साली के साथ एक अजीब रिश्ता – 1
Jija sali chudai sex story:- हेलो दोस्तों मेरा नाम शगुन है आज मै आपके लिए एक Hindi sex stories की सीरीज लेकर आया हूं तो चलिए शुरू करते है. सबसे पहले स्टोरी के पात्र के बारे मे बात दूँ।
दीपिका (बीवी), मनोज (हस्बैंड), श्रद्धा (साली) और आकाश(साला).
Jija sali chudai sex story
मनोज की शादी को लगभग 2 साल हो गए और उनकी सेक्स लाइफ मे अभी से दिक्कत स्टार्ट हो गई थी. वो हमेशा नए तरीके ढूँढता रहता था. उसकी एक आदत थी की वो अपनी हर बात एक डायरी मे लिखता था. (दोस्तों याद रखिएगा ये बात डायरी ही इस कहानी मे सब कुछ बदल देगी).
इस डायरी के बारे में किसी को भी नहीं पता था. एक दिन दीपिका के पापा की तबियत ख़राब हो गई तो सब को वहाँ जाना पढ़ा. अब घर पहुंचते हुए रात हो गयी, दीपिका के घर मै कम रूम है तो दीपिका ने मनोज का सामान अपने भाई आकाश के रूम मै रखवा दिया और कपडे चेंज करने को बोल दिया. मनोज अपने कपडे चेंज कर ही रहा था, की उसका हाथ अलमारी मै लगा और कुछ गिर गया। जब उसने खोल कर देखा तो फ़ोन था, उसने जल्दी से उसे उठाया और स्टार्ट किया की कुछ टुटा तो नहीं। फ़ोन ऑन होते ही उसमे एक नंगी लड़की का फोटो थी और जांच पड़ताल के बाद देखा तो उसमे पोर्न का भण्डार था. उसे देखने से वो रोक नहीं पाया.
तभी उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा, देखा तो वो दीपिका थी, खाना खाने के लिए बुलाने आई थी. जब दीपिका ने पोर्न देखि तो वो शर्मा गई.
दीपिका (गुस्से में)- आप ये सब क्या देख रहे हो.
मनोज- अरे बेगम ये पोर्न है इसमें क्या बुराई है.
दीपिका -आपको इन सब की क्या जरूरत आपके पास तो मै हूं न.
मनोज – ये मेरी नहीं तुम्हारे भाई की है.
दीपिका – तुम झूट मत बोलो मेरा भाई ऐसा नहीं है.
मनोज उसे फ़ोन के पीछे लिखा नाम दिखाता है (आकाश).
दीपिका अब शर्मशार हो जाती है और बोलती है.
दीपिका – उसमे उस बेचारे की क्या गलती जवान है अभी कुंवारा भी अपने अंदर की आग तो शांत करेगा ही.
मनोज- चलो ठीक है तुम्हारे माँ बाप से ही पुछ लेते है.
दीपिका – नहीं ऐसा मत करिये बेचारा घर वालो से नजरे नहीं मिला पायेगा.
मनोज – चलो ठीक है नहीं बताऊगा पर मेरी एक शर्त है.
दीपिका- क्या.
मनोज- वो मै तुम्हे बाद मे बताऊगा, वैसे तुम्हे अपने भाई की आग की इतनी फ़िक्र है तो तुम ही चुद लो उसके लंड से मै भी तो देखु भाई का कितना माल निकलता है अपनी बहन के लिए.
दीपिका नाराज होकर अपने कमरे मै चली जाती है. सुबह होते ही मनोज दीपिका से बात करने जाता है.
दीपिका – अब मुझे उस बारे मै कोई बात नहीं करनी.
मनोज – सॉरी मै कुछ ज्यादा बोल गया.
दीपिका – इट्स ओके तो आपकी शर्त क्या है.
मनोज -रात को बताऊगा.
शाम को सब दीपिका के पापा को डॉक्टर के पास ले गए. रात हो गई मनोज दीपिका के पास गया.
मनोज- अब तुम्हारी शर्त की बारी.
दीपिका – बताओ मेरे पति देव.
