मॉम मेरी गर्लफ्रेंड बनकर चुदी – 1

Desi Mom son hindi sex story:- हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम गोल्डी है, और मेरी उम्र 20 साल है। मैं कॉलेज में पढ़ता हूँ। मेरे घर में 4 लोग रहते हैं। मैं, मेरा छोटा भाई जो अभी 19 साल का है और वो अभी स्कूल में पढ़ रहा है।

उसका नाम बंटी है और मेरे मॉम-डैड रहते हैं। डैड सुबह 9 बजे ऑफिस में जाते हैं, और शाम को 5 बजे घर आते हैं। मेरी मॉम का नाम रेखा है और उनकी उम्र 44 साल है, वो एक हाउसवाइफ हैं।

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वो हमेशा साड़ी और ब्लाउज पहनती हैं, या कभी-कभी वो सलवार कमीज पहनती हैं। मॉम बहुत स्ट्रिक्ट लेडी हैं। मॉम एक स्कूल में टीचर हैं, और वो सुबह 8 बजे घर से चली जाती हैं।

फिर वो दोपहर को 2 बजे घर आती हैं। मॉम का फिगर 35-30-35 है। वो एकदम विद्या बालन लगती हैं। उनके बूब्स बहुत मोटे-मोटे हैं और उनकी गाँड भी बाहर की ओर निकली हुई है।

वो एकदम पटाका हैं। तो चलिए अब मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ।

Desi Mom son hindi sex story

मेरे कॉलेज में मार्क्स बिल्कुल अच्छे नहीं आ रहे थे, जिस वजह से मॉम और डैड परेशान थे। और ना ही मैं पढ़ता था। मैं पूरा टाइम फोन में लगा रहता था।

इसलिए मेरा सेमेस्टर का रिजल्ट बहुत ही खराब आया था। एक दिन मैं शाम को कॉलेज से घर आया तो बंटी उस टाइम ट्यूशन में गया था।

मैं फ्रेश हुआ और फिर मैं टीवी देखकर खाना खाने लग गया। तभी मॉम मेरे पास आईं और वो बोलीं—

मॉम- तू मुझे बता कोई दिक्कत है तुझे?

मै- नहीं मॉम कोई दिक्कत नहीं है।

मॉम- तो फिर तू पढ़ता क्यों नहीं है?

मैं चुप रहा और फिर मॉम बोलीं—

मॉम- बता तेरा ध्यान कहाँ रहता है?

मै- कहीं नहीं माँ।

मॉम- तू मुझे अपना फोन दिखा।

मै- क्यों मॉम?

मॉम- दिखा ना मैंने बोला।

मै- अरे बता तो क्या काम है?

मॉम मेरा फोन मुझसे ले लेती हैं, और फिर वो मेरी ब्राउजर हिस्ट्री चेक करने लगती हैं। ये देखकर मेरी फट जाती है। हिस्ट्री देखकर मॉम का फेस लाल हो गया।

वो मेरा फोन फेंक ही देती हैं, क्योंकि उस हिस्ट्री में बहुत सारी गंदी मॉम-सन सेक्स की पॉर्न वीडियो थीं और मिया खलीफा जैसे आदि।

मॉम- छी तू कितना बिगड़ चुका है। तू मेरे बारे में ये सब सोचता है। तेरा दिमाग तो खराब नहीं है, तुझे शर्म नहीं आई?

मैं चिल्लाते हुए बोला—

मै- तो मैं क्या करूँ?

मॉम- क्या करूँ मतलब?

मै- ना मेरी कोई गर्लफ्रेंड है, तो मैं आखिर क्या करूँ?

मॉम- तुझे शर्म नहीं आई ये बात बोलते हुए?

मै- क्या शर्म। मेरी क्लास में सबकी है, और वो सब पढ़ने में भी ठीक हैं। क्योंकि उन सबकी प्यास उनकी गर्लफ्रेंड बुझा देती है, और फिर वो सब आराम से पढ़ते हैं।

मॉम- तू तो बहुत बिगड़ चुका है। अपने छोटे भाई से कुछ सीख कुत्ते।

मै- क्या सीखूँ उससे, अब वो मुझे सिखाएगा।

मॉम- सिखाएगा क्यों नहीं। पढ़ने में वो नंबर 1 है। समझा कुछ कमीने। आज आने दे तेरे पापा को फिर मैं तुझे बताती हूँ।

