उतार दिया। प्रिया अब दो लंडों के बीच फँसी हुई थीं—एक उनके गले में और एक उनकी चूत में।

थप… थप… थप…

मुकेश तेजी से धक्के मार रहा था, और प्रिया अमित का लंड चूस रही थीं। कमरे में सिर्फ शरीरों के टकराने की और प्रिया की घुटने वाली आवाजें आ रही थीं।

अमित ने अपना लंड प्रिया के मुँह से निकाला और मुकेश से कहा,

अमित: अब मेरी बारी है।

मुकेश ने प्रिया को पलटा और उन्हें पीठ के बल लिटाया। मुकेश ने प्रिया की एक टाँग अपने कंधे पर रखी और अमित ने दूसरी। दोनों ने मिलकर प्रिया की चूत और गाँड को टारगेट किया। मुकेश ने चूत में लंड डाला और अमित ने प्रिया की गाँड (एनस) में अपना लंड धकेलना शुरू किया।

प्रिया की आँखें बाहर आ गईं।

प्रिया: ओह्ह्ह माय गॉड!!! दोनों जगह… म्मम्ह्ह्ह… मैं फट जाऊँगी… आआह्ह्ह… लेकिन बहुत मजा आ रहा है!

दो सख्त लंड एक साथ प्रिया के शरीर को चीर रहे थे। मुकेश आगे से और अमित पीछे से, दोनों एक ही रफ्तार में धक्के मार रहे थे। प्रिया का पूरा शरीर झटके खा रहा था। उनकी दोनों चुचियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं।

मुकेश: भाभी जी, आपकी चूत तो मक्खन है… अमित, देख रहा है कैसे जकड़ रखा है इसने हमें!

अमित ने जोर से धक्का मारा,

अमित: हाँ भाई, ऐसी चुदाई मैंने जिंदगी में नहीं की!

प्रिया अब पूरी तरह से उनके कब्जे में थीं। वह बस चीख रही थीं,

प्रिया: और जोर से… मुझे और जोर से चुदाइए… मुझे पूरा भर दीजिए… आआह्ह्ह!

रात भर यह सिलसिला चलता रहा। उन्होंने पोजीशन्स बदलीं—कभी प्रिया ऊपर थीं और दोनों लंडों को एक-एक करके चूस रही थीं, तो कभी वह दोनों मर्दों के बीच लेटी हुई थीं।

आखिर में, मुकेश और अमित दोनों ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी। तीनों पसीने से लथपथ थे।

मुकेश: अब आखिरी बार… भाभी जी… तैयार हो जाइए!

दोनों ने एक साथ आखिरी और सबसे जोरदार धक्के मारे। प्रिया एक बहुत बड़े ऑर्गेज्म के साथ झटके खाने लगीं। उसी पल, मुकेश ने प्रिया की चूत में और अमित ने उनकी गाँड में अपना सारा गरम, गाढ़ा कम छोड़ दिया।

स्स्ह्ह… स्स्ह्ह…

प्रिया एक लंबी चीख के साथ बेहोश होने जैसी हो गईं। उनका शरीर अभी भी काँप रहा था। उनके अंदर दो मर्दों का कम भर चुका था, जो धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था।

प्रिया ने सुकून की साँस ली और दोनों मर्दों की बाँहों में सिमट गईं। उन्हें महसूस हुआ कि आज उन्होंने वह सुख पाया जो उन्होंने सपनों में भी नहीं सोचा था। तीनों ने उस रात को अपनी जिंदगी की सबसे कामुक और यादगार रात बना लिया।

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