मौसी घर के नौकर से चुद गई

Mausi ki chudai naukar se:- हेलो दोस्तों मेरा नाम रोहन है और मै 21 साल का कॉलेज स्टूडेंट हूँ. यह कहानी बिलकुल रियल है जो मेरे साथ हुए एक वाइल्ड इंसिडेंट की है. मैं लखनऊ के एक पॉश एरिया में रहता हूँ. घर में सिर्फ मैं, मम्मी और पापा हैं. दोनों बहुत बिजी रहते हैं – मम्मी बैंक में जॉब करती हैं और पापा का कंस्ट्रक्शन का बिज़नेस है. इसलिए घर का सारा काम देखने के लिए हमने एक परमानेंट नौकर रखा हुआ है. उसका नाम सुरेश है लेकिन मैं उनको सुरेश काका बुलाता हूँ. उसकी उम्र करीब 42 साल है. वह हमारे घर के पीछे वाले सर्वेंट क्वार्टर में ही रहता है.

Mausi ki chudai naukar se hindi kahani

उसके फॅमिली के बारे में ज़्यादा नहीं पता सिर्फ इतना की उसकी बीवी ने उसे छोड़ दिया था और बच्चों को लेके चली गयी थी. वह बहुत हार्डवर्किंग था इसलिए मम्मी-पापा उसपे पूरा भरोसा करते थे. एक दिन मम्मी ने बताया की मेरी मौसी ऋतू हमारे घर आ रही हैं एक हफ्ते के लिए. मौसी लखनऊ के पास एक छोटे शहर में रहती हैं और उनका यहाँ कुछ ऑफिसियल काम था. मैं बहुत खुश हो गया क्यूंकि मौसी से मेरी बहुत बनती थी – हमेशा मस्ती-मज़ाक हसी-मज़ाक चलता रहता था.

ऋतू मौसी 36 साल की हैं. उनका रंग गहरा सांवला है लेकिन फिगर ज़बरदस्त – 36-30-38. बड़ी-बड़ी चूचियां, पतली कमर और मोटी गोल गांड. उनके पति की डेथ हुए 4-5 साल हो चुके थे. ससुराल वालों ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया था इसलिए उन्होंने अपना छोटा सा फ्लैट ले लिया और अकेली रहने लगी. जॉब भी करती हैं इसलिए financially इंडिपेंडेंट हैं.

जब मौसी आ गयीं तो घर में मस्ती का माहौल बन गया. रात को डिनर के टाइम हम दोनों ने इतने जोक्स मारे की मम्मी-पापा भी हंस हंस के लोटपोट हो रहे थे. डिनर के बाद सब सो गए. मौसी को फर्स्ट फ्लोर पे मेरे रूम के बिलकुल साथ वाला गेस्ट रूम दिया गया था. एन्ड वाला रूम था जिसमे से बाहर जाने के लिए मेरे रूम के सामने से गुज़रना पड़ता था. मैं जल्दी सो गया. आधी रात के अराउंड मेरी नींद खुल गयी. एक बुरा सपना देख लिया था दिल धड़क रहा था.

मैंने सोचा छत पे थोड़ी हवा खा लूँ. रूम से बाहर निकला और सीढ़ियों की तरफ बढ़ा ही था की मौसी के रूम से हलकी सी आवाज़ आयी. पहले तो लगा शायद मौसी पानी पीने उठी हैं. लेकिन आवाज़ और तेज़ होती गयी – वह ऐसे मोअन्स और सिसकियाँ थी जो सेक्स के टाइम निकलती हैं. मेरा दिल ज़ोर से धड़कने लगा. मन किया देखने का. धीरे से उनके रूम के दरवाज़े तक पहुंचा. कुण्डी नहीं लगी थी सिर्फ हल्का सा धक्का दिया और दरवाज़ा थोड़ा खुल गया.

अंदर झांकते ही मेरा मुँह खुला रह गया. मौसी अकेली नहीं थी – सुरेश काका उनके साथ बेड पे थे! मौसी सिर्फ ब्लैक ब्रा और मैचिंग पैंटी में लेटी हुई थी. सुरेश काका अंडरवियर में उनके ऊपर लेट कर उनके होंठों को चूस रहा था. दोनों एक दूसरे से लिपटे हुए थे. मौसी की बड़ी चूचियां काका के सीने से दब रही थी. मैं शॉक में था – मौसी और घर का नौकर? कब से चल रहा था यह सब?