मॉम ने वो सब हिस्ट्री देख ली थी, इसलिए मैंने सोचा अब मैं उनसे खुलकर बोल देता हूँ।

मै- मेरी स्टडी जब तक ठीक नहीं होगी, जब तक मेरी हवस नहीं मिटेगी।

मॉम ने तभी मेरे गाल पर एक तमाचा मारा और वो बोलीं—

मॉम- आगे एक वर्ड मत बोलना। आने दे तेरे पापा को। आज तेरी तो खैर नहीं है।

फिर मॉम चली जाती हैं। वो मुझसे बिल्कुल भी बोल नहीं रही थीं। फिर थोड़ी देर बाद सब लोग आ जाते हैं। फिर हम लोग खाना खाते हैं। पर अब तक मॉम ने डैड को कुछ नहीं बताया था, पर मेरी डर से गाँड फटी पड़ी थी।

फिर अगले दिन मैं सुबह उठता हूँ, तो डैड मुझसे नॉर्मल बिहेव कर रहे थे। तो मैं समझ गया कि मॉम ने उन्हें कुछ नहीं बताया है।

फिर मैं कॉलेज चला जाता हूँ। फिर जब शाम को मैं घर आता हूँ। तो अब घर में मॉम और मैं ही होते हैं। फिर मॉम मुझे खाना देती हैं।

मैं खाने बैठ जाता हूँ और मॉम से मैं बोला—

मै- थैंक यू मॉम।

मॉम- क्या थैंक यू। आज बताऊँगी। मैं कल उनका मूड ठीक नहीं था।

मै- मॉम तो आप बताओ मैं क्या करूँ। मेरा स्टडी में मन ही नहीं लगता है। जब भी मैं पढ़ने बैठता हूँ, तो मेरे माइंड में गंदे-गंदे खयाल आते हैं।

मॉम- बेटा तेरी सोच ही खराब है ना।

मै- अगर मेरी गर्लफ्रेंड हो तो मैं अपना ध्यान पढ़ाई पर लगा पाऊँगा।

मॉम- फिर वही फालतू बात। तेरा दिमाग खराब हो गया है, और तू क्या सोच रहा है कि तेरी गर्लफ्रेंड बनने के बाद तू उसके साथ छी। मुझे तो ये सब बोलने में भी घिन आ रही है।

मै- इसमें घिन क्या है। ये तो सब करते हैं। आपने भी तो किया ही है।

मॉम- चुप हो जा। तुझे शर्म नहीं आती?

मै- ठीक है, फिर ऐसा ही चलने दो।

और फिर मैं खाना खाकर चला जाता हूँ। अब अगले दिन जब मैं कॉलेज से आता हूँ। तो मॉम ने उस दिन ब्लू कलर की साड़ी और ब्लाउज पहना हुआ था।

जिसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर मैं खाना खाने लग गया। तभी मॉम मेरे पास आकर बैठीं और वो बोलीं—

मॉम- मेरी बात ध्यान से सुन।

मै- क्या?

मॉम- तू ये बता कि गर्लफ्रेंड बनाने के बाद तू पढ़ पाएगा, या उसी के पीछे लगा रहेगा।

मै- क्यों नहीं पढ़ पाऊँगा। मेरी क्लास में और भी तो बच्चे हैं, जिनकी गर्लफ्रेंड है और वो पढ़ भी रहे हैं। वो उनके साथ सब करते हैं।

मॉम- तो फिर तूने अब तक गर्लफ्रेंड क्यों नहीं बनाई?

मै- कोई मिली नहीं जैसी मुझे चाहिए।

मॉम- तो तुझे कैसी चाहिए?

मै- मुझे आप जैसी चाहिए।

ये सुनकर मॉम शर्मा गईं, और वो बोलीं—

मॉम- तू हवस में अंधा हो चुका है।

मै- मॉम आप ही मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ ना।

मॉम- तू पागल है क्या। हम दोनों का अलग रिश्ता है, और तू ऐसा सोच भी कैसे सकता है?

