रक्षाबंधन पर दीदी को गिफ्ट मे दिया लंड

Rakhi par didi ki chudai kahani:- हैलो दोस्तों, मैं राज। आप सभी के कमेंट्स और मेल के लिए थैंक्स। आप सभी ने मेरी पिछली कहानी में अच्छा इंटरेस्ट दिखाया। आज मैं एक नई कहानी लाया हूँ। ये मेरे एक फ्रेंड रोहन और उसकी बहन शिखा की है। अब स्टार्ट करते हैं—

रोहन की फैमिली में 4 लोग हैं—उसकी मम्मी, पापा, रोहन (उम्र 20), शिखा उसकी बहन (उम्र 23)। उनके घर में सभी फ्रेंड्स जैसे रहते हैं। रोहन और दीदी भी अच्छे फ्रेंड्स हैं।

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Rakhi par didi ki chudai kahani

बात एक साल पहले की है। अगस्त का महीना था। रोहन और दीदी दोनों की अच्छी बनती थी। दोनों को एक-दूसरे से बहुत प्यार था, केयर भी करते थे एक-दूसरे की, और सीक्रेट भी शेयर करते थे। एक दिन की बात है, रोहन ऐसे ही बैठा था।

तभी वो अपनी दी का फोन की हिस्ट्री चेक करता है। तो उसको उसमें बहुत सारे पॉर्न वीडियोज मिलते हैं। तभी उसको अपनी बहन के बारे में पता चलता है कि वो भी सेक्स के बारे में सोचती थी।

ये देखकर रोहन के मन में बहुत कुछ आने लगा। अब उसको जब भी मौका मिलता वो अपनी दी का फोन चेक करने लग गया। उसको हर बार हिस्ट्री में पॉर्न वीडियोज मिलते थे। ऐसे ही थोड़े दिन निकल गए।

एक दिन वो अपनी दी के रूम के बाहर होता है। तब वो डोर के कीहोल से अंदर देखने का ट्राई करता है। वो अंदर देखकर हैरान हो जाता है। उसकी दीदी बेड पर कपड़े उतारकर चूत में उँगली कर रही थीं, और फोन में पॉर्न देख रही थीं। उनको ऐसी हालत में देखकर रोहन का लंड खड़ा होने लग जाता है।

थोड़ी देर देखने के बाद वो वहाँ से चला जाता है। उसके मन में बहुत अलग से खयाल आने लगते हैं। उस दिन से वो अपनी बहन को एक अलग नजर से देखने लगता है। फिर दी से बोलता है—

रोहन: दी, क्या कर रही हो?

दीदी: कुछ नहीं।

रोहन: क्या बात है, आज-कल बात नहीं करती मुझसे, ना ही टाइम देती हो? कोई बॉयफ्रेंड बन गया क्या?

दीदी: नहीं यार, पढ़ाई के चक्कर में टाइम नहीं मिलता। और मेरी ऐसी किस्मत कहाँ कि बॉयफ्रेंड बनाऊँ। ऐसा कुछ भी होगा तो सबसे पहले तुझे ही बताऊँगी।

रोहन (मन में): हाँ दी, जानता हूँ नहीं है कोई बॉयफ्रेंड। तभी तो ऐसे चूत में फिंगरिंग करती हो।

फिर रोहन दीदी को हग करता है। लेकिन आज हग थोड़ा अलग था, और ज्यादा ही टाइट था। दीदी को भी फील होता है। फिर वो बोलती हैं—

दीदी: क्या बात है रोहन, आज दी पे ज्यादा ही प्यार आ रहा है। कुछ चाहिए क्या?

रोहन: अरे नहीं दी, आप मुझसे कुछ नहीं छुपाती, सब कुछ शेयर करती हो। ये मुझे बहुत अच्छा लगता है। आपको कुछ भी चाहिए हो ना तो मुझसे बोल देना। मैं आपके लिए कुछ भी कर सकता हूँ।

दीदी: ठीक है, बता दूँगी मैं।

फिर 2-3 दिन बाद दीदी रूम लॉक करके फिंगरिंग कर रही होती हैं। तभी रोहन भी उनको ही कीहोल में से देखता है और ध्यान से सुनता है। तब उसे दी की आवाज आती है—

दीदी (पॉर्न देखके फिंगरिंग करती हुई): मैं ना अब ये फिंगरिंग करते हुए थक गई हूँ। मुझे भी अब लंड लेना है। मैंने बहुत ट्राई किया कि कोई अच्छा बॉयफ्रेंड मिल जाए। लेकिन कोई मिल ही नहीं रहा। और इसलिए अब ना मैं बॉयफ्रेंड नहीं ढूँढूँगी। अब मैं सिर्फ लंड ढूँढूँगी। अब मुझे कैसे भी करके किसी का भी लंड चाहिए।