काका नीचे सरक कर मौसी की क्लीवेज में मुँह डाल दिया और ज़ोर-ज़ोर से चूमने-चूसने लगे. मौसी आँखें बंद किये “आह्ह्ह… हाँ… और ज़ोर से…” कर रही थी और काका के सर को अपनी बड़ी चूचियों में दबा रही थी. फिर काका ने मौसी की ब्रा का हुक खोला और उसको साइड में फ़ेंक दिया. मौसी के नंगे बूब्स बहुत बड़े और भरे हुए थे, निप्पल्स डार्क और सख्त हो चुके थे. काका उनको पागलों की तरह चूसने लगा –

एक को मुँह में लेकर ज़ोर से चूस रहा था दूसरे को हाथ से मसल रहा था. मौसी सिसकियाँ भर रही थी और अपनी बॉडी को तड़पा रही थी. काका नीचे गए मौसी की पैंटी को धीरे से नीचे खिंच दिया. अब मौसी पूरी तरह नंगी थी. उनकी चूत क्लीन शैव थी और आलरेडी गीली हो चुकी थी चमक रही थी. काका ने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. मौसी की टांगें खुल गयीं और वो अपनी गांड उठा-उठा कर काका की जीभ को अंदर दबाने लगी.

“हां काका… और चूसो… बहुत मज़ा आ रहा है…”कुछ देर चूत चाटने के बाद काका खड़े हुए और अपना अंडरवियर उतार दिया. उनका लंड 8 इंच के अराउंड था मोटा और सख्त. मौसी उसको देख कर उठ बैठी और तुरंत मुँह में ले लिया. वो बहुत अच्छे से ब्लोजॉब दे रही थी – ऊपर नीचे मुँह हिलाती कभी बॉल्स को चाटती. मेरा अपना लंड पैंट के अंदर खड़ा हो चुका था. मैं वहां खड़े-खड़े ही अपना लंड सहलाने लगा.

थोड़ी देर बाद मौसी लेट गयी टांगें फैला दी. काका उनके बीच आ गया और अपने लंड को उनकी गीली चूत पे रगड़ने लगा. एक ज़ोर का धक्का – पूरा लंड अंदर चला गया. मौसी ने मुँह पर हाथ रख लिया चीख रोकने के लिए लेकिन फिर भी “आअह्ह्ह…” निकल ही गई. काका ने मौसी के होंठों को अपने होंठों से दबा लिया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगे. पहले दर्द था लेकिन जल्दी ही मौसी भी गांड उठा-उठा कर चुदवाने लगी.

आवाज़ आ रही थी – “पूछ… पूछ… पूछ…” हर धक्के की. काका कभी मौसी के बूब्स चूस रहे थे कभी गले को चाट रहे थे. मैं दरवाज़े के पीछे खड़ा अपना लंड मसल रहा था. इतना गरम सीन देख कर मेरा जल्दी ही निकल गया. कुछ देर की तेज़ चुदाई के बाद काका ने लंड बाहर निकाला और मौसी के पेट और बूब्स पर गरम माल की पिचकारी मार दी. दोनों थक कर लेट गए. मौसी ने काका को किश किया और धीरे से बोली “कल रात को फिर आना… बहुत दिन बाद मज़ा आया.

”मैं जल्दी से अपने रूम में वापस आ गया. प्लाट ट्विस्ट एक्सटेंडेड एन्ड: उस रात के बाद मैं मौसी और सुरेश काका के इस सीक्रेट अफेयर को रोज़ छुप-छुप के देखने लगा. तीन-चार दिन तक यह सिलसिला चलता रहा. लेकिन एक रात जब मैं देख रहा था मौसी की नज़र मेरे तरफ पड़ गयी. उन्होंने मुझे दरवाज़े पे खड़े देख लिया! मेरा दिल धड़क उठा. सोचा अब तो सब ख़तम. लेकिन मौसी ने काका को रोक दिया मुस्कुरायी और हाथ से इशारा किया अंदर आने का.

मैं अंदर गया. मौसी नंगी ही बेड पे लेटी थी काका साइड में. मौसी ने धीरे से कहा “रोहन बेटा… बहुत दिन से देख रहा है न? अब छुप के देखने की ज़रूरत नहीं… आ जा.”

उस रात मौसी ने मुझे भी अपने साथ इन्वॉल्व कर लिया. पहले उन्होंने मेरा लंड चूसा जबकि सुरेश काका उनकी चूत चोद रहे थे. फिर मौसी ने मुझे भी चोदने दिया. तीनो मिल कर वाइल्ड सेशन हुआ – मैं मौसी को चोद रहा था और मौसी सुरेश काका का लंड चूस रही थी. उस हफ्ते के बाकी दिन हम तीनो ने बहुत मस्ती की – कभी रात को कभी दोपहर में जब मम्मी-पापा ऑफिस थे.

मौसी वापस गयीं तह उन्होंने मुझे और सुरेश काका दोनों को अलग-अलग नंबर दे दिए और बोली “जब मन करे कॉल कर लेना… अगले बार और मज़ेदार प्लान बनाएंगे.” अब जब भी मौसी आती हैं हम तीनो का सीक्रेट थ्रीसम चलता है. यह राज़ सिर्फ हम तीनो के बीच है और हम इसे एन्जॉय कर रहे हैं.

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