मै- पर हैं तो हम मर्द और औरत ही ना।

मॉम- तू कैसी बात करता है। तू पागल हो गया है।

मै- प्लीज मॉम बन जाओ। आपसे अच्छी मेरी गर्लफ्रेंड कोई और हो ही नहीं सकती।

मॉम- नहीं। तेरा दिमाग खराब हो गया क्या। अगर किसी को भनक भी लग गई तो कितनी बदनामी होगी।

मै- किसी को कैसे पता लगेगा। सिर्फ हम दोनों के बीच में ही ये बात रहेगी।

मॉम- चुप हो जा तू।

मै- मॉम अगर आप मेरी गर्लफ्रेंड होंगी, तो पूरा टाइम मैं वेस्ट नहीं कर पाऊँगा ना। आप मुझे हाँ बोल दो ना।

मॉम- पर ये गलत है ना। और घर में हम दोनों के अलावा दो और लोग भी हैं।

मै- उनके सामने आप मेरी मॉम रहेंगी। प्लीज मॉम मान जाओ। मेरे करियर का सवाल है।

मॉम- चुप रह तू।

और मॉम उठकर चली जाती हैं। फिर सब लोग आ जाते हैं। अब नेक्स्ट डे मैं कॉलेज से आता हूँ और डोरबेल बजाता हूँ। तो मॉम डोर खोलती हैं। मैं उन्हें देखकर शॉक हो जाता हूँ।

आज उन्होंने ब्लैक कलर की साड़ी-ब्लाउज पहना हुआ था, विद मेकअप। फिर मैं अंदर आता हूँ।

मै- क्या हुआ मॉम बड़ी सजी हो आज?

मॉम- चल तू फ्रेश हो जा, फिर तुझसे बात करती हूँ।

फिर मैं जल्दी फ्रेश होता हूँ।

मॉम- मैं तेरी गर्लफ्रेंड बनने के लिए तैयार हूँ।

मै- अरे वाह मॉम सच में?

मॉम- पर मेरी कुछ शर्तें हैं।

मै- क्या?

मॉम- ध्यान से सुन।

मॉम- पहली शर्त, तू मुझसे आप करके बोलेगा। समझा।

मै- ओके।

मॉम- दूसरी ये कि तू ये बात किसी को नहीं बताएगा। किसी को भी नहीं।

मै- अरे इसमें भी कोई शक है।

मॉम- तीसरी शर्त तेरे भाई और डैड के आने के बाद हम बिल्कुल नॉर्मल बिहेव करेंगे। जरा सा भी अब्नॉर्मल नहीं।

मै- अरे हाँ ओके।

मॉम- चौथी शर्त मैं तेरी गर्लफ्रेंड रोज के लिए नहीं बनूँगी। एक महीने में सिर्फ 4 बार।

मै- अरे ऐसा क्यों?

मॉम- तेरा दिमाग तो ठीक है। हम माँ-बेटे हैं और सिर्फ 4 बार ही। इसे एक दिन भी अगर तूने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड समझा तो फिर मैं तेरी गर्लफ्रेंड नहीं रहूँगी।

मै- ठीक है और बताओ?

मॉम- जिस दिन भी तुझे मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना हो, तो उसे एक दिन पहले तू मुझे बताएगा। समझा।

मै- ओके और कुछ?

मॉम- और तू मेरा नाम उसी दिन लेगा, जिस दिन के लिए मैं तेरी गर्लफ्रेंड बनूँगी और बाकी दिन मॉम बोलेगा। समझा।

मै- हाँ ओके।

मॉम- तू पढ़ाई में भी ध्यान देगा।

मै- ओके।

मॉम- बस ये ही। अगर इन शर्तों को मान जाए, तो मैं तेरी गर्लफ्रेंड हूँ।

मै- मैं मान गया। लेकिन जिस दिन मैं आपको गर्लफ्रेंड बनाऊँगा, उस दिन आप स्कूल नहीं जाओगी।

मॉम- ठीक है।

मै- और जिस दिन के लिए मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी, उस दिन मेरी ही बात सुनोगी।

मॉम- हम्म ठीक है।

मै- तो फिर डन।

मै- तो फिर आज बनो मेरी गर्लफ्रेंड।

मॉम- देख लो क्योंकि 1 घंटे बाद घर में सब लोग आ जाएँगे, और तेरा पूरा 1 दिन जाएगा।

मै- कोई बात नहीं। हम अपनी लव स्टोरी शुरू तो करें।

मॉम- ओके।

लेकिन तभी डोर बेल बजती है। मैं गेट खोलता हूँ तो देखा कि गेट पर डैड होते हैं। डैड अंदर आते हैं। मॉम भी थोड़ा डर जाती हैं। फिर डैड बोलते हैं—

डैड: देखो भाई मुझे ऑफिस के काम से अर्जेंट अगले 1 घंटे में जाना है, और मैं कल शाम तक ही आ पाऊँगा।

(ये पहली बार नहीं है, क्योंकि डैड हर 1-2 महीने में बाहर जाते हैं।)

मॉम एकदम मेरी तरफ देखने लगीं। मैं तो बहुत खुश था।

डैड: रेखा अब तुम मेरे लिए जरा खाना वगैरह बना दो, ताकि फिर मैं निकलूँ।

मॉम- ओके।

डैड: आज बड़ी सजी हो। कहीं जा रही हो?

