बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 3

Muth marte hue badi bahan ne pakda:- पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि सबा ने अपने गद्दे के नीचे से अपना सेमेन लगा ब्रा और पैंटी निकाल ली और साहिल को घेर लिया। साहिल ने नाक बहने का झूठ बोला। सबा ने चेतावनी दी और चली गई। सुबह नई कामवाली इंदु आई। साहिल ने उसके दूध चूसे और उससे हैंडजॉब लिया। परिवार अकीके के लिए निकला। साहिल ने सबा की गीली पैंटी सूँघकर मुठ मारी और उसके बाथरूम में छुपा कैमरा लगा दिया।

पिछला पार्ट यहाँ पढ़ें ==> बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 2

अब आगे की कहानी…

Muth marte hue badi bahan ne pakda hindi sex story

नमस्कार दोस्तों। उम्मीद है आपको मेरी कहानी पसंद आ रही होगी। प्लीज फीडबैक देते रहिए। कमेंट सेक्शन में बताइए कि आपको कहानी कैसी लगी।

तो दोस्तों अब स्टोरी कंटिन्यू करता हूँ।

मैं जब रूम में गया तो सबा के हाथ में उसकी वही ब्रा थी जिसमें मेरा सूखा हुआ सीमेन लगा हुआ था और पैंटी उसके दूसरे हाथ में थी।

वो गुस्से में आगबबूला हो रही थी।

सबा: ये तेरे गद्दे के नीचे क्या कर रहा है?

मेरे पास जवाब नहीं था। मैं बस खामोश खड़ा रहा।

फिर सबा जोर से चिल्लाई—

सबा: मुँह पे जवाब दे! मेरे कपड़े तेरे गद्दे के नीचे क्या कर रहे हैं? और तूने इसपे ये क्या लगा रखा है?

साहिल: कुछ नहीं।

सबा: मुझे सब पता है। ये तेरा सीमेन है।

मैं ये सुनके हैरान हो गया। सबा ये बोलके चुप हो गई। शायद उसे भी अजीब लग रहा था।

साहिल: नहीं। ये मेरा सीमेन नहीं है। बल्कि मेरी नाक है।

वो फिर गुस्से में आ गई।

सबा: मैं मम्मी नहीं हूँ कि तू कुछ भी बोल दे और मैं मान लूँ।

साहिल: नहीं। सच में ये सीमेन नहीं है।

सबा: अगर नाक भी है तो तेरे कमरे में गद्दे के नीचे क्यों छुपाई हुई है?

साहिल: मैं डर गया था।

सबा: नाक पोंछने के लिए मेरी ब्रा ही मिली?

उसके मुँह से ब्रा शब्द सुनके मुझे कुछ होने लगा।

सबा: जवाब दे।

फिर मुझे एक आइडिया आया।

साहिल: तुम मेरे साथ अपने रूम में चलो।

सबा के हाथ में उसकी ब्रा और पैंटी थी। वो मेरे साथ उसके रूम में चल दी।

रूम में आकर बोली—

सबा: अब बता। तूने मेरी ब्रा क्यों यूज की इस गंदे काम के लिए?

साहिल: नहीं यार। सच में वो नाक ही है।

सबा: तो इसपे कैसे लगी?

साहिल: मैं तेरे रूम में अपना लैपटॉप लेने आया था। मैंने लैपटॉप उठाया और मुझे छींक आ गई। नाक तेरे ब्रा पर गिर गई। तो मैंने सोचा मैं इसे धोके रख दूँगा और तुझे पता नहीं चलेगा।

सबा: अच्छा? ये ब्रा तो कई दिनों से गायब है। तो धोई क्यों नहीं? मुझे सच बता। वरना मैं मम्मी को ऊपर बुलाती हूँ।

साहिल: पूरी बात तो सुन। मैं ब्रा लेकर अपने रूम में गया और मैंने सोचा जब सब सो जाएँगे तब मैं धो लूँगा। फिर रात को तेरी ब्रा मैंने निकाली और धोने के लिए जाने लगा तो मम्मी ने डोर नॉक किया। मुझे लगा शायद तू है और मैंने जल्दी से उसे गद्दे के नीचे छुपा दी। फिर मैं भूल ही गया और अब तूने निकाली।

उसे लगा शायद सच बोल रहा हूँ। क्योंकि उस रात मम्मी मेरे रूम में आई थीं, ये बात वो जानती थी।

वो जाने लगी।

सबा: आगे से ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए। और ये मेरी प्राइवेट चीज है। इसलिए मेरी चीजों में घुसना छोड़ दे। और बाथरूम में भी कान लगाना छोड़ दे।

मैंने राहत की साँस ली। वो जाने लगी और दरवाजे पर जाके रुक गई।

सबा: नाक सिर्फ ब्रा पे लगी थी तो तू ये क्यों लेकर आया?