रोहन (डोर के बाहर से): ये दीदी क्या बोल रही हैं? वो सेक्स के लिए किसी का भी लंड ले लेंगी। अगर किसी गलत से कर लिया तो वो तो इनको ब्लैकमेल भी कर सकता है। और परेशान भी करेगा।

फिर रोहन वहाँ से चला जाता है। अब रोहन के मन में यही सब चल रहा होता है, कि दी कितनी हॉट हैं, और उनको देखने का मन कर रहा था। दूसरी तरफ दी की चिंता भी होती है कि कहीं दी सेक्स के लिए कोई गलत कदम या इंसान ना चुन लें।

बहुत देर सोचने के बाद रोहन डिसाइड करता है कि वो दी को बहुत प्यार करता था। उनकी केयर भी करता था। उनके साथ कुछ गलत नहीं होने देना चाहता था, और उनके लिए कुछ भी कर सकता था।

रोहन (मन में): जब मैं दी के लिए सब कर सकता हूँ, तो दी की लंड की जरूरत भी पूरी कर सकता हूँ।

तब वो फाइनली दी के साथ सेक्स करने का मन बना लेता है। फिर वो दी के फोन में भाई-बहन की सेक्स वीडियोज और स्टोरीज की नोटिफिकेशन ऑन कर देता है। फिर अगले दिन देखता है तब उसको पता चलता है कि दी ने उन सभी साइट्स पे जाकर स्टोरीज और वीडियोज देखी थीं। थोड़ी देर बाद दी उसके पास आती हैं और बोलती हैं—

दीदी: रोहन, 2 दिन के बाद रक्षाबंधन है। इस बार मुझे क्या गिफ्ट दोगे? मुझे बहुत अच्छा गिफ्ट चाहिए।

रोहन: दी इस बार मैं आपको बहुत अच्छा गिफ्ट दूँगा, जो किसी ने कभी नहीं दिया होगा। इसको देखकर आप बहुत खुश हो जाओगी।

दीदी: अच्छा, ऐसा क्या देगा तू मुझे, जो किसी ने नहीं दिया होगा?

रोहन: दी वो तो सरप्राइज है, और मैं ये गिफ्ट आपको अकेले में दूँगा, जब मम्मी-पापा बुआ के यहाँ जाएँगे तब।

दीदी: ठीक है।

फिर ऐसे ही 2 दिन तक रोहन दी को फिंगरिंग करते देखता है, और देखकर मुठ मारता है। साथ में दी की हिस्ट्री भी चेक करता है। फिर आता है दिन रक्षाबंधन का, और दोनों राखी बाँधते हैं। फिर मम्मी-पापा भी बुआ के यहाँ पे चले जाते हैं। तब दी रोहन से बोलती हैं—

दीदी: रोहन, अब तो मम्मी-पापा भी गए। अब तो मेरा गिफ्ट दे दो।

रोहन: दी ठीक है, आप रूम से बाहर जाओ। मैं गिफ्ट रेडी करके बुलाता हूँ।

फिर रोहन एक बॉक्स लेता है, जो उसने पहले से रेडी रखा था। वो बॉक्स नीचे से ओपन था। फिर वो अपना लंड बाहर निकालता है, और उसके ऊपर बॉक्स रख लेता है। उसके बाद वो दी को आवाज देके बुलाता है—

दीदी: रोहन अब बताओ कहाँ है मेरा गिफ्ट। मुझे पसंद आना चाहिए, वरना तू गया।

रोहन: हाँ दी, आपको गिफ्ट जरूर पसंद आएगा। लेकिन उसके लिए आपको अपनी आँखें बंद करके बॉक्स के अंदर हाथ डालना होगा।

फिर दीदी आँखें बंद करके बॉक्स के अंदर हाथ डालती हैं।

दीदी: क्या है ये, सॉफ्ट-सॉफ्ट लग रहा है?

फिर दी ने और अंदर हाथ डाला। जैसे ही लगा वो लंड है, उन्होंने हाथ हटाकर देखा कि क्या है। लंड देखकर वो बोलती हैं—

दीदी: रोहन ये क्या है? गिफ्ट की जगह ये क्या है?

रोहन: ये ही तो है आपका गिफ्ट, जिसकी आपको जरूरत थी और चाहिए था। मैंने देखा है आपको फिंगरिंग करते हुए। ये बोलते हुए भी देखा है कि अब आप किसी का भी लंड लेने को रेडी हैं। और बाहर लंड लेने में रिस्क है, इसलिए आप अपने प्यारे भाई का लंड ले लो।

ये सब बोलते टाइम रोहन बॉक्स को हटाकर दीदी को अच्छे से लंड दिखाता है, और साथ में उनका हाथ भी लंड पे रख देता है। दीदी लंड पे से हाथ हटाने की कोशिश करती हैं, लेकिन कुछ नहीं कर पातीं।

दीदी: ये क्या बोल रहा है तू रोहन? तू मुझे फिंगरिंग करते हुए देखता था? हाँ मैंने ऐसा बोला भी था कि मुझे लंड चाहिए। लेकिन तू मेरा भाई है। ऐसा नहीं कर सकती मैं।

रोहन: दी लंड तो लंड होता है चाहे किसी का भी हो। वैसे भी मैं ये भी जानता हूँ आप कुछ दिनों से भाई-बहन की सेक्स वीडियोज और स्टोरीज पढ़ रहे हो। उनमें भी आपने देखा कि ये कुछ गलत नहीं है, तो हम क्यों नहीं कर सकते?