मॉम- नहीं तो। वो बस ऐसे ही।

फिर मॉम खाना बनाने चली जाती हैं, और मेरे दिमाग में एक और आइडिया आता है कि कैसे कल शाम तक बंटी को भी घर से बाहर रखना है। मैं बंटी को फोन लगाता हूँ।

बंटी: हाँ बोल।

मै- तू अभी कहाँ है?

बंटी: बस घर के लिए निकलूँगा। ट्यूशन खत्म हुई है अभी-अभी।

मै- एक काम कर। आज तू नानी के घर चला जा।

(मेरी नानी का घर उसी सिटी में है, जहाँ हम रहते हैं। और बंटी को बस वहाँ जाने का मौका चाहिए। क्योंकि उसका क्रश हमारी छोटी मामी है। कभी फुर्सत में वो मैं आपको डिटेल में बताऊँगा।)

बंटी: पर क्यों?

मै- चला जा ना यार।

बंटी: मॉम ने कहा है?

मै- हाँ वो तुझे नानी बुला रही थीं।

बंटी: चल ठीक है मैं चला जाऊँगा।

मै- और आज रात रुककर कल सुबह स्कूल भी वहीं से चले जाइयो। फिर शाम को तो घर पर आ जाना।

बंटी: स्कूल भी वहीं से जाऊँ?

मै- और क्या।

बंटी: चल ठीक है।

मै- चल बाय।

बंटी: रख भोसडीके।

अब मैं बहुत खुश था, क्योंकि अब मैं और मॉम आज शाम 5 बजे से कल शाम 5 बजे तक घर पर अकेले रहेंगे। इतने टाइम में तो मैं मॉम की माँ-बहन एक कर दूँगा।

फिर मैं मेडिकल जाता हूँ, और वहाँ से एक वायग्रा का पूरा पत्ता लेता हूँ। जिसमें 10 टैबलेट होती हैं, और 2 झांडू बाम लेता हूँ।

(झांडू बाम से क्या होता है, ये तो आप जानते ही हैं।) और 1 पत्ता सेक्स पावर टैबलेट लेता हूँ। जिसमें 10 टैबलेट होती हैं। मैं आज कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता था मॉम को चोदने में।

फिर मैं 1 पैकेट कंडोम का लेता हूँ, और 2 वैसलीन लेता हूँ। उसके बाद मैं परचूनी की दुकान से 4 रस्सी लेता हूँ, और एक तेल की बोतल लेता हूँ। फिर मैं घर आता हूँ। अभी डैड अपने जाने की तैयारी कर रहे होते हैं।

फिर मैं 2 वायग्रा खा लेता हूँ और 2 सेक्स पावर टैबलेट भी खा लेता हूँ। उसके बाद आधे घंटे में डैड चले जाते हैं।

मॉम- अब मैं तेरी गर्लफ्रेंड नहीं बन सकती। 5 बज गए हैं, और बंटी भी आने वाला होगा।

मै- वो नहीं आएगा।

मॉम- क्यों?

मै- उसे मैंने नानी के यहाँ भेज दिया है।

मॉम- तू बहुत अच्छा खेल रहा है।

मै- अब कल शाम तक सिर्फ हम दोनों ही घर में अकेले हैं, और तुम कल भी मेरी गर्लफ्रेंड रहोगी।

मॉम- कल मुझे स्कूल जाना है।

मै- मैंने आपकी शर्त मानी है, तो अब आपको भी माननी पड़ेगी।

मॉम- तेरे 2 दिन खत्म हो जाएँगे।

मै- कोई बात नहीं।

मॉम- बहुत नालायक है तू।

मै- चलो अब तैयार तो हो जाओ।

मॉम- हम्म।

फिर मॉम तैयार होने चली जाती हैं।

आगे की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में कि मेरी एटीट्यूड से भरी रेखा मॉम मेरे साथ सेक्स करेंगी या नहीं।

अपना फीडबैक देना मत भूलना।

Next Part ==> मॉम मेरी गर्लफ्रेंड बनकर चुदी – 2

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