उसने अपनी पैंटी की तरफ इशारा करते हुए पूछा।

अब तो मेरी फट गई। क्योंकि पैंटी तो मैं सूँघ रहा था। उसपे सीमेन बिल्कुल भी नहीं थी।

साहिल: वो जल्दी में आ गई होगी। मुझे तो पता भी नहीं था कि पैंटी भी साथ है। दोनों सेम कलर की हैं इसलिए अब तुमने उठाई तो पता चला।

सबा: तुझे अचानक इतना जुकाम कब से होने लगा? उस दिन तू मम्मी से कह रहा था चादर पे नाक है। जबकि मैंने तुझे खुद देखा सीमेन निकालते हुए। उस दिन चादर पे सीमेन ही थी ना?

वो थोड़ा हँसते हुए बोली।

साहिल: हाँ।

सबा: पर उस टाइम जब मैं आई थी तब तो नहीं थी।

साहिल: बाद में निकल गई होगी।

सबा: निकल गई या निकाल दी?

फिर वो बोली—

सबा: बेड पे बैठ।

मैं बैठ गया। वो भी मेरे पास आकर बैठ गई और डोर लगा दी। लेकिन लॉक नहीं किया।

वो मेरे बिल्कुल करीब थी। उसके पास से परफ्यूम और उसकी पैंटी जैसी स्मेल मिक्स आ रही थी जो मुझे मदमस्त कर रही थी। उसने एक लूज टी-शर्ट और बरमुडा पहना हुआ था जो उसके घुटनों से बस थोड़ा नीचे तक आ रहा था। उसके बूब्स पे नजर गई तो मैंने नोटिस किया उसने ब्रा नहीं पहनी थी।

मेरा लंड ये सब देखके खड़ा होने लगा और लोअर में बल्ज दिखने लगा।

सबा: मत किया कर ये सब। क्यों करता है? बता।

मैं चुप रहा।

सबा: तू भूल जा कि मैं तेरी बड़ी बहन हूँ। अपनी फ्रेंड समझ के बता। क्यों करता है? क्या मिलता है ये करके?

मैं चुप रहा।

फिर उसने मेरे कंधे पे हाथ मारा।

सबा: बताना।

साहिल: अच्छा लगता है।

सबा: क्या अच्छा लगता है? सब गंदा हो जाता है ना। पाक हो जाता है। ये अच्छा लगता है तुझे?

मैंने हिम्मत की और उससे पूछा—

साहिल: तो तुम क्यों करती हो?

सबा: क्या?

साहिल: वो जो उस दिन बाथरूम में कर रही थी।

सबा: मैं बस नहा रही थी।

थोड़ा रुड होकर बोली—

सबा: अपने काम से मतलब रखा कर। और ये बेकार चीज है। आज के बाद मत करना। बस समझा। और आइंदा ध्यान रखना हर चीज का। और पढ़ाई पे ध्यान दे।

जाते-जाते बोली—

सबा: अब अपनी नाक भी अंदर रखना।

और फिर वहाँ से अपनी गाँड मटकाते हुए चली गई। मैं उसकी गाँड देख रहा था।

वो बाहर गई और बोली—

सबा: आज रूम लॉक कर लेना… मम्मी कह रही थीं इसलिए कह रही हूँ।

जब वो गई तो मैंने रूम लॉक किया और वापस आकर देखा तो उसकी ब्रा और पैंटी बेड पे ही पड़ी थी। मैंने फिर से उसका ब्रा अपने लंड पे लपेट लिया और पैंटी सूँघने लगा। मुठ मारने लगा। मेरा प्रीक्यूम उसके ब्रा पे अच्छा-खासा लग गया। फिर मैंने हटा लिया और मुठ रोक दी। इस सब में करीब 15 मिनट हो गए थे।