रोहन: अगर आप बाहर किसी का लंड लोगी तो रिस्क है। वो कैसा हो, आपको ब्लैकमेल करे, आपको परेशान करे, और बदनामी का भी डर रहता है।

इतना बोलकर रोहन दी को किस करने लग जाता है। लेकिन 2 मिनट बाद दी भी गरम हो जाती हैं, और वो अब छूटने की कोशिश बंद कर देती हैं। रोहन ने भी दीदी का हाथ छोड़ दिया था, और दी ने अभी भी लंड पकड़े रखा था। फिर रोहन बोलता है—

रोहन: प्लीज दीदी मान जाओ ना। देखो आपकी और मेरी दोनों की जरूरत पूरी हो जाएगी, और किसी को पता भी नहीं चलेगा।

दीदी: ठीक है, लेकिन किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए। ये सिर्फ तेरा और मेरा सीक्रेट होगा।

इतना बोलकर दीदी रोहन को किस करने लग जाती हैं, और रोहन के लंड को हिलाने भी लग जाती हैं। रोहन भी अब दीदी को किस करता है, और उनके बूब्स दबाने लगता है, और साथ में उनके कपड़े निकालने लगता है। कुछ ही सेकंड्स में दोनों भाई-बहन पूरे नंगे हो जाते हैं।

दीदी: रोहन मुझे ये लंड बहुत टाइम से चाहिए था। आज ये मेरे हाथ में आया है, इसको मैं कभी नहीं छोड़ूँगी।

रोहन: हाँ दी, कभी मत छोड़ना। ये भी आपसे दूर नहीं होना चाहता।

फिर दीदी रोहन के लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगती हैं। रोहन भी दी का मुँह पकड़के लंड घुसाने लगता है। फिर 2 मिनट बाद दोनों 69 की पोजीशन में आ जाते हैं। फिर दीदी बोलती हैं—

दीदी: रोहन अब और मत तड़पाओ, डाल दो इस लंड को मेरी चूत में।

फिर दी रोहन को कंडोम पहनाती हैं। उसके बाद रोहन दी की चूत में अपना लंड सेट करके डालता है। लंड थोड़ा ही अंदर जाता है, और दी की चीख निकल जाती है।

दीदी: रोहन बहुत दुख रहा है। फर्स्ट टाइम है ना, थोड़ा आराम से करो।

फिर रोहन थोड़ी देर रुक जाता है, और दी को किस करता है, और बूब्स दबाता है। फिर वो दी के बूब्स चूसने लगता है। दी थोड़ा नॉर्मल होती हैं। तब वो फिर से लंड झटका देकर अंदर डालता है, और पूरा लंड अंदर घुसा देता है।

फिर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगता है। दीदी को पहले थोड़ा दर्द होता है। लेकिन थोड़ी देर में मजा आने लगता है।

दीदी: रोहन आआह्ह्ह बहुत मजा आ रहा है आआह्ह्ह और तेज करो। आज इस चूत को पूरा मजा दो। चोद दो इसको पूरी तरह से आआह्ह्ह।

रोहन भी दी के मोअन सुनकर जोश में आ जाता है। फिर वो दीदी के बूब्स पकड़के और जोर से चोदने लगता है। पूरे रूम में उनकी चुदाई और मोअनिंग की आवाज गूंजती है।

फिर 10 मिनट की चुदाई के बाद दोनों का पानी आ जाता है। दोनों 69 की पोजीशन में आकर एक-दूसरे का पानी साफ कर देते हैं। थोड़ी देर वो रेस्ट करते हैं, और ऐसे ही नंगे ही एक-दूसरे से चिपककर सो जाते हैं।

फिर रोहन दीदी से पूछता है—

रोहन: तो दी, कैसा लगा रक्षाबंधन का गिफ्ट?

दीदी: बहुत अच्छा। अब मुझे ये गिफ्ट हर रोज़ चाहिए।

रोहन: हाँ दी, ये अब आपका ही है, जब भी चाहो ये गिफ्ट ले सकती हो।

अब उन दोनों का रिश्ता बदल गया था। मम्मी-पापा के आने से पहले उन दोनों ने 2 बार और चुदाई की। और अब जब भी मन होता है उनका दोनों मिलकर चुदाई करते हैं।

आप सभी का ये कहानी पढ़ने के लिए थैंक यू। आप सभी अपना फीडबैक जरूर दें कमेंट्स के थ्रू।

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