घर की विधवा औरतें और हल्लाबी लंड

Desi Chudai Hindi Sex Story:- रिया (39 साल) की बेहद खूबसूरत और अच्छे कद काठी वाली औरत है, जिसका बूब्स 36 साइज की एक हॉट बॉडी वाली मध्यम महिला है। रिया का एक बेटा जिसका नाम रोहन(18) साल का है। वो दिखने में हैन्सम और अच्छी बॉडी के साथ एक फेसकट भी होता है। रोहन ने अभी अभी बारहवीं पास की थी। रोहन की एक बड़ी बहन भी है, प्रिया जिसकी उम्र 20 साल है। रिया ने उसकी शादी कर दी और प्रिया को उसके ससुराल भेज दिया, जहा पर वह बहुत खुश है.

Desi Chudai Hindi Sex Story

बात उन दिनों की हैं जब रोहन की पिता की मौत एक एक्सीडेंट में हो जाती है, जिसके बाद रिया और उसका बेटा रोहन अकेला हो जाता है। यू ही कुछ दिन चलते है. रिया को अपने बेटे की शादी चिंता थी। रोहन ने हाल में ही बारहवीं पास की थी, दूसरी तरफ उसके पिता भी इस दुनिया में नहीं रहे थे। रोहन के पिता की मौत के बाद रोहन के चाचा चाची, उनकी बड़ी बुआ यानि रोहन के पिता के सगे संबंधियों का नजरिया बदल चुका था, वह रोहन और रिया की प्रॉपर्टी को हथियाना चाहते थे। रिया के ससुराल वालों की तरफ से सभी रिश्तेदार मतलबी थे, सिर्फ उनकी छोटी नन्द को छोड़कर।

रिया की छोटी ननद का नाम प्रीती (40 साल) है, वह एक विधवा औरत हैं, प्रीती अपने गांव में रहती है, प्रीती के पति की ज्यादा दारू पीने से किडनी फेलियर के चलते मौत हो गयी। पति की गवर्नमेंट नौकरी होने के कारन, उसको नौकरी और पेंशन दोनों मिलती थी। प्रीती ने अपनी बेटी पूनम(19 साल) की शादी हाल में ही करी थी. प्रीती दिखने में खूबसूरत थी, गोरा बदन, मध्यम साइज की बॉडी है, विधवा होने के कारन वह अक्सर सफ़ेद साड़ी और ब्लाउज में ही दिखती थी।

एक दिन की बात है प्रीती के भाई की मौत हुए कुछ दिन ही हुए होते है, वह अपने भाभी के घर पर आती है और दोनों बैठकर बातें करते है.

प्रीती अपनी भाभी को समझाती हुई प्रीती:- भाभी जो हुआ सो भूल जाओ, अब जीवन में आना जाना तो लगा ही रहता है.

रिया:- हां प्रीती लेकिन अब कर भी क्या सकते है एक ही बेटा है, पति की मौत के बाद पिता के बिसनेस की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ चुकी है और मैं सोच रही हूँ की में उसकी शादी करा दू.

तभी घर पर रिया की बेटी और उसका दामाद आ जाता है, रिया की बेटी प्रिया और उसका दामाद राहुल दोनों रिया और उसकी ननद एक दुसरे को नमस्ते करते है.

प्रिया:- माँ आप रोहन की शादी के विषय में बात कर रही है.

रिया:- हां बेटा.

राहुल:- माँ आप बोले तो मैं एक लड़की को जानता हूँ.

प्रीती:- हां एक बार देखने में हर्ज़ ही क्या है जब शादी करनी हैं तो.

रोहन के लिए एक के बाद एक लड़किया देखि गयी, लेकिन हर बार रोहन और उनके परिवार रिजेक्ट कर देते या फिर रोहन को लड़किया रिजेक्ट कर देती. जब रिया और उसकी ननद प्रीती दोनों ही रोहन के लिए लड़की देखते देखते थक गए. तब घर पर आराम से बैठे हुए रोहन के बारें में सोच रहे होते है की रोहन वहाँ अपने बैडरूम की तरफ जाता है तब रोहन की बुआ बोली.

प्रीती:- रोहन तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या.

रोहन:- नहीं बुआ नहीं है.

रिया:- अच्छा तुझे कैसी लड़की पसंद है.

रोहन मुस्कुराया और बिना कुछ बोले चला गया.

रिया:- ननद जी एक बात मैं सोच रही हूँ क्यों ना मैं रोहन की कुंडली दिखा लू.

प्रीती:- हां यह बात भी सही है कम से कम पाता चले की कुंडली में कोई दोष है या नहीं.

रिया:- मुझे भी यही लगता है रोहन को तो कोई फिकर ही नहीं है अपनी शादी को लेकर.

प्रीती:- एक बार शादी हो जाने दे, सब ठीक हो जाएगा.

रिया:- ननद जी तुम्हे कोई पंडित मालूम हैं.

प्रीती:- मुझे मालूम है लेकिन भाभी पहले अपने यहाँ पर पता करो.

रिया:- अच्छा है मेरे पति के परिचित के एक पंडित है उनसे पूछती हूँ की रोहन की कुंडली दिखनी है।

रिया ने पंडित को फ़ोन लगा कर टाइम फिक्स किया और अपने घर पर बुलाया, पंडित जी के पास में घर के सभी लोग रिया (रोहन को माँ), प्रिया-राहुल(रोहन को बहन और जीजा), प्रीती(रोहन की बुआ) चारो लोग मौजूद होते है। रोहन अपने पिता का बिसनेस संभालता है. पंडित जी रोहन की कुंडली देखते है, पंडित जी के चेहरे पर गम्भीरता का भाव होता है और काफी चिंतित भी दिखाई देते है। पंडित जी के चेहरे पर चिंता का भाव और गम्भीरता को देखकर आसपास बैठे हुए रिया की माँ बहन बुआ और जीजा सभी को चिंता होती है। रिया ने अपने बेटे रोहन के लिए बोली.

रिया:- पंडित जी आपका चेहरा बड़ी चिंता और गंभीर दिखाई दे रहा है मेरे बेटे के कुंडली में को दोष है क्या?

पंडित जी ने चारो को देखा और फिर एक गहरी सास छोड़ी और बोले.

पंडित जी:- दोष तो है रोहन की कुंडली में, कोई लड़की नहीं है सिवाए?

रिया:- सिवाय क्या पंडित जी.

पंडित जी:- अगर आप सुनने और करने इच्छुक है तो बताता हूँ.

प्रीती:- अरे अपना ही बच्चा है, हम नहीं सोचेंगे तो फिर कौन सोचेगा.

पंडित जी:- रोहन की कुंडली में किसी बड़ी उम्र की विधवा, उम्र 10 या 20 साल के बीच का फर्क होना चाहिए, उसकी शादी किसी विधवा से ही कराईये, उसकी चार विधवा से शादी होगी और वही विधवा आगे चलकर उसके बच्चो की माँ बनेगी.

पंडित जी की बातें सुनकर बैठे हुए सभी लोग चौंक गए, लोगो के पास कोई शब्द ही नहीं थे की क्या बोले.

पंडित जी:- और यह भी है की रोहन के मन में बड़ी उम्र की औरतो को लेकर काफी उत्साह भी है.

प्रिया:- रोहन ने तो कभी नहीं बताया इस बारे में.

पंडित जी:- रोहन ने नहीं बताया बेटा, लेकिन कुंडली तो यही कह रह हैं बाकि भगवान की इच्छा.

रिया:- ठीक है पंडित जी.

पंडित जी अपनी दक्षिणा लेकर वापिस चले जाते है, घर पर सभी लोग यह सुनकर थोड़ा गभीर हो जाते है और चिंतित भी. शाम हो जाती है घर पर खाना बन जाता है, रोहन भी घर आ जाता है फ्रेश होकर खाना खाने की तैयारी करता है. खाना खाने के बाद सभी लोग अपने अपने रूम में सोने के लिए चले जाते है. रात को रिया और उसकी ननद दोनों एक बैडरूम में बातें करते हुए.

प्रीती:- भाभी आपको क्या लगता है विधवा कहा मिलेगी. जो शादी करा सके रोहन की.

रिया:- मुझे भी नहीं समझ आ रहा है.

प्रीती:- अगर रोहन की शादी किसी बड़ी उम्र वाली औरत से करा दे, तो समाज हमें ही गाली देगा.

रिया:- हमें अलग अलग पंडित को दिखानी चाहिए रोहन की कुंडली क्यूँ क्या कहती हो.

प्रीती:- हां मुझे भी यही लगता है.

रिया प्रीती और रोहन की बड़ी बहन और रिया का दामाद सभी लोग मिलकर अलग-अलग पंडित जी को दिखाते है लेकिन रिजल्ट सेम ही आ रहा था, जिस कारण चारो लोग घर पर आकर बैठकर आराम करने लगते है और रिया की बेटी प्रिया सभी के लिए ट्रे में लस्सी लेकर सबको देती है. और वो लोग आगे के लिए आपस में बातें करते है.

प्रिया:- एक भाई छोटा, लेकिन उसकी शादी किसी विधवा या बड़ी उम्र वाली औरत से करेंगे तो समाज में क्या इज्जत रहेगी? हमारी तो नाक काट जाएगी.

रिया:- बेटी बात तो सही है, लेकिन कौन विधवा करेगी इससे शादी. जिसके 1 या 2 बच्चे वाली या फिर जो भरी जवानी में विधवा हो चुकी हो उससे शादी करा सकते है.

प्रीती:- अरे भाभी भरी जवानी वाली विधवा मतलब क्या है? रोहन की कुंडली में बड़ी उम्र वाली औरत कहाँ मिलेगी यह भी तो सोचो.

प्रिया:- लेकिन माँ अगर रोहन की शादी करा भी दी, तो यह प्रॉपर्टी का भी ध्यान रखना पड़ेगा, पता चला की शादी के बाद रोहन को ब्लैकमेल और फिर प्रॉपटी अपने नाम और भैया की मौत आप समझ रही है.

प्रीती:- हां बात तो प्रिया बेटी सही बोल रही है.

इस तरह चारो में बैठकर सोच बिचार करते है पर कोई हल नहीं निकलता, तब तक रोहन आ जाता है जिसके बाद खाने की तैयारी फिर अपने अपने बैडरूम में सो जाते है. रिया की माँ के मन मे रोहन को लेकर बहुत सवाल थे। अगली सुबह प्रीती और रिया की बेटी प्रिया और दामाद राहुल सभी लोग अपने अपने घर चले जाते है.

रिया घर का दरवाजा बंद करने के बाद, वह जैसे ही बैडरूम में आती है तो उसकी नजर अलमारी में लगे शीशे पर पड़ती है और वह आगे बढ़ती है। रिया खुद को शीशे के सामने रोकती है और अपनी साड़ी का पल्लू ठीक करते हुए, अलमारी में लगे शीशे के सामने खड़ी होकर खुद को देखती है। खुद को देखते-देखते एक रिया के मन एक सवाल आता है। रिया खुद को अपने बेटे रोहन की दुल्हन के रूप में देखने लगती है। और जब वह यह बात सोचती है तो उसके मन में एक अजीब सी सिरहन दौड़ती है और वह खुद को कोसते हुए.

रिया:- कैसी माँ हूँ मै? ऐसा भी होता है क्या कभी.

ऐसे ही शाम हो जाती है शाम को रोहन खाना खाता है और रोहन बोलता है.

रोहन:- माँ आज की न्यूज़ पढ़ी आपने.

रिया:- क्या न्यूज़ है.

रोहन:- एक माँ ने अपने बेटे से शादी कर ली और 15 दिन मे 1 महीने का गर्भ ले कर अपने घर आयी तो पति ने तो घर छोड़ दिया और अपनी पत्नी को तलाक दे दिया.

रिया:- उफ़.. आजकल की औरते.

रोहन ने खाना खाया और अपने बैडरूम में चला जाता है, रिया भी अपने बैडरूम में चली जाती है सो जाती है. अगली सुबह रोहन ऑफिस के लिए घर से निकल जाता है, रिया अब घर पर अकेली होती है वह अपने बैडरूम में बैठकर कुछ सोचती हुई उठी और रोहन के बैडरूम में चली जाती है। रिया ने जब रोहन का कमरा को देखा तो उसका कमरा गन्दा था, उसने देखा की बेड की चादर ठीक से नहीं फैली होती है, तकिया भी ठीक से नहीं रखा होता। रिया ने रोहन का बैडरूम ठीक किया, बैडरूम को ठीक करने के लिए जैसे ही उसने टाकिया उठाया तो देखा तकिये के नीचे एक मैगज़ीन पड़ी हुई थी। रिया ने जब मागज़ीन उठा कर कुछ पेज पलटे, तो देखा की कुछ बड़ी उम्र की औरते जिन्होंने नंगी फोटोशूट कराई हुई थी उनकी इमेजेज लगी हुई थी।

रिया यह देखकर दंग रह गयी, यह सब देखकर उसे पंडित जी की बातें याद आ गयी, जैसा की उन्होंने कहा था रोहन को बड़ी उम्र की लड़किया पसंद है. रिया अब रोहन के कमरे में बैठकर सोचने लगी, उसने एक न्यूज़ के बारे में भी बताया, जिसमे माँ ने अपने बेटे से शादी करी और एक माह की गर्भवती भी है जिस कारण औरत के पति ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया. रिया यह सब सोचते हुए राहुल के बैडरूम में उठी और मागज़ीन को तकिये के नीचे रखा और अपने बैडरूम में चली आयी।

रिया यह सब सोचते हुए समाज का डर लोग क्या कहेंगे? यहाँ तो की घर की इज्जत के बारें में सोचा, यह सब सोचते हुए रिया बेड पर लेट जाती है और सोचते हुए की बैडरूम की छत को देखते हुए पंखा भी चल रहा होता है, रिया यह सोचते हुए की जब घर में पैसा ही नहीं होगा, प्रॉपर्टी नहीं होगी तो, क्या इज्जत क्या सम्मान। जब समाज पहचानने से ही इंकार कर देगा, आजकल प्रॉपर्टी है तो चार लोग हैं, कल प्रॉपर्टी नहीं होगी तो समाज भी पहचानने से इंकार कर देगा. रिया को यह सब सोचते हुए कब नींद आ जाती है पता ही नहीं चलता.

रिया की नींद शाम को 6 बजे खुलती है, रिया का शरीर बहुत हल्का लग रहा होता है, जैसे वह बहुत दिनों बाद एक अच्छी नींद लेकर उठी हो, तब तक रोहन भी घर में आ जाता है। रिया ने खाना बनाना शुरू किया, फिर दोनों ने खाना खाया और सो गए. अगले दिन रोहन के ऑफिस जाने के बाद रिया घर पर पर अकेली थी, कई बार सोचने के बाद रिया ने सोचा की वह अपने बेटे से शादी करेगी और उन चार विधवा महिला की खोज करेगी जो विधवा हो. रिया ने यह सोचा ही था की उसके मोबाइल पर एक फ़ोन आया, जब रिया ने फ़ोन उठाया तो फ़ोन उसकी समधन का था, रिया ने फ़ोन उठाया.

रिया:- नमस्कार समधन जी! उसकी समधन, जिसका नाम गरिमा(40) हैं दिखने में हष्ट पुष्ट और घरेलु महिला होती है, गरिमा भी विधवा है, गरिमा की एक बेटी और होती है जिसका नाम गुंजन(18) होता है.

गरिमा:- नमस्कार समधन जी बड़े दिन हो गए हैं आपने फ़ोन नहीं किया, तो मैंने सोचा मैं ही कर लू.

रिया:- ऐसी बात नहीं है गरिमा जी आप तो जानती है, बेटे को लेकर थोड़ी टेंशन होती है.

गरिमा:- जी हां मैं भी जानती हूँ, आप अपने बेटे को लेकर कितनी चिंतित है.

रिया:- हम्म.. बताईये कैसे फ़ोन करना हुआ.

गरिमा:- मेरी छोटी बेटी की शादी है, गुंजन आप तो जानती है मुस्कुराते हुए.

रिया:- हां मैं जानती हूँ.

गरिमा:- आपको आना है मेरी बेटी की शादी में मुस्कुराते हुए.

रिया:- आप भी कैसी बातें कर रही है आपकी बेटी मेरी बेटी आपने बुलाया और मैं चली आउंगी.

गरिमा:- 1 महीने बाद मेरी बेटी की शादी है, अगर आप फ्री हो तो कल आ जाईये. आप साथ में रहेंगी तो काम में हाथ बंट जाएगा.

रिया:- ठीक है मैं आ जाउंगी.

फ़ोन कट होने के बाद शाम को रिया की ननद प्रीती का फ़ोन आ जाता है.

रिया:- हां ननद जी।

नमस्ते भाभी.

रिया:- नमस्ते.

प्रीती:- भाभी रोहन को यहाँ भेज देना, जरूरी काम हैं क्योकि गांव में चोरी के मामले बढ़ चुके है.

रिया हैरानी से.

रिया:- अच्छा….

प्रीती:- ठीक है मैं रोहन से बात करूंगी.

तब तक रोहन घर में आ जाता है और रिया फ़ोन पर होती हैं रिया ने अपने बेटे रोहन से पूछा.

रिया:- रोहन बेटा तुम अपनी बुआ के गांव जाओगे क्या क्योकि वह अकेली है और गांव में चोरी के मामले भी बढ़ गए है.

रोहन:- ठीक है मैं कल ही चला जाता हूँ.

रिया:- ठीक है कल भेज दूँगी.

रोहन चला जाता है और रिया और प्रीती आपस में बातें करने लगती है. नन्द और भाभी ने बातें ख़त्म होने के बाद. रिया खाना बनाने चली जाती है और दोनों माँ बेटे खाना खाकर अपने अपने बैडरूम में सो जाते है.

अगली सुबह रोहन रेडी हो जाता है और रिया भी रेडी हो जाती है। रिया अपने बेटे को रेलवे स्टेशन छोड़ देती है और कार से अपने दामाद के घर चली जाती है. रिया जब अपने समधी के घर पर पहुँचती है तो देखती है की शादी की तैयारियां चल रही होती है, उधर दामाद राहुल ने अपनी सास रिया को देखा और नमस्ते किया। राहुल ने अपनी सास का बैग उठाया और अंदर रखा. प्रिया भी आयी और अपनी माँ को नमस्ते किया.

प्रिया:- माँ रोहन नहीं आया? कोई काम हैं क्या उसे.

रिया:- नहीं बेटा गांव में चोरी बहुत हो रही है, तो उसे बुआ के पास भेज दिया.

प्रिया ने मुस्कुराते हुए बोला।

प्रिया:- अच्छा… अच्छा…

रिया ने अपनी समधन जी को देखा दोनों अंदर गए और चाय नाश्ता करते हुए बातें करने लगे.

गरिमा:- अच्छा तेरे बेटे की शादी की बात चल रही थी, लड़किया देखि क्या हुआ.

रिया:- लड़कियां देखि लेकिन जब कुंडली दिखाई तो जवान लड़की का कोई योग नहीं है, बड़ी उम्र वाली विधवा औरत से शादी का योग हैं.

गरिमा:- दोष मिटाने को लेकर कोई बात तो हुई होगी?

रिया:- नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ, जब बात करी तो सब किस्मत पर हैं.

गरिमा:- कुंडली में कुछ ऐसा जो अलग से बताया होगा.

रिया:- बस यही की मेरे बेटे को बड़ी उम्र वाली औरत बहुत पसंद है.

गरिमा:- तुझे लगता है रोहन को बड़ी उम्र की लड़किया पसंद है.

रिया:- पहले तो लगा नहीं, लेकिन उसके उसके कमरे में जाकर साफ़ सफाई करी तो मागज़ीन और कुछ फोटोज पड़ी हुई थी वो भी बड़ी उम्र की नंगी औरतो की फोटो थी.

गरिमा:- इसका मतलब साफ़ है की रोहन को बड़ी उम्र की लड़किया पसंद है.

रिया:- हम्म्म…….

गरिमा:- तो फिर कोई लड़की मिली.

रिया:_ अरे इतनी बड़ी प्रॉपर्टी हैं और कल को कोई औरत आकर पूरी प्रॉपर्टी को अपने कब्जे में लेकर मेरे बेटे को मार दिया तब.

गरिमा:- बात तो आप सही बोल रही है. गरिमा ने गहरी सांस छोड़ते हुए कहा.

गरिमा:- देखो रोहन की किस्मत में क्या लिखा हैं.

रोहन ट्रैन से अपनी बुआ के शहर के स्टेशन पहुंचने पर प्लेटफार्म से बाहर आता है तो रोहन को उसकी बुआ दिखाई देती है। रोहन अपने बैग के साथ ऑटो में बैठकर बुआ के घर पहुंचते है। प्रीती का घर का रास्ता 1 किलोमीटर तक पूरा सन्नाटा वाली जगह, जहा पर केवल हरे भरे खेत और घर के पीछे एक कब्रिस्तान भी है. रोहन घर आता है और हाथ मुँह धोने के बाद रोहन ने खाना खाया और घर पर घूमने और टीवी देखने में समय बिताता है। रात को खाना खाने के बाद, रोहन की बुआ प्रीती और रोहन दोनों एक ही कमरे से सो जाते है.

रोहन सुबह उठता है तो रोहन देखता है की उसकी बुआ कमरे में नहीं है, वह उठकर किचन में जाता है प्रीती चाय बना रही होती है, प्रीती ने रोहन की तरफ देखा और बोली.

प्रीती:- रोहन फ्रेश होकर आ गए.

रोहन:- नहीं बुआ.

प्रीती:- जाओ फ्रेश होकर आओ और नहाने के बाद चाय नाश्ता कर लो.

रोहन ने अपनी बुआ की बात मानी और नहाने के लिए चला गया। रोहन ने नहाकर अपने कपडे पहने और कमरे में चला गया। उधर रोहन की बुआ ने रोहन को नाश्ता दिया और दोनों ने साथ में नाश्ता किया।

नाश्ता करने के बाद. प्रीती:- मैं नहाने और कपडे धोने जा रही हूँ तुम टीवी देखो.

रोहन:- ठीक है बुआ.

प्रीती कमरे से बाहर चली जाती है और रोहन का मन टीवी देखने का नहीं था, वह कमरे से बाहर निकलकर घर की छत पर चला गया। घर की छत पर टहलते हुए दूर दूर तक केवल हरे भरे खेत देखते हुए बढ़िया नज़ारे लेते हुए रोहन टहल रहा था, टहलते टहलते रोहन की नज़र नीचे अपनी बुआ की तरफ गई। उसने देखा वह कपडे धो रही थी, रोहन की बुआ अक्सर डीप क्लीवेज की ब्लाउज पहनती थी। उस दिन उन्होंने वही पहना हुआ था, छत से बुआ की डीप क्लीवेज बेहद साफ़ दिखाई दे रही थी, रोहन छत से नीचे आकर हैंडपंप के पास आकर बैठ गया, प्रीती कपडे धो रही थी।

रोहन ने अपनी बुआ को बोला. रोहन:- लाईये बुआ मैं कपड़ धोने मे हेल्प कर देता हूँ.

प्रीती:- रहने दो रोहन मैं कपडे खुद धो लूंगी.

प्रीती के इतना बोलने पर, रोहन बुआ के सामने बैठकर अपनी बुआ को कपडे धोते हुए देखने लगा। रोहन की नज़र बार-बार अपनी बुआ के बूब्स के बीच क्लीवेज पर जाती है, बुआ कपडे धोकर जब उठी, तब वह हैंडपंप चलाने लगी, हैंडपंप चलाते हुए, प्रीतू जब भी झुकती तो ब्लाउज से उसके बूब्स बाहर निकलते हुए प्रतीत होते। प्रीती ने जब रोहन को अपने ब्लाउज के तरफ घूरते देखा तो प्रीती ने रोहन को देखकर मुसकुराना शुरू कर दिया. रोहन यह देखकर काफी उत्तेजित हो जाता है और अपनी बुआ के पास से उठ कर चला जाता है।

रोहन अब कमरे में जाकर कुछ देर टीवी देखता है, टीवी देखता है तक तक दोपहर हो जाती है, रोहन ने टीवी बंद कर दिया और कमरे से बाहर निकला तब तक बुआ ने रोहन को बुला लिया.

प्रीती:- बेटा रोहन कपडे से भरी हुई दोनों बाल्टी उठा के छत पर ले चलो.

रोहन कपड़ों से भरी हुई बाल्टी को उठाकर छत पर ले जाता है, धूप तेज थी, रोहन ने देखा की बुआ पूरी बैकलेस यानि बुआ की पीठ पूरी नंगी है। उन्होंने केवल एक ब्लू कलर की साड़ी पहन रखी है। रोहन ने सामने बुआ को देखा तो ट्रांसपेरेंट ब्लू साड़ी के पीछे बुआ के बड़े बूब्स और उसके काले काले निप्पल साफ़ दिखाई दे रहे हैं। बुआ जब बाल्टी से कपडे निकालने के लिए नीचे झुकी तब बुआ के बूब्स नीचे लटक गए, जो की साड़ी ने बुआ को संभाल रखा है।

दोनों बुआ भतीजे, दोनों ने मिलकर कपडे फटकारे और सूखने ले लिए डाल दिया। रोहन दोनों बाल्टी नीचे लेकर रख दिया. इसके बाद बुआ नीचे बरामदे में बैठ गयी, रोहन भी बुआ के साथ बरामदे में बैठ गया.

रोहन:- बुआ आप ब्लाउज नहीं पहनती है क्या?

प्रीती मुस्कुराकर बोली. प्रीती:- पहनती हूँ अभी कुछ देर में पहनूंगी, वैसे भी आज गर्मी बहुत ज्यादा है.

रोहन:- हां बुआ गर्मी तो बहुत ज्यादा है.

प्रीती कुछ देर बाद बरामदे से उठ कर कमरे में चली जाती है और अपनी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा देती है। उधर रोहन ने जब अपनी बुआ के बड़े बूब्स को देखा तो वह उत्तेजित तो हुआ, लेकिन रोहन ने खुद को रोककर नज़र फेर ली। प्रीती अपना ब्लाउज पहन कर कमरे से बाहर आयी और दोनों बुआ-भतीजे खेतो की तरफ जाने लगे।

बुआ-भतीजे दोनों ही खेतो की तरफ जाकर खेत को देखने लगे। खेत देखते-देखते रोहन ने देखा की प्रीती के ब्लाउज से दोनों साइड पर गीलापन दिख रहा है। रोहन को समझ में आ गया की बुआ के बूब्स से पसीना बह रहा है.

रोहन:- बुआ आपका ब्लाउज दोनों साइड से गीला हैं.

प्रीती ने खुद के ब्लाउज को देखा और पल्लू से अपना ब्लाउज को ढकने लगी.

प्रीती:- बेटा टाइट ब्लाउज में हमेशा मेरे साथ ऐसा ही होता हैं.

खेत देखने पूरा दिन निकल गया और रात को खाना खाने के बाद दोनों एक ही कमरे में सो गए.

अगले दिन रोहन उठा, नहाकर अपने कपडे पहने और किचन में जाकर देखता है की बुआ सफ़ेद साड़ी और बैकलेस ब्लाउज पहनकर रेडी थी। सर के बाल सजे हुए, ऐसा लग रहा था जैसे कही जा रही हो.

प्रीती:- रेडी हो गया बेटा.

रोहन:- हां बुआ.

प्रीती:- चलो आज बैंक को जाना है और कुछ सामान भी खरीदना है.

रोहन:- ठीक है बुआ.

रोहन ने मोटरसाइकिल साफ़ करी और बाहर निकाली. प्रीती ने कमरे और घर में ताला लगाया, रोहन ने मोटरसाइकिल स्टार्ट करी, प्रीती मोटरसाइकिल पर बैठी और दोनों चल पड़े. प्रीती और रोहन पहले बैंक गए और कुछ कॅश पैसा निकाला जिसे प्रीती ने अपने ब्लाउज में डाल लिया. दोनों बैंक से बाहर निकल आये। दोपहर हो चुकी थी अब दोनों ज्वेल्लरी की दूकान पर जाकर एक नाक कान की बाली और नथ खरीदा और करथन भी खरीदा। ज्वेल्लरी का सामान खरीदने के बाद, दोनों ही ने मार्किट से सब्जिया खरीदी। तब तक शाम हो चुकी थी, दोनों ने फिर एक रेस्टोरेंट में बैठकर चाय नाश्ता किया.

रोहन और प्रीती ने चाय नाश्ता करने और बिल पेमेंट के बाद रेस्टोरेंट से बाहर आए तो देखा की बहुत तगड़ा बादल हुआ, इस कारन शाम में भी बहुत अँधेरा महसूस हो रहा था, प्रीती और रोहन दोनों ने आसमान की और देखा और बोले.

रोहन:- बुआ लगता है बारिश तेज होगी.

प्रीती:- बारिश होने से पहले घर निकल चलो, बारिश में ही हम दोनों भीग जायेंगे.

रोहन ने मोटरसाइकिल स्टार्ट करी और दोनों घर के लिए निकल गए, घर जाते जाते पहले बूंदाबांदी हुई फिर बारिश हुई और फिर तेज बारिश हुई। तेज बारिश के कारन प्रीती और रोहन पूरे भीग गए। रोहन ने मोटरसाइकिल घर के सामने खड़ी करी और प्रीती नीचे उत्तरी, रोहन ने देखा की बुआ के ब्लाउज और सारे कपड़े भीग चुके है और ब्लाउज बूब्स से चिपक चुका है, जिस कारन बूब्स के अंदर निप्पल साफ़ देखे जा सकते है। प्रीती ने चाभी लेकर घर का दरवाजा खोला, रोहन ने पहले समान से भरा हुआ बैग अंदर किया और मोटरसाइकिल अंदर करी।

रोहन ने बुआ को देखा तो बुआ का पूरा भीगा बदन और नीचे पानी चू रहा था। बुआ बिलकुल एक कमसिन औरत की तरह दिख रही थी.

प्रीती:- रोहन जल्दी से कपडे बदल लो फिर चाय बनाकर पीते है.

रोहन ने अपने कपडे बदले और प्रीती ने दूसरी सफ़ेद साड़ी पहन ली, लेकिन प्रीती ने फिर ब्लाउज नहीं पहना, वह अपने बूब्स को साड़ी ने ढक कर रखे हुए थी. रोहन ने चाय बनायीं और प्रीती ने घर के आंगन में ही कपडे निचोड़कर कपडे तार पर डाल दिया. और दोनों ही कमर में बैठकर चाय और पकोड़े खाने लगे। चाय पकोड़े खाते हुए प्रीती की नज़र रोहन के लोवर पर गयी, तो देखा की रोहन का लोवर उभरा हुआ है। प्रीती यह देखकर मुस्कुराते हुए समझ गयी की रोहन का लंड खड़ा हो रखा हैं।

बारिश तब तक रुक चुकी होती है और बदल अभी भी थे. प्रीती अब किचन में खाना बनाने के लिए चली जाती है और रोहन टीवी पर न्यूज़ देख रहा होता है। प्रीती के खाना बनाने के बाद प्रीती और रोहन ने गरम गरम खाना खाया खाना। खाने के बाद रोहन ने बर्तन किचन में रखा और कमरे में आया। प्रीती कमरे मे टी.वी देख रही होती है, रोहन भी अपनी बुआ के बगल ने बैठकर टीवी देखने लगता है और फिर बिजली कड़कने लगती है जिस कारण लाइट चली जाती है, लाइट जाने के कारन इन्वर्टर स्टार्ट हो जाता है लेकिन इन्वर्टर घर की लाइट को संभाल नहीं पाता, जिस कारण रोहन को घर की सभी बड़ी लाइट्स बंद करनी पड़ती है, रोहन ने बैडरूम की भी बड़ी लाइट बंद कर दी।

कमरे में अब सिर्फ छोटी लाइट जल रही थी, जिसमे रोहन की बुआ प्रीती और रोहन होते है, छोटी लाइट से कमरे में मध्यम लाइट से पूरा कमरा चमकता है। रोहन और रोहन की बुआ प्रीती दोनों एक दुसरे को देखते है.

प्रीती:- आओ रोहन बैठो लाइट तो जा चुकी है.

रोहन ने हम्म्म… बोला और हां में सर हिलाया.

रोहन अपनी बुआ के पास बैठ गया, बुआ ने रोहन और खुद को बेड की चादर पर बैठा लिया, दोनों एक साथ बैठे हुए थे. कमरे में बुआ और रोहन दोनों बैठे हुए थे कमरे में आंधी और तेज बारिश की आवाज के साथ साथ बिजली की कलङ्काहट की आवाज भी सुनाई दे रही थी। कमरा बरसात के मौसम के कारन ठंडा हो चुका था, लेकिन बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी. रोहन और बुआ दोनों चादर ओढ़े हुए बैठे एक दुसरे को देखकर मुस्कुराते हैं की रोहन ने अपनी बुआ का हाथ पकड़ लिया।

दोनों एक दुसरे के करीब आकर एक दुसरे की सुगंध लेते हुए चिपक गए और दोनों एक दुसरे के जिस्म को छूने लगे। रोहन ने टीशर्ट पहन रखी हुई थी, जिसे रोहन की बुआ ने उतार फेंकी और एक दुसरे से चिपक केर एक दुसरे की नंगी पीठ सहलाते हुए एक दूसरे के गर्दन पर किश करते हुए और एक दुसरे के जिस्म की सूंघते। प्रीती और रोहन की सांसें भारी होने लगी, दोनों ही बेहद उत्तेजित अवस्था में एक दुसरे को लिप्स किश करते और चूमते और और दुसरे के गालों पर किस करते जब दोनों अलग हुए तो एक दुसरे को देख रहे थे और दोनों की सासे तेज हो चुकी थी।

प्रीती ने रोहन को देखते हुए अपनी साड़ी का पल्लू निचे गिरा दिया, जिस कारन प्रीती की बड़ी बड़ी चूचिया साफ़ दिखाई दी। रोहन ने बिना देरी किये अपनी बुआ की एक चूची को हाथ में पकड़ कर उठाया और चूचि को दबाया, जिस कारन चूची से दूध की धार निकल जाती है रोहन यह देखकर.

रोहन:- बुआ मैं इसे पीना चाहता हूँ.

प्रीती उत्तेजना में, लम्बी सांस लेते हुए.

प्रीती:- पी लो बेटा इस जिस्म पर अब तुम्हारा हक़ है.

रोहन अपनी बुआ की गोद में लेट गया और प्रीती ने अपना एक चूची रोहन के मुँह में भर दी। रोहन अब अपनी बुआ का दूध पीना शुरू कर देता है और चूची को दबाता है, दूसरी तरफ प्रीती ने अपने भतीजे रोहन की लोवर को उतार कर देखा तो रोहन का लंड पूरे 9 इंच का पूरा लोहे की रोड की तरफ सीधा था। प्रीती अपने भतीजे का लंड पकड़कर हिलाने लगी। उधर रोहन अपनी बुआ की चूचियों का पकड़कर मसलते हुए अपनी बुआ के दूध पीकर आनंद ले रहा था। प्रीती रोहन को अपना दूध ऐसे पिला रही थी जैसे उसी का बच्चा हो और दुसरे हाथ से अपनी दूसरी चूची को मस्ती हुई अपना ढूढ़ की धार निकलती है.

प्रीती भारी और गहरी सास लेते हुए. प्रीती:- पी लो बेटा रोहन अपनी बुआ का सारा दूध पी लो.

रोहन अपनी बुआ का दूध पीने के बाद रोहन और प्रीती दोनों ही 69 पोजीशन में लेटकर रोहन ने अपनी बुआ प्रीती की चूत चाटने लगा और प्रीती ने रोहन का लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी दोनों ही चुदाई के परम आनंद में सुख भोग रहे है। तेज बारिश और ठंडा मौसन दोनों की कामवासना में चार चाँद लगाए हुए थे. रोहन के चूत चाटने की कला से प्रीती सिसकारियां लेते हुए गरम हो रही थी, जिस कारन प्रीती ने रोहन का लंड को मस्ती से चाटा. जब दोनों थक गए तो अलग हो गए और दोनों की तेज सासे चल रही थी। कुछ देर बाद रोहन उठ बैठा गया और अपनी बुआ प्रीती की टांगें खोलकर, रोहन ने अपने हाथ से लंड को पकड़कर अपनी बुआ प्रीती की चूत पर रखा। चूत पर लंड के स्पर्श से प्रीती ने गहरी सांस ली और रोहन ने अपना लंड प्रीती की चूत में गहराई तक डाल दिया जिससे प्रीती की तेज चीख निकली.

प्रीति: AAAAAAAAAhhhhhhhhhhhhhh………

बुआ प्रीती की चूत में लंड डालने के बाद रोहन ने चोदना शुरू कर दिया, रोहन अपनी बुआ की चोदते हुए अपनी बुआ की चूचियों को बारी बारी अपने हाथ से मसलता और उसके साथ खेलता. प्रीती अब चुदवाते हुए गहरी सास लेती और छोड़ती और रोहन को कहती.

प्रीती:- चोद रोहन चोद मुझे मेरी प्यासी चूत की प्यास बुझा दे।

रोहन ने अपनी बुआ की दोनों टांगें कंधे पे रखकर बुआ को चोदते हुए लिप्स किश देता और तेज धक्को से चोदता.

प्रीती ने भारी सांस लेते हुए बोला – प्रीती:- रोहन मैं झड़ने वाली हूँ रोहन मेरा निकलने वाला हैं.

रोहन तेज तेज सांस लेते हुए.

रोहन:- मेरा भी निकलने वाला है बुआ. अंदर ही डाल दू.

प्रीती:- नहीं रोहन अभी नहीं, जब कहूँ तब डालना.

रोहन ने जल्दी से अपना लंड बुआ की चूत से बाहर निकाला और वीर्य की पिचकरी बुआ के ऊपर ही निकाल दी और रोहन थक कर अपनी बुआ के ऊपर लेट जाता है। दोनों एक दुसरे की पीठ सहलाते और चूमते चाटते, एक दुसरे की बाहों में सो जाते हैं.

अगली सुबह, सुबह के 5 बजे चिड़िया चहचहाने लगी। सुबह का ठंडा मौसम और छत से पानी की बूँद टपकने के साथ-साथ माध्यम तेज हवा चल रही थी। कमरे में प्रीती और रोहन एक दुसरे की बाहों में सो रहे थे, इसी बीच प्रीती बेड से उठी और और हाथ ऊपर करके अंगड़ाई ली और अपनी चूचियों पर हाथ फेरते हुए दबाया। प्रीती ने रोहन की तरफ देखा और रोहन को माथे पर किश किया प्रीती बेड से उठी और अपनी साड़ी उठाई और अपने बदन पर साड़ी लपेटा फिर बाहर चली गयी.

प्रीती कुछ देर में हाथ में चाय की ट्रे लाती है और जिसमे दो कप काली चाय होती है। प्रीती ने रोहन को जगाया.

प्रीती:- रोहन चाय ले लो.

रोहन उठा और चाय को देखा.

रोहन:- यह तो काली चाय हैं बुआ.

प्रीती:- आज तू अपनी बुआ के दूध की चाय पीयेगा.

प्रीती ने अपनी साड़ी का पल्लू हटाया और नीचे झुकते हुए जैसे अपनी चूची पर हाथ रखा, तब रोहन बोल.

रोहन:- लाईये बुआ मैं दूध को चाय में डाल देता हूँ.

रोहन ने अपनी बुआ की चूचियों को अपने दोनों हाथो से पकड़ा और दबाने लगा, प्रीती की चूचियों के निप्पलों से दूध की धार निकलकर, चाय में गिरने लगी। दूध से चाय ब्राउन हो गयी और दोनों बुआ भतीजे मिलकर चाय पीने लगे। चाय ख़त्म होते ही रोहन ने अपनी बुआ की पकड़ा और बेड पर लिटाया। प्रीती ने मुस्कुराते हुए अपनी टांगें खोली और रोहन अपना लंड अपनी बुआ प्रीती की चूत में डालकर चोदने लगा चुदाई करने और रोहन ने अपना लंड का वीर्य प्रीती के चेहरे पर गिरा दिया और बेड से उठकर रोहन चला गया।

प्रीती ने सारा वीर्य ऊँगली में लेकर मुँह डाला और चाटकर साफ़ कर दिया, रोहन अब फ्रेश होने के बाद रोहन ने अपना टीशर्ट और लोअर पहन लिया. प्रीती और रोहन दोनों ने घर का काम ख़त्म किया और दोनों नहाने के लिए हैंडपंप के पास गए। रोहन ने बाल्टी में पानी भरा, प्रीती अपनी साड़ी उतार कर नंगी हो चुकी थी, रोहन ने अपनी टीशर्ट और लोवर उतार कर नंगा हो जाता है। दोनों साथ में नहाते और पानी के साथ खेलते। रोहन और प्रीती ने मिलकर एक दुसरे को साबुन लगाते हुए रोहन अपनी बुआ की चूचियों से खेलता और प्रीति, रोहन के लंड से खेलती है दोनों एक साथ नहाने के बाद नंगे ही कमरे में जाकर सो जाते।

रोहन ने टीशर्ट और लोअर पहना और प्रीती ने साड़ी पहनी और दुपट्टे से अपने चूचियों को ढक लिया और ब्लाउज नहीं पहनी. रोहन शरारती स्वाभाव से अपनी बुआ के पल्लू में हाथ डालकर चूची को दबा देता है प्रीती को बहुत अच्छा लगा और और रोहन को देखकर मुस्कराई और लिप्स पर किश दिया.

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