फिर मैंने लोअर पहना लेकिन अंडरवियर नहीं पहना। क्योंकि मेरे दिमाग में कुछ शरारती आइडिया आ गया था। उसकी ब्रा जिसपे मेरा प्रीक्यूम लगा हुआ था वो उठाया और पैंटी उठाई। उसके रूम में जाने लगा।

मुझमें इतनी हिम्मत कहाँ से आई ये मैं नहीं जानता। लेकिन मैं ये जानता था कि सबा भी चूत झाड़ती है अपनी। क्योंकि उसने मेरी बात का इनकार नहीं किया था और थोड़ा उसका बिहेवियर भी बदल रहा था।

मैं उसके रूम के बाहर आया। दरवाजा अंदर से लॉक था। मैंने नॉक किया। उसने नहीं खोला। मैं समझ गया ये झाड़ रही होगी। मैं वापस अपने रूम में आया और बाथरूम में घुस गया। उसके रूम से हल्का सॉन्ग की आवाज आ रही थी। उसकी हल्की-हल्की आवाजें आ रही थीं। बस वो भी रुक-रुक की आह-आह की। मैं समझ गया ये चूत झाड़ रही है।

मैंने सोचा इसने मेरा मजा एक बार खराब किया है। आज मैं करूँगा।

मैं वापस उसके रूम के बाहर आया। नॉक किया।

साहिल: सबा खोलो। कुछ काम है।

और नॉक करता रहा। दो मिनट बाद सबा ने गेट खोला।

सबा: क्या है????

वो पसीने में पूरी तर हो रही थी। उसकी टी-शर्ट भी पसीने में थी जिसमें से उसके निप्पल दिख रहे थे। उसने एक हाथ पीछे छुपाया हुआ था। उसके बूब्स बहुत ज्यादा बड़े दिख रहे थे और उसके निप्पल्स भी पॉइंटेड थे। जो उसकी लाइट येलो टी-शर्ट में साफ दिख रहा था।

सबा: क्या देख रहा है कमीने?

मैं डर गया।

साहिल: तुम्हारी ब्रा और पैंटी वहीं रह गई थी। लो… पहन लो। मतलब ले लो।

सबा: ज्यादा नहीं बोल रहा तू कुछ?

साहिल: तू क्या कर रही थी? मुझे बाथरूम में आवाज आ रही थी तेरी।

सबा: मैं वर्कआउट कर रही थी। तेरी तरह नहीं हूँ।

साहिल: पीछे क्या छुपाया हुआ है?

मैंने अपने पैर से उसके रूम का दरवाजा बंद किया और उसके तरफ आगे बढ़ा।

साहिल: क्या है पीछे?

वो मुझसे छुपाने लगी।

सबा: मैं मम्मी को आवाज लगा दूँगी।

मैंने उसका एक हाथ पकड़ा और उसके दूसरे हाथ को आगे किया। जो मैंने देखा वो किसी भी भाई को हैरत में डाल देता।

सबा के हाथ में छोटा सा ब्लैक कलर का वाइब्रेटर था।

साहिल: ये क्या है?

सबा: कुछ नहीं। तू बाहर जा।

लेकिन मैं कहाँ जाने वाला था।

साहिल: तू इससे करती है? मुझसे दो कदम आगे है और मुझे डाँटती रहती है।

फिर मैंने कहा—

साहिल: मुझे पता है ये वाइब्रेटर है। मैंने एक मूवी में देखा था।

फिर वो थोड़ी लूज पड़ गई।

सबा: सुन। ये वो नहीं है। ये मेरी मेडिकल का इंस्ट्रूमेंट है जो पल्स बताता है।

साहिल: नहीं।

सबा: अगर तू पाँच तक गिनती पे बाहर नहीं गया तो मैं मम्मी से बोल दूँगी कि तू मेरी ब्रा और पैंटी से मस्तurbation करता है।

मेरी तो फट गई। क्योंकि आज तो प्रीक्यूम भी लगा था ब्रा पे।

साहिल: ठीक है। तू एन्जॉय कर। और ये ले ब्रा अपनी।

उसने मुझे एक थप्पड़ मारा जोर से और मेरे हाथ से ब्रा और पैंटी छीन ली। पकड़ते ही बोली—

सबा: ये क्या है चिपचिपा?