मनोज – तुमको मेरे साथ गोवा चलना पड़ेगा.
दीपिका – ठीक है इसमें क्या परेशानी की बात.
मनोज – पर तुम्हे वहाँ बिकिनी पहनना पड़ेगा.
दीपिका- मै नहीं पह्नुगी.
मनोज – पर शर्त तो शर्त है.
दीपिका – ठीक है इस बारे मे बाद मै बात करेगे, अभी अपने इस लंड को तो कुछ करना का मौका दो बेचारे का रस ऐसी ही टपका जा रहा है इसकी सहेली से तो मिलवा दो.
मनोज – तो ये लो.
मनोज एक जोर के झटके के साथ पूरा लंड दीपिका की चूत में उतार देता है और दीपिका चीख कर बोलती है आराम से करो मै कही नहीं भाग रही, पूरे कमरे में बस फ़च फ़च की आवाज आ रही थी. रात भर ताबड़ तोड़ चुदाई के बाद. सुबह मनोज को फ़ोन आता है की उसके भाई का फैक्ट्री में ब्लास्ट की वजह से डेथ हो गई है. अब उस बात को 2 महीने बीत चुके है पर मनोज अभी भी उसी सदमे में था न तो वो ढंग से खाना खाता न चुदाई।
एक दिन जब मनोज ऑफिस गए थे और दीपिका सफाई कर रही थी तभी उसे मनोज की डायरी मिल जाती है जिसमे उसकी सारी फैंटसीज लिखी थी. उसमे से एक थी की लड़की उसको टीज़ करे और वाइल्ड सेक्स करे. जिसमे उसके लंड को अलग तरीके से टीज़ करा जाए. दीपिका के दिमाग की बत्ती जल जाती है उसे अपने हस्बैंड का मूड ठीक करने का तरीका मिल गया, पर अगर वो ये करेगी तो वो शायद इतना माजा न दे. अब दीपिका को किसी लड़की का इंतजाम करना था, तभी उसकी बहन श्रद्धा का कॉल आता है.
श्रद्धा- हेलो दी आप कैसी हो और जीजू कैसे है.
दीपिका – कुछ ठीक नहीं है तेरे जीजू बोहोत उदास रहते है ऐसे ही चला तो वो कही कुछ कर न बैठे.
श्रद्धा- ऐसा कुछ नहीं होगा आप कुछ कीजिए न उनके लिए कोई तरीका ढूंढिए.
दीपिका- तरीका तो है पर शायद तू वो कर सकती है.
श्रद्धा- हा बताइये मै सब कुछ करुँगी.
दीपिका – तो सुन तुझे (सारी बात बताती है)।
श्रद्धा पहले तो इन सब के लिए मना करती है पर जब दीपिका ने कहा की तुम्हे उनके साथ सेक्स नहीं करना है बस टीज़ करना है तो वो मान गई. +सुबह होते ही मनोज रेडी हो कर ऑफिस चले गए. उसके बाद श्रद्धा दीपिका के घर रहने आ जाती है. दीपिका उसे डायरी दिखाती है और सब समझाती है और बिकिनी वाली बात भी बताती है. मनोज घर से वापस आते ही फ्रेश होकर बालकनी में खड़ा हो जाता है.
इतने में श्रद्धा चाय लेकर आती है, मनोज एकदम शॉक हो जाता है और चाय श्रद्धा के टॉप पर गिर जाती है गले के पास, श्रद्धा वही खड़ी हो कर अपने दोनों बटन खोल कर साफ़ करने लगती है. मनोज अपना मुँह दूसरी तरफ कर लेता है.
श्रद्धा हलके से बोलती है जीजू को टॉप वाली नहीं बिकिनी वाली ज्यादा पसंद है शायद और मुस्कुरा देती है. फिर मनोज जब वहाँ से जाने लगा तो श्रद्धा को देखता हुआ गया की श्रद्धा उसे देख कर तीसरा बटन भी खोल रही थी और एक सेक्सी स्माइल दे रही थी. मनोज उस रात यही सोचता की आखिर उसे क्या हो गया एकदम से ये सोच कर उसका लंड एकदम कड़क हो गया। काफी टाइम बाद उसका लंड इतना खड़ा था. उसने अपनी बीवी को सोता देख बाथरूम जा कर मुठ मारी और सो गया
सुबह होते ही सब ब्रेकफास्ट के लिए बैठ गए. मनोज ये सोच रहा था की आखिर श्रद्धा को क्या हुआ है वो ऐसे बर्ताव क्यों कर रही है? वो तो बोहोत सीधी लड़की थी. ये सोचते ही उसे खांसी आने लगती है शायद खाना अटकने की वजह से। उसकी बीवी पानी लेने की वजह से वहाँ से भागी. तभी श्रद्धा मनोज की पास चिपक गयी जिससे उसके बूब्स मनोज से टच हो रहे था. तभी दीपिका ने मनोज को पानी पिलाया – श्रद्धा मनोज को देख कर सेक्सी स्माइल दे रही थी. अब मनोज ऑफिस के लिए बाइक पर बैठा तभी पीछे श्रद्धा आ कर बैठ जाती है.
दीपिका- क्या आप श्रद्धा को इसके दोस्त के घर छोड़ देंगे वो रास्ते मै ही पड़ेगा.
मनोज(गुस्से में)- ठीक है।
मनोज बोहोत परेशान था जो कुछ भी श्रद्धा कर रही थी तो उसने सोचा की श्रद्धा से सीधे सीधे बात करना ठीक रहेगा. उसने बाइक स्टार्ट की और चल दिया, कहते हुए ”कहा जाना है”. मनोज काफी हलके बाइक चला रहा था, थोड़ी देर बाद फिर से पूछा कहा जाना है.
तभी श्रद्धा बोलती है- आपको बिकिनी पसंद है न.
मनोज ये बात सुन कर एकदम शॉक हो जाता है और पीछे गुस्से मै उसकी आँखों में देखता है। वो अपना हाथ अपने बालो से होते हुए अपने बूब्स तक ले गई. तो मनोज की निगाहें भी वही चली गई और श्रद्धा ने तभी अपना बूब दबा दिया और मनोज को आँख मारी.
इससे पहले की मनोज कुछ कह पाता श्रद्धा ने कहा मुझे भी आपसे कुछ बात करनी है।
मनोज- तो किसी होटल चले(गुस्से मै), देखो मै तुम्हारी बहन से बोहोत प्यार करता हूं मै उसे धोखा नहीं दे सकता, तुम अभी जवान हो अपने आप को थोड़ा कण्ट्रोल करो शादी के बाद अपने पति के साथ सब कुछ कर लेना.
पर श्रद्धा ने तो कोई रिएक्शन ही नहीं लिया और होटल की तरफ की तरफ इशारा किया.
मनोज- मै तुम्हारे साथ होटल नहीं चल सकता किसी ने देख लिया तो बवाल हो जाएगा.
श्रद्धा- आप चलिए तो, मुझे सच मे आप से कुछ बात करनी है जो बात घर पर नहीं हो सकती.
मनोज- नही।
श्र्द्धा- (गुस्से मै) चलिए मैंने कहा, नहीं तो ये सब कभी ख़तम नहीं होगा.
मनोज ने सोचा चलो ठीक है ये सब जल्दी ख़तम हो जाए। मनोज ने होटल 2-3 दिन के लिए कमरा बुक कर लिया और कमरे मै जा कर अपने ऑफिस के दोस्त को फ़ोन करके सारा काम ख़तम करने को कहा की वो थोड़े दिन ऑफिस नहीं आएगा. जैसे ही मनोज फ़ोन रख कर मुड़ता है श्रद्धा उसके पीछे खड़ी होती है इससे पहले वो कुछ समझ पाता, श्रद्धा अपना एक हाथ उसकी दोनों टैंगो के बीच ले जा कर मनोज की बॉल्स को कसकर दबा देती है जिससे उसका मुँह पूरा लाल पड़ जाता है उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था।
मनोज जैसे ही बोलता “ये क्या कर रही हो”
श्रद्धा और जोर से दबा देती वो उसे कुछ नहीं बोलने दे रही थी. फिर श्रद्धा ने बेड पर बैठने को कहा मनोज जैसे तैसे बैठ पाता है क्युकी दर्द बढ़ता ही जा रहा था पर श्रद्धा बॉल्स नहीं छोड़ रही थी.
श्रद्धा- अब हम बात करेंगे और जो मै बोलू आपको वो करना पड़ेगा.
और मजे मै बॉल्स और जोर से दबा देती है जिससे मनोज की लगभग आंसू निकल आये और कहती है “पहले है बोलो”
मनोज -(चिल्ला कर) हाँ हाँ बताओ.
श्रद्धा बॉल्स को छोड़ देती है और मनोज को पानी पीने को देती है और सामने मुस्कुराती हुई बैठ जाती है. मनोज को उस पर इतना गुस्सा आ रहा था की वो उसका हाथ तोड़ दे.
मनोज – श्रद्धा ये सब क्या है.
श्रद्धा- आपको अच्छा लगा? (उल्टा मनोज से पूछा)।
मनोज- अच्छा लगा!! अपनी उम्र देखो और अपनी हरकते.
श्रद्धा- पर आप ही को तो ये सब पसंद है?
मनोज – खाक पसंद है ये तुम्हे कैसे पता की मुझे ये सब पसंद है. देखो मै तुम्हारी बहन से बोहोत प्यार करता हु. मै तुम्हारे साथ कोई रिलेशनशिप नहीं बना सकता.
श्रद्धा- मुझे आपके साथ रिलेशनशिप नहीं बनानी.
मनोज – तो क्या.
श्रद्धा- वो मै आप को बता नहीं सकती समझा सकती हु.
मनोज- मुझे नहीं समझना.
श्रद्धा आराम से उठी और मनोज के बगल मै आ कर बैठ गई और मनोज की बॉल्स को एक बार फिर पकड़ लिया और बोहोत जोर से दबाया. मनोज के मुँह से कराह निकल रही थी पर श्रद्धा छोडने का नाम नहीं ले रही थी
.श्रद्धा- मुझे सिर्फ आपके साथ वक़्क़त बिताना है और जो मै कहुगी वो आपको मानना पड़ेगा. अभी आपको दर्द हो रहा होगा पर बर्दाश्त करिये.
मनोज-छोड़ दो प्लीज (दर्द मै).
श्रद्धा- अपनी पेण्ट उतारो और हाथ ऊपर कर लो.
मनोज- ये क्या कह रही हो पागल हो गई हो क्या.
श्रद्धा ने जोर से बॉल्स दबा दी.
मनोज-ठीक है रुको रुको.
मनोज ने बेल्ट और बटन खोला पेण्ट श्रद्धा के हाथ तक खुल गई. श्रद्धा ने जल्दी से दूसरे हाथ अंडरवियर के अंदर डाल कर लंड को छूटे हुए बॉल्स को पकड़ लिया. और पहला हाथ छोड़ कर पूरी पेण्ट उतार दी. मनोज अंडरवियर भी उतारने लगा तो श्रद्धा ने उसे रोक दिया।
श्राद्ध- (गुस्से मै) मैंने सिर्फ पेण्ट उतारने के लिए बोला था. अब मै आपकी बॉल्स पर 6 थप्पड़ मारुगी, हो सकता है जोर से मारु आपको दर्द भी होगा बर्दाश्त करना!!
चाट!! चाट!! ….चाट!! मनोज बेहोश होने वाला था उसके मुँह से आवाज नहीं निकल रही थी. उसे समझ नहीं आ रहा था की उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा था. मनोज बेड पर लेट जाता है उसकी आंखे लाल हो गई थी आंसू भी आ रहे थे, श्रद्धा उसके पास बैठी हुई थी और बड़े प्यार से मनोज के सर पर हाँथ फेर रही थी पर मनोज को उस पर बोहोत गुस्सा आ रहा था पर वो क्या करता श्रद्धा ने इतनी जोर से बॉल्स दबाई थी की उससे अब उठा भी नहीं जा रहा था.