साहिल: नाक है। तेरे मेडिकल इंस्ट्रूमेंट की तरह।

और मैं बाहर आ गया गुस्से में। क्योंकि मुझे बहुत जोर की पड़ी थी।

मैं अपने रूम में आया। रूम लॉक किया और बाथरूम में गया। लेकिन उसकी आवाज नहीं आई तो मैं समझ गया वो रूम में ही कर रही होगी। मैं बेड पे आकर लेट गया और मुठ मारके कई दिनों का फ्रस्ट्रेशन बाहर निकाल लिया। चादर, फ्लोर और साइड टेबल गंदी हो गई।

थोड़ा-बहुत साफ किया और लेट गया।

अगले दिन संडे था तो मैं आराम से उठने का सोचके सो गया। लेकिन सुबह जोर-जोर से रूम नॉक हुआ। मैं नींद में उठा और रूम खोला। देखा कि एक साड़ी पहने हुए सेक्सी फिगर वाली आंटी खड़ी हैं और उनके हाथ में झाड़ू है। ये मेरी कामवाली बाई तो नहीं थी। मैंने आज इसे पहली बार देखा था। (हमारी बाई आज छुट्टी पर थी तो उसने काम के लिए इसको भेज दिया था।)

उसके बूब्स 36 के होंगे शायद और मस्त फिगर और गाँड।

मैं ये भूल ही गया कि मैं न्यूड हूँ। वो मुझे देखके हैरान हो गई। मैं दरवाजा खोलके वापस आकर लेटने लगा। तब मुझे अहसास हुआ कि मैं न्यूड हूँ। मैंने कंबल ओढ़ा और लेट गया।

फिर वो अंदर आई।

इंदु: सॉरी।

साहिल: कोई बात नहीं।

वो अपने काम में लग गई और मैं उसकी गाँड और दूध देखने लगा। मेरा लंड कंबल से खड़ा हो गया। पाँच मिनट बाद वो चली गई। मैंने रूम लॉक किया। लोअर और टी-शर्ट पहना बिना अंडरवियर के। और रूम अनलॉक करके लेट गया।

दस मिनट बाद वो फिर से आई पोछा लगाने।

इंदु: उठ गए आप?

साहिल: हाँ।

वो हँसने लगी और पोछा लगाने के लिए झुक गई। वो कुछ ज्यादा ही झुक रही थी और दूध दिखा रही थी। जिसे कोई भी समझ सकता था कि ये खुद दिखाना चाह रही है। फिर उसने अपना पल्लू भी गिरा दिया और मेरे करीब आकर साफ करने लगी। मेरा लंड लोअर में से खड़ा हो गया।

उसने देखा।

इंदु: क्या हुआ भैया?

साहिल: कुछ नहीं।

और उसे लंड आगे करके और दिखाने लगा लोअर में से ही।

वो मेरा लंड बिल्कुल पास से गौर से देख रही थी। उसका पल्लू गिरा हुआ था और वो अपने घुटनों पे खड़ी हुई थी। मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसके दूध पे हाथ लगा दिया।

इंदु: ये क्या कर रहे हो?

मैंने कुछ नहीं कहा। वो हँसने लगी। और फिर झुकके पोछा लगाने लगी। मेरी तरफ अपनी गाँड करके दिखाने लगी। मैं आगे बढ़ा और उसकी गाँड पे हाथ रख दिया। उसने एकदम से खुद को आगे कर लिया।

इंदु: नहीं। ऐसा मत करिए। कोई देख लेगा।

साहिल: नहीं। सब नीचे हैं।

इंदु: नहीं। ये सही नहीं है। मैं आपको भैया मानती हूँ अपना।

साहिल: तो क्या हुआ? मुझे बस देखना है तुम्हारे दूध।

इंदु: नहीं। आज सब घर में ही हैं।

साहिल: सब नीचे हैं। बस एक बार बाहर निकालके दिखा दो। फिर अंदर कर लेना।

वो थोड़ी शर्माई और घबराई।

इंदु: पहले आप दरवाजा थोड़ा बंद कर दो।

मैं दरवाजा बंद करके मुड़ा तो उसके दूध बाहर निकले हुए थे दोनों। बड़े-बड़े रसीले कसे हुए दूध और उनपे डार्क ब्राउन निप्पल। मेरा लंड अब बिल्कुल खड़ा हो गया।

साहिल: इधर आओ।

वो मेरे पास आई। मैंने उसके दूध दोनों हाथों से पकड़ लिए और दबाने लगा। थोड़ी देर में मुझे अहसास हुआ कि मेरे लंड पे कुछ हो रहा है। मैंने देखा तो उसने मेरा लंड पकड़ रखा था लोअर के ऊपर से ही।

इंदु: अब आप दिखाओ।

साहिल: देख तो चुकी हो।

इंदु: पूरा नहीं देखा था।

मैंने लोअर खिसकाया और लंड बाहर। उसने हाथ में लिया।

इंदु: अच्छा है आपकी एज के हिसाब से।

उस समय मैं 19 का था। मेरा लंड करीब 6 इंच का था। मैंने उसके दूध मुँह में लिए और चूसने लगा। उसने मेरा लंड हिलाना शुरू कर दिया। 5-7 मिनट में ही मैं उसके दूध चूसते हुए उसके हाथ पे झड़ गया। मेरा माल उसके हाथ पे, उसकी टाँगों पे, उसकी साड़ी पे और फ्लोर पे गिरा।

इंदु: अब आप नीचे जाओ। मैं ये साफ करती हूँ।

मैंने उसके बूब्स चूसे।

साहिल: ठीक है।

फिर उसने कपड़े सही किए और मैंने भी। मैं सोचने लगा—आज तो मजा आ गया। पहली बार किसी के पूरे बूब्स देखे और चूसे। और अपना लंड किसी और से हिलवाया। दैट वॉज माय फर्स्ट हैंडजॉब एंड सक।

मैं रूम से बाहर निकला और नीचे गया तो देखा सब नाश्ता कर रहे थे। मैं भी हैंड वॉश करके नाश्ता करने बैठ गया। थोड़ी देर बाद पापा बोले—

पापा: हम सब शारिक भाई के यहाँ जाएँगे। अभी थोड़ी देर से उनके बेटे का अकीका है।

(अकीका यानी मुंडन)। शारिक मेरे पापा के छोटे भाई हैं यानी मेरे चाचा हैं।

साहिल: आप लोग जाओ। मुझे उनके यहाँ जाना अच्छा नहीं लगता।

पापा ने कुछ नहीं बोला। थोड़ी देर बाद सबा मेरी तरफ देखने लगी। फिर सबा भी बोल दी—

सबा: आप लोग अनम को ले जाओ। मैं सपना के यहाँ चली जाऊँगी। थोड़ा काम भी है मुझे उससे।

सपना सबा की फ्रेंड है जो हमारी ही गली के कॉर्नर वाले घर में रहती है रूम किराए से लेकर।

मम्मी: ठीक है। साहिल को खाना भी दे देना।

फिर मैं वापस अपने रूम में आ गया और सोचा कि आज से बस स्टडी करनी है। लेकिन दोस्तों आप भी जानते हैं कि जिस दिन स्टडी करने का इरादा करो उस दिन बिल्कुल स्टडी नहीं होती।

मैं रूम में पहुँचा और मैंने देखा कि बाई अभी भी रूम में ही है और मेरा सीमेन अपनी साड़ी पे से साफ कर रही है। उसकी गाँड मेरी साइड थी। तभी सबा भी ऊपर आ गई और मेरे कंधे पे हाथ रखा। चूँकि मेरा ध्यान बाई की गाँड पे था, सबा के हाथ रखते ही मैं एकदम चौंक गया।

सबा: क्या हुआ?

साहिल: कुछ नहीं।

फिर उसने रूम में देखा और शायद समझ गई।

साहिल: पल्स ठीक है?

वो गुस्से में अपने रूम में गई और जोर से दरवाजा बंद कर लिया।

मैं रूम में एंटर हुआ। बाई मेरी तरफ मुड़ी।

इंदु: मैं रोज नहीं आ सकती। लेकिन आप चाहो तो मेरे घर आ सकते हो। मैं अकेली रहती हूँ अपने बुड्ढे बाप के साथ।

साहिल: तुम्हारा घर कहाँ है?

उसने बताया मिलिटरी एरिया के पीछे वाली बस्ती में। किसी से भी पूछ लेना इंदु के बारे में।

साहिल: अच्छा। पूरी बस्ती में फेमस हो?

फिर वो हँसते हुए चली गई। लेकिन मुझे उसमें इंटरेस्ट नहीं था और न ही इतनी हिम्मत कि किसी के घर जाके उसे चोदूँ।

मैं रूम आकर लेट गया और पढ़ने लगा।

करीब आधा घंटा मैंने जूलॉजी पढ़ी। फिर मम्मी मेरे रूम में आईं।

मम्मी: हम लोग जा रहे हैं। सबा भी सपना के घर गई अभी। अब तुम ख्याल रखना। और बस पढ़ाई करना।

उन्होंने जोर देते हुए कहा।

साहिल: हाँ ठीक है।

मम्मी ने नॉर्मल शलवार-कमीज पहना था जिसमें वो बहुत खूबसूरत लग रही थीं।

फिर वो नीचे चली गईं और अनम और पापा के साथ निकल गईं। मैं नीचे गया और मैंने घर का मेन दरवाजे की कुंडी लगाई। वापस रूम में आकर लेट गया।

थोड़ी देर बाद मुझे सुबह का मंजर याद आया। इंदु के दूध चूसना और उसके हाथों में मेरा लंड। फिर मैं सबा को इमेजिन करने लगा और याद आया कि सबा के रूम में जाके उसका वाइब्रेटर ढूँढता हूँ।

मैं उसके रूम में गया और उसका वाइब्रेटर ढूँढने लगा। मैंने हर जगह देखा पर वो कहीं नहीं मिला। मैं उसकी अलमारी में देख रहा था तो मुझे उसका वही ब्रा और पैंटी दिखी।

उसने उसे अभी तक नहीं धोया था। और उसकी पैंटी देखके लग रहा था कि उसने ये अभी उतारी है। क्योंकि वो थोड़ी सी वेट थी और उसमें से उसकी चूत की खुशबू आ रही थी। मैंने उसे हाथ में लेकर खोला तो उसमें उसका पानी लगा हुआ था चूत का।

ये देखके तो मैं पागल हो गया। मैंने उसी वक्त लोअर उतार दिया और सबा के बेड पे लेट गया। उसकी ब्रा अपने लंड पे लपेट ली और पैंटी को अच्छे से सूँघने लगा।

मैं उसकी चूत की खुशबू फील कर पा रहा था। क्या खुशबू थी दोस्तों। अगर आप लोगों में से किसी ने अपनी बहन की पैंटी सूँघी है तो आप समझ सकते हैं। और जिन लोगों ने नहीं स्मेल की वो भी कभी ट्राई करें। आप समझ जाएँगे। मेरी कई बहनें ये कहानी पढ़ रही होंगी वो समझ सकती हैं मैं क्या कहना चाह रहा हूँ। ये खुशबू ऐसी है कि इसे बस फील किया जा सकता है। अल्फाज में बयान नहीं किया जा सकता।

मैं सबा की पैंटी सूँघ रहा था और ब्रा लंड पे लपेटे हुए था। मेरा बस पानी झड़ने वाला था। मैंने उसकी ब्रा और पैंटी एक साथ रखी उसके बेड पे और उसके ऊपर मुठ मारके पूरा माल निकाल दिया। ज्यादातर सब ब्रा और पैंटी पे ही गया था और थोड़ा-बहुत उसकी बेडशीट पे।

मैंने उसकी ब्रा और पैंटी से ही चादर साफ की और उसे फिर वापस उसकी अलमारी में रख दिया।

मैं ये सोच रहा था कि अब अगर वो आएगी गुस्से में तो मैं लिटाके उसके ऊपर लेट जाऊँगा और सीधे किस करूँगा। वो मुझे रोक नहीं पाएगी क्योंकि उसके अंदर भी चुदाई और सेक्स का कीड़ा जाग रहा था।

मैं वापस रूम में आया और लेट गया। फिर मुझे आइडिया आया कि क्यों न मैं सबा के बाथरूम में अपना साइबरशॉट कैमरा रख दूँ?

लेकिन मैंने सोचा इतना बड़ा कैमरा है वो देख लेगी। फिर मैं उसके बाथरूम का मुआयना करने गया। चारों तरफ अच्छे से देखने के बाद मुझे बाथरूम में लगा गीजर दिखाई दिया। मैं स्टूल लेकर आया और उसके ऊपर चढ़के देखा तो गीजर का ढक्कन रिमूवेबल था। मैंने सोचा इसे हटा देता हूँ और इसमें कैमरा रख दूँगा।

मैंने हटा दिया और कैमरा रखकर देखा तो वो उसमें फिट आ गया। लेकिन उसमें छेद नहीं था तो मैंने स्क्रू ड्राइवर से ढक्कन में छेद किया और फिर उसे बड़ा करके देखा तो कैमरा का लेंस उसमें फिट आ रहा था। और बाहर कुछ खास दिखाई भी नहीं दे रहा था।

अब मैंने सोचा कि अगर इसे अभी ऑन कर दूँगा तो बैटरी लो हो जाएगी। तो मैंने करीब दो बजे सबा को लैंडलाइन से कॉल लगाया।

साहिल: मुझे भूख लग रही है।

सबा: दस मिनट में आ रही हूँ।

तो मैंने करीब पाँच मिनट बाद वो कैमरा उसमें फिट कर दिया और उसे ऑन करके अपने रूम में आ गया।

कुछ देर बाद सबा आई और उसने थोड़ी देर बाद ही मुझे खाने के लिए नीचे बुला लिया। मैं नीचे गया।

साहिल: इतनी जल्दी बना लिया?

सबा: टमाटर की चटनी बनाई है।

मुझे बहुत पसंद है इसलिए मैंने कुछ नहीं बोला। खाना खाके अपने रूम में चला गया। और रूम लॉक करने लगा तो सबा बोली—

सबा: रूम क्यों लॉक कर रहा है?

साहिल: ऐसे ही।

सबा: नहीं। कोई जरूरत नहीं है।

साहिल: तुम भी आज के बाद रूम लॉक मत करना।

फिर मैंने जानबूझकर पूरा दरवाजा खोला और जाके लेट गया।

सबा अपने रूम में चली गई। और जोर से आवाज लगाई—

सबा: साहिल!!!!

मैंने अवॉइड करते हुए कहा—

साहिल: अब क्या है????

मैं समझ गया था कि उसने ब्रा-पैंटी देख ली होगी।

सबा: कुछ नहीं। तुझसे कुछ कहने का फायदा नहीं है।

फिर मुझे उसके बाथरूम में जाने की आवाज आई। और मैं अब बस इंतजार कर रहा था कि वो वापस सपना के घर जाए और मैं वीडियो देखूँ।

करीब आधे घंटे बाद सबा बाहर आई।

सबा: सपना के यहाँ जा रही हूँ। छह बजे तक आऊँगी। आज के बाद तू कुछ नहीं करेगा। बस ये तेरी बिल्कुल आखिरी वार्निंग है। और मेरे ब्रा या…

ये बोलके वो चुप हो गई। फिर बोली—

सबा: मेरी किसी भी चीज को हाथ लगाया तो सोच लेना।

मैं सीधा और डरा हुआ बनने का नाटक किया।

साहिल: मैं अब कमरे में ही नहीं जाऊँगा। जब से तूने मेरा लैपटॉप लिया है तब से हो रहा है ये।

सबा: क्यों? लैपटॉप में क्या है ऐसा? डिलीट कर तो दिया था???

साहिल: हाँ।

सबा: मैं बाद में चेक करूँगी दोबारा।

और वो ये बोलके चली गई।

मैंने बाहर का गेट बंद किया और सीधा सबा के रूम गया। बाथरूम में जाके कैमरा निकाला। वापस अपने रूम आया। मैंने वीडियो स्टॉप की और फिर उसे देखा।

जो मैंने देखा उसे देखके मैं दंग रह गया। क्योंकि वो सब बिल्कुल अनएक्सपेक्टेड था।

वीडियो में क्या था ये जानने के लिए पढ़ते रहिए और फीडबैक जरूर दीजिए